क्या सुभाष चंद्र बोस भी आरएसएस का विरोध करते थे? अगर हाँ तो क्यों?...


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Ashish Singh

Co-Founder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कहीं पर भी नहीं पड़ा कि उन्होंने आर्केस्ट्रा समिति बहुत सारे पॉइंट्स में पीड़ा थी लेकिन उसके गलत किया

kahin par bhi nahi pada ki unhone orcheshtra samiti bahut saare points mein peeda thi lekin uske galat kiya

कहीं पर भी नहीं पड़ा कि उन्होंने आर्केस्ट्रा समिति बहुत सारे पॉइंट्स में पीड़ा थी लेकिन उस

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया| अंग्रेजो को देश से निकालने के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की| उन्हें नेताजी के नाम से भी जाना जाता है देश को स्वतंत्र कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है| गांधी जी को राष्ट्रपिता का संबोधन पहली बार नेताजी नहीं दिया था| श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जब हिंदू महासभा को ज्वाइन किया तब उनके और नेताजी मैं आपसे बातचीत हुई तो इस तरह की नेता जी ने

subhash chandra bose ne 1939 mein forward block ka gathan kiya angrejo ko desh se nikalne ke liye azad hind fauj ki sthapna ki unhe netaji ke naam se bhi jana jata hai desh ko swatantra karane mein unka mahatvapurna yogdan raha hai gandhi ji ko rashtrapita ka sambodhan pehli baar netaji nahi diya tha shyaama prasad mukherjee ne jab hindu mahasabha ko join kiya tab unke aur netaji main aapse batchit hui toh is tarah ki neta ji ne

सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया| अंग्रेजो को देश से निकालने के लिए आ

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिंदी को यह बात सच है कि सुभाष चंद्र बोस है वह RSS का महिषासुर वध करके आ रहे थे कि कंपनी मान्यता कि RSS को जो है वह बंद हो जाना चाहिए पर बंद होना चाहिए कानून के हिसाब से कि अगर हम देखें तो जिस प्रकार से RSS जीमेल को हिंदुत्व जय हिंदुत्व को लेकर आता था तो सुभाष चंद्र बोस पास में ही मानना नहीं था उस बांसुरी वाले की तरफ लौट रहे थे ऐसी कई सारे दंगे हो गए थे हिंदू धर्म के कारण मौसम बारिश कौन-कौन से है वह हमें और भी टेंशन जो है वह हमेशा बढ़ाते थे जब भी भी नेता जी जो है वह आजादी के बारे में बात करते थे और हमेशा देर कर दी उसकी आपसे तो इसके लिए जो है ना सुभाष चंद्र बोस जो है वह RSS के विरोध थे और उनका यह भी मानना था कि rss जॉइन कर सकती है वह इतना इंपोर्टेंट नहीं है कि कि उन्हें नेताजी कुरुक्षेत्र की बार जरूर ज्यादा इंपोर्टेंट है कोई एक रिलीजिंग की जो मान सकता है या फिर हम कैसे बैटरी बची है वह उन्हें द मैटर नहीं करता था तो इसके कारण जो है सुभाष चंद्र बोस RSS के विरोध करते थे और मैं यार इसमें कोई पसंद नहीं था

hindi ko yah baat sach hai ki subhash chandra bose hai vaah RSS ka mahishasur vadh karke aa rahe the ki company manyata ki RSS ko jo hai vaah band ho jana chahiye par band hona chahiye kanoon ke hisab se ki agar hum dekhen toh jis prakar se RSS gmail ko hindutv jai hindutv ko lekar aata tha toh subhash chandra bose paas mein hi manana nahi tha us bansuri waale ki taraf lot rahe the aisi kai saare dange ho gaye the hindu dharm ke karan mausam barish kaun kaunsi hai vaah hamein aur bhi tension jo hai vaah hamesha badhate the jab bhi bhi neta ji jo hai vaah azadi ke bare mein baat karte the aur hamesha der kar di uski aapse toh iske liye jo hai na subhash chandra bose jo hai vaah RSS ke virodh the aur unka yah bhi manana tha ki rss join kar sakti hai vaah itna important nahi hai ki ki unhe netaji kurukshetra ki baar zaroor zyada important hai koi ek rilijing ki jo maan sakta hai ya phir hum kaise battery bachi hai vaah unhe the matter nahi karta tha toh iske karan jo hai subhash chandra bose RSS ke virodh karte the aur main yaar isme koi pasand nahi tha

हिंदी को यह बात सच है कि सुभाष चंद्र बोस है वह RSS का महिषासुर वध करके आ रहे थे कि कंपनी म

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Peeyooshpankaj Dubey

Vice President Human Resources

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विरोध तो मैंने सुभाष चंद्र के नाम से तो नहीं सुना है कि कहीं उन्होंने किया था पर हां कांग्रेस ने जरूर भारत का विरोध शुरू किया था कि यह लोग ठीक नहीं है घर पर ऑफिस जब गांधी जी को गोली मारी गई थी तो जरा ज्यादा विरोध हुआ था आरोप जी सुभाष चंद्र बोस देश के लिए कर रहे थे उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी बनाई थी और अंग्रेजों से रियल मायने में तो वही लड़े थे और जो उन्होंने काम किया कमेंडेबल तो उसकी वजह से ही मेरा तो कहना है कि आजादी हिंदुस्तान को मिली थी क्योंकि अंग्रेजों ने लिए लाइक कर लिया था कि आप हिंदुस्तानी लोग जाग गए हैं और अगर यह इन्होंने भी बोल्ड कर दिया तो हम को छोड़ना ही है पर छोड़ने के पहले उन्होंने यहां के जो गंदा वह माहौल बना कर गए हैं डिवाइड एंड रूल कॉलेज की वह चल रही है

virodh toh maine subhash chandra ke naam se toh nahi suna hai ki kahin unhone kiya tha par haan congress ne zaroor bharat ka virodh shuru kiya tha ki yeh log theek nahi hai ghar par office jab gandhi ji ko goli mari gayi thi toh jara zyada virodh hua tha aarop ji subhash chandra bose desh ke liye kar rahe the unhone indian national army banai thi aur angrejo se real maayne mein toh wahi lade the aur jo unhone kaam kiya kamendebal toh uski wajah se hi mera toh kehna hai ki azadi Hindustan ko mili thi kyonki angrejo ne liye like kar liya tha ki aap hindustani log jag gaye hain aur agar yeh inhone bhi bold kar diya toh hum ko chhodna hi hai par chodane ke pehle unhone yahan ke jo ganda wah maahaul bana kar gaye hain divide end rule college ki wah chal rahi hai

विरोध तो मैंने सुभाष चंद्र के नाम से तो नहीं सुना है कि कहीं उन्होंने किया था पर हां कांग्

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