क्या प्रकृती ही ईश्वर है?...


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Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न किया है या प्रकृति ही ईश्वर मतलब क्या प्राप्त होते ही परमात्मा है तो बिल्कुल गलत बात है प्रकृति परमात्मा नहीं है प्रकृति परमात्मा की बनाई हुई कलाकृति किसी पेंटिंग को देखकर यह कह देना कि पेंटिंग ही कलाकार है कलाकार की बनाई हुई कलाकृति है पेंटिंग पेंटिंग अलग चीज है कलाकार अलग चीज है इसी तरह प्रकृति अलग चीज है और ईश्वर अलग चीज है ईश्वर अलग चीज है प्राकृतिक अलग ईश्वर की बनाई हुई तलाशी प्रकृति तो जो भी चांद सूरज सितारे आसमान पहाड़ देख रहे हैं यह परमात्मा की बनाई हुई कलाकृतियां थैंक यू

prashna kiya hai ya prakriti hi ishwar matlab kya prapt hote hi paramatma hai toh bilkul galat baat hai prakriti paramatma nahi hai prakriti paramatma ki banai hui kalakriti kisi painting ko dekhkar yah keh dena ki painting hi kalakar hai kalakar ki banai hui kalakriti hai painting painting alag cheez hai kalakar alag cheez hai isi tarah prakriti alag cheez hai aur ishwar alag cheez hai ishwar alag cheez hai prakirtik alag ishwar ki banai hui talashi prakriti toh jo bhi chand suraj sitare aasman pahad dekh rahe hain yah paramatma ki banai hui kalakritiyan thank you

प्रश्न किया है या प्रकृति ही ईश्वर मतलब क्या प्राप्त होते ही परमात्मा है तो बिल्कुल गलत बा

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नमस्कार आपका प्रश्न है कि क्या प्रकृति ही ईश्वर है मैं आपको बताना चाहता हूं कि सबसे पहले तो अगर एक बेसिक कांसेप्ट से देखें तो हां प्रकृति ही ईश्वर है मान लीजिए इस दुनिया से पानी गायब हो जाए तो क्या होगा हवा गायब हो जाए तो धरती गायब हो जाए या फिर ब्रह्मांड आसमान गायब हो जाए पेड़ पौधे गायब हो जाए तो या बारिश गायब हो जाए सूरज चांद गायब हो जाए तो यह चीज तो है कि प्रकृति ईश्वर है या नहीं है यह तो मुझे नहीं पता पर प्रकृति का हमारे जीवन में बहुत ही बड़ा योगदान है और महत्व है इसके अलावा ईश्वर है या नहीं है इस सवाल का जवाब अभी तक किसी को मिला नहीं है और किसी को मिला भी होगा तो उससे ना तो आप मिले हैं ना ही मैं मिला हूं और ना ही यह इतने जो यूट्यूब वगैरह पर और टीवी में और ज्ञानी महात्मा घूमते हैं वह किसी वह भी कभी ईश्वर से मिले ईश्वर से तो कोई मिला है नहीं और ईश्वर अगर मान लेते हैं क्योंकि इस इतनी बड़ी दुनिया ब्रह्मांड है तो उसको किसी न किसी ने तो बना ही होगा बिना बनाए तो वह आ नहीं सकती तो अगर ईश्वर होगा भी तो वह एक दूसरे से सवाल पूछ करके प्राप्त होना मुश्किल है इसका जवाब मिलना कि ईश्वर है या नहीं है प्रकृति ईश्वर है इन सवालों के जवाब आपको डायरेक्टली कोई दे नहीं सकता यह तो आपको खुद को ही पता करने पड़ेंगे उनको पता कैसे करना है उस उसके बहुत सारे मार गए और एक सबसे अच्छा मार्ग मैडिटेशन का अपने खुद के अंदर खोजना कई पर ऐसा लिखा हुआ है कि हमारे शरीर के अंदर वह सारे तत्व है जो इस पूरे ब्रह्मांड में मौजूद है तो उन सारे तत्वों में से हो सकता है ईश्वर वाला तत्व जो है वह भी हो तो उसको आप महसूस कर पाए हालांकि यह प्रक्रिया बहुत लंबी है परंतु यह बात जरूर है कि किसी को सवाल पूछने से और किसी का जवाब देने से हमें पता चलता नहीं है मगर कह भी दो के हैं तो भी उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मैंने देखा नहीं है और अगर मैं कह दूं कि नहीं है तो भी कुछ फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मुझे क्या पता नहीं क्योंकि मैंने ना तो देखा है नहीं मैं ऐसा कह सकता हूं कि ना कभी देखूंगा नहीं या होगा नहीं तो यह बहुत ही कन्फ्यूजिंग सवाल है पर हां इस इतनी बड़ी प्रकृति को किसी ने बनाया है तो कोई न कोई होगा जरूर और उसको कहां पर ढूंढना है और वह कौन है यह मेहनत तो हमें खुद को ही करनी पड़ेगी धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai ki kya prakriti hi ishwar hai main aapko batana chahta hoon ki sabse pehle toh agar ek basic concept se dekhen toh haan prakriti hi ishwar hai maan lijiye is duniya se paani gayab ho jaaye toh kya hoga hawa gayab ho jaaye toh dharti gayab ho jaaye ya phir brahmaand aasman gayab ho jaaye ped paudhe gayab ho jaaye toh ya barish gayab ho jaaye suraj chand gayab ho jaaye toh yah cheez toh hai ki prakriti ishwar hai ya nahi hai yah toh mujhe nahi pata par prakriti ka hamare jeevan me bahut hi bada yogdan hai aur mahatva hai iske alava ishwar hai ya nahi hai is sawaal ka jawab abhi tak kisi ko mila nahi hai aur kisi ko mila bhi hoga toh usse na toh aap mile hain na hi main mila hoon aur na hi yah itne jo youtube vagera par aur TV me aur gyani mahatma ghumte hain vaah kisi vaah bhi kabhi ishwar se mile ishwar se toh koi mila hai nahi aur ishwar agar maan lete hain kyonki is itni badi duniya brahmaand hai toh usko kisi na kisi ne toh bana hi hoga bina banaye toh vaah aa nahi sakti toh agar ishwar hoga bhi toh vaah ek dusre se sawaal puch karke prapt hona mushkil hai iska jawab milna ki ishwar hai ya nahi hai prakriti ishwar hai in sawalon ke jawab aapko directly koi de nahi sakta yah toh aapko khud ko hi pata karne padenge unko pata kaise karna hai us uske bahut saare maar gaye aur ek sabse accha marg meditation ka apne khud ke andar khojana kai par aisa likha hua hai ki hamare sharir ke andar vaah saare tatva hai jo is poore brahmaand me maujud hai toh un saare tatvon me se ho sakta hai ishwar vala tatva jo hai vaah bhi ho toh usko aap mehsus kar paye halaki yah prakriya bahut lambi hai parantu yah baat zaroor hai ki kisi ko sawaal poochne se aur kisi ka jawab dene se hamein pata chalta nahi hai magar keh bhi do ke hain toh bhi usse kuch fark nahi padta kyonki maine dekha nahi hai aur agar main keh doon ki nahi hai toh bhi kuch fark nahi padta kyonki mujhe kya pata nahi kyonki maine na toh dekha hai nahi main aisa keh sakta hoon ki na kabhi dekhunga nahi ya hoga nahi toh yah bahut hi kanfyujing sawaal hai par haan is itni badi prakriti ko kisi ne banaya hai toh koi na koi hoga zaroor aur usko kaha par dhundhana hai aur vaah kaun hai yah mehnat toh hamein khud ko hi karni padegi dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है कि क्या प्रकृति ही ईश्वर है मैं आपको बताना चाहता हूं कि सबसे पहले त

