क्या एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी है?...


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Dr. K N Gangwar

Ayurvedic Doctor, Bareilly

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Dr.Shaikh Feroz Ahemad

Ayurvedic Doctor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो हंड्रेड परसेंट सेवर है के मॉडल से ज्यादा प्रभावी आयुर्वेदिक मेडिसिन है मगर कुछ ऐसी चीज है जिसके लिए मॉडल जरूरी जैसे हार्ड अटैक है अथवा के आयुर्वेदिक ज्यादा होते हैं बेनिफिट बेनिफिशियल

yah toh hundred percent sevar hai ke model se zyada prabhavi ayurvedic medicine hai magar kuch aisi cheez hai jiske liye model zaroori jaise hard attack hai athva ke ayurvedic zyada hote hain benefit benifishiyal

यह तो हंड्रेड परसेंट सेवर है के मॉडल से ज्यादा प्रभावी आयुर्वेदिक मेडिसिन है मगर कुछ ऐसी च

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Dr. A Parvaiz

Ayurvedic Doctors

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इडली डिपेंड करता है आप किस बीमारी पर है कुछ दिमाग इसका आयुर्वेद में इतना अच्छा सलूशन है जो आज बस की बात नहीं है या फिर लीवर के लिए कोई प्रॉब्लम के लिए पेट की समस्याओं के लिए आयुर्वेद सेक्स वीडियो चालू के पास दो-तीन रवानी है वीडियो पर काम करती है क्या हम दोनों को अच्छी तरह यूज कर पा रहे हैं हमें दोनों को ही यूज करना है लेकिन जिस बीमारी चल जावे सक्सेस करेंगे

idli depend karta hai aap kis bimari par hai kuch dimag iska ayurveda mein itna accha salution hai jo aaj bus ki baat nahi hai ya phir liver ke liye koi problem ke liye pet ki samasyaon ke liye ayurveda sex video chalu ke paas do teen rawani hai video par kaam karti hai kya hum dono ko acchi tarah use kar pa rahe hain humein dono ko hi use karna hai lekin jis bimari chal jave success karenge

इडली डिपेंड करता है आप किस बीमारी पर है कुछ दिमाग इसका आयुर्वेद में इतना अच्छा सलूशन है जो

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Dr. Samir Sapcota

Ayurvedic Doctors

2:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि इंसान के कर्म आयुर्वेद को लिया जाए जैसे में सर्जरी के साइड में बोलता हूं लेकिन अभी भी वह मानते हैं कि हमने आयुर्वेद पीजी क्या आया है अभी भी मानते हैं कि सूची अभी सारे डेवलप करके जैसे प्लास्टिक सर्जरी हुआ जिसका दूसरा सर्जरी हार्ट अटैक हो आपका कोई भी ऐसे सीरियल के स्टेटस डिस्टेंस हो या कोई फायदा डिलीट हो गया आपका रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस नहीं तो आपका ब्रेन स्ट्रोक हो यह सब मैनेज कर रखे बिहार पूर्णिया रिपीट नहीं कर रहा हूं लेकिन फॉलो करके उसको आगे बढ़ना है और अभी तो एक ऐसा जुगाड़ किया जहां पर बैक्टीरिया ज्योति है इंफेक्शन इंफेक्शन सूचित हो गए हैं तो हम आपको पीछे जाना है आप इतने जाती है वहां से जो हमारे आज की डेट में जो दवाई है वह काम कर रहे हो कि उनके ऊपर कोठरी में उस को डिस्पैच का नियम क्या है क्या कि मुझसे चिपट हो गया तो वही कर रहे बाद में जाकर आपको कुछ ना कुछ हो रहा है दूसरा पाठ में ही नहीं हो रहा है और भाई कैसी हो रहा है सब लोग प्राइवेट के प्रति भी सूखे हुए हैं

