अगर नोटबंदी असफल रहा,तो पिछले साल सेंसेक्स में 21% का लाभ कैसे हुआ है?...


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Neha S

UPSC कोच

0:59

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नोटबंदी असफल नहीं रहा है और एग्जाम पर कैसे किसी भी हाउस वाइफ के पास जाकर पैसे रखे थे सेविंग से उनके किसी भी आवश्यक माता के किसी की भी गर्मी की ऑटोमेटिक लोड बंदी तुम क्या ऑप्शन है क्या उस पैसे को बैंक में जमा कराने के लिए पैसा बैंक में जमा कराया तो बैंक वालों के पास 181 आ गया सब जगह है तो बाहों में लोन की रेट तो सेम रखें लेकिन उन्होंने क्या किया कि आज ऑफिस डिपाजिट की जरूरत थी वह नीचे नीचे का भी जिसकी वजह से लोगों के पार्क इन सब की वजह से ही जो था जो सह शिक्षा पर बढ़िया बेसिकली कैपिटल ग्रुप हुआ है डिमोनेटाइजेशन की वजह से हमारे भारत का वह बहुत अच्छा हो गया है क्योंकि जो ब्लैक मनी था जो चोट माता का भजन सारा पैसा हमारा निकलकर ब्रांच में पहुंच गया और थैंक्स ने उस पैसे को भी नष्ट किया मोटिवेट किया उसको रिमाइंड के लिए मार्केट में मार्केट से आ गए हो गया

notebandi asafal nahi raha hai aur exam par kaise kisi bhi house wife ke paas jaakar paise rakhe the saving se unke kisi bhi aavashyak mata ke kisi ki bhi garmi ki Automatic load bandi tum kya option hai kya us paise ko bank mein jama karane ke liye paisa bank mein jama karaya toh bank walon ke paas 181 aa gaya sab jagah hai toh baahon mein loan ki rate toh same rakhen lekin unhone kya kiya ki aaj office deposit ki zarurat thi vaah niche neeche ka bhi jiski wajah se logo ke park in sab ki wajah se hi jo tha jo sah shiksha par badhiya basically capital group hua hai dimonetaijeshan ki wajah se hamare bharat ka vaah bahut accha ho gaya hai kyonki jo black money tha jo chot mata ka bhajan saara paisa hamara nikalkar branch mein pohch gaya aur thanks ne us paise ko bhi nasht kiya motivate kiya usko remind ke liye market mein market se aa gaye ho gaya

नोटबंदी असफल नहीं रहा है और एग्जाम पर कैसे किसी भी हाउस वाइफ के पास जाकर पैसे रखे थे सेविं

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Sa Sha

Journalist since 1986

1:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बाजार का एक नियम है जब शेयर बाजार में मंदी की मार झेल रहा होता है तब सोने चांदी की चमक पड़ जाती है वही सोने चांदी की जब चमक बड़ी होती है तो इसका मतलब है शेयर बाजार मंदा है नोटबंदी के दौरान कुछ समय के लिए बाजार टूटा था और अच्छा खासा टूटा था संसद में लगभग 16 अंक की गिरावट दर्ज हुई थी और निफ्टी ने भी अपना 4200 का उत्तर तोड़ दिया था डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसा गिरा था आज 1 साल के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग लगभग 1% का उछाल भले ही आया हूं लेकिन सोने और चांदी की चमक कम हुई है सोने में 30% की गिरावट हुई है वहीं चांदी बेसन लगभग 9:30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है लेकिन रूपया अभी भी कमजोर है अब सवाल है कि जितना भी उठा लाया क्यों आया तो इसके पीछे एक वजह विश्व बैंक द्वारा नोटबंदी के कदम का स्वागत है इसके अलावा मोदी और स्टैंडर्ड अक्टूबर की रेटिंग भी हो सकती है

