क्या मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के बीच कोई संबंध है?...


user

अनमोल मणी

योग शिक्षक

2:14
Play

Likes  81  Dislikes    views  1093
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Praveen Kumar

Yoga Instructor

1:16

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बीच में या कहा जा आध्यात्मिकता के बीच में जो संबंध में बहुत गहरा है पहले अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ हैं तो अध्यात्म में भी हम आगे रहेंगे आध्यात्मिक रूप में भी हमारा मन लगेगा और हम मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं आध्यात्मिकता का तो कोई सवाल ही नहीं है और यह दोनों एक दूसरे के पड़े हैं आध्यात्मिक अगर आध्यात्मिकता है तो मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे अध्यात्म से मतलब हमारा दूसरे के प्रति नजरिया कहता है ईश्वर के प्रति हमारा नजरिया कैसा है हमारी भावना कैसी हैं संयम है कि नहीं है मन वाणी कर्म से हमारा में बैंक का प्रभाव कैसा है यह सारी चीजें डिपेंड करती हैं तो मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक स्वास्थ्य दोनों एक दूसरे से लगे हुए हैं दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और इसमें यह भी है कि मानसिक स्वास्थ्य जो है इसमें

mansik swasthya aur aadhyatmik swasthya ke beech mein ya kaha ja aadhyatmikta ke beech mein jo sambandh mein bahut gehra hai pehle agar hum mansik roop se swasth hain toh adhyaatm mein bhi hum aage rahenge aadhyatmik roop mein bhi hamara man lagega aur hum mansik roop se asvasth hain aadhyatmikta ka toh koi sawal hi nahi hai aur yeh dono ek dusre ke pade hain aadhyatmik agar aadhyatmikta hai toh mansik roop se swasth rahenge adhyaatm se matlab hamara dusre ke prati najariya kahata hai ishwar ke prati hamara najariya kaisa hai hamari bhavna kaisi hain sanyam hai ki nahi hai man vani karm se hamara mein bank ka prabhav kaisa hai yeh saree cheezen depend karti hain toh mansik swasthya aur aadhyatmik swasthya dono ek dusre se lage hue hain dono ek dusre se jude hue hain aur ismein yeh bhi hai ki mansik swasthya jo hai ismein

मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बीच में या कहा जा आध्यात्मिकता के बीच में जो स

Romanized Version
Likes  54  Dislikes    views  718
WhatsApp_icon
user

Sheetal Singh

Clinical Psychologist

1:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे ऐसा लगता है कि किसी भी रूप में किसी भी काम कर सकता है तो कहीं ना कहीं मेरे पिता के मुझे क्या हुआ कि मैं क्या करती हूं मैं भगवान के पास जाती हूं मेरे को क्यों थोड़ी देर के लिए ही सही तो मुझे लगता है कि मेरी जिंदगी का साथ कोई और नहीं उठा सकता है या कोई और उठा है अच्छे दिन को चलती है

mujhe aisa lagta hai ki kisi bhi roop mein kisi bhi kaam kar sakta hai toh kahin na kahin mere pita ke mujhe kya hua ki main kya karti hoon main bhagwan ke paas jati hoon mere ko kyon thodi der ke liye hi sahi toh mujhe lagta hai ki meri zindagi ka saath koi aur nahi utha sakta hai ya koi aur utha hai acche din ko chalti hai

मुझे ऐसा लगता है कि किसी भी रूप में किसी भी काम कर सकता है तो कहीं ना कहीं मेरे पिता के मु

Romanized Version
Likes  48  Dislikes    views  534
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!