yadi insaan ke karm ayurveda ko liya jaye jaise mein surgery ke side mein bolta hoon lekin abhi bhi wah maante hain ki humne ayurveda PG kya aaya hai abhi bhi maante hain ki suchi abhi saare develop karke jaise plastic surgery hua jiska doosra surgery heart attack ho aapka koi bhi aise serial ke status distance ho ya koi fayda delete ho gaya aapka respiratory distress nahi toh aapka brain stroke ho yeh sab manage kar rakhe bihar purniya repeat nahi kar raha hoon lekin follow karke usko aage badhana hai aur abhi toh ek aisa jugaad kiya jaha par bacteria jyoti hai infection infection suchit ho gaye hain toh hum aapko peeche jana hai aap itne jati hai wahan se jo hamare aaj ki date mein jo dawai hai wah kaam kar rahe ho ki unke upar kothari mein us ko dispatch ka niyam kya hai kya ki mujhse chipat ho gaya toh wahi kar rahe baad mein jaakar aapko kuch na kuch ho raha hai doosra path mein hi nahi ho raha hai aur bhai kaisi ho raha hai sab log private ke prati bhi sukhe hue hain

यदि इंसान के कर्म आयुर्वेद को लिया जाए जैसे में सर्जरी के साइड में बोलता हूं लेकिन अभी भी

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

2:16
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नहीं आप का क्वेश्चन है क्या एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार भाभी ने देखी भाभी तो है इसमें 3 संधि की आवश्यकता नहीं है अरे देवा काफी वैदिक उपचार काफी प्रभावी है एलोपैथी की तुलना में क्योंकि यह जड़ से काम करता है यार ऊपर जो काम करता है उसे लोग का यहां से जड़ है वहां से काम करता है लेकिन एलोपैथिक में वह चीज नहीं है क्यों रूप से काम करें रुक तू काम करें और जड़ से काम करें लेकिन आयुर्वेदिक दवा जो जड़ से ग्राहकों को खत्म करता है अगर जो जितना भी किस रोग के यार जिस रोकाया जिससे दवा का टाइम पीरियड बताया गया है 3 महीना 6 महीना या एक साल जैसा भी है अगर इतने समय तक व्यक्ति आयुर्वेदिक दवा का सेवन कर लेता है तो यह निश्चित है कि जिस भी रोग का दवा खा रहा है और वह व्यक्ति को जीवन में कभी नहीं हो सकता यह गारंटी जरूर है और दूसरी बात कि उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और एलोपैथिक में होती नहीं है तो पेट में ठीक है आपका मानना मैं जानता हूं सब लोगों को बहुत लोगों को इसी भ्रम है कि बहुत जल्दी ठीक हो जाता है एक तो होता है लेकिन उसका कहीं ना कहीं साइड इफेक्ट जरूर होता है उसका कुछ न कुछ काम जरूर होगा जिसके जब होगा जब रोग ठीक हो जाएगा तो उसके बाद कुछ दिन महिंद्र को दिनों के बाद या कुछ महीनों के बाद कोई उसके समकक्ष कोई ना कोई शरीर में जलन पैदा हो जाएगा यह चीजें एलोपैथिक का सबसे बड़ा डिमैरिट है इसलिए एलोपैथी की तुलना में अधिक दोष का प्रभाव अच्छा है धन्यवाद

nahi aap ka question hai kya allopathy ki tulna mein ayurvedic upchaar bhabhi ne dekhi bhabhi toh hai isme 3 sandhi ki avashyakta nahi hai are deva kaafi vaidik upchaar kaafi prabhavi hai allopathy ki tulna mein kyonki yah jad se kaam karta hai yaar upar jo kaam karta hai use log ka yahan se jad hai wahan se kaam karta hai lekin allopathic mein vaah cheez nahi hai kyon roop se kaam kare ruk tu kaam kare aur jad se kaam kare lekin ayurvedic dawa jo jad se grahakon ko khatam karta hai agar jo jitna bhi kis rog ke yaar jis rokaya jisse dawa ka time period bataya gaya hai 3 mahina 6 mahina ya ek saal jaisa bhi hai agar itne samay tak vyakti ayurvedic dawa ka seven kar leta hai toh yah nishchit hai ki jis bhi rog ka dawa kha raha hai aur vaah vyakti ko jeevan mein kabhi nahi ho sakta yah guarantee zaroor hai aur dusri baat ki uska koi side effect nahi hai aur allopathic mein hoti nahi hai toh pet mein theek hai aapka manana main jaanta hoon sab logo ko bahut logo ko isi bharam hai ki bahut jaldi theek ho jata hai ek toh hota hai lekin uska kahin na kahin side effect zaroor hota hai uska kuch na kuch kaam zaroor hoga jiske jab hoga jab rog theek ho jaega toh uske baad kuch din mahindra ko dino ke baad ya kuch mahinon ke baad koi uske samkaksh koi na koi sharir mein jalan paida ho jaega yah cheezen allopathic ka sabse bada dimairit hai isliye allopathy ki tulna mein adhik dosh ka prabhav accha hai dhanyavad

