भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए?...


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गोपाल पांडेय

Journalist, Counselor, motivational speaker

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Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दहेज देने और लेने वालों पर कानूनी और सामाजिक तौर पर शिकंजा कसा जाना चाहिए दहेज लेने और देने वालों पर कानूनी तौर से दहेज मांगने वालों पर कानूनी तौर से उनकी मांग से दोगुना चार्ज लगा देना चाहिए और सामाजिक तौर पर दहेज की मांग करने वाले लोगों पर उन्हें समाज से निकाल देने के रिवाज बन जाए तुम इस चीज पर काबू किया जा सकता है दहेज प्रथा को खत्म किया जा सकता है

dahej dene aur lene walon par kanooni aur samajik taur par shikanja kaisa jana chahiye dahej lene aur dene walon par kanooni taur se dahej mangne walon par kanooni taur se unki maang se doguna charge laga dena chahiye aur samajik taur par dahej ki maang karne waale logo par unhe samaj se nikaal dene ke rivaaj ban jaaye tum is cheez par kabu kiya ja sakta hai dahej pratha ko khatam kiya ja sakta hai

दहेज देने और लेने वालों पर कानूनी और सामाजिक तौर पर शिकंजा कसा जाना चाहिए दहेज लेने और देन

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

असल में दहेज लेना नहीं चाहिए आप दे देना नहीं चाहिए पर हमारे देश के अंदर यह दहेज की प्रथा इतनी इतनी ऊपर आए वाली है किस को रोकना नामुमकिन है पर धीरे-धीरे आप दहेज की प्रथा बंद होते जा रहे हैं हम सबको यही काम करना है कि दहेज की प्रथा बंद हो जाए क्योंकि गरीब मां-बाप को लड़की की जो गरीब माता-पिता होते हैं उनको बहुत कष्ट होता है इसीलिए यह दहेज की परंपरा बंद होनी चाहिए उसको हम सब भारत वासियों ने मिलकर कार्य करना चाहिए तो यह कार्य पूरी तरह से सफल हो जाएगा और धीरे-धीरे हमारे देश से देश की परंपरा खत्म हो जाएंगे यही मैं आशा करता हूं कि हम सबको मिलकर दहेज की इस परंपरा को खत्म करना चाहिए कुंडा बंद करना चाहिए

asal me dahej lena nahi chahiye aap de dena nahi chahiye par hamare desh ke andar yah dahej ki pratha itni itni upar aaye wali hai kis ko rokna namumkin hai par dhire dhire aap dahej ki pratha band hote ja rahe hain hum sabko yahi kaam karna hai ki dahej ki pratha band ho jaaye kyonki garib maa baap ko ladki ki jo garib mata pita hote hain unko bahut kasht hota hai isliye yah dahej ki parampara band honi chahiye usko hum sab bharat vasiyo ne milkar karya karna chahiye toh yah karya puri tarah se safal ho jaega aur dhire dhire hamare desh se desh ki parampara khatam ho jaenge yahi main asha karta hoon ki hum sabko milkar dahej ki is parampara ko khatam karna chahiye kunda band karna chahiye

असल में दहेज लेना नहीं चाहिए आप दे देना नहीं चाहिए पर हमारे देश के अंदर यह दहेज की प्रथा इ

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लोगों में जागृति पैदा करते जगह जगह रोक लगाने के लिए जो संविधान में लिखी गई है आईपीसी धारा कितना दिन इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए

logo me jagriti paida karte jagah jagah rok lagane ke liye jo samvidhan me likhi gayi hai ipc dhara kitna din iska prachar prasaar karna chahiye

लोगों में जागृति पैदा करते जगह जगह रोक लगाने के लिए जो संविधान में लिखी गई है आईपीसी धारा

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Somit Yoga Varanasi

Yoga Trainer and Astrologer

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भारत में दहेज प्रथा को रोकने के लिए लड़की का शिक्षित होना बहुत आवश्यक है शिक्षित के साथ सर आत्मनिर्भर क्योंकि लड़की अगर आपने डरा शिक्षित होगी तो फिर ना कोई दहेज नहीं मांगेगा

bharat me dahej pratha ko rokne ke liye ladki ka shikshit hona bahut aavashyak hai shikshit ke saath sir aatmanirbhar kyonki ladki agar aapne dara shikshit hogi toh phir na koi dahej nahi mangega

भारत में दहेज प्रथा को रोकने के लिए लड़की का शिक्षित होना बहुत आवश्यक है शिक्षित के साथ सर

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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

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मक्का प्रश्न है भारत में दहेज प्रथा पर कैसे रोक लगाया जाए देखिए हम अपने घर से इसकी शुरुआत करें हम कुत्ते की शुरुआत करें क्योंकि हम खुद के स्वयं के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं हम दूसरों के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते वैसे भी यह दहेज प्रथा जो हमारे देश में रोक दी गई है लेकिन कई लड़के वाले और लड़की वालों के स्वार्थ के पीछे लड़की वालों को स्वार्थ में इसलिए बोलूंगा कि वह हमेशा अच्छे लड़के देखते अच्छे का मतलब वेल सेटल्ड होना चाहिए उनकी लड़की के लिए अब अगर लड़का वेल सेटल्ड होगा और फिर वह उनकी जहां पर बोल देते हैं कि हम इतना पैसा नहीं है तो अगर लड़की वाले ही पैसा देना बंद कर देते कहीं पर बोलना बंद कर देते मैं यह नहीं कहना चाहता कि लड़के वाले कम इसके लिए जिम्मेवार है लेकिन बस मेरा इस उड़ान को देने का मतलब यह है कि आज पैसा लेन देन सिर्फ मर्जी के ऊपर है कोई किसी को मजबूर नहीं कर सकता जुडिशरी बहुत मजबूत है और पुलिस इसमें बहुत बड़ी कार्यवाही करती हैं और शिकायतों के ऊपर कई परिवारों को जेल हुई है तो आप अपने से शुरुआत करें वैसे भारत में तो दहेज प्रथा और रुकी हुई है कुछ चंद लोग अपने फायदे के लिए चावल लड़की वाले 1 लड़के वाले हो सबके करते हैं तो चोरी के लिए कोई किसी को रोक नहीं सकता धन्यवाद

makka prashna hai bharat me dahej pratha par kaise rok lagaya jaaye dekhiye hum apne ghar se iski shuruat kare hum kutte ki shuruat kare kyonki hum khud ke swayam ke liye zimmedar ho sakte hain hum dusro ke liye zimmedar nahi ho sakte waise bhi yah dahej pratha jo hamare desh me rok di gayi hai lekin kai ladke waale aur ladki walon ke swarth ke peeche ladki walon ko swarth me isliye boloonga ki vaah hamesha acche ladke dekhte acche ka matlab well settled hona chahiye unki ladki ke liye ab agar ladka well settled hoga aur phir vaah unki jaha par bol dete hain ki hum itna paisa nahi hai toh agar ladki waale hi paisa dena band kar dete kahin par bolna band kar dete main yah nahi kehna chahta ki ladke waale kam iske liye jimmewar hai lekin bus mera is udaan ko dene ka matlab yah hai ki aaj paisa len then sirf marji ke upar hai koi kisi ko majboor nahi kar sakta judiciary bahut majboot hai aur police isme bahut badi karyavahi karti hain aur shikayaton ke upar kai parivaron ko jail hui hai toh aap apne se shuruat kare waise bharat me toh dahej pratha aur ruki hui hai kuch chand log apne fayde ke liye chawal ladki waale 1 ladke waale ho sabke karte hain toh chori ke liye koi kisi ko rok nahi sakta dhanyavad

मक्का प्रश्न है भारत में दहेज प्रथा पर कैसे रोक लगाया जाए देखिए हम अपने घर से इसकी शुरुआत

