तिरुमला तिरुपति देवस्थानों ने अपने सभी गैर हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त कर रहा है, क्या यह सही है?...


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Brijpal Singh Chouhan

Social Worker, journalist

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Ravi Sharma

Advocate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विगत सप्ताह ही में तिरुमाला के दर्शन करने के पश्चात अपने गृह राज्य वापस लौटा हूं मुझे इस बात की तो प्रसन्नता तीही कि मैंने तिरुपति भगवान के दर्शन बहुत ही आनंदमई तरीके से की है परंतु इस बात की भी प्रसन्नता थी कि मेरे अलावा वहां अन्य धर्मों के मतावलंबी भी थे तथा जिस प्रकार से आप उन्हें देखकर यह पता लगा सकते हैं कि वह किसी और धर्म के अनुयाई है परंतु जिस श्रद्धाभाव के साथ वहां दर्शन करने आया था कि आप बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगा सकते वह किसी और धर्म के अनुयाई हैं उनकी श्रद्धा भक्ति में किसी प्रकार की कोई कमी है इसी प्रकार से वर्षों से तिरुमाला देवस्थानम किए कर्मचारी होने का कर्तव्य बखूबी निभा रहे कर्मचारियों को यदि बर्खास्त किया जाता है या उन्हें नौकरी से निकाला जाता है तो यह पूरी तरह से अनैतिक है मैं गैर कानूनी है मुझे ऐसा लगता है कि यदि वह अपना कार्य सुचारु रुप से पूरी श्रद्धा भाव से तथा अच्छे से निभा रहे हैं किस कोई भी उचित नहीं है कि उनको उनकी नौकरी से निकाला जाए या उनको किसी भी प्रकार के रोजगार के अवसर में किसी प्रकार की कमी का अनुभव कराया जाए या उन्हें यह बताया जाए कि आप किसी और धर्म के अनुयाई से किसी भी हालत में काम है या उन्हें कमतर करके नहीं रखना चाहिए जिससे ना केवल उन हिंदुओं व अन्य धर्मों के धर्मावलंबियों के बीच में मतभेद पड़ेगा बल्की तिरुपति देवस्थानम की वर्क शॉप है उनकी जो इज्जत है अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उसमें भी कुछ ना कुछ हद तक कमी आएगी हिंदू धर्म हमेशा से सहिष्णुता का पाठ पढ़ाता रहा है तथा इस प्रकार के कदम उठाने के बाद हिंदुओं की सड़क व उनके जो आधार में औचित्य है उस पर एक प्रकार का प्रश्न जो है लग जाएगा मुझे नहीं लगता कि इस प्रकार के जो कदम है बिल्कुल भी ठीक हैं इनकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं धन्यवाद

vigat saptah hi mein tirumala ke darshan karne ke pashchat apne grah rajya wapas lauta hoon mujhe is baat ki toh prasannata tihi ki maine tirupati bhagwan ke darshan bahut hi anandamai tarike se ki hai parantu is baat ki bhi prasannata thi ki mere alava wahan anya dharmon ke matavalambi bhi the tatha jis prakar se aap unhe dekhkar yah pata laga sakte hain ki vaah kisi aur dharm ke anuyayi hai parantu jis shraddhabhav ke saath wahan darshan karne aaya tha ki aap bilkul bhi andaja nahi laga sakte vaah kisi aur dharm ke anuyayi hain unki shraddha bhakti mein kisi prakar ki koi kami hai isi prakar se varshon se tirumala devasthanam kiye karmchari hone ka kartavya bakhubi nibha rahe karmachariyon ko yadi barkhast kiya jata hai ya unhe naukri se nikaala jata hai toh yah puri tarah se anaitik hai gair kanooni hai mujhe aisa lagta hai ki yadi vaah apna karya suruchi roop se puri shraddha bhav se tatha acche se nibha rahe hain kis koi bhi uchit nahi hai ki unko unki naukri se nikaala jaaye ya unko kisi bhi prakar ke rojgar ke avsar mein kisi prakar ki kami ka anubhav karaya jaaye ya unhe yah bataya jaaye ki aap kisi aur dharm ke anuyayi se kisi bhi halat mein kaam hai ya unhe kamtar karke nahi rakhna chahiye jisse na keval un hinduon va anya dharmon ke dharmavalambiyon ke beech mein matbhed padega bulky tirupati devasthanam ki work shop hai unki jo izzat hai antarrashtriya manch par usme bhi kuch na kuch had tak kami aayegi hindu dharm hamesha se sahishnuta ka path padhata raha hai tatha is prakar ke kadam uthane ke baad hinduon ki sadak va unke jo aadhaar mein auchitya hai us par ek prakar ka prashna jo hai lag jaega mujhe nahi lagta ki is prakar ke jo kadam hai bilkul bhi theek hain inki kathor shabdon mein ninda karta hoon dhanyavad

