ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट का मतलब क्या है और 20 AAP के MLA को क्यों निलंबित किया जा रहा है?...


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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऑफिस ऑफ प्रॉफिट बेसिक लिए दम है जोकि आर्टिकल 10216 उनके अंदर आती है इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन किसका सागर इसका सीधा सीधा मतलब अगर हम देखते हैं तो इसका मतलब यह है कि अगर आप इंडियन पार्लियामेंट के मेंबर हैं तो फिर आप ऐसे ही कोई भी एक पोस्ट से कोई एक पद पर नहीं रह सकते जो कि आपको एक फाइनेंस लि एडवांटेज नहीं है फिर आपको फाइनेंस मेरे सेट करें फाइनेंसियल वानटेड देने का मतलब है कि गलत तरीकों से फाइनेंस के एडवांटेज पिया मेरे फ्रेंड है और तो और देखो और 220 आप के MLA हैं और ऑस्ट्रेलिया ओने डिस क्वालीफाई इसलिए किया गया है क्योंकि अभी हाल ही में यह न्यूज़ में सुनने में आया है कि जो 20 MLA हैं आप पार्टी के आम आदमी पार्टी के वह ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के अंदर है तो इसलिए उन्हें डिस क्वालीफाई कर दिया गया है और यह मैसेज इन लीगल है ऑफिस ऑफ प्रॉफिट होना

dekhiye office of profit basic liye dum hai joki article 10216 unke andar aati hai indian Constitution kiska sagar iska seedha seedha matlab agar hum dekhte hain toh iska matlab yah hai ki agar aap indian parliament ke member hain toh phir aap aise hi koi bhi ek post se koi ek pad par nahi reh sakte jo ki aapko ek finance li advantage nahi hai phir aapko finance mere set kare financial vanted dene ka matlab hai ki galat trikon se finance ke advantage piya mere friend hai aur toh aur dekho aur 220 aap ke MLA hain aur austrailia one dis qualify isliye kiya gaya hai kyonki abhi haal hi mein yah news mein sunne mein aaya hai ki jo 20 MLA hain aap party ke aam aadmi party ke vaah office of profit ke andar hai toh isliye unhe dis qualify kar diya gaya hai aur yah massage in legal hai office of profit hona

देखिए ऑफिस ऑफ प्रॉफिट बेसिक लिए दम है जोकि आर्टिकल 10216 उनके अंदर आती है इंडियन कॉन्स्टिट

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:18

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए कल से हम न्यूज़ सुनना है क्या आम आदमी पार्टी के 22 MLA को अपनी सदस्यता गवानी पड़ सकती है फाइनल मेरिट अप्रूवल प्रेसिडेंट को देना है जिस प्रकार इलेक्शन कमीशन ने अपनी रिपोर्ट प्रेसिडेंट को समेट कर दिया हालांकि आम आदमी के जो भी मेंबर थे वह हाई कोर्ट गए थे लेकिन हाई कोर्ट से उनको भी कोई राहत नहीं मिली है लाभ के पद पर इन को पेंट किया गया था जो पार्लियामेंट सेक्रेटरी होते हैं उन्हें संसदीय सचिव बनाया गया था इन लोगों को संसदीय सचिव बनाने एक लाभ के पद के अंतर्गत आता है जिसकी रिपोर्ट जून में की गई थी और इलेक्शन कमीशन इन्वेस्टिगेशन की और उन को अयोग्य घोषित कर दिया हालांकि आम आदमी पार्टी का यह भी कहना है कि लाभ के संसदीय सचिव तो बनाए गए थे लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के लाभ के पद का यूज़ नहीं किया फॉर example होने सैलरी नहीं मिली गाड़ी यूज़ नहीं किनारे बंगलो यूज़ नहीं किया फिर क्यों उनकी संस्था को खत्म किया जा रहा है लेकिन प्रॉब्लम यह है कि अगर आपके लाभ का पद है या नहीं आप संसदीय सचिव हैं चाहे आप उसको यूज कीजिए उन चीजों को लेकिन आप उस सारी चीजों को लाभ के पद के अंतर्गत माना जाएगा क्योंकि संसदीय सचिव को अपॉइंट करना लाभ के पद के अंतर्गत आता है वह चाहे आप उसकी सुविधाओं को प्रयोग कीजिए चाहे उसका ना कीजिए

