हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म आधार पर वोट देते हैं। क्यों?...


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Dharmendra Singh

Govt officer

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हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट देते हैं क्यों आपके प्रश्न बहुत अच्छा है हम शिक्षित हैं तो हमें धर्म नहीं बल्कि अपने देश की परिस्थितियों के हिसाब से और जो सरकार हमें अपने देश को आगे ले जाने में मदद करें उसकी नीतियों के आधार पर हमें वोट करना चाहिए धर्म के आधार पर वोट नहीं करना चाहिए गलत है

hum log educated hote hue bhi dharm ke aadhar par vote dete hain kyon aapke prashna bahut accha hai hum shikshit hain toh hamein dharm nahi balki apne desh ki paristhitiyon ke hisab se aur jo sarkar hamein apne desh ko aage le jaane me madad kare uski nitiyon ke aadhar par hamein vote karna chahiye dharm ke aadhar par vote nahi karna chahiye galat hai

हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट देते हैं क्यों आपके प्रश्न बहुत अच्छा है ह

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umesh tripathi

सकारात्मक सोच

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जो आपका कहने का तात्पर्य है कि आज की रेट होते भी आधार धर्म के आधार पर वोट देते हैं क्योंकि हमारा जो देश है और धर्मनिरपेक्ष देश है यहां व्यक्ति को एक दूसरे से ना जोड़कर जाति किस धर्म के आधार पर जोड़ा जाता है अभी आप ने हाल ही के दिनों में देखा होगा कि कितने केस हुए गुरु ना किस जाति के धर्म के आधार पर हुए अगर यही देश की प्रणाली होती कि इसमें हम यह कह सकते थे कि यह सभी व्यक्ति हिंदू होते तो कोई बात ही नहीं थी लेकिन यह व्यक्ति विशेष कह सकते हैं कि यह खुद को हिंदू नहीं मानते भारत में रहने वाले अपने को जाति के आधार पर मानते हैं कोई कहता में हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हो इसलिए यह सारे कारण होते हैं हम लोग सिगरेट होते भी धर्म के घर को वोट देते हैं क्योंकि कोई यादव है कोई मोदी है कोई सुलेमान है कोई उस्मान है कोई सिंह है तो कोई कष्ट करें अगर सभी एक व्यक्ति एक मत से यह कहते कि हम हिंदू हैं हिंदुस्तान के बाशिंदे हैं तो यह बात ही उत्पन्न ना होती मेन कारण यह है कि आज 30 आजादी के इतने साल बाद भी हम इंडियन नहीं है हम मुस्लिम हिंदू सिख इसाई इस आधार पर बैठे हुए हैं कहीं कोई मरता है कहते हैं मुसलमान मर गया या हिंदू मर क्या सीख मर गया ऐसा ही मर गया कोई यह नहीं कहता कि हिंदुस्तान का एक बंदा कम हो गया इसका यह कारण है पॉलीटिकल जबकि पॉलिटिक्स जिस मोजा से अलग नहीं होगी तब तक हम अपने देश के प्रति सच्चे ईमानदार व्यक्ति नहीं बन सकते चाहे इसे एजुकेटेड हो चुकी स्कूल कॉलेज इसमें भी स्कूल तो नहीं कह सकते कॉलेज इसमें या उससे ऊपर जब हो जाएंगे तो उसमें राजनीति से जुड़ जाते हैं हर एक स्कूल के स्टूडेंट दिल्ली ले लीजिए जय भारत के किसी भी हिस्से में ले लीजिए सभी राजनीति से जुड़े हुए छात्र छात्राएं होती हैं आज आज के युग में इसलिए सिगरेट होते हुए भी हम धर्म के आधार पर बैठे हुए हैं वोट यादव ए तो यादों को देगा ब्राह्मण है तो ब्राह्मण को देगा सामान दामण को दे ना दे जीने कह सकते लेकिन यादव हो गया या आप अन्य किसी भी जाति के लिए लीजिए सुलेमान उस्मान या परमेंद्र सिंह या अन्य कोई भी धर्म के आधार पर जाति के सरूपेटा वशीकरण हम आज भी कितने साल बाद भी एक शक्ति के रूप में मरने के बाद भी केवल विकसित देशों की गिनती में गिने जाते हैं ओलंपिक हो या कोई भी अन्य गेम उसमें हमारा जो नंबर होता है वह अन्य छोटे देशों की गणना में बहुत ही कम होता है विकास हो रहा है लेकिन विकास के साथ-साथ मानसिक विकास नहीं हो रहा है जब तक मानसिक विकास नहीं होगा जब तक तब तक देश का विकास नहीं होगा पढ़े-लिखे लोग बहुत से देश को छोड़ कर चल क्योंकि वह धर्म जाति में नहीं पड़ना चाहते हैं किसी भी विदेशी मुल्क में देखेगा आप कोई भी बाशिंदा होता है तो वह देश के लिए खेलता है उस जाति के लिए नहीं खेलता धर्म के लिए नहीं खेलता हमारे देश में कोई जीता है तो कहते हैं कि हरियाणा का बंदा किसकी है यह पंजाब का जीत गया यह प्रखंड का जल गया उत्तर उत्तर प्रदेश का जीत गया मुंबई का जिसका कोई नहीं कहता कि भारत की तरफ से इस बंदे ने नाम रोशन किया इसलिए मैं यह कहूंगा जब तक हमारे मानसिक विकास नहीं होगा तब तक हम देख का विकास नहीं कर सकते इसीलिए आपको अपने देश के विकास की ओर देखना पड़ेगा तभी आप एक देश के सच्चे नागरिक बन सकते हैं अभी इतना सरकारी पाबंद की पाबंदी के बावजूद आप देख रहे हैं कि लोग नियम तोड़ते हैं लोग डाउन लगा हुआ है लेकिन नहीं इंसान नियम तोड़ता है कि कि उस बंदे को यह नहीं पता है कि नियम क्या है नियम इसलिए नहीं पता है क्योंकि वो रोजमर्रा की अपनी जरूरतें हैं उनको पूरा नहीं कर पाता दूसरा क्या है कि कोई धार्मिक गुरु से जुड़ा है कोई किसी व्यक्ति से जुड़ा है व्यक्ति विशेष से जुड़ा है इसलिए भी वह अपने देश के प्रति समर्पित नहीं हो सकता जब तक हम अपने देश के प्रति समर्पित नहीं होंगे तब तक हम इसी प्रकार धर्म के आधार पर वोट देते रहेंगे हम सभी को एक होना होगा क्या हम तभी एक होंगे जब कोई अन्य मुल्क हमारे देश पर कब्जा करेगा नहीं हमें एक होना पड़ेगा इसके लिए हमें हमारी सोच को थोड़ा बढ़ाना पड़ेगा जब तक सोच नहीं होगी तब तक खोज नहीं होगी खोज तभी होगी जब सोच में परिवर्तन होगा सोच में परिवर्तन हमारी उन्नति का आधार है इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि आप एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट ना देकर व्यक्ति को वोट दें जिससे देश का सर्वागीण विकास हो सके भूटान जैसे देश में व्यक्ति जब तक एजुकेटेड नाउ कोई परीक्षा या एग्जाम क्लियर ना करें वह किसी कोई एमएलए या कुछ नहीं कोई भी अच्छे हो देवी नहीं पहुंच सकता हमारे देश में राजनीति जो है देश को चला रहे हैं लेकिन उसके लिए एक शिक्षा प्रणाली का किया जाना बहुत ही उत्तम है जिससे कि एक सुदृढ़ भारत का विकास हो सके भारत का विकास तभी होगा जब एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति उस पौधे पर बैठेगा एक व्यक्ति जो आईएएस पीसीएस की तैयारी करने के बावजूद एक अनपढ़ नेता की बात सुनता है तो यह देश का दुर्भाग्य है हमारे देश में जो है आरक्षण या शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए हमें अपने मां हमें अब खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना होगा जब हम मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाएंगे तभी हम देश केसरवानी विकास में अपना योगदान दे सकते हैं इसीलिए हम मेरा सभी से अनुरोध है कि आप व्यक्ति विशेष को ध्यान दीजिए पढ़े-लिखे व्यक्ति को ध्यान दीजिए ताकि हमारे देश का सरवन की सर्वोत्तम विकास हो सके धन्यवाद

