प्राणायाम क्या है?...


user

Ekta Bisht

Yoga Trainer

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम क्या है प्राण और आई एम से बना है प्राण मतलब स्वाद आया मतलब विस्तार करना तो प्राणों का विस्तार खंड फेसवास का विस्तार करना 7:00 अपने स्वार्थों के संतुलन रखना प्रणब चल जाता है क्योंकि जनता देखा जाता है कि हम जो भी मनुष्य अपने स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य नीतियां भी ध्यान नहीं देते हैं और अपने स्वास्थ्य को कम लेते हैं उनके आश्वासन देते हैं तो रात में बरसात बुरी नहीं भर्ती ऐसा थी क्योंकि हमारे शरीर के हर पार्ट में ऑक्सीजन की मात्रा का होना बहुत जरूरी है तो प्रणब के द्वारा हम अपने स्वार्थ और प्रशासकों इस संतुलन में बनाकर रखते हैं ज्यादा से ज्यादा कि हम अपने लाइफ में अपने बॉडी के हर पार्ट में भरते जिससे कि हमारा शरीर का हर अंग स्वस्थ रहता है साथ में हमारे लंच क्या हो ब्यूटी बढ़ती है स्वस्थ रहते हैं

pranayaam kya hai praan aur I M se bana hai praan matlab swaad aaya matlab vistaar karna toh pranon ka vistaar khand face wash ka vistaar karna 7 00 apne swarthon ke santulan rakhna pranab chal jata hai kyonki janta dekha jata hai ki hum jo bhi manushya apne swasthya par swasthya nitiyan bhi dhyan nahi dete hain aur apne swasthya ko kam lete hain unke ashwasan dete hain toh raat me barsat buri nahi bharti aisa thi kyonki hamare sharir ke har part me oxygen ki matra ka hona bahut zaroori hai toh pranab ke dwara hum apne swarth aur prashasakon is santulan me banakar rakhte hain zyada se zyada ki hum apne life me apne body ke har part me bharte jisse ki hamara sharir ka har ang swasth rehta hai saath me hamare lunch kya ho beauty badhti hai swasth rehte hain

प्राणायाम क्या है प्राण और आई एम से बना है प्राण मतलब स्वाद आया मतलब विस्तार करना तो प्राण

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  96
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Sangita Prasad

Yoga Expert

0:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करते हैं सांस की क्रिया होती है सांस लेने और छोड़ने की अनुलोम विलोम कपालभाति आता है तब से मैंने किसानों का चित्र से लेना है कब छोड़ना है वह मैसेज करते और उसे हम लोग का अंदर का सिस्टम जो भी है थायराइड प्रॉब्लम है यह सब ठीक होता है तो प्लीज बहुत जरूरी है

karte hain saans ki kriya hoti hai saans lene aur chodne ki anulom vilom kapalbhati aata hai tab se maine kisano ka chitra se lena hai kab chhodna hai vaah massage karte aur use hum log ka andar ka system jo bhi hai thyroid problem hai yah sab theek hota hai toh please bahut zaroori hai

करते हैं सांस की क्रिया होती है सांस लेने और छोड़ने की अनुलोम विलोम कपालभाति आता है तब से

