मैं अपने माँ बाप से ज़्यादा खुल कर बात नहीं कर पाता। मैं क्या करूँ?...


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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

2:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा क्यों करते हैं आप मां-बाप से ही खुलकर बात नहीं करेंगे तो किस से करेंगे और मुझे मालूम है कि कई लोग कई लड़के अपने पिता से बहुत खुले हुए नहीं होते लेकिन वहां से तो खुले होते हैं मां तो जाने जान होती हैं और मन की बात को जान लेती हैं क्या आपकी मां ऐसी नहीं है आप सबसे पहले बैठकर अपने मन को खोल कर अपनी मां से बात करिए और मां को बताइए कि मैं यह बात अपने पापा से भी करना चाहता हूं पिता जी से भी करना चाहता हूं पर मैं डरता हूं कि मैं उनको कहूंगा तो वह क्या जवाब देंगे तो आपकी माही आपको पिताजी के मूड के बारे में जरूर बता देंगी कि किस समय आप ऐसी बात करें कि पिताजी नाराज नहीं होंगे तो कोशिश करिए कि आप खुद आगे बढ़कर पिता से बात कर ले और अगर ऐसा नहीं है तो आप एक बीच में मध्यस्थ ले सकते हैं अपने किसी दोस्त को लाइए बड़े भाई को लाइए या आपकी छोटी बहन होगी उससे कहिए कि मैं डरता हूं माता-पिता से बात करने को तो मेरी बात करा दो तो आप जब खुद ही नहीं चेते तो लेंगे ना तभी बात आगे बढ़ेगी क्योंकि देखिए आप हमें जिंदगी में जितनी भी चीजें मिलती हैं केवल अपने अपने कष्ट लेने के बाद और अपने प्रयास करने के बाद मिलती हैं रोते हुए बच्चे को मां जल्दी उठा लेती है और सोते हुए बच्चे को नहीं उठाती है तो आप सोइए मत अपनी शक्तियों को लेकर आप जागिए और सोइए रोहिया मतलब अपनी बात कही है जब आप अपनी बात कहना सीख जाएंगे तो आपको यह मलाल भी खत्म हो जाएगा कि मैं कैसे खुल कर बात करो कि मन चंदर की जितनी भी फिल्म है वह जब तक बाहर नहीं निकलेंगे आप का मन खुलकर सामने नहीं आएगा तो ली के किसी की मदद और मां-बाप को सामने से बात करिए तो जरूर आपकी बात बनेगी जरूरी नहीं पहली बार में बन जाए आपको दो तीन बार प्रयास करना पड़ेगा और फिर आप सफल होंगे

aisa kyon karte hain aap maa baap se hi khulkar baat nahi karenge toh kis se karenge aur mujhe maloom hai ki kai log kai ladke apne pita se bahut khule hue nahi hote lekin wahan se toh khule hote hain maa toh jaane jaan hoti hain aur man ki baat ko jaan leti hain kya aapki maa aisi nahi hai aap sabse pehle baithkar apne man ko khol kar apni maa se baat kariye aur maa ko bataiye ki main yah baat apne papa se bhi karna chahta hoon pita ji se bhi karna chahta hoon par main darta hoon ki main unko kahunga toh vaah kya jawab denge toh aapki maahi aapko pitaji ke mood ke bare me zaroor bata dengi ki kis samay aap aisi baat kare ki pitaji naaraj nahi honge toh koshish kariye ki aap khud aage badhkar pita se baat kar le aur agar aisa nahi hai toh aap ek beech me madhyasth le sakte hain apne kisi dost ko laiye bade bhai ko laiye ya aapki choti behen hogi usse kahiye ki main darta hoon mata pita se baat karne ko toh meri baat kara do toh aap jab khud hi nahi chaite toh lenge na tabhi baat aage badhegi kyonki dekhiye aap hamein zindagi me jitni bhi cheezen milti hain keval apne apne kasht lene ke baad aur apne prayas karne ke baad milti hain rote hue bacche ko maa jaldi utha leti hai aur sote hue bacche ko nahi uthaati hai toh aap soiye mat apni shaktiyon ko lekar aap jagiye aur soiye rohiya matlab apni baat kahi hai jab aap apni baat kehna seekh jaenge toh aapko yah malal bhi khatam ho jaega ki main kaise khul kar baat karo ki man Chander ki jitni bhi film hai vaah jab tak bahar nahi nikalenge aap ka man khulkar saamne nahi aayega toh li ke kisi ki madad aur maa baap ko saamne se baat kariye toh zaroor aapki baat banegi zaroori nahi pehli baar me ban jaaye aapko do teen baar prayas karna padega aur phir aap safal honge

ऐसा क्यों करते हैं आप मां-बाप से ही खुलकर बात नहीं करेंगे तो किस से करेंगे और मुझे मालूम ह

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Dr. Sangeet Sharma

Life Coach(कड़वी लेकिन सच्ची सलाह)/Doctorate

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं यह क्यों होता है हमारे सामाजिक बिल्ली हमारी सामाजिक संरचना इस तरह की बनाई गई है क्योंकि यह मानते हैं कि मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात करना अच्छा संकेत नहीं है अच्छा चरित्र नहीं है अच्छे बच्चे की निशानी नहीं है पर ऐसा नहीं है अब समय बदल चुका है अब आपको जितना खुलकर बात आप इस टाइम करेंगे उतना ही आपको फायदा रात के मां-बाप को भी उतना ही फायदा होगा तो सबसे पहले तो खुलकर बात करने के लिए एक ही काम आप कर सकते हैं तो बिल्कुल प्रैक्टिकल की बात करना शुरू कर कीजिए धीरे-धीरे ही सही क्योंकि कोई भी रिश्ता इतने सालों से एक जैसा है उसे एकदम से चेंज नहीं कर सकते हो एक ही रात में समय लगेगा लेकिन शुरुआत कीजिए उनसे छोटी-छोटी बातें शेयर करना शुरू कीजिए उनकी बात उनसे पूछना शुरु कीजिए और धीरज अब दिखेंगी आपके रिश्ते के बीच में तनाव है यह तो कम बात करने वाला जो कि जो आदत है यह धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी लेकिन इसकी शुरुआत आपको करनी पड़ेगी थोड़ी थोड़ी बात करना शुरू कीजिए और फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने मन की बात बताइए उनके मन की बात जानने की कोशिश कीजिए

aapne poocha hai ki main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu yah kyon hota hai hamare samajik billi hamari samajik sanrachna is tarah ki banai gayi hai kyonki yah maante hain ki maa baap se zyada khulkar baat karna accha sanket nahi hai accha charitra nahi hai acche bacche ki nishani nahi hai par aisa nahi hai ab samay badal chuka hai ab aapko jitna khulkar baat aap is time karenge utana hi aapko fayda raat ke maa baap ko bhi utana hi fayda hoga toh sabse pehle toh khulkar baat karne ke liye ek hi kaam aap kar sakte hain toh bilkul practical ki baat karna shuru kar kijiye dhire dhire hi sahi kyonki koi bhi rishta itne salon se ek jaisa hai use ekdam se change nahi kar sakte ho ek hi raat me samay lagega lekin shuruat kijiye unse choti choti batein share karna shuru kijiye unki baat unse poochna shuru kijiye aur dheeraj ab dikhengee aapke rishte ke beech me tanaav hai yah toh kam baat karne vala jo ki jo aadat hai yah dhire dhire kam hoti chali jayegi lekin iski shuruat aapko karni padegi thodi thodi baat karna shuru kijiye aur phir dhire dhire unhe apne man ki baat bataiye unke man ki baat jaanne ki koshish kijiye

आपने पूछा है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं यह क्यों ह

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संकोच को तैयार दीजिए आपको जवाब दिया करें करेंगे शुरू में दिक्कत आएगी लेकिन फिर आनंद आने लगेगा और समाज के लोग भी आपका इस तरह के लिए सम्मानित है

sankoch ko taiyar dijiye aapko jawab diya kare karenge shuru me dikkat aayegi lekin phir anand aane lagega aur samaj ke log bhi aapka is tarah ke liye sammanit hai

संकोच को तैयार दीजिए आपको जवाब दिया करें करेंगे शुरू में दिक्कत आएगी लेकिन फिर आनंद आने लग

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्टार आपका पसंद है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं देखिए मां-बाप आपके कहीं ना कहीं मित्र भी होते हैं यदि आप उनके साथ में अपनी बात शेयर नहीं करेंगे तो वह आपकी बातों को अच्छे से नहीं समझ पाएंगे और आपको अच्छे से गाइड नहीं कर पाएंगे जितना आप अपने मां-बाप के साथ खुलकर बात करेंगे आपको ही लाभ होगा धन्यवाद

star aapka pasand hai ki main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu dekhiye maa baap aapke kahin na kahin mitra bhi hote hain yadi aap unke saath me apni baat share nahi karenge toh vaah aapki baaton ko acche se nahi samajh payenge aur aapko acche se guide nahi kar payenge jitna aap apne maa baap ke saath khulkar baat karenge aapko hi labh hoga dhanyavad

