क्या आरक्षण भारत के लिए सही है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:35
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क्या आरक्षण भारत के लिए सही लिखे वैसे तो पर्सनली में किसी भी तरह के आरक्षण के पक्ष में नहीं लेकिन फिर भी जो इस समय चल रहा है वह जाती है किस जाति के लोगों को आरक्षण दिया जाना वह हमारे आजादी के समय की मांग की पिछड़ी जातियों को आगे ले आने का उनकी प्रगति हो और समाज की मुख्यधारा में मिले इसलिए डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर आरक्षण का प्रावधान किया था लेकिन आज़ादी को 70 साल बीत गए लेकिन उसी चीज को आगे बढ़ाया जा रहा है क्योंकि जिन समाजों को आगे लाने की मुहिम छेड़ी थी वह तो 20 साल में ही काफी प्रगति कर चुके थे और आज भी प्रगतिशील है अब उन्हें आरक्षण की जरूरत कितनी है वह वही बता सकते हैं लेकिन आज सबसे ज्यादा आरक्षण की अगर जरूरत है तो गरीब विद्यार्थियों को और गरीब नौकरी वालों को आरक्षण कर देना ही है तो आर्थिक परिस्थिति को आधार मानकर अगर आरक्षण दिया जाए इससे हमारा जो बुद्धि धन है उसको धोती उभरने कैसे बहुत मिलेंगे और बुद्धि 10 हमारे देश में उसका सदुपयोग हो पाएगा इससे भारत की प्रगति में और भी तेजी आ सकती इसलिए आरक्षण देना है तो आर्थिक सड़को पे में नामांकन उसको आधार पर आरक्षण और जाति आधारित आरक्षण खत्म करके उसे इस तरह का प्रावधान करें ताकि समाज के सभी पिछड़े हुए गरीब तबके के जो भी होनहार विद्यार्थी जो भी होनहार नौकरी वांचू हैं उन सब को भी अपनी योग्यता बात करने का और देश की प्रगति में सहायक होने का उम्मीदें मौका मिल सके धन्यवाद

kya aarakshan bharat ke liye sahi likhe waise toh personally me kisi bhi tarah ke aarakshan ke paksh me nahi lekin phir bhi jo is samay chal raha hai vaah jaati hai kis jati ke logo ko aarakshan diya jana vaah hamare azadi ke samay ki maang ki pichhadi jaatiyo ko aage le aane ka unki pragati ho aur samaj ki mukhyadhara me mile isliye doctor babasaheb ambedkar aarakshan ka pravadhan kiya tha lekin aazadi ko 70 saal beet gaye lekin usi cheez ko aage badhaya ja raha hai kyonki jin Samajon ko aage lane ki muhim chedi thi vaah toh 20 saal me hi kaafi pragati kar chuke the aur aaj bhi pragatisheel hai ab unhe aarakshan ki zarurat kitni hai vaah wahi bata sakte hain lekin aaj sabse zyada aarakshan ki agar zarurat hai toh garib vidyarthiyon ko aur garib naukri walon ko aarakshan kar dena hi hai toh aarthik paristhiti ko aadhar maankar agar aarakshan diya jaaye isse hamara jo buddhi dhan hai usko dhoti ubharane kaise bahut milenge aur buddhi 10 hamare desh me uska sadupyog ho payega isse bharat ki pragati me aur bhi teji aa sakti isliye aarakshan dena hai toh aarthik sadako pe me namankan usko aadhar par aarakshan aur jati aadharit aarakshan khatam karke use is tarah ka pravadhan kare taki samaj ke sabhi pichade hue garib tabke ke jo bhi honhar vidyarthi jo bhi honhar naukri vanchu hain un sab ko bhi apni yogyata baat karne ka aur desh ki pragati me sahayak hone ka ummeeden mauka mil sake dhanyavad

क्या आरक्षण भारत के लिए सही लिखे वैसे तो पर्सनली में किसी भी तरह के आरक्षण के पक्ष में नही

