सात्विक भोजन तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?...


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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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सात्विक भोजन बनाते समय तेज मिर्च मसाले ज्यादा पीर की का प्रयोग से और शुद्ध भोजन बनाए कोई भी मांस 3 वस्तुओं का सेवन नहीं करें प्याज लहसुन का प्रयोग कम से कम करें या नहीं तेरे को सबसे बड़ी है उसमें शक्ति पूजन सब्जियां रोटी दाल इनका प्रयोग ज्यादा से ज्यादा होता है अनिल आपका दिन शुभ

Satvik bhojan banate samay tez mirch masale zyada pir ki ka prayog se aur shudh bhojan banaye koi bhi maas 3 vastuon ka seven nahi kare pyaaz lehsun ka prayog kam se kam kare ya nahi tere ko sabse badi hai usme shakti pujan sabjiyan roti daal inka prayog zyada se zyada hota hai anil aapka din shubha

सात्विक भोजन बनाते समय तेज मिर्च मसाले ज्यादा पीर की का प्रयोग से और शुद्ध भोजन बनाए कोई भ

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अगर आप साथियों भोजन तैयार कर रहे हैं तो उसमें सबसे ज्यादा नमक और मिर्च का ध्यान रखें ज्यादा मिर्ची ना हो हो सके तो आप हरी मिर्च का सेवन करें हरी मिर्च ना हो तो आप काली मिर्च नमक के स्थान पर आप कहना नमक का प्रयोग करें जिससे आपको सात्विक भोजन मिले और आप निरोगी बने रहे लंबी उम्र तक पेट सही रहे तो आप रात्रि भोजन में केवल मिर्च और मसाले और ऑयल का ध्यान रखें और बर्तन भी अच्छे से साफ होने चाहिए हो सके तो आप सिल्वर से ज्यादा बच्चे और अच्छे से भोजन 71 पाना है तो आप मिट्टी के बर्तन नहीं भोजन बनाएं

agar aap sathiyo bhojan taiyar kar rahe hain toh usme sabse zyada namak aur mirch ka dhyan rakhen zyada mirchi na ho ho sake toh aap hari mirch ka seven kare hari mirch na ho toh aap kali mirch namak ke sthan par aap kehna namak ka prayog kare jisse aapko Satvik bhojan mile aur aap nirogee bane rahe lambi umar tak pet sahi rahe toh aap ratri bhojan me keval mirch aur masale aur oil ka dhyan rakhen aur bartan bhi acche se saaf hone chahiye ho sake toh aap silver se zyada bacche aur acche se bhojan 71 paana hai toh aap mitti ke bartan nahi bhojan banaye

अगर आप साथियों भोजन तैयार कर रहे हैं तो उसमें सबसे ज्यादा नमक और मिर्च का ध्यान रखें ज्याद

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

0:47

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

3:24
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जहां तक आपका क्वेश्चन है सात्विक भोजन तैयार करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए किस प्राकृतिक भोजन होता है उसमें हरी सब्जी दाल चावल आटे भी तेल मसाले इन सब का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग होता है तो आटे को अच्छा से चालकर तब रोटी बनाने का प्रयास करना चाहिए अच्छे जल का प्रयोग उसमें होना चाहिए सब चलाओ क्योंकि ऐसा नहीं होगा तो आटे में रोटियां में रोटियों में उसका प्रभाव ही जाता है इसलिए आटे को शांति समय अच्छे जल का अच्छे पानी का प्रयोग कर रखो तो यही एक एक्टर है दूसरी बात अगर सभी आप मार्केट से खरीद कर लाते हैं उन सब्जियों को गर्म पानी से धोकर और फिर अपने घर में रखना चाहिए सब जगह पर और सब्जी काटते समय इस चीज का जरूर ध्यान रखना चाहिए इसमें कोई व्यक्ति कलेक्ट कीड़ा मकोड़ा इत्यादि तो नहीं है इन सारी चीजों को ध्यान देने की आवश्यकता है फिर पुनः सब्जी कटने के बाद अच्छे से होना अति आवश्यक है कि उसमें एक तो बैक के लेखक और दूसरी बात की मिट्टी बालू कंकड़ वगैरह किसी भी चीज का समावेश तो नहीं हुआ है अगर ऐसा है तो उसको एक के बदले 3 बार 4 बार होना चाहिए नरसी भात सब्जी को बहुत ज्यादा आज की नहीं बनाना चाहिए हर नॉर्मल तेल नॉर्मल मिर्च मसाले इत्यादि का प्रयोग करना चाहिए बनने के बाद व्यक्ति अगर गर्म ही गर्म भोजन कर ले तो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि 4 घंटे के बाद जो भोजन बन जाता है बनने के 4 घंटे बाद आप खाते हैं तो उस भोजन का 50% जो उसके मालिक जो उसकी पौष्टिकता है वह दूर हो जाती है इसलिए इन सारी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है और खाना खाने के पहले हां भाई खाना खाने के बाद फिर अच्छे से हाथ इस तरह से अगर व्यक्ति जीवन यापन करें मेरा समझना है मेरा मानना है कि व्यक्ति निश्चित आरोग्यता को प्रधान होगा हमेशा रो किताब बनी रहेगी निरोगी जीवन व्यतीत करेगा धन्यवाद

