हम भारत में डिस्लेक्सिया के बारे में जागरूकता कैसे बढ़ा सकते हैं?...


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Supriya More

Educational Psychologist/Lecturer

1:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में ना हम सबसे पहले है कि सब स्कूल में सारे टीचर्स को सारे टीचर को बहुत अभी तो या बिज़नस बड़ा है पहले हमारे मुंबई में हम लोग सब जगह जाकर लर्निंग डिसेबिलिटी के बारे में लिखते हैं कि व्हाट इस लर्निंग डिसेबिलिटी मोदी एप्लीकेशन रखना मॉर्निंग पोस्टर कंपटीशन होती है स्कूल में स्क्रीनिंग होना चाहिए जो अनएजुकेशन डिपार्टमेंट यहां महाराष्ट्र बुद्धाराम बेटे का हर एक स्कूल में 200 बच्चे हैं उसमें से 12 या 15 बच्चे की लर्निंग डिसेबिलिटी निकलते ही निकलता है

bharat mein na hum sabse pehle hai ki sab school mein saare teachers ko saare teacher ko bahut abhi toh ya business bada hai pehle hamare mumbai mein hum log sab jagah jaakar learning disability ke bare mein likhte hain ki what is learning disability modi application rakhna morning poster competition hoti hai school mein screening hona chahiye jo anaejukeshan department yahan maharashtra buddharam bete ka har ek school mein 200 bacche hain usme se 12 ya 15 bacche ki learning disability nikalte hi nikalta hai

भारत में ना हम सबसे पहले है कि सब स्कूल में सारे टीचर्स को सारे टीचर को बहुत अभी तो या बिज

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Jyoti Bhardwaj

Psychologist, Counsellor

1:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी सबसे पहले तो अपनी सोच को बदलना है कि जिन बच्चों डिसलेक्सिया है वह एक सिर्फ डिफरेंट तरीका है कि मैं को समझने का देखने का इसमें कोई भी हमारी इंटेलिजेंस में कमी नहीं होती और अगर बच्चा 1 तरीके से नहीं ठीक रहा तो उसको दूसरे तरीके से समझा सकते हैं इसके लिए व्हाट्सएप कर सकते हैं इससे डाइजेशन कर सकते हैं जो बच्चे इंक्लूसिव एजुकेशन एक बहुत ही अच्छा बहुत ही अच्छा तरीका है यह संदेश फैलाने का जिससे कि बड़ी दम है आजकल बोर्ड जो है बड़ी कम पर जो देते अगर एक बच्चा दूसरे बच्चे के साथ बैठकर उसको समझाया तो आपस में अच्छी तरीके से निजात कर लेते हैं की याद कर लेते हैं कि कैसे आपने बच्चा पड़ता है तो इनट्यूशन इज वेरी इंपॉर्टेंट बहुत जरूरी है व्हाट्सएप सो सकते हैं टीचर की वर्कशॉप सोनिए जितने भी हमारे शिक्षक हैं उनको बताया जा सकता है कि इंक्लूजन सेट अप में अगर बच्चे किसी को डिस्लेक्सिया की स्क्रीन क्लीनर क्लीनर जैसे कि बचाओ को पता चल जाता बच्चे की परफॉर्मेंस कि बच्चे नहीं हो सकता है लगते हो स्क्रीन करें तो बच्चों के साथ ही काम करना शुरू कर दो बच्चे के साथ कर सकते हैं जैसे कि audio-visual गाने सेटिंग को टेक्टाइल अप्रोच होती है मल्टी सेंसरी आप रोज बोलते हैं काम करते हैं शरीफ बाकी बच्चों को भी बहुत मदद करेगी सीखने में और डिस्ट्रिक्ट के बच्चों को तो विशेष रुप से मदद होगी यदि आप मल्टी सेंसरी अप्रोच यूज करते हैं कि अवेयरनेस के लिए हम इन सर्विस ट्रेनिंग करवाई कर सकते हैं कैंसिलेशन ट्रेनिंग करवाई कर सके पेरेंट्स की वर्कशॉप कर सकते हैं ना बच्चों को थोड़ा सा इस बारे में जानकारी दे सकते हैं कि बच्चे कितने पैर होंगे टीचर कितना अवेयर हूं के पेरेंट्स इतना देर होगी उतना ही हम इस कम्युनिटी को मदद कर पाएंगे और साथ जोड़ने में इनको अक्षम कर पाएंगे