विगत सप्ताह ही में तिरुमाला के दर्शन करने के पश्चात अपने गृह राज्य वापस लौटा हूं मुझे इस ब

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने अपने सभी गैर हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त किया यह उसके लिए गरिमा में ही है वह देवस्थान नहीं है वह हिंदुओं के धर्म स्थल नहीं है वहां पर हिंदू धर्म की आत्मा बसती है और गैर लोग गैर हिंदू अक्सर देखा गया है कि हिंदुत्व की विचारों संस्कारों का दोहन और शोषण ही करते हैं अतः उनका वहां उचित प्रबंध रहना ठीक नहीं है अतः उन्हें निकालना ही सही है

haan tirumala tirupati devasthanam ne apne sabhi gair hindu karmachariyon ko barkhast kiya yah uske liye garima mein hi hai vaah devasthaan nahi hai vaah hinduon ke dharm sthal nahi hai wahan par hindu dharm ki aatma basti hai aur gair log gair hindu aksar dekha gaya hai ki hindutv ki vicharon sanskaron ka dohan aur shoshan hi karte hain atah unka wahan uchit prabandh rehna theek nahi hai atah unhe nikalna hi sahi hai

हां तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने अपने सभी गैर हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त किया यह उसके ल

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महेश हिन्दू

विधार्थी

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों देखिए आपने जो यह मंदिरों के बारे में पूछा है कि तिरुपति बालाजी के मंदिर में और अन्य मंदिरों में गैर हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है या उनको नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है तो ऐसा है कि केवल वह मंदिर नहीं है से भारत में बहुत सा मंदिर है और ऐसा ही कुछ दिन चार मंदिरों में पश्चिमी यूपी मुरादाबाद मेरठ अपना बिजनौर इन जिलों में जाकर आया हूं काट हो गया क्षेत्र में अभी मैंने देखा है मुसलमान साफ सफाई का कार्य करते हैं मंदिर में तो वहां भी समाज के लोगों को आपत्ति है इसीलिए उसका ख्याल रखते हुए जो मंदिर का ट्रस्ट होता है उन लोगों ने मुसलमान अंसारी को बर्खास्त किया था यह मेरी आंखों देखी बाद ही बात तिरुपति बालाजी की अपनी देखिए इन बातों से मैं सहमत भी हूं और सहमत नहीं हूं क्योंकि ऐसा है कि मंदिर के हर अलग-अलग क्षेत्र और अरे लाल की मंदिर की अपनी अपनी परंपरा रीति-रिवाज और वहां की मर्यादा होती है उसका पालन करना पड़ता है चेक कराक मंदिर का कोई भी कर्मचारी हो अगर वह मर्यादाओं का पालन नहीं करता है तो इसके लिए जो मंदिर में जो श्रद्धालु आते हैं तो वह उन लोगों को ऐसा देखते हैं तो उन्हें आपत्ति होती तो वह मंदिर का जो संचालन करते हैं कमेटी हो जा ट्रस्ट हो शिकायत करते हैं तो वह उन बातों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कार्य करते हैं बाकी इसे बर्दाश्त नहीं करना चाहिए क्योंकि वह भी रोजगार के लिए आए हैं