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Isu Vasava

PASTOR in CHURCH.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे गांव में लोग सरकारी नौकरी चाहते हैं ताकि उन्हें दहेज में मोटी रकम मिले इंसान जब लालच की गहराई खाई में गोते लगाता तो वह इंसानियत को रामदेव हुए शैतान की भाषा बोलने लगता दहेज प्रथा इसी का एक अप्रतिम उदाहरण है दहेज प्रथा का इतिहास तो काफी पुराना है मगर मौजूदा वक्त में यह एक खतरनाक बीमारी का रूप ले चुका है अब तक हमारे समाज में ना जाने कितने घरों को घरों को इंसानी बर्बाद कर दिया है समाज के तमाम बुद्धिजीवी वर्ग आज दहेज प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं भारत की किसी भी वर्ग के परिवार में आपको इसका नजारा मिल ही जाएगा खासतौर पर समृद्ध परिवारों में दहेज लेने की अधिक हो लगी रहती है समाज दूसरी या सरकार सरकारी कानून बनाकर मगर आज देखने वाला कोई नहीं कि मौजूदा वक्त में जमीनी स्तर पर क्या हालात हैं सरकार जितना कुछ कर रही है मैं सिर्फ ऊंट के मुंह में जीरा जितना है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इन चीजों से दहेज प्रथा जैसी बीमारी को खत्म नहीं किया जा सकता लगभग सभी सरकारी नुमाइंदे भी इस दहेज के सागर में डुबकी मार की लेते हैं मेरे गांव का उदाहरण दूं तो अधिकतर लोग इसलिए सरकारी नौकरी चाहते ताकि उन्हें शानदार दहेज मिली अब इसका प्रभाव गांव शहरों और महानगरों में भी देखने लगा दिखने लगा है लोग यह समझना ही चाह नहीं चाहते दहेज लेना और देना दोनों गुनाह है भारतीय दंड संहिता अपराधी का सहयोग करने वाले को अपराधी मानती है जब पश्चात संस्कृति की बात आती है तो हम अंग्रेजों को कोसते हुए कहते हैं कि उन्हें उन्होंने हमारी सभ्यताओं को बिगाड़ दिया लेकिन हम उनकी अच्छाइयों का जिक्र करना ही नहीं चाहते हम तो नहीं कहते कि अंग्रेज क्यों नहीं दहेज लेते थे एक पिता एक पिता बहुत लाड प्यार से अपनी बेटी को पढ़ाता है फिर उसके लिए अच्छे वर की तलाश करता है सब सेट हो जाता है लेकिन बात अटकती है दहेज पर वर पक्ष इसके लिए अनेकों रिश्तेदारों और पड़ोसियों के उदाहरण देते हुए कहता है कि फला घर से इतने पैसे दिए जा रहे हैं हम तो कुछ नहीं मांग रही है वास्तव में यह सब अप्रत्यक्ष रूप से मांग ही होती है और अगर निश्चित राशि नहीं मिलती तो बारात के वक्त नहीं क्या-क्या नाटक खेल जाते हैं अगर वहां भी छुटकारा मिल जाए तो आगे ससुराल में लड़की को सताया जाता है ताने दिए जाते हैं कभी-कभी तो जान तक ले ली जाती है क्या सचमुच यह हमारे मूल्य हैं जिस संस्कृति का ढोल हम सारे सारे संसार में पीटते हैं वह क्या यह सिखाती है कि किसी अन्य परिवार की विधि गोहद की सारी बारिश से तोड़ते हुए सिर्फ सताओ हम क्यों भूल जाते हैं कि हमारी बिटिया भी शादी के बाद किसी और के घर जाएंगी क्या उस वक्त हमारा खून नहीं खोलेगा जब कोई उसे भी लालच या यातनाएं देगा हर कोई अपनी बेटी की वैसे शादी करना चाहता है मगर मजबूर ही मजबूरी ही होती होगी जो अपनी सारी मांगे पूरी न कर पाता पता नहीं दहेज लेने वाले पर उस वक्त कौन सा भूत सवार हो जाता है इसलिए दहेज प्रथा पहाड़ को दहेज बना दिया गया अब जब इसे खत्म करने की बात आती है तो मैं अपनी लेखनी के जरिए बताना चाहता हूं कि यह लोधी समाज दहेज प्रथा को कभी भी समाप्त नहीं करना चाहेगा लोग तो बस यह सोचते हैं कि अपनी बेटी की शादी में दहेज दिया था तो अब बेटे की शादी में लेने की बारी है आज का युवा जो यह पढ़ने की काबिलियत रखता है जो त्याग की भावना को समझता है जिसको हमारे देश के भविष्य माना जाता है और जो सारे इंटरनेट पर पोस्ट होता रहता है शायद वह यह समझ सकता है शुरू इससे पहले यह और निर्देशों की जान का दुश्मन बने सिर्फ यह सोचो किस क्या आप अपनी बहनों और बेटियों के साथ यह सब होने देना चाहते हैं अगर आप जवाब अगर आपका जवाब ना है तो वह भी किसी की बहन और भी किसी की बेटी हो सकती हैं होती हैं इस चीज को जल्द समझ जाने से भलाई है अच्छा लगे तो लाइक कमेंट और शेयर

hamare gaon me log sarkari naukri chahte hain taki unhe dahej me moti rakam mile insaan jab lalach ki gehrai khai me gote lagaata toh vaah insaniyat ko ramdev hue shaitaan ki bhasha bolne lagta dahej pratha isi ka ek apratim udaharan hai dahej pratha ka itihas toh kaafi purana hai magar maujuda waqt me yah ek khataranaak bimari ka roop le chuka hai ab tak hamare samaj me na jaane kitne gharon ko gharon ko insani barbad kar diya hai samaj ke tamaam buddhijeevi varg aaj dahej pratha ko badhawa de rahe hain bharat ki kisi bhi varg ke parivar me aapko iska najara mil hi jaega khaasataur par samriddh parivaron me dahej lene ki adhik ho lagi rehti hai samaj dusri ya sarkar sarkari kanoon banakar magar aaj dekhne vala koi nahi ki maujuda waqt me zameeni sthar par kya haalaat hain sarkar jitna kuch kar rahi hai main sirf unth ke mooh me jeera jitna hai aise me yah kehna galat nahi hoga ki in chijon se dahej pratha jaisi bimari ko khatam nahi kiya ja sakta lagbhag sabhi sarkari numainde bhi is dahej ke sagar me dubki maar ki lete hain mere gaon ka udaharan doon toh adhiktar log isliye sarkari naukri chahte taki unhe shandar dahej mili ab iska prabhav gaon shaharon aur mahanagaron me bhi dekhne laga dikhne laga hai log yah samajhna hi chah nahi chahte dahej lena aur dena dono gunah hai bharatiya dand sanhita apradhi ka sahyog karne waale ko apradhi maanati hai jab pashchat sanskriti ki baat aati hai toh hum angrejo ko koste hue kehte hain ki unhe unhone hamari sabhyatao ko bigad diya lekin hum unki acchhaiyon ka jikarr karna hi nahi chahte hum toh nahi kehte ki angrej kyon nahi dahej lete the ek pita ek pita bahut lada pyar se apni beti ko padhata hai phir uske liye acche var ki talash karta hai sab set ho jata hai lekin baat atakati hai dahej par var paksh iske liye anekon rishtedaron aur padoshiyon ke udaharan dete hue kahata hai ki phala ghar se itne paise diye ja rahe hain hum toh kuch nahi maang rahi hai vaastav me yah sab apratyaksh roop se maang hi hoti hai aur agar nishchit rashi nahi milti toh baraat ke waqt nahi kya kya natak khel jaate hain agar wahan bhi chhutkara mil jaaye toh aage sasural me ladki ko sataaya jata hai tane diye jaate hain kabhi kabhi toh jaan tak le li jaati hai kya sachmuch yah hamare mulya hain jis sanskriti ka dhol hum saare saare sansar me pitate hain vaah kya yah sikhati hai ki kisi anya parivar ki vidhi gohad ki saari barish se todte hue sirf satao hum kyon bhool jaate hain ki hamari bitiya bhi shaadi ke baad kisi aur ke ghar jayegi kya us waqt hamara khoon nahi kholega jab koi use bhi lalach ya yatnaen dega har koi apni beti ki waise shaadi karna chahta hai magar majboor hi majburi hi hoti hogi jo apni saari mange puri na kar pata pata nahi dahej lene waale par us waqt kaun sa bhoot savar ho jata hai isliye dahej pratha pahad ko dahej bana diya gaya ab jab ise khatam karne ki baat aati hai toh main apni lakhni ke jariye batana chahta hoon ki yah lodhi samaj dahej pratha ko kabhi bhi samapt nahi karna chahega log toh bus yah sochte hain ki apni beti ki shaadi me dahej diya tha toh ab bete ki shaadi me lene ki baari hai aaj ka yuva jo yah padhne ki kabiliyat rakhta hai jo tyag ki bhavna ko samajhata hai jisko hamare desh ke bhavishya mana jata hai aur jo saare internet par post hota rehta hai shayad vaah yah samajh sakta hai shuru isse pehle yah aur nirdeshon ki jaan ka dushman bane sirf yah socho kis kya aap apni bahnon aur betiyon ke saath yah sab hone dena chahte hain agar aap jawab agar aapka jawab na hai toh vaah bhi kisi ki behen aur bhi kisi ki beti ho sakti hain hoti hain is cheez ko jald samajh jaane se bhalai hai accha lage toh like comment aur share

हमारे गांव में लोग सरकारी नौकरी चाहते हैं ताकि उन्हें दहेज में मोटी रकम मिले इंसान जब लालच

