आर.एस.एस को समाप्त करने का तरीका क्या है?...


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Abrar Ahmad

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बिल्कुल आप जो कह रहे हैं शायद आपने एक बार सोचा नहीं है इसलिए अपनी सवाल को किया आपने पूछा है कि आ रहे थे कुछ समाप्त अजब जो है कि कैसे मतलब किया जा सकता है क्या सोचे आप एक बार भी की r.s.s. है क्या चीज आपने आर एस एस की गहराइयों को पढ़ा है अगर मैं समझता हूं कि आपने सही से ढंग से नहीं पढ़ा है तो यह आपकी कमी नहीं है बल्कि देश के प्रति तो मैं नहीं कह सकता लेकिन समाज के प्रति किसी एक ऐसे संस्थान के प्रति एक भड़काऊ और भ्रामक तथ्य है जिसको आप को गहन अध्ययन करना चाहिए सबसे बड़ी चीज है कि हमारे देश की बहुत बड़ी कमी है लोग कहते हैं कि आपका कौवा कान ले करके चला गया लोग कान को टटोल ते नहीं और कौवा के पीछे भागते रहते कौवा इतना फास्ट है उसकी उड़ान इतनी तेज है कि आप उसके पीछे दौड़ते रह जाएंगे जिंदगी भर मगर कुछ नहीं पाएंगे और आपके लायक आर्ची परश्या जाएगी और आप खत्म हो जाएंगे मगर वह कौवा हकनी सबसे बड़ी गंदी सोच है हमारे देश हम कभी यह नहीं सोचते कि आखिर किस पर है उसकी रोशनी को हम किस तरह से हमें किसी की पर्सनल स्टेटमेंट पर जाने की जरूरत नहीं होती पर केमिकल सिटीजन करने की जरूरत है कि वास्तव में हम भी सच में किया क्या है आर एस एस एस लोगों को सही सांस्कृतिक विविधता में पढ़ने की कोशिश करती है कि गलती से भी अहिंसा के मार्ग ना खुले अब लोग उसे किस नजरिए से देखते हैं यह सबसे बड़ी बात तो मैं कहूंगा कि पहले नंबर आपको गहन अध्ययन करने की जरूरत है यद्यपि उसके बाद कहीं आपको कमी नजर आती है तो उसको डिस्कशन करने के बाद आप उसको समाप्त करने की विचार ला सकते हैं लेकिन आरएसएस को डायरेक्ट खत्म करने का माजरा बिल्कुल भी सत्य नहीं है और ऐसा कभी हो भी नहीं सकता धन्यवाद

haan bilkul aap jo keh rahe hain shayad aapne ek baar socha nahi hai isliye apni sawaal ko kiya aapne poocha hai ki aa rahe the kuch samapt ajab jo hai ki kaise matlab kiya ja sakta hai kya soche aap ek baar bhi ki r s s hai kya cheez aapne R s s ki gaharaiyon ko padha hai agar main samajhata hoon ki aapne sahi se dhang se nahi padha hai toh yah aapki kami nahi hai balki desh ke prati toh main nahi keh sakta lekin samaj ke prati kisi ek aise sansthan ke prati ek bhadkau aur bhramak tathya hai jisko aap ko gahan adhyayan karna chahiye sabse badi cheez hai ki hamare desh ki bahut badi kami hai log kehte hain ki aapka kauwa kaan le karke chala gaya log kaan ko tatol te nahi aur kauwa ke peeche bhagte rehte kauwa itna fast hai uski udaan itni tez hai ki aap uske peeche daudte reh jaenge zindagi bhar magar kuch nahi payenge aur aapke layak archi parashya jayegi aur aap khatam ho jaenge magar vaah kauwa hakani sabse badi gandi soch hai hamare desh hum kabhi yah nahi sochte ki aakhir kis par hai uski roshni ko hum kis tarah se hamein kisi ki personal statement par jaane ki zarurat nahi hoti par chemical citizen karne ki zarurat hai ki vaastav mein hum bhi sach mein kiya kya hai R s s s logo ko sahi sanskritik vividhata mein padhne ki koshish karti hai ki galti se bhi ahinsa ke marg na khule ab log use kis nazariye se dekhte hain yah sabse badi baat toh main kahunga ki pehle number aapko gahan adhyayan karne ki zarurat hai yadyapi uske baad kahin aapko kami nazar aati hai toh usko discussion karne ke baad aap usko samapt karne ki vichar la sakte hain lekin R ko direct khatam karne ka majara bilkul bhi satya nahi hai aur aisa kabhi ho bhi nahi sakta dhanyavad

