क्या मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने का केजरीवाल का फैसला सही था?...


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Vikas Singh

Political Analyst

2:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैक्स हॉस्पिटल का जो लाइसेंस अरविंद केजरीवाल जी ने रद्द किया यह बिल्कुल अच्छा फैसला था उनका लेकिन हमें आज तक यह बात समझ में नहीं आई कि सरकार कोई भी फैसला इतना देर से क्यों लेती है सरकार को पहले से पता होता है कि लगभग 90 पंचानवे परसेंट हॉस्पिटलों में नाइंसाफी हो रही है गरीब लोगों के साथ वहां पर दवा मांगे रेट में बेचा जा रहा है वहां पर गरीबों का इलाज नहीं हो रहा है लेकिन किसी हॉस्पिटल में जब कोई एक दुर्घटना होती है जब मीडिया वाले उसको दिखाते हैं जब सरकार के ऊपर दबाव बनता है तो फिर सरकार सख्त एक्शन लेती सख्त एक्शन आपको पहले लेना चाहिए था आपने पहले क्यों नहीं लिया इसका जवाब चाहिए तो जब इसका जवाब आप मांगोगे ना जवाब सरकार नहीं दे पाएगी सरकार खुलेआम भ्रष्टाचार करवाती है क्या सरकार को नहीं पता है कि हॉस्पिटलों में दिक्कत है चेकिंग करने के लिए लोग जाते होंगे पता लगाने के लिए लोग जाते होंगे बहुत सारे ऑफिसर के जब बनते जाते होंगे हॉस्पिटल में उनका इलाज पहले होता होगा तो क्या उन्हें नहीं पता है कि भ्रष्टाचार है जो पहले आए उसका इलाज होना चाहिए लेकिन एक अमीर आदमी जाता है तो सबसे पहले उसका इलाज होता है यह प्रकार का भ्रष्टाचार एयरपोर्ट पर जब एक अमीर आदमी जाता है बड़ा नेता जाता है तो उसे पहले जाने दिया जाता है और जो मीडियम फैमिली के लोगों में लाइन से लगे रहते हैं लाइन से जाते हैं आप चाय मुख्यमंत्री हो चाहे विधायक हो छह सांसदों आपको रूल्स रेगुलेशन को फॉलो करना चाहिए सब लोग लाइन में जा रहे हैं आपको भी लाइन में जाना होगा अगर एटीएम से पैसा निकालना है 10 लोग लाइन में लगे हैं और विधायकों सांसदों आप भी 11वें नंबर पर लाइन में लगो यह नहीं कि विधायक जी आ गए एटीएम से पैसा निकाल लेंगे तो भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सब इंसान को अपनी नियत को अच्छी बनानी पड़ेगी दिल्ली सरकार ने जो फैसला किया अच्छा किया लेकिन दिल्ली सरकार से निवेदन करता हूं ऐसा फैसला सही समय पर होना चाहिए आपने गलत समय पर यह फैसला किया है जब एक बच्चे के साथ दुर्घटना होती है जब मीडिया में बवाल होता है सरकार के ऊपर दबाव बनती है तब आपने फैसला किया है इसके पहले आप कहां थे तो सही समय पर अगर आप फैसला करोगे तो आप मुख्यमंत्री मानव जाओगे अन्यथा आपको कोई अच्छा नहीं मानेगा धन्यवाद