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Priya Singh

Soft Skill Trainer

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क्या प्रकृति ईश्वर है ईश्वर साक्षात किसने देखा नहीं है और प्रकृति जो है वह हमें सब कुछ देती है आपको पानी जो फाइल की जमीनों में पत्र लिखती है हवा आती प्रदीप मानते हैं लोग

kya prakriti ishwar hai ishwar sakshat kisne dekha nahi hai aur prakriti jo hai vaah hamein sab kuch deti hai aapko paani jo file ki zameeno me patra likhti hai hawa aati pradeep maante hain log

क्या प्रकृति ईश्वर है ईश्वर साक्षात किसने देखा नहीं है और प्रकृति जो है वह हमें सब कुछ देत

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Rudra

Super Model

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RIZVI AMROHVI

Psychologist

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प्रकृति ईश्वर को समझने का वसीला है तरीका प्रकृति को देखकर हम ईश्वर को समझ सकते हैं कि ईश्वर कौन है और क्या है और कैसे हो नरेश प्रकृति को बनाया है

prakriti ishwar ko samjhne ka vasila hai tarika prakriti ko dekhkar hum ishwar ko samajh sakte hain ki ishwar kaun hai aur kya hai aur kaise ho naresh prakriti ko banaya hai

प्रकृति ईश्वर को समझने का वसीला है तरीका प्रकृति को देखकर हम ईश्वर को समझ सकते हैं कि ईश्व

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Ramesh Bait

Astrologer & Spiritual Healer

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जी हां लगती ही ईश्वर है आप कहते हो क्या ईश्वर के पुत्र हो हम सब ईश्वर के अंश है एक्चुली देखा जाए तो हम प्रकृति के अंश है ईश्वर के विभिन्न रूप होते हैं वैसे इस प्रकृति अपने आप को विभिन्न रूपों में प्रकट करते रहती है जब प्रकृति नष्ट हो जाएगी आप अपने आप नष्ट हो जाएंगे तो प्रकृति ही भगवान है जैसे आप जल देवता मानते हो अग्नि देवता मानते हो पृथ्वी देवता मानते हो सूर्य देवता मानते हो चंद्र देवता मानते हो मंगल देवता मानते हो मगर इन सब को इन सब के ऊपर इन सब को समाए हुए इन सब को जो चलाती है मंगल को उसी जगह पर घुमा रही है सूर्य को वहीं पर घुमा रही है यह जो शक्ति है प्रकृति की जो विभिन्न रूपों से प्रकट होती है नेचर में बैलेंस निर्माण करती है यह क्या है कौन कर रहा है इससे अपने आप को ठीक करना आज पॉपुलेशन बढ़ गई तो कुछ ऐसे रोग महामारी आती है जिससे अपने आप बैलेंस हो जाता है भूकंप आता है सुनामी आती है फिर कुछ दिनों के बाद सब अपने आप को शीला लहराने लगती है यह प्रकृति है प्रकृति को अब हम ठीक से समझ नहीं पाए जैसे हम ईश्वर को ठीक से समझ नहीं पाए प्रकृति ही ईश्वर है प्रकृति हमें जिंदा रखे हुए हैं प्रकृति हमें भावनाएं निर्माण करते हैं प्रकृति ही ऐसी है जिसके वजह से हम मैं आप सब साथ ले रहे हैं तो प्रकृति ही सब कुछ है खुद ही ईश्वर है

ji haan lagti hi ishwar hai aap kehte ho kya ishwar ke putra ho hum sab ishwar ke ansh hai ekchuli dekha jaaye toh hum prakriti ke ansh hai ishwar ke vibhinn roop hote hain waise is prakriti apne aap ko vibhinn roopon me prakat karte rehti hai jab prakriti nasht ho jayegi aap apne aap nasht ho jaenge toh prakriti hi bhagwan hai jaise aap jal devta maante ho agni devta maante ho prithvi devta maante ho surya devta maante ho chandra devta maante ho mangal devta maante ho magar in sab ko in sab ke upar in sab ko samaaye hue in sab ko jo chalati hai mangal ko usi jagah par ghuma rahi hai surya ko wahi par ghuma rahi hai yah jo shakti hai prakriti ki jo vibhinn roopon se prakat hoti hai nature me balance nirmaan karti hai yah kya hai kaun kar raha hai isse apne aap ko theek karna aaj population badh gayi toh kuch aise rog mahamari aati hai jisse apne aap balance ho jata hai bhukamp aata hai tsunami aati hai phir kuch dino ke baad sab apne aap ko shila lahrane lagti hai yah prakriti hai prakriti ko ab hum theek se samajh nahi paye jaise hum ishwar ko theek se samajh nahi paye prakriti hi ishwar hai prakriti hamein zinda rakhe hue hain prakriti hamein bhaavnaye nirmaan karte hain prakriti hi aisi hai jiske wajah se hum main aap sab saath le rahe hain toh prakriti hi sab kuch hai khud hi ishwar hai

जी हां लगती ही ईश्वर है आप कहते हो क्या ईश्वर के पुत्र हो हम सब ईश्वर के अंश है एक्चुली दे