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निशांत

Social Worker

1:58

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आरक्षण का मूल सिद्धांत समझना जरूरी है भारत में जो आरक्षण लाई गई थी वह लोगों की जाति के बेसिस पर लाई गई थी और वह इसलिए लाई गई थी क्योंकि एससी और एसटी की कैटेगरी है उनको बाकी लोगों ने बहुत परेशान किया था उनकी कोई इज्जत नहीं होती थी उनको तरह-तरह के प्रताड़ना दी जाती थी तो आज कुछ लोग यह कहते हैं कि आरक्षण इकोनामिक बेसिस पर होना चाहिए तो क्या आप उसको इज्जत की नजर से देखेंगे आपके मन में जो गलत बातें उसके लिए है जो सालों से बिना बैठी हो रही है क्या उसके ऊपर उठ पाएंगे और अभी मोदी सरकार ने जो नया दस परसेंट आरक्षण निकाला है ऊंची जाति के लिए उससे कुछ हद तक जो इकोनामिक बेसिस पर रिजर्वेशन की बात चलती है वह थोड़ा तक कवर करती है उसको आरक्षण के में कुछ चेंज तो किए जा सकते हैं जैसे कि मान लीजिए कि किसी एक परिवार को आरक्षण का लाभ मिलता है तो एक बार जब उसका लाभ मिल जाता है और वह किसी पोस्ट पर चले जाते हैं उनके परिवार का विकास हो जाता है तो नेक्स्ट जेनरेशन को वास आरक्षण का लाभ ना मिले हम जरूर सोच सकते बस सिर्फ एक मैसेज करो मैं तो इसका समर्थन तभी करूंगा जब हमारी सोच बदले अब कुछ लोग कहते हैं कि प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस में भी आरक्षण होना चाहिए मैं इसका समर्थन बिल्कुल नहीं करता हूं क्योंकि प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस काफी हद तक एक निजी चीज है जो लोग अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं वहां पर क्या नियम होने चाहिए उसको कोई इंश्योरेंस नहीं करना चाहिए और अगर हमें इसका सफलता देखना ही है तो हमें यह जरूर देखना चाहिए कि इससे देश को लाभ हुआ है कि नहीं मेरे हिसाब से तो इसको देश देश को इसे जरुर लागू है

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आरक्षण का मूल सिद्धांत समझना जरूरी है भारत में जो आरक्षण लाई गई थी वह लोगों की जाति के बेस

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Vivek Shukla

Life coach

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कि आपका सवाल है कि क्या आरक्षण भारत के यह सही है कि आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन उन लोगों को मिलना चाहिए जो जाट जाति या फिर सबका आजकल देख कर दिया जा रहा है यह बहुत गलत लगता है क्योंकि आरक्षण के लिए होना चाहिए उसको वास्तविकता में नहीं मिल पा रहा है मैंने जो लोग नहीं खुद को चला पर यह जो अपने घर को नहीं संभाल पा रहे हैं उनके लिए आरक्षण शब्द होना चाहिए वह लोग ही इसका लाभ ले तो ज्यादा बेहतर होगा लोग अमीर होते हुए भी आरक्षण का पूरा पूरा लाभ लेते हैं जिससे देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और हर प्रकार से गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर भी आरक्षण लेकर और ज्यादा बढ़ता जा रहा है एचएम अच्छा यही होगा कि जो योग्य हो चाहे कोई भी जाता है कोई भी धर्म का हो जो मन एकदम से जिसकी उठने की मानेज और दबा कुचला वास्तविकता में है आरक्षण उसी के लिए होता है ऐसे लोगों को देखकर मैंने इससे लोगों को सही तरीके से जानकर सरकारों को यूं चला दे तो ज्यादा अच्छा होगा उसके बाद फ्रेंड

ki aapka sawaal hai ki kya aarakshan bharat ke yah sahi hai ki aarakshan milna chahiye lekin un logo ko milna chahiye jo jaat jati ya phir sabka aajkal dekh kar diya ja raha hai yah bahut galat lagta hai kyonki aarakshan ke liye hona chahiye usko vastavikta mein nahi mil paa raha hai maine jo log nahi khud ko chala par yah jo apne ghar ko nahi sambhaal paa rahe hain unke liye aarakshan shabd hona chahiye vaah log hi iska labh le toh zyada behtar hoga log amir hote hue bhi aarakshan ka pura pura labh lete hain jisse desh ki aarthik sthiti kamjor ho rahi hai aur har prakar se garib aur garib hota ja raha hai aur amir bhi aarakshan lekar aur zyada badhta ja raha hai HM accha yahi hoga ki jo yogya ho chahen koi bhi jata hai koi bhi dharm ka ho jo man ekdam se jiski uthane ki manej aur daba kuchala vastavikta mein hai aarakshan usi ke liye hota hai aise logo ko dekhkar maine isse logo ko sahi tarike se jaankar sarkaro ko yun chala de toh zyada accha hoga uske baad friend