dekhiye max hospital ka jo license arvind kejriwal ji ne radd kiya yah bilkul accha faisla tha unka lekin hamein aaj tak yah baat samajh me nahi I ki sarkar koi bhi faisla itna der se kyon leti hai sarkar ko pehle se pata hota hai ki lagbhag 90 panchanave percent haspitalon me nainsafi ho rahi hai garib logo ke saath wahan par dawa mange rate me becha ja raha hai wahan par garibon ka ilaj nahi ho raha hai lekin kisi hospital me jab koi ek durghatna hoti hai jab media waale usko dikhate hain jab sarkar ke upar dabaav banta hai toh phir sarkar sakht action leti sakht action aapko pehle lena chahiye tha aapne pehle kyon nahi liya iska jawab chahiye toh jab iska jawab aap mangoge na jawab sarkar nahi de payegi sarkar khuleaam bhrashtachar karwati hai kya sarkar ko nahi pata hai ki haspitalon me dikkat hai checking karne ke liye log jaate honge pata lagane ke liye log jaate honge bahut saare officer ke jab bante jaate honge hospital me unka ilaj pehle hota hoga toh kya unhe nahi pata hai ki bhrashtachar hai jo pehle aaye uska ilaj hona chahiye lekin ek amir aadmi jata hai toh sabse pehle uska ilaj hota hai yah prakar ka bhrashtachar airport par jab ek amir aadmi jata hai bada neta jata hai toh use pehle jaane diya jata hai aur jo medium family ke logo me line se lage rehte hain line se jaate hain aap chai mukhyamantri ho chahen vidhayak ho cheh sansadon aapko rules regulation ko follow karna chahiye sab log line me ja rahe hain aapko bhi line me jana hoga agar atm se paisa nikalna hai 10 log line me lage hain aur vidhayakon sansadon aap bhi ve number par line me lago yah nahi ki vidhayak ji aa gaye atm se paisa nikaal lenge toh bhrashtachar ko khatam karne ke liye sab insaan ko apni niyat ko achi banani padegi delhi sarkar ne jo faisla kiya accha kiya lekin delhi sarkar se nivedan karta hoon aisa faisla sahi samay par hona chahiye aapne galat samay par yah faisla kiya hai jab ek bacche ke saath durghatna hoti hai jab media me bawaal hota hai sarkar ke upar dabaav banti hai tab aapne faisla kiya hai iske pehle aap kaha the toh sahi samay par agar aap faisla karoge toh aap mukhyamantri manav jaoge anyatha aapko koi accha nahi manega dhanyavad

देखिए मैक्स हॉस्पिटल का जो लाइसेंस अरविंद केजरीवाल जी ने रद्द किया यह बिल्कुल अच्छा फैसला

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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता कि मैक्स हॉस्पिटल के जो लाइसेंस है उस को रद्द करने का केजरीवाल का फैसला सही था किसी भी मायने में| देखिये हॉस्पिटल में आपको हॉस्पिटल और डॉक्टर दो में एक डीफ़ेरेन्शिअशन करना पड़ेगा | हॉस्पिटल इक इंस्टिट्यूशन होता है और डॉक्टर उसके अंदर काम करते हैं अगर जो है कोई भी गलती किसी डॉक्टर ने की है तो उस डॉक्टर के खिलाफ में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उसके खिलाफ में सजा होनी चाहिए जहां तक हॉस्पिटल का सवाल है हॉस्पिटल सैकड़ों हजारों लोगों को सुविधाएं प्रदान करता है मेडिकल फैसिलिटीज देता है और अगर आप किसी हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर देते हैं तो वहां पर जितने भी लोग अपने ट्रीटमेंट पा रहे हैं उनको बहुत बड़ा नुकसान होता है| तो अगर इसमें किसी डॉक्टर की गलती थी तो उसके खिलाफ ऍफआयआर लॉज होना चाहिए था, उसके खिलाफ़ में कार्रवाई करनी चाहिए थी| जहा तक हॉस्पिटल को रद्द करने की बात है, वह बहोत ही एक्सट्रीम स्टेप था जो की दिल्ली सरकार को नहीं उठाना चाहिए था| इससे भले ही दिल्ली सरकार को रातो रात पोप्युलारिटी मिल गयी| और चुकी ये प्राइवेट हॉस्पिटल था तों इस से आम जनता बड़ी खुश हो गई जो है इसमें चुकी अमीरों का इलाज होता है और उसका कैंसिल हो गया बड़ी अच्छी बात है लेकिन कई बार केजरीवाल साब को अपने गिरेबान में भी झांक कर देखना चाहिए कि जो सरकारी अस्पताल है वहा पे रोज़ इस तरीके की घटना होती रहती हैं और वहां पर अगर किसी डॉक्टर ने इस तरीके की लापरवाही कि तों क्या केजरीवाल जी उसका भी लाइसेंस रद्द करेंगे? और उसकी फैसिलिटीज बंद करेंगे? तो यह थोड़ा सा मेरे ख़याल से ये हिपोक्रेसी और डबल टॉक था और यह मेरे ख्याल से उचित नहीं था| और जैसा की अब ये लाइसेंस रद्द करने का फैसला जो है वह स्टे कर दिया गया है और मुझे नहीं लगता कि फाइनली जो है यह केजरीवाल के फेवर में जाएगा और केजरीवाल को फिर एक बार अपने मुंह की खानी पड़ेगी|

