क्या उत्तराखंड के मदरसों को प्रधान मंत्री मोदी की तस्वीरों को इनस्टॉल करना चाहिए?...


play
user

Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:51

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं इस बात से बिल्कुल इत्तेफ़ाक नहीं रखता कि जो मदरसे हैं | उसमें प्रधानमंत्री जी की तस्वीरों को टांगना चाहिए| और खासतौर से उसको जरूरी करना चाहिए| मैं एक सरकारी महकमे में काम करता था | IRS ऑफिसर था कस्टमर एक्साइज डिपार्टमेंट में | और मैंने यहां तक कि अपनी ऑफिस की ज्यो दिवाले हैं | उसपे मैंने नहीं देखा कि वहां पर मोदी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री या फिर राष्ट्रपति की तस्वीरों को टांगना अनिवार्य किया जाता हो| कुछ लोग हो सकता है, अपनी सुविधा कि वजह से उसको टांगते हो | या अपने रिस्पेक्ट कि वजह से उसको टांगते हो | लेकिन इसको कंपलसरी नहीं किया गया था | इसलिए मैं नहीं समझता कि मदरसों में प्रधानमंत्री की तस्वीरों को जबरदस्ती इंस्टॉल करना जो है, कोई अच्छी बात है|

main is baat se bilkul ittefak nahi rakhta ki jo madarse hain usmein pradhanmantri ji ki tasviron ko tangana chahiye aur khaasataur se usko zaroori karna chahiye main ek sarkari mahkame mein kaam karta tha IRS officer tha customer excise department mein aur maine yahan tak ki apni office ki jyo divale hain uspe maine nahi dekha ki wahan par modi pradhanmantri ya mukhyamantri ya phir rashtrapati ki tasviron ko tangana anivarya kiya jata ho kuch log ho sakta hai apni suvidha ki wajah se usko tangate ho ya apne respect ki wajah se usko tangate ho lekin isko compulsory nahi kiya gaya tha isliye main nahi samajhata ki madarson mein pradhanmantri ki tasviron ko jabardasti install karna jo hai koi achi baat hai

मैं इस बात से बिल्कुल इत्तेफ़ाक नहीं रखता कि जो मदरसे हैं | उसमें प्रधानमंत्री जी की तस्वी

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  322
WhatsApp_icon
8 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Ravi Sharma

Advocate

1:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता कि शैक्षणिक संस्थाओं अथवा धार्मिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार से राजनेताओं चाय व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति हो या अन्य कोई भी संवैधानिक पदों उनकी तस्वीर लगाना या उनको किसी प्रकार की उपाधियां सम्मान देना किसी भी प्रकार से उचित है यह उनका एक निजी मामला है यह संस्थागत मामला है इसमें राजनीति का समावेश करना बहुत ही मूर्खतापूर्ण रहेगा प्रधानमंत्री का मदरसों में उनकी तस्वीर को इंस्टॉल करना है उनकी वेबसाइट्स में किसी प्रकार से उनका जो सम्मेलन है वह करना मुझे नहीं लगता उसका कोई भी औचित्य है मदरसों का प्राथमिक कार्य है वह शिक्षा व संस्कृति एवं मूल्यों को आगे बढ़ाना तथा शैक्षणिक संस्था की तरह काम करते हुए मदरसों को उनका कार्य सुचारु रुप से करते रहने देना चाहिए यह जरुरी नहीं है कि वह किसी प्रकार से राजनेताओं या राज्य सरकार व केंद्र सरकार की प्रतिनिधियों को किसी भी प्रकार का सम्मान दें तो मुझे नहीं लगता कि केंद्र सरकार को भी इसकी कोई आवश्यकता है या पूरी तरह अनुचित है विशेषकर तब जबकि हम विकासवादी राजनीति और धर्म व जाति से ऊपर उठने की बात करते हैं तो इस प्रकार की राजनीति को धर्म अथवा शैक्षणिक संस्थाओं के ऊपर प्रतिबद्ध करना उनके ऊपर थोपना पूरी तरह से गलत है और मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं धन्यवाद