कि आपका सवाल है कि क्या आरक्षण भारत के यह सही है कि आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन उन लोगों को म

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Dr. Chinmaya Behera

Eco.,Fin., Pol.,life.,&career

1:06
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इंडिया में रिजर्वेशन की जरूरत है पर कस्टम माइज रिजर्वेशन होना चाहिए मेजर कौस्तुभ माइज रिजर्वेशन बोल रहा हूं उसका मतलब जिसके पास पैसा नहीं है उन्होंने खा ली हुई थी कोई भी हो या दलित हो सब हो या के स्त्रियों को कोई भी उस को चुन चुन कर रिजर्वेशन रिजर्वेशन देना चाहिए जाति के आधार पर रिजर्वेशन देना गलत है इंडिया में जो रिजर्वेशन है कम यूज हो रहा है ज्यादा मिस यूज़ हो रहा है कभी कबार राज कर्म से भी वह बहुत मिस यूज़ हो रहा है

india mein reservation ki zarurat hai par custom maij reservation hona chahiye major kaustubh maij reservation bol raha hoon uska matlab jiske paas paisa nahi hai unhone kha li hui thi koi bhi ho ya dalit ho sab ho ya ke sthreeyon ko koi bhi us ko chun chun kar reservation reservation dena chahiye jati ke aadhaar par reservation dena galat hai india mein jo reservation hai kam use ho raha hai zyada miss use ho raha hai kabhi kabar raaj karm se bhi wah bahut miss use ho raha hai

इंडिया में रिजर्वेशन की जरूरत है पर कस्टम माइज रिजर्वेशन होना चाहिए मेजर कौस्तुभ माइज रिजर

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Vikas Singh

Political Analyst

1:36
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देखिए आरक्षण भारत के लिए सही है कोई गलत चीज नहीं है लेकिन आरक्षण आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए बहुत लोग बोलते हैं कि आरक्षण को समझना जरूरी है एससी एसटी के लोगों को ऊंची जाति वालों ने बहुत तड़पाया था बहुत सताया था उसके बाद आरक्षण लागू किया गया था देखिए यह भ्रम फैला रहे हैं ना ऐसा कुछ नहीं था भगवान राम किस समय से जो ऊंची जाति के लोग हुआ करते थे वह लोग भी मिल जुल कर रहते थे छोटे लोगों को इज्जत देते थे राजपूत पंडितों की सवाल है तो यह हमेशा छोटी जातियों को साथ लेकर चलेंगे महाराणा प्रताप पृथ्वीराज चौहान माता पद्मावती रानी लक्ष्मीबाई के सभी लोग पुलिस समाज को लेकर साथ चलते थे तो आरक्षण हमारे देश में होना चाहिए लेकिन इस स्थिति के आधार पर होना चाहिए बड़े दुर्भाग्य की बात है कि हमारे देश का आईएएस अधिकारी अपने बेटे का फीस नहीं भरता है और हमारे देश का चपरासी अपने बेटे का फेस भरता है जरा सोचिए वह देश तरक्की कैसे कर सकता है अभी अभी मोदी जी ने 10 परसेंट गरीब सवर्णों को आरक्षण देकर बहुत बढ़िया काम किया है पहली बार किसी नेता ने देश के लिए सोचा है तो आरक्षण आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए एजुकेशन में नंबर के आधार पर होना चाहिए जब इस तरह से आरक्षण होगा तो हमारा देश बहुत तरक्की करेगा हमारा देश बहुत आगे बढ़ेगा धन्यवाद

dekhiye aarakshan bharat ke liye sahi hai koi galat cheez nahi hai lekin aarakshan aarthik sthiti ke aadhaar par hona chahiye bahut log bolte hain ki aarakshan ko samajhna zaroori hai SC ST ke logo ko uchi jati walon ne bahut tadpaya tha bahut sataaya tha uske baad aarakshan laagu kiya gaya tha dekhiye yah bharam faila rahe hain na aisa kuch nahi tha bhagwan ram kis samay se jo uchi jati ke log hua karte the vaah log bhi mil jul kar rehte the chote logo ko izzat dete the rajput pandito ki sawaal hai toh yah hamesha choti jaatiyo ko saath lekar chalenge maharana pratap prithviraj Chauhan mata padmavati rani lakshmibai ke sabhi log police samaj ko lekar saath chalte the toh aarakshan hamare desh mein hona chahiye lekin is sthiti ke aadhaar par hona chahiye bade durbhagya ki baat hai ki hamare desh ka IAS adhikari apne bete ka fees nahi bharta hai aur hamare desh ka chaprasi apne bete ka face bharta hai zara sochiye vaah desh tarakki kaise kar sakta hai abhi abhi modi ji ne 10 percent garib swarno ko aarakshan dekar bahut badhiya kaam kiya hai pehli baar kisi neta ne desh ke liye socha hai toh aarakshan aarthik sthiti ke aadhaar par hona chahiye education mein number ke aadhaar par hona chahiye jab is tarah se aarakshan hoga toh hamara desh bahut tarakki karega hamara desh bahut aage badhega dhanyavad

