क्या भारतीय सिक्षा विधि को आज की बढ़ती बेरोजगारों की समस्या को देखकर आज की शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर विचार करना चाहिए?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:01

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यश इस बात से मैं पूर्णता सहमत हूं क्योंकि आज की जो हमारी शिक्षा है यह छात्र छात्राओं को रोजगार देने में समर्थ नहीं है इसलिए बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है इनको देखकर कि कितना हैदर होता है कि वेस्ट का लेख से प्राप्त किए हुए लड़के-लड़कियों ऑटोमेटेकली लिखो एमएससी पीएचडी जिनका कहीं अब सलूशन नहीं हो रहा हम को देखकर इतना बड़ा दुख होता है क्योंकि हमारी ही शिक्षा है यह रोजगार से जुड़ी हुई देखिए जापान में चाइना में वहां की शिक्षा रोजगार से जुड़ी है छोटे बच्चे कोई शिक्षा के साथ बिजी कुछ रोजगार जीवन जितनी राशि भी उन कराए जाते हैं जिससे वह जब 131 पर आता है तब तो उसको रोजगार सादलपुर सीख जाता है जिससे कि कल उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद फिर से रोजगार की समस्या नहीं रहती है ठीक इसी प्रकार से हमारे शिक्षा को भी रोजगार से जोड़ दिया जाए बच्चों को बेकरार करके पटक दिया पता नहीं पड़े क्योंकि आज की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनके सामने यह समस्या हो जाती है वह करें तो करें क्या फायदा जब तनुजा नाटक देखते हैं तो आप मारुती हर माता पिता की आत्मा होती है तो इन को कम से कम इस प्रकार से सब चाइल्ड से सीखेंगे तो यह उस में पारंगत हो जाएगी अब दर्शक जाएगी तो पढ़ लिख जाता है छात्रों को ना तो वह अपने पारंपरिक दे कर सकता है ना वह घर के व्यवसाय करता है नौकरी उसकी लगती नहीं तो ऐसी हालत में बड़ी समस्या हो जाती है और बेस्ट क्वालिफाइड जो होंगे वह तो अपने आप ही कमीशन साइड कर लेंगे लेकिन आज कंपनी का सार है वत्स विचारे फाइट

yash is baat se main purnata sahmat hoon kyonki aaj ki jo hamari shiksha hai yeh chatra chhatraon ko rojgar dene mein samarth nahi hai isliye berojgaron ki sankhya badhti ja rahi hai inko dekhkar ki kitna haider hota hai ki west ka lekh se prapt kiye hue ladke ladkiyon atometekli likho mnc phd jinka kahin ab salution nahi ho raha hum ko dekhkar itna bada dukh hota hai kyonki hamari hi shiksha hai yeh rojgar se judi hui dekhie japan mein china mein wahan ki shiksha rojgar se judi hai chote bacche koi shiksha ke saath busy kuch rojgar jeevan jitni rashi bhi un karae jaate hain jisse wah jab 131 par aata hai tab toh usko rojgar sadalapur seekh jata hai jisse ki kal ucch shiksha prapt karne ke baad phir se rojgar ki samasya nahi rehti hai theek isi prakar se hamare shiksha ko bhi rojgar se jod diya jaye baccho ko bekarar karke patak diya pata nahi pade kyonki aaj ki shiksha prapt karne ke baad unke saamne yeh samasya ho jati hai wah karein toh karein kya fayda jab tanuja natak dekhte hain toh aap Maruti har mata pita ki aatma hoti hai toh in ko kam se kam is prakar se sab child se sikhenge toh yeh us mein paarangat ho jayegi ab darshak jayegi toh padh likh jata hai chhatro ko na toh wah apne paramparik de kar sakta hai na wah ghar ke vyavasaya karta hai naukri uski lagti nahi toh aisi halat mein badi samasya ho jati hai aur best qualified jo honge wah toh apne aap hi commision side kar lenge lekin aaj company ka saar hai vats vichaare fight

यश इस बात से मैं पूर्णता सहमत हूं क्योंकि आज की जो हमारी शिक्षा है यह छात्र छात्राओं को रो

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