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वह क्या प्रश्न है क्या प्रकृति ही है जितना सुनने में मामूली रहता है यह प्रश्न उतना ही बहुमूल्य है यह प्रश्न अगर प्रश्न का उत्तर समझे तो इस तरीके से समझें कि ईश्वर तो कण-कण में मौजूद है कहां नहीं मौजूद है जिस की बनाई हुई रचना जिसमें हम सब भी हैं चाहे वह चीज सचिव हो या निर्जीव हो चाहे उसमें प्राण हो या ना हो उसकी हर चीज चाहे वह अच्छी हो गोरी हो काली हो गोरी हो कुछ भी ले लीजिए ईश्वर तो हर जगह सर्वव्यापी है वह तो हर जगह मौजूद है तो इस तरीके से प्रकृति या फिर प्रकृति से जुड़ी सारी चीजें उन सब में ईश्वर मौजूद है इन सब चीजों को कहीं ना कहीं ईश्वर से ही जोड़ा जाता है और हम भी तो स्वयं ईश्वर से ही जुड़े हैं जिस धाम से आए हैं उसी धाम हम सबको जाना है जीवन और मृत्यु का जो एक काल है इसे हर कोई पूरा करता है अपने स्वास्थ्य का यह सब कर्मों का खेल है हम सबको अपने कर्म करने के लिए इस पृथ्वी पर आना पड़ता है और प्रकृति इस पृथ्वी का हिस्सा है तो दोस्तों अगर आपको मेरा जवाब अच्छा लगे तो आप मुझे फॉलो कर सकते हैं मेरे मोटिवेशनल चैनल और इंग्लिश में सीख सकते हैं मेरे ही चैनल आप यूट्यूब पर जाएं और सर्च करें दर्शना पचोरी आपको कई सारे वीडियोस मिलेंगे जिससे आपकी सारी चीजें सीख सकते हैं दर्शना पचोरी ऐसा चैनल एंड 2:00 बजे राइट नाउ यू आर अमेजिंग लर्निंग वीडियोस

vaah kya prashna hai kya prakriti hi hai jitna sunne me mamuli rehta hai yah prashna utana hi bahumulya hai yah prashna agar prashna ka uttar samjhe toh is tarike se samajhe ki ishwar toh kan kan me maujud hai kaha nahi maujud hai jis ki banai hui rachna jisme hum sab bhi hain chahen vaah cheez sachiv ho ya nirjeev ho chahen usme praan ho ya na ho uski har cheez chahen vaah achi ho gori ho kali ho gori ho kuch bhi le lijiye ishwar toh har jagah sarvavyapi hai vaah toh har jagah maujud hai toh is tarike se prakriti ya phir prakriti se judi saari cheezen un sab me ishwar maujud hai in sab chijon ko kahin na kahin ishwar se hi joda jata hai aur hum bhi toh swayam ishwar se hi jude hain jis dhaam se aaye hain usi dhaam hum sabko jana hai jeevan aur mrityu ka jo ek kaal hai ise har koi pura karta hai apne swasthya ka yah sab karmon ka khel hai hum sabko apne karm karne ke liye is prithvi par aana padta hai aur prakriti is prithvi ka hissa hai toh doston agar aapko mera jawab accha lage toh aap mujhe follow kar sakte hain mere Motivational channel aur english me seekh sakte hain mere hi channel aap youtube par jayen aur search kare darshana pachori aapko kai saare videos milenge jisse aapki saari cheezen seekh sakte hain darshana pachori aisa channel and 2 00 baje right now you R amazing learning videos

वह क्या प्रश्न है क्या प्रकृति ही है जितना सुनने में मामूली रहता है यह प्रश्न उतना ही बहुम

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Vinita Mishra

Meditation

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं प्रकृति ईश्वर नहीं है प्रकृति ईश्वर की रचना है ईश्वर रचयिता है और प्रकृति उसकी रचना है प्रकृति इन पांच तत्वों से मिलकर बने हैं ईश्वर से ईश्वर के रहने के स्थान से और हम निरंकारी आत्माओं के रहने के स्थान से अलग एक दुनिया हैं हम निरंकारी आत्माओं की वास्तविक रहने का स्थान जो है वह इस प्रकृति से बहुत ऊपर इस्पात क्योंकि दुनिया से बहुत ऊपर परमधाम याने ब्रह्मांड किसे कहा जाता है वह है और वही परमपिता परमात्मा यानी ईश्वर यानी रचयिता का स्थान है यह प्रकृति के पांच तत्व यानी जल वायु अग्नि धरा और नव

nahi prakriti ishwar nahi hai prakriti ishwar ki rachna hai ishwar rachiyata hai aur prakriti uski rachna hai prakriti in paanch tatvon se milkar bane hain ishwar se ishwar ke rehne ke sthan se aur hum nirankari atmaon ke rehne ke sthan se alag ek duniya hain hum nirankari atmaon ki vastavik rehne ka sthan jo hai vaah is prakriti se bahut upar ispaat kyonki duniya se bahut upar paramadham yane brahmaand kise kaha jata hai vaah hai aur wahi parampita paramatma yani ishwar yani rachiyata ka sthan hai yah prakriti ke paanch tatva yani jal vayu agni dhara aur nav

नहीं प्रकृति ईश्वर नहीं है प्रकृति ईश्वर की रचना है ईश्वर रचयिता है और प्रकृति उसकी रचना

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Harsh Maheshwari

Motivation Speaker

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नमस्कार मेरे प्रिय मित्रों मैं हूं हर्ष और आज मैं आपकी एक और प्रश्न का जवाब जो की है क्या प्रकृति ही ईश्वर है अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा नहीं तुझे प्रकृति ईश्वर द्वारा बनाया गया एक तत्व है ना कि खुद ईश्वर कोई गलत नहीं होगा कि प्रकृति का एक रूप है जिसके जरिए हम जीते हैं प्रकृति ना होती तो हम भी ना होते प्रकृति नहीं हमको बनाया है प्रकृति हमें वह सब देती है जो हमारे जीवन के लिए जरूरी है मुश्किल नहीं होगा कि प्रकृति ना होती तो हम भी ना होते प्रकृति स्वर का ही एक रूप है लेकिन प्रकृति होती ईश्वर नहीं है धन्यवाद मेरे प्रिय मित्रों

namaskar mere priya mitron main hoon harsh aur aaj main aapki ek aur prashna ka jawab jo ki hai kya prakriti hi ishwar hai agar aap mujhse puchenge toh main kahunga nahi tujhe prakriti ishwar dwara banaya gaya ek tatva hai na ki khud ishwar koi galat nahi hoga ki prakriti ka ek roop hai jiske jariye hum jeete hain prakriti na hoti toh hum bhi na hote prakriti nahi hamko banaya hai prakriti hamein vaah sab deti hai jo hamare jeevan ke liye zaroori hai mushkil nahi hoga ki prakriti na hoti toh hum bhi na hote prakriti swar ka hi ek roop hai lekin prakriti hoti ishwar nahi hai dhanyavad mere priya mitron

नमस्कार मेरे प्रिय मित्रों मैं हूं हर्ष और आज मैं आपकी एक और प्रश्न का जवाब जो की है क्या