स्टार आपका पसंद है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं देखि

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Er. Vikas Sharma

Entrepreneur - Life Advisor - Writer

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी मैं मानता हूं कि आज की सबसे बड़ी एक परेशानी जो है वह हम अपने मां बाप से अपने बच्चों से बात करने में हिचकिचाहट ने हैं जिसके कारण आजकल सबसे ज्यादा जो रिलेशनशिप टूट रहे हैं या एक न्यूक्लियर फैमिली जो बन रही है वह यही रीजन है तो इसका यह जो बेसिक सैलरी भेजो मुझे लगता है वह है कि हम कहीं ना कहीं खुद से या मां-बाप से वह चीज झूठ कहते हैं जो कि हम झूठ कहते हैं तो बचना चाहते हैं या कहीं कुछ ऐसी बात है जो हम कह नहीं पाते तो पहला रीजन झूठ नहीं है जब हम झूठ कहते हैं तो मां-बाप से हम अच्छी बात कह नहीं पाते और छुपाना की कोशिश करते हैं फिर हम भी डरते हैं कि शायद इन्हें पता लग जाएगा फिर क्या तू जब आप सच बोलेंगे या मानेंगे खुद की गलती मानेंगे तो मुझे लगता है कि जरूर आप अपने बाबा बात करता है क्या शादी से आप माने कि आपने यह चीज गलत हुआ है या सोचे कि क्या गलत हुआ या की कौन सी ऐसी मजा थी जिसे बात नहीं कर पा रहे आप बैठना शुरू करें पहले अपने मां बाप के साथ बैठेंगे तो आपको कंपनी से पसंद आएगी तो जरूर आप उनसे बात करना शुरू कर देंगे और वह भी आपके अपने दिल की बात करना शुरू करेंगे धन्यवाद

ji main maanta hoon ki aaj ki sabse badi ek pareshani jo hai vaah hum apne maa baap se apne baccho se baat karne me hichakichahat ne hain jiske karan aajkal sabse zyada jo Relationship toot rahe hain ya ek nuclear family jo ban rahi hai vaah yahi reason hai toh iska yah jo basic salary bhejo mujhe lagta hai vaah hai ki hum kahin na kahin khud se ya maa baap se vaah cheez jhuth kehte hain jo ki hum jhuth kehte hain toh bachna chahte hain ya kahin kuch aisi baat hai jo hum keh nahi paate toh pehla reason jhuth nahi hai jab hum jhuth kehte hain toh maa baap se hum achi baat keh nahi paate aur chupana ki koshish karte hain phir hum bhi darte hain ki shayad inhen pata lag jaega phir kya tu jab aap sach bolenge ya manenge khud ki galti manenge toh mujhe lagta hai ki zaroor aap apne baba baat karta hai kya shaadi se aap maane ki aapne yah cheez galat hua hai ya soche ki kya galat hua ya ki kaun si aisi maza thi jise baat nahi kar paa rahe aap baithana shuru kare pehle apne maa baap ke saath baitheange toh aapko company se pasand aayegi toh zaroor aap unse baat karna shuru kar denge aur vaah bhi aapke apne dil ki baat karna shuru karenge dhanyavad

जी मैं मानता हूं कि आज की सबसे बड़ी एक परेशानी जो है वह हम अपने मां बाप से अपने बच्चों से

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Bhim Singh Kasnia

Acupunctrist,Motivational Speaker

1:37
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गोपाल पांडेय

Journalist, Counselor, motivational speaker

1:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे और आज का क्वेश्चन है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं तो मैं कहना चाहूंगा मेरे दोस्तों अगर आप अपने मम्मी पापा से बात नहीं कर पाते हैं तो इसका ऑप्शन है कि आप अपने भाई बहन का सहारा ले सकते हैं या फिर अपनी बड़ी दीदी का यह बड़े भाई का सहारा लेकर आप क्या बात है सकते हैं नहीं तो फिर अपनी किसी फ्रेंड का भी सहारा लेकर अब मम्मी पापा तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं अगर फिर भी अगर आपको लगता है कि मैं अपनी बात अभी तक ठीक ढंग से नहीं बता पा रहे हैं फिर आपके फ्रेंड आपका साथ नहीं देते हैं तो आप आज पड़ोस की जो अंट्या होते हैं जो कि मम्मी की खास फ्रेंड है अब उनके सामने जाकर इस प्रकार के क्वेश्चन को रख सकते हैं कि एंटी जी ऐसा चीज में साथ होता है मुझे क्या करना चाहिए तो निसंदेह आपकी आंटी जो होगी आपकी मम्मी से बात करेगी और हो सकता है कि आपके मीट भी करा दे मम्मी पापा के साथ जिससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा उसके साथी एक्सपोर्टर वीरा का धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar doston main gopal pandey aur aaj ka question hai ki main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu toh main kehna chahunga mere doston agar aap apne mummy papa se baat nahi kar paate hain toh iska option hai ki aap apne bhai behen ka sahara le sakte hain ya phir apni badi didi ka yah bade bhai ka sahara lekar aap kya baat hai sakte hain nahi toh phir apni kisi friend ka bhi sahara lekar ab mummy papa tak apni baat pohcha sakte hain agar phir bhi agar aapko lagta hai ki main apni baat abhi tak theek dhang se nahi bata paa rahe hain phir aapke friend aapka saath nahi dete hain toh aap aaj pados ki jo antya hote hain jo ki mummy ki khas friend hai ab unke saamne jaakar is prakar ke question ko rakh sakte hain ki anti ji aisa cheez me saath hota hai mujhe kya karna chahiye toh nisandeh aapki aunty jo hogi aapki mummy se baat karegi aur ho sakta hai ki aapke meat bhi kara de mummy papa ke saath jisse aapka aatmvishvaas bhi badhega uske sathi Exporter veera ka dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे और आज का क्वेश्चन है कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर ब

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N.S.Ramola

Pharmacist, Motivational Speaker

1:06
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्वेश्चन है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं आपके पास नहीं आपके गांव तक्षिका हुए आपको अपने मां-बाप से खुलकर बात करनी ही पड़ेगी आपको अगर उनसे खुलकर बात करना है क्योंकि मां-बाप ने आप को पाल पोस कर बड़ा किया है और उनकी यही इच्छा होती है कि हमारे बच्चे हमसे कुछ उपाय ना हमसे शेयर करें तो आपको उनसे खुलकर बात करनी चाहिए चाहे कोई भी विषय हो क्या बच्चे हैं और वह मां-बाप है आपको उन्होंने जब आपके गोइंग स्टेट से लेकर और आपके इतने एडल्ट ऐसा गाने पर भी आपको बच्चा ही समझा है तो मुझे नहीं लगता कि आपको उनसे खुलकर बात करने में कोई झिझक होनी चाहिए आप इतना में बैठे और बोले मुझे आपसे कुछ बात करनी है

question hai main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu aapke paas nahi aapke gaon takshika hue aapko apne maa baap se khulkar baat karni hi padegi aapko agar unse khulkar baat karna hai kyonki maa baap ne aap ko pal pos kar bada kiya hai aur unki yahi iccha hoti hai ki hamare bacche humse kuch upay na humse share kare toh aapko unse khulkar baat karni chahiye chahen koi bhi vishay ho kya bacche hain aur vaah maa baap hai aapko unhone jab aapke going state se lekar aur aapke itne adult aisa gaane par bhi aapko baccha hi samjha hai toh mujhe nahi lagta ki aapko unse khulkar baat karne me koi jhijhak honi chahiye aap itna me baithe aur bole mujhe aapse kuch baat karni hai

क्वेश्चन है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं आपके पास नहीं

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Yogesh Shekhawat

Sports Coach

2:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता हूं क्या करूं आपका पर्सनल बिल्कुल वाजिब है लेकिन अब आपके प्रश्न के दो रूप बन रहे हैं खुलकर बात करने का मतलब है कि या तो आप उनकी बहुत ही ज्यादा रिस्पेक्ट करते हैं कि आप उनके सामने कुछ बोलने नहीं चाहते यह दूसरी बातें कि आप उनसे डरते हैं उड़ने वाली भी है और उस कहीं ना कहीं उस छोटे से डर की वजह से आप उनको कुछ खोल करके बोल नहीं पाते हो अगर आप उनसे अच्छी बातें बोलना चाहते तो आप खुल के बोल सकते हो उसमें कोई बुराई नहीं है उनके खिलाफ क्या करके उनकी बात ने मान करके उनको खुद उनको उनके बोलना चाहते हैं तो वह कहीं ना कहीं गलत है सबसे पहली बात तो यह कि वह मां-बाप आपके किसी पड़ोसी के नहीं है आपके मां-बाप है और मां-बाप चाहे कुछ भी हो जाए अपनी औलाद के लिए अपनी संतान के लिए कभी ना तो बुरा सोचते हैं मैं कभी बुरा करते हैं आपको जब भी कोई कष्ट तो आपके मन में कोई ऐसे भाव हो आपको कोई परेशानी हो तो आपके पास मां-बाप से ज्यादा समझदार इंसान इस दुनिया में कोई नहीं हो सकता है आप उनसे अपनी हर बात शेयर करें अगर वह आपकी बात नहीं समझ पाते तो आप उनको समझाने की कोशिश करें हो सकता है कहीं थोड़ा बहुत अंडरस्टैंडिंग में गड़बड़ हो जाती है तो आप उनको समझाने की कोशिश करें समझाएं कैसे उनकी संतान बनके हमको ऐसा लगे कि वह आज भी बड़े हैं और आप आज भी उनकी संतान हैं उनको ऐसा फील मत कराओ कि आप बड़े हो गए हो तो आपकी सारी बात सुनेंगे सारी बात सुन लेंगे और आप खुल कर के अपने मन का बोझ हल्का कर सकते हैं उनसे बात कर सकते हैं वह अवश्य ही आपको कोई ना कोई समाधान बताएंगे अगर आप मुसीबत में हैं और कुछ अच्छा करना चाहते हैं तो आप के भले के लिए मां बाप को कभी मत सोचो उनसे बात नहीं कर सकते अच्छी बातें हैं तो मां बाप से बड़ा सुनने वाला कोई हो ही नहीं सकता आप अपने मन के विचार खोल से प्रकट करें और जरूर आपके विचार सुनेंगे और उनसे सहमत भी होंगे वह हमेशा आपके अच्छे के लिए सोचते हैं