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए लिखिए जो भारत में दहेज प्रथा जो है का जो प्रचलन है वह परिवार और समाज के लिए अभिशाप है भाव से निर्धन व्यक्ति हुआ करते हैं जिनके पास दहेज नहीं है यहां जिनके पास धन नहीं है उन्हें शादी विवाह करने में बहुत परेशानी दुआ करती है इसलिए सरकारों को यह चाहिए इस संबंध में प्रचार प्रसार करें चाहे वह भारत की सरकार हो या प्रदेशों की सरकार हो उन्हें दहेज प्रथा के खिलाफ में प्रचार प्रसार करना चाहिए दूसरा इसमें कठोर कानून बनाना चाहिए जो भी दहेज नेताओं उसके खिलाफ में कार्रवाई होनी चाहिए दहेज लेने वाले व्यक्ति कहार समाज मैं बहिष्कार भी होना चाहिए यदि किसी को जानकारी हो यह व्यक्ति दहेज लेना है तो समाज के लोगों को उसकी शादी ब्याह में जाना नहीं जाए जाना नहीं चाहिए और उसका समाजसेवी बहिष्कार होना चाहिए दहेज प्रथा को कठोरता से रोकना होगा तभी सही प्रकार से लोग जो शादियां हैं वह कर सकेंगे दहेज प्रथा को लेकर के यद्यपि वर्तमान में कानून है लेकिन वहां इतने शक्तिशाली और प्रभावशाली नहीं है जिनके कारण से लोग भी नहीं खाया करते हैं और विवाह शादियों में मनमाने तरीके से दहेज की मांग किया करते आता है जो कानून है उन्हें सुधार करने की आवश्यकता है और कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है

bharat me dahej pratha ko kaise roka jaaye likhiye jo bharat me dahej pratha jo hai ka jo prachalan hai vaah parivar aur samaj ke liye abhishap hai bhav se nirdhan vyakti hua karte hain jinke paas dahej nahi hai yahan jinke paas dhan nahi hai unhe shaadi vivah karne me bahut pareshani dua karti hai isliye sarkaro ko yah chahiye is sambandh me prachar prasaar kare chahen vaah bharat ki sarkar ho ya pradeshon ki sarkar ho unhe dahej pratha ke khilaf me prachar prasaar karna chahiye doosra isme kathor kanoon banana chahiye jo bhi dahej netaon uske khilaf me karyawahi honi chahiye dahej lene waale vyakti kahar samaj main bahishkar bhi hona chahiye yadi kisi ko jaankari ho yah vyakti dahej lena hai toh samaj ke logo ko uski shaadi byaah me jana nahi jaaye jana nahi chahiye aur uska samajsevi bahishkar hona chahiye dahej pratha ko kathorata se rokna hoga tabhi sahi prakar se log jo shadiyan hain vaah kar sakenge dahej pratha ko lekar ke yadyapi vartaman me kanoon hai lekin wahan itne shaktishali aur prabhavshali nahi hai jinke karan se log bhi nahi khaya karte hain aur vivah shadiyo me manmane tarike se dahej ki maang kiya karte aata hai jo kanoon hai unhe sudhaar karne ki avashyakta hai aur kathor kanoon banane ki avashyakta hai

भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए लिखिए जो भारत में दहेज प्रथा जो है का जो प्रचलन है वह

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में दहेज प्रथा को रोकने के लिए स्क्रिप्ट कानून बनाना जरूरी है क्योंकि कानून से अगर उठेगा तो बहुत ही अच्छा होगा उसका जो पनिशमेंट मिलेगा उस से ही समाज में सुधार आएगा दूसरी चीज यह है कि जितनी भी भारतवर्ष में लड़कियां हैं या लड़के हैं उनको शिक्षा दी जाए शिक्षा पद्धति में यह सब शामिल करा जाए कि दहेज प्रथा बिल्कुल गलत है और क्यों गलत है इस सब का उनको क्या किया जाए उससे मिलेगी आपको इससे मुक्ति तीसरी चीज आपके आसपास में अगर आप ऐसा कुछ भी करते हुए देखते हैं तो आप डरिए मत आप को खुद को हमारे सामाजिक रूप से हम लोगों को यह कदम उठाना ही पड़ेगा किसकी कंप्लेंट करे जाए उसका पनिशमेंट स्कूल मिले कानूनी तौर पर कुछ कैसे चल रहे हो गए तो वही जो यह लोग करते हैं उनको डर बैठेगा मन में हो

bharat mein dahej pratha ko rokne ke liye script kanoon banana zaroori hai kyonki kanoon se agar uthega toh bahut hi accha hoga uska jo punishment milega us se hi samaaj mein sudhaar aayega dusri cheez yah hai ki jitni bhi bharatvarsh mein ladkiyan hain ya ladke hain unko shiksha di jaaye shiksha paddhatee mein yah sab shaamil kara jaaye ki dahej pratha bilkul galat hai aur kyon galat hai is sab ka unko kya kiya jaaye usse milegi aapko isse mukti teesri cheez aapke aaspass mein agar aap aisa kuch bhi karte hue dekhte hain toh aap dariye mat aap ko khud ko hamare samajik roop se hum logon ko yah kadam uthaana hi padega kiski complaint kare jaaye uska punishment school mile kanooni taur par kuch kaise chal rahe ho gaye toh wahi jo yah log karte hain unko dar baithega man mein ho

भारत में दहेज प्रथा को रोकने के लिए स्क्रिप्ट कानून बनाना जरूरी है क्योंकि कानून से अगर उठ

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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आपका प्रश्न ही भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए भारत में अगर दहेज प्रथा को रोकना है तो रूल्स रेगुलेशन स्टार्ट कर देने होगे जी अवश्य दूसरी शादी है कायदे कानून लगते ही है कायदा कानून धारा नंबर यह वह कलम सारी लगती है अगर पकड़े गए दहेज में तो इसको यह होगा वह होगा लेकिन कोई बताता है फोन करके तो पता चलता पता नहीं चलता यह भी एक चीज है मेरे ख्याल से इंसान को ऐसा होना चाहिए कि हम यह चीज करेंगे तो यह गुनाह होगा और हमें इसकी सजा मिलेगी यह यूसी के बाहर भी सोच हुई है जो वह सोच यहां पर आई है लेकिन हमें यह सोचना है कि यह चीज हमें क्यों करना है यह गलत है और जो गलत है मुझे करना ही नहीं है बस यही होना चाहिए पनिशमेंट मिलेगी इसलिए हमें यह चीज नहीं करनी है यह नहीं सोचना है यह चीज वो हमें नहीं करनी है क्योंकि यह चीज गलत है बस यही सोचना है उसमें पनिशमेंट नहीं आनी चाहिए अगर ऐसे ही ऐसी वाली सोच अच्छी वाली सोच अगर आंसर की अगर इंडिया में आ गई ना तो समझे कि कार्य कारण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी सब अपने आप आएगा यहां अभी फिलहाल बहुत टाइम पहले मैंने एक सेमिनार किया था उसमें गई थी तो वहां हमारे सर ने बताया था जो लेक्चर लेने वाले थे उन्होंने बताते रहते लाइसेंस रिन्यूअल के लिए तो ऐसा है कि अगर किसी का पॉकेट गिर गया है तू वह बंदा वह चीज नहीं उठाएगा वह यही समझेगा यह चीज मेरी नहीं इसलिए मुझे इस को छूना नहीं है सिर्फ फॉरमेशन देनी है कि किसी का गिरता है जब ऐसे में यह चीज है कि मैं अगर किसी का पॉकेट उठाऊंगा तो मुझे पनिशमेंट मिलेगी सजा मिलेगी जेल होगी और यह थिंकिंग यूसी वाली इंडिया में आ रही है तो सोचिए कौन सी थिंकिंग अच्छी है यूएसए की या जापान की जापान की थिंकिंग ही अच्छी है क्यों भूत पाकिट उसका नहीं है इसलिए वह सोएगा नहीं और यह समय अगर मैंने यह पैकेट हो या तो मुझे पनिशमेंट हो गई सजा होगी जेल होगी ऐसी थिंकिंग है तो बस दोनों में से जापान की थिंकिंग अच्छी है आप खुद सोचिए तो काफी फायदा होगा देखें दहेज प्रथा कभी ऐसा है दहेज लेना है कि वैदेही ले गए तो हमारी बदनामी होगी यह चीज करनी ही नहीं है बस यही सोचना है लेकिन यहां पर क्या अगर दहेज प्रथा में हम आगे बढ़ेंगे दहेज लेते हुए अगर हम पकड़े गए तो हमें पनिशमेंट होगी इसलिए हमें दहेज नहीं लेना है तो फिर कोई बता देगा तब उनको पनिशमेंट है तो खुलेआम कर ले दहेज प्रथा चलाते ही रहेंगे वही समाज है करना पड़ेगा ऐसा चला रही है इसमें अगर इंसान में चेंज आएगी तो बहुत अच्छा होगा और इसे रोकने के लिए हमें हर समाज में यह जितने जितने समाज में हर समाज में एक्टिविटी सैलानी होगी गवर्नमेंट अगर एक अच्छा कायदा बनाएं कि हर समाज में जहां भी शादी होती है इंगेजमेंट होती है वहां पर कंपलसरी लेक्चर देना है और हर किसी को जागृत होना है अगर किसी ने नहीं बताया किसी को अगर यह दहेज प्रथा चल रही है तो वह पूरी समाज के सभी बड़ी लोगों पनिशमेंट मिलेगी सजा मिल गई उम्र कैद के लिए रखे हो आंसर की जरूरत उधर जाएगी और कोई दहेज प्रथा कैसे रोका जाता है सर बस यही जो मैंने बताओ वही चीज है अब तो इंडिया के हिसाब से यही चल रहा है कि कल जा रहा है और यूके का उस साइड से आउट ऑफ कंट्री का अगर जापान का अच्छा सा यह कचरा गया तो इंडिया सुधर जाएगा यह भी एक है