namaskar doston dekhie aapne jo yeh mandiro ke bare mein puchha hai ki tirupati balaji ke mandir mein aur anya mandiro mein gair hindu karmachariyon ko barkhast kiya ja raha hai ya unko naukri par nahi rakha ja raha hai toh aisa hai ki keval wah mandir nahi hai se bharat mein bahut sa mandir hai aur aisa hi kuch din char mandiro mein pashchimi up muradabad meerut apna bijnor in jilon mein jaakar aaya hoon kaat ho gaya kshetra mein abhi maine dekha hai musalman saaf safaai ka karya karte hain mandir mein toh wahan bhi samaj ke logo ko apatti hai isliye uska khayal rakhte hue jo mandir ka trust hota hai un logo ne musalman ansari ko barkhast kiya tha yeh meri aankho dekhi baad hi baat tirupati balaji ki apni dekhie in baaton se main sahmat bhi hoon aur sahmat nahi hoon kyonki aisa hai ki mandir ke har alag alag kshetra aur are laal ki mandir ki apni apni parampara riti rivaaj aur wahan ki maryada hoti hai uska palan karna padta hai check karan mandir ka koi bhi karmchari ho agar wah maryadao ka palan nahi karta hai toh iske liye jo mandir mein jo shraddhalu aate hain toh wah un logo ko aisa dekhte hain toh unhein apatti hoti toh wah mandir ka jo sanchalan karte hain committee ho ja trust ho shikayat karte hain toh wah un baaton ko dhyan mein rakhte hue aisa karya karte hain baki ise bardaasht nahi karna chahiye kyonki wah bhi rojgar ke liye aaye hain

नमस्कार दोस्तों देखिए आपने जो यह मंदिरों के बारे में पूछा है कि तिरुपति बालाजी के मंदिर मे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल भी यह सही नहीं है क्योंकि अगर यदि और त्रिपुरा का है तो इसका मतलब यह नहीं कि त्रिपुरा ही क्लॉक रखें और इंडिया में से किसी को भी काम पर रख सकता है काम करने लगा कर फॉक्स कहीं पर भी काम मिले तो कर लेता है इसलिए कभी भी यह नहीं सोचा था कि हम इस जाति के हैं हम इसी जाति के लोगों से काम करेंगे दूसरे भी जाती लोगों को अपना काम में शामिल करना चाहिए

ji bilkul bhi yah sahi nahi hai kyonki agar yadi aur tripura ka hai toh iska matlab yah nahi ki tripura hi clock rakhen aur india mein se kisi ko bhi kaam par rakh sakta hai kaam karne laga kar Fox kahin par bhi kaam mile toh kar leta hai isliye kabhi bhi yah nahi socha tha ki hum is jati ke hain hum isi jati ke logo se kaam karenge dusre bhi jaati logo ko apna kaam mein shaamil karna chahiye

जी बिल्कुल भी यह सही नहीं है क्योंकि अगर यदि और त्रिपुरा का है तो इसका मतलब यह नहीं कि त्र

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हार्दिक इस बारे में इंग्लिश में मुझे पता नहीं है बट अगर सच में आप जैसा कह रहे हैं अब ऐसे तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने अभी सब गैर हिंदू कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है तो मुझे लगता है कि यह डिसीजन उनका कहीं ना कहीं गलत है क्योंकि वहां पर तिरुमाला-तिरुपति एक ऐसा देवस्थान है जहां पर कई धर्मों के लोग भी आते हैं कई धर्मों के लोग भी मतलब बालाजी देवता हो या वहां की देवताओं को मानते हैं और उनका विश्वास है तो मुझे लगता है कि वहां पर जो कर्मचारी रहते हैं गैर हिंदू क्यों ना हो उनका देव भगवान के प्रति विश्वास है तो उन को बर्खास्त करने का उनको कोई भी अधिकार नहीं है तो मेरे ख्याल से गलत बात हुई उनके लिए क्योंकि वहां पर जो काम करने वाले लोग रहते हैं भगवान की आस्था से वहां पर काम करते हैं तो उनको मतलब निकाल देना बिल्कुल सही निकाल देना यह बात करना यह बात कब सही होगी अगर अलग धर्मों के लोगों ने कुछ गलत काम किया हो कुछ अलग कुछ बोला हो गलत काम किया हो ऐसे ही उनको बर्खास्त कर देना यह बिल्कुल ही सही काम नहीं है ऐसा मुझे लगता है