aapka prashna hai main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata hoon kya karu aapka personal bilkul wajib hai lekin ab aapke prashna ke do roop ban rahe hain khulkar baat karne ka matlab hai ki ya toh aap unki bahut hi zyada respect karte hain ki aap unke saamne kuch bolne nahi chahte yah dusri batein ki aap unse darte hain udane wali bhi hai aur us kahin na kahin us chote se dar ki wajah se aap unko kuch khol karke bol nahi paate ho agar aap unse achi batein bolna chahte toh aap khul ke bol sakte ho usme koi burayi nahi hai unke khilaf kya karke unki baat ne maan karke unko khud unko unke bolna chahte hain toh vaah kahin na kahin galat hai sabse pehli baat toh yah ki vaah maa baap aapke kisi padosi ke nahi hai aapke maa baap hai aur maa baap chahen kuch bhi ho jaaye apni aulad ke liye apni santan ke liye kabhi na toh bura sochte hain main kabhi bura karte hain aapko jab bhi koi kasht toh aapke man me koi aise bhav ho aapko koi pareshani ho toh aapke paas maa baap se zyada samajhdar insaan is duniya me koi nahi ho sakta hai aap unse apni har baat share kare agar vaah aapki baat nahi samajh paate toh aap unko samjhane ki koshish kare ho sakta hai kahin thoda bahut understanding me gadbad ho jaati hai toh aap unko samjhane ki koshish kare samjhaye kaise unki santan banke hamko aisa lage ki vaah aaj bhi bade hain aur aap aaj bhi unki santan hain unko aisa feel mat karao ki aap bade ho gaye ho toh aapki saari baat sunenge saari baat sun lenge aur aap khul kar ke apne man ka bojh halka kar sakte hain unse baat kar sakte hain vaah avashya hi aapko koi na koi samadhan batayenge agar aap musibat me hain aur kuch accha karna chahte hain toh aap ke bhale ke liye maa baap ko kabhi mat socho unse baat nahi kar sakte achi batein hain toh maa baap se bada sunne vala koi ho hi nahi sakta aap apne man ke vichar khol se prakat kare aur zaroor aapke vichar sunenge aur unse sahmat bhi honge vaah hamesha aapke acche ke liye sochte hain

आपका प्रश्न है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता हूं क्या करूं आपका पर्सन

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है कि आप अपने मां-बाप से खुलकर बात नहीं कर पाती यह तो आप ही बेहतर जानते आप क्यों नहीं बात कर पाते आपके पास आपकी ऐसी क्या बात है जो आप मुझे सजा नहीं कर पाते लेकिन वह मां-बाप हैं आपकी आपके दुश्मन नहीं आपको पहली जाने को आपके मां-बाप हैं जो भी आपको वह आप मुझसे बात साझा करेंगे आपको को डांटते हैं तो तभी भी आपके हित की ही बात करेंगे लेकिन मैं आप सब मुझे जहां तक समझ में आता है कि आप अपने मां-बाप से खुलकर अपने विचार रखे कुल का विचार है क्या कर उनको वह अच्छी लगती है तू अब आपको सलाह देंगे और वह अच्छी लगती है तो फिर आपको उसमें मदद करेंगे आपको दोनों तरह तैयार होकर के जाना पड़ेगा आपको सबसे पहले यह करके जाना है कि हां मुझे उसमें उनकी पूरी तरह से मदद मिलेगी और जो भी वह कहेगी वह मेरे हित की बात करेंगे मेरे नुकसान की बात नहीं करेंगे इस तरह से आप अपने मन में ठान करके जाएंगे कितना कुआं और और यह छूट जाएंगे क्यों मैंने मम्मी पापा है मेरे मां-बाप है और वह मेरे संसार मेरे भगवान हैं मैं उनको सामने आकर अपनी बात रखता हूं तो मुझे कुछ ना कुछ सकारात्मक उत्तर जरूर मिलेगा और मेरे जीवन में वह हितकर होगा ठीक है अगर वह आपका उद्देश्य सही है या वह आपके मां-बाप की शिक्षित नहीं है या पुराने विचार के हैं तब आप उसमें आप अपने किसी बहुत नजदीकी और स्टार को शादी कर सकते अपने दोस्त को शामिल कर सकते हैं धन्यवाद

aapne poocha hai ki aap apne maa baap se khulkar baat nahi kar pati yah toh aap hi behtar jante aap kyon nahi baat kar paate aapke paas aapki aisi kya baat hai jo aap mujhe saza nahi kar paate lekin vaah maa baap hain aapki aapke dushman nahi aapko pehli jaane ko aapke maa baap hain jo bhi aapko vaah aap mujhse baat sajha karenge aapko ko dantate hain toh tabhi bhi aapke hit ki hi baat karenge lekin main aap sab mujhe jaha tak samajh me aata hai ki aap apne maa baap se khulkar apne vichar rakhe kul ka vichar hai kya kar unko vaah achi lagti hai tu ab aapko salah denge aur vaah achi lagti hai toh phir aapko usme madad karenge aapko dono tarah taiyar hokar ke jana padega aapko sabse pehle yah karke jana hai ki haan mujhe usme unki puri tarah se madad milegi aur jo bhi vaah kahegi vaah mere hit ki baat karenge mere nuksan ki baat nahi karenge is tarah se aap apne man me than karke jaenge kitna kuan aur aur yah chhut jaenge kyon maine mummy papa hai mere maa baap hai aur vaah mere sansar mere bhagwan hain main unko saamne aakar apni baat rakhta hoon toh mujhe kuch na kuch sakaratmak uttar zaroor milega aur mere jeevan me vaah hitakar hoga theek hai agar vaah aapka uddeshya sahi hai ya vaah aapke maa baap ki shikshit nahi hai ya purane vichar ke hain tab aap usme aap apne kisi bahut najdiki aur star ko shaadi kar sakte apne dost ko shaamil kar sakte hain dhanyavad

आपने पूछा है कि आप अपने मां-बाप से खुलकर बात नहीं कर पाती यह तो आप ही बेहतर जानते आप क्यों

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:37
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राम राम जी की देखी आपका प्रश्न है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं देखिए मां बाप तो बहुत करीबी होते हैं मैंने यह तो लिखा है कि लोग अदब कायदे के कारण अपने पिता से ज्यादा बात नहीं करते हैं और जब पुत्र भैंस खो जाता है तो पिता भी उसी मित्र को घर करने लगती है लेकिन है मैंने हर घर में दिखाएं मांजू है चाय पुत्र या पुत्री हो मां अपने बच्चों की व्यक्तिगत मित्र होती है और अपने पुत्र के बड़े-बड़े अपराध बड़े-बड़े बूटी रहस्य मां अपने सीने में छुपा कर रखी है पिता को नहीं बताती है तो मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आप अपने पिता से माल ले खुलकर बात नहीं कर पाते लेकिन आपको अपने मां से तो खुलकर अपने दिल की बात करनी चाहिए जब तक सही संस्कार भी आप आएंगे तो आपसे अनुरोध है कि आप मामा से बिल्कुल मित्र बात करें ना करें कोई भी मां अपने पुत्र को चाहती है मां से बिल्कुल मित्र और अपना अधिकार मांग कर हर समस्या अपनी मां को बताएं मां से बात करें

ram ram ji ki dekhi aapka prashna hai main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu dekhiye maa baap toh bahut karibi hote hain maine yah toh likha hai ki log adab kayade ke karan apne pita se zyada baat nahi karte hain aur jab putra bhains kho jata hai toh pita bhi usi mitra ko ghar karne lagti hai lekin hai maine har ghar me dikhaen manju hai chai putra ya putri ho maa apne baccho ki vyaktigat mitra hoti hai aur apne putra ke bade bade apradh bade bade buti rahasya maa apne seene me chupa kar rakhi hai pita ko nahi batati hai toh mujhe samajh me nahi aa raha ki aap apne pita se maal le khulkar baat nahi kar paate lekin aapko apne maa se toh khulkar apne dil ki baat karni chahiye jab tak sahi sanskar bhi aap aayenge toh aapse anurodh hai ki aap mama se bilkul mitra baat kare na kare koi bhi maa apne putra ko chahti hai maa se bilkul mitra aur apna adhikaar maang kar har samasya apni maa ko bataye maa se baat kare

राम राम जी की देखी आपका प्रश्न है मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्