jaha tak aapka question hai Satvik bhojan taiyar karte samay kin kin baaton ka dhyan rakhna chahiye kis prakirtik bhojan hota hai usme hari sabzi daal chawal aate bhi tel masale in sab ka zyada se zyada prayog hota hai toh aate ko accha se chalakar tab roti banane ka prayas karna chahiye acche jal ka prayog usme hona chahiye sab chalao kyonki aisa nahi hoga toh aate me rotiyan me rotiyon me uska prabhav hi jata hai isliye aate ko shanti samay acche jal ka acche paani ka prayog kar rakho toh yahi ek actor hai dusri baat agar sabhi aap market se kharid kar laate hain un sabjiyon ko garam paani se dhokar aur phir apne ghar me rakhna chahiye sab jagah par aur sabzi katatey samay is cheez ka zaroor dhyan rakhna chahiye isme koi vyakti collect kida makoda ityadi toh nahi hai in saari chijon ko dhyan dene ki avashyakta hai phir punh sabzi katane ke baad acche se hona ati aavashyak hai ki usme ek toh back ke lekhak aur dusri baat ki mitti baalu kankad vagera kisi bhi cheez ka samavesh toh nahi hua hai agar aisa hai toh usko ek ke badle 3 baar 4 baar hona chahiye narasi bhat sabzi ko bahut zyada aaj ki nahi banana chahiye har normal tel normal mirch masale ityadi ka prayog karna chahiye banne ke baad vyakti agar garam hi garam bhojan kar le toh swasthya ke liye bahut hi accha hota hai kyonki 4 ghante ke baad jo bhojan ban jata hai banne ke 4 ghante baad aap khate hain toh us bhojan ka 50 jo uske malik jo uski paushtikata hai vaah dur ho jaati hai isliye in saari baaton par dhyan dene ki avashyakta hai aur khana khane ke pehle haan bhai khana khane ke baad phir acche se hath is tarah se agar vyakti jeevan yaapan kare mera samajhna hai mera manana hai ki vyakti nishchit arogyata ko pradhan hoga hamesha ro kitab bani rahegi nirogee jeevan vyatit karega dhanyavad

जहां तक आपका क्वेश्चन है सात्विक भोजन तैयार करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि

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डाक कावड़ सराय का अपना एक नियम बुक में जब तक आएंगे हर बॉडी का 1 मीटर होता है वह प्रधान है प्रधान है क्या प्रधान में वायु का गम बहुत ज्यादा है उसमें आदमी का गुण भाग ज्यादा है या उसने और कम उम्र ज्यादा है कि भूखे हमें अपने हमेशा खाना जो है अपने भोजन की बॉडी की डिमांड है उसके कोडिंग खाना चाहिए और कांबिनेशन फॉर में गाना चाहिए और जवानी की बोर्डिंग उसने रहती है क्या देखने की कृपा करें धूम्रपान करने वाली जो बिना पाठक के सबसे बेस्ट है या फिर भी नेट चलाते हैं जो भी करता है नहीं स्टेशन पड़ता है अपने प्रणाली होगी क्या तुम भी बनेंगी कोई भी ऐप का कैसे जैक बॉक्स कलेक्शन है जो सोचते हैं जो हमारी हैं वह पांच इंद्रियां जो है उनकी वजह से रोकने के उपाय