hardik is bare mein english mein mujhe pata nahi hai but agar sach mein aap jaisa keh rahe hain ab aise tirumala tirupati devasthanam ne abhi sab gair hindu karmachariyon ko barkhast kar diya hai toh mujhe lagta hai ki yah decision unka kahin na kahin galat hai kyonki wahan par tirumala tirupati ek aisa devasthaan hai jaha par kai dharmon ke log bhi aate hain kai dharmon ke log bhi matlab balaji devta ho ya wahan ki devatao ko maante hain aur unka vishwas hai toh mujhe lagta hai ki wahan par jo karmchari rehte hain gair hindu kyon na ho unka dev bhagwan ke prati vishwas hai toh un ko barkhast karne ka unko koi bhi adhikaar nahi hai toh mere khayal se galat baat hui unke liye kyonki wahan par jo kaam karne waale log rehte hain bhagwan ki astha se wahan par kaam karte hain toh unko matlab nikaal dena bilkul sahi nikaal dena yah baat karna yah baat kab sahi hogi agar alag dharmon ke logo ne kuch galat kaam kiya ho kuch alag kuch bola ho galat kaam kiya ho aise hi unko barkhast kar dena yah bilkul hi sahi kaam nahi hai aisa mujhe lagta hai

हार्दिक इस बारे में इंग्लिश में मुझे पता नहीं है बट अगर सच में आप जैसा कह रहे हैं अब ऐसे त

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी तो ऐसा हुआ था, कि एक स्त्री थी, पर सुनने में आया था कि उन्होंने तिरुमला तिरुपति देवस्थानो पर उन्होंने इस मंदिर के अंदर प्रस्थान करा था 1962 के अंदर| फिर देखा गया था, कि उनकी एक वीडियो आई थी | जिसमें वे चर्च के अंदर प्रेयर करते हुए, उनकी वीडियो आई थी| तो इसकारण वश अभी यह सुनने में आया कि इसकारण वश जो है उन्होंने गैर हिन्दू लोगों को है, करीबन 44 गैर हिंदू वहां पर लोग थे उन्हें निकाला गया है| तो यह कारण मेरे हिसाब से यह सही नहीं लग रहा है| हो सकता है उसके पीछे कोई दूसरा कारण हो | पर अभी तक तो यही कारण सामने आ पा रहा है| और जब पता चल रहा है कि गैर हिंदु लोगों को जो है| वहां से निकाला गया है| जब इंटरव्यू ली गई वहां पर, तो पता चला, वह लोग यह बोल रहे हैं, मंदिर के लोग, कि हमने उन्हें निकाला नहीं है| बल्कि उनकी पोस्टिंग कहीं और कर दी| उनको कोई और जॉब दिलवाई है| तो यह उनकी तरफ से सुनने में आ रहा है| तो यह जो मसला है, यह कंही पर भी क्लियर नहीं हो पा रहा| कि कौन क्या बोल रहा है | और कौन क्या सच बोल रहा है| तो इस मसले में हम अपनी राय देना बहुत मुश्किल हो पाएगा| पर मेरे हिसाब ये काम सही नहीं है| जो अब तक समझ में आ रहा है कि यह काम बिल्कुल भी सही नहीं है, कि गैर हिंदू लोगों को हम लोग मंदिर में से निकाल रहे हैं| क्योंकि हम कभी भी हिंदू धर्म को देखते हुए, कोई मंदिर नहीं जाता| हम लोग अपनी श्रद्धा को देखते हैं| और जिस व्यक्ति के अंदर श्रद्धा है| फिर चाहे वह हिंदू हो, चाहे मुस्लिम हो, तो उसको कोई रोक नहीं सकता, कि वह व्यक्ति मंदिर जा रहा है, या मस्जिद जा रहा है| तो मैं को यह क्राइटेरिया सही नहीं लगा, लोगों को निकालने का|

haan ji toh aisa hua tha ki ek stree thi par sunne mein aaya tha ki unhone tirumala tirupati devasthano par unhone is mandir ke andar prasthan kara tha 1962 ke andar phir dekha gaya tha ki unki ek video I thi jisme ve church ke andar prayer karte hue unki video I thi toh isakaran vash abhi yah sunne mein aaya ki isakaran vash jo hai unhone gair Hindu logo ko hai kariban 44 gair hindu wahan par log the unhe nikaala gaya hai toh yah karan mere hisab se yah sahi nahi lag raha hai ho sakta hai uske peeche koi doosra karan ho par abhi tak toh yahi karan saamne aa paa raha hai aur jab pata chal raha hai ki gair hindu logo ko jo hai wahan se nikaala gaya hai jab interview li gayi wahan par toh pata chala vaah log yah bol rahe hain mandir ke log ki humne unhe nikaala nahi hai balki unki posting kahin aur kar di unko koi aur job dilvai hai toh yah unki taraf se sunne mein aa raha hai toh yah jo masala hai yah kahin par bhi clear nahi ho paa raha ki kaun kya bol raha hai aur kaun kya sach bol raha hai toh is masle mein hum apni rai dena bahut mushkil ho payega par mere hisab ye kaam sahi nahi hai jo ab tak samajh mein aa raha hai ki yah kaam bilkul bhi sahi nahi hai ki gair hindu logo ko hum log mandir mein se nikaal rahe hain kyonki hum kabhi bhi hindu dharm ko dekhte hue koi mandir nahi jata hum log apni shraddha ko dekhte hain aur jis vyakti ke andar shraddha hai phir chahen vaah hindu ho chahen muslim ho toh usko koi rok nahi sakta ki vaah vyakti mandir ja raha hai ya masjid ja raha hai toh main ko yah criteria sahi nahi laga logo ko nikalne ka