dekhiye kal se hum news sunana hai kya aam aadmi party ke 22 MLA ko apni sadasyata gavani pad sakti hai final merit approval president ko dena hai jis prakar election commision ne apni report president ko samet kar diya halaki aam aadmi ke jo bhi member the vaah high court gaye the lekin high court se unko bhi koi rahat nahi mili hai labh ke pad par in ko paint kiya gaya tha jo parliament secretary hote hain unhe sansadiya sachiv banaya gaya tha in logo ko sansadiya sachiv banane ek labh ke pad ke antargat aata hai jiski report june mein ki gayi thi aur election commision investigation ki aur un ko ayogya ghoshit kar diya halaki aam aadmi party ka yah bhi kehna hai ki labh ke sansadiya sachiv toh banaye gaye the lekin unhone kisi bhi tarah ke labh ke pad ka use nahi kiya for example hone salary nahi mili gaadi use nahi kinare bangalow use nahi kiya phir kyon unki sanstha ko khatam kiya ja raha hai lekin problem yah hai ki agar aapke labh ka pad hai ya nahi aap sansadiya sachiv hain chahen aap usko use kijiye un chijon ko lekin aap us saree chijon ko labh ke pad ke antargat mana jaega kyonki sansadiya sachiv ko appoint karna labh ke pad ke antargat aata hai vaah chahen aap uski suvidhaon ko prayog kijiye chahen uska na kijiye

देखिए कल से हम न्यूज़ सुनना है क्या आम आदमी पार्टी के 22 MLA को अपनी सदस्यता गवानी पड़ सकत

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चिली देखी इजी लैंग्वेज में बताती हूं ऑफिस ऑफ प्रॉफिट हमारे संविधान के अनुच्छेद 100 21 के तहत कोई भी सांसद या विधायक ऐसे किसी भी अन्य पद पर नहीं हो सकते जहां वेतन भत्ते या अन्य दूसरी तरह के फायदे मिलते हो तो अब यह चीज से लाइमलाइट में इसलिए आई है क्योंकि आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को लाभ के पद पर रहने का दोषी मानते हुए राष्ट्रपति को इन्हें अयोग्य करने की सिफारिश भेजी गई है और राष्ट्रपति इस सिफारिश को मारने के बाद आए हैं यानी कि इन 20 से 22 विधायकों को निलंबित कर दिया जाएगा जो इन पर आरोप है वह यह कि केजरीवाल सरकार ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया और वह वैसे ही हो मतलब विधायक थे वह MLA MP सब थे तो उनको यह अलग से जो दिया गया है यह जो चार्जेस कामिल ऑफिस के यह लाभ के पत्ते तो यह उनके अगेंस्ट है क्या अब सो जाओ ना अब निलंबित किया जाए करीबन 20 से 22 विधायकों के साथ ऐसा होगा और वैसे तो केजरीवाल सरकार के ऊपर कोई खतरा नहीं क्योंकि उनके पास तो बहुमत है तो उन्हें ज्यादा टेंशन की जरूरत नहीं है लेकिन एक साथ 20 विधायकों को निकाल देना पार्टी से यह बहुत बड़ी बात हो जाती है हालांकि तो सौरभ भारद्वाज है वह विधायक है आप से उन्होंने बोला जिस लाभ के पद का आरोप लगाया जा रहा है वैसा तो कुछ हुआ ही नहीं है क्या कभी किसी ने इनके पास सरकारी गाड़ी बंगला देखा आयोग ने एक भी विधायक की पक्ष नहीं सुना कैसा आयोग में नहीं अदालत में होना चाहिए ऐसा कहा सौरभ भारद्वाज ने आपसे जो अभी आने वाले समय में पता चलेगा कि क्या होगा बट मुश्किल होगा यकीन 22 से 20 विधायकों को निलंबित कर दिया जाएगा