mujhe nahi lagta ki shaikshnik sasthaon athwa dharmik sasthaon mein kisi bhi prakar se rajnetao chai v pradhanmantri aur rashtrapati ho ya anya koi bhi samvaidhanik padon unki tasveer lagana ya unko kisi prakar ki upadhiyan samman dena kisi bhi prakar se uchit hai yeh unka ek niji maamla hai yeh sansthagat maamla hai isme rajneeti ka samavesh karna bahut hi murkhtapurn rahega pradhanmantri ka madarson mein unki tasveer ko install karna hai unki website mein kisi prakar se unka jo sammelan hai wah karna mujhe nahi lagta uska koi bhi auchitya hai madarson ka prathmik karya hai wah shiksha v sanskriti evam mulyon ko aage badhana tatha shaikshnik sanstha ki tarah kaam karte hue madarson ko unka karya sucharu roop se karte rehne dena chahiye yeh zaroori nahi hai ki wah kisi prakar se rajnetao ya rajya sarkar v kendra sarkar ki pratinidhiyo ko kisi bhi prakar ka samman dein to mujhe nahi lagta ki kendra sarkar ko bhi iski koi avashyakta hai ya puri tarah anuchit hai visheshkar tab jabki hum vikaswadi rajneeti aur dharm v jati se upar uthane ki baat karte hain to is prakar ki rajneeti ko dharm athwa shaikshnik sasthaon ke upar pratibaddh karna unke upar thopana puri tarah se galat hai aur main iska purjor virodh karta hoon dhanyavad

मुझे नहीं लगता कि शैक्षणिक संस्थाओं अथवा धार्मिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार से राजनेताओं

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  193
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मिस्टर मोदी नहीं जितने भी हमारे भारत के महापुरुष हैं चाहे वह सुभाष चंद्र बोस चंद्रशेखर आजाद ऑफ द सरदार भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव होटल सरदार वल्लभभाई पटेल मोहल्ला लाजपत राय बाल गंगाधर तिलक को तब तक दुल कलाम हो मगर तेरे साहो प्रणब मुखर्जी जैसी महान जनता है फोटो तस्वीरें विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाई जाए उनको सिखाए बताया जाए उनकी जीवनी या जिससे आने वाली पीढ़ी नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सकें सीख सकें क्योंकि जीवन में सीखना ही सब कुछ होता है मोहब्बतों की जीवनी या फोटो प्रेरणा देते हैं के लिए सीखने को मिलता है काश हमारे भारत देश में उसकी परंपरा पहले रही हो तो आज ही भैया पिक्चरें बनती है जितनी फिल्म इंडस्ट्रीज गंदी पिक्चरें वेस्टर्न कल्चर को सौंपा जा रहा है कि सारे हमारे संस्कार भारती संस्कारों को बिगाड़ा जा रहा है वर्तमान की जो भारत की नई पीढ़ी है वह भारतीय संस्कार पूर्व भूल सकते हैं उनको वेस्टर्न कल्चर संस्कार लाने जा रहे हैं परदेसी उनके विचार बन गए हैं हमारे देश में ऐसी पिक्चर में बनती महापुरुषों की जीवनी ऊपर दिखाया गया होता महापुरुषों की जीवनी हो पाया जाता होता तो मैं सोच रहा हूं आज भारत की छवि कुछ और दूसरी होती

mister modi nahi jitne bhi hamare bharat ke mahapurush hain chahen vaah subhash chandra bose chandrashekhar azad of the sardar bhagat Singh raajguru aur sukhadeva hotel sardar vallabhbhai patel mohalla lajpat rai baal gangadhar tilak ko tab tak dul kalam ho magar tere saaho pranab mukherjee jaisi mahaan janta hai photo tasveeren vidyaalayon mein chhatro ko padhai jaaye unko sikhaye bataya jaaye unki jeevni ya jisse aane waali peedhi nayi peedhi unse prerna le sakein seekh sakein kyonki jeevan mein sikhna hi sab kuch hota hai mohabbaton ki jeevni ya photo prerna dete hain ke liye seekhne ko milta hai kash hamare bharat desh mein uski parampara pehle rahi ho toh aaj hi bhaiya pikcharen banti hai jitni film industries gandi pikcharen western culture ko saupaan ja raha hai ki saare hamare sanskar bharati sanskaron ko bigada ja raha hai vartmaan ki jo bharat ki nayi peedhi hai vaah bharatiya sanskar purv bhool sakte hain unko western culture sanskar lane ja rahe hain pardesi unke vichar ban gaye hain hamare desh mein aisi picture mein banti mahapurushon ki jeevni upar dikhaya gaya hota mahapurushon ki jeevni ho paya jata hota toh main soch raha hoon aaj bharat ki chhavi kuch aur dusri hoti

मिस्टर मोदी नहीं जितने भी हमारे भारत के महापुरुष हैं चाहे वह सुभाष चंद्र बोस चंद्रशेखर आजा

Romanized Version
Likes  82  Dislikes    views  1643
WhatsApp_icon
user

Manmohan paliwal

political thinker

0:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां उत्तराखंड क्या किसी भी देश के कहीं भी मदरसे हूं कहीं भी विद्यालय हूं उसने देश के प्रधानमंत्री की फोटो प्रदर्शित होना गलत बात नहीं है देश का प्रधानमंत्री राजनीतिक और संवैधानिक प्रधान मंत्री है वह पूरे देश के लिए होता है देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति होती है वह देश के प्रत्येक नागरिक के साथ में बिना भेदभाव के उनके शासन प्रबंधन के लिए उत्तरदाई होता है इसलिए देश के मदरसों को इसके लिए छूट नहीं दी जा सकती हमको उनकी तस्वीरें वहां पर व्यस्त होना चाहिए

ji haan uttarakhand kya kisi bhi desh ke kahin bhi madarse hoon kahin bhi vidyalaya hoon usne desh ke pradhanmantri ki photo pradarshit hona galat baat nahi hai desh ka pradhanmantri raajnitik aur samvaidhanik pradhan mantri hai vaah poore desh ke liye hota hai desh ki sabse badi raajnitik shakti hoti hai vaah desh ke pratyek nagarik ke saath me bina bhedbhav ke unke shasan prabandhan ke liye uttardai hota hai isliye desh ke madarson ko iske liye chhut nahi di ja sakti hamko unki tasveeren wahan par vyast hona chahiye

जी हां उत्तराखंड क्या किसी भी देश के कहीं भी मदरसे हूं कहीं भी विद्यालय हूं उसने देश के प्

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  126
WhatsApp_icon
user

Sameer Tripathy

Political Critic

0:48
Play

Likes  1  Dislikes    views  12
WhatsApp_icon
user

.

Hhhgnbhh

1:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जैसा की हम जानते हैं, कि उत्तराखंड में जो मदरसों हैं, वहां प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों को इंस्टॉल करने का एक प्रपोज आगे रखा गया था| जिसके लिए मना कर दिया है, उत्तराखंड के मदरसों ने| जो मुझे लगता है कि ठीक है| क्योंकि ऐसा मुझे कोई लगता नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी जी की वंहा तस्वीरें होनी चाहिए| उससे कोई प्रभाव पड़ेगा| क्योंकि हमें पता ही है, कि आजकल हर एक बच्चा जानता है, कि प्रधानमंत्री कौन है? और हम उन्हें पढ़ा सकते हैं कि प्रधानमंत्री कौन है? पर तस्वीर लगाने के पीछे का लॉजिक में को इतना अच्छे से स्पष्ट नहीं हो पा रहा है| कि उससे क्या होगा? क्योंकि हर बच्चे बच्चे को पता है कि प्रधानमंत्री मोदी हैं| और जहां तक की बात रही बच्चों को यह बताने की, तो यह बच्चों का अपना पर्सनल प्रोस्पेक्टिवे है कि वे उनकी रिस्पेक्ट करते हैं, या नहीं करते हैं| मतलब उनकी रिस्पेक्ट ओबियस्ली हम जब सिटीजन है इंडिया के तो, हम अपने प्रधानमंत्री जो हैं उनकी रिस्पेक्ट जरूर करते हैं| पर वे उन्हें पसंद करते हैं, या नहीं करते| तो यह भी हमे बच्चे बच्चे पर छोड़ देना चाहिए| हम किसी को भी तस्वीरें लगाकर फाॅर्स नहीं कर सकते कि प्रधानमंत्री को पसंद करें| क्योंकि जैसे कि हमने बोला है कि कुछ लोग है, जो प्रधानमंत्री से और उनके काम से खुश है| वहीं कुछ लोग हैं, जो प्रधानमंत्री और उनके काम से खुश नहीं है| तो इसमें राय देना मुश्किल हो पाएगा| और मुझे कारण नहीं स्पष्ट समझ में आया, कि वहां पर तस्वीरों की जरूरत क्या है प्रधानमंत्री की? तो मेरे हिसाब से तो उत्तराखंड के मदरसों ने सोचा है कि वह इस प्रस्ताव के लिए मना करें, मै को वह ठीक लगता है|

dekhie jaisa ki hum jante hain ki uttarakhand mein jo madarson hain wahan pradhanmantri modi ki tasviron ko install karne ka ek propose aage rakha gaya tha jiske liye mana kar diya hai uttarakhand ke madarson ne jo mujhe lagta hai ki theek hai kyonki aisa mujhe koi lagta nahi hai ki pradhanmantri modi ji ki wanha tasveeren honi chahiye usse koi prabhav padega kyonki hume pata hi hai ki aajkal har ek baccha jaanta hai ki pradhanmantri kaun hai aur hum unhen padha sakte hain ki pradhanmantri kaun hai par tasveer lagane ke piche ka logic mein ko itna acche se spasht nahi ho pa raha hai ki usse kya hoga kyonki har bacche bacche ko pata hai ki pradhanmantri modi hain aur jahan tak ki baat rahi bacchon ko yeh batane ki to yeh bacchon ka apna personal prospektive hai ki ve unki respect karte hain ya nahi karte hain matlab unki respect obiyasli hum jab citizen hai india ke to hum apne pradhanmantri jo hain unki respect jarur karte hain par ve unhen pasand karte hain ya nahi karte to yeh bhi hume bacche bacche par chod dena chahiye hum kisi ko bhi tasveeren lagakar force nahi kar sakte ki pradhanmantri ko pasand karen kyonki jaise ki humne bola hai ki kuch log hai jo pradhanmantri se aur unke kaam se khush hai wahin kuch log hain jo pradhanmantri aur unke kaam se khush nahi hai to isme rai dena mushkil ho payega aur mujhe kaaran nahi spasht samajh mein aaya ki wahan par tasviron ki zaroorat kya hai pradhanmantri ki to mere hisab se to uttarakhand ke madarson ne socha hai ki wah is prastaav ke liye mana karen mai ko wah theek lagta hai

देखिए जैसा की हम जानते हैं, कि उत्तराखंड में जो मदरसों हैं, वहां प्रधानमंत्री मोदी की तस्व