हां जी तो ऐसा हुआ था, कि एक स्त्री थी, पर सुनने में आया था कि उन्होंने तिरुमला तिरुपति देव

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंध्र प्रदेश के तिरूमाला स्थित भगवान वेंकटेश की तिरुपति बालाजी मंदिर में काम करने वाले 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को मंदिर ने यह नोटिस जारी किया है कि अगर आप हिंदू नहीं है, तो आप इस मंदिर में काम नहीं कर सकते हैं| लेकिन इन कर्मचारियों को जोकि हिंदू नहीं है, उन्हें निकाला नहीं जा रहा है| लेकिन इन्हें दूसरे विभागों में नौकरी दी जाएगी ऐसा वह बोल रहे हैं| यह विवाद उस समय सामने आया जब वहां की एक महिला कर्मचारी जिनका नाम स्नेहलता है और उनकी नियुक्ति 1986 में हुई थी| तो वह उन्हें एक चर्च में प्रार्थना करते देखा गया तो जो उन का वीडियो सामने आया है उसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने यह मांग की है कि जो भी गैर हिंदू कर्मचारी हैं मंदिर में, उन्हें निकाल दिया जाए| तो मंदिर में अभी तो 44 गैर हिंदू पुरुष और महिलाएं काम करती हैं, जिनमें से 39 जो है उन्हें साल 1989 से 2007 के बीच नियुक्त किया गया था| तो मेरे मुताबिक तो यह जो विवाद चल रहा है, यह बिल्कुल सही नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति हिंदू नहीं है तो वह मंदिर में काम नहीं कर सकता है| क्योंकि किसी भी धर्म के भगवान ने ऐसा नहीं बोला होगा कि अगर आप हिंदू हो तो बस वही हमारी पूजा कर सकते हैं, या मुस्लिम है तो वही हमें मान सकते हैं क्योंकि सभी धर्म के लोग एक ही होते हैं| और यह तो बिल्कुल गलत बात है कि धर्म के नाम पर किसी को नौकरी से निकाल देना| यह हमारे संविधान की भी एक तरह से उपेक्षा की जा रही है, जिसके खिलाफ सरकार को कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए|

andhra pradesh ke tirumala sthit bhagwan venkatesh ki tirupati balaji mandir mein kaam karne waale 44 gair hindu karmachariyon ko mandir ne yah notice jaari kiya hai ki agar aap hindu nahi hai toh aap is mandir mein kaam nahi kar sakte hain lekin in karmachariyon ko joki hindu nahi hai unhe nikaala nahi ja raha hai lekin inhen dusre vibhagon mein naukri di jayegi aisa vaah bol rahe hain yah vivaad us samay saamne aaya jab wahan ki ek mahila karmchari jinka naam snehlata hai aur unki niyukti 1986 mein hui thi toh vaah unhe ek church mein prarthna karte dekha gaya toh jo un ka video saamne aaya hai uske baad hinduvaadi sangathano ne yah maang ki hai ki jo bhi gair hindu karmchari hain mandir mein unhe nikaal diya jaaye toh mandir mein abhi toh 44 gair hindu purush aur mahilaye kaam karti hain jinmein se 39 jo hai unhe saal 1989 se 2007 ke beech niyukt kiya gaya tha toh mere mutabik toh yah jo vivaad chal raha hai yah bilkul sahi nahi hai ki agar koi vyakti hindu nahi hai toh vaah mandir mein kaam nahi kar sakta hai kyonki kisi bhi dharm ke bhagwan ne aisa nahi bola hoga ki agar aap hindu ho toh bus wahi hamari puja kar sakte hain ya muslim hai toh wahi hamein maan sakte hain kyonki sabhi dharm ke log ek hi hote hain aur yah toh bilkul galat baat hai ki dharm ke naam par kisi ko naukri se nikaal dena yah hamare samvidhan ki bhi ek tarah se upeksha ki ja rahi hai jiske khilaf sarkar ko kuch na kuch zaroor karna chahiye