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

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क्या प्रकृति ही ईश्वर या नहीं प्रकृति ईश्वर नहीं है प्रकृति अलग होती है अपूर्व सा लाभ होता है पुराने होता है इसका क्या दोनों मिलकर मिलकर निर्गुण निराकार कैसे बनाएगा तो दोनों मिलकर के एसपी का निर्माण करते हैं जब एक आदमी जन्म होता है तो उसने प्रकृति के पांच तत्वों पृथ्वी जल अग्नि वायु आकाश जाता है परमात्मा के अंश होता है वह आत्मा बन जाती है आत्मा से आत्मा तो फिर तब तक नहीं चलेगा जब तक की बिजली नहीं आएगी अब बिजली फिर नहीं हो सकती नफरत भी हो सकता है बिजली काम करने लगा ठंडा हो गया कूलर काम करने लगा दोनों मिलकर उसको ईश्वर कहता है परमात्मा निर्गुण निराकार चेतन वे दोनों का मिश्रण होता है जब पहले होता है तो यार चला गया पृथ्वी के पास अब नहीं लगता है जनता को चलेंगे प्रकृति आत्मा है वह अपना अपना आराम करते हैं फिर अगले जन्म में अग्रसर में अगले समय में खेल खेलते हैं

kya prakriti hi ishwar ya nahi prakriti ishwar nahi hai prakriti alag hoti hai apoorva sa labh hota hai purane hota hai iska kya dono milkar milkar nirgun nirakaar kaise banayega toh dono milkar ke SP ka nirmaan karte hain jab ek aadmi janam hota hai toh usne prakriti ke paanch tatvon prithvi jal agni vayu akash jata hai paramatma ke ansh hota hai vaah aatma ban jaati hai aatma se aatma toh phir tab tak nahi chalega jab tak ki bijli nahi aayegi ab bijli phir nahi ho sakti nafrat bhi ho sakta hai bijli kaam karne laga thanda ho gaya cooler kaam karne laga dono milkar usko ishwar kahata hai paramatma nirgun nirakaar chetan ve dono ka mishran hota hai jab pehle hota hai toh yaar chala gaya prithvi ke paas ab nahi lagta hai janta ko chalenge prakriti aatma hai vaah apna apna aaram karte hain phir agle janam me agrasar me agle samay me khel khelte hain

क्या प्रकृति ही ईश्वर या नहीं प्रकृति ईश्वर नहीं है प्रकृति अलग होती है अपूर्व सा लाभ होता

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Bhupendra Chugh

Business Owner

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आप कह सकते हो यह बात भी कह सकते हो कि प्रकृति ही ईश्वर है लेकिन प्रकृति की व्याख्या क्या है वह आप को मैं बताता हूं प्रकृति जो आपको दिखाई दे रहा है जहां आप हो जमीन पेड़-पौधे जीव जंतु अकाश सितारे सूरज चांद ब्रह्मांड नदियां पहाड़ जो सब कुछ है जो आपके सामने सब पकड़ती है असम में ईश्वर विद्यमान है एक पत्थर का छोटा सा कॉल उठा लो आप उस काम में भी ईश्वर विद्यमान है ईश्वर कण-कण में विद्यमान है सब जगे ईश्वर मौजूद है और इससे बड़ी बात क्या है कि आपके अंदर ईश्वर मौजूद है जब याद चल रहे हो काम कर रहे हो चल फिर रहे हो काम कर रहे हो बातें कर रहे हो सारे काम हो रहे हैं क्योंकि आपके अंदर भी ईश्वर ईश्वर कहानी यह तो ब्रह्मांड की बात बताई जो आपको नजर आ रहा है वहां सब ईश्वर मौजूद है कण-कण में ईश्वर मौजूदा और जो आपको नजर नहीं आ रहा वहां भी ईश्वर मौजूद है हमारे ब्रह्मांड में लाखों-करोड़ों सितारे सब ईश्वर का ही बनाया हुआ है ब्रह्मांड और एक एक सितारा इतना बड़ा है हजारों प्रतियां उसमें समा सकती हैं एक-एक सितारे में रुको सितारे ब्रह्मांड का कोई अंत नहीं है जिसका कोई आंटी ना हो जो आपको नजर भी नहीं आ रहा वहां भी ईश्वर मौजूद है यह तो पृथ्वी के ऊपर की बात है आकाशगंगा में मौजूद आकाशगंगा में अगर कोई एग्जांपल के तौर पर गुफा है आप उस गोवा में घुसे वह अंधेरा है सारा गुफा और आप चलते चले जा रहे हो वो खत्म नहीं होती गुफा को सारा अंधकार से भरा पड़ा में आपकी कई पीढ़ियां अगर आप मान के चलो निकल जाएंगे वह गुफा खत्म नहीं होगी सैकड़ों पीलिया निकल जाएंगी गुफा खत्म नहीं होगी एक मोटा सा एग्जांपल दिया है मैंने आपको ऐसी आकाशगंगा में मौजूद है हमारे अंतरिक्ष में कि अगर उसके अंदर कोई एग्जांपल नहीं जा सकता यह तो बहुत गूढ़ विषय है बहुत गहराई का विषय कि अगर मालिया उस अकाश गन्ना के बाहर एक हवाई जहाज है हवाई जहाज उससे हजारों किलोमीटर दूर है प्रकाशगंगा हजारों किलोमीटर बाद तो आकाशगंगा उस हवाई जहाज की तरफ खींच ले हजारों किलोमीटर दूर होने के बावजूद भी एग्जांपल दे रहा हूं यार जबकि वहां तक तो कोई पहुंची नहीं सकता और हवाई जहाज अगर उसमें घुस गया तो हवाई जहाज से ही पता नहीं चलेगा वह गया था ऐसी होती है आकाशगंगा जिसका कोई अंत ही नहीं है जैसे गुफा को मैंने आपको बताया कि हजारों पीलिया निकल जाएंगी गुफा खत्म होगी ऐसी अकाश गन्ना है अगर उसमें आदमी एंट्री कट जाए तो पता ही नहीं चलेगा कि वह कहां गया प्रकाश गणों को छोटे-मोटे न्यू होती लाखों-करोड़ों किलोमीटर का हिसाब किताब होता है जो उनकी चौड़ाई होती है अकड़ना की लाखों-करोड़ों किलोमीटर की चौड़ाई जिसमें लाखों प्रतियां समा जाती हैं काश गंगा के अंदर और ऐसी एक आकाशगंगा नहीं है लाखों आकाशगंगा आए हैं ब्रह्मांड के अंदर जो आपको वह तो दिखेगा ही नहीं वहां ईश्वर विद्यमान है तो सब कुछ ईश्वर का ही कराया है वह है सब कुछ ईश्वर का ही हुआ है सब कुछ हर जगह ईश्वर विद्यमान है ईश्वर की ताकत का अंदाजा हम नहीं लगा सकते हम उसके सामने कुछ नहीं है हम उसके पैरों की धूल भी नहीं कौन-कौन में ईश्वर विद्यमान है हमारे हिंदुओं में माना जाता है कि 8400000 योनियों है जिसमें जीव जंतु सारे आ जाते हैं जानवर जीव जंतु पक्षी मछलियां जितने भी चलने वाले किए हैं उड़ने वाले हैं पानी में रहने वाले हैं अवकाश में होने वाले हैं जमीन पर चलने वाले हैं सब आते हैं 8400000 योनियों में और 8400000 योनियों अंदाजा लगा लो 8400000 योनियों अब गिनती कारण लोगों को भी कितना टाइम लगेगा उर्दू सबसे आखिरी योनि जो है उस तक भी खाना पहुंचाता है ईश्वर उसकी ताकत का अंदाजा हम क्या लगाएंगे क्योंकि आपका सवाल बड़ा गुड है एक ऐसा सवाल जिसका जवाब तो साइंटिस्ट भी नहीं दे सकते हैं साइंस बेशक तरक्की कर रही है ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह कभी इस तरीके से सफल नहीं हो सकते और आप उसे पकड़ती मार लो इसे कुछ भी समझ लो अब अपने आसपास की जगह को देखोगे आप सोचोगे पकड़ती है इसमें तो ईश्वर है और यह ईश्वर की ही बनाई हुई है बाकी मैंने तो आपको उस चीज का बता दिया जो आप देख भी नहीं पा रहे होगे वह भी प्रकृति है उसमें भी ईश्वर है वह भी ईश्वर का बनाया हुआ है यह बहुत बड़ी बात है छोटी से छोटी चीज में भी ईश्वर हर गाना में यीशु आ रहा है एक पत्थर रख लो आप उसे पूछने लग जाओ उसमें भी ईश्वर