dak kavad saray ka apna ek niyam book mein jab tak aayenge har body ka 1 meter hota hai wah pradhan hai pradhan hai kya pradhan mein vayu ka gum bahut zyada hai usme aadmi ka gun bhag zyada hai ya usne aur kam umar zyada hai ki bhukhe humein apne hamesha khana jo hai apne bhojan ki body ki demand hai uske coding khana chahiye aur combination for mein gaana chahiye aur jawaani ki boarding usne rehti hai kya dekhne ki kripa karein dhumrapaan karne wali jo bina pathak ke sabse best hai ya phir bhi net chalte hain jo bhi karta hai nahi station padta hai apne pranali hogi kya tum bhi banengi koi bhi app ka kaise jack box collection hai jo sochte hain jo hamari hain wah paanch indriya jo hai unki wajah se rokne ke upay

डाक कावड़ सराय का अपना एक नियम बुक में जब तक आएंगे हर बॉडी का 1 मीटर होता है वह प्रधान है

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Dr. Satyendra Sharma

Ayurvedic Doctor

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कोई किया तैयार कर रहे हैं भोजन उसमें सातवीं का आचार विचार साथ इस सोच को अगर आप करते हुए उस भोजन को तैयार करेंगे तो उसमें अपने आप में एक अलग बल आएगा उसमें अपने आप में और इस भोजन का स्वाद ही अलग आएगा ना कि अपने आंचल लगाएंगे अपने हाथ से थोड़ा सा गुस्से से और मन भी क्लिक करके और बनाएंगे तो उस भोजन का आकर बच्चों पर खाने वालों पर सत्तासर आएगा और वही काम से असर आएगा जो विचार लेकर आप बनाएंगे और वहीं बहुजन अगर आप साथ 6125 नाम प्रेम हिसाब से जो आप तैयार करेंगे उसका उस अन्न में वैसा ही आएगा इसलिए जो मैंने प्रथम बार में बोला था हर शहर स्वच्छता स्वच्छता के प्रति जनता से बनेगा रहेगा तो वैसे ही विचारधाराएं हैं अपने जीवन में लाएगा

koi kiya taiyar kar rahe hai bhojan usme satvi ka aachar vichar saath is soch ko agar aap karte hue us bhojan ko taiyar karenge toh usme apne aap mein ek alag bal aayega usme apne aap mein aur is bhojan ka swaad hi alag aayega na ki apne aanchal lagayenge apne hath se thoda sa gusse se aur man bhi click karke aur banayenge toh us bhojan ka aakar baccho par khane walon par sattasar aayega aur wahi kaam se asar aayega jo vichar lekar aap banayenge aur wahi bahujan agar aap saath 6125 naam prem hisab se jo aap taiyar karenge uska us ann mein waisa hi aayega isliye jo maine pratham baar mein bola tha har shehar swachhta swachhta ke prati janta se banega rahega toh waise hi vichardharaen hai apne jeevan mein layega

कोई किया तैयार कर रहे हैं भोजन उसमें सातवीं का आचार विचार साथ इस सोच को अगर आप करते हुए उस

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सबसे पहले दो जो बनाने वाला है उसका मन भी शांत शरीर भी भाजपा की जीत पर हाथों से खाना बनाएगा उसे अच्छी एकदम कम से कम यूज करें

sabse pehle do jo banane vala hai uska man bhi shaant sharir bhi bhajpa ki jeet par hathon se khana banayega use achi ekdam kam se kam use karen

सबसे पहले दो जो बनाने वाला है उसका मन भी शांत शरीर भी भाजपा की जीत पर हाथों से खाना बनाएगा