देखिए आरक्षण भारत के लिए सही है कोई गलत चीज नहीं है लेकिन आरक्षण आर्थिक स्थिति के आधार पर

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

1:57
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नमस्कार दोस्त आपका सवाल है क्या भारत में आरक्षण होना उचित है कतई उचित नहीं है खासतौर पर आज के मौके में तो कतई उचित नहीं है बिल्कुल उचित नहीं है क्योंकि आरक्षण के जरिए योग्यता का हनन हो रहा है किस पोस्ट पर किस पद पर किस कार्य के लिए जिसे बैठना चाहिए वह नहीं बैठ पा रहा है योग्य व्यक्ति बाहर निराश मनहूस ओके बैठा हुआ है उसका रोजगार उसकी मेहनत कोई और खाया जा रहा है अगर आपको आराधना करके आर्थिक आधार पर करिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण तो यह है कि अगर कोई गरीब मां-बाप का बच्चा काफी होनहार है उसे पढ़ने में दिक्कत आ रही है आगे नहीं पढ़ पा रहा है और उसे पढ़ना अति आवश्यक है और ऐसे योग्य व्यक्ति ऐसे बच्चों की तो समाज में और देश की जरूरत है तो हम वहां पर हेल्प करें चाहे वह किसी जाति का किसी कास्ट का दूसरी बात कि आजकल जैसा लोग बोलते हैं कि पहले ऐसा होता था पहले ऐसा होता था छुआछूत होता था लेकिन दोस्तों आज सब कुछ कुछ भी नहीं रह गया यह सब बोलने के लिए हर वोट बैंक की राजनीति है हर के साथ बैठकर खाना खाते हैं गेम खेलते हैं बातें करते हैं शेयर करते हैं शादी करते हैं फंक्शन में फंक्शन अटेंड करते हैं सारी चीजें करते हैं फिर भी तो पर जा रहे हैं तो पर जा रहे हैं कि पहले ऐसे होता था इसलिए अब आरक्षण में चाहिए और जो योग्य योग्य व्यक्ति है तो अपने देश में नहीं काम कर दो बाहर काम कर रहा है बाहर की कंट्री डेवलप हो रही है कि यहां तक कि पूरे देश को एक होकर कि आरक्षण के खिलाफ सड़क पर आए मोदी सरकार होगी अथवा अन्य कोई सरकार हमारी बात अच्छी लगी हो धन्यवाद

namaskar dost aapka sawaal hai kya bharat mein aarakshan hona uchit hai katai uchit nahi hai khaasataur par aaj ke mauke mein toh katai uchit nahi hai bilkul uchit nahi hai kyonki aarakshan ke jariye yogyata ka hanan ho raha hai kis post par kis pad par kis karya ke liye jise baithana chahiye vaah nahi baith paa raha hai yogya vyakti bahar nirash manhus ok baitha hua hai uska rojgar uski mehnat koi aur khaya ja raha hai agar aapko aradhana karke aarthik aadhaar par kariye sabse zyada mahatvapurna toh yah hai ki agar koi garib maa baap ka baccha kaafi honhar hai use padhne mein dikkat aa rahi hai aage nahi padh paa raha hai aur use padhna ati aavashyak hai aur aise yogya vyakti aise baccho ki toh samaj mein aur desh ki zarurat hai toh hum wahan par help kare chahen vaah kisi jati ka kisi caste ka dusri baat ki aajkal jaisa log bolte hai ki pehle aisa hota tha pehle aisa hota tha chuachut hota tha lekin doston aaj sab kuch kuch bhi nahi reh gaya yah sab bolne ke liye har vote bank ki raajneeti hai har ke saath baithkar khana khate hai game khelte hai batein karte hai share karte hai shadi karte hai function mein function attend karte hai saree cheezen karte hai phir bhi toh par ja rahe hai toh par ja rahe hai ki pehle aise hota tha isliye ab aarakshan mein chahiye aur jo yogya yogya vyakti hai toh apne desh mein nahi kaam kar do bahar kaam kar raha hai bahar ki country develop ho rahi hai ki yahan tak ki poore desh ko ek hokar ki aarakshan ke khilaf sadak par aaye modi sarkar hogi athva anya koi sarkar hamari baat achi lagi ho dhanyavad