aap keh sakte ho yah baat bhi keh sakte ho ki prakriti hi ishwar hai lekin prakriti ki vyakhya kya hai vaah aap ko main batata hoon prakriti jo aapko dikhai de raha hai jaha aap ho jameen ped paudhe jeev jantu akash sitare suraj chand brahmaand nadiyan pahad jo sab kuch hai jo aapke saamne sab pakadti hai assam me ishwar vidyaman hai ek patthar ka chota sa call utha lo aap us kaam me bhi ishwar vidyaman hai ishwar kan kan me vidyaman hai sab jage ishwar maujud hai aur isse badi baat kya hai ki aapke andar ishwar maujud hai jab yaad chal rahe ho kaam kar rahe ho chal phir rahe ho kaam kar rahe ho batein kar rahe ho saare kaam ho rahe hain kyonki aapke andar bhi ishwar ishwar kahani yah toh brahmaand ki baat batai jo aapko nazar aa raha hai wahan sab ishwar maujud hai kan kan me ishwar maujuda aur jo aapko nazar nahi aa raha wahan bhi ishwar maujud hai hamare brahmaand me laakhon karodo sitare sab ishwar ka hi banaya hua hai brahmaand aur ek ek sitara itna bada hai hazaro pratiyan usme sama sakti hain ek ek sitare me ruko sitare brahmaand ka koi ant nahi hai jiska koi aunty na ho jo aapko nazar bhi nahi aa raha wahan bhi ishwar maujud hai yah toh prithvi ke upar ki baat hai akashganga me maujud akashganga me agar koi example ke taur par gufa hai aap us goa me ghuse vaah andhera hai saara gufa aur aap chalte chale ja rahe ho vo khatam nahi hoti gufa ko saara andhakar se bhara pada me aapki kai peedhiyaan agar aap maan ke chalo nikal jaenge vaah gufa khatam nahi hogi saikadon peeliya nikal jayegi gufa khatam nahi hogi ek mota sa example diya hai maine aapko aisi akashganga me maujud hai hamare antariksh me ki agar uske andar koi example nahi ja sakta yah toh bahut gurh vishay hai bahut gehrai ka vishay ki agar maliya us akash ganna ke bahar ek hawai jahaj hai hawai jahaj usse hazaro kilometre dur hai prakashaganga hazaro kilometre baad toh akashganga us hawai jahaj ki taraf khinch le hazaro kilometre dur hone ke bawajud bhi example de raha hoon yaar jabki wahan tak toh koi pahuchi nahi sakta aur hawai jahaj agar usme ghus gaya toh hawai jahaj se hi pata nahi chalega vaah gaya tha aisi hoti hai akashganga jiska koi ant hi nahi hai jaise gufa ko maine aapko bataya ki hazaro peeliya nikal jayegi gufa khatam hogi aisi akash ganna hai agar usme aadmi entry cut jaaye toh pata hi nahi chalega ki vaah kaha gaya prakash ganon ko chote mote new hoti laakhon karodo kilometre ka hisab kitab hota hai jo unki chaudai hoti hai akadana ki laakhon karodo kilometre ki chaudai jisme laakhon pratiyan sama jaati hain kash ganga ke andar aur aisi ek akashganga nahi hai laakhon akashganga aaye hain brahmaand ke andar jo aapko vaah toh dikhega hi nahi wahan ishwar vidyaman hai toh sab kuch ishwar ka hi karaya hai vaah hai sab kuch ishwar ka hi hua hai sab kuch har jagah ishwar vidyaman hai ishwar ki takat ka andaja hum nahi laga sakte hum uske saamne kuch nahi hai hum uske pairon ki dhul bhi nahi kaun kaun me ishwar vidyaman hai hamare hinduon me mana jata hai ki 8400000 yoniyon hai jisme jeev jantu saare aa jaate hain janwar jeev jantu pakshi machhliyan jitne bhi chalne waale kiye hain udane waale hain paani me rehne waale hain avkash me hone waale hain jameen par chalne waale hain sab aate hain 8400000 yoniyon me aur 8400000 yoniyon andaja laga lo 8400000 yoniyon ab ginti karan logo ko bhi kitna time lagega urdu sabse aakhiri yoni jo hai us tak bhi khana pohchta hai ishwar uski takat ka andaja hum kya lagayenge kyonki aapka sawaal bada good hai ek aisa sawaal jiska jawab toh scientist bhi nahi de sakte hain science beshak tarakki kar rahi hai dhundhne ki koshish kar rahe hain lekin vaah kabhi is tarike se safal nahi ho sakte aur aap use pakadti maar lo ise kuch bhi samajh lo ab apne aaspass ki jagah ko dekhoge aap sochoge pakadti hai isme toh ishwar hai aur yah ishwar ki hi banai hui hai baki maine toh aapko us cheez ka bata diya jo aap dekh bhi nahi paa rahe hoge vaah bhi prakriti hai usme bhi ishwar hai vaah bhi ishwar ka banaya hua hai yah bahut badi baat hai choti se choti cheez me bhi ishwar har gaana me yeshu aa raha hai ek patthar rakh lo aap use poochne lag jao usme bhi ishwar

आप कह सकते हो यह बात भी कह सकते हो कि प्रकृति ही ईश्वर है लेकिन प्रकृति की व्याख्या क्या