नहीं आप का क्वेश्चन है क्या एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार भाभी ने देखी भाभी तो है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार जारी है आपका प्रश्न है देखिए एलोपैथी आयुर्वेद बोलो चिकित्सा पद्धति अलग-अलग है हां एक बात है कि एलोपैथी यह वर्ड फेम है यानी पूरे विश्व में एलोपैथी से अधिक चिकित्सा की जाती है आज भी भारत की है हमारी देश की है और देश में जो राजनीति से भी लोग हैं वह तक पूरा ध्यान नहीं दे पाए हैं जिस देश का विकास हो पाया है इसके विकास पर ध्यान दिया जा रहा है और देश के लोग भारत की आयुर्वेद पद्धति को प्रचलित पद्धति से विश्व को शांत करती है दोषों को शांत करती है ओए बीमारियों का संबंध करती है लोगों का संबंध करती है जब करती है एलोपैथी का दमन करती है इसके साइड इफेक्ट है लेकिन सर जी अकाउंट में एलोपैथिक कामयाब है मैं अगर अरे कहां गया है तो उसमें रोहित होगा वह कामयाब है आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पहले शोधन करती है उसके बाद में चिकित्सा लाभ महसूस होता है तो दोनों का प्लाट पर जगह अलग-अलग है उसका अपना अपना तरीका है आयुर्वेद का तरीका है लेकिन इलाज दोनों चीज है जो जीवन 3 बीमारियां है पुरानी बीमारियां है पानी होगी उस पर अजूबे का अच्छा असर है उन लोगों पर अच्छी पकड़ आयुर्वेद की होती है और वह उसमें पूर्णतया कब याद है तो तुलनात्मक दृष्टि मैं समझता हूं दोनों की अलग-अलग आप जो आप कहोगे योगी के आधार पर ही चिकित्सा में जाना चाहिए कि इसकी कौन सी बीमारी है ऐसी बीमारी है और मैं समझता हूं कि दोनों पति अपने बच्चे के ठीक है आयुर्वेद बंगाली में क्या मिलावट होती है

kya allopathy ki tulna mein ayurvedic upchaar jaari hai aapka prashna hai dekhiye allopathy ayurveda bolo chikitsa paddhatee alag alag hai haan ek baat hai ki allopathy yah word fem hai yani poore vishwa mein allopathy se adhik chikitsa ki jaati hai aaj bhi bharat ki hai hamari desh ki hai aur desh mein jo raajneeti se bhi log hain vaah tak pura dhyan nahi de paye hain jis desh ka vikas ho paya hai iske vikas par dhyan diya ja raha hai aur desh ke log bharat ki ayurveda paddhatee ko prachalit paddhatee se vishwa ko shaant karti hai doshon ko shaant karti hai oa bimariyon ka sambandh karti hai logo ka sambandh karti hai jab karti hai allopathy ka daman karti hai iske side effect hai lekin sir ji account mein allopathic kamyab hai agar are kahaan gaya hai toh usme rohit hoga vaah kamyab hai ayurveda chikitsa paddhatee pehle sodhan karti hai uske baad mein chikitsa labh mehsus hota hai toh dono ka plot par jagah alag alag hai uska apna apna tarika hai ayurveda ka tarika hai lekin ilaj dono cheez hai jo jeevan 3 bimariyan hai purani bimariyan hai paani hogi us par ajoobe ka accha asar hai un logo par achi pakad ayurveda ki hoti hai aur vaah usme purnataya kab yaad hai toh tulnaatmak drishti main samajhata hoon dono ki alag alag aap jo aap kahoge yogi ke aadhar par hi chikitsa mein jana chahiye ki iski kaun si bimari hai aisi bimari hai aur main samajhata hoon ki dono pati apne bacche ke theek hai ayurveda bengali mein kya milavat hoti hai

क्या एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार जारी है आपका प्रश्न है देखिए एलोपैथी आयुर्वेद