नमस्कार दोस्त आपका सवाल है क्या भारत में आरक्षण होना उचित है कतई उचित नहीं है खासतौर पर आ

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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नमस्कार दोस्तों भाइयों और आपका जो क्वेश्चन है बहुत ही अच्छा प्यारा सा क्या आरक्षण भारत के लिए सही है दोस्तों बिल्कुल सही है क्योंकि हमारे देश में जिस तरह जात धर्म मजहब को लेकर लोग इतना लड़ाई झगड़ा कर रहे हैं वह लोग एक दूसरे को गरीब को याद दलित को या कोई भी कास्ट हो इन्हीं लीजन तो उसको मारा जा रहा है क्योंकि कि वह कमजोर है तो उसको ऊपर लाने के लिए उनको एक अच्छा मार्ग एजुकेशन देने के लिए उनको जरूर अर्थ देना पड़ेगा अब बिल्कुल सही है थैंक यू

namaskar doston bhaiyo aur aapka jo question hai bahut hi accha pyara sa kya aarakshan bharat ke liye sahi hai doston bilkul sahi hai kyonki hamare desh mein jis tarah jaat dharm majhab ko lekar log itna ladai jhadna kar rahe hain vaah log ek dusre ko garib ko yaad dalit ko ya koi bhi caste ho inhin legion toh usko mara ja raha hai kyonki ki vaah kamjor hai toh usko upar lane ke liye unko ek accha marg education dene ke liye unko zaroor arth dena padega ab bilkul sahi hai thank you

नमस्कार दोस्तों भाइयों और आपका जो क्वेश्चन है बहुत ही अच्छा प्यारा सा क्या आरक्षण भारत के

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मुझे लगता है कि हमारे देश में आरक्षण होना चाहिए पर उन लोगों ने उन लोगों के लिए होना चाहिए जो दिवंगत है जिनके हाथ या पैर नहीं है जिंदगी के नहीं है जो सक्षम नहीं है गरीब है उनके लिए और यह कोई धर्म है जाती है उसे नहीं होना चाहिए बल्कि उन लोगों के लिए आना चाहिए जहां जरूरत हो इस आरक्षण होगा वह हिंदी में शायरी समुद्र में विश्वास होना चाहिए बहुत सारे सरकारों की सरकार हमें आरक्षण की वजह से उनमें काबिलियत होती है वह लोग अपने क्षेत्र में नहीं जा सकते हैं और वह कल रास्ता चुन लेते हैं इसलिए आसान होना तो चाहिए पर उन लोगों के लिए होना चाहिए जिनको एक्शन की जरूरत है उनको डीजल खाते हैं उनके लिए होना चाहिए मेरी लड़ाई

mujhe lagta hai ki hamare desh mein aarakshan hona chahiye par un logo ne un logo ke liye hona chahiye jo divangat hai jinke hath ya pair nahi hai zindagi ke nahi hai jo saksham nahi hai garib hai unke liye aur yah koi dharm hai jaati hai use nahi hona chahiye balki un logo ke liye aana chahiye jaha zarurat ho is aarakshan hoga vaah hindi mein shaayari samudra mein vishwas hona chahiye bahut saare sarkaro ki sarkar hamein aarakshan ki wajah se unmen kabiliyat hoti hai vaah log apne kshetra mein nahi ja sakte hain aur vaah kal rasta chun lete hain isliye aasaan hona toh chahiye par un logo ke liye hona chahiye jinako action ki zarurat hai unko diesel khate hain unke liye hona chahiye meri ladai

मुझे लगता है कि हमारे देश में आरक्षण होना चाहिए पर उन लोगों ने उन लोगों के लिए होना चाहिए