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  134
WhatsApp_icon
user

Abhishek Dixit

Yoga instructor

4:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सलाम करते हैं सुबह मॉर्निंग में उनको खाली पेट करना चाहिए से आप अगर 5:30 से स्टार्ट करते हैं तो फर्स्ट ऑफ ऑल सबसे पहले आता है आपका शुभ नमस्कार करेंगे सूर्य नमस्कार में जो आप के 12 आसन होते हैं वह कंप्लीट करेंगे देना आफ्टर उसके बाद कुछ ओम का नाच करेंगे उद्गीथ प्राणायाम हुआ है पांच बार गहरी श्वास भरके आपको ओंकारनाथ करना है जैसे आपने साथ कोई नहीं किया उनको आपने 10 लेकिन वह शब्द को आपने 10 दिन बोला उनको 5 सेकंड बोला कि आपका उदगीर काला मूवी जो आपने एक्सरसाइज की बॉडी को बम करने के लिए जोधपुर नमस्कार किया था सुलेशन में लाने के लिए यह पहले उस गीत करते हैं तो शुरू होता है प्राणायाम होता है वंशिका यह ब्रीथिंग एक्सरसाइज होती है आपकी मतलब सबसे पहले नेचुरली आपको तो भेज देंगे आपकी हो अच्छी जैसे ब्रिज कर पाए का संचालन के लिए तो तू भक्ता करते हैं मिनिमम अभी यह पाइबुलेट करते हैं को मैक्सिमम जवाब खाली पेट होते हैं वह समय ज्यादा होता है तो आप यह काम को भी कर सकते हैं खाली पेट यह आपका 5 घंटा 5 घंटे पर लोग खाना खाने के 5 घंटे बाद ही कोई भी आसन या प्राणायाम कर सकते हो और भक्तों का के बाद जस्ट आफ्टर आता है कुछ कुछ बयान बगैरा करते हैं तो पैरों को चलाना यह सब होता है और वक्रासन अर्धमत्स्येंद्रासन इसके बाद हम जो करते हैं कपालभाति के मिक्सिंग जितना चाहे जो लोग वैसे इसमें अभी 30 मिनट करता है कोई प्रॉब्लम होने पर और जो 15 मिनट किया जाता है कपालभाति आपके पूरे शरीर को पहले तो आपको पद्मासन लगाकर बैठना होता है पद्मासन जिसमें आपके दोनों पैर एक दूसरे के ऊपर होते हैं वह हाथों में जो हथेली में ज्ञान मुद्रा लगाई जाती है स्पाइनल कॉर्ड को एकदम सीधा रखा जाता है आंखों डॉन वाली बंद करके सांस को बाहर की ओर से क्या होता है जैसे आपने देखा है जुकाम हो जाता है जवाब कैसे लगाते हैं उसको बाद सीखने के लिए ना को बाहर निकालने के लिए उसी टाइप का चौक आपको लगाना होता है 1 सेकंड में एक बार एक लॉक लगाना होता है 1 सेकंड में 101 मिनट सेकंड होते हैं तो 60 दिन में आपको हॉटस्पॉट लेने जिसमें पेड़ आपका अंदर जाएगा जबकि का स्वास्थ को बाहर फेंकना है जो आपको ध्यान लगाना है श्वास को बाहर की ओर से हटने की ओर ध्यान लगाना है यह कपालभाति प्रारंभ की बारे में जो हम बता रहे हैं इससे पूरे शरीर का कायाकल्प हो जाता है संजीवनी है बिल्कुल सबसे पहले यह सब से फीवर की प्राणों में सबसे प्रसिद्ध दो सबसे लोकप्रिय प्राणायाम है सब लोग करते हैं मुस्लिम सबको आता है लेकिन एक सही भी होता है कि आपको पद्मासन लगाकर बैठे हैं सुख आसन लगाकर बैठे वज्रासन में बैठें तीन स्थितियों में कोई भी आसानी चटाई बगैरा पी लिया जाता है क्योंकि जो हमारे बॉडी में एक विद्युत जनरेट होती है कि लक्ष्मी जनरेट होती विद्युत विद्युत का बर्तन पूर्ण होता जिसमें का आपकी बॉडी में जो अर्थ ओके आपकी ऊर्जा ना चली जाए उसके लिए आपको आसन बगैरा बीच में होना चाहिए यानी आप के नीचे आकर होना चाहिए तू इसको 15 मिनट करते हैं ठीक है इसके बाद जो आता है स्वयं की आपने उसके बाद भाई प्रणाम होता इसमें तीन बंद लगते हैं प्रबंध सबसे पहले मूलबंध लगता है बैठना उसी में है पद्मासन में वज्रासन पद्मासन में प्रणाम बहुत अच्छा होता है पद्मासन में बैठ गए आपको अपने सास को गहरा भरा वगैरह झटके के साथ पूरा बाहर छोड़ दिया तुरंत ही मूल बनियानी नीचे के मूल भाग को गुदा को अपने ऊपर क्यों खींचा उसको मूलबंध बोलते हैं और पेट को अंदर की ओर खींचा है ब्लॉक यानी कि उद्यानबंध यह दूसरा लॉकअप लगाया पेट को अंदर की ओर की हड्डी से मिलाने का प्रयास किया थोड़ी को कंठ कोफ्ते लगाया इस जालंधर बंध कहलाता है इससे आपके तीनों लॉक लग गए इसको 1015 फोल्ड करना होल्ड बनता कुंभा किस को रोकना है ठीक है इससे आपके जो अपने जालंधर बनवास केवट की प्रॉब्लम होती है थायराइड हुआ स्वर संबंधी कोई विकार हुआ वो सही हो जाते हैं और 10 मंथ से पेट की समस्याएं कुछ भी आप का अवतरण हुआ मतलब वजह से खाना नहीं पच रहा है कॉन्स्टिपेशन मगर यह सारी प्रॉब्लम सॉल्व होती है पूरी मेरी प्रॉब्लम होती हैं पूरी कैसे बनता है यह सारी प्रॉब्लम दूर करता है