हां बिल्कुल आप जो कह रहे हैं शायद आपने एक बार सोचा नहीं है इसलिए अपनी सवाल को किया आपने पू

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Manish Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी चीज का कोई अंत तो हम डायरेक्टली नहीं कर सकते कि एक सॉन्ग बन चुका है और यह देश की रीड हिंदूवादी तौर पर यदि मैं सोचता हूं तो देश की रीढ़ है लेकिन इसका हमें अंत करना चाहिए क्योंकि हमारा एक देश प्रजातंत्र देश और उसमें सभी जाति और सभी धर्म संप्रदाय भारतवर्ष को हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में भाई-भाई का नारा है और एकता का प्रतीक है तो इसके लिए मैं चाहता हूं कि ऐसे कोई भी आश्चर्य से सोच है कोई मुस्लिम धर्म से कोई बहुत दृष्टि या कोई कोई भी कोई संग निकलता है एक जो एक अपने धर्म के लिए काम करता है तो वह नहीं अग्रसर नहीं होनी चाहिए उनका सब का समापन होना चाहिए

kisi cheez ka koi ant toh hum directly nahi kar sakte ki ek song ban chuka hai aur yah desh ki read hinduvaadi taur par yadi main sochta hoon toh desh ki reedh hai lekin iska hamein ant karna chahiye kyonki hamara ek desh prajatantra desh aur usme sabhi jati aur sabhi dharm sampraday bharatvarsh ko hindu muslim sikh isai aapas mein bhai bhai ka naara hai aur ekta ka prateek hai toh iske liye main chahta hoon ki aise koi bhi aashcharya se soch hai koi muslim dharm se koi bahut drishti ya koi koi bhi koi sang nikalta hai ek jo ek apne dharm ke liye kaam karta hai toh vaah nahi agrasar nahi honi chahiye unka sab ka samapan hona chahiye

किसी चीज का कोई अंत तो हम डायरेक्टली नहीं कर सकते कि एक सॉन्ग बन चुका है और यह देश की रीड

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Moazam Khan

Politician, Social Worker

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Lalit Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

थोड़ी दूर करना चाहते हैं फोटो देखता है उधर से बात करने का मतलब

thodi dur karna chahte hain photo dekhta hai udhar se baat karne ka matlab

थोड़ी दूर करना चाहते हैं फोटो देखता है उधर से बात करने का मतलब

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Pankaj Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई थोड़ी नहीं है क्योंकि वह ना आप दूसरे माहौल से देखते हैं आप दूसरे एंगल से देखते हैं उसी को प्यारे कैसे हो बच्चों जितना वह सहायता करता है लोगों के प्रति बिना धन बिना किसी जांच बिना किसी बात के बिना कोई अगर आप अच्छा काम कर रहे हैं ठीक है और अगर आप आप अच्छा काम कर रहे हैं और अगर आपके साथ कुछ बात ही जुड़ जाती है तो ऐसा नहीं होता है कि आप उस पार्टी के हो आपको पार्टी का एजेंडा अलग है और मेरा चिंता अलग है

koi thodi nahi hai kyonki vaah na aap dusre maahaul se dekhte hain aap dusre Angle se dekhte hain usi ko pyare kaise ho baccho jitna vaah sahayta karta hai logo ke prati bina dhan bina kisi jaanch bina kisi baat ke bina koi agar aap accha kaam kar rahe hain theek hai aur agar aap aap accha kaam kar rahe hain aur agar aapke saath kuch baat hi jud jaati hai toh aisa nahi hota hai ki aap us party ke ho aapko party ka agenda alag hai aur mera chinta alag hai

कोई थोड़ी नहीं है क्योंकि वह ना आप दूसरे माहौल से देखते हैं आप दूसरे एंगल से देखते हैं उसी

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Ravi Chaudary

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो आ रहे थे जो टारगेट है हिंदू कैलेंडर खोना नहीं गई राकेश बेवफाई हो गए

yah toh aa rahe the jo target hai hindu calendar khona nahi gayi rakesh bewafai ho gaye