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निर्मला विश्नोई

अध्यापिका व समाज सेवा

4:12
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मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता हूं मैं क्या करूं आपका स्वागत जो बहुत ही बढ़िया है लेकिन इससे पहले आपकी आयु का पता हो और आप रहते हो आपका वह वातावरण आपका परिवेश है आप एकल परिवार में रहते हो या झूठ परिवार में रहते हो आपका ग्रामीण क्षेत्र है या फिर शहरी क्षेत्र है तो इस चीज का भी बहुत है जो प्रभाव पड़ता है और आपके पापा क्या करते हैं और आप क्या करते हो नहीं बात कर पा रहे हो तो इसमें यह हो सकता है कि आप में आत्मविश्वास की कमी हो और एक एक ही आप उनसे पूछा था डरती हो किसी वजह से तो जैसे कि बचपन में ऐसा होता है कि पर बच्चों को डांस देते हैं किसी और की गलती होती है कई बार केवल यह बता प्राप्त करें तब भी तो उस इसके 2 बच्चे के मन में भय बैठ जाता है तो उसकी वजह भी वजह हो सकती है लेकिन इसके लिए सबसे पहले आपको अपने आप को मजबूत करना है अपने मैं आपका विश्वास लेकर आना है फिर आपको यह जो या उस दिन तक यापा अंतर्मुखी स्वभाव की वजह से आपका हर किसी से भी मतलब बहुत कम बातचीत करते हो तो यह भी एक कारण हो सकता है और क्यों परिवार की वजह से होता है कई बार माता पिता है जो अपने बच्चों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं और दूसरे बच्चों पर ज्यादा केयर करते हैं तो उसकी वजह से भी बच्चे में कोई हीन भावना आ सकती है तो यह भी कारण हो सकता है लेकिन अगर यह सब नहीं है तो भी आपको अगर कोई हल्का है तो किसी वजह से बात नहीं कर पा रहे हो तो आपको पहले अपने आप में आत्मविश्वास लाना होगा और आपको आपके परिवार में जैसे आपकी कोई छोटी बहन हो सकती है बड़ी बहन या भाई जो भी है पहले आप उनसे बातचीत करें वह किस तरह से अपने पापा मम्मी के साथ बातें करती हैं और उनको देखकर उनसे आप प्रेरित होकर उनके साथ उनको अपनी बात शेयर करें और धीरे अपने मम्मी पापा पापा के पास है जो अपनी बात बन जाए उसके बाद में फिर आप है जो इस चीज की कोशिश करें और एक आप क्यों किसी भी वजह से मनमुटाव है तो उसको दूर करने की कोशिश करें और आप बहुत अच्छी तरीके से पढ़ाई कीजिए मेहनत कीजिए आप जिस भी क्षेत्र में अगर आप पढ़ रहे हो या फिर आप कोई काम कर रहे हो तो कुछ चित्र में आपका मन लगाकर पूरी श्रद्धा और भक्ति से इतनी मेहनत कीजिए कि आप कामयाब हो जाओ तो धीरे-धीरे आपने जो उस चीज के प्रति आत्मविश्वास आ जायेगा और आप अपने मम्मी पापा से कोई कर बातचीत कर सकते हो और कोई भी मां बाप है जो ऐसे नहीं होता कि मतलब वह अपने बच्चों की खुशी देखकर कुछ नहीं होगा और हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके जो बच्चे हैं बहुत बड़े आदमी बने अपने जीवन में प्रगति करें और कुंती के राह पर अग्रसर हो और कोई भी मां-बाप ऐसा नहीं सोचता कुछ ऐसे भी होम टीचर से तो वही या फिर भी शक है तो वह कभी मतलब जो परेशानियां उनके रास्ते में आई है ना वह नहीं चाहते कि वह परेशानियां तो हम हमारे बच्चों के रास्ते में भी हो सकता है कि वह कभी किसी बात की वजह से आपको मतलब कुछ कह दिया वह डांटते हो जिसकी वजह से आपके मन में बैठ गया तो आपको अपने आप को इतना परफेक्ट बनाने की विधि क्षेत्र में आप जो भी कार्य करते हो हम तो उस चीज के बारे में आप अच्छी जानकारी प्राप्त करो कि शिष्टाचार पूर्वक अपने बंदे हैं जो शांतिपूर्वक मम्मी-पापा को बताएं वह अवश्य समझ लेंगे और वह आपको कुछ नहीं कहेंगे हर मां बाप के लिए ख्वाहिश होती है कि उनका बेटा है जो प्रगति की राह पर आगे बढ़े और जीवन में सफल व्यक्ति कामयाब इंसान बने और वह आपकी बातों से समझ लेंगे और आप कह रही है जो दूर हो जाएगा

main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata hoon main kya karu aapka swaagat jo bahut hi badhiya hai lekin isse pehle aapki aayu ka pata ho aur aap rehte ho aapka vaah vatavaran aapka parivesh hai aap ekal parivar me rehte ho ya jhuth parivar me rehte ho aapka gramin kshetra hai ya phir shahri kshetra hai toh is cheez ka bhi bahut hai jo prabhav padta hai aur aapke papa kya karte hain aur aap kya karte ho nahi baat kar paa rahe ho toh isme yah ho sakta hai ki aap me aatmvishvaas ki kami ho aur ek ek hi aap unse poocha tha darti ho kisi wajah se toh jaise ki bachpan me aisa hota hai ki par baccho ko dance dete hain kisi aur ki galti hoti hai kai baar keval yah bata prapt kare tab bhi toh us iske 2 bacche ke man me bhay baith jata hai toh uski wajah bhi wajah ho sakti hai lekin iske liye sabse pehle aapko apne aap ko majboot karna hai apne main aapka vishwas lekar aana hai phir aapko yah jo ya us din tak yapa antarmukhi swabhav ki wajah se aapka har kisi se bhi matlab bahut kam batchit karte ho toh yah bhi ek karan ho sakta hai aur kyon parivar ki wajah se hota hai kai baar mata pita hai jo apne baccho par zyada dhyan nahi dete hain aur dusre baccho par zyada care karte hain toh uski wajah se bhi bacche me koi heen bhavna aa sakti hai toh yah bhi karan ho sakta hai lekin agar yah sab nahi hai toh bhi aapko agar koi halka hai toh kisi wajah se baat nahi kar paa rahe ho toh aapko pehle apne aap me aatmvishvaas lana hoga aur aapko aapke parivar me jaise aapki koi choti behen ho sakti hai badi behen ya bhai jo bhi hai pehle aap unse batchit kare vaah kis tarah se apne papa mummy ke saath batein karti hain aur unko dekhkar unse aap prerit hokar unke saath unko apni baat share kare aur dhire apne mummy papa papa ke paas hai jo apni baat ban jaaye uske baad me phir aap hai jo is cheez ki koshish kare aur ek aap kyon kisi bhi wajah se manmutaav hai toh usko dur karne ki koshish kare aur aap bahut achi tarike se padhai kijiye mehnat kijiye aap jis bhi kshetra me agar aap padh rahe ho ya phir aap koi kaam kar rahe ho toh kuch chitra me aapka man lagakar puri shraddha aur bhakti se itni mehnat kijiye ki aap kamyab ho jao toh dhire dhire aapne jo us cheez ke prati aatmvishvaas aa jayega aur aap apne mummy papa se koi kar batchit kar sakte ho aur koi bhi maa baap hai jo aise nahi hota ki matlab vaah apne baccho ki khushi dekhkar kuch nahi hoga aur har mata pita ki khwaahish hoti hai ki unke jo bacche hain bahut bade aadmi bane apne jeevan me pragati kare aur kuntee ke raah par agrasar ho aur koi bhi maa baap aisa nahi sochta kuch aise bhi home teacher se toh wahi ya phir bhi shak hai toh vaah kabhi matlab jo pareshaniya unke raste me I hai na vaah nahi chahte ki vaah pareshaniya toh hum hamare baccho ke raste me bhi ho sakta hai ki vaah kabhi kisi baat ki wajah se aapko matlab kuch keh diya vaah dantate ho jiski wajah se aapke man me baith gaya toh aapko apne aap ko itna perfect banane ki vidhi kshetra me aap jo bhi karya karte ho hum toh us cheez ke bare me aap achi jaankari prapt karo ki shishtachar purvak apne bande hain jo shantipurvak mummy papa ko bataye vaah avashya samajh lenge aur vaah aapko kuch nahi kahenge har maa baap ke liye khwaahish hoti hai ki unka beta hai jo pragati ki raah par aage badhe aur jeevan me safal vyakti kamyab insaan bane aur vaah aapki baaton se samajh lenge aur aap keh rahi hai jo dur ho jaega

मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता हूं मैं क्या करूं आपका स्वागत जो बहुत ही