आंध्र प्रदेश के तिरूमाला स्थित भगवान वेंकटेश की तिरुपति बालाजी मंदिर में काम करने वाले 44

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम जो कि एक फेमस कब्र है फेमस राइटर लोड वेंकटेश्वरा कि वहां पर तो 449 हिंदू एंप्लॉय है उन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है देखिए 2007 से पहले 1989 में से कोई रेस्ट्रिक्शन नहीं थी कि कोई हिंदू या गैर हिंदू कोई भी यहां पर काम कर सकता था पर 2007 की अमेंडमेंट के बाद 9 हिंदू लोग वहां पर काम नहीं कर सकते ऐसा माना जाता है कि ऑन सोन तिरुमाला तिरुपति है ऐसे किसी भी व्यक्ति को बहाया नहीं करते वह नौकरी नहीं देते जो कि हिंदू धर्म के अलावा किसी और धर्म में विश्वास करते हैं लेकिन मेरे हिसाब से यह एकदम गलत बात है कि भगवान सबके लिए एक होते है चाहे उनके फिर नाम बदल जाए चाय पी लो प्राइस 2GB सो अल्लाह हो या भगवान हो या फिर वाहेगुरु किसी को भगवान के लिए कुछ करने के लिए रोकना एकदम गलत बात है चाय पर वह मुस्लिम धर्म का व्यक्ति किसी हिंदू मंदिर में काम कर रहे हो या फिर और हिंदू धर्म का व्यक्ति किसी मुस्लिम मंदिर में काम कर रहा हूं मतलब मस्जिद में काम कर रहा हूं देखिए भगवान को धर्म के आधार पर नहीं बांटना चाहिए वह एक ऐसी पॉजिटिव एनर्जी है जो सब के बारे में ऐसा सोचती है तुम मुझे लगता है यह बिल्कुल गलत है और आपकी 44 लोगों को निकाल रही है उनके परिवारों को क्या होगा यह सोचना भी जरूरी है तो मेरे हिसाब से तो यह बिल्कुल गलत चीज और ऐसा नहीं होना चाहिए

dekhiye tirumala tirupati devasthanam jo ki ek famous kabr hai famous writer load venkateshwara ki wahan par toh 449 hindu employee hai unhe hatane ka nirnay liya gaya hai dekhiye 2007 se pehle 1989 mein se koi restriction nahi thi ki koi hindu ya gair hindu koi bhi yahan par kaam kar sakta tha par 2007 ki Amendment ke baad 9 hindu log wahan par kaam nahi kar sakte aisa mana jata hai ki on shona tirumala tirupati hai aise kisi bhi vyakti ko bahaya nahi karte vaah naukri nahi dete jo ki hindu dharm ke alava kisi aur dharm mein vishwas karte hain lekin mere hisab se yah ekdam galat baat hai ki bhagwan sabke liye ek hote hai chahen unke phir naam badal jaaye chai p lo price 2GB so allah ho ya bhagwan ho ya phir vaheguru kisi ko bhagwan ke liye kuch karne ke liye rokna ekdam galat baat hai chai par vaah muslim dharm ka vyakti kisi hindu mandir mein kaam kar rahe ho ya phir aur hindu dharm ka vyakti kisi muslim mandir mein kaam kar raha hoon matlab masjid mein kaam kar raha hoon dekhiye bhagwan ko dharm ke aadhaar par nahi bantana chahiye vaah ek aisi positive energy hai jo sab ke bare mein aisa sochti hai tum mujhe lagta hai yah bilkul galat hai aur aapki 44 logo ko nikaal rahi hai unke parivaron ko kya hoga yah sochna bhi zaroori hai toh mere hisab se toh yah bilkul galat cheez aur aisa nahi hona chahiye

देखिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम जो कि एक फेमस कब्र है फेमस राइटर लोड वेंकटेश्वरा कि वहां प

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