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Shivam

I Am Student Of Du College

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नहीं आरक्षण भारत के लिए बिल्कुल सही नहीं है भारत को एक ऐसी पार्टी को लेकर चलना चाहिए और भारत को एक ऐसी मांझी टीम बनानी चाहिए कि हमें अपने विकास नहीं करना हमें देश का विकास करना जब एक देश का विकास हो जाएगा तो मूसली सभी लोगों का विकास होगा और भारत में अक्सर ऐसे नारे लगते रहते हैं कि ओबीसी का विकास निवासी का विकास नहीं हुआ और इसके लिए हमें आरक्षण आरक्षण चाहिए तो अब कब तक किस को आरक्षण देंगे और अगर अब किस चीज की किसी को आरक्षण देते हैं तो तो वह तो लोग अच्छे बन जाते हैं उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी बन जाती है लेकिन उसके नीचे तो उसके नीचे तक के हैं वह तो बिछड़ जाते हैं क्योंकि उसका धारे यह भी की है यह भी है कि जैसे हम ओबीसी को ले ले ऐसी को ले ले तो होगी ओबीसी और एससी नाम के लिए कर्म देख सकते हैं कि वह बहुत ही नीचे कास्ट है लेकिन उनका सबसे ज्यादा विकास है और उन्हीं को सबसे ज्यादा आरक्षण मिलता है बाकी जो आज जो जो जो कास्ट जनरल में आती है उनका विकास नहीं हुआ है और उनका राशन नहीं मिलता तू जिनको आरक्षण की जरूरत है उनको आरक्षण नहीं मिल पाता है इसलिए हमें आरक्षण को समाप्त कर देना चाहिए लोगों को लोगों को रोजगार देना चाहिए जिससे हर कास्ट का विकास हो जाएगा इसलिए मैं आरक्षण के लिए बिल्कुल विरुद्ध

nahi aarakshan bharat ke liye bilkul sahi nahi hai bharat ko ek aisi party ko lekar chalna chahiye aur bharat ko ek aisi maanjhi team banani chahiye ki humein apne vikas nahi karna humein desh ka vikas karna jab ek desh ka vikas ho jayega toh muesli sabhi logo ka vikas hoga aur bharat mein aksar aise nare lagte rehte hain ki obc ka vikas niwasi ka vikas nahi hua aur iske liye humein aarakshan aarakshan chahiye toh ab kab tak kis ko aarakshan denge aur agar ab kis cheez ki kisi ko aarakshan dete hain toh toh wah toh log acche ban jaate hain unki aarthik sthiti acchi ban jati hai lekin uske niche toh uske niche tak ke hain wah toh bichhad jaate hain kyonki uska dhare yeh bhi ki hai yeh bhi hai ki jaise hum obc ko le le aisi ko le le toh hogi obc aur sc naam ke liye karm dekh sakte hain ki wah bahut hi niche caste hai lekin unka sabse zyada vikas hai aur unhi ko sabse zyada aarakshan milta hai baki jo aaj jo jo jo caste general mein aati hai unka vikas nahi hua hai aur unka raashan nahi milta tu jinako aarakshan ki zarurat hai unko aarakshan nahi mil pata hai isliye humein aarakshan ko samapt kar dena chahiye logo ko logo ko rojgar dena chahiye jisse har caste ka vikas ho jayega isliye main aarakshan ke liye bilkul viruddh

नहीं आरक्षण भारत के लिए बिल्कुल सही नहीं है भारत को एक ऐसी पार्टी को लेकर चलना चाहिए और भा

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munmun

Volunteer

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आदित्य क्या आरक्षण सही है यह तो देखो कहना मुश्किल है कि आरक्षण सही है या नहीं क्योंकि जो हमारा हमारे जो भारत सरकार है वह सब को जो है एक साथ लेकर मिलकर अजय चलना चाहती है इसलिए जो है उन्होंने कुछ आरक्षण का जो है सिस्टम में उन्होंने घोषित किया था और ताकि जो है सभी लोग जो है मिलजुल कर जो है काम कर सके

aditya kya aarakshan sahi hai yah toh dekho kehna mushkil hai ki aarakshan sahi hai ya nahi kyonki jo hamara hamare jo bharat sarkar hai vaah sab ko jo hai ek saath lekar milkar ajay chalna chahti hai isliye jo hai unhone kuch aarakshan ka jo hai system mein unhone ghoshit kiya tha aur taki jo hai sabhi log jo hai miljul kar jo hai kaam kar sake

आदित्य क्या आरक्षण सही है यह तो देखो कहना मुश्किल है कि आरक्षण सही है या नहीं क्योंकि जो ह

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