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Dr. Mitramahesh

Ayurvedic Doctors

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने एलोपैथी और आयुर्वेद के बारे में जो प्रश्न किया है कि दोनों चिकित्सा पद्धति में प्रभावशाली कौन है क्या है एलोपैथिक की जो अवधारणा यह है वह प्राचीन काल से और यह तो अभी समझ गया कि यह 500 800 साल से यूरोप अमरीका के ग्रुप के अंदर इन लोगों ने वैज्ञानिकों ने जो बड़ी-बड़ी खोजे की है वह सारी खोजों का मूल्य खोज और मूल नॉलेज आयुर्वेद विज्ञान में हजारों लाखो साल से मिलता है और उसके ग्रंथ उपलब्ध है एलोपैथिक साइन से जो बातें करता है वह बातों के सर्वांगसम पूर्ण स्वरूप में मंत्रा आयुर्वेद में उसका उसका रेफरेंस है और पूरे का पूरा साइंस में शिव संहिता नाम का स्विच ऋषि का जो पुस्तकें जो आग से हजारों नहीं लाखों साल पहले की उपनिषद काल से पहले के युग में लिखा गया था और इतिहास की और भाषा शास्त्र की यह काटे और रसीद हकीकत है कि जो प्राचीन वेद धर्म लाखो वर्ष पहले विद्यमान था आया था और उसकी चाय परी 281 कली युगे सचिव के अतीत लाजवाब पर और कलयुग उसकी जो गिनती भारतीय वेद में है और इस जोर सृष्टि की रचना हुई हल्की पृथ्वी की घटना में यह अथवा कलयुग के कलयुग में 430000 ऐसे ही कुछ वर्षों की गिनती है उसे डबल विशाल द्वापर का होता है उसे डबल साल्ट इतराके होता है और उससे डबल से साल में सचिव के होते हैं वह साल की गिनती आप करिए प्राचीन वैदिक ग्रंथों में और इतिहास में यह शारीरिक गति युवो की गिनती बिल्कुल साइंटिफिक ढंग से हैं और यह चार चार युग की जो का उदाहरण है और उसके जो युग बीत गए वह बीते हुए चार चार युग की 28 और कलयुग के 28 बार की सृष्टि है यह कॉल गणेश बैंड गिनती है तो आप यह सृष्टि में कलयुग के अंदर जो भेज दे का लोप हो गया हिंदू पौराणिक लोग अज्ञानता वश बोलते थे कि भेज को तो शंखासुर चोरी करके पाताल में चला गया है वेद समाप्त हो गया है तो जो हमारे शंकराचार्य के शंकराचार्य आदि शंकराचार्य उन्होंने और रानी सुदेशना जी ने उस समय महान पुरुष और करके वैचारिक जागरूकता लाकर के एवं कृषि पर हिंदू धर्म का एक पुनरावर्तन किया और इस युद्ध में ब्रह्मा से लेकर के जन्म की तारीख पर्यंत की जॉब जॉब चार्जशीट पेश की जो माहिती है उसमें स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेद धर्म का कुल प्रसारण किया और उनके पुस्तक से उनके जो पुस्तके सत्यार्थ प्रकाश रिकोज आदि भाष्य भूमिका और संस्कार विधि पढ़कर क्या पक्की विचारधारा में जबरदस्त है इस वैज्ञानिक परिवर्तन ला सकते हैं वह विद्या को पढ़ने के लिए आप लोग प्रयत्नशील बन सकते हैं और आप लोग और शिक्षण के अनुसार अपना जीवन चला सकते हैं और हल्की जो एजुकेशन सिस्टम में हल्की जो अर्थ कारण किस स्टेट में मेडिकल सिस्टम में वेदों की विद्याओं के अनुसार होना चाहिए कि आप लोगों को समझ लेना चाहिए और आयुर्वेद सर्वोपरि है आयुर्वेद कोई साहित्य की संपत्ति नहीं है जो एलोपैथी वाले करते हैं वहां से अंग्रेज सरकार ने और दूसरे लोगों ने सर्जिकल करने का आयुर्वेद में जो प्रतिबंध किया है वो एक बार यू प्रतिबंध हट जाएगा और आयुर्वेद वाले सर्जिकल को के देखो में यूज करेंगे तो आए हुए थे वैसे तो मिला सर जी कल के हम लोग बिना सर जी कल की 1 व्यक्तियों की नई लाइफ बना देते हैं और बिना सर्जिकल हम लोगों को अच्छा करते हैं और जो रोके सर्जिकल बगैर ऐसे जाएंगे उसकी सारी हिस्ट्री बा भगवान बुध के समय में जातक कथाओं में लिखी है वह आप लोगों को पढ़ने के लिए हम प्रेरणा देते हैं और आप लोग हमारे आर्यसमाज जाएगी तो उसे निर्माण प्रयोगशाला के उसे जगह सिटी पत्र पढ़िए आर्य समाज आयुर्वेद हॉस्पिटल स्टोर ओम हमारा पूरा प्रोग्राम आप लोग सुनिए और हमारा संपर्क करिए और हमारी सहायता लीजिए और अपने जीवन को बचाया और अपनी प्रकृति को बताइए धन्यवाद नमस्ते