aapka prashna hi bharat mein dahej pratha ko kaise roka jaaye bharat mein agar dahej pratha ko rokna hai toh rules regulation start kar dene hoge ji avashya dusri shadi hai kayade kanoon lagte hi hai kayada kanoon dhara number yah vaah kalam saree lagti hai agar pakde gaye dahej mein toh isko yah hoga vaah hoga lekin koi batata hai phone karke toh pata chalta pata nahi chalta yah bhi ek cheez hai mere khayal se insaan ko aisa hona chahiye ki hum yah cheez karenge toh yah gunah hoga aur hamein iski saza milegi yah UC ke bahar bhi soch hui hai jo vaah soch yahan par I hai lekin hamein yah sochna hai ki yah cheez hamein kyon karna hai yah galat hai aur jo galat hai mujhe karna hi nahi hai bus yahi hona chahiye punishment milegi isliye hamein yah cheez nahi karni hai yah nahi sochna hai yah cheez vo hamein nahi karni hai kyonki yah cheez galat hai bus yahi sochna hai usmein punishment nahi aani chahiye agar aise hi aisi waali soch achi waali soch agar answer ki agar india mein aa gayi na toh samjhe ki karya karan ki zaroorat hi nahi padegi sab apne aap aayega yahan abhi filhal bahut time pehle maine ek seminar kiya tha usmein gayi thi toh wahan hamare sir ne bataya tha jo lecture lene waale the unhone batatey rehte license renewal ke liye toh aisa hai ki agar kisi ka pocket gir gaya hai tu vaah banda vaah cheez nahi uthayega vaah yahi samjhega yah cheez meri nahi isliye mujhe is ko chhuna nahi hai sirf formation deni hai ki kisi ka girta hai jab aise mein yah cheez hai ki main agar kisi ka pocket uthaunga toh mujhe punishment milegi saza milegi jail hogi aur yah thinking UC waali india mein aa rahi hai toh sochiye kaun si thinking achi hai usa ki ya japan ki japan ki thinking hi achi hai kyon bhoot pakit uska nahi hai isliye vaah soega nahi aur yah samay agar maine yah packet ho ya toh mujhe punishment ho gayi saza hogi jail hogi aisi thinking hai toh bus dono mein se japan ki thinking achi hai aap khud sochiye toh kafi fayda hoga dekhen dahej pratha kabhi aisa hai dahej lena hai ki vaidehi le gaye toh hamari badnami hogi yah cheez karni hi nahi hai bus yahi sochna hai lekin yahan par kya agar dahej pratha mein hum aage badhenge dahej lete hue agar hum pakde gaye toh hamein punishment hogi isliye hamein dahej nahi lena hai toh phir koi bata dega tab unko punishment hai toh khuleaam kar le dahej pratha chalte hi rahenge wahi samaaj hai karna padega aisa chala rahi hai isme agar insaan mein change aaegi toh bahut accha hoga aur ise rokne ke liye hamein har samaaj mein yah jitne jitne samaaj mein har samaaj mein activity sailanee hogi government agar ek accha kayada banaye ki har samaaj mein jahan bhi shadi hoti hai engagement hoti hai wahan par compulsory lecture dena hai aur har kisi ko jaagarrett hona hai agar kisi ne nahi bataya kisi ko agar yah dahej pratha chal rahi hai toh vaah puri samaaj ke sabhi badi logon punishment milegi saza mil gayi umr kaid ke liye rakhe ho answer ki zaroorat udhar jayegi aur koi dahej pratha kaise roka jata hai sir bus yahi jo maine batao wahi cheez hai ab toh india ke hisab se yahi chal raha hai ki kal ja raha hai aur UK ka us side se out of country ka agar japan ka accha sa yah kachra gaya toh india sudhar jaega yah bhi ek hai

आपका प्रश्न ही भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए भारत में अगर दहेज प्रथा को रोकना है तो

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब तक भारतीय जनता इस में मानसिक रुप से सहयोग नहीं करेगी तब तक नहीं पता करना कठिन है यदि कानून तो बना हुआ है किंतु भारत के लोग डबल मानसिकता को ले जाते हैं बेटी की शादी करते हैं तब तो रोते हैं कि दहेज प्रथा बंद होने चाहिए और जब बेटी की शादी होती है तो वही पिता चुपचाप लेकर रख लेता है और उसकी मानसिकता ही होती है कि जितना हो सके बेटी वाली का दोहन किया जाए और उससे अधिक अधिक प्राप्त किया जाए यह हमारे घटिया मानसिकता का सूचक है हमारी मानसिक विचारों की दिवालियापन की सूचक है कि हम भारतीय लोगों की मानसिकता इतनी गंदी हो चुकी 120 यमलोक धनवान बनना चाहते हैं देश के माध्यम से अधिकाधिक लाभ लेना चाहता है जो हमारी चारों के दिवालियापन का बहुत बड़ा सबूत है

jab tak bharatiya janta is mein mansik roop se sahyog nahi karegi tab tak nahi pata karna kathin hai yadi kanoon toh bana hua hai kintu bharat ke log double mansikta ko le jaate hain beti ki shadi karte hain tab toh rothe hain ki dahej pratha band hone chahiye aur jab beti ki shadi hoti hai toh wahi pita chupchap lekar rakh leta hai aur uski mansikta hi hoti hai ki jitna ho sake beti waali ka dohan kiya jaaye aur usse adhik adhik prapt kiya jaaye yah hamare ghatiya mansikta ka suchak hai hamari mansik vicharon ki diwaliyapan ki suchak hai ki hum bharatiya logon ki mansikta itni gandi ho chuki 120 yamlok dhanwan banna chahte hain desh ke madhyam se adhikadhik labh lena chahta hai jo hamari charo ke diwaliyapan ka bahut bada sabut hai

जब तक भारतीय जनता इस में मानसिक रुप से सहयोग नहीं करेगी तब तक नहीं पता करना कठिन है यदि का

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Dr. Hemlata Gupta

Psychologist

0:58

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हेलो फ्रेंड्स इंडिया में अगर आप दहेज प्रथा को रोकना चाहते हैं तो इसका सिर्फ एक ही इलाज है वह हमारी युवा पीढ़ी अपने आप अपने आप में इंडिपेंडेंट हो और अपने डिसिशन खुद लेने लायक हो तभी आप इस दहेज प्रथा पर रोक सकते हैं क्योंकि मां-बाप सिर्फ एक सपोर्ट सिस्टम अपने बच्चों की मार्च में उनको ऐसे गिफ्ट जो देना चाहे वह उनकी अपनी मर्जी है उनकी अपनी हैसियत है पर जहां बच्चे मां बाप पर ज्यादा डिपेंड होते हैं इंडिपेंडेंट नहीं होते हैं नक्सली इंडिपेंडेंट नहीं होते हैं वह भी कहीं न कहीं चाहते हैं बट वह कहते नहीं हैं वह अपनी ख्वाहिश है मां-बाप के जरिए पूरा करना चाहते हैं जिस दिन बच्चे कॉन्फिडेंट हो जाएंगे अपनी जिंदगी जीने के लिए और अपने फैसले के लिए पृथक खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी ओके बाय गुड डे

hello friends india mein agar aap dahej pratha ko rokna chahte hain toh iska sirf ek hi ilaj hai wah hamari yuva peedhi apne aap apne aap mein independent ho aur apne decision khud lene layak ho tabhi aap is dahej pratha par rok sakte hain kyonki maa baap sirf ek support system apne bacchon ki march mein unko aise gift jo dena chahe wah unki apni marji hai unki apni haisiyat hai par jahan bacche maa baap par zyada depend hote hain independent nahi hote hain naksali independent nahi hote hain wah bhi kahin na kahin chahte hain but wah kehte nahi hain wah apni khwaahish hai maa baap ke jariye pura karna chahte hain jis din bacche confident ho jaenge apni zindagi jeene ke liye aur apne faisle ke liye prithak khud b khud khatam ho jayegi ok by good day

हेलो फ्रेंड्स इंडिया में अगर आप दहेज प्रथा को रोकना चाहते हैं तो इसका सिर्फ एक ही इलाज है