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Dr.Rajesh Shrivas

Research Scholar

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मां बाप से खुलकर बात ना कर पाना आप नहीं कर पाते हो सकता है क्या होता है हम कुछ बातें हैं अपने मां को नहीं बता सकते कुछ ऐसी बातें होती हैं जो मां को शेयर कर सकते हैं लेकिन पिता से नहीं कह सकते या जिनसे हम करीब होते हैं उनसे हम अपनी बात बिना झिझक या बैठे या बिना संकोच के सकते हैं मगर आप अपने माता पिता के साथ इस तरह का मतलब असेसमेंट बनाएं क्यों नहीं आपने जब आप बड़े हो गए तो उन्हें एक चांदी का मेंबर समझे और अगर बात जाए जाए तो आप माता-पिता से अपनी बात को बहुत अच्छे तरीके से रख सकते हैं क्योंकि वह अपने आप को तो उन्होंने छोटे से देखा है आपको उन्होंने पाला है बड़ा किया है अगर मांग जायज है बात अच्छी है तो आपको क्या करने की जरूरत नहीं है उन्हें अच्छा समय सोच और उनकी स्थिति को देखकर आप बात करिए उसी दिन उनको खुलकर बात करने का ऐसा अपना आगे बिहेवियर बनाइए एकदम नहीं धीरे-धीरे इस तरह से फ्रेंडली हुई है क्या आप तो उनके बेटे हैं और मां-बाप से कोई बात छुपानी नहीं चाहिए इसलिए आप अपनी बात रखी है निश्चित ही जिससे आपका भी जो बोला वो आता होगा

maa baap se khulkar baat na kar paana aap nahi kar paate ho sakta hai kya hota hai hum kuch batein hain apne maa ko nahi bata sakte kuch aisi batein hoti hain jo maa ko share kar sakte hain lekin pita se nahi keh sakte ya jinse hum kareeb hote hain unse hum apni baat bina jhijhak ya baithe ya bina sankoch ke sakte hain magar aap apne mata pita ke saath is tarah ka matlab assessment banaye kyon nahi aapne jab aap bade ho gaye toh unhe ek chaandi ka member samjhe aur agar baat jaaye jaaye toh aap mata pita se apni baat ko bahut acche tarike se rakh sakte hain kyonki vaah apne aap ko toh unhone chote se dekha hai aapko unhone pala hai bada kiya hai agar maang jayaj hai baat achi hai toh aapko kya karne ki zarurat nahi hai unhe accha samay soch aur unki sthiti ko dekhkar aap baat kariye usi din unko khulkar baat karne ka aisa apna aage behaviour banaiye ekdam nahi dhire dhire is tarah se friendly hui hai kya aap toh unke bete hain aur maa baap se koi baat chhupani nahi chahiye isliye aap apni baat rakhi hai nishchit hi jisse aapka bhi jo bola vo aata hoga

मां बाप से खुलकर बात ना कर पाना आप नहीं कर पाते हो सकता है क्या होता है हम कुछ बातें हैं अ

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Anshu Saxena

Business Manager

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बच्चे अपने मां बाप से खुलकर बात नहीं कर सकते या डरते हैं इसके पीछे सबसे बड़ा रीजन है वह जो भारत ने बाबा को बताना चाहते हैं वह खुद नहीं समझते कि वह बात सही है कि नहीं मेरा आप लोगों से यह कहना है जो भी बच्चे हैं अपने मां बाप से डरते हैं डरे नहीं भेज सकते मां-बाप हमारे प्रथम गुरु हैं हमें दिशा दे सकते हैं उन्होंने पाल के हमें बड़ा किया है और अगर आपसे कोई गलती भी हुई है तो भी सबसे पहले वह मां-बाप भी होते हैं जो उसको शमा करते हैं दुनिया में और कोई करे ना करे मां-बाप उस चीज को शर्मा करके फिर उस औलाद को अपना लेते हैं डरिए मत आत्मविश्वास से अपनी बात कही है हां बात उचित है या अनुचित इस बात का खास ख्याल रखें कि हमें उनसे पूछना क्या है अगर हम खुद सेटिस्फाई हैं कि हमें पूछ सकता हूं मैं जो पूछ रहा हूं वह सही है तो जरूर पूछिए डरिए मत अच्छी बात होगी अच्छा जवाब मिलेगा

bacche apne maa baap se khulkar baat nahi kar sakte ya darte hain iske peeche sabse bada reason hai vaah jo bharat ne baba ko batana chahte hain vaah khud nahi samajhte ki vaah baat sahi hai ki nahi mera aap logo se yah kehna hai jo bhi bacche hain apne maa baap se darte hain dare nahi bhej sakte maa baap hamare pratham guru hain hamein disha de sakte hain unhone pal ke hamein bada kiya hai aur agar aapse koi galti bhi hui hai toh bhi sabse pehle vaah maa baap bhi hote hain jo usko shama karte hain duniya me aur koi kare na kare maa baap us cheez ko sharma karke phir us aulad ko apna lete hain dariye mat aatmvishvaas se apni baat kahi hai haan baat uchit hai ya anuchit is baat ka khas khayal rakhen ki hamein unse poochna kya hai agar hum khud satisfy hain ki hamein puch sakta hoon main jo puch raha hoon vaah sahi hai toh zaroor puchiye dariye mat achi baat hogi accha jawab milega

बच्चे अपने मां बाप से खुलकर बात नहीं कर सकते या डरते हैं इसके पीछे सबसे बड़ा रीजन है वह जो

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Anand

Soft Skill Trainer & Life Coach

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देखिए आप की परवरिश इस हिसाब से हुई होगी और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है या आप मां-बाप को ज्यादा रिस्पेक्ट देते होंगे तो फूल के पहले समझना होगा जिंदगी को देखो किसी बात को किसी को समझाना यह बात करना 18 है वह वह आपको धीरे-धीरे ही आता है तो आप थोड़ा हिम्मत कीजिए फॉर्मेटिंग रही है और कॉन्फिडेंस रही है तो आप खुद अपने मां बाप से बात कर सकते हो तो सबसे अच्छा चाहिए यह तो पहले फुल कर मां से बात करो जो थोड़ा साफ हो तो धीरे-धीरे पूरा प्लान करना है पहले और जो बात बोलने वाले हो पहले मन में एक बार रिपीट करना पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बात करते हैं और हर चीज में ऐसे भी आप लगा सकते हो के समय सोच रहा हो तो कैसा रहेगा कैसा रहेगा फिर वह सामने से जवाब आएगा हर सवाल मैं आपको उनके सामने ही सवाल का जवाब छोड़ दूं घर में जाऊंगा तो कैसा रहेगा मैं करूं तो कैसा रहेगा यह काम कर दो कैसा रहेगा सीने में जाओ तो कैसा रहेगा ऐसे उनको इस और उनके जवाब क्या है उस हिसाब से उनके साथ फीट करो फिर दूसरे प्रश्न अपनी मन की बात कर सकते हो

dekhiye aap ki parvarish is hisab se hui hogi aur aatmvishvaas ki kami ho sakti hai ya aap maa baap ko zyada respect dete honge toh fool ke pehle samajhna hoga zindagi ko dekho kisi baat ko kisi ko samajhana yah baat karna 18 hai vaah vaah aapko dhire dhire hi aata hai toh aap thoda himmat kijiye formatting rahi hai aur confidence rahi hai toh aap khud apne maa baap se baat kar sakte ho toh sabse accha chahiye yah toh pehle full kar maa se baat karo jo thoda saaf ho toh dhire dhire pura plan karna hai pehle aur jo baat bolne waale ho pehle man me ek baar repeat karna poore confidence ke saath baat karte hain aur har cheez me aise bhi aap laga sakte ho ke samay soch raha ho toh kaisa rahega kaisa rahega phir vaah saamne se jawab aayega har sawaal main aapko unke saamne hi sawaal ka jawab chhod doon ghar me jaunga toh kaisa rahega main karu toh kaisa rahega yah kaam kar do kaisa rahega seene me jao toh kaisa rahega aise unko is aur unke jawab kya hai us hisab se unke saath feet karo phir dusre prashna apni man ki baat kar sakte ho

देखिए आप की परवरिश इस हिसाब से हुई होगी और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है या आप मां-बाप को

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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आप अपने मां बाप से खुलकर बात नहीं कर पाते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि आपके मां-बाप भी आपसे खुलकर बातें नहीं कर पाते हैं और कहीं ना कहीं एक ऐप है जब आप तर्क वितर्क के साथ हर चीज समझ आएंगे या बातें करेंगे तो शायद वह समझ पाए और आप अपनी बातें रखना सीखो जैसे आपको भूख लगी हो तो आप बोलते हैं कि मुझे खाना खाना है या आपको कुछ अच्छा लगा तो आप बोलते हैं कि यह चीज मुझे अच्छी लगी यह कपड़े मुझे अच्छे लगे इसी तरह से आप शुरुआत कीजिए और जो भी जानना चाहते हैं एक बार शांति से सुलझे हुए शब्दों में उनसे बात कीजिए तो शायद आपके मां-बाप समझ पाए और आप समझा पाए और उनको समझने की कोशिश कीजिए कि वह क्या चाहते हैं तब आप हर बात अच्छे से समझा सकते हैं और समझ पाएंगे

aap apne maa baap se khulkar baat nahi kar paate hain iska mukhya karan yah hai ki aapke maa baap bhi aapse khulkar batein nahi kar paate hain aur kahin na kahin ek app hai jab aap tark vitark ke saath har cheez samajh aayenge ya batein karenge toh shayad vaah samajh paye aur aap apni batein rakhna sikho jaise aapko bhukh lagi ho toh aap bolte hain ki mujhe khana khana hai ya aapko kuch accha laga toh aap bolte hain ki yah cheez mujhe achi lagi yah kapde mujhe acche lage isi tarah se aap shuruat kijiye aur jo bhi janana chahte hain ek baar shanti se suljhe hue shabdon me unse baat kijiye toh shayad aapke maa baap samajh paye aur aap samjha paye aur unko samjhne ki koshish kijiye ki vaah kya chahte hain tab aap har baat acche se samjha sakte hain aur samajh payenge