dekhiye jo aapka kehne ka tatparya hai ki aaj ki rate hote bhi aadhar dharm ke aadhar par vote dete hain kyonki hamara jo desh hai aur dharmanirapeksh desh hai yahan vyakti ko ek dusre se na jodkar jati kis dharm ke aadhar par joda jata hai abhi aap ne haal hi ke dino me dekha hoga ki kitne case hue guru na kis jati ke dharm ke aadhar par hue agar yahi desh ki pranali hoti ki isme hum yah keh sakte the ki yah sabhi vyakti hindu hote toh koi baat hi nahi thi lekin yah vyakti vishesh keh sakte hain ki yah khud ko hindu nahi maante bharat me rehne waale apne ko jati ke aadhar par maante hain koi kahata me hindu muslim sikh isai ho isliye yah saare karan hote hain hum log cigarette hote bhi dharm ke ghar ko vote dete hain kyonki koi yadav hai koi modi hai koi suleman hai koi usman hai koi Singh hai toh koi kasht kare agar sabhi ek vyakti ek mat se yah kehte ki hum hindu hain Hindustan ke bashinde hain toh yah baat hi utpann na hoti main karan yah hai ki aaj 30 azadi ke itne saal baad bhi hum indian nahi hai hum muslim hindu sikh isai is aadhar par baithe hue hain kahin koi marta hai kehte hain musalman mar gaya ya hindu mar kya seekh mar gaya aisa hi mar gaya koi yah nahi kahata ki Hindustan ka ek banda kam ho gaya iska yah karan hai political jabki politics jis moja se alag nahi hogi tab tak hum apne desh ke prati sacche imaandaar vyakti nahi ban sakte chahen ise educated ho chuki school college isme bhi school toh nahi keh sakte college isme ya usse upar jab ho jaenge toh usme raajneeti se jud jaate hain har ek school ke student delhi le lijiye jai bharat ke kisi bhi hisse me le lijiye sabhi raajneeti se jude hue chatra chatrae hoti hain aaj aaj ke yug me isliye cigarette hote hue bhi hum dharm ke aadhar par baithe hue hain vote yadav a toh yaadon ko dega brahman hai toh brahman ko dega saamaan daman ko de na de jeene keh sakte lekin yadav ho gaya ya aap anya kisi bhi jati ke liye lijiye suleman usman ya parmendra Singh ya anya koi bhi dharm ke aadhar par jati ke 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isliye aapko apne desh ke vikas ki aur dekhna padega tabhi aap ek desh ke sacche nagarik ban sakte hain abhi itna sarkari paband ki pabandi ke bawajud aap dekh rahe hain ki log niyam todte hain log down laga hua hai lekin nahi insaan niyam todta hai ki ki us bande ko yah nahi pata hai ki niyam kya hai niyam isliye nahi pata hai kyonki vo rozmarra ki apni jaruratein hain unko pura nahi kar pata doosra kya hai ki koi dharmik guru se juda hai koi kisi vyakti se juda hai vyakti vishesh se juda hai isliye bhi vaah apne desh ke prati samarpit nahi ho sakta jab tak hum apne desh ke prati samarpit nahi honge tab tak hum isi prakar dharm ke aadhar par vote dete rahenge hum sabhi ko ek hona hoga kya hum tabhi ek honge jab koi anya mulk hamare desh par kabza karega nahi hamein ek hona padega iske liye hamein hamari soch ko thoda badhana padega jab tak soch nahi hogi tab tak khoj nahi hogi khoj tabhi hogi jab soch me parivartan hoga soch me parivartan hamari unnati ka aadhar hai isliye aap sabhi 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dijiye taki hamare desh ka sarvan ki sarvottam vikas ho sake dhanyavad

देखिए जो आपका कहने का तात्पर्य है कि आज की रेट होते भी आधार धर्म के आधार पर वोट देते हैं क

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Pandit Prem

शायर, पुस्तक संपादक

1:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों यह विडंबना है कि हम लोग भारतीय लोग एकजुट होते हुए भी धर्म क्षेत्रवाद भाषावाद जातिवाद और वोट देते हैं और उसका नतीजा यह है कि चंद लोग जो गलत होते हैं जो जो पढ़ाई भी नहीं करते हो शुरू से ही गुंडागर्दी और राजनीति करते हैं शुरू से ही अलगाव फैलाते हैं वह बाद में हमारे मंत्री बन जाते हैं यह हमारा दुर्भाग्य ही कहेंगे कि हम पूरा बा खंड भारत के होते हुए भी जाति धर्म संप्रदाय और पता नहीं किस-किस चीजों पर क्षेत्रवाद भाषावाद जैसी चीजों पर वोट देते हैं या ताकत को देखकर वोट देते हैं जरा से लालच में आकर वोट देते यह बहुत ही गलत है जिस दिन यह रुक जाएगा जिस दिन न्याय के प्रति इतने अच्छे व्यक्ति के प्रति लोग समर्पित होने लगेंगे उसे वोट देकर उसे संसद तक में जाने लगेंगे उस दिन हमारे देश में सुधार आने शुरू हो जाएंगे धन्यवाद

namaskar doston yah widambana hai ki hum log bharatiya log ekjut hote hue bhi dharm kshetravad bhashawad jaatiwad aur vote dete hain aur uska natija yah hai ki chand log jo galat hote hain jo jo padhai bhi nahi karte ho shuru se hi gundagardi aur raajneeti karte hain shuru se hi alagav failate hain vaah baad me hamare mantri ban jaate hain yah hamara durbhagya hi kahenge ki hum pura ba khand bharat ke hote hue bhi jati dharm sampraday aur pata nahi kis kis chijon par kshetravad bhashawad jaisi chijon par vote dete hain ya takat ko dekhkar vote dete hain zara se lalach me aakar vote dete yah bahut hi galat hai jis din yah ruk jaega jis din nyay ke prati itne acche vyakti ke prati log samarpit hone lagenge use vote dekar use sansad tak me jaane lagenge us din hamare desh me sudhaar aane shuru ho jaenge dhanyavad