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Dr. Mitramahesh

Ayurvedic Doctors

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सात्विक भोजन राज्य सीख भोजन और तामसिक भोजन तामसिक भोजन तो है वास्तव में है ही गंदगी का नाम परंतु जिस साथी को राशि के शाकाहारी है इस प्रकार के भोजन और बना बनाते हैं तो आपको सुबह में कोई भी महिला पुरुष के बगैर हो सुबह के अंदर स्नान व गिरी करना चाहिए सभी के सारे रंगों को सोच शक करना चाहिए और वर्ल्ड पुत्र का त्याग करके पेट की सफाई हमेशा बरसती चाहिए आप लोगों के शरीर के अंदर भयंकर कब्ज हो गया मौला विरुद्ध हो गया और दुर्घटनाएं वायु आपके शरीर से निकलता है और इसे हवा बिगड़ेगी आपकी अगल बगल में बैठी हुई है खड़े हुए लोगों को पता पड़ेगा किसके शरीर में भयंकर गर्मी है कल की है और एक दुर्गम में हवा बिगड़ते हैं और आपकी यश कीर्ति की हानि होती है कि मैं यह गंदी मेले अशुद्धि लोग हैं तो आप ही सारी बातें उसे समझ कर के जो सुबह में स्नान वगैरा करते हैं और बाद में आप लोग भोजन बनाते हैं तो उस समय भी आपके हाथ पैर धोने चाहिए साबुन संगीत होनी चाहिए और अच्छी तरह से स्पर्श करके पहुंच कर के आप को भोजन कर वह बनाना चाहिए और भोजन बनाते समय पहले जो भी भोजन बनाने के बर्तन है एल्युमिनियम के बर्तन कभी भी करनी चाहिए एक प्रकार के जहरीले है और इंस्पेक्शन करने वाले इंजेक्शन करने वाले हैं एलुमिनियम के बर्तन में पानी भरेंगे वह 15:20 मिनट के बाद पानी पियो पानी का स्वाद बिगड़ जाएगा आप गंगाजल को करेंगे तो गंगाजल की अशुद्ध हो जाएगा इतनी सारी केमिकल से युक्त पदार्थ से एलुमिनियम के बर्तन से निकलते हैं एलुमिनियम एलुमिनियम के बर्तन में आप लोग खाना मत बनाइए खाइए भी मरते पानी भी मत बनिए भारत के अंदर मात्र मुसलमान लोग क्या मूर्खता के कारण एलुमिनियम के बर्तनों का उपयोग करते हैं हिंदू लोग स्टील का करते थे करते हैं तो मियां लोग एलुमिनियम का प्रयोग करेंगे यह एक प्रकार की मूर्खता परिमाण चाहे उसे बचना चाहिए और आप लोग एलुमिनियम के बिना लोहे का बर्तन हो तांबे का बर्तन हो एलुमिनियम एलुमिनियम लोहा तांबा पीतल पंचधातु ऐसे बर्तनों के उपयोग सब खाना बनाइए और खाने के अंदर आ पर लहसुन प्याज का भी उपयोग करिए यह भी जंतु का शंकर गया है खाना बनाते समय आप लोग एवं जिला से जो किए वह भी अकेले बहुत से रिश्ते बातें आप प्याज प्याज मिर्ची लहसुन अदरक