mujhe nahi lagta ki max hospital ke jo license hai us ko radd karne ka kejriwal ka faisla sahi tha kisi bhi maayne mein dekhiye hospital mein aapko hospital aur doctor do mein ek diferenshiashan karna padega | hospital ek instityushan hota hai aur doctor uske andar kaam karte hain agar jo hai koi bhi galti kisi doctor ne ki hai to us doctor ke khilaf mein kanooni karyawahi honi chahiye uske khilaf mein saja honi chahiye jaha tak hospital ka sawal hai hospital saikadon hajaron chahiye logo chahiye ko suvidhayen pradan karta hai medical faisilitij deta hai aur agar aap kisi hospital ka license radd kar dete hain to wahan par jitne bhi log apne treatment pa rahe hain unko bahut bada nuksan hota hai to agar isme kisi doctor ki galti thi to uske khilaf afaayaar Lodge hona chahiye tha uske khilaf mein karyawahi karni chahiye thi jaha tak hospital ko radd karne ki baat hai wah bahut hi xtreme step tha jo ki delhi sarkar ko nahi uthana chahiye tha isse bhale hi delhi sarkar ko raato raat popyulariti mil gayi aur chuki ye private hospital tha to is se aam janta badi khush ho gayi jo hai isme chuki amiron ka ilaj hota hai aur uska cancel ho gaya badi acchi baat hai lekin kai baar kejriwal sab ko apne girebaan mein bhi jhank kar dekhna chahiye ki jo sarkari aspatal hai vaha pe roz is tarike ki ghatna hoti rehti hain aur wahan par agar kisi doctor ne is tarike ki laparwahi ki to kya kejriwal ji uska bhi license radd karenge aur uski faisilitij band karenge to yeh thoda sa mere khayal se ye hipokresi aur double talk tha aur yeh mere khayal se uchit nahi tha aur jaisa ki ab ye license radd karne ka faisla jo hai wah stay kar diya gaya hai aur mujhe nahi lagta ki finally jo hai yeh kejriwal ke favor mein jayega aur kejriwal ko phir ek baar apne mooh ki khaani padegi

मुझे नहीं लगता कि मैक्स हॉस्पिटल के जो लाइसेंस है उस को रद्द करने का केजरीवाल का फैसला सही