salaam karte hain subah morning me unko khaali pet karna chahiye se aap agar 5 30 se start karte hain toh first of all sabse pehle aata hai aapka shubha namaskar karenge surya namaskar me jo aap ke 12 aasan hote hain vaah complete karenge dena after uske baad kuch om ka nach karenge udgith pranayaam hua hai paanch baar gehri swas bharke aapko onkarnath karna hai jaise aapne saath koi nahi kiya unko aapne 10 lekin vaah shabd ko aapne 10 din bola unko 5 second bola ki aapka udgir kaala movie jo aapne exercise ki body ko bomb karne ke liye jodhpur namaskar kiya tha suleshan me lane ke liye yah pehle us geet karte hain toh shuru hota hai pranayaam hota hai vanshika yah breathing exercise hoti hai aapki matlab sabse pehle nechurali aapko toh bhej denge aapki ho achi jaise bridge kar paye ka sanchalan ke liye toh tu bhakta karte hain minimum abhi yah paibulet karte hain ko maximum jawab khaali pet hote hain vaah samay zyada hota hai toh aap yah kaam ko bhi kar sakte hain khaali pet yah aapka 5 ghanta 5 ghante par log khana khane ke 5 ghante baad hi koi bhi aasan ya pranayaam kar sakte ho aur bhakton ka ke baad just after aata hai kuch kuch bayan bagaira karte hain toh pairon ko chalana yah sab hota hai aur vakrasan ardhamatsyendrasan iske baad hum jo karte hain kapalbhati ke mixing jitna chahen jo log waise isme abhi 30 minute karta hai koi problem hone par aur jo 15 minute kiya jata hai kapalbhati aapke poore sharir ko pehle toh aapko padmasana lagakar baithana hota hai padmasana jisme aapke dono pair ek dusre ke upar hote hain vaah hathon me jo hatheli me gyaan mudra lagayi jaati hai spinal card ko ekdam seedha rakha jata hai aakhon don wali band karke saans ko bahar ki aur se kya hota hai jaise aapne dekha hai zukam ho jata hai jawab kaise lagate hain usko baad sikhne ke liye na ko bahar nikalne ke liye usi type ka chauk aapko lagana hota hai 1 second me ek baar ek lock lagana hota hai 1 second me 101 minute second hote hain toh 60 din me aapko hotspot lene jisme ped aapka andar jaega jabki ka swaasth ko bahar phenkana hai jo aapko dhyan lagana hai swas ko bahar ki aur se hatane ki aur dhyan lagana hai yah kapalbhati prarambh ki bare me jo hum bata rahe hain isse poore sharir ka kayakalp ho jata hai sanjeevani hai bilkul sabse pehle yah sab se fever ki pranon me sabse prasiddh do sabse lokpriya pranayaam hai sab log karte hain muslim sabko aata hai lekin ek sahi bhi hota hai ki aapko padmasana lagakar baithe hain sukh aasan lagakar baithe vajrasan me baithen teen sthitiyo me koi bhi aasani chatai bagaira p liya jata hai kyonki jo hamare body me ek vidyut generate hoti hai ki laxmi generate hoti vidyut vidyut ka bartan purn hota jisme ka aapki body me jo arth ok aapki urja na chali jaaye uske liye aapko aasan bagaira beech me hona chahiye yani aap ke niche aakar hona chahiye tu isko 15 minute karte hain theek hai iske baad jo aata hai swayam ki aapne uske baad bhai pranam hota isme teen band lagte hain prabandh sabse pehle mulbandh lagta hai baithana usi me hai padmasana me vajrasan padmasana me pranam bahut accha hota hai padmasana me baith gaye aapko apne saas ko gehra bhara vagera jhatake ke saath pura bahar chhod diya turant hi mul baniyani niche ke mul bhag ko guda ko apne upar kyon khicha usko mulbandh bolte hain aur pet ko andar ki aur khicha hai block yani ki udyanbandh yah doosra lockup lagaya pet ko andar ki aur ki haddi se milaane ka prayas kiya thodi ko kanth kofte lagaya is jalandhar bandh kehlata hai isse aapke tatvo lock lag gaye isko 1015 fold karna hold banta kumbha kis ko rokna hai theek hai isse aapke jo apne jalandhar banvaas kevat ki problem hoti hai thyroid hua swar sambandhi koi vikar hua vo sahi ho jaate hain aur 10 month se pet ki samasyaen kuch bhi aap ka avataran hua matlab wajah se khana nahi pach raha hai constipation magar yah saari problem solve hoti hai puri meri problem hoti hain puri kaise banta hai yah saari problem dur karta hai