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यह सवाल किया है किसी बंधुओं ने क्या प्रीत ही ईश्वर है जी हां मेरे हिसाब से इसका जवाब होगा हां प्रकृत ही ईश्वर है बाकी अनेक संप्रदाय के लोगों ने अनेक विचार को ने अपने अपने हिसाब से ही प्रकृति को अलग-अलग रूप से नाम लिया कोई अपने धर्म में कुछ कहता है कोई कुछ कहता है लेकिन अगर भाव देखे तो सभी धर्म के लोगों का सभी कर्मचारियों का समर्थन होता है उसका सार निकालेंगे प्रकृति होती है सबका पत्नी तो कर रही होती है ईश्वर अपने आप में परिपूर्ण है ईश्वर को लेकर अपने बारे में जितने सारे बोल सकते हैं उन सभी बातों में देखिए गोवा के अपने-अपने बिल्कुल पूर्ण होगा जिसे हम कहते हैं कि हम सभी ईश्वर के अंश है तो हम पर टिके भी तो उनसे अभी तो बात सकते हैं जैसे हम कहते हैं कि ईश्वर ने बनाया है तो मरने के बाद हम ईश्वर में लीन हो जाते हैं मरने के बाद अब तक 1 दिन हो जाते हैं इस प्रकार से सभी अवश्यंभावी घटनाओं पर अवश्यंभावी विचारों पर जहां आप ईश्वर भगवान अल्लाह ऐसा गुरु साहिब जो भी नाम हनुमान जो जो भी आप कुछ भी आपके सेंटेंस के वाक्य का भाव और अर्थ वही होगा बहुत-बहुत धन्यवाद

yah sawaal kiya hai kisi bandhuon ne kya prateet hi ishwar hai ji haan mere hisab se iska jawab hoga haan prakrit hi ishwar hai baki anek sampraday ke logo ne anek vichar ko ne apne apne hisab se hi prakriti ko alag alag roop se naam liya koi apne dharm me kuch kahata hai koi kuch kahata hai lekin agar bhav dekhe toh sabhi dharm ke logo ka sabhi karmachariyon ka samarthan hota hai uska saar nikalenge prakriti hoti hai sabka patni toh kar rahi hoti hai ishwar apne aap me paripurna hai ishwar ko lekar apne bare me jitne saare bol sakte hain un sabhi baaton me dekhiye goa ke apne apne bilkul purn hoga jise hum kehte hain ki hum sabhi ishwar ke ansh hai toh hum par tike bhi toh unse abhi toh baat sakte hain jaise hum kehte hain ki ishwar ne banaya hai toh marne ke baad hum ishwar me Lean ho jaate hain marne ke baad ab tak 1 din ho jaate hain is prakar se sabhi awasyambhavi ghatnaon par awasyambhavi vicharon par jaha aap ishwar bhagwan allah aisa guru sahib jo bhi naam hanuman jo jo bhi aap kuch bhi aapke sentence ke vakya ka bhav aur arth wahi hoga bahut bahut dhanyavad

यह सवाल किया है किसी बंधुओं ने क्या प्रीत ही ईश्वर है जी हां मेरे हिसाब से इसका जवाब होगा

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

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प्रश्न है प्यारे क्या प्रकृति ही ईश्वर है प्रकृति ईश्वर नहीं है दोस्तों प्रकृति क्या है मैं आपको बताओ आपने गणपति जी का नाम सुना है पति जैसे एक विज्ञान के आधार पर बने हुए हैं भगवान ने एक गणपति जी का भी जन्म लिया हुआ है जब पार्वती के पुत्र के रूप में नहीं आए थे तब भी गणपति जीत है और यहीं से सब उसने गुणों की उत्पति की थी तो मैं यह कहूंगा दोस्तों जो प्रकृति है यह मान लो कि एक भगवान का कंप्यूटर है जैसे कंप्यूटर देना कि अगर हम ऑल टाइटल दिल्ली कंट्रोल कर देते तो जो होता है वह उसमें रीस्टार्ट भी कर सकते हो सन्डाउन भी कर सकते हो जिसे कंप्यूटराइज भगवान ने सब बना दी है और इसके सबूत पति के कारण गणपति गीत और बात करते हैं कि प्रकृति क्रिकेट का खेल खेलते ठीक है उड़ाने का भी नियम नहीं भेज पकड़ने का भी नहीं हम नहीं बोल पकड़ने का भी नहीं हमने कुछ नहीं खेलोगे कोई नहीं अभी नहीं अभी नहीं हम नहीं रन आउट होने का क्रिकेट कैसे खेल पाओगे तुम बुलाओ क्लास में 11 खिलाड़ी आज आने के बाद अब हम पर भी लाते हैं फिर हम थोड़ा पैर भी लाते हैं अभी तो 14 बार भी नहीं आ निकल गया और अभी हम देख सकते नहीं तो देख सकते तो यह सब टेक्निक जो बंदे यह भगवान की टेक्निक है प्रकृति जो है वह सब बनाई हुई भगवान की टेक्निक और कंप्यूटर में जैसे जो तक डाटा डाले हुए हैं उसमें भी नहीं बेटा भी डालते हैं और जो गुर्जरों के लिए रहने देता फिर भी कहीं कहीं जगह पर आप देखोगी गुणधर्म बदलता रहता है अभी मैं आपको बताते हैं यहां पर सब लोग रोटी ज्यादा खाता है गुजरात में तो विदेशों में ज्यादा ब्रेड ब्रेड के ऊपर जीवन होता है डेट खाते ज्यादा तो कोई जगह पर केवल नॉनवेज खाते हैं उनके साथ भेज मिक्स कर देते हैं सब मिक्स कर देते जो नॉनवेज होता है यानी कि चीन वाले यह सोचते कि अगर नॉनवेज नॉनवेज नॉनवेज उसको कहते हैं कि जो जीव होता होता है यह नॉनवेज जीव शरीर के अंदर प्राण मरा हुआ नहीं है फिर भी आप खा रहे हो तो अनुरोध है कि जो जो मरा हुआ है मरने के बाद पकाया गया है उसको यहां पर भी उनकी मान्यता अलग है तो यहां पर जो माया है यह प्रकृति है तो दोस्तों यहां पर एक दूसरे की बात करते हैं कि अभी मैं क्या सोच रहा था अभी मैं भैया प्रकृति के बारे में सोच रहा था इस बार मैं आपको बताऊंगा क्योंकि अभी मेरे दिमाग में उसका जो सिस्टम है बोलने का नहीं किया क्योंकि अगर मैं अच्छी तरीके से नहीं कर पाऊंगा तो आप भी अच्छी तरीके से समझ नहीं पाओगे तो कभी-कभी मैं क्या करता हूं कि मोबाइल लिया पर्सनल देखा तुरंत जवाब दे दिया मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए आप तो मैं लिखना चाहिए नहीं तो गलती हो सकती है