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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी सिस्टम की गवर्नमेंट सिस्टम की बहुत बड़ी प्रॉब्लम क्या है, जब तक कोई चीज एकदम फट नहीं जाती है बहुत बड़ी न्यूज़ नहीं बन जाती है तब तक किसी को एकाउंटेबिलिटी नहीं है| तो वह चाहे मैक्स हॉस्पिटल हो या कोई दूसरी फैक्ट्री जहां पर कोई दुर्घटनाएं होती हैं या कोई और इंस्टिट्यूशंस तो जब वह चल रहा था उस समय गवर्मेंट डिपार्टमेंट क्या कर रहे थे? अगर मैक्स हॉस्पिटल में सिरिंज महंगी बिक्री है या वहां पर गरीब लोगों को ईडब्ल्यूएस कोटा में इलाज नहीं हो रहा है तो वह तो सालों से नहीं हो रहा है सालों से महंगी बिक्री सिरिंजी उस समय जो पर्टिकुलर ऑफिसर उसके लिये रिस्पॉन्सिबल था उस पर गवर्नमेंट ने क्या एक्शन लिया?, कि भैया आप कितने साल से यह डाटा देख रहे थे? आपने वहां पर विजिट्स करी होंगी मंथली क्वार्टरली कभी तो कर ही होंगी तो उस समय आपने यह पॉइंटआउट क्यों नहीं किया? जब एक बच्चे के साथ बड़ी दुर्घटना हो गई तब आपने सीधे हॉस्पिटल के लाइसेंस को रद्द कर दिया, अब तक एक्सट्रीम स्टेप देखिए सालों से वहां पर हॉस्पिटल चल रहा है तब आप उसको चलने दे रहे हैं और अचानक एक बड़ी दुर्घटना होती है जो मीडिया में हाईलाइट होती है अब आप बोलेंगे हम आपका लाइसेंस बंद कर देंगे. वहां पर जो एंप्लोई काम कर रहे हैं बहुत सारे एंप्लोई कॉन्ट्रेक्चुअल है, इवन जो परमानेंट भी है, प्राइवेट सेक्टर है, आगे सपोज वे आपने बंद ही कर दिया तो कहां से उन को सैलरी मिलेगी? वहां जो डॉक्टर्स है, नर्सेस है, वार्डबॉय हैं उनका क्या होगा? और जो दूसरे सैकड़ों मरीज हॉस्पिटल में वे सडेनली कहां जाएंगे इसके बारे में गवर्नमेंट ने सोचा? तो इस तरीके के मेजर रिएक्शन बहुत ही गलत है और किसी भी गवर्नमेंट के लिए गलत है चाहे वह दिल्ली सरकार हो जाए वह केंद्र सरकार हो, निर्णय लेते हुए आपको ये देखना है कि जब वह चल रही थी एक्टिविटी हो रही थी उसके लिए भी आप ही रिस्पॉन्सिबल थे, तो पहले आप इन्वेस्टीगेट कीजिए और प्रॉपर टाइम दीजिए नोटिस दीजिए वार्निंग दीजिए और यह सब का बंदोबस्त कीजिए कि वहां जो काम कर रहे हैं व हां जो बाकी एंप्लोई हैं वहां पर पेशेंट है उनका क्या होगा उसके बाद यह सब चीजे होनी चाहिए|

hamari system ki government system ki bahut badi problem kya hai jab tak koi cheez ekdam phat nahi jati hai bahut badi news nahi ban jati hai tab tak kisi ko ekauntebiliti nahi hai to wah chahe max hospital ho ya koi dusri factory jaha par koi durghatnae hoti hain ya koi aur instityushans to jab wah chal raha tha us samay goverment department kya kar rahe the agar max hospital mein sirinj mehengi bikri hai ya wahan par garib logo chahiye ko idablyues quota mein ilaj nahi ho raha hai to wah to salon se nahi ho raha hai salon se mehengi bikri sirinji us samay jo particular officer uske liye responsible tha us par government ne kya action liya ki bhaiya aap kitne saal se yeh data dekh rahe the aapne wahan par visits kari hongi monthly kwartarali kabhi to kar hi hongi to us samay aapne yeh paintaaut kyu nahi kiya jab ek bacche ke saath badi durghatna ho gayi tab aapne sidhe hospital ke license ko radd kar diya chahiye ab tak xtreme step dekhie chahiye salon se wahan par hospital chal raha hai tab aap usko chalne de rahe hain aur achanak ek badi durghatna hoti hai jo media mein highlight hoti hai ab aap bolenge hum aapka license band kar denge wahan par jo employee kaam kar rahe hain bahut sare employee kantrekchual hai chahiye even jo permanent bhi hai chahiye private sector hai aage suppose ve aapne band hi kar diya to Kahan chahiye se un ko salary milegi wahan jo doctors hai nurses hai vardabay hain unka kya hoga aur jo dusre chahiye saikadon marij hospital mein ve sadenali chahiye Kahan chahiye jaenge iske baare mein government ne socha to is tarike ke major reaction bahut hi galat hai aur kisi bhi government ke liye galat hai chahe wah delhi sarkar ho jaye wah kendra sarkar ho nirnay lete hue aapko ye dekhna hai ki jab wah chal rahi thi activity ho rahi thi uske liye bhi aap hi responsible the chahiye to pehle aap inwestiget kijiye aur proper time dijiye notice dijiye warning dijiye aur yeh sab ka bandobast kijiye ki wahan jo kaam kar rahe hain va haan jo baki employee hain wahan par patient hai unka kya hoga uske baad yeh sab cheeje honi chahiye

हमारी सिस्टम की गवर्नमेंट सिस्टम की बहुत बड़ी प्रॉब्लम क्या है, जब तक कोई चीज एकदम फट नहीं