आप अपने मां बाप से खुलकर बात नहीं कर पाते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि आपके मां-बाप भी आपस

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Dr Yogi Ravi

Certified Yoga Expert | Naturopathic Consultant | Health Blogger

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आसान भी नहीं होता खुल कर बात कर पाना क्योंकि फिर आप की संस्कृति में मां-बाप से खुलकर बात करने के लिए आपको उस तरह से पाला पोसा नहीं गया होगा हां अभी तक रहेगा कि अगर आप ज्यादा बेहतर बोलने का अभ्यास करना चाहते हैं तो अंधेरे में किसी कमरे में दीवार के सामने आप ऐसे ही बिना रुके थके लगातार बोलने का अभ्यास करें इसके अलावा अगर बाहर नहीं संभव है वर्षों में यूज करने में दिक्कत है तो आप बाहर भी जाकर बोल सकते हैं दोस्तों को चुने उनके सामने बेझिझक बोले और अपने बोलने की हैवी सुधारे अगर आपका सवाल यह है कि मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाते हैं आप कौन से बात कर रही है तो देखिए इसमें तो वक्त लगेगा आपको लगातार पहले खुल कर बात करने में निपुण होना होगा फिर आप मां-बाप के सामने स्पष्ट तौर पर कुछ बोलने का साहस कर पाएंगे दूसरा विकल्प यह है कि मां-बाप आपको कुछ बोलने का मौका दें इतना तो आप आगे तेजी सिंपू और जल्दी प्रूफ कर सकते हैं हां मैं समझता हूं आपके लिए बेहतर उत्तर यह है कि आप अकेले में अपने दोस्तों के बीच अपनी झिझक समाप्त करें पहले अभ्यास करके बोलने का जब वहां से निपुर हो जाए फिर आप मां-बाप के सामने आ दुनिया में किसी के सामने बोलने के लिए दिन-ब-दिन और साथ ही भूल करते जाएंगे मैं आपकी उम्र की स्थिति का अंदाजा लगा सकता हूं मुझे लगता है आपको बस अभ्यास करते जाना चाहिए वक्त के साथ-साथ निसंदेह आप बहुत बेहतर बोलना सीख जाएंगे

aasaan bhi nahi hota khul kar baat kar paana kyonki phir aap ki sanskriti me maa baap se khulkar baat karne ke liye aapko us tarah se pala posa nahi gaya hoga haan abhi tak rahega ki agar aap zyada behtar bolne ka abhyas karna chahte hain toh andhere me kisi kamre me deewaar ke saamne aap aise hi bina ruke thake lagatar bolne ka abhyas kare iske alava agar bahar nahi sambhav hai varshon me use karne me dikkat hai toh aap bahar bhi jaakar bol sakte hain doston ko chune unke saamne bejhijhak bole aur apne bolne ki heavy sudhare agar aapka sawaal yah hai ki maa baap se zyada khulkar baat nahi kar paate hain aap kaun se baat kar rahi hai toh dekhiye isme toh waqt lagega aapko lagatar pehle khul kar baat karne me nipun hona hoga phir aap maa baap ke saamne spasht taur par kuch bolne ka saahas kar payenge doosra vikalp yah hai ki maa baap aapko kuch bolne ka mauka de itna toh aap aage teji simpu aur jaldi proof kar sakte hain haan main samajhata hoon aapke liye behtar uttar yah hai ki aap akele me apne doston ke beech apni jhijhak samapt kare pehle abhyas karke bolne ka jab wahan se naipur ho jaaye phir aap maa baap ke saamne aa duniya me kisi ke saamne bolne ke liye din bsp din aur saath hi bhool karte jaenge main aapki umar ki sthiti ka andaja laga sakta hoon mujhe lagta hai aapko bus abhyas karte jana chahiye waqt ke saath saath nisandeh aap bahut behtar bolna seekh jaenge

आसान भी नहीं होता खुल कर बात कर पाना क्योंकि फिर आप की संस्कृति में मां-बाप से खुलकर बात क

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उसकी आवश्यकता क्या है माता-पिता से रहते हैं सद्भावना आपको जरूरत के हिसाब से ही बात करनी चाहिए वह आपसे बड़े हैं आपके याद में पूजनीय है

uski avashyakta kya hai mata pita se rehte hain sadbhavana aapko zarurat ke hisab se hi baat karni chahiye vaah aapse bade hain aapke yaad me pujaniya hai

उसकी आवश्यकता क्या है माता-पिता से रहते हैं सद्भावना आपको जरूरत के हिसाब से ही बात करनी चा

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अगर मां-बाप साहब खोल करके बात नहीं कर पाते हैं आप मां-बाप से जवाब न लड़ाई है लेकिन अपनी समस्याएं उनके सामने रखिए मां से रखिए मैं तो बहुत कोमल हट गए क्योंकि बाप भी कोमल है क्योंकि अगर ज्यादा नाराज होते तो उनको उनको समस्याओं के लिए उनको बताइए लिखकर दीजिए उनको किए परेशानी है मुझको नहीं बात कर सकते हैं लेकिन अगर आप बात नहीं करेंगे मां बाप से अभी तक कोई तकलीफ होगी अब उनकी सेवा भी नहीं करते अपनी बातों को उनके सामने रखी है तो नाराज होते हैं तो जब शांत हो जा तुमको फिर समझाइए उनसे कहिए पापा आप मेरी बात को गलत हो तो अपनी बात को बदल देंगे कम अद्भुत क्यों कोमल होता है इस समस्या का समाधान आपको खुद करना पड़ेगा इसके लिए आपको बिल्कुल आत्मबल मजबूत करके उनसे बात करनी पड़ेगी नहीं जीवन भी आप सफलता नहीं प्राप्त कर पाएंगे सफलता के लिए आपको कड़ी मेहनत 2test पक्का इरादा रूम शासन के साथ अनुशासन के साथ उनसे बात कीजिए उनका सम्मान कीजिए लेकिन अपनी बात को कह दीजिए

agar maa baap saheb khol karke baat nahi kar paate hain aap maa baap se jawab na ladai hai lekin apni samasyaen unke saamne rakhiye maa se rakhiye main toh bahut komal hut gaye kyonki baap bhi komal hai kyonki agar zyada naaraj hote toh unko unko samasyaon ke liye unko bataiye likhkar dijiye unko kiye pareshani hai mujhko nahi baat kar sakte hain lekin agar aap baat nahi karenge maa baap se abhi tak koi takleef hogi ab unki seva bhi nahi karte apni baaton ko unke saamne rakhi hai toh naaraj hote hain toh jab shaant ho ja tumko phir samjhaiye unse kahiye papa aap meri baat ko galat ho toh apni baat ko badal denge kam adbhut kyon komal hota hai is samasya ka samadhan aapko khud karna padega iske liye aapko bilkul atmabal majboot karke unse baat karni padegi nahi jeevan bhi aap safalta nahi prapt kar payenge safalta ke liye aapko kadi mehnat 2test pakka irada room shasan ke saath anushasan ke saath unse baat kijiye unka sammaan kijiye lekin apni baat ko keh dijiye

अगर मां-बाप साहब खोल करके बात नहीं कर पाते हैं आप मां-बाप से जवाब न लड़ाई है लेकिन अपनी सम

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:03
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राम जी की आपका पर्सनल है मेरे अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या कोई आपकी गलती नहीं है बेटा जी क्योंकि आपके मां-बाप ने पहले इस तरह से आपको नहीं रखा होगा कि आप उनसे हर बात इसीलिए आगे से आगे ध्यान रखें अगर आपको ऐसा लगता है कि आप करिएगा अपने दिल की बात कही है मां-बाप जो है वो कभी बुरा नहीं मानते हैं आपकी तो आप खुलकर बातें उनकी सुनी जीवन में कितना 5 मिनट तक खाना खा मोबाइल के मां-बाप से अपनी बातें सुनना शुरू से बच्चों को यह बताएं कि आपने हर बात हमसे प्यार करें और कोई दिक्कत परेशानी आपका दिन शुभ हो

ram ji ki aapka personal hai mere apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya koi aapki galti nahi hai beta ji kyonki aapke maa baap ne pehle is tarah se aapko nahi rakha hoga ki aap unse har baat isliye aage se aage dhyan rakhen agar aapko aisa lagta hai ki aap kariega apne dil ki baat kahi hai maa baap jo hai vo kabhi bura nahi maante hain aapki toh aap khulkar batein unki suni jeevan me kitna 5 minute tak khana kha mobile ke maa baap se apni batein sunana shuru se baccho ko yah bataye ki aapne har baat humse pyar kare aur koi dikkat pareshani aapka din shubha ho

राम जी की आपका पर्सनल है मेरे अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या कोई आ