सलाम करते हैं सुबह मॉर्निंग में उनको खाली पेट करना चाहिए से आप अगर 5:30 से स्टार्ट करते है

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम जो एक विधि है जिससे कि हम अपने स्वास्थ्य के द्वारा नुसरत आऊंगा क्यों नहीं जाता हूं ओके दास के द्वारा अपने हेल्थ को हम कैसे मेंटेन कर सकते हैं क्योंकि स्वास्थ्य है यह एक बैरोमीटर है अपने शरीर को शरीर के शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए

pranayaam jo ek vidhi hai jisse ki hum apne swasthya ke dwara nusrat aaunga kyon nahi jata hoon ok das ke dwara apne health ko hum kaise maintain kar sakte hain kyonki swasthya hai yah ek barometer hai apne sharir ko sharir ke sharir ke santulan ko banaye rakhne ke liye

प्राणायाम जो एक विधि है जिससे कि हम अपने स्वास्थ्य के द्वारा नुसरत आऊंगा क्यों नहीं जाता ह

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  80
WhatsApp_icon
user

Jitendra Dixit

Yoga Trainer (South Delhi)

0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है प्राणायाम क्या है प्राणायाम महर्षि पतंजलि जी के अनुसार 10 मिनट से स्वास्थ्य स्वास्थ्य गति विच्छेद आफ प्राणायामा स्वास्थ्य प्रसाद की गति में विच्छेद करना ही प्राणायाम है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai pranayaam kya hai pranayaam maharshi patanjali ji ke anusaar 10 minute se swasthya swasthya gati vichched of pranayama swasthya prasad ki gati me vichched karna hi pranayaam hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है प्राणायाम क्या है प्राणायाम महर्षि पतंजलि जी के अनुसार 10 मिनट से