नमस्कार दोस्तों यह विडंबना है कि हम लोग भारतीय लोग एकजुट होते हुए भी धर्म क्षेत्रवाद भाषाव

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट क्यों देते हैं क्योंकि यह नेताओं का इमोशनल ब्लैक लिंग करते हैं एवं समाज को धीमे एवं धर्म में बांटकर लोगों की इमोशनल पैदा करते हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के मंदिर मस्जिद ऊंच नीच जाति प्रथा के आधार पर लोगों को इमोशनल ब्लैकमेलिंग करता है आपने सत्ता पाने के लिए क्योंकि यह नहीं होना चाहिए भारत जब से राजनीतिक एवं राजनीतिक कारण शुरू हुआ है तब से लेकर आज तक नेताओं ने जनता को केवल ब्लैक इमोशनल ब्लैकमेलिंग करके ही सत्ता हासिल की है परंतु अब भारत की जनसंख्या के आधार में एवं अनुपात में शिक्षित लोगों की संख्या बढ़ रही हैं इस प्रकार आगे चलकर यह जो धर्म के आधार पर वोट मांगना कहीं ना कहीं बंद होना ही है

aapka prashna hai ki hum log educated hote hue bhi dharm ke aadhar par vote kyon dete hain kyonki yah netaon ka emotional black ling karte hain evam samaj ko dhime evam dharm me bantakar logo ki emotional paida karte hain jisme vibhinn prakar ke mandir masjid unch neech jati pratha ke aadhar par logo ko emotional blaikameling karta hai aapne satta paane ke liye kyonki yah nahi hona chahiye bharat jab se raajnitik evam raajnitik karan shuru hua hai tab se lekar aaj tak netaon ne janta ko keval black emotional blaikameling karke hi satta hasil ki hai parantu ab bharat ki jansankhya ke aadhar me evam anupat me shikshit logo ki sankhya badh rahi hain is prakar aage chalkar yah jo dharm ke aadhar par vote maangna kahin na kahin band hona hi hai

आपका प्रश्न है कि हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट क्यों देते हैं क्योंकि य

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भारत के लोग जी की तरफ से नहीं है अभी एजुकेशन है पहले से ज्यादा कमोडिटी एजुकेटेड है वह भी धर्म के अनुसार करते हैं क्योंकि यह किसी कम्युनिटी के परिजन के बेसिस पर कई बार वोटिंग रही है लेकिन मुझे लगता है कि नहीं तुमको सिर्फ तुम दूर हो पॉलिटिकल पार्टी को कितने वोट चाहिए उनको काफी समझदार भी होंगे ज्यादा बढ़ती जा रही है अब आपको ग्लोबल ट्रेन पता चल जाता है सोशल मीडिया सिंह की बेटी और रेलवे स्टेशन

bharat ke log ji ki taraf se nahi hai abhi education hai pehle se zyada commodity educated hai vaah bhi dharm ke anusaar karte hain kyonki yah kisi community ke parijan ke basis par kai baar voting rahi hai lekin mujhe lagta hai ki nahi tumko sirf tum dur ho political party ko kitne vote chahiye unko kaafi samajhdar bhi honge zyada badhti ja rahi hai ab aapko global train pata chal jata hai social media Singh ki beti aur railway station

भारत के लोग जी की तरफ से नहीं है अभी एजुकेशन है पहले से ज्यादा कमोडिटी एजुकेटेड है वह भी ध

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Mainpal Kashyap

Journalist

0:38
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बिल्कुल पहली बात तो हमने जाति और धर्म पर वोट नहीं देनी चाहिए दूसरी बात आपने सबको एक समानता और एक समझ कर वोट मांगने की रिपोर्ट भी एक समय देने की एक जाति को मानकर कभी वोट नहीं करनी चाहिए उसे हम दो लोग आपस में विद्रोह फैलता है उसे हमें क्या होता है जातिवादी भेदभाव समाप्त में बढ़ गया जिसकी वजह से हम लोगों ने इकट्ठा होकर वोट डालना कि

bilkul pehli baat toh humne jati aur dharm par vote nahi deni chahiye dusri baat aapne sabko ek samanata aur ek samajh kar vote mangne ki report bhi ek samay dene ki ek jati ko maankar kabhi vote nahi karni chahiye use hum do log aapas mein vidroh failata hai use hamein kya hota hai jativadi bhedbhav samapt mein badh gaya jiski wajah se hum logo ne ikattha hokar vote dalna ki

बिल्कुल पहली बात तो हमने जाति और धर्म पर वोट नहीं देनी चाहिए दूसरी बात आपने सबको एक समानता

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KRISHNA KUMAR SINGH

Social Activist

0:32

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार है आप क्या कर सकते हैं इसके लिए मैं अभी देखा था यूपी में वोट डालने के लिए क्या पता चला स्कोरबोर्ड ढल गया है इसके लिए कौन जिम्मेवार है भ्रष्टाचार कौन करेगा

bhrashtachar hai aap kya kar sakte hain iske liye main abhi dekha tha up mein vote dalne ke liye kya pata chala skorabord dhal gaya hai iske liye kaun jimmewar hai bhrashtachar kaun karega

भ्रष्टाचार है आप क्या कर सकते हैं इसके लिए मैं अभी देखा था यूपी में वोट डालने के लिए क्या