abhi sabse pehle toh apni soch ko badalna hai ki jin baccho disleksiya hai wah ek sirf different tarika hai ki main ko samjhne ka dekhne ka ismein koi bhi hamari intelligence mein kami nahi hoti aur agar baccha 1 tarike se nahi theek raha toh usko dusre tarike se samjha sakte hain iske liye whatsapp kar sakte hain isse digestion kar sakte hain jo bacche inclusive education ek bahut hi accha bahut hi accha tarika hai yeh sandesh felane ka jisse ki badi dum hai aajkal board jo hai badi kam par jo dete agar ek baccha dusre bacche ke saath baithkar usko samjhaya toh aapas mein acchi tarike se nijat kar lete hain ki yaad kar lete hain ki kaise aapne baccha padta hai toh inatyushan is very important bahut zaroori hai whatsapp so sakte hain teacher ki workshop soniya jitne bhi hamare shikshak hain unko bataya ja sakta hai ki inklujan set up mein agar bacche kisi ko dyslexia ki screen cleaner cleaner jaise ki bachao ko pata chal jata bacche ki performance ki bacche nahi ho sakta hai lagte ho screen karein toh baccho ke saath hi kaam karna shuru kar do bacche ke saath kar sakte hain jaise ki audio-visual gaane setting ko tektail approach hoti hai multi sensory aap roj bolte hain kaam karte hain sharif baki baccho ko bhi bahut madad karegi sikhne mein aur district ke baccho ko toh vishesh roop se madad hogi yadi aap multi sensory approach use karte hain ki awareness ke liye hum in service training karwai kar sakte hain cancellation training karwai kar sake parents ki workshop kar sakte hain na baccho ko thoda sa is bare mein jankari de sakte hain ki bacche kitne pair honge teacher kitna aveyar hoon ke parents itna der hogi utana hi hum is community ko madad kar payenge aur saath jodne mein inko aksham kar payenge

अभी सबसे पहले तो अपनी सोच को बदलना है कि जिन बच्चों डिसलेक्सिया है वह एक सिर्फ डिफरेंट तरी

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Shweta Dharamdasani

Rehabilitation Psychologist

1:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे ऑफ जरूरी होता है कि आप माता-पिता और और टीचर को जो अध्यापक होते हैं उनको बताओ क्या क्या है कभी-कभी बच्चा अच्छा नहीं पढ़ना बहुत और कारण हो सकते हैं उनको फिर से कह दिया जाता है या क्लास में कैटेगरी में डाल दिया जाता है तो बहुत जरूरी है कि माता-पिता और टीचर को एक बात के लिए वेयर कराया जाए वर्कशॉप रखी जाए और उनको यह बात पता चली कि तकलीफ है मेरे बच्चे मांगता है यह तकलीफ है तो उस टाइम तो उनको पता होता दसवीं तक उसका जो अच्छे बच्चे पर या माता पिता पर कटक कटक हमारे बच्चे कोई डिफिकल्टी तो बताइए जितने भी लोगों ने हिंदुस्तान में वह भी देखें दोनों को यह समझ में आया कि हां यह तकलीफ है तो काफी माता-पिता उसे डिलीट कर पाए काफी बच्चे डिलीट कर पाए काफी के बारे में आवे तो आमना के फूल

sabse of zaroori hota hai ki aap mata pita aur aur teacher ko jo adhyapak hote hain unko batao kya kya hai kabhi kabhi baccha accha nahi padhna bahut aur kaaran ho sakte hain unko phir se keh diya jata hai ya class mein category mein daal diya jata hai toh bahut zaroori hai ki mata pita aur teacher ko ek baat ke liye where karaya jaye workshop rakhi jaye aur unko yeh baat pata chali ki takleef hai mere bacche mangta hai yeh takleef hai toh us time toh unko pata hota dasavi tak uska jo acche bacche par ya mata pita par katak katak hamare bacche koi difficulty toh bataye jitne bhi logo ne Hindustan mein wah bhi dekhen dono ko yeh samajh mein aaya ki haan yeh takleef hai toh kaafi mata pita use delete kar paye kaafi bacche delete kar paye kaafi ke bare mein aawe toh aamna ke fool

सबसे ऑफ जरूरी होता है कि आप माता-पिता और और टीचर को जो अध्यापक होते हैं उनको बताओ क्या क्य

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Dr Amit Kumar

Assistant Professor

0:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जरा जरूरी है कि जो प्राइमरी स्कूल तोते हैं प्राइमरी स्कूल में सर्वे करवाया जाए और बेटे का सबसे यह रिफ्लेक्टिव से संबंधित जो है वह टीचर ट्रेनिंग में शामिल किया जाए और वह अपना टीचर के साथ था तुमको इंस्ट्रक्शन दे जाएं क्योंकि स्वेटर के टॉकीज डाउनलोड करके भी बच्चों के साथ डिलीट की जा सकती है उसने पैदा हो

jara zaroori hai ki jo primary school tote hain primary school mein survey karvaya jaye aur bete ka sabse yeh reflective se sambandhit jo hai wah teacher training mein shaamil kiya jaye aur wah apna teacher ke saath tha tumko instruction de jayen kyonki sweater ke talkies download karke bhi baccho ke saath delete ki ja sakti hai usne paida ho

जरा जरूरी है कि जो प्राइमरी स्कूल तोते हैं प्राइमरी स्कूल में सर्वे करवाया जाए और बेटे का

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