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:53
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भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए और समय लगेगा धीमे-धीमे हमारे देश में जागृति आ रही है जैसे-जैसे शिक्षा बढ़ता जाएगा शिक्षक पड़ेगा और लोग जैसे जैसे शिक्षित होकर जाएंगे लिटरेसी रेट पड़ेगा हमारे देश में अनेक राज्य में तब लोगों की समझ भी सुधरेगी और समय से इस प्रकार को तिलांजलि दी जाएगी कानूनी रूप से दहेज लेना और देना उन पर कानूनी है और उसमें सजा का प्रावधान भी है क्योंकि लड़की होने दहेज देखते हैं और लड़के वाले लेते हैं लड़की के माता-पिता को लड़की का विवाह करना रहता है इसलिए वह कंप्लेंट नहीं करते हैं और लड़के वाले लेते हैं लाभान्वित होते हैं इसलिए वह कंप्लेंट नहीं करते इस तरह से आपसी सामंजस्य से यह पता फुली खाली है लेकिन इसके प्रस्थान बहुत से हैं अपेक्षा के अनुरूप दहेज न मिलने पर दहेज के लालची जो परिवार होते हैं वह लोग बहुत पता नहीं रखते हो बैलेंस होता है यहां तक कि पति भी उसमें सम्मिलित होता है और बहुत सी कन्याओं का इसमें बलिदान दिया हुआ है सभी के साथ साल बाद तक में कुछ भी खासी सर्दी होती है तो दहेज के अंतर्गत चीज होती है कुछ इससे होते हैं किसमें का बीच का कोई रोल नहीं होता दहेज मांगना या से करना दोनों क्योंकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जो अभियान छेड़ा हुआ है वर्षों से पहले बच्चों को दूध पीते करने से दूध के साथ में खिलवाड़ करना है वह सब तथा को तिलांजलि दे दी जा चुकी है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान के तहत बच्चों को पढ़ाया भी जाता है अपने बच्चों को कितनी अच्छी शिक्षा दी गई है और कैसी कैसी जगह पर बच्चियां पहुंच गई लड़कियां वही सबसे बड़ा लड़का लड़कियों को अपने पैर पर खड़ा करके उनका विवाह करें तो कोई दहेज मांगने की हिम्मत ही नहीं करेगा लड़कियों को जरूर पढ़ना चाहिए उनको शिक्षा अच्छी देनी चाहिए और दहेज में वही कन्यादान देते हैं वही सबसे बड़ा दर्द होता है और उसमें भी कन्या को पढ़ी-लिखी एजुकेटेड बनाकर किसी का बिल बनाकर अगर हम शादी करते हैं कुछ नहीं वही होता इसलिए इस बात को स्वीकार ना जरूरी है जितना जल्दी लोग समझते हैं बेहतर है क्योंकि पढ़े-लिखे सद्दाम परिवार में दहेज की प्रथा धीमी धीमी खत्म होने को आई है लेकिन जहां पर शिक्षा का स्तर कम है गांव के दूरदराज के क्षेत्रों के हाथों में अभी भी भेज पता है शादी तय करते समय सब लोग का तय करते हैं कि आप कितने लाख में शादी करेंगे यहां तक की बातें होती हैं और तिलक विधि होती है तिलक में नगद और क्या-क्या सामान दिया जाता है कि देखकर मेरी तो आंखें फटी रह जाती लड़की की शादी हो रही है या लड़का बेचा जा रहा है यह सब दहेज प्रथा का दुश्मन है और इसे बंद होना ही पड़ेगा पहले सती प्रथा थी वह बंद थी वह एकदम मानव समाज के लिए खराब बात थी उसी तरह से यह पता भी बंद होनी चाहिए धन्यवाद

bharat mein dahej pratha ko kaise roka jaaye aur samay lagega dhime dhime hamare desh mein jagriti aa rahi hai jaise jaise shiksha badhta jaega shikshak padega aur log jaise jaise shikshit hokar jaenge literacy rate padega hamare desh mein anek rajya mein tab logon ki samajh bhi sudharegi aur samay se is prakar ko tilanjali di jayegi kanooni roop se dahej lena aur dena un par kanooni hai aur usmein saza ka pravadhan bhi hai kyonki ladki hone dahej dekhte hain aur ladke waale lete hain ladki ke mata pita ko ladki ka vivah karna rehta hai isliye vaah complaint nahi karte hain aur ladke waale lete hain labhanvit hote hain isliye vaah complaint nahi karte is tarah se aapasi samanjasya se yah pata fully khaali hai lekin iske prasthan bahut se hain apeksha ke anurup dahej na milne par dahej ke lalchi jo parivar hote hain vaah log bahut pata nahi rakhte ho balance hota hai yahan tak ki pati bhi usmein smmilit hota hai aur bahut si kanyaon ka isme balidaan diya hua hai sabhi ke saath saal baad tak mein kuch bhi khasee sardi hoti hai toh dahej ke antargat cheez hoti hai kuch isse hote hain kisme ka beech ka koi roll nahi hota dahej mangana ya se karna dono kyonki beti bachao beti padhao ka jo abhiyan cheda hua hai varshon se pehle bacchon ko doodh peete karne se doodh ke saath mein khilwad karna hai vaah sab tatha ko tilanjali de di ja chuki hai beti bachao beti padhao ka abhiyan ke tahat bacchon ko padhaya bhi jata hai apne bacchon ko kitni achi shiksha di gayi hai aur kaisi kaisi jagah par bachchiyan pahunch gayi ladkiyan wahi sabse bada ladka ladkiyon ko apne pair par khada karke unka vivah karen toh koi dahej mangne ki himmat hi nahi karega ladkiyon ko zaroor padhna chahiye unko shiksha achi deni chahiye aur dahej mein wahi kanyadan dete hain wahi sabse bada dard hota hai aur usmein bhi kanya ko padhi likhi educated banakar kisi ka bill banakar agar hum shadi karte hain kuch nahi wahi hota isliye is baat ko sweekar na zaroori hai jitna jaldi log samajhte hain behtar hai kyonki padhe likhe saddam parivar mein dahej ki pratha dheemi dheemi khatam hone ko I hai lekin jahan par shiksha ka sthar kam hai gaon ke durdaraj ke kshetro ke hathon mein abhi bhi bhej pata hai shadi tay karte samay sab log ka tay karte hain ki aap kitne lakh mein shadi karenge yahan tak ki batein hoti hain aur tilak vidhi hoti hai tilak mein nagad aur kya kya saamaan diya jata hai ki dekhkar meri toh aankhen fati reh jaati ladki ki shadi ho rahi hai ya ladka becha ja raha hai yah sab dahej pratha ka dushman hai aur ise band hona hi padega pehle sati pratha thi vaah band thi vaah ekdam manav samaaj ke liye kharaab baat thi usi tarah se yah pata bhi band honi chahiye dhanyavad

भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए और समय लगेगा धीमे-धीमे हमारे देश में जागृति आ रही है

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नमस्कार आपका प्रश्न है भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए यदि हम भारत में दहेज प्रथा को रोकना चाहते हैं उसके लिए जरूरत है कि हम अपने विचारों को अपनी सोच को परिवर्तित करें और समाज में जागरूकता लाएं हर व्यक्ति यदि अपनी सोच में यह सोचे कि जो कुछ भी हमारे पास है वह पर्याप्त है हमारे जीवन के लिए हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए यदि मैं अपनी बेटी की शादी भी करनी है यह बेटियां बेटी के दहेज लेंगे तो उससे हमारे समाज में एक कुप्रथा को तोड़ा जा सकता है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar aapka prashna hai bharat me dahej pratha ko kaise roka jaaye yadi hum bharat me dahej pratha ko rokna chahte hain uske liye zarurat hai ki hum apne vicharon ko apni soch ko parivartit kare aur samaj me jagrukta laye har vyakti yadi apni soch me yah soche ki jo kuch bhi hamare paas hai vaah paryapt hai hamare jeevan ke liye hamein kisi se kuch nahi chahiye yadi main apni beti ki shaadi bhi karni hai yah betiyan beti ke dahej lenge toh usse hamare samaj me ek kupratha ko toda ja sakta hai dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार आपका प्रश्न है भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए यदि हम भारत में दहेज प्रथा को