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दादा की सही है आज के लोग धर्म आधारित होते हैं लेकिन यह सच

dada ki sahi hai aaj ke log dharm aadharit hote hain lekin yah sach

दादा की सही है आज के लोग धर्म आधारित होते हैं लेकिन यह सच

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:60
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हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट इसलिए देते हैं कि यह राजनीति की जो है ना एकदम का ऐसा इंजेक्शन देते हैं जिससे लोग बह जाते हैं और तुरंत जातिवाद और धर्म बात की कमी पड़ जाते हैं परिणाम स्वरूप यह इनको वोट देते हैं जबकि आप देखें तो क्या छुट्टी के लिए धर्म जाति कोई मायने नहीं रखती है पर दुर्भाग्य इस बात का है कि तथाकथित राजनीतिज्ञों ने आजकल राजनीतिक पार्टियों ने धर्म जाति को इस आधार बनाकर की राजनीति चला दी है राजनीति चलती है आज धर्म के आधार पर हो जाति के आधार पर टिकट डिस्ट्रीब्यूटर करते हैं धर्म जाति के नाम पर ही राजनीतिक लोग अपने वोट लेते हैं मेरे विचार से आपका बहुत सही है कि मैं एजुकेटेड लोगों को डोंकी और जाति के पचड़े में नहीं पड़ना चाहिए उसी का कारण है कि अयोग्य राजनीतिक दलों को आज चयन कर लिया जाता है जो एक दूसरे को गालियां देते हैं एक दूसरे को हम बोलते हैं और असल जिंदगी में भी जहां तक हत्या करने में ये कोई चूक नहीं करते हैं जबकि गलत है क्योंकि किसी की पर्सनल लाइफ से कभी भी इंटरफेयर नहीं करना चाहिए उसको आंसर नहीं बोलना चाहिए विरोधी का भी एक सम्मान होता है सम्मान किया जाना चाहिए एक दूसरे के लिए और एक दूसरे को सम्मान करें जब भी कुछ हो सकता है लेकिन भारत की राजनीति को छुट्टी है भारत की राजनीति इतनी गंदी है मेरी दृष्टि में तो मैं संसार की सबसे गई नीति राजनीति भारत की मानता हूं भारत के सर्वोच्च नेता है एम्बुलेंस नेता है क नहीं लेता है यह केवल अपने भाई भतीजा वाद करते हैं और अपनी छोटी छावनी चलाते हैं

hum log educated hote hue bhi dharm ke aadhaar par vote isliye dete hain ki yah raajneeti ki jo hai na ekdam ka aisa injection dete hain jisse log wah jaate hain aur turant jaatiwad aur dharm baat ki kami pad jaate hain parinam swaroop yah inko vote dete hain jabki aap dekhen toh kya chhutti ke liye dharm jati koi maayne nahi rakhti hai par durbhagya is baat ka hai ki tathakathit rajaneetigyon ne aajkal raajnitik partiyon ne dharm jati ko is aadhaar banakar ki raajneeti chala di hai raajneeti chalti hai aaj dharm ke aadhaar par ho jati ke aadhaar par ticket distributor karte hain dharm jati ke naam par hi raajnitik log apne vote lete hain mere vichar se aapka bahut sahi hai ki main educated logo ko donkey aur jati ke pachade mein nahi padhna chahiye usi ka karan hai ki ayogya raajnitik dalon ko aaj chayan kar liya jata hai jo ek dusre ko galiya dete hain ek dusre ko hum bolte hain aur asal zindagi mein bhi jaha tak hatya karne mein ye koi chuk nahi karte hain jabki galat hai kyonki kisi ki personal life se kabhi bhi intarafeyar nahi karna chahiye usko answer nahi bolna chahiye virodhi ka bhi ek sammaan hota hai sammaan kiya jana chahiye ek dusre ke liye aur ek dusre ko sammaan kare jab bhi kuch ho sakta hai lekin bharat ki raajneeti ko chhutti hai bharat ki raajneeti itni gandi hai meri drishti mein toh main sansar ki sabse gayi niti raajneeti bharat ki manata hoon bharat ke sarvoch neta hai ambulance neta hai k nahi leta hai yah keval apne bhai bhatija vad karte hain aur apni choti chavani chalte hain

हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट इसलिए देते हैं कि यह राजनीति की जो है ना ए

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Markandey Pandey

Senior Journalist

0:39
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धार्मिक आधार पर वोट नहीं देना चाहिए और धरना तो पर्सनल मामला है धर्म के आधार पर किसी को वोट नहीं देना चाहिए यह लोगों के अंदर एजुकेशन और जागरूकता आने के लिए लोगों की सबसे बड़ी बात नेताओं को भी इसमें कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए धर्म के आधार पर राजनीति होनी चाहिए वास्तव में भर्ती कराया आज का इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक हो रहा है एंप्लॉयमेंट हो रहा है यह सब चीजें देखकर लोगों को वोट देने धर्म की राजनीति

dharmik aadhaar par vote nahi dena chahiye aur dharna toh personal maamla hai dharm ke aadhaar par kisi ko vote nahi dena chahiye yah logo ke andar education aur jagrukta aane ke liye logo ki sabse badi baat netaon ko bhi isme koi raajneeti nahi karni chahiye dharm ke aadhaar par raajneeti honi chahiye vaastav mein bharti raya aaj ka infrastructure theek ho raha hai employment ho raha hai yah sab cheezen dekhkar logo ko vote dene dharm ki raajneeti

धार्मिक आधार पर वोट नहीं देना चाहिए और धरना तो पर्सनल मामला है धर्म के आधार पर किसी को वोट

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Rampal Meghwal

Indian Politician

0:51
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इस आदमी मोटा होता है कोई साधारण व्यक्ति किस प्रकार किया जाता है जिससे जिस को सुविधा हो उस देश के प्रति समाज के प्रकार का होता है और प्रत्यय को जानता है जिसमें उस समाज का भला मन की रक्षा किस प्रकार का मेकअप किट

is aadmi mota hota hai koi sadhaaran vyakti kis prakar kiya jata hai jisse jis ko suvidha ho us desh ke prati samaj ke prakar ka hota hai aur pratyay ko jaanta hai jisme us samaj ka bhala man ki raksha kis prakar ka makeup kit

इस आदमी मोटा होता है कोई साधारण व्यक्ति किस प्रकार किया जाता है जिससे जिस को सुविधा हो उस

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Ved prakash Mishra

Journalist Dainik jagran { Naidunia}

0:59
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प्रारंभ से ही हम जिस समाज में जिस परिवेश में रहते हैं उसे धर्म और जात पात को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है इसलिए हम पढ़े लिखे होने के बाद भी कहीं ना कहीं धर्म और जाति से प्रभावित होते हैं जब एक समुदाय धारे कटुता की बात करता है तो दूसरा समुदाय की धार्मिक रूप से संगठित हो जाता है यह देखने को मिलता है और अक्सर धार्मिक भावनाओं को चुनाव के समय लगाया जाता है धर्म अपने उन्माद पर होता है इसलिए लोग ना चाहते हुए भी धर्म के आधार पर वोट करते हैं

prarambh se hi hum jis samaj mein jis parivesh mein rehte hain use dharm aur jaat pat ko bahut adhik mahatva diya jata hai isliye hum padhe likhe hone ke baad bhi kahin na kahin dharm aur jati se prabhavit hote hain jab ek samuday dhare katuta ki baat karta hai toh doosra samuday ki dharmik roop se sangathit ho jata hai yah dekhne ko milta hai aur aksar dharmik bhavnao ko chunav ke samay lagaya jata hai dharm apne unmaad par hota hai isliye log na chahte hue bhi dharm ke aadhar par vote karte hain