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Raj Shah

Aspiring engineer

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SHIVAM s

Pursuing BBA, day dreamer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से भारत और दिल्ली गवर्नमेंट का मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रिबॉक करना एकदम ही सही स्टेप था वैसे तो यह हम गलती भी कहते हैं मैक्स हॉस्पिटल के कि उनसे यह गलती हुई जो उन्होंने ऑन द बर्थडे कार्ड एट क्या करती बल्कि वह डेट नहीं थे इतने बड़े हॉस्पिटल से और इतने बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल से हम यह पैक नहीं करते कि वह ऐसी गलतियां करेंगे सेवक के ऑफ क्रिएट हो सकता है तो दिल्ली कमेंट का फैसला काफी हद तक सही है इस मामले में

mere hisab se bharat aur delhi government ka max hospital ka license ribak karna ekdam hi sahi step tha waise to yeh hum galti bhi kehte hain max hospital ke ki unse yeh galti hui jo unhone on d birthday card eight kya karti balki wah date nahi the itne bade hospital se aur itne bade private hospital se hum yeh pack nahi karte ki wah aisi galtiya karenge sevak ke of create ho sakta hai to delhi comment ka faisla kaafi had tak sahi hai is mamle mein

मेरे हिसाब से भारत और दिल्ली गवर्नमेंट का मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रिबॉक करना एकदम ही सही

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goyalkamal2

Writer freelance journalist.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी ऐसा अस्पताल जो जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करने की बजाय जीवित को मृत घोषित करके और पैक कर के घरवालों को सोते उसे बंद करने का निर्णय केजरीवाल सरकार का अच्छा निर्णय था मैं इस निर्णय का स्वागत करता हूं

koi bhi aisa aspatal jo janta ke swasthya ki raksha karne ki bajay jeevit ko mrit ghoshit karke aur pack kar ke gharwaalon ko sote use band karne ka nirnay kejriwal sarkar ka accha nirnay tha main is nirnay ka swaagat karta hoon

कोई भी ऐसा अस्पताल जो जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करने की बजाय जीवित को मृत घोषित करके और प

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे मुझे चाहते हो रहा है जी हां बिलकुल मैक्स हॉस्पिटल का जो लाइसेंस है बरात करना बिल्कुल सही था केजरीवाल ने बिल्कुल सही किया था थोड़ी इतनी बड़ी मुश्किलों ने की थी जिसको नारायण जी को नकारा तो बिल्कुल नहीं जा सकता कि यह कोई मिस करेगा बोल कर क्योंकि आगे भी एक बार उनको छोड़ दिया जाए तो पता नहीं आ जाए कितनी बार वह करेंगे तो उनको एक बार झटका देना बहुत जरुरी था क्योंकि 1 दिन का बच्चे को उन्होंने बैग में पैक करके बोला था कि वह मर गया और सब बाद में पता चला कि थोड़ी दूर जाने के बाद वह डब्बा जो था वह बस में लगाओ और फैमिली ने खोलकर देखा तो वह बच्चा जिंदा ही था तो उसको जल्दी से जल्दी गुस्सा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया तू इतना बड़ा मिस्टेक जो है हॉस्पिटल ने किया था तो मैं समझ सके मेरे को टाइट है लेकिन अभी फिर कहीं से सोर्स वगैरह लाकर मैक्स हॉस्पिटल जो है वह फिर से ओपन हो गया है तो मैं समझ गया प्राइवेट नियम बनना चाहिए डॉक्टर और नर्स के खिलाफ और हॉस्पिटल

mujhe mujhe chahte ho raha hai ji haan bilkul max hospital ka jo license hai barat karna bilkul sahi tha kejriwal ne bilkul sahi kiya tha thodi itni baadi mushkilon ne ki thi jisko narayan ji ko nukaraa to bilkul nahi ja sakta ki yeh koi miss karega bol kar kyonki aage bhi ek baar unko chod diya jaye to pata nahi aa jaye kitni baar wah karenge to unko ek baar jhatka dena bahut zaroori tha kyonki 1 din ka bacche ko unhone bag mein pack karke bola tha ki wah mar gaya aur sab baad mein pata chala ki thodi dur jaane ke baad wah dabba jo tha wah bus mein lagao aur family ne kholakar dekha to wah baccha zinda hi tha to usko jaldi se jaldi gussa hospital mein admit karaya gaya tu itna bada mistake chahiye jo hai hospital ne kiya tha to main samajh sake mere ko tight hai lekin abhi phir kahin se source vagera lakar max hospital jo hai wah phir se open ho gaya hai to main samajh gaya private niyam banana chahiye doctor aur nurse ke khilaf aur hospital