prashna hai pyare kya prakriti hi ishwar hai prakriti ishwar nahi hai doston prakriti kya hai main aapko batao aapne ganapati ji ka naam suna hai pati jaise ek vigyan ke aadhar par bane hue hain bhagwan ne ek ganapati ji ka bhi janam liya hua hai jab parvati ke putra ke roop me nahi aaye the tab bhi ganapati jeet hai aur yahin se sab usne gunon ki utpati ki thi toh main yah kahunga doston jo prakriti hai yah maan lo ki ek bhagwan ka computer hai jaise computer dena ki agar hum all title delhi control kar dete toh jo hota hai vaah usme restart bhi kar sakte ho sundown bhi kar sakte ho jise computerise bhagwan ne sab bana di hai aur iske sabut pati ke karan ganapati geet aur baat karte hain ki prakriti cricket ka khel khelte theek hai udane ka bhi niyam nahi bhej pakadane ka bhi nahi hum nahi bol pakadane ka bhi nahi humne kuch nahi kheloge koi nahi abhi nahi abhi nahi hum nahi run out hone ka cricket kaise khel paoge tum bulao class me 11 khiladi aaj aane ke baad ab hum par bhi laate hain phir hum thoda pair bhi laate hain abhi toh 14 baar bhi nahi aa nikal gaya aur abhi hum dekh sakte nahi toh dekh sakte toh yah sab technique jo bande yah bhagwan ki technique hai prakriti jo hai vaah sab banai hui bhagwan ki technique aur computer me jaise jo tak data dale hue hain usme bhi nahi beta bhi daalte hain aur jo gurjaron ke liye rehne deta phir bhi kahin kahin jagah par aap dekhogi gundharm badalta rehta hai abhi main aapko batatey hain yahan par sab log roti zyada khaata hai gujarat me toh videshon me zyada bread bread ke upar jeevan hota hai date khate zyada toh koi jagah par keval nonveg khate hain unke saath bhej mix kar dete hain sab mix kar dete jo nonveg hota hai yani ki china waale yah sochte ki agar nonveg nonveg nonveg usko kehte hain ki jo jeev hota hota hai yah nonveg jeev sharir ke andar praan mara hua nahi hai phir bhi aap kha rahe ho toh anurodh hai ki jo jo mara hua hai marne ke baad pakaya gaya hai usko yahan par bhi unki manyata alag hai toh yahan par jo maya hai yah prakriti hai toh doston yahan par ek dusre ki baat karte hain ki abhi main kya soch raha tha abhi main bhaiya prakriti ke bare me soch raha tha is baar main aapko bataunga kyonki abhi mere dimag me uska jo system hai bolne ka nahi kiya kyonki agar main achi tarike se nahi kar paunga toh aap bhi achi tarike se samajh nahi paoge toh kabhi kabhi main kya karta hoon ki mobile liya personal dekha turant jawab de diya mujhe aisa nahi karna chahiye aap toh main likhna chahiye nahi toh galti ho sakti hai

प्रश्न है प्यारे क्या प्रकृति ही ईश्वर है प्रकृति ईश्वर नहीं है दोस्तों प्रकृति क्या है मै

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मुरारी स्वामी, छपरा बिहार

सन्त समाजसेवी सह Journalist

0:50
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जय श्री कृष्णा अपने प्रश्न किया है क्या ईश्वर ही प्राकृतिक है अर्थात पड़ती ही ईश्वर है तो आपको बता देना चाहूंगा कि यह दुनिया में जितने भी वस्तु है उसे हम ईश्वर की देन मानते हैं पेड़-पौधे जीव जंतु जानवर अर्थात जितने भी अब आंखों से देख सकते हैं वह सब ईश्वर की देन है ईश्वर को ही प्राकृतिक कहते हैं क्योंकि यह जो प्राकृत है वही ईश्वरीय शक्ति है ईश्वर और प्रकृति दोनों एक ही है जय श्री कृष्णा

jai shri krishna apne prashna kiya hai kya ishwar hi prakirtik hai arthat padti hi ishwar hai toh aapko bata dena chahunga ki yah duniya me jitne bhi vastu hai use hum ishwar ki then maante hain ped paudhe jeev jantu janwar arthat jitne bhi ab aakhon se dekh sakte hain vaah sab ishwar ki then hai ishwar ko hi prakirtik kehte hain kyonki yah jo prakrit hai wahi ishwariya shakti hai ishwar aur prakriti dono ek hi hai jai shri krishna

जय श्री कृष्णा अपने प्रश्न किया है क्या ईश्वर ही प्राकृतिक है अर्थात पड़ती ही ईश्वर है तो

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Dr.Ravi Atroliya

रिटायर्डडीएसपी

1:04
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जी हां प्रकृति ही ईश्वर है हमें जो भी ईश्वर की तस्वीरें दिखाई जाती है आखिर उनको देखा किसने हैं जो दिखा रहे हैं उनकी कल्पना है या जो ईश्वर के चरित्र हमारे सामने रखे गए हैं चाहे वो राम हो चाहे वो चाहे बाद महान हो या कोई और भी यह सिर्फ इसलिए है कि इन्हें हम चित्र ना समझे उस चित्र में उनकी जो भाव भंगिमा है जो रूप धारण कर रखा है पत्र बनिया से उसमें अर्थ छिपा है हम उस अर्थ को देखना कुछ तस्वीर को और यह सब प्रकृति से हमें मिला है ईश्वर कौन है कहां है हमने नहीं देखना कोई देख पाया है ना देख पाएगा क्योंकि वह तो सास्वत हमारे सामने है जो हम दे थैंक यू

ji haan prakriti hi ishwar hai hamein jo bhi ishwar ki tasveeren dikhai jaati hai aakhir unko dekha kisne hain jo dikha rahe hain unki kalpana hai ya jo ishwar ke charitra hamare saamne rakhe gaye hain chahen vo ram ho chahen vo chahen baad mahaan ho ya koi aur bhi yah sirf isliye hai ki inhen hum chitra na samjhe us chitra me unki jo bhav bhangima hai jo roop dharan kar rakha hai patra baniya se usme arth chhipa hai hum us arth ko dekhna kuch tasveer ko aur yah sab prakriti se hamein mila hai ishwar kaun hai kaha hai humne nahi dekhna koi dekh paya hai na dekh payega kyonki vaah toh saswat hamare saamne hai jo hum de thank you

जी हां प्रकृति ही ईश्वर है हमें जो भी ईश्वर की तस्वीरें दिखाई जाती है आखिर उनको देखा किसने