bazaar ka ek niyam hai jab share bazaar mein mandi ki maar jhel raha hota hai tab sone chaandi ki chamak pad jaati hai wahi sone chaandi ki jab chamak baadi hoti hai toh iska matlab hai share bazaar manda hai notebandi ke dauran kuch samay ke liye bazaar tuta tha aur accha khasa tuta tha sansad mein lagbhag 16 ank ki giraavat darj hui thi aur nifti ne bhi apna 4200 ka uttar tod diya tha dollar ke muqable rupya 30 paisa gira tha aaj 1 saal ke baad sensex aur nifti mein lagbhag lagbhag 1 ka uchal bhale hi aaya hoon lekin sone aur chaandi ki chamak kam hui hai sone mein 30 ki giraavat hui hai wahi chaandi besan lagbhag 9 30 pratishat ki giraavat darj hui hai lekin rupya abhi bhi kamjor hai ab sawaal hai ki jitna bhi utha laya kyon aaya toh iske peeche ek wajah vishwa bank dwara notebandi ke kadam ka swaagat hai iske alava modi aur standard october ki rating bhi ho sakti hai

बाजार का एक नियम है जब शेयर बाजार में मंदी की मार झेल रहा होता है तब सोने चांदी की चमक पड़

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G S Javed, PhD

PHD & करियर कौंसलर

0:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार नोटबंदी की सफलता और असफलता पर टिप्पणी नहीं करुंगा बट इतना बताऊंगा कि जिस को मदद करना चाहिए था उसको किसी को मदद नहीं मिला काला धन जितना भी निकलना चाहिए था स्कूल में निकला ही नहीं है और जिन जिन के पास है उन्ही के पास रह गया है आरबीआई ने कहा कि 98% तक जो भी पैसा था वह वापस आ गया उनके पास तो सिर्फ दो पर्सेंट का काला धन कितना पैसा नहीं बना सकता जैसे आप शेर की बात को शेयर मार्केट की बात हो देखिए 2016 में + नोटबंदी के बाद जो ठीक हुआ बस उसको रिकवर करने के लिए हम को 6 महीने लगे और आगे जाने के लिए 6 महीने ठीक है अब जो भी आगे गए हैं वह है अच्छी ग्रोथ जाती बढ़ोतरी हुई है तो सिर्फ 6 महीनों में जितना बढ़ोतरी हुआ है उसको 21 प्रतिशत नहीं बता सकते तो थोड़े आंकड़े देख लिया आपको खुद समझ में आ जाएगा थैंक यू ऑल द बेस्ट

namaskar notebandi ki safalta aur asafaltaa par tippani nahi karunga but itna bataunga ki jis ko madad karna chahiye tha usko kisi ko madad nahi mila kaala dhan jitna bhi nikalna chahiye tha school mein nikala hi nahi hai aur jin jin ke paas hai unhi ke paas reh gaya hai RBI ne kaha ki 98 tak jo bhi paisa tha vaah wapas aa gaya unke paas toh sirf do percent ka kaala dhan kitna paisa nahi bana sakta jaise aap sher ki baat ko share market ki baat ho dekhiye 2016 mein notebandi ke baad jo theek hua bus usko recover karne ke liye hum ko 6 mahine lage aur aage jaane ke liye 6 mahine theek hai ab jo bhi aage gaye hain vaah hai achi growth jaati badhotari hui hai toh sirf 6 mahinon mein jitna badhotari hua hai usko 21 pratishat nahi bata sakte toh thode aankade dekh liya aapko khud samajh mein aa jaega thank you all the best

नमस्कार नोटबंदी की सफलता और असफलता पर टिप्पणी नहीं करुंगा बट इतना बताऊंगा कि जिस को मदद कर