यह तो आ रहे थे जो टारगेट है हिंदू कैलेंडर खोना नहीं गई राकेश बेवफाई हो गए

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे आ रहे हो जो कि राष्ट्रीय समाज समझे उसे समाप्त करने का तरीका का कोई तरीका नहीं है क्योंकि RSS जो है वह भारतीय जनता पार्टी किसकी सरकार है उनके साथ ही अच्छे रिश्ते रखता है सही नहीं आ रही है जिसको अगर आप को समाप्त करना को तो सबसे पहले आपको काले धन को समाप्त करने का कारण चाहिए होगा और मेरे हिसाब से RSS को रोकने के कारण नहीं है क्योंकि अगर हम देखें तो जिस प्रकार से RSS ने जो है पिछले कई सालों में भारत को अच्छे-अच्छे नहीं चाहिए वह चाहे नितिन गडकरी हो या फिर नरेंद्र मोदी हो या फिर कोई भी दूसरे नेता हो तो खाना खाकर आर एस एस ने भारत को अच्छे राजनेता दिए है उसे वही नहीं यह बात भी सच है कि rss जो है वह हिंदुत्व को लेकर बहुत ही तरीके से गोल को लेता है उनका सपना है कि कोई भी जो है दूसरी फिर मना रहे तू खाना खा पर अब rss पर जो है Krrish शिक्षणशास्त्र प्रतिबंध ला सकते हो या फिर आप RSS को जो है वह बता सकते हो कि आप भी ना करे आप धर्म के खिलाफ ना जाए लेकिन rss को समाप्त काम नहीं कर सकते हो घर पर पार्सल को समाप्त करना है तो मेरी तरफ से आपको ऐसी पॉलिटिकल पार्टी लानी होगी जो कि rss के दम कट्टरवाद है और इससे एकदम नफरत करती हो और मेरे साथ तो फिलहाल में से कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं है जो कि RSS से आकर टैरो आज हो या फिर आज उसको बिलकुल पसंद करती हो चाहे कांग्रेस हो या फिर बीजेपी हो कोई भी पार्टी जो हर चीज को पूरी तरीके से जो है नफरत नहीं करती तुम मेरे साथ से RSS को समाप्त करने का कोई भी तरीका नहीं है

likhe aa rahe ho jo ki rashtriya samaj samjhe use samapt karne ka tarika ka koi tarika nahi hai kyonki RSS jo hai vaah bharatiya janta party kiski sarkar hai unke saath hi acche rishte rakhta hai sahi nahi aa rahi hai jisko agar aap ko samapt karna ko toh sabse pehle aapko kaale dhan ko samapt karne ka karan chahiye hoga aur mere hisab se RSS ko rokne ke karan nahi hai kyonki agar hum dekhen toh jis prakar se RSS ne jo hai pichle kai salon mein bharat ko acche acche nahi chahiye vaah chahen nitin gadkari ho ya phir narendra modi ho ya phir koi bhi dusre neta ho toh khana khakar R s s ne bharat ko acche raajneta diye hai use wahi nahi yah baat bhi sach hai ki R jo hai vaah hindutv ko lekar bahut hi tarike se gol ko leta hai unka sapna hai ki koi bhi jo hai dusri phir mana rahe tu khana kha par ab R par jo hai Krrish shikshanashastra pratibandh la sakte ho ya phir aap RSS ko jo hai vaah bata sakte ho ki aap bhi na kare aap dharm ke khilaf na jaaye lekin R ko samapt kaam nahi kar sakte ho ghar par parcel ko samapt karna hai toh meri taraf se aapko aisi political party lani hogi jo ki R ke dum kattarvad hai aur isse ekdam nafrat karti ho aur mere saath toh filhal mein se koi bhi raajnitik party nahi hai jo ki RSS se aakar tairo aaj ho ya phir aaj usko bilkul pasand karti ho chahen congress ho ya phir bjp ho koi bhi party jo har cheez ko puri tarike se jo hai nafrat nahi karti tum mere saath se RSS ko samapt karne ka koi bhi tarika nahi hai

लिखे आ रहे हो जो कि राष्ट्रीय समाज समझे उसे समाप्त करने का तरीका का कोई तरीका नहीं है क्यो

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Dinesh Jagtap

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरे संयुक्त राष्ट्र को समर्पित राष्ट्र की सेवा के लिए बना है हम उसके समापन का सपना देखने वाले लोगों में से नहीं है

arre sanyukt rashtra ko samarpit rashtra ki seva ke liye bana hai hum uske samapan ka sapna dekhne waale logo mein se nahi hai

अरे संयुक्त राष्ट्र को समर्पित राष्ट्र की सेवा के लिए बना है हम उसके समापन का सपना देखने व

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