Romanized Version
Likes  59  Dislikes    views  1140
WhatsApp_icon
user

Rekha Agarwal

Yoga Teacher

0:51
Play

Likes  63  Dislikes    views  648
WhatsApp_icon
user

Sujeet Kumar

Yoga Expert

1:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रणाम का मतलब होता है किसानों का आयाम जिसमें हम लोग एक साथ लेते हैं लंबी स्वास लेते हैं और ना ही छोड़ते हैं धारण कर सकते हैं कि हम किसी स्थान पर बैठ गया और लंबा सांप घर आ और उसे ऐसा महसूस करना है कि वह हमारे शरीर के निचले भाग में छोड़ते हुए नीचे से होते हुए पूरे शरीर में भ्रमण करते हुए निकल गया शक्ति होता जैसे कि कोई भी विचार जो गलत विचार आता है यह शायद खत्म होते हैं और अधिक से अधिक पॉजिटिव एनर्जी और पॉजिटिव सोच हमारे सैनिक लैंग्वेज में कोई बता सकते हैं कि हमारे शरीर में अधिक से अधिक उर्जा उत्पन्न होता है ऑक्सीजन का मात्रा अधिक बढ़ता है और जो हम लोग स्वास लेते हैं लंच में कलर होता है इसको बोलते हैं उसका जो भी होता है वह अधिक बढ़ जाता है और सांस लेने की क्षमता बढ़ जाती है

pranam ka matlab hota hai kisano ka aayam jisme hum log ek saath lete hain lambi swas lete hain aur na hi chodte hain dharan kar sakte hain ki hum kisi sthan par baith gaya aur lamba saap ghar aa aur use aisa mehsus karna hai ki vaah hamare sharir ke nichle bhag mein chodte hue niche se hote hue poore sharir mein bhraman karte hue nikal gaya shakti hota jaise ki koi bhi vichar jo galat vichar aata hai yah shayad khatam hote hain aur adhik se adhik positive energy aur positive soch hamare sainik language mein koi bata sakte hain ki hamare sharir mein adhik se adhik urja utpann hota hai oxygen ka matra adhik badhta hai aur jo hum log swas lete hain lunch mein color hota hai isko bolte hain uska jo bhi hota hai vaah adhik badh jata hai aur saans lene ki kshamta badh jaati hai

प्रणाम का मतलब होता है किसानों का आयाम जिसमें हम लोग एक साथ लेते हैं लंबी स्वास लेते हैं औ

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  59
WhatsApp_icon
user

Neelam Chauhan

Yoga Teacher

2:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमः शिवाय आपका प्रश्न है प्राणायाम क्या है तो मैं आपको इसका अर्थ बता देती हूं यह दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण धन आया हूं प्राण का अर्थ होता है वायवीय शक्ति या उल्टा और आयाम का अर्थ होता है विस्तार या फैलाना तो हम क्या खिला रहे हैं हम वायवीय शक्ति को या ऊर्जा को फैलाने का कार्य हम प्रणब के माध्यम से करते हैं तो यह चिड़िया है जिसके माध्यम से हम अपने शरीर के सभी नस नाड़ियों तक अपने सभी अंगों तक ट्यूशन से छूट अंगों तक प्रणब के माध्यम से प्राण ऊर्जा को पहुंचाते हैं क्योंकि प्राण है तो ही यह शरीर चलायमान है जीवित है अगर रानी ना हो तो इस शरीर का कोई अर्थ नहीं रह जाता है तो हमारे शरीर में जो प्राण है वह 10 प्रकार के प्राण बताए गए हैं और पुराने पांच के ऊपर है तो यह जो 10 प्राण है यह अलग-अलग जगह हमारे शरीर में अलग-अलग स्थानों पर उनके अलग-अलग कार्य होते हैं जो प्राण उर्जा के माध्यम से कार्य करते हैं प्रणब जो है वह अलग-अलग ग्रंथों में अलग-अलग जिक्र किया गया है उनके चटपटी पीता है तू हट पर दीपिका ग्रंथ में आठ प्रणब बताए हैं और रघुवंशी मैं भी 8 फरवरी में बताएं हैं और योग दर्शन योग सूत्र जो महर्षि पतंजलि द्वारा रचित है उसमें उन्होंने चार श्रेणियों का जिक्र किया है तो इन प्रणब के माध्यम से हम अलग-अलग प्रकार से प्राण ऊर्जा को अपने शरीर में पहुंचाने का कार्य का

