क्या सरकार कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही है? चिदंबरम ऐसा सोचते हैं?...


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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

1:09

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां, मैं इस बात से सहमत हूं कि सरकार जो है, कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही है| यह हम देख सकते हैं| कि मोदी जी ने जब से सत्ता संभाली है| तब से कश्मीर के खिलाफ में काफी सक्ति से वे पेश आ रहे हैं | आर्मी को उन्होंने काफी हद तक फ्री हैण्ड दिया हुआ है| और इसकी वजह से काफी सारे आतंकवादी मारे भी गए हैं| पिछले साल 200 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए| लेकिन हमें यह भी देखना पड़ेगा| कि इन सब बातों के बावजूद शांति अभी तक स्थापित नहीं हुई है| और मैं समझता हूं कि जो हमारे जवान जो मारे जा रहे हैं| उनकी संख्या में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है| तो आखिरकार जो है, वह एक ऐसा मुद्दा है, कश्मीर के जिसको, मुझे नहीं लगता कि शक्ति के दम पर पूरी तरीके से खत्म किया जा सकता है| और इसमें जो वहां के लोकल जो लोग हैं| लोकल जो जनता है| उनका सहयोग लिए बिना इस मामले को खत्म नहीं किया जा सकता| और मैं समझता हूं कि सरकार को दोबारा सोचना चाहिए कि इस मामले को कैसे समाधान किया जाए|

haan main is baat se sahmat hoon ki sarkar jo hai kashmir mein shanti lane mein nakam rahi hai yeh hum dekh sakte hain ki modi ji ne jab se satta sambhali hai tab se kashmir ke khilaf mein kaafi sekti se ve pesh aa rahe hain | army ko unhone kaafi had tak free hande diya hua hai aur iski wajah se kaafi sare aatankwadi maare bhi gaye hain pichle saal 200 se jyada aatankwadi maare gaye lekin hume yeh bhi dekhna padega ki in sab baaton ke bawajud shanti abhi tak sthapit nahi hui hai aur main samajhata hoon ki jo hamare jawaan jo maare ja rahe hain unki sankhya mein bahut jyada badhotari hui hai to aakhirkaar jo hai wah ek aisa mudda hai kashmir ke jisko mujhe nahi lagta ki shakti ke dum par puri tarike se khatam kiya ja sakta hai aur isme jo wahan ke local jo log hain local jo janta hai unka sahyog liye bina is mamle ko khatam nahi kiya ja sakta aur main samajhata hoon ki sarkar ko dobara sochna chahiye ki is mamle ko kaise samadhan kiya jaye

हां, मैं इस बात से सहमत हूं कि सरकार जो है, कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही है| यह हम

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Ravi Sharma

Advocate

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विगत 2 वर्षों में जिस प्रकार की शांति व्यवस्था कश्मीर में स्थापित हुई है वह पिछले एक दशक में भी नहीं हो पाई तो मुझे ऐसा लगता है कि जी राम राम जी का ऐसा सोचना की सरकार कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही है बिल्कुल भी ठीक नहीं है जिस प्रकार से सर्जिकल स्ट्राइक पर आने वाले अन्य परिस्थितियों में भारत सरकार ने राज्य सरकार व रीना के साथ मिलकर आतंकवाद और घुसपैठ पर जिस प्रकार का रवैया अपनाया है आज इस प्रकार की रणनीति बनाई है वह वह पूरी तरह से प्रभावशाली रही हो उससे बहुत हद तक पत्थरबाजी आतंकवाद घुसपैठ अन्य समस्याओं पर अंकुश लगाने में सरकार को बहुत हद तक कामयाबी मिली है मुझे ऐसा लगता है कि सरकार ने जिस प्रकार से हमारी आंतरिक सुरक्षा समितियों व एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया सेना व जो ओपेरा मिनी बैटरी आर्गेनाइजेशन से उन्होंने आम आदमियों को भरोसे में रखकर जिस प्रकार से आतंकवाद पर अंकुश लगाने का कार्य किया वह अविस्मरणीय है और इस प्रकार की चीजें अभूतपूर्व माने जाएंगे भारत के इतिहास में की कश्मीर में एक बहुत बड़े क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जो आतंकवाद को रोकने के लिए वह जनमानस में एक शांति व्यवस्था की स्थापना करने के लिए भारत सरकार ने बहुत ही अच्छे कदम उठाए हैं बहुत ही कठोर कदम उठाए आतंकवादियों के विरुद्ध और बहुत बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया गया इसमें भारत के वीर जवान भी शहीद हुए परंतु उनसे उनकी शहादत का किस प्रकार का बदला भारत सरकार ने वह हमारी सेना ने लिया है वह भी अविस्मरणीय हैं तो मुझे लगता है कि चिता मदन जी का मानना बिल्कुल गलत है और मैं उनकी इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं धन्यवाद

vigat 2 varshon mein jis prakar ki shanti vyavastha kashmir mein sthapit hui hai wah pichle ek dashak mein bhi nahi ho payi to mujhe aisa lagta hai ki ji ram ram ji ka aisa sochna ki sarkar kashmir mein shanti lane mein nakam rahi hai bilkul bhi theek nahi hai jis prakar se surgical strike par aane wale anya paristhitiyon mein bharat sarkar ne rajya sarkar va reena ke saath milkar aatankwad aur ghuspaith par jis prakar ka ravaiya apnaya hai aaj is prakar ki rananiti banai hai wah wah puri tarah se prabhavshali rahi ho usse bahut had tak patharbaji aatankwad ghuspaith anya samasyaon par ankush chahiye lagane mein sarkar ko bahut had tak kamyabi mili hai mujhe aisa lagta hai ki sarkar ne jis prakar se hamari aantarik suraksha samitiyon va Agencyon ke saath milkar kaam kiya sena va jo opera mini battery organisation se unhone aam adamiyo ko bharose mein rakhakar jis prakar se aatankwad par ankush chahiye lagane ka karya kiya wah avismaraniya hai aur is prakar ki cheezen abhutpurva mane jaenge bharat ke itihas mein ki kashmir mein ek bahut bade kshetra mein is prakar ki ghatnaon ki punaraavrtti rokne ke liye jo aatankwad ko rokne ke liye wah janmanas mein ek shanti vyavastha ki sthapna karne ke liye bharat sarkar ne bahut hi acche kadam uthye hain bahut hi kathor kadam uthye aatankwadion ke viruddha aur bahut badi sankhya mein aatankwadion ko maar giraya gaya isme bharat ke veer jawaan bhi shahid hue parantu unse unki shadat ka kis prakar ka badla bharat sarkar ne wah hamari sena ne liya hai wah bhi avismaraniya hain to mujhe lagta hai ki chita chahiye madan ji ka manana bilkul galat hai aur main unki is baat se bilkul bhi sahmat nahi hoon dhanyavad

विगत 2 वर्षों में जिस प्रकार की शांति व्यवस्था कश्मीर में स्थापित हुई है वह पिछले एक दशक म

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Ajay Pratap Singh

Agriculturist

2:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चिदंबरम ऐसा सोचते चिदंबरम का सोच हर व्यक्ति अपना पक्ष रख सकता है इस तरह का लेकिन सरकार जो प्रयास की है वह सराहनीय है उनकी सोच के बारे में कुछ नहीं कहना चाहिए दुर्गा कश्मीर की बात करते हैं तो भारत के अंदर जगह दे देते अनुसार कहीं पर भी पिछले साल में विस्फोट हुआ पकड़े पकड़े गए ना तो कोई धर्म ना जाती ना मजाक आ रही बात कश्मीर की कश्मीर में ही क्यों पंप तो पाकिस्तान के जो नागरिक हैं वो शादी करते थे और वही दमाद नागरिकता मिल गया किसी तरह से पिछले 70 सालों में और मुझे तो इसके पीछे यह भी समझ में आता है कि के पीछे कोई साजिश रही हो क्योंकि कश्मीरी तो विदेशी लोगों को तो देंगे नहीं सब जो आए थे ना दमाद मन के उन्हीं के हैं पड़ गई होगी तो कश्मीर के आतंकवाद को खत्म कैसे आप कर पाएंगे जब आप नशे में डाल चुके हैं एक ही चीज बनती है या तो उनको वापस भेज दिया जाए और एक वर्ग विशेष की बात नहीं है बात देश की है सरकार सतत प्रयास में है और सर्टेन उषा के समाचार है जैसे को तैसा तो किसको जान बनाएंगे क्या

chidambaram aisa sochte chidambaram ka soch har vyakti apna paksh rakh sakta hai is tarah ka lekin sarkar jo prayas ki hai vaah sarahniya hai unki soch ke bare mein kuch nahi kehna chahiye durga kashmir ki baat karte hain toh bharat ke andar jagah de dete anusaar kahin par bhi pichle saal mein visphot hua pakde pakde gaye na toh koi dharm na jaati na mazak aa rahi baat kashmir ki kashmir mein hi kyon pump toh pakistan ke jo nagarik hain vo shadi karte the aur wahi damad nagarikta mil gaya kisi tarah se pichle 70 salon mein aur mujhe toh iske peeche yah bhi samajh mein aata hai ki ke peeche koi saajish rahi ho kyonki kashmiri toh videshi logo ko toh denge nahi sab jo aaye the na damad man ke unhi ke hain pad gayi hogi toh kashmir ke aatankwad ko khatam kaise aap kar payenge jab aap nashe mein daal chuke hain ek hi cheez banti hai ya toh unko wapas bhej diya jaaye aur ek varg vishesh ki baat nahi hai baat desh ki hai sarkar satat prayas mein hai aur certain usha ke samachar hai jaise ko taisa toh kisko jaan banayenge kya

चिदंबरम ऐसा सोचते चिदंबरम का सोच हर व्यक्ति अपना पक्ष रख सकता है इस तरह का लेकिन सरकार जो

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vikas Thakur

Jay gajand

0:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं सरकार को नाकाम नहीं रही और ना ही रहेगी कश्मीर की शांति का हाल तो अब निकलेगा जिसे देख कर हम सोचने पर मजबूर होकर सरकार को धन्यवाद देंगे

nahi sarkar ko nakam nahi rahi aur na hi rahegi kashmir ki shanti ka haal to ab niklega jise dekh kar hum sochne par majboor hokar sarkar ko dhanyavad denge

नहीं सरकार को नाकाम नहीं रही और ना ही रहेगी कश्मीर की शांति का हाल तो अब निकलेगा जिसे देख

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इस संडे को हमारे पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम ने नोट वित्त करें और उसमें उन्होंने बोला कि कैसे सरकार नाकाम रही कश्मीर में शांति लाने के लिए उन्होंने पहले ट्वीट मिलेगा फ्रॉम टाइम टू टाइम विहार रूट लिए रिमाइंडर सेट देवगन यीशु कंसर्न इन द स्टेट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर यानी कि समय समय के साथ हमें पता चलता रहता कि कश्मीर में अब तक खाना चौधरी नहीं है और बाकी तो इसमें उन्होंने ऐसा ही कुछ लिखा जो 30 और 31 दिसंबर को सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गए थे उसके बारे में उन्होंने ट्वीट किया उन्होंने हर एक अर्थी सेंड ए फ्रेंड के बारे में ट्वीट किया जो जो मन कश्मीर में हुआ है कि कि सरकार कुछ अटकना काम ही नहीं है किसी रोज़ कोई ना कोई सिपाही शहीद हो रहा है रोज सैनिक शहीद हो रहे हैं और पाकिस्तान को हम भारत में घुसने से रोक पा ही नहीं रहे हैं और वह पाकिस्तानी अगर हमारे देश में तबाही मचाकर जा रहे कितने लोगों के घर उजाड़ कर जा रहे हैं हमें मानती हूं की पत्थरबाजी कुछ हद तक कम हुई है कि किसी से भी कोई ऐसी खबर सुनने को नहीं मिली है लेकिन सरकार सरकार कामयाब तो जरूर नहीं हुई है शांति लाने में जैसा कि उन्होंने कहा था अभी उन्हें बहुत कुछ करने की और जरूरत है

dekhie chahiye is sunday ko hamare purv finance minister p chidambaram ne note vitt kare chahiye aur usamen chahiye unhone bola ki kaise sarkar nakam rahi kashmir mein shanti lane ke liye unhone pehle tweet milega from time to time vihar root liye reminder set devgan yeshu kansarn in d state of jammu end kashmir yani ki samay samay ke saath hume pata chalta rehta ki kashmir mein ab tak khana choudhary nahi hai aur baki to isme unhone aisa hi kuch likha jo 30 aur 31 december ko crpf chahiye ke 5 jawaan shahid ho gaye the uske baare mein unhone tweet kiya unhone har ek arthi chahiye send a friend ke baare mein tweet kiya jo jo man kashmir mein hua hai ki ki sarkar kuch atakana kaam hi nahi hai kisi roz koi na koi sipahi shahid ho raha hai roj sainik shahid ho rahe hain aur pakistan ko hum bharat mein ghusane se rok pa hi nahi rahe hain aur wah pakistani agar hamare desh mein tabaahi machaakar ja rahe kitne logo chahiye ke ghar ujad kar ja rahe hain hume maanati hoon ki patharbaji kuch had tak kum hui hai ki kisi se bhi koi aisi khabar sunne ko nahi mili hai lekin sarkar sarkar kamyab to jarur nahi hui hai shanti lane mein jaisa ki unhone kaha tha abhi unhen chahiye bahut kuch karne ki aur zarurat hai

देखिए इस संडे को हमारे पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम ने नोट वित्त करें और उसमें उन्हों

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:00
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Hhhgnbhh

1:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये मेरा थोडा इस बारे में सोचने का विचार अलग है क्योंकि मेरे को ऐसा लगता है कि सरकार ने कश्मीर में शांति लाने में नाकाम नहीं हुई है| उन्होंने बहुत काम करा और अगर देखा जाए | अगर हम रिकॉर्ड चेक करें नेट वगैरा पर सब जगह पर तो यह देखने को मिला है कि पिछले 10 साल के मुकाबले में जो पिछले 2 साल के अंदर अगर हम कश्मीर को देखे तो काफी ज्यादा वहां पर शांतिपूर्ण रहा है| एस कम्पेर टू अगर हम पहले से कम्पेर करे | पर हां फिर भी मैं यह कहूंगी कि पाकिस्तान का जैसे बोलते हैं कि वह वॉयलेशन ऑफ लॉ करती रहती है| उनका बार-बार यहां पर लडाई करना और ये, वो चल रहा है पर हाँ पहले से इंप्रूवमेंट हम कह सकते हैं कि जरूर सरकार लेकर आई है| उसमें पूरी अपनी कोशिश नहीं है उस की कोशिश में कमी हमे कम दिख पा रही है कि शांति लाने में वह कोशिश कर रही है |पर पाकिस्तान भी नहीं चुप हो रहा हो रहा है| पाकिस्तान की तरफ से हमें कहीं ना कहीं जो ट्यूनिंग है वह गलत होती हुई दिख रही है| पाकिस्तान बिल्कुल भी समझ नहीं रहा है और वह और लडाई करने के लिए उतावला होता जा रहा है| तो यहां मुझे गड़बड़ दिख रही है | पर अगर सरकार की तरफ से देखा जाए तो मुझे इतनी कोई गलत चीज नहीं दिख रही है| तो यहां मेरा थोड़ा चितंबरम जी से जो उनका विचार है| थोड़ा काफी अलग है मेरा उनसे|

dekhiye mera thoda is baare mein sochne ka vichar alag hai kyonki mere ko aisa lagta hai ki sarkar ne kashmir mein shanti lane mein nakam nahi hui hai unhone bahut kaam kra aur agar dekha jaye | agar hum record check kare chahiye net vagera par sab jagah par to yeh dekhne ko mila hai ki pichle 10 saal ke muqable mein jo pichle 2 saal ke andar agar hum kashmir ko dekhe to kaafi jyada wahan par shantipurna raha hai s kamper to agar hum pehle se kamper kare | par haan phir bhi main yeh kahungi ki pakistan ka jaise bolte hain ki wah violation of law karti rehti hai unka baar baar yahan par ladai karna aur ye vo chal raha hai par haan pehle se improvement hum keh sakte hain ki jarur sarkar lekar eye hai usamen chahiye puri apni koshish nahi hai us ki koshish mein kami hume kum dikh pa rahi hai ki shanti lane mein wah koshish kar rahi hai par pakistan bhi nahi chup ho raha ho raha hai pakistan ki taraf se hume kahin na kahin jo tyuning hai wah galat hoti hui dikh rahi hai pakistan bilkul bhi samajh nahi raha hai aur wah aur ladai karne ke liye utavala hota ja raha hai to yahan mujhe gadbad dikh rahi hai | par agar sarkar ki taraf se dekha jaye to mujhe itni koi galat cheez nahi dikh rahi hai to yahan mera thoda chitambaram ji se jo unka vichar hai thoda kaafi alag hai mera unse

देखिये मेरा थोडा इस बारे में सोचने का विचार अलग है क्योंकि मेरे को ऐसा लगता है कि सरकार

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी मुझे लगता है कि कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही सरकार याद आ रही हे प्रीतम जी इस बारे में क्या सोचते हैं कोई और इस बारे में क्या सोचा मुझे नहीं होता है सरकार को कुछ ज्यादा फर्क पड़ता है सरकार को इस बात से जरूर फर्क पड़ता है कि क्या वहां के हालात में इंप्रूवमेंट हुआ कि नहीं हुआ जो रिसेंटली डाटा है उसमें दिखाया गया है कि 200 से ज्यादा ट्रैवल्स को 1 साल के अंदर मारा गया है तो मुझे लगता है कि बिल्कुल इससे पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ तो कुछ ना कुछ तो सरकार ने किया है मुझे लगता है कि हमें सरकार की मंशा पर हमें क्या किसी भी राजनीतिक दल को सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि सरकार देश के भले के लिए करती जो भी करती है

vikee mujhe lagta hai ki kashmir mein shanti lane mein nakam rahi sarkar yaad aa rahi he pritam chahiye ji is baare mein kya sochte hain koi aur is baare mein kya socha mujhe nahi hota hai sarkar ko kuch jyada fark padata hai sarkar ko is baat se jarur fark padata hai ki kya wahan ke halaat mein improvement hua ki nahi hua jo recently data hai usamen chahiye dikhaya gaya hai ki 200 se jyada travels ko 1 saal ke andar mara gaya hai to mujhe lagta hai ki bilkul isse pehle to aisa kabhi nahi hua to kuch na kuch to sarkar ne kiya hai mujhe lagta hai ki hume sarkar ki mansha par hume kya kisi bhi rajnitik dal ko sarkar ki mansha par sawal nahi uthana chahiye kyonki sarkar desh ke bhale ke liye karti jo bhi karti hai

विकी मुझे लगता है कि कश्मीर में शांति लाने में नाकाम रही सरकार याद आ रही हे प्रीतम जी इस ब

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