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Shubham Saini

Software Engineer

1:30
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आपका प्रश्न बहुत ज्यादा अच्छा है भारत देश में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए अगर हमें इस देश में दहेज प्रथा को पूरी तरह से खत्म करना है ना तो हम 9 युवकों को इसके प्रति जागरूक होना होगा जो परिवार की जो बाप अपनी बेटी को पूरी जिंदगी के लिए आपके हाथों सौंप देता है दे देता है उससे बड़ा और क्या चाहिए आपको कोई चीज की जरूरत नहीं होती जिन दुनिया में यह प्रथा बन गई है लड़की वालों से लेने का याद रखें यह काम इतना परिवर्तन हम नवयुवक लोग कर सकते हैं जैसे ना ले करके और इसे पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है आज किताब में कुछ ऐसे भी के सामने आते हैं जिनमें लड़कियों को औरतों को दहेज के नाम पर हमेशा उन्हें कष्ट दिया जाता है ऐसी कुर्तियां हमारे भारत देश में विद्यमान हैं बहुत सारे संभल आपको मिल जाएंगे देखने के लिए पर ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिससे लोगों को सबक मिले जिंदगी है जिंदगी मिली है लोगों के इंसान के मतलब को नहीं समझते हैं बस उन्हें प्रताड़ना करना शुरू कर देते हैं दहेज को लेकर के रूढ़िवादी लोग जो होते हैं सबसे बुरे होते हैं पर हम आशा करते हैं कि नवयुवक इसके प्रति जरूर जागरण कौन है

aapka prashna bahut zyada accha hai bharat desh me dahej pratha ko kaise roka jaaye agar hamein is desh me dahej pratha ko puri tarah se khatam karna hai na toh hum 9 yuvakon ko iske prati jagruk hona hoga jo parivar ki jo baap apni beti ko puri zindagi ke liye aapke hathon saunp deta hai de deta hai usse bada aur kya chahiye aapko koi cheez ki zarurat nahi hoti jin duniya me yah pratha ban gayi hai ladki walon se lene ka yaad rakhen yah kaam itna parivartan hum navayuvak log kar sakte hain jaise na le karke aur ise puri tarah se khatam kiya ja sakta hai aaj kitab me kuch aise bhi ke saamne aate hain jinmein ladkiyon ko auraton ko dahej ke naam par hamesha unhe kasht diya jata hai aisi kurtiyan hamare bharat desh me vidyaman hain bahut saare sambhal aapko mil jaenge dekhne ke liye par aise logo ke khilaf kadi se kadi aur sakht karyawahi karni chahiye jisse logo ko sabak mile zindagi hai zindagi mili hai logo ke insaan ke matlab ko nahi samajhte hain bus unhe prataadana karna shuru kar dete hain dahej ko lekar ke rudhivadi log jo hote hain sabse bure hote hain par hum asha karte hain ki navayuvak iske prati zaroor jagran kaun hai

आपका प्रश्न बहुत ज्यादा अच्छा है भारत देश में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए अगर हमें इस देश

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Kuldeep Kumar Kumawat

Soft Skill Trainer

0:34
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भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए दहेज प्रथा को रोकने का सबसे सीधा उपाय है शिक्षा को लागू करना और शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन किए जाएं और सबको शिक्षित किया जाए कि दहेज न तो लेना चाहिए और ना ही देना चाहिए और सबसे पहले जो लड़के वाले हैं दहेज लेते हैं उनको मना करना होगा और जब लड़का खुद मना करेगा कि मुझे दहेज नहीं लेना है तो क्या मजाल है कोई उसे दहेज देते सबसे सीधी शुरुआती ही से है

bharat me dahej pratha ko kaise roka jaaye dahej pratha ko rokne ka sabse seedha upay hai shiksha ko laagu karna aur shiksha me amulchul parivartan kiye jayen aur sabko shikshit kiya jaaye ki dahej na toh lena chahiye aur na hi dena chahiye aur sabse pehle jo ladke waale hain dahej lete hain unko mana karna hoga aur jab ladka khud mana karega ki mujhe dahej nahi lena hai toh kya majal hai koi use dahej dete sabse seedhi shuruati hi se hai

भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए दहेज प्रथा को रोकने का सबसे सीधा उपाय है शिक्षा को ला

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महेश हिन्दू

विधार्थी

2:00
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नमस्कार भाई और बहनों किसी ने पूछा कि भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए तो मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि देश पड़ता तो भारत छोड़ो बाकी अन्य देशों में भी जारी है लेकिन भारत के हम विशेषकर बात करें तो भारत में यह प्रथा तो लगभग दो ढाई हजार पर से चली आ रही है इस प्रथा को रोकना लगभग पूर्ण रूप से तय नहीं रुक सकती लेकिन ऐसा है कि लोगों को जागरूक करें और जो जो भी भाई बहन यह मेरी बात सुने तो दिन की शादी हो चुकी है या होगी तो वह देश ले ही ना लड़का है तो देख लेना लड़की है ससुराल जाएगी तो वह भी कह दे कि मैं देश नहीं लूंगी ऐसे आप जागरूक होंगे आपसे और प्रेरित लोग होंगे इस प्रकार आप यह का ध्यान चल जाएगा संपूर्ण भारत में इस प्रकार से रोक लग सकती बाकी रही बात कानून की तो सरकार कानून इस पर कठोर कानून बनाए और जिस प्रकार मोदी जी ने स्वच्छ इंडिया का अभियान चलाया कि वैसे ही इतना इस पर जोर दिया जाए तो यह पूर्णत समाप्त हो सकते हैं कोई ज्यादा कठिन नहीं है लेकिन फिर भी एक दो पर्सेंट तो लोग इस अज्ञान में शामिल नहीं होंगे क्योंकि आज भी भारत के लोग हैं जो परंपराओं और रीति-रिवाजों पर अत्यधिक विश्वास करते हैं और वह छोड़ना नहीं चाहते चाहे कुछ भी हो जाए धन्यवाद तथा आपसे मेरा अनुरोध है कि विशेषकर आप बड़े हो जाए आपकी बेटी की शादी होगी या कोई भी हो तो आप इस प्रथा को बंद करो अपने घर से ही शुरुआत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा

namaskar bhai aur bahanon kisi ne puchha ki bharat mein dahej pratha ko kaise roka jaye toh main aapki jankari ke liye bata doon ki desh padta toh bharat chhodo baki anya deshon mein bhi jaari hai lekin bharat ke hum visheshkar baat karein toh bharat mein yeh pratha toh lagbhag do dhai hazaar par se chali aa rahi hai is pratha ko rokna lagbhag poorn roop se tay nahi ruk sakti lekin aisa hai ki logon ko jaagruk karein aur jo jo bhi bhai behen yeh meri baat sune toh din ki shadi ho chuki hai ya hogi toh wah desh le hi na ladka hai toh dekh lena ladki hai sasural jayegi toh wah bhi keh de ki main desh nahi lungi aise aap jaagruk honge aapse aur prerit log honge is prakar aap yeh ka dhyan chal jayega sampurna bharat mein is prakar se rok lag sakti baki rahi baat kanoon ki toh sarkar kanoon is par kathor kanoon banaye aur jis prakar modi ji ne swacch india ka abhiyan chalaya ki waise hi itna is par jor diya jaye toh yeh purnat samapt ho sakte hain koi zyada kathin nahi hai lekin phir bhi ek do percent toh log is agyan mein shaamil nahi honge kyonki aaj bhi bharat ke log hain jo paramparaon aur riti rivajon par atyadhik vishwas karte hain aur wah chhodna nahi chahte chahe kuch bhi ho jaye dhanyavad tatha aapse mera anurodh hai ki visheshkar aap bade ho jaye aapki beti ki shadi hogi ya koi bhi ho toh aap is pratha ko band karo apne ghar se hi shuruaat karo sab kuch theek ho jayega

नमस्कार भाई और बहनों किसी ने पूछा कि भारत में दहेज प्रथा को कैसे रोका जाए तो मैं आपकी जानक