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Shilpi Mehrotra

Corporate Facilitator & Executive Performance Coach

4:31
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आपका प्रश्न काफी अलग समय मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं मुझे ऐसा लगता है कि मां-बाप से खुलकर बात करने का एक आपको बचपन से इन्वायरमेंट शायद नहीं मिला क्योंकि जब बचपन से मां-बाप अपने बच्चों के साथ खुले होते हैं बच्चों से आप दोनों बच्चों को इनक्रीस करते हैं कि वह उनके साथ ओपन रहे तब बच्चे अपने आप अपने मां-बाप से ओपन हो जाते एक फ्लाइट में ऐसी आती है जब बच्चे थोड़ी सी सीक्रेट होते होने लगते हैं थोड़ा सा चीनी के पहले और इमेज में क्योंकि उन्हें पता है कि काफी चीजें ऐसी कर रहे हैं जो शायद मामा पन्ना बट अगर मां-बाप ने ऐसा इनकरेजमेंट बचपन से दिया हो तो बच्चे खुल कर बात करते हैं लेकिन मारियो पहले की जो जेनरेशन है आप जो अब पेरेंट्स की तो ऐसा होता था कि ज्यादातर खुलकर बात नहीं करते थे बच्चों से स्पेशली फादर अपने बच्चों से खुलते नहीं थे बच्चे ज्यादातर जब पिताजी घर आते थे तो दुबक कर बैठ जाते थे थोड़ी पिछले जेनरेशंस का था लेकिन अब मेरे ख्याल से ऐसा नहीं है आपके मां-बाप काफी खुले गए विचारों के हैं और वह अपने बच्चों को इनका रेट भी करते हैं कि वह खुल क्यों उनसे बात करें अगर कोई बात उन्हें परेशान कर रही है अगर कोई चीज नहीं है तो अपने मां-बाप शेयर करें यह बहुत बहुत जरूरी है पर चलिए ऐसा आपके साथ है कि आप के माता पिता और आप सादा खुल के नहीं बा कटे तो मुझे ऐसा लगता है कि आपको पर अगर आपको यह फील हो रहा है कि आप खुलकर अपने मां बाप से बात नहीं कर पा रहे तो आप पहला कदम उठाइए उनके साथ थोड़ा ओपन होने का धीरे-धीरे अपनी बातें कहना शुरू कीजिए धीरे धीरे धीरे धीरे पहले थोड़ा मां बाबा मैं नहीं कहती कि एकदम शादी होने पर साधना सब कुछ मतलब उनके सामने मतलब व्यक्त करते मैं कहती हूं धीरे-धीरे अपनी बात अपने मन के विचार उनके सामने व्यक्त करना चालू कीजिए थोड़ा सा है कि चाय शुरू में उन्हें थोड़ा सा अटपटा लगे कि यह क्या बोल रहा है यह मतलब ऐसे बोलने की आदत नहीं है ऐसा कभी इस से सुना नहीं लेकिन जब आप देखेंगे कि आप धीरे-धीरे अपने विचार उनके साथ सामने व्यक्त करने शुरू करेंगे तो थोड़े टाइम बाद वह खुद से आपके विचारों को के लिए बहुत नाखुश रिस्पेक्ट होते जाएंगे मतलब खुद से बातचीत करने लगेंगे और उनको फिर यह हिचकिचाहट नहीं होगी तो आप स्टार्ट शुरू शुरू धीरे-धीरे छोटे-छोटे लेवल से स्टार्ट कीजिए और धीरे-धीरे अपने और विचारों को व्यक्त करना शुरू कीजिए जैसे कोई भी ऐसा टॉपिक जो जिसके बारे में आपने कभी भी अपने माता-पिता से बात नहीं की वजह से आप कोई करियर है ऐसा ऑप्शन लेना चाहते हैं जो आपने कभी डिस्कस नहीं किया और चार्जर जो आप कर रहे हैं वह पसंद नहीं आ रहा 24 की है तो इंसान को बहुत जिंदगी है वहीं प्रूफ करने की ऐसी बात शुरू कीजिए फिर आप बोलना शुरू कीजिए लगता है मुझे करियर में मैंने पहले जो सोचा था मैं करना चाहता आप शायद मुझे लगता है शायद मेरे लिए बेस्ट नहीं हो पाई है मुझे वह करना चाहिए जो मुझे लगता है धीरे धीरे आप बोल बोल कर जवाब जरूर लगेगा बाद में वो रिप्लाई करने लग जाएंगे और इस एक्टर हो जाएंगे तो आप ट्राई करके देखिए क्योंकि आपको ही पता चला है कि आप उनके साथ खुलकर बात नहीं कर पाते तो आंखें यह पहला कदम बढ़ाए खुलकर बात करने का आरोप

aapka prashna kaafi alag samay main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu mujhe aisa lagta hai ki maa baap se khulkar baat karne ka ek aapko bachpan se environment shayad nahi mila kyonki jab bachpan se maa baap apne baccho ke saath khule hote hain baccho se aap dono baccho ko increase karte hain ki vaah unke saath open rahe tab bacche apne aap apne maa baap se open ho jaate ek flight me aisi aati hai jab bacche thodi si secret hote hone lagte hain thoda sa chini ke pehle aur image me kyonki unhe pata hai ki kaafi cheezen aisi kar rahe hain jo shayad mama panna but agar maa baap ne aisa inakarejment bachpan se diya ho toh bacche khul kar baat karte hain lekin mario pehle ki jo generation hai aap jo ab parents ki toh aisa hota tha ki jyadatar khulkar baat nahi karte the baccho se speshli father apne baccho se khulte nahi the bacche jyadatar jab pitaji ghar aate the toh dubak kar baith jaate the thodi pichle jenreshans ka tha lekin ab mere khayal se aisa nahi hai aapke maa baap kaafi khule gaye vicharon ke hain aur vaah apne baccho ko inka rate bhi karte hain ki vaah khul kyon unse baat kare agar koi baat unhe pareshan kar rahi hai agar koi cheez nahi hai toh apne maa baap share kare yah bahut bahut zaroori hai par chaliye aisa aapke saath hai ki aap ke mata pita aur aap saada khul ke nahi ba kate toh mujhe aisa lagta hai ki aapko par agar aapko yah feel ho raha hai ki aap khulkar apne maa baap se baat nahi kar paa rahe toh aap pehla kadam uthaiye unke saath thoda open hone ka dhire dhire apni batein kehna shuru kijiye dhire dhire dhire dhire pehle thoda maa baba main nahi kehti ki ekdam shaadi hone par sadhna sab kuch matlab unke saamne matlab vyakt karte main kehti hoon dhire dhire apni baat apne man ke vichar unke saamne vyakt karna chaalu kijiye thoda sa hai ki chai shuru me unhe thoda sa atpataa lage ki yah kya bol raha hai yah matlab aise bolne ki aadat nahi hai aisa kabhi is se suna nahi lekin jab aap dekhenge ki aap dhire dhire apne vichar unke saath saamne vyakt karne shuru karenge toh thode time baad vaah khud se aapke vicharon ko ke liye bahut nakhush respect hote jaenge matlab khud se batchit karne lagenge aur unko phir yah hichakichahat nahi hogi toh aap start shuru shuru dhire dhire chote chote level se start kijiye aur dhire dhire apne aur vicharon ko vyakt karna shuru kijiye jaise koi bhi aisa topic jo jiske bare me aapne kabhi bhi apne mata pita se baat nahi ki wajah se aap koi career hai aisa option lena chahte hain jo aapne kabhi discs nahi kiya aur charger jo aap kar rahe hain vaah pasand nahi aa raha 24 ki hai toh insaan ko bahut zindagi hai wahi proof karne ki aisi baat shuru kijiye phir aap bolna shuru kijiye lagta hai mujhe career me maine pehle jo socha tha main karna chahta aap shayad mujhe lagta hai shayad mere liye best nahi ho payi hai mujhe vaah karna chahiye jo mujhe lagta hai dhire dhire aap bol bol kar jawab zaroor lagega baad me vo reply karne lag jaenge aur is actor ho jaenge toh aap try karke dekhiye kyonki aapko hi pata chala hai ki aap unke saath khulkar baat nahi kar paate toh aankhen yah pehla kadam badhae khulkar baat karne ka aarop

आपका प्रश्न काफी अलग समय मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं म

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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Ganesh Ojha

स्पोकन इंग्लिश ट्रेनर (Spoken English trainer )

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सिंस चाइल्डहुड यू माइट हैव नॉट बीन विद करण शो यू एजुकेट पेरेंट्स आर द बेस्ट फ्रेंडशिप भी ओपन टू आयरन एंड स्टील कंपनी के ट्रांसफर 9 अक्टूबर

sins childhood you mite have not bin with karan show you educate parents R the best friendship bhi open to iron and steel company ke transfer 9 october

सिंस चाइल्डहुड यू माइट हैव नॉट बीन विद करण शो यू एजुकेट पेरेंट्स आर द बेस्ट फ्रेंडशिप भी ओ