मुझे मुझे चाहते हो रहा है जी हां बिलकुल मैक्स हॉस्पिटल का जो लाइसेंस है बरात करना बिल्कुल

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जगदीश मुझे लगता है कि मैं हॉस्पिटल ताजोला लाइसेंस रद्द किया था कैजुअल गवर्मेंट है बहुत अच्छा कदम बहुत ही सराहनीय कदम है क्योंकि जिस तरह के लोग फूल से निकल कर आए थे जिस तरह का मैक्स हॉस्पिटल नहीं किया था 30 30 लाख के बिल बना दिए थे जबरन की बनाई थी तो इस तरह के हॉस्पिटल्स पर तो बहुत सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ठीक है तो जो भी फैसला किया बहुत अच्छा किया होना चाहिए लेकिन आपको पता होगा शायद उसको उसको रिमूव कर दिया गया नहीं इस पैसे को कैंसिल कर दिया गया अब सेट मैक्स हॉस्पिटल को दोबारा चालू कर दिया गया लेकिन यह बिल्कुल को एक सबक है उन हॉस्पिटल्स के लिए

jagdish mujhe lagta hai ki main hospital tajola license radd kiya tha casual goverment hai bahut accha kadam bahut hi sarahniya kadam hai kyonki jis tarah ke log fool se nikal kar aaye the jis tarah ka max hospital nahi kiya tha 30 30 lakh ke bill bana diye the jabran ki banai thi to is tarah ke hospitals par to bahut sakht se sakht karyawahi honi chahiye theek hai to jo bhi faisla kiya bahut accha kiya hona chahiye lekin aapko pata hoga shayad usko usko remove kar diya gaya nahi is paise ko cancel kar diya gaya ab set max hospital ko dobara chalu kar diya gaya lekin yeh bilkul ko ek sabak hai un hospitals ke liye

जगदीश मुझे लगता है कि मैं हॉस्पिटल ताजोला लाइसेंस रद्द किया था कैजुअल गवर्मेंट है बहुत अच्

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली सरकार ने हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया था जिससे मैं हॉस्पिटल से यही सवाल किया प्रश्न होता है क्योंकि डॉक्टर को इतना भी नहीं पता कि नवजात शिशु में या एक मुर्दा चीजों में क्या फर्क है यह लाइसेंस रद्द ही रहना चाहिए क्योंकि मैक्स हॉस्पिटल में जो किया है वह एक जुर्म से भी बहुत बड़ा है

max hospital delhi sarkar ne hospital ka license radd kar diya tha jisse main hospital se yahi sawal kiya prashna hota hai kyonki doctor ko itna bhi nahi pata ki navjat shishu mein ya ek murda chijon mein kya fark hai chahiye yeh license radd hi rehna chahiye kyonki max hospital mein jo kiya hai wah ek jurm se bhi bahut bada hai

मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली सरकार ने हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया था जिससे मैं हॉस्पिटल से य

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Ekta

Researcher and Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिया मैक्स हॉस्पिटल की लाइसेंस को रद्द करने का केजरीवाल का जो फैसला है वह बिल्कुल सही है क्योंकि यह जिम्मेदारी हॉस्पिटल वालों की है कि वह सही इंफॉर्मेशन दे प्रिंस को या किसी भी विषय को उनके साथ सिचुएशन क्या है बट उन्होंने यह नहीं किया उल्टा उन्होंने जुड़वा बच्चे थे तो जिंदा थी उन्हें मरा बता कर उन्हें एक पॉलिथीन में पैक करके उनके पेरेंट्स को थमा दिया यह बात पता चली जब वह उनके प्रमोशन के लिए जा रहे थे तब पता चला है कि नहीं वह बच्चे जिंदा है हॉस्पिटल की रिस्पांसिबिलिटी है विशाल को सही करना बाकी जिंदा जिंदा व्यक्ति को मारा बता देना इस हिसाब से जली की गवर्नमेंट जॉब केजरीवाल ने फैसला लिया है कि नहीं मैक्स हॉस्पिटल के लाइसेंस को रद्द कर देना चाहिए बिल्कुल सही है इससे उन्हें यह सीख मिलेगी कि आगे से ऐसी गलती ना करें