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Brijpal Singh Chouhan

Social Worker, journalist

1:46
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जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है प्रकृति ही ईश्वर है देखिए प्रकृति क्या है ईश्वर क्या है यह समझने की जरूरत है और जिसे हम पर आ सकता कहते हैं इसे प्रकृति सत्ता कहते हैं ब्रह्म कहते हैं वह आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा माता क्योंकि जो हमारे ब्रह्मा विष्णु महेश जी ने त्रिदेव है जिन्हें हम सजा से पूछते हैं और अगर उनकी इस तू कभी देखा जाता है तो वह एक दूसरे को पूछते हुए जब कभी विषम परिस्थिति में आए तो उसी पर सत्ता में आदिशक्ति जगत जननी को ही पुकारा और सदैव उन्होंने सभी को सुरक्षा कि आज तक ऐसा कभी नहीं आता है कि मां ने किसी को पुकारा अपनी सुरक्षा के लिए तो आप इस बात में समझ ही प्रकट किए उसको आपका सप्ताह के अंत है जिसे आप निशुल्क कहते हैं तब उसका एक आंसर और आंसर पूर्ण है एक ही के दो चीजें तो अगर कहें अब प्रकृति को प्रकृति ईश्वर में समाए हुए हो ईश्वर प्रकृति में समाया हुआ है तो उस हिसाब से देखा जाए तो आप खुद निर्णय ले सकते हैं के सब कहानी एक है उसी ईश्वर की बनाई हुई प्रकृति है और उसका आंसर प्रकृति है तो निश्चित है वह पूर्ण भी उसी प्रगत में समाया भी होगा

jai mata ki jai guruvar ki aapka prashna hai prakriti hi ishwar hai dekhiye prakriti kya hai ishwar kya hai yah samjhne ki zarurat hai aur jise hum par aa sakta kehte hain ise prakriti satta kehte hain Brahma kehte hain vaah adishakti jagat janani jagdamba mata kyonki jo hamare brahma vishnu mahesh ji ne tridev hai jinhen hum saza se poochhte hain aur agar unki is tu kabhi dekha jata hai toh vaah ek dusre ko poochhte hue jab kabhi visham paristhiti me aaye toh usi par satta me adishakti jagat janani ko hi pukaara aur sadaiv unhone sabhi ko suraksha ki aaj tak aisa kabhi nahi aata hai ki maa ne kisi ko pukaara apni suraksha ke liye toh aap is baat me samajh hi prakat kiye usko aapka saptah ke ant hai jise aap nishulk kehte hain tab uska ek answer aur answer purn hai ek hi ke do cheezen toh agar kahein ab prakriti ko prakriti ishwar me samaaye hue ho ishwar prakriti me samaya hua hai toh us hisab se dekha jaaye toh aap khud nirnay le sakte hain ke sab kahani ek hai usi ishwar ki banai hui prakriti hai aur uska answer prakriti hai toh nishchit hai vaah purn bhi usi pragat me samaya bhi hoga

जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है प्रकृति ही ईश्वर है देखिए प्रकृति क्या है ईश्वर क्

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Ghanshyam Vyas

Cultural Guide & Speaker

1:00
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प्रकृति यहां परमपिता परमेश्वर द्वारा संचालित है अतः जब यहां परमपिता द्वारा संचालित है तब हम इसे ईश्वर कैसे कह सकते हैं इसीलिए प्रकृति अलग है और परमपिता परमेश्वर अलग है जैसे सारथी और रात में अंतर है सारथी कोरस नहीं कह सकते औरत को शांति नहीं कह सकते लेकिन रस को चलाना है तो सारथी की आवश्यकता होती है उसी प्रकार से प्रकृति को चलाना है तो परमपिता परमेश्वर ही उसके साथी है ऐसा मेरा स्पष्ट मत है

prakriti yahan parampita parmeshwar dwara sanchalit hai atah jab yahan parampita dwara sanchalit hai tab hum ise ishwar kaise keh sakte hain isliye prakriti alag hai aur parampita parmeshwar alag hai jaise saarthi aur raat me antar hai saarthi chorus nahi keh sakte aurat ko shanti nahi keh sakte lekin ras ko chalana hai toh saarthi ki avashyakta hoti hai usi prakar se prakriti ko chalana hai toh parampita parmeshwar hi uske sathi hai aisa mera spasht mat hai

प्रकृति यहां परमपिता परमेश्वर द्वारा संचालित है अतः जब यहां परमपिता द्वारा संचालित है तब ह

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Joshi Vinoda

Motivational Speaker

0:31
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प्रकृति ही ईश्वर है क्योंकि हम से जो बोलते हैं जो सोचते हैं जो जब तक करते हैं वह सब वातावरण में ही आशीर्वाद देते रहते हैं और वातावरण में ही बेहोश बनाते हैं इसीलिए तक रूकती है

prakriti hi ishwar hai kyonki hum se jo bolte hain jo sochte hain jo jab tak karte hain vaah sab vatavaran me hi ashirvaad dete rehte hain aur vatavaran me hi behosh banate hain isliye tak rukti hai

प्रकृति ही ईश्वर है क्योंकि हम से जो बोलते हैं जो सोचते हैं जो जब तक करते हैं वह सब वाताव

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:27
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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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बहुत ही अच्छा प्रश्न या प्रकृति ही ईश्वर है प्रकृति ही ईश्वर ईश्वर ही प्रकृति है ठीक है

bahut hi accha prashna ya prakriti hi ishwar hai prakriti hi ishwar ishwar hi prakriti hai theek hai

बहुत ही अच्छा प्रश्न या प्रकृति ही ईश्वर है प्रकृति ही ईश्वर ईश्वर ही प्रकृति है ठीक है

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आचार्य प्रशांत

IIT-IIM Alumnus, Ex Civil Services Officer, Mystic

9:54
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किसी को शक्तिमान की जरूरत आपको अच्छा लग रहा करती थी रखेंगे इंसान क्यों किसी को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस श्री का अर्थ है कि वह आप की उपस्थिति को लेकर आपके पास में होती नहीं चाहेंगे कि आप कैसी संभावना को श्री थोड़ी मजबूरी हो सकती हो विच नाम लिखिए मजबूरी होती जन्म होता है ईश्वर की खूबसूरत इंसान के बीच हमारी स्थिति का चिंतन के समय में आती इंसान की इंसान की शक्ति आदमी की कमजोरी किसी ईश्वर की जरूरत ही न पड़े अपने आप से बात उसको परमात्मा का संगीत

kisi ko shaktiman ki zarurat aapko accha lag raha karti thi rakhenge insaan kyon kisi ko purushottam express shri ka arth hai ki wah aap ki upasthitee ko lekar aapke paas mein hoti nahi chahenge ki aap kaisi sambhavna ko shri thodi majburi ho sakti ho which naam likhiye majburi hoti janam hota hai ishwar ki khoobsurat insaan ke beech hamari sthiti ka chintan ke samay mein aati insaan ki insaan ki shakti aadmi ki kamzori kisi ishwar ki zarurat hi na pade apne aap se baat usko paramatma ka sangeet

किसी को शक्तिमान की जरूरत आपको अच्छा लग रहा करती थी रखेंगे इंसान क्यों किसी को पुरुषोत्तम

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सब कुछ ईश्वर की ही देन है रिचा एवं प्रकृति हो जानवरों और इंसानों और जो भी चीज है जो भी धरती पर मौजूद है सब कुछ ईश्वर की दया

sab kuch ishwar ki hi then hai richa evam prakriti ho jaanvaro aur insano aur jo bhi cheez hai jo bhi dharti par maujud hai sab kuch ishwar ki daya

सब कुछ ईश्वर की ही देन है रिचा एवं प्रकृति हो जानवरों और इंसानों और जो भी चीज है जो भी धरत

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