प्रारंभ से ही हम जिस समाज में जिस परिवेश में रहते हैं उसे धर्म और जात पात को बहुत अधिक महत

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Norang sharma

Social Worker

3:16
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नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है राजनीति पर कि हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी किसी धर्म के आधार पर वोट क्यों देते हैं दोस्तों वोट देने के सभी के अपने-अपने कारण अपनी आवश्यकताएं होती हैं कोई सिर्फ अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वोट देता है तो कोई एक दूरदर्शी रवैया अपनाते हुए भविष्य को ध्यान में रखते हुए वोट देता है समाज का भविष्य देश का भविष्य उनके परिवार का भविष्य तो दोस्तों सबसे पहले तो हमें धर्म और शिक्षा में अंतर को समझना होगा 200 शिक्षा हमें सही और गलत में अंतर करना सिखाती है और धर्म की क्या भूमिका है धर्म हमें मानवता से जोड़ता है इंसानियत से जोड़ता है लेकिन आजकल चुनावी नतीजे जब देखते हैं तो ऐसा लगता है कि मानव धर्म शिक्षा पर भारी पड़ गया हूं क्योंकि दोस्तों छोटे छोटे लाला छोटे-छोटे प्रलोभन में आकर लोग ऐसे ऐसे उम्मीदवारों को जीता रहे हैं जो ना तो किसी दृष्टि से उचित है ना वह पढ़े लिखे हैं अपराधिक कृत्य में भी उनका नाम होता है क्रिमिनल ऑफेंस भी होते हैं कुछ लोगों में तो तो जब इस तरह के लोग अगर राजनीति में जाएंगे तो क्या वह समाज का कुछ भला कर पाएंगे जिनकी छवि पहले से ही इतनी खराब है इतनी गलत कार्यों में जो पहले से ही तकलीफ है वह पावर आने के बाद शक्ति आने के बाद तो और भी ज्यादा भ्रष्ट होंगे और भी ज्यादा आपराधिक प्रवृत्तियां वह स्वतंत्रता पूर्वक कर पाएंगे क्योंकि उस वक्त तो उनके पास सत्ता की शक्ति भी होगी तो दोस्तों गलत लोगों का राजनीति में आना पूरे समाज के लिए एक खतरा है मुझे लगता है हमें अपना वोट सोच समझकर उसी व्यक्ति को देना चाहिए जो समाज हित को देशहित को केंद्र में रखकर आगे विकास के कार्य करवा कम से कम उसकी जो छवि है वह तो आप जरूर देखें कि उसने अतीत में क्या किया है अगर वह अतीत में 1 अपराधिक छवि को लिए हुए हैं तो आपको किसी भी कीमत पर ऐसे व्यक्ति को वोट नहीं देना चाहिए आपका वोट बहुत कीमती वोट है आपका वोट समाज का भविष्य तय करता है देश का भविष्य तय करता है मुझे लगता है कि आप को कम से कम अपने विवेक के आधार पर वोट देना चाहिए और वह ऐसे व्यक्ति तक ना जाए जो व्यक्ति आपके लिए भी खतरा बन सके और समाज के लिए भी खतरा बन जाए तो मुझे लगता है कि लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म के आधार पर इसलिए वोट करते हैं कि कहीं ना कहीं वह तात्कालिक आवश्यकता ओं का सोचते हैं कि अभी कितनी जरूरत है आप पूरी करवा सकते हैं नेताओं के जरिए या उन नेताओं के जरिए जिनसे आपकी थोड़ी जान पहचान है वह एक बार तो हो सकता है आपकी कुछ जरूरतें पूरी कर दे लेकिन जो भविष्य है जो अभी छिपा हुआ है भविष्य के गर्त में वह आप नहीं देख सकते साइड इफेक्ट भी बहुत हैं गलत लोगों की राजनीति में जाने के बाद में पता चलते हैं लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है धन्यवाद

namaskar doston vaah kal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai raajneeti par ki hum log educated hote hue bhi kisi dharm ke aadhar par vote kyon dete hain doston vote dene ke sabhi ke apne apne karan apni aavashyakataen hoti hain koi sirf apni tatkalik jaruraton ko pura karne ke liye vote deta hai toh koi ek doordarshi ravaiya apanate hue bhavishya ko dhyan mein rakhte hue vote deta hai samaj ka bhavishya desh ka bhavishya unke parivar ka bhavishya toh doston sabse pehle toh hamein dharm aur shiksha mein antar ko samajhna hoga 200 shiksha hamein sahi aur galat mein antar karna sikhati hai aur dharm ki kya bhumika hai dharm hamein manavta se Jodta hai insaniyat se Jodta hai lekin aajkal chunavi natije jab dekhte hain toh aisa lagta hai ki manav dharm shiksha par bhari pad gaya hoon kyonki doston chote chhote lala chote chhote pralobhan mein aakar log aise aise ummidwaron ko jita rahe hain jo na toh kisi drishti se uchit hai na vaah padhe likhe hain apradhik kritya mein bhi unka naam hota hai criminal offense bhi hote hain kuch logo mein toh toh jab is tarah ke log agar raajneeti mein jaenge toh kya vaah samaj ka kuch bhala kar payenge jinki chhavi pehle se hi itni kharab hai itni galat karyo mein jo pehle se hi takleef hai vaah power aane ke baad shakti aane ke baad toh aur bhi zyada bhrasht honge aur bhi zyada apradhik pravrittiyan vaah swatantrata purvak kar payenge kyonki us waqt toh unke paas satta ki shakti bhi hogi toh doston galat logo ka raajneeti mein aana poore samaj ke liye ek khatra hai mujhe lagta hai hamein apna vote soch samajhkar usi vyakti ko dena chahiye jo samaj hit ko deshahit ko kendra mein rakhakar aage vikas ke karya karva kam se kam uski jo chhavi hai vaah toh aap zaroor dekhen ki usne ateet mein kya kiya hai agar vaah ateet mein 1 apradhik chhavi ko liye hue hain toh aapko kisi bhi kimat par aise vyakti ko vote nahi dena chahiye aapka vote bahut kimti vote hai aapka vote samaj ka bhavishya tay karta hai desh ka bhavishya tay karta hai mujhe lagta hai ki aap ko kam se kam apne vivek ke aadhar par vote dena chahiye aur vaah aise vyakti tak na jaaye jo vyakti aapke liye bhi khatra ban sake aur samaj ke liye bhi khatra ban jaaye toh mujhe lagta hai ki log educated hote hue bhi dharm ke aadhar par isliye vote karte hain ki kahin na kahin vaah tatkalik avashyakta on ka sochte hain ki abhi kitni zarurat hai aap puri karva sakte hain netaon ke jariye ya un netaon ke jariye jinse aapki thodi jaan pehchaan hai vaah ek baar toh ho sakta hai aapki kuch jaruratein puri kar de lekin jo bhavishya hai jo abhi chhipa hua hai bhavishya ke gart mein vaah aap nahi dekh sakte side effect bhi bahut hain galat logo ki raajneeti mein jaane ke baad mein pata chalte hain lekin tab tak bahut der ho chuki hoti hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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Kishan Kumar