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sumit agarwal

business man

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Jitendra Kumar

Farnichar Contectar

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हेलो दोस्तों दहेज प्रथा हमारे देश का सबसे बड़ा बीमारी है इनकी दहेज से हमारे देश में बहुत ज्यादा गरीब लोग परेशान हैं दहेज प्रथा इतनी बुरी प्रथा है इतना गलत पड़ता है कि मैं इसका बखान करूंगा तो आप कहेंगे ऐसा भी होता है क्या मैं कोई फर्क नहीं हूं मैं एक्सपर्ट के हिसाब से आपको सवालों का जवाब नहीं देता हूं मैंने जो देखा है और मैंने जो अनुभव किया है जिंदगी से वह मैं आपके साथ साझा करता हूं हो सकता है थोड़ा आपके सवालों के जवाब में थोड़ी अलग हो लेकिन मैंने जो देखा है मैंने जो अनुभव किया है मैं वही आपके साथ साझा करता हूं दहेज का मैं कुछ उदाहरण देता हूं आपको मैं भी बिहार का रहने वाला हूं वर्तमान में मैं इंदौर में रहता हूं देखा जाए तो मैं इंदौर में ही 9 सालों से रह रहा हूं लेकिन रहने वाला है ऐसे में बिहार से तो बिहार के बारे में कुछ मैं आपको बता रहा हूं कि वहां दहेज प्रथा के कारण कितनी तकलीफ है जीना कितना परेशान होना पड़ता है एक गरीब इंसान को वहां शादी कुछ इस तरह होता है हर लड़की के मां-बाप सोचते हैं कि मेरी लड़की अच्छे घर में जाए सुखी रहें खुश रहें तो वह सबसे पहले लड़के को ढूंढ रिश्तेदारों में गांव-गांव पता करते हैं कि मुझे लड़की योग्य लड़का कहां है कौन से घर में मेरी लड़की खुश रहेगी फिर वह लड़का जब ढूंढ लेते हैं उसके पास जाते हैं बोलते कि आप अपनी लड़की की शादी हमारी लड़की से कीजिए ठीक है कोई बात नहीं है लड़का को दिखा देते लड़का ठीक है फिर वह निमंत्रण देते हैं कि आप अब हमारे घर आई है लड़की देखिए लड़के वाले के यहां से टाइम धीरे अनुसार वह लड़की वाले के घर आते हैं फिर उसके बाद लड़की नाश्ता चाय पानी खाना नाश्ता चाय पानी हो जाता है उसके बाद लड़की को बुलाते हैं लड़की को देखते हैं लड़की खूबसूरत है अच्छी है सब कुछ और टेस्ट कलेक्टर पढ़े-लिखे कितनी है दिखने में कैसी है चल कर दिखाओ बेटी की अपाहिज तो नहीं है सब कुछ करने के बाद जब उनको पसंद आ जाता है तो वह बोलते हैं कि अब अपनी लेन-देन की बात हो जाए अब क्या होता है अब उनकी मां कैसी रहती है अगर लड़का डॉक्टर है या पुलिस में है या कोई बिजनेस करता है जिस हिसाब से उनकी योग्यता है उस लड़के की योग्यता है उस हिसाब से वह मांग करते हैं उनके संपत्ति के हिसाब से जितना चाहिए मुझे उतना चाहिए मुझे कार चाहिए मुझे सोने के चेन चाहिए मुझे गाड़ी चाहिए मुझे पैसा चाहिए मुझे चाहिए वह चाहिए कि लड़के वाला हाथ जोड़ता है नहीं बाबू जी मैं इतना नहीं दे पाऊंगा इतना नहीं हो पाएगा अपनी कोशिश रहती है जिसे एक सामान बेचते ना कैसे कि मेरा इतना भाव है इतने मिलूंगा नहीं बाबूजी कम कर लो और थोड़ा कम कर लो इतना मैं इतना नहीं दे पाऊंगा ठीक वैसे ही जैसे लड़के का सौदा कर रहे हो फिर उसके बाद होने के बाद क्या होता है कहीं जाकर उनके केपेसिटी में होता है लड़की वाला अगर उतना दे सकता है तब तो मामला जम जाता है और अगर नहीं दे सकता लेनदेन की बातों का पक्की नहीं हुई तो वहीं पर वह मना भी कर के चल जाते हैं कि नहीं मैं तो इतना ही लूंगा तो यह अपनी लड़की की शादी करूंगा आपके नहीं तो नहीं करूंगा और अगर कभी लड़की के बाप ने थोड़ी हिम्मत भी बोले कि चलो ठीक है कर लेंगे थोड़ी जमीन बेच लेंगे थोड़ा करने को कल नहीं ऐसे करके शादी के लिए हां भर लेता है वह क्या करता है कि कर लेता है इनसे उनसे कर लेगा उसके बाद अगर उससे भी पूरा नहीं होगा तो बताइएगा जमीन बेचने के बाद क्या है अबू लड़की की शादी जैसे-तैसे तो कर देगा करने के बाद क्या है कि अब वह पैसा कमाने बाहर निकल जाएगा या फिर घर में ही अगर कोई काम करता है तुम ही करेगा उसके बाद वह कर्ज को चुकाने में लग जाएगा अब कर्ज चुकाने में लग गया अगर मान लो किसी के दो तीन लड़की है तीन चार लड़कियां भी होती है किसी किसी की अगर 3 साल लड़की है फिर उसका कर्ज चुकाते चुकाते वह दूसरे के टेंशन में आ जाएगा और अब मेरी दूसरी लड़की भी बड़ी हो गई अब मैं उसके कैसे शादी करूंगा कि जैसे तैसे जैसे तैसे करके वह पहले का कर्ज चुकाते चुकाते चुकाते जब तक दूसरी वाली तैयार हो जाएगी उसमें भी वही हाल है उसका कर्ज चुकाते चुकाते तीसरी तैयार हो जाएगी फिर उसमें भी वही हाल है उसका कर्ज चुकाते चुकाते चौथी तैयार हो जाएगी तो उसकी पूरी जिंदगी इन लड़कियों की शादी करने में लग जाता वह कभी विकास नहीं कर पाता तो कहां से होगा विकास देश पड़ता अपने देश का बहुत बड़ा बीमारी है कहां से करेगा विकास वह तो पूरी जिंदगी पैसे कमाकर लड़कियों की शादी करने में लग गया तो वह कहां से विकास करें कहां से घर बनाएगा कहां से अच्छा बिजनेस करेगा कहां से क्या करेगा उसे इसी कारण इसी कारण विकास नहीं हो पाता है तो यह बहुत बहुत बड़ी उलझन में आपको बिहार में अगर एक लड़की होता है ना तो लोग खुशी मनाते हैं लेकिन जिसके घर लड़की होता है ना वह दुखी हो जाता अरे यार मैं यहां पर लड़की हुई है ऐसा क्यों होता है लड़की लड़की मूवी फर्क थोड़ी है फर्क क्यों है उसका कारण है अगर दहेज ना होगा लड़की लड़के में क्या फर्क है और कभी दो तीन लड़की हो गया वह अपनी किस्मत को कोसने लगता है लगता है मैंने पिछले जन्म की सजा है मैंने पिछले जन्म में कोई पाप किया है तो मुझे दो-तीन लड़की हो गई इसे दुखी होता है जैसे मतलब लड़कियां अपने आप को बहुत किस्मत मानती है कि मैं कहां जन्म ले ली तो यह बहुत बड़ा बीमारी है और मैंने देखा है बिहार में ऐसा ही होता है और इसी कारण अपना देश में और चल रहा के बारे में तो ज्यादा नहीं जानता हूं लेकिन नगर में बिहार के बात करूं तो उसके विकास न करने का यह भी एक बहुत बड़ा कारण है क्यों मुझे ऐसा लगता है तो देश प्रथा खत्म होना चाहिए और इसके प्रति बहुत कानून भी बनो बहुत देवन है मैं तो कहता हूं कि कानून बनाने वाले भी देख लेते होंगे तो भी बोलता हूं कि हम सबको मिलकर इस को खत्म करना चाहिए और यह बहुत कठिन है लेकिन शो करना चाहिए क्या तुम किसी भी तरीके से तो विकास कभी नहीं हो पाएगा

hello doston dahej pratha hamare desh ka sabse bada bimari hai inki dahej se hamare desh me bahut zyada garib log pareshan hain dahej pratha itni buri pratha hai itna galat padta hai ki main iska bakhan karunga toh aap kahenge aisa bhi hota hai kya main koi fark nahi hoon main expert ke hisab se aapko sawalon ka jawab nahi deta hoon maine jo dekha hai aur maine jo anubhav kiya hai zindagi se vaah main aapke saath sajha karta hoon ho sakta hai thoda aapke sawalon ke jawab me thodi alag ho lekin maine jo dekha hai maine jo anubhav kiya hai main wahi aapke saath sajha karta hoon dahej ka main kuch udaharan deta hoon aapko main bhi bihar ka rehne vala hoon vartaman me main indore me rehta hoon dekha jaaye toh main indore me hi 9 salon se reh raha hoon lekin rehne vala hai aise me bihar se toh bihar ke bare me kuch main aapko bata raha hoon ki wahan dahej pratha ke karan kitni takleef hai jeena kitna pareshan hona padta hai ek garib insaan ko wahan shaadi kuch is tarah hota hai har ladki ke 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हेलो दोस्तों दहेज प्रथा हमारे देश का सबसे बड़ा बीमारी है इनकी दहेज से हमारे देश में बहुत ज

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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Kundan Vishawkarma

Dukaan Ka Kam

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Ajit Kumar Yadav

Teaching And Motivating

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भारत में ज्यादातर दहेज प्रथा को बढ़ावा देने वाले लोग लड़की के पिता ही होते हैं क्या क्यों बेहतर की तलाश में होते हैं और यह चाहते हैं कि पैसा कितना भी लगे लेकिन हम अपनी बेटी को अच्छे से अच्छे घर में भेजेंगे और दूसरी चीज अगर हमारी कोई अच्छा बनने की भी कोशिश करें और रोजी कहे हमें दहेज नहीं लेना है तो वह सोचेंगे कि इसके पास तो कुछ है ही नहीं कभी कुछ नहीं मांग रहा है जबकि वहां पर यह सोचेंगे कि उनका स्टेटस ही समाज में कुछ नहीं है तभी तो कुछ मांग नहीं रहे तो यह सब बात हुई बहुत मायने रखते हैं खासतौर यह में वीडियो संध्या की बात कर रहा हूं कि वहां की चीजें ज्यादा होती है और रही बात बड़े लोगों में तो बड़े लोग तो फिलहाल दहेज की डिमांड कर्व करते हैं आइडिया इतना पैसे कैसे मेरी जान कम ही आते हैं क्योंकि जो रिच मैन होते हैं वह प्रयोग भी देखते हैं गुड़ की चूत कन्या के अंदर गुण को संस्कारवान मिडिल क्लास में सबसे ज्यादा है और उसके बाद मेरा ईमान लाए कहीं ना कहीं कि जितना दहेज प्रथा के लड़के जी वाले जिम्मेदार है उतना लड़की वाली है दोनों लोग अगर इसको आप समझ कर कि अगर इस इग्नोर करें तो संभव है कि दहेज प्रथा जिसमें कम हो जाए