टमाटर उसकी पेस्ट बना करके उसको हाथ के खरल से घूंट करके आप उसका उसका आप लोग चेक करके उसका बुखार करेंगे सौंपेंगे बहुत अद्भुत सुंदर आएगा और सात्विक भोजन और भी अच्छा हो जाएगा आपको यह सारी बातें भारतीय पार्क शास्त्र का स्वाध्याय करके सीखनी चाहिए और पदार्थों की रचना को समझना चाहिए ओरी कौन सी है अच्छे अच्छे भोजन के अंदर की ओर से सूअर रसिया चाहिए अच्छा-अच्छा कढ़ी वाटिका कक्षाएं यह सारे रसों को भारतीय पद्धति के भोजन के अंदर उसकी पूरी सिस्टम आ जाती है यह क्यों भोजन खा कर के दाल रोटी सब्जी चावल ऐसे थोड़ा खा कर के फल फ्रूट ही दूध मक्खन उसका प्रयोग करके सूखे से सूखा व्यक्ति दुबले से दुबला व्यक्ति भी हष्ट पुष्ट हो जाता है आज तो पूछते हो करके उनके सभी के अंदर स्वरूप प्रकट होता है रूप देदीप्यमान बनता है साथी को रांची के भोजन हुसैन आपका मन को शांत होता है मन प्रसन्न होता है और प्रसन्न दामन में बुद्धि प्रकट होती है आपको छोड़ा भी पढ़ेंगे तो आपको बहुत कुछ सहा जाएगा पढ़ने में बहुत कुछ याद रखेगा याद रहेगा वैशाली सिस्टम को आप लोग अपना ही है जो लोग आपको उस पर यह सारी बातों का देते हैं उत्तर आपको बैग जयपुर में और एक विषय की सारी उलट-पुलट उल्टा सुलता ऊपर नीचे सारी बातों को आप को समझाना चाहिए और सर्वांग सुंदर उत्तर देना चाहिए हम लोग अपने विशाल स्वाध्याय के द्वारा आप लोगों को रोग के सिवा उसकी और अन्य महिती भी देते हैं दीप स्वाध्याय के कारण नेता की बातें भूल सकते हैं और उसे कारण हमारी बातें लोकप्रिय हो रही है हजारों हजारों लाखों लाखों लोग हमारे उत्तर पढ़ते हैं रिस्पांस देते हैं आप भी रिस्पांस कि तुम बात नहीं करते हैं जो सत्य है उसका रिस्पॉन्स अवश्य मिलता है बचने के लिए अच्छा ज्ञान के लिए आप हमारे उत्तर पर सुनिए उत्तर पढ़िए और जरूरत हो तो आप हमारे साथ मिली है आप हमारी आर्य समाज आयुर्वेद hospitals.com हमारी वेबसाइट उसका आप लोग पढ़ाई करिए उसको सुननी हमारे वीडियो को और बहुत ऐसा कोई जरूरी लगे 20 25 साल पुराने रोगी हो रोग हो महीने 2 महीने में पर जाने वाले भी हो और असाध्य और प्राणघातक की चिकित्सा करनी हो तो आप लोग हमारा संपर्क कर सकते हैं और हमारे से बहुत अद्भुत जानकारियां देकर कि अपने ज्ञान की अभिवृद्धि भी कर सकते अपने पारिवारिक परिस्थिति भी अच्छा बना सकते हैं अपना खुद का शरीर और परिवार के लोगों के हेल्थ की भी सुरक्षा कर सकते हैं धन्यवाद