Motivational speaker

0:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो डिअर फ्रेंड्स आप का क्वेश्चन है हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म आधार पर वोट देते हैं क्यों दोस्तों इसलिए लोग वोट देते थे क्योंकि बस सोचते ही किया मेरे धर्म का लेकिन उनको ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि हमें एक एजुकेट बंदे हैं तो हमें एक अच्छे इंसान की पहचान होना चाहिए एजुकेशन के लिए हमारे लिए हम लोग के लिए कौन सा राजनेता अच्छा काम करेगा और देश को विकास की तरफ ले जाएगा हमको एक सच्चे और ईमानदार के लोगों को वोट देना चाहिए ना की एक अलग पर्सन को जो काम ना करें लोग इसलिए देखते हैं कहीं ना कहीं वह सोचते हैं कि अगर मेरे लिए एक काम कर दिया है तो वह उसी को मानते हैं उसी को वोट देते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए उनको थैंक यू

hello dear friends aap ka question hai hum log educated hote hue bhi dharm aadhar par vote dete hain kyon doston isliye log vote dete the kyonki bus sochte hi kiya mere dharm ka lekin unko aisa nahi karna chahiye kyonki hamein ek educate bande hain toh hamein ek acche insaan ki pehchaan hona chahiye education ke liye hamare liye hum log ke liye kaun sa raajneta accha kaam karega aur desh ko vikas ki taraf le jaega hamko ek sacche aur imaandaar ke logo ko vote dena chahiye na ki ek alag person ko jo kaam na kare log isliye dekhte hain kahin na kahin vaah sochte hain ki agar mere liye ek kaam kar diya hai toh vaah usi ko maante hain usi ko vote dete hain aisa nahi karna chahiye unko thank you

हेलो डिअर फ्रेंड्स आप का क्वेश्चन है हम लोग एजुकेटेड होते हुए भी धर्म आधार पर वोट देते हैं

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Kr Wahid Ali

Journalist

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यही दुर्भाग्य है हमारे देश में हमारी राज्यों में की चुनाव किसी भी स्तर का हो चाहे वह पंचायत चुनाव हो या विधानसभा चुनाव हो लोकसभा चुनावों में धन की राजनीति बहुत ज्यादा हावी हो गई है और यह कहीं ना कहीं हमारे जो नेता है इनके ऊपर डिपेंड करता है कि वह धर्म की राजनीति के आधार पर जीत का अपना आधार बना लेते हैं जो कि हमारे देश के लिए बहुत गलत है यही कारण है कि आज के टाइम में ही हमारे युवा है युवा पीढ़ी है उनके दिल में बहुत ज्यादा धार्मिक मतभेद है या फिर दुआ है वह उभर कर सामने आ रहा है इसके लिए नेताओं को पहल करनी चाहिए और राजनीति में बदलाव आने की बहुत आवश्यकता है जिसके लिए युवाओं के जो अंदर जागरूकता है उसको लाना होगा जो कि बहुत ज्यादा मुश्किल भी है और चुनौतीपूर्ण भी है

yahi durbhagya hai hamare desh mein hamari rajyo mein ki chunav kisi bhi sthar ka ho chahen vaah panchayat chunav ho ya vidhan sabha chunav ho lok sabha chunavon mein dhan ki raajneeti bahut zyada haavi ho gayi hai aur yah kahin na kahin hamare jo neta hai inke upar depend karta hai ki vaah dharm ki raajneeti ke aadhar par jeet ka apna aadhar bana lete hain jo ki hamare desh ke liye bahut galat hai yahi karan hai ki aaj ke time mein hi hamare yuva hai yuva peedhi hai unke dil mein bahut zyada dharmik matbhed hai ya phir dua hai vaah ubhar kar saamne aa raha hai iske liye netaon ko pahal karni chahiye aur raajneeti mein badlav aane ki bahut avashyakta hai jiske liye yuvaon ke jo andar jagrukta hai usko lana hoga jo ki bahut zyada mushkil bhi hai aur chunautipurn bhi hai

यही दुर्भाग्य है हमारे देश में हमारी राज्यों में की चुनाव किसी भी स्तर का हो चाहे वह पंचाय

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Pankaj Sharma

Journalist | Advocate

1:47
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जी हां हम शिक्षित होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट दे रहे हैं इसके लिए एक लंबे समय से जो तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है वह जिम्मेदार है एक धर्म विशेष के लोगों ने पूरे समय पूरे दिन इलेक्शन में शामिल रहते हैं लेकिन चुनाव से पूर्व अंतिम शुक्रवार को एक जगह एकत्र होकर एक मैसेज जलाते हैं और उस मैसेज के आधार पर एक ही पार्टी या एक ही उम्मीदवार को समर्थन करते हैं उस पार्टी और उम्मीदवार को समर्थन करने से निश्चित रूप से वह पार्टी या उम्मीदवार जीत के कगार पर पहुंच जाते हैं या जीत जाते हैं इसकी रिजल्ट बाद में पता चलते हैं कि वहां पर सभी लोग एकत्र हुए थे और एकत्र होने के बाद निर्णय लिया गया था कि साला पार्टी अपना उम्मीदवार को वोट देना है और उसी समर्थन के कारण ही वह उम्मीदवार चुनाव जीत गया इसका दूसरे धर्म के शिक्षित लोगों पर भी प्रभाव पड़ा वास्तव में लोकतंत्र में जो चुनाव जीता है वही उसका मालिक होता है वही देश की नीति और नियति तय करता है वही हमारी सरकार को चलाता है इसलिए दूसरे धर्म के लोग भी परेशान होकर शिक्षित होते हुए भी अपनी सरकार बनाने के लिए ऐसा करते हैं

