बिहार सरकार संस्कृत को क्यों नहीं आगे बढ़ाती है?...


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बिहार सरकार संस्कृत को क्यों आगे नहीं बढ़ाती है बिहार सरकार इन्हीं प्रत्येक सरकार का यही मत होता है कि प्रत्येक भाषा को को सम्मान दे अस्पताल बिहार भी यह कर रहा है धीरे-धीरे करेगा अभी क्योंकि बिहार एक प्राचीन काल से शिक्षा का केंद्र रहा है इसलिए यह सर्वथा अनुचित है क्यों इस भाषा को आगे नहीं बढ़ आएगा वहां वैदिक विद्यालय भी रहे हैं तो वह अवश्य ही इस भाषा को आगे बढ़ाने में मदद करेगा

bihar sarkar sanskrit ko kyon aage nahi badhati hai bihar sarkar inhin pratyek sarkar ka yahi mat hota hai ki pratyek bhasha ko ko sammaan de aspatal bihar bhi yah kar raha hai dhire dhire karega abhi kyonki bihar ek prachin kaal se shiksha ka kendra raha hai isliye yah sarvatha anuchit hai kyon is bhasha ko aage nahi badh aayega wahan vaidik vidyalaya bhi rahe hain toh vaah avashya hi is bhasha ko aage badhane me madad karega

बिहार सरकार संस्कृत को क्यों आगे नहीं बढ़ाती है बिहार सरकार इन्हीं प्रत्येक सरकार का यही म

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Sa Sha

Journalist since 1986

1:05

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस सवाल के जवाब पर सबसे पहले तो इसकी उपयोगिता पर विचार कर लेती है एक प्राचीन भाषा है हमारे देश में सबसे ज्यादा इसकी उपयोगिता पर होता ही में है और यह उपयोग लंबे समय तक बना रहेगा इसमें कोई शक भी नहीं है इसके अलावा वेद मनुस्मृति और उपनिषद जैसे प्राचीन ग्रंथों के रूप में इसकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता आज बहुत सारे कॉलेजों में प्राचीन भाषा के रूप में संस्कृत पढ़ाई जाती है कई राज्यों में संस्कृत कॉलेज है संस्कृत विश्वविद्यालय हैं जहां तक करियर का सवाल है तो हर्बल कॉस्मेटिक बनाने वाली कंपनियों में संस्कृत की पौड़ी बहुत कुछ है आयुर्वेद पद्धति से इलाज के लिए जो करंट उपलब्ध है वह ज्यादातर संस्कृत में है विदेशों में संस्कृत भाषा के लिए सहायक के लिए के रूप में एक अच्छी गुंजाइश हो सकती है लेकिन व्यवहारिक रुप से देखा जाए तो यह काम काज की भाषा नहीं बन सकती और रही बात इस भाषा को आगे बढ़ाने की तो यहां के लिए बिहार सरकार की जिम्मेवारी क्यों बने

is sawaal ke jawab par sabse pehle toh iski upayogita par vichar kar leti hai ek prachin bhasha hai hamare desh mein sabse zyada iski upayogita par hota hi mein hai aur yah upyog lambe samay tak bana rahega isme koi shak bhi nahi hai iske alava ved manusmriti aur upanishad jaise prachin granthon ke roop mein iski upayogita ko nakara nahi ja sakta aaj bahut saare collegeon mein prachin bhasha ke roop mein sanskrit padhai jaati hai kai rajyo mein sanskrit college hai sanskrit vishwavidyalaya hain jaha tak career ka sawaal hai toh herbal cosmetic banane wali companion mein sanskrit ki poudi bahut kuch hai ayurveda paddhatee se ilaj ke liye jo current uplabdh hai vaah jyadatar sanskrit mein hai videshon mein sanskrit bhasha ke liye sahayak ke liye ke roop mein ek achi gunjaiesh ho sakti hai lekin vyavaharik roop se dekha jaaye toh yah kaam kaaj ki bhasha nahi ban sakti aur rahi baat is bhasha ko aage badhane ki toh yahan ke liye bihar sarkar ki jimmewari kyon bane

इस सवाल के जवाब पर सबसे पहले तो इसकी उपयोगिता पर विचार कर लेती है एक प्राचीन भाषा है हमारे

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सुनो ..सुनाओ..सीखो!

0:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सरकार का काम है उन चीजों को प्रमोट करना जो जो रोटी के लिए फायदे का सौदा है और संस्कृत मुझे नहीं लगता कि आज के जमाने में आबू भाषा है जिसका बहुत ज्यादा फायदा जनता को होगा अगर आप उसको बहुत ज्यादा पुष्टि करते हैं तो बोलचाल के लिए यूज की नहीं जाती सरकारी काम होता नहीं है संस्कृत में पैसे नहीं उसकी बहन की उपयोगिता बहुत कम है लेकिन आपको उसकी जगह किसी और रिलेवेंट लैंग्वेज को प्रमोट करना चाहिए और आप कोशिश करें कि बच्चों को वह सीखा है यह बहुत जरूरी है

dekhiye sarkar ka kaam hai un chijon ko promote karna jo jo roti ke liye fayde ka sauda hai aur sanskrit mujhe nahi lagta ki aaj ke jamane mein aabu bhasha hai jiska bahut zyada fayda janta ko hoga agar aap usko bahut zyada pushti karte hain toh bolchal ke liye use ki nahi jaati sarkari kaam hota nahi hai sanskrit mein paise nahi uski behen ki upayogita bahut kam hai lekin aapko uski jagah kisi aur relevant language ko promote karna chahiye aur aap koshish kare ki baccho ko vaah seekha hai yah bahut zaroori hai

देखिए सरकार का काम है उन चीजों को प्रमोट करना जो जो रोटी के लिए फायदे का सौदा है और संस्कृ

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