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Bari khan

Practicing journalist

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए नोटबंदी की जब बात की जाती है तो समझना होगा कि जिस वक्त नोटबंदी की गई थी तो उसका उद्देश्य क्या था रेखा ऑफिस नोटबंदी की गई थी उस वक्त कहा गया था कि जो भी बाजार में काला धन है जो कि 500 और 1000 और बाकी नोटों की शक्ल में बाजार में है वह बाजार से नष्ट हो जाएगा क्योंकि किसी के पास कोई लीगल कोई कानूनी आधार नहीं होगा उस पैसे को जमा करने के लिए लेकिन जब आज की रिपोर्ट आई तो देखा गया कि सुबह तकरीबन 98 फ़ीसदी जोकस है वह ऐसा का ऐसा वापस आ गया तो फिर कहां गया कालाधन वह समझने वाली बात है और जहां तक की बात की जा रही है कि जिस सेंसेक्स है उस में बढ़ोतरी हुई है तकरीबन 21 प्रतिशत तो थोड़ा सा यकीन करना अच्छा नहीं लग रहा है क्योंकि 21 प्रतिशत बढ़ोतरी सेंसेक्स में दी मोनेटाइजेशन के बाद नहीं हुई अभी विमुद्रीकरण के बाद ऐसी कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है मेरे ख्याल से और क्योंकि सफलता की जब बात की जा रही है तो हमें समझना होगा जिस वक्त डिमोनेटाइजेशन किया गया था उस वक़्त यही उद्देश्य उस का सबसे बड़ा था कि जो है इंडिया को काले धन से निजात मिलेगी जो कि के रूप में है जो कि अभी मुद्रा के रूप में है वह तो वैसा का वैसा वापस आ गया है और उसका स्कोर दोबारा प्रिंट करने के लिए जो और बिना पैसा लगाया था फ्री बंद करो मैं काफी पैसा लगा है क्या तू इस तरह से कहा जाना चाहिए कि वह नोटबंदी नोटबंदी जो है और सफल रही है मगर मैं यहां पर थोड़ी सी बात से इत्तेफाक नहीं रखता हूं क्योंकि जिस तरह से नोटबंदी के बाद लोगों ने पैसा जमा करना शुरू किया उसकी वजह से सेंसेक्स में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी हुई है लेकिन 25% यह तो बिल्कुल देखना पड़ेगा आपको अपने आप लोग को

dekhiye notebandi ki jab baat ki jaati hai toh samajhna hoga ki jis waqt notebandi ki gayi thi toh uska uddeshya kya tha rekha office notebandi ki gayi thi us waqt kaha gaya tha ki jo bhi bazaar mein kaala dhan hai jo ki 500 aur 1000 aur baki noton ki shakl mein bazaar mein hai vaah bazaar se nasht ho jaega kyonki kisi ke paas koi legal koi kanooni aadhaar nahi hoga us paise ko jama karne ke liye lekin jab aaj ki report I toh dekha gaya ki subah takareeban 98 fisadi jokas hai vaah aisa ka aisa wapas aa gaya toh phir kahaan gaya kaladhan vaah samjhne wali baat hai aur jaha tak ki baat ki ja rahi hai ki jis sensex hai us mein badhotari hui hai takareeban 21 pratishat toh thoda sa yakin karna accha nahi lag raha hai kyonki 21 pratishat badhotari sensex mein di monetaijeshan ke baad nahi hui abhi vimudrikaran ke baad aisi koi badhotari nahi dekhi gayi hai mere khayal se aur kyonki safalta ki jab baat ki ja rahi hai toh hamein samajhna hoga jis waqt dimonetaijeshan kiya gaya tha us waqt yahi uddeshya us ka sabse bada tha ki jo hai india ko kaale dhan se nijat milegi jo ki ke roop mein hai jo ki abhi mudra ke roop mein hai vaah toh waisa ka waisa wapas aa gaya hai aur uska score dobara print karne ke liye jo aur bina paisa lagaya tha free band karo main kaafi paisa laga hai kya tu is tarah se kaha jana chahiye ki vaah notebandi notebandi jo hai aur safal rahi hai magar main yahan par thodi si baat se iktefaak nahi rakhta hoon kyonki jis tarah se notebandi ke baad logo ne paisa jama karna shuru kiya uski wajah se sensex mein thodi bahut badhotari hui hai lekin 25 yah toh bilkul dekhna padega aapko apne aap log ko

देखिए नोटबंदी की जब बात की जाती है तो समझना होगा कि जिस वक्त नोटबंदी की गई थी तो उसका उद्द

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