ji haan hum shikshit hote hue bhi dharm ke aadhar par vote de rahe hain iske liye ek lambe samay se jo Tustikaran ki raajneeti ho rahi hai vaah zimmedar hai ek dharm vishesh ke logo ne poore samay poore din election mein shaamil rehte hain lekin chunav se purv antim sukravaar ko ek jagah ekatarr hokar ek massage jalate hain aur us massage ke aadhar par ek hi party ya ek hi ummidvar ko samarthan karte hain us party aur ummidvar ko samarthan karne se nishchit roop se vaah party ya ummidvar jeet ke kagar par pohch jaate hain ya jeet jaate hain iski result baad mein pata chalte hain ki wahan par sabhi log ekatarr hue the aur ekatarr hone ke baad nirnay liya gaya tha ki sala party apna ummidvar ko vote dena hai aur usi samarthan ke karan hi vaah ummidvar chunav jeet gaya iska dusre dharm ke shikshit logo par bhi prabhav pada vaastav mein loktantra mein jo chunav jita hai wahi uska malik hota hai wahi desh ki niti aur niyati tay karta hai wahi hamari sarkar ko chalata hai isliye dusre dharm ke log bhi pareshan hokar shikshit hote hue bhi apni sarkar banane ke liye aisa karte hain

जी हां हम शिक्षित होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट दे रहे हैं इसके लिए एक लंबे समय से जो त

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Mohammad Sartaj Alam

Journalist & Author

0:57
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हम लोग कुछ होते हुए खेलते हुए दर्शक हम तो चला लेते हैं भोजपुरी चलाइए इसे चित्र खाने के लिए पत्र लिखें इससे आगे बढ़ जाएंगे पता धर्म

hum log kuch hote hue khelte hue darshak hum toh chala lete hain bhojpuri chalaiye ise chitra khane ke liye patra likhen isse aage badh jaenge pata dharm

हम लोग कुछ होते हुए खेलते हुए दर्शक हम तो चला लेते हैं भोजपुरी चलाइए इसे चित्र खाने के

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Rakesh Sharma

Journalist

1:07
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भारत देश में सभी लोग एजुकेटेड नहीं है चुनावों के दौरान धर्म आगे बढ़ जाता है जो नेता चुनाव लड़ता है उस समय लोगों को भड़काने का काम किया जाता है इस कारण लोग धर्म के आधार पर वोट देते हैं कई बार चुनाव जीतने के लिए आखिरी पलों के दौरान दिया गया भाषण लोगों के दिमाग पर छा जाता है जिस कारण लोग अपने उम्मीदवार अपने धर्म और जाति के उम्मीदवार को जिताने के लिए प्रयासरत रहते हैं समुदाय जाति व अन्य लोग अपने-अपने धर्म के उम्मीदवार को जीता कर अपनी धर्म अपनी जाति की बात को ज्यादा समझा सकते हैं ऐसा लोगों में भ्रम है इसलिए हमें प्रयास करना चाहिए कि धर्म जाति से ऊपर उठकर ही मतदान करना चाहिए धन्यवाद

bharat desh me sabhi log educated nahi hai chunavon ke dauran dharm aage badh jata hai jo neta chunav ladata hai us samay logo ko bhadkaane ka kaam kiya jata hai is karan log dharm ke aadhar par vote dete hain kai baar chunav jitne ke liye aakhiri palon ke dauran diya gaya bhashan logo ke dimag par cha jata hai jis karan log apne ummidvar apne dharm aur jati ke ummidvar ko jitaane ke liye prayasarat rehte hain samuday jati va anya log apne apne dharm ke ummidvar ko jita kar apni dharm apni jati ki baat ko zyada samjha sakte hain aisa logo me bharam hai isliye hamein prayas karna chahiye ki dharm jati se upar uthakar hi matdan karna chahiye dhanyavad

भारत देश में सभी लोग एजुकेटेड नहीं है चुनावों के दौरान धर्म आगे बढ़ जाता है जो नेता चुनाव

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नमस्कार मैं हूं सभी समाज सेवा का जनपद सिद्धार्थनगर गौतम बुद्ध की धरती से आमतौर पर लोग एजुकेशन होने के बावजूद भी जब मतदान करना होता है तो अपनी जाति पार्टी को देख कर के ही धर्म के आधार पर ही जो खो देते हैं लेकिन मेरे मेरी राय यह है कि प्रत्याशी के कोई लोकेशन पोस्टिक क्रेडिट स्कोर चेक करके उठ जाना चाहिए जिससे चैट का आम जनमानस का विकास हो धनबाद

namaskar main hoon sabhi samaj seva ka janpad Siddharthnagar gautam buddha ki dharti se aamtaur par log education hone ke bawajud bhi jab matdan karna hota hai toh apni jati party ko dekh kar ke hi dharm ke aadhar par hi jo kho dete hain lekin mere meri rai yah hai ki pratyashi ke koi location paustik credit score check karke uth jana chahiye jisse chat ka aam janmanas ka vikas ho dhanbad

नमस्कार मैं हूं सभी समाज सेवा का जनपद सिद्धार्थनगर गौतम बुद्ध की धरती से आमतौर पर लोग एजुक

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डी ग्रुप का क्वेश्चन बहुत सुंदर है कि हम लोग एजुकेटेड होते हुए धर्म आधार पर वोट देते हैं ऐसा क्यों सर यह तो आज तक मैं भी नहीं समझ पाया कि ऐसा क्यों होता है लेकिन सर मैं यह कहना चाहूंगा जो लोग को ज्यादा फिक्र करते हैं और जब डाले जाते हैं मानता हूं कि वो भी देशद्रोही है वह भी आतंकवादी बंदा अपने मत का गलत इस्तेमाल करता है वह देश द्रोही हमारे देश का दुश्मन है जय हिंद सर अगर आप पर सूट के साथ अगर अप्सरा पुलिंग पर जाते हैं तो उसे अपना जरूर आप अगर आप दे सकते तो अपना वोट कभी भी धर्म के आधार पर नहीं देंगे जय हिंद थैंक यू सर

d group ka question bahut sundar hai ki hum log educated hote hue dharm aadhaar par vote dete hain aisa kyon sir yah toh aaj tak main bhi nahi samajh paya ki aisa kyon hota hai lekin sir main yah kehna chahunga jo log ko zyada fikra karte hain aur jab dale jaate hain manata hoon ki vo bhi deshdrohi hai vaah bhi aatankwadi banda apne mat ka galat istemal karta hai vaah desh drohi hamare desh ka dushman hai jai hind sir agar aap par suit ke saath agar apsara puling par jaate hain toh use apna zaroor aap agar aap de sakte toh apna vote kabhi bhi dharm ke aadhaar par nahi denge jai hind thank you sir

डी ग्रुप का क्वेश्चन बहुत सुंदर है कि हम लोग एजुकेटेड होते हुए धर्म आधार पर वोट देते हैं ऐ