chili dekhi easy language mein batati hoon office of profit hamare samvidhan ke anuched 100 21 ke tahat koi bhi saansad ya vidhayak aise kisi bhi anya pad par nahi ho sakte jaha vetan bhatte ya anya dusri tarah ke fayde milte ho toh ab yah cheez se limelight mein isliye I hai kyonki aam aadmi party ke 20 vidhayakon ko labh ke pad par rehne ka doshi maante hue rashtrapati ko inhen ayogya karne ki sifarish bheji gayi hai aur rashtrapati is sifarish ko maarne ke baad aaye hai yani ki in 20 se 22 vidhayakon ko nilambit kar diya jaega jo in par aarop hai vaah yah ki kejriwal sarkar ne 21 vidhayakon ko sansadiya sachiv banaya aur vaah waise hi ho matlab vidhayak the vaah MLA MP sab the toh unko yah alag se jo diya gaya hai yah jo Charges kaamil office ke yah labh ke patte toh yah unke against hai kya ab so jao na ab nilambit kiya jaaye kariban 20 se 22 vidhayakon ke saath aisa hoga aur waise toh kejriwal sarkar ke upar koi khatra nahi kyonki unke paas toh bahumat hai toh unhe zyada tension ki zarurat nahi hai lekin ek saath 20 vidhayakon ko nikaal dena party se yah bahut baadi baat ho jaati hai halaki toh saurabh bhardwaj hai vaah vidhayak hai aap se unhone bola jis labh ke pad ka aarop lagaya ja raha hai waisa toh kuch hua hi nahi hai kya kabhi kisi ne inke paas sarkari gaadi bangla dekha aayog ne ek bhi vidhayak ki paksh nahi suna kaisa aayog mein nahi adalat mein hona chahiye aisa kaha saurabh bhardwaj ne aapse jo abhi aane waale samay mein pata chalega ki kya hoga but mushkil hoga yakin 22 se 20 vidhayakon ko nilambit kar diya jaega

चिली देखी इजी लैंग्वेज में बताती हूं ऑफिस ऑफ प्रॉफिट हमारे संविधान के अनुच्छेद 100 21 के त

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट जो एक ऐसा गांव है जो कि यूज किया जाता है ना सो कॉन्स्टिट्यूशन द्वारा रोड को एक सिक्योरिटी सिक्योरिटी सिक्योरिटी अपॉइंटमेंट अगर हम भारतीय लोग के दोनों 102 के मुताबिक ऑफिस ऑफ प्रॉफिट एक कर रखना जो है 1 गुना है और खाना कहां पर उंगली रखो करता है स्टेट और सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा आंखों को दिया इलेक्शन कमीशन ने जो है इस को दोषी ठहराया गया है और भी साफ आम आदमी के पार्टी के MLA जनों ने यह किया था तो जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया है

vicky office of profit jo ek aisa gaon hai jo ki use kiya jata hai na so Constitution dwara road ko ek Security Security Security appointment agar hum bharatiya log ke dono 102 ke mutabik office of profit ek kar rakhna jo hai 1 guna hai aur khana kahaan par ungli rakho karta hai state aur central government ke dwara aankho ko diya election commision ne jo hai is ko doshi thehraya gaya hai aur bhi saaf aam aadmi ke party ke MLA jano ne yah kiya tha toh jiske karan unhe nilambit kiya gaya hai

विकी ऑफिस ऑफ प्रॉफिट जो एक ऐसा गांव है जो कि यूज किया जाता है ना सो कॉन्स्टिट्यूशन द्वारा