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Neha Makhija

Clinical Psychologist

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किसी से भी खुलकर बात करने का रहते यही है क्या समझ गए कि वह व्यक्ति आप जैसा नहीं आप जैसा कभी हो नहीं सकता अलग है जो थीम है और तरीके से अनोखा है आपको अपनी बात समझाने का तरीका ढूंढना है मां-बाप से बात ना करने की एक बहुत बड़ा कारण यह होता है कि हम कुछ ऐसा कर रहे हैं हम जानते हैं उन्हें अच्छा नहीं लगेगा बुरा है कि हम कुछ ऐसा कह देंगे तो हम जानते हैं क्यों नहीं समझेंगे समझाना आपका काम है समझना उनका कारण आपको ढूंढना है और यही तो कारण है कि हम अपने माता-पिता से खुलकर बात नहीं कर सकते या तो हम उनसे डरते हैं क्या हम जान हम मान लेते बैठे हैं कि वह हमें नहीं समझेंगे दोनों ही परिस्थितियों में से जो आपके लिए उचित है उसे सुनकर उसका वैसे ही रास्ता ढूंढिए

kisi se bhi khulkar baat karne ka rehte yahi hai kya samajh gaye ki vaah vyakti aap jaisa nahi aap jaisa kabhi ho nahi sakta alag hai jo theme hai aur tarike se anokha hai aapko apni baat samjhane ka tarika dhundhana hai maa baap se baat na karne ki ek bahut bada karan yah hota hai ki hum kuch aisa kar rahe hain hum jante hain unhe accha nahi lagega bura hai ki hum kuch aisa keh denge toh hum jante hain kyon nahi samjhenge samajhana aapka kaam hai samajhna unka karan aapko dhundhana hai aur yahi toh karan hai ki hum apne mata pita se khulkar baat nahi kar sakte ya toh hum unse darte hain kya hum jaan hum maan lete baithe hain ki vaah hamein nahi samjhenge dono hi paristhitiyon me se jo aapke liye uchit hai use sunkar uska waise hi rasta dhundhiye

किसी से भी खुलकर बात करने का रहते यही है क्या समझ गए कि वह व्यक्ति आप जैसा नहीं आप जैसा कभ

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Monit Shekhar

psychologist, life Coach

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Dr. Ved Thapar

Medico / Health Guide/ Health Speaker /Motivator

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जागरण पटना कम अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं अगर इसका पूरी तरह से समाधान चाहिए तो यह पता जानना बहुत जरूरी है क्या कि वे कितनी है यानी क्या-क्या बात आपकी एज कितनी आपके घर में कितने लोग हैं किस तरह का वातावरण है आप पढ़ रहे हैं कमाई कर रहे हैं आपके माता-पिता क्या करते हैं आपके घर में कितने भाई बहन हैं क्योंकि मनोविज्ञान में बताता हूं कि जब बचपन से बच्चे को कुंठित कर दिया जाता है बार-बार टुकटुक कर एक कारण तो वह होता है कि वह बच्चा दब जाता है कुंठित हो जाता है और दूसरा कारण यह होता है कि बच्चा बड़ा हुआ यह नजर है और उसे झूठ बोलने की आदत है यह चोरी करने की आदत है तो उस पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव बढ़ता जाता है क्योंकि वह झूठ बोलता है या चोरी करता है और मां बाप को नहीं बताता तो एक तो वह है वह मजबूर कर देता है क्योंकि आपको मालूम है कि सत्यता में शक्ति है और झूठ असत्य है लेकिन आप अपने घमंड को बचाए रखने के लिए झूठ बोलते चले जाते हैं और दूसरी बात मैंने बताई कि बचपन से भय का वातावरण बना दिया गया ज्यादातर यह काम की ताजी करते हैं माय नहीं करती हैं माय दादा लाडनू और घर की देखभाल पढ़ाई की देखभाल में ज्यादा ध्यान रखती हैं तो यह प्रश्न करते हैं जब मैं उत्तर देने के लिए अब मुझे इन चीजों की जरूरत है क्योंकि अगर आपको सही समाधान चाहिए तो यह सब चीज जो मैंने शुरू में पूछे वह सब बात मुझे भेजिए इसी के माध्यम से दे सकते हैं वह कल के माध्यम से या फिर हेल्दी यू हैपनिंग अट जीमेल डॉट कॉम पर लिखे जय हिंद

jagran patna kam apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu agar iska puri tarah se samadhan chahiye toh yah pata janana bahut zaroori hai kya ki ve kitni hai yani kya kya baat aapki age kitni aapke ghar me kitne log hain kis tarah ka vatavaran hai aap padh rahe hain kamai kar rahe hain aapke mata pita kya karte hain aapke ghar me kitne bhai behen hain kyonki manovigyan me batata hoon ki jab bachpan se bacche ko kunthit kar diya jata hai baar baar tuktuk kar ek karan toh vaah hota hai ki vaah baccha dab jata hai kunthit ho jata hai aur doosra karan yah hota hai ki baccha bada hua yah nazar hai aur use jhuth bolne ki aadat hai yah chori karne ki aadat hai toh us par manovaigyanik prabhav badhta jata hai kyonki vaah jhuth bolta hai ya chori karta hai aur maa baap ko nahi batata toh ek toh vaah hai vaah majboor kar deta hai kyonki aapko maloom hai ki satyata me shakti hai aur jhuth asatya hai lekin aap apne ghamand ko bachaye rakhne ke liye jhuth bolte chale jaate hain aur dusri baat maine batai ki bachpan se bhay ka vatavaran bana diya gaya jyadatar yah kaam ki taazi karte hain my nahi karti hain my dada ladnu aur ghar ki dekhbhal padhai ki dekhbhal me zyada dhyan rakhti hain toh yah prashna karte hain jab main uttar dene ke liye ab mujhe in chijon ki zarurat hai kyonki agar aapko sahi samadhan chahiye toh yah sab cheez jo maine shuru me pooche vaah sab baat mujhe bhejiye isi ke madhyam se de sakte hain vaah kal ke madhyam se ya phir healthy you happening attack gmail dot com par likhe jai hind

जागरण पटना कम अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं अगर इसका पूरी त

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Ajay Kumar

Astrologer

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हां जी बेटा आप बोल रहे हो कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या करूं ऐसा है पहले अगर आपके मन में कोई डर है या किसी बात से आप डरते हो पहले तो वह निकालें उसके बाद में आपके मां-बाप ही आपके ज्यादा नजदीक होते हैं जिनसे आप खुलकर बात कर सकते अगर आप पापा से बात नहीं कर सकते मां कर सकते हो पहले उनसे करो फिर वह समझा देंगे अगर आप दोनों से नहीं कर सकते तो आप अपने में हिम्मत पैदा करो हौसला पैदा करो उन को समझाइए अगर वह नहीं समझते फिर एक बात अलग गया वैसे एक टाइम में आपको यह बात उनको समझाना चाहिए और उन को अच्छी तरह समझाना चाहिए था जब वह आपका साथ दे और यह जो है आपके मन में डर जो घुसा हुआ है वह निकल जाए प्लीज यह तो आपको करना पड़ेगा ना यह आपकी आदत जो है आपको आगे तक खराब करेगी ठीक है जी ओके

haan ji beta aap bol rahe ho ki main apne maa baap se zyada khulkar baat nahi kar pata main kya karu aisa hai pehle agar aapke man me koi dar hai ya kisi baat se aap darte ho pehle toh vaah nikale uske baad me aapke maa baap hi aapke zyada nazdeek hote hain jinse aap khulkar baat kar sakte agar aap papa se baat nahi kar sakte maa kar sakte ho pehle unse karo phir vaah samjha denge agar aap dono se nahi kar sakte toh aap apne me himmat paida karo hausla paida karo un ko samjhaiye agar vaah nahi samajhte phir ek baat alag gaya waise ek time me aapko yah baat unko samajhana chahiye aur un ko achi tarah samajhana chahiye tha jab vaah aapka saath de aur yah jo hai aapke man me dar jo ghusa hua hai vaah nikal jaaye please yah toh aapko karna padega na yah aapki aadat jo hai aapko aage tak kharab karegi theek hai ji ok

हां जी बेटा आप बोल रहे हो कि मैं अपने मां-बाप से ज्यादा खुलकर बात नहीं कर पाता मैं क्या कर

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

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इसमें आपका कोई दोस्त नहीं है क्योंकि बचपन से बच्चे को माता पिता पर आया डांट फटकार बहुत ज्यादा करते हैं और उनकी बातों को सुनने के बजाय उस पर टीका टिप्पणी करते हैं इसलिए 1 बच्चे में यह बात विकसित हो जाती है कि हम उनके सामने खुलकर नहीं बोल पाते हैं आप धीरे-धीरे शाह छोकरियों के माता-पिता जो भी हमने आप को जन्म दिया है उन्होंने आपको बचपन में जवाब बिल्कुल भी किसी लायक नहीं थे तब उन्होंने जिले को बड़ा किया है उनके प्रति एक अच्छा भावना करें और धीरे-धीरे उनके प्रति प्रेम उनकी सेवा और उनसे अपनी बात कहने का प्रयास करते रहें ईश्वर आपको ऐसी सफलता देगा धन्यवाद

isme aapka koi dost nahi hai kyonki bachpan se bacche ko mata pita par aaya dant fatkar bahut zyada karte hain aur unki baaton ko sunne ke bajay us par tika tippani karte hain isliye 1 bacche me yah baat viksit ho jaati hai ki hum unke saamne khulkar nahi bol paate hain aap dhire dhire shah chokriyon ke mata pita jo bhi humne aap ko janam diya hai unhone aapko bachpan me jawab bilkul bhi kisi layak nahi the tab unhone jile ko bada kiya hai unke prati ek accha bhavna kare aur dhire dhire unke prati prem unki seva aur unse apni baat kehne ka prayas karte rahein ishwar aapko aisi safalta dega dhanyavad

इसमें आपका कोई दोस्त नहीं है क्योंकि बचपन से बच्चे को माता पिता पर आया डांट फटकार बहुत ज्य

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Urmila Yadav

Financial Expert

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