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Shubham

Software Engineer in IBM

1:26
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सर आपने एक बहुत अच्छा क्वेश्चन डाला है कि हम लोग एजुकेशन एजुकेशन होते हुए भी धर्म आधार पर वोट देते हैं हां जी हम लोग आज भी एजुकेटेड और लेट लेट होते हुए भी धर्म के आधार पर वोट देते हैं यह करना बिल्कुल गलत है उसका रीज़न किए हैं क्योंकि हम लोग बचपन से उसी माहौल में रहे हैं हमारे घर में वही चर्चा रही है बचपन से आइए प्लीज उनका खड़ा हो रहा है में BJP को वोट देना है इस पार्टी को वोट देना है क्योंकि यह पार्टी से जुड़ी हुई है बचपन से जुड़ा हुआ है लेकिन मैं आपको बता दूं आने वाले कुत्ते महिलाओं की जो न्यूज़ है वह बदल रही है जो यंग जनरेशन सेना उनकी व्यूज बदल रही है क्योंकि डेवलप क्योंकि जो यह तरीका वोट देने का यह तरीके से जो लीडर चुने जाते हैं ना वह अच्छे नहीं है और जब लीडर अच्छी नहीं है तो काम भी अच्छा नहीं हो रहा है तो यू काम अच्छा नहीं हो रहा है यह सब कुछ दिख रहा है तुझे यंग यंग यूथ अपने इंडिया का मूल्य समझ रहा है कि हमारे जो वोट करने का तरीका है उस को बदलना चाहिए अगर हम इंडिया की इंडिया को डेवलपिंग कंट्री ऑफ डेवलप्ड कंट्री देखना चाहते हैं तो तो बस यही बोलूंगा कि थोड़ा टाइम लगेगा लेकिन यह भी है जो चेंज हो रही है धीरे-धीरे यह यूज़ साड़ी चेंज होती जा रही है

sir aapne ek bahut accha question dala hai ki hum log education education hote hue bhi dharm aadhaar par vote dete hain haan ji hum log aaj bhi educated aur late let hote hue bhi dharm ke aadhaar par vote dete hain yah karna bilkul galat hai uska region kiye hain kyonki hum log bachpan se usi maahaul mein rahe hain hamare ghar mein wahi charcha rahi hai bachpan se aaiye please unka khada ho raha hai mein BJP ko vote dena hai is party ko vote dena hai kyonki yah party se judi hui hai bachpan se juda hua hai lekin main aapko bata doon aane waale kutte mahilaon ki jo news hai vaah badal rahi hai jo young generation sena unki Views badal rahi hai kyonki develop kyonki jo yah tarika vote dene ka yah tarike se jo leader chune jaate hain na vaah acche nahi hai aur jab leader achi nahi hai toh kaam bhi accha nahi ho raha hai toh you kaam accha nahi ho raha hai yah sab kuch dikh raha hai tujhe young young youth apne india ka mulya samajh raha hai ki hamare jo vote karne ka tarika hai us ko badalna chahiye agar hum india ki india ko developing country of developed country dekhna chahte hain toh toh bus yahi boloonga ki thoda time lagega lekin yah bhi hai jo change ho rahi hai dhire dhire yah use saree change hoti ja rahi hai

सर आपने एक बहुत अच्छा क्वेश्चन डाला है कि हम लोग एजुकेशन एजुकेशन होते हुए भी धर्म आधार पर

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Anukrati

Journalism Graduate

0:49
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एजुकेशन ों लिटरेसी ऐसे शब्द है जो लोग अक्सर एक दूसरे की जगह स्माल कर लेते हैं हमें यह समझना होगा कि हम इलेक्ट्रिक तब होंगे अगर हमें पढ़ना लिखना आता होगा एजुकेटेड सिर्फ उसके मुताबिक नहीं हो सकते एजुकेटर होने का मतलब ज्ञान प्रदान करना है जो पढ़ाई के अलावा भी कई चीजों से आता है हमारी सोसायटी और रहने का ढंग हम जिन लोगों के साथ रहते हैं हम जो किताबें पढ़ते हैं या TV कार्यक्रम देखते हैं यह सभी हमारी एजुकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं भारत में रहकर यह सब मान सकते हैं कि धर्म हमारे हमारे जीवन की हर पहलू से इतनी जटिल ता से जुड़ा हुआ है कि उसका कुछ प्रभाव वोट करते समय आना स्वाभाविक है

education on literacy aise shabd hai jo log aksar ek dusre ki jagah small kar lete hain hamein yah samajhna hoga ki hum electric tab honge agar hamein padhna likhna aata hoga educated sirf uske mutabik nahi ho sakte educator hone ka matlab gyaan pradan karna hai jo padhai ke alava bhi kai chijon se aata hai hamari sociaty aur rehne ka dhang hum jin logo ke saath rehte hain hum jo kitaben padhte hain ya TV karyakram dekhte hain yah sabhi hamari education mein mahatvapurna bhumika nibhate hain bharat mein rahkar yah sab maan sakte hain ki dharm hamare hamare jeevan ki har pahaloo se itni jatil ta se juda hua hai ki uska kuch prabhav vote karte samay aana swabhavik hai

एजुकेशन ों लिटरेसी ऐसे शब्द है जो लोग अक्सर एक दूसरे की जगह स्माल कर लेते हैं हमें यह समझन

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Pragati

Aspiring Lawyer

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पढ़े लिखे होने के बावजूद भी हम धर्म के आधार पर इसे वोट देते हैं क्यों क्योंकि हमारी पढ़ाई लिखाई की शुरुआती हमारे घर से होती है जहां हमारे माता पिता हम को धर्म जाति आदि के प्रकार के बारे में बताते हैं और उसके बाद जब हम आगे की कक्षाओं में पहुंचते हैं तो वहां पर भी हमारी पुरानी सिल्क हमें मिली हुई जो पुरानी सी होती है उस पर कोई परिवर्तन नहीं आता इसलिए जब भी वोट की बारी आती है तो हम धर्म को ही आगे रखते हैं

padhe likhe hone ke bawajud bhi hum dharm ke aadhaar par ise vote dete hain kyon kyonki hamari padhai likhai ki shuruati hamare ghar se hoti hai jaha hamare mata pita hum ko dharm jati aadi ke prakar ke bare mein batatey hain aur uske baad jab hum aage ki kakshaon mein pahunchate hain toh wahan par bhi hamari purani silk hamein mili hui jo purani si hoti hai us par koi parivartan nahi aata isliye jab bhi vote ki baari aati hai toh hum dharm ko hi aage rakhte hain

पढ़े लिखे होने के बावजूद भी हम धर्म के आधार पर इसे वोट देते हैं क्यों क्योंकि हमारी पढ़ाई

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