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट क्या होता है यह हम कुछ उदाहरण लेकर के समझ सकते हैं पहला यह है कि सरकार नियुक्ति को नियंत्रित करती है व्यक्तियों को हटाने या उनके पर्फॉर्मेंस को नियंत्रित करती है तू इसे एक ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का पद माना जाता है और दूसरा यह है कि अगर इस पद के साथ तनख्वाह या फिर कोई भी मेहनत आना जुड़ा हो तो यह भी लाभ के पद का मामला बनता है तीसरा है कि अगर जिस जगह या नियुक्ति हुई है वहां सरकार की ऐसी ताकत हो जिसमें वह फंड रिलीज कर सकती है या फिर जमीन का आवंटन कर सकती या फिर लाइसेंस दे सकती है यह सारी चीजें अगर शामिल है तो इस से भी लाभ का पद माना जाता है और चौथा है कि अगर ऐसा पदों की वह किसी के निर्णय को प्रभावित कर सकता है तो उसे भी लाभ का पद माना जाता है अब अरविंद केजरीवाल की पार्टी दिल्ली में भ्रष्टाचार के विरोध में खड़ी होकर के लोगों का वोट लेकर सत्ता में आई थी लेकिन अब सदाचार पर भ्रष्टाचार के आरोप खुद ही लगे रहे हैं अब उनके बीच विधायकों को लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की हैं और अगर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी की मोहर लगती है तो इन 20 विधायकों की सदस्यता खत्म हो जाएगी तो जैसे कि अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एलान-ए-जंग कर दिया था और आम आदमी पार्टी और यही सारे मुद्दों को लेकर के दिल्ली के जनता का दिल जीत कर और सत्ता में आई थी तो अब इस तरह के अगर भ्रष्टाचार के मामले उनकी सरकार में खुद आ रही है तो फिर अगले चुनाव में हो सकता है कि दिल्ली की जनता उन्हें ज्यादा वोट ना करें और वह चुनाव हार जाएं

office of profit kya hota hai yah hum kuch udaharan lekar ke samajh sakte hain pehla yah hai ki sarkar niyukti ko niyantrit karti hai vyaktiyon ko hatane ya unke parfarmens ko niyantrit karti hai tu ise ek office of profit ka pad mana jata hai aur doosra yah hai ki agar is pad ke saath tankhvaah ya phir koi bhi mehnat aana juda ho toh yah bhi labh ke pad ka maamla banta hai teesra hai ki agar jis jagah ya niyukti hui hai wahan sarkar ki aisi takat ho jisme vaah fund release kar sakti hai ya phir jameen ka aawantan kar sakti ya phir license de sakti hai yah saree cheezen agar shaamil hai toh is se bhi labh ka pad mana jata hai aur chautha hai ki agar aisa padon ki vaah kisi ke nirnay ko prabhavit kar sakta hai toh use bhi labh ka pad mana jata hai ab arvind kejriwal ki party delhi mein bhrashtachar ke virodh mein khadi hokar ke logo ka vote lekar satta mein I thi lekin ab sadachar par bhrashtachar ke aarop khud hi lage rahe hain ab unke beech vidhayakon ko labh ke pad ke mamle mein chunav aayog ne ayogya ghoshit karne ki sifarish ki hain aur agar rashtrapati ramnath kovind ji ki mohar lagti hai toh in 20 vidhayakon ki sadasyata khatam ho jayegi toh jaise ki arvind kejriwal ne bhrashtachar ke khilaf elaan a jung kar diya tha aur aam aadmi party aur yahi saare muddon ko lekar ke delhi ke janta ka dil jeet kar aur satta mein I thi toh ab is tarah ke agar bhrashtachar ke mamle unki sarkar mein khud aa rahi hai toh phir agle chunav mein ho sakta hai ki delhi ki janta unhe zyada vote na kare aur vaah chunav haar jayen

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट क्या होता है यह हम कुछ उदाहरण लेकर के समझ सकते हैं पहला यह है कि सरकार निय

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