aapne allopathy aur ayurveda ke bare me jo prashna kiya hai ki dono chikitsa paddhatee me prabhavshali kaun hai kya hai allopathic ki jo avdharna yah hai vaah prachin kaal se aur yah toh abhi samajh gaya ki yah 500 800 saal se europe america ke group ke andar in logo ne vaigyaniko ne jo badi badi khoje ki hai vaah saari khojon ka mulya khoj aur mul knowledge ayurveda vigyan me hazaro lakho saal se milta hai aur uske granth uplabdh hai allopathic sign se jo batein karta hai vaah baaton ke sarvangasam purn swaroop me Mantra ayurveda me uska uska reference hai aur poore ka pura science me shiv sanhita naam ka switch rishi ka jo pustakein jo aag se hazaro nahi laakhon saal pehle ki upanishad kaal se pehle ke yug me likha gaya tha aur itihas ki aur bhasha shastra ki yah kaate aur rasid haqiqat hai ki jo prachin ved dharm lakho varsh pehle vidyaman tha aaya tha aur uski chai pari 281 kalee yuge sachiv ke ateet lajawab par aur kalyug uski jo ginti bharatiya ved me hai aur is jor shrishti ki rachna hui halki prithvi ki ghatna me yah athva kalyug ke kalyug me 430000 aise hi kuch varshon ki ginti hai use double vishal dwapar ka hota hai use double salt itarake hota hai aur usse double se saal me sachiv ke hote hain vaah saal ki ginti aap kariye prachin vaidik granthon me aur itihas me yah sharirik gati yuvo ki ginti bilkul scientific dhang se hain aur yah char char yug ki jo ka udaharan hai aur uske jo yug beet gaye vaah bite hue char char yug ki 28 aur kalyug ke 28 baar ki shrishti hai yah call ganesh band ginti hai toh aap yah shrishti me kalyug ke andar jo bhej de ka lop ho gaya hindu pouranik log agyanata vash bolte the ki bhej ko toh shankhasur chori karke paatal me chala gaya hai ved samapt ho gaya hai toh jo hamare shankaracharya ke shankaracharya aadi shankaracharya unhone aur rani sudeshana ji ne us samay mahaan purush aur karke vaicharik jagrukta lakar ke evam krishi par hindu dharm ka ek punrawartan kiya aur is yudh me brahma se lekar ke janam ki tarikh paryant ki job job chargesheet pesh ki jo mahiti hai usme swami dayanand saraswati ne ved dharm ka kul prasaran kiya aur unke pustak se unke jo pustake satyarth prakash rikoj aadi bhashya bhumika aur sanskar vidhi padhakar kya pakki vichardhara me jabardast hai is vaigyanik parivartan la sakte hain vaah vidya ko padhne ke liye aap log prayatnashil ban sakte hain aur aap log aur shikshan ke anusaar apna jeevan chala sakte hain aur halki jo education system me halki jo arth karan kis state me medical system me vedo ki vidyaon ke anusaar hona chahiye ki aap logo ko samajh lena chahiye aur ayurveda sarvopari hai ayurveda koi sahitya ki sampatti nahi hai jo allopathy waale karte hain wahan se angrej sarkar ne aur dusre logo ne surgical karne ka ayurveda me jo pratibandh kiya hai vo ek baar you pratibandh hut jaega aur ayurveda waale surgical ko ke dekho me use karenge toh aaye hue the waise toh mila sir ji kal ke hum log bina sir ji kal ki 1 vyaktiyon ki nayi life bana dete hain aur bina surgical hum logo ko accha karte hain aur jo roke surgical bagair aise jaenge uski saari history ba bhagwan buddha ke samay me jatak kathao me likhi hai vaah aap logo ko padhne ke liye hum prerna dete hain aur aap log hamare aryasamaj jayegi toh use nirmaan prayogshala ke use jagah city patra padhiye arya samaj ayurveda hospital store om hamara pura program aap log suniye aur hamara sampark kariye aur hamari sahayta lijiye aur apne jeevan ko bachaya aur apni prakriti ko bataiye dhanyavad namaste