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
user

Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए उत्तराखंड के मंत्रियों ने उसे मना कर दिया कि मदरसों के अंदर पीएम मोदी की फोटो लगाई जाए पिछले साल इंडिपेंडेंस डे के क्वेश्चन नंबर दिए डायरेक्टर शादी जारी किया गया था कि पीएम मोदी ने जो विभिन्न देखा है वैसा 2022 तक हो जाए और पीएम मोदी की फोटोस लगाई जाए इस पर 2 मदरसों के 2 बरस है जिन जो मदरसों के मालिक हैं उन्होंने साफ साफ मना कर दिया जो वह मंत्री जो ऑफ मद्रास एजुकेशन उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड के जो हाजी अहमद है जो धूप रजिस्ट्रार है उन्होंने बोला कि इस्लाम के मुताबिक मदरसों के अंदर कोई भी पिक्चर नहीं लगाई जाती इसकी वजह से उन्होंने मोदी जी की फोटो लगाने से साफ साफ मना कर दिया मेरे हिसाब से यह सही है हमारा देश एक सेकुलर कंट्री है तो हार्दिक धर्म के जो भी नाम से नियम से उनके हिसाब से हम चलते हैं तो किसी भी जगह पर फोन करना कि नरेंद्र मोदी की फोटो लगाई जाए वह गलत है और अगर ऐसे रिलीजियस कोई फीलिंग्स नहीं भी हो तब भी किसी स्कूल या किसी एजुकेशन लगा पर किसी प्राइम मिनिस्टर की फोटो लगाने का कोई तो मुझे समझ नहीं आता इसका मतलब कि यह वाक्य प्राइम मिनिस्टर मोदी देश के लिए कामना करके खुद को पॉपुलर करने के लिए खुद को अमर बनाने के लिए सब कर रहे हैं तुमसे लगता है कि बिल्कुल ठीक किया कि वहां फोटो लगाने को मना कर दिया और नहीं लगाई नहीं जानी चाहिए ऐसी फोटोस किसी की भी

dekhie uttarakhand ke mantriyo ne use mana kar diya ki madarson ke andar pm modi ki photo lagai jaye pichle saal Independence day ke question number diye director shadi jaari kiya gaya tha ki pm modi ne jo vibhinn dekha hai waisa 2022 tak ho jaye aur pm modi ki photoss lagai jaye is par 2 madarson ke 2 baras hai jin jo madarson ke malik hain unhone saaf saaf mana kar diya jo wah mantri jo of madras education uttarakhand madarsa education board ke jo haji ahmad hai jo dhoop registrar hai unhone bola ki islam ke mutabik madarson ke andar koi bhi picture nahi lagai jati iski wajah se unhone modi ji ki photo lagane se saaf saaf mana kar diya mere hisab se yeh sahi hai hamara desh ek secular country hai to hardik dharm ke jo bhi naam se niyam se unke hisab se hum chalte hain to kisi bhi jagah par phone karna ki narendra modi ki photo lagai jaye wah galat hai aur agar aise religious koi feelings nahi bhi ho tab bhi kisi school ya kisi education laga par kisi prime minister ki photo lagane ka koi to mujhe samajh nahi aata iska matlab ki yeh vaakya prime minister modi desh ke liye kaamna karke khud ko popular karne ke liye khud ko amar banane ke liye sab kar rahe hain tumse lagta hai ki bilkul theek kiya ki wahan photo lagane ko mana kar diya aur nahi lagai nahi jani chahiye aisi photoss kisi ki bhi

देखिए उत्तराखंड के मंत्रियों ने उसे मना कर दिया कि मदरसों के अंदर पीएम मोदी की फोटो लगाई ज

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  156
WhatsApp_icon
user

Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मुझे लगता है कि उत्तराखंड के सारे मर्दों में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर बिल्कुल लगनी चाहिए वह जनता के द्वारा चुने गए नेता हैं जनता ने उनको जुदा कर भेजा है और आज उन्होंने जिस तरह से हमारे देश का नाम मान-सम्मान विदेशों में पड़ा है तो मुझे लगता है कि भारत के हर प्रधानमंत्री की तस्वीर मदरसे और मंदिरों मस्जिदों में होनी चाहिए मुझे नहीं लगता है इसमें किसी भी तरह की कोई बुराई है

lekin mujhe lagta hai ki uttarakhand ke saare mardon mein pradhanmantri modi ki tasveer bilkul lagani chahiye vaah janta ke dwara chune gaye neta hain janta ne unko juda kar bheja hai aur aaj unhone jis tarah se hamare desh ka naam maan sammaan videshon mein pada hai toh mujhe lagta hai ki bharat ke har pradhanmantri ki tasveer madarse aur mandiro masjidon mein honi chahiye mujhe nahi lagta hai isme kisi bhi tarah ki koi burayi hai

लेकिन मुझे लगता है कि उत्तराखंड के सारे मर्दों में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर बिल्कुल लगन

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  137
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!