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भारत में ज्यादातर दहेज प्रथा को बढ़ावा देने वाले लोग लड़की के पिता ही होते हैं क्या क्यों

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Prakhar Srivastava

IAS Aspirant

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देखिए दहेज प्रथा को रोकने के लिए बहुत सारे कानून हमारे देश में पहले से ही बने हुए हैं लेकिन फिर भी यह प्रथा क्यों नहीं रुक रही इसके भी कई कारण है तो कैसे रोका जाए अब प्रश्न यह बनता है तो इसकी कई सारे जवाब हो सकते हैं कई सारे तरीके हो सकते हैं पहला तो यह कि अपने ही घर से शुरुआत की जाए यदि आप एक पुरुष अविवाहित पुरुष है तो आप यह संकल्प लें कि आप अपनी शादी में कोई दहेज नहीं लेंगे और उस संकल्प को पूरा भी करें फिर दूसरा आप यह कर सकते हैं कि आपकी संगति के जितने भी आपके भाई हैं या रिश्तेदारों में आपके कुंवारे लोग हैं जिनकी शादी होने वाली है और जो भी आपके दोस्त हैं जो अनमैरिड हैं जो शादी करने वाले हैं उन सब को आप प्रेरित करें कि दहेज नहीं लेना चाहिए और कोशिश करें कि उनको मजबूर कर दें कुछ ऐसा करके कि वह दहेज ना ले जाए आपको हमसे दोस्ती ही तोड़ नहीं पड़ता आप उनको मतलब समझाएं किसी भी तरह से एरिया एक बहुत ही गलत चीज है आप कितने पढ़े लिखे हो करके क्यों दहेज ले रहे हो या आप एक तरफ कहते हो कि हम अपनी बीवी को पा लेंगे यह वह उल्टी सीधी बातें कहते हो बड़ी-बड़ी लेकिन फिर भी पहले तो इन सब चीजों से अगर आप प्रेरित कर सकते हैं तो एक बहुत अच्छा कदम होगा तीसरा यह किया जा सकता है कि गांव-गांव में जाकर जागरूकता अभियान फैलाई जाए हालांकि यह सब चीजें बहुत होती है फिर भी असर नहीं पड़ता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम इन तीनों को करना छोड़ देंगे इन चीजों को निरंतर करना चाहिए चौथा हम यह कर सकते अगर हम हर तरह से असफल हो जा रहे हैं और कोई व्यक्ति दहेज के नाम पर कोई हिंसा कर रहा है तो हम उसकी शिकायत अपनी तरफ से जा करके पुलिस में कर सकते हैं बिना किसी डर के कि हम पुलिस में जाएंगे तो हमारे ऊपर कोई ऑप्शन हो जाएगा ऐसा कुछ नहीं होता है आप किसी की भी शिकायत प्रमाण के साथ भूत के साथ जाकर के कर सकते हैं यह सब चीजें थोड़ी कमी जरूर लाएंगे धन्यवाद

dekhiye dahej pratha ko rokne ke liye bahut saare kanoon hamare desh mein pehle se hi bane hue hain lekin phir bhi yah pratha kyon nahi ruk rahi iske bhi kai karan hai toh kaise roka jaaye ab prashna yah banta hai toh iski kai saare jawab ho sakte hain kai saare tarike ho sakte hain pehla toh yah ki apne hi ghar se shuruaat ki jaaye yadi aap ek purush avivahit purush hai toh aap yah sankalp lein ki aap apni shadi mein koi dahej nahi lenge aur us sankalp ko pura bhi karen phir doosra aap yah kar sakte hain ki aapki sangati ke jitne bhi aapke bhai hain ya rishtedaron mein aapke kunware log hain jinki shadi hone waali hai aur jo bhi aapke dost hain jo unmarried hain jo shadi karne waale hain un sab ko aap prerit karen ki dahej nahi lena chahiye aur koshish karen ki unko majboor kar dein kuch aisa karke ki vaah dahej na le jaaye aapko humse dosti hi tod nahi padta aap unko matlab samjhayen kisi bhi tarah se area ek bahut hi galat cheez hai aap kitne padhe likhe ho karke kyon dahej le rahe ho ya aap ek taraf kehte ho ki hum apni biwi ko paa lenge yah vaah ulti seedhi batein kehte ho badi badi lekin phir bhi pehle toh in sab chijon se agar aap prerit kar sakte hain toh ek bahut accha kadam hoga teesra yah kiya ja sakta hai ki gaon gaon mein jaakar jagrukta abhiyan failai jaaye halanki yah sab cheezen bahut hoti hai phir bhi asar nahi padta lekin iska matlab yah nahi ki hum in teenon ko karna chhod denge in chijon ko nirantar karna chahiye chautha hum yah kar sakte agar hum har tarah se asafal ho ja rahe hain aur koi vyakti dahej ke naam par koi hinsa kar raha hai toh hum uski shikayat apni taraf se ja karke police mein kar sakte hain bina kisi dar ke ki hum police mein jaenge toh hamare upar koi option ho jaega aisa kuch nahi hota hai aap kisi ki bhi shikayat pramaan ke saath bhoot ke saath jaakar ke kar sakte hain yah sab cheezen thodi kami zaroor layenge dhanyavad

देखिए दहेज प्रथा को रोकने के लिए बहुत सारे कानून हमारे देश में पहले से ही बने हुए हैं लेकि

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Ganpatlaljambhani

Vet Coumpuder

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भारत में देश भरता को कैसे रोका जाए सबसे पहले वर वर को दहेज लेना बंद करना चाहिए जो अपने माता पिता को छोड़ कर के अपना पूरी बॉडी पूरी लाइफ पर असली लेकर अपने पास आ रही है कन्यादान कर रहे हैं कन्यादान से बड़ा देश क्या है इसे बड़ा कुछ भेज नहीं है अपन कम आएंगे तो खाएंगे इसलिए दूल्हा को दहेज नहीं लाना चाहिए तो देश को रोका जा सकता आराम के साथ

bharat me desh bharta ko kaise roka jaaye sabse pehle var var ko dahej lena band karna chahiye jo apne mata pita ko chhod kar ke apna puri body puri life par asli lekar apne paas aa rahi hai kanyadan kar rahe hain kanyadan se bada desh kya hai ise bada kuch bhej nahi hai apan kam aayenge toh khayenge isliye dulha ko dahej nahi lana chahiye toh desh ko roka ja sakta aaram ke saath

भारत में देश भरता को कैसे रोका जाए सबसे पहले वर वर को दहेज लेना बंद करना चाहिए जो अपने मात

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preet

Student, Tutor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तीखे जहां तक भारत में दहेज प्रथा को रोकने की बात है तो सबसे पहले प्रयास यह करना चाहिए कि लड़की को अधिक से अधिक शिक्षित करके उसे अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए तुम हर लड़की पड़ेगी आगे बढ़ेगी अपने पैरों पर खड़ी होगी अपने जीवन में सक्षम हो पाएगी तू यह दहेज जैसी चीजों को बढ़ावा कब मिलेगा ज्यादातर मैंने देखा है यह मेरा अनुभव है कि वह परिवार लड़की की शादी में दहेज देने के लिए ज्यादा प्रेरित हो जाता है जिस परिवार की लड़की से शादी करनी है वह अधिक पढ़ी-लिखी या जीविका चलाने का कोई साधन उसके पास नहीं होता है लड़की का कम पढ़ा लिखा होना उसका जीविका चलाने में असमर्थ हो ना यह भी एक कारण है जो दहेज देने को प्रेरित करता है

tikhe jahan tak bharat mein dahej pratha ko rokne ki baat hai toh sabse pehle prayas yah karna chahiye ki ladki ko adhik se adhik shikshit karke use apne pairon par khada hone ke liye protsahit karna chahiye tum har ladki padegi aage badhegi apne pairon par khadi hogi apne jeevan mein saksham ho payegi tu yah dahej jaisi chijon ko badhawa kab milega jyadatar maine dekha hai yah mera anubhav hai ki vaah parivar ladki ki shadi mein dahej dene ke liye zyada prerit ho jata hai jis parivar ki ladki se shadi karni hai vaah adhik padhi likhi ya jeevika chalane ka koi sadhan uske paas nahi hota hai ladki ka kam padha likha hona uska jeevika chalane mein asamarth ho na yah bhi ek karan hai jo dahej dene ko prerit karta hai

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