Satvik bhojan rajya seekh bhojan aur tamasik bhojan tamasik bhojan toh hai vaastav me hai hi gandagi ka naam parantu jis sathi ko rashi ke shakahari hai is prakar ke bhojan aur bana banate hain toh aapko subah me koi bhi mahila purush ke bagair ho subah ke andar snan va giri karna chahiye sabhi ke saare rangon ko soch shak karna chahiye aur world putra ka tyag karke pet ki safaai hamesha barsati chahiye aap logo ke sharir ke andar bhayankar kabz ho gaya maula viruddh ho gaya aur durghatanaen vayu aapke sharir se nikalta hai aur ise hawa bigdegi aapki agal bagal me baithi hui hai khade hue logo ko pata padega kiske sharir me bhayankar garmi hai kal ki hai aur ek durgam me hawa bigadte hain aur aapki yash kirti ki hani hoti hai ki main yah gandi mele ashuddhi log hain toh aap hi saari batein use samajh kar ke jo subah me snan vagera karte hain aur baad me aap log bhojan banate hain toh us samay bhi aapke hath pair dhone chahiye sabun sangeet honi chahiye aur achi tarah se sparsh karke pohch kar ke aap ko bhojan kar vaah banana chahiye aur bhojan banate samay pehle jo bhi bhojan banane ke bartan hai alumunium ke bartan kabhi bhi karni chahiye ek prakar ke zahreele hai aur Inspection karne waale injection karne waale hain aluminium ke bartan me paani bharenge vaah 15 20 minute ke baad paani piyo paani ka swaad bigad jaega aap gangajal ko karenge toh gangajal ki ashuddh ho jaega itni saari chemical se yukt padarth se aluminium ke bartan se nikalte hain aluminium aluminium ke bartan me aap log khana mat banaiye khaiye bhi marte paani bhi mat baniye bharat ke andar matra musalman log kya murkhta ke karan aluminium ke bartano ka upyog karte hain hindu log steel ka karte the karte hain toh miyan log aluminium ka prayog karenge yah ek prakar ki murkhta parimaan chahen use bachna chahiye aur aap log aluminium ke bina lohe ka bartan ho tambe ka bartan ho aluminium aluminium loha tamba pital panchadhatu aise bartano ke upyog sab khana banaiye aur khane ke andar aa par lehsun pyaaz ka bhi upyog kariye yah bhi jantu ka shankar gaya hai khana banate samay aap log evam jila se jo kiye vaah bhi akele bahut se rishte batein aap pyaaz pyaaz mirchi lehsun adrak tamatar uski paste bana karke usko hath ke kharal se ghunt karke aap uska uska aap log check karke uska bukhar karenge saumpenge bahut adbhut sundar aayega aur Satvik bhojan aur bhi accha ho jaega aapko yah saari batein bharatiya park shastra ka swaadhyaay karke sikhni chahiye aur padarthon ki rachna ko samajhna chahiye ori kaun si hai acche acche bhojan ke andar ki aur se suar rasiya chahiye accha accha kadhi vatika kakshaen yah saare rason ko bharatiya paddhatee ke bhojan ke andar uski puri system aa jaati hai yah kyon bhojan kha kar ke daal roti sabzi chawal aise thoda kha kar ke fal fruit hi doodh makhan uska prayog karke sukhe se sukha vyakti duble se dubla vyakti bhi hasth pusht ho jata hai aaj toh poochhte ho karke unke sabhi ke andar swaroop prakat hota hai roop dedipyaman banta hai sathi ko ranchi ke bhojan hussain aapka man ko shaant hota hai man prasann hota hai aur prasann daman me buddhi prakat hoti hai aapko choda bhi padhenge toh aapko bahut kuch saha jaega padhne me bahut kuch yaad rakhega yaad rahega vaishali system ko aap log apna hi hai jo log aapko us par yah saari baaton ka dete hain uttar aapko bag jaipur me aur ek vishay ki saari ulat pulat ulta sulata upar niche saari baaton ko aap ko samajhana chahiye aur sarvang sundar uttar dena chahiye hum log apne vishal swaadhyaay ke dwara aap logo ko rog ke siva uski aur anya mahiti bhi dete hain deep swaadhyaay ke karan neta ki batein bhool sakte hain aur use karan hamari batein lokpriya ho rahi hai hazaro hazaro laakhon laakhon log hamare uttar padhte hain response dete hain aap bhi response ki tum baat nahi karte hain jo satya hai uska rispans avashya milta hai bachne ke liye accha gyaan ke liye aap hamare uttar par suniye uttar padhiye aur zarurat ho toh aap hamare saath mili hai aap hamari arya samaj ayurveda hospitals com hamari website uska aap log padhai kariye usko sunnani hamare video ko aur bahut aisa koi zaroori lage 20 25 saal purane rogi ho rog ho mahine 2 mahine me par jaane waale bhi ho aur asadhya aur pranaghatak ki chikitsa karni ho toh aap log hamara sampark kar sakte hain aur hamare se bahut adbhut jankariyan dekar ki apne gyaan ki abhivriddhi bhi kar sakte apne parivarik paristhiti bhi accha bana sakte hain apna khud ka sharir aur parivar ke logo ke health ki bhi suraksha kar sakte hain dhanyavad

सात्विक भोजन राज्य सीख भोजन और तामसिक भोजन तामसिक भोजन तो है वास्तव में है ही गंदगी का नाम

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