jiya max hospital ki license ko radd karne ka kejriwal ka jo faisla hai wah bilkul sahi hai kyonki yeh jimmedari hospital walon ki hai ki wah sahi information de prince ko ya kisi bhi vishay ko unke saath situation kya hai but unhone yeh nahi kiya ulta unhone judwa bacche the to zinda thi unhen chahiye mara bata kar unhen chahiye ek polythene mein pack karke unke parents ko thama diya yeh baat pata chali jab wah unke promotion ke liye ja rahe the tab pata chala hai ki nahi wah bacche zinda hai hospital ki responsibility hai vishal ko sahi karna baki zinda zinda vyakti ko mara bata dena is hisab se jali ki government kejriwal ne faisla liya hai ki nahi max hospital ke license ko radd kar dena chahiye bilkul sahi hai isse unhen chahiye yeh seekh milegi ki aage se aisi galti na karen

जिया मैक्स हॉस्पिटल की लाइसेंस को रद्द करने का केजरीवाल का जो फैसला है वह बिल्कुल सही है क

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से यह बिल्कुल सही डिसीजन था की , मैक्स अस्पताल की जितनी भी लाइन है उन सब को रद्द कर देना चाहिए l केजरीवाल ने यह फैसला बिल्कुल सही लिया था, क्योंकि यह लोगों को गुमराह करती है, यही ऐसे ही अस्पतालों ऐसी ही लापरवाहीयाँ जो अस्पताल करते हैं, यही एक बहुत बड़ा रीजन बनते हैं, बहुत बड़ा कारण बनते हैं, जिसके कारण हम जैसे आम लोग अस्पतालों पर भरोसा नहीं कर पाते और अपने इलाज के लिए इन इन पे डिपेंडेंट नहीं हो पाता l मेरे हिसाब से जो इन्होंने काम कर रहा है, अस्पताल रद्द के साथ-साथ इन लोगों को इनका फाइन भी लगना चाहिए और इन्हें और भी भुगतान करना चाहिए क्योंकि यह सिर्फ एक लापरवाही नहीं थी, हो सकता यह काम जानबूझकर भी करो हो , क्योंकि एक बार लापरवाही होती है, दो बार होती है हर बार लापरवाही भी नहीं होती है l तो यह डिसीजन तो बिल्कुल ही सही था मेरे हिसाब से तो इनको कुछ और भी इस पे कठिन फैसले लेने चाहिए l

mere hisab se yeh bilkul sahi decision tha ki , max aspatal ki jitni bhi line hai un sab ko radd kar dena chahiye l kejriwal ne yeh faisla bilkul sahi liya tha kyonki yeh logo chahiye ko gumrah karti hai yahi aise hi aspataalon aisi hi laparavahiyan jo aspatal karte hain yahi ek bahut bada reason bante hain bahut bada kaaran bante hain jiske kaaran hum jaise aam log aspataalon par bharosa nahi kar paate aur apne ilaj ke liye in in pe dependent nahi ho pata l mere hisab se jo inhone kaam kar raha hai aspatal radd ke saath saath in logo chahiye ko inka fine bhi lagna chahiye aur inhen chahiye aur bhi bhugtan karna chahiye kyonki yeh sirf ek laparwahi nahi thi ho sakta yeh kaam janbujhkar bhi karo ho , kyonki ek baar laparwahi hoti hai do baar hoti hai har baar laparwahi bhi nahi hoti hai l to yeh decision to bilkul hi sahi tha mere hisab se to inko kuch aur bhi is pe kathin faisle lene chahiye l

मेरे हिसाब से यह बिल्कुल सही डिसीजन था की , मैक्स अस्पताल की जितनी भी लाइन है उन सब को रद्

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