आपने एलोपैथी और आयुर्वेद के बारे में जो प्रश्न किया है कि दोनों चिकित्सा पद्धति में प्रभाव

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महेश हिन्दू

विधार्थी

1:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार भाइयों और बहनों देखिए पूछा है कि एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी है प्रभावी ही नहीं है यह आयुर्वेदिक जो है मरते हुए व्यक्ति को ही बचा लेता है एलोपैथिक की बात करें तो एलोपैथी में जो दवाइयां है सारी इंग्लिश मेडिसन उसमें बीमारी को दबाया जाता है एक बीमारी लगती है 10 बीमारियां तैयार हो जाती है और एलोपैथी में ऐसी कई बीमारियों का इलाज भी नहीं है इसका ऑपरेशन करके शरीर के अंग को काट दिया जाता है जबकि आयुर्वेद में ऐसा नहीं है और एक दिलचस्प आपको सत्य घटना बताना चाहता हूं अमेरिका का राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन को जब वह घर चल गया तो बड़ा बड़े डॉक्टर को बुलाया गया तो सभी डॉक्टर आए तो उन्होंने क्या किया उन्होंने कहा कि शरीर के खून में खराबी है तो खून लेना शुरू किया तो शरीर का सारा खून ही निकल गया था तो ऐसा है एलोपैथिक इलाज ठीक है ना बाकी यहां भारत के बड़े-बड़े लोग अमेरिका इंग्लैंड वगैरा-वगैरा देशों में जाते हैं वैसा कुछ नहीं है आयुर्वेद को भारत भूमि पर जा रहे हैं अगर प्रणेता आयुर्वेद के भारत उन्हें स्थापित हो जाए तो अमेरिका चंद सेकेंड और चंद मिनटों में भारत आगे घुटने टेक सकता है अमेरिका और यूरोप क्योंकि वहां की ज्यादातर कंपनियां दवाइयों का निर्माण करने वाली वही की और यहीं से बाहर से करोड़ों अरबों रुपए वहां जाता है धन्यवाद

namaskar bhaiyo aur bahanon dekhie puchha hai ki allopathy ki tulna mein ayurvedic upchaar prabhavi hai prabhavi hi nahi hai yeh ayurvedic jo hai marte hue vyakti ko hi bacha leta hai allopathic ki baat karein toh allopathy mein jo davaiyan hai saree english medicine usme bimari ko dabaya jata hai ek bimari lagti hai 10 bimariyan taiyaar ho jati hai aur allopathy mein aisi kai bimariyon ka ilaj bhi nahi hai iska operation karke sharir ke ang ko kaat diya jata hai jabki ayurveda mein aisa nahi hai aur ek dilchasp aapko satya ghatna batana chahta hoon america ka Rashtrapati Abrahim lincoln ko jab wah ghar chal gaya toh bada bade doctor ko bulaya gaya toh sabhi doctor aaye toh unhone kya kiya unhone kaha ki sharir ke khoon mein kharabi hai toh khoon lena shuru kiya toh sharir ka saara khoon hi nikal gaya tha toh aisa hai allopathic ilaj theek hai na baki yahan bharat ke bade bade log america england vagaira vagaira deshon mein jaate hai waisa kuch nahi hai ayurveda ko bharat bhoomi par ja rahe hai agar praneta ayurveda ke bharat unhein sthapit ho jaye toh america chand second aur chand minaton mein bharat aage ghutne take sakta hai america aur europe kyonki wahan ki jyadatar companiya dawaiyo ka nirmaan karne wali wahi ki aur yahin se bahar se karodo araboon rupaye wahan jata hai dhanyavad

नमस्कार भाइयों और बहनों देखिए पूछा है कि एलोपैथी की तुलना में आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी है

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