namah shivay aapka prashna hai pranayaam kya hai toh main aapko iska arth bata deti hoon yah do shabdon se milkar bana hai praan dhan aaya hoon praan ka arth hota hai vayviya shakti ya ulta aur aayam ka arth hota hai vistaar ya faillana toh hum kya khila rahe hain hum vayviya shakti ko ya urja ko felane ka karya hum pranab ke madhyam se karte hain toh yah chidiya hai jiske madhyam se hum apne sharir ke sabhi nas nadiyon tak apne sabhi angon tak tuition se chhut angon tak pranab ke madhyam se praan urja ko pahunchate hain kyonki praan hai toh hi yah sharir chalayman hai jeevit hai agar rani na ho toh is sharir ka koi arth nahi reh jata hai toh hamare sharir me jo praan hai vaah 10 prakar ke praan bataye gaye hain aur purane paanch ke upar hai toh yah jo 10 praan hai yah alag alag jagah hamare sharir me alag alag sthano par unke alag alag karya hote hain jo praan urja ke madhyam se karya karte hain pranab jo hai vaah alag alag granthon me alag alag jikarr kiya gaya hai unke chatpati pita hai tu hut par deepika granth me aath pranab bataye hain aur raghuvanshi main bhi 8 february me bataye hain aur yog darshan yog sutra jo maharshi patanjali dwara rachit hai usme unhone char shreniyon ka jikarr kiya hai toh in pranab ke madhyam se hum alag alag prakar se praan urja ko apne sharir me pahunchane ka karya ka

नमः शिवाय आपका प्रश्न है प्राणायाम क्या है तो मैं आपको इसका अर्थ बता देती हूं यह दो शब्दों

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  131
WhatsApp_icon
user

Kailash Babu

Yoga Trainer

0:47
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ है प्राण जमाया मट्ठा प्राण का विस्तार हमारे शरीर के अंदर सारे शरीर में प्राण वायु व्याप्त है उस प्राणवायु का विस्तार करना छोड़ 24 नारी हमारे शरीर के अंदर विद्यमान है इनको सूक्ष्मदर्शी की सहायता से भी नहीं देख सकते इतनी छोटी और सूचना लिया वहां पर मौजूद हैं वहां तक ऑक्सीजन और प्राणियों का पहुंचाना से प्राणायाम से ही संभव है नॉर्मल हम स्वास लेते हैं प्राणियों का विस्तार होता है लेकिन उन तक नहीं पहुंच पाता इसके लिए हम प्रणाम करते हैं प्राणायाम से मारी सूक्ष्म से अति सूचना डीईओ तक 22:00 बजे पहुंचती है और हमारे शरीर को एक नई ताजगी और स्फूर्ति और हमारे जीवन को ऊर्जा मिलती है

pranayaam ka shabdik arth hai praan Jamaya mattha praan ka vistaar hamare sharir ke andar saare sharir me praan vayu vyapt hai us pranavayu ka vistaar karna chhod 24 nari hamare sharir ke andar vidyaman hai inko sukshmadarshi ki sahayta se bhi nahi dekh sakte itni choti aur soochna liya wahan par maujud hain wahan tak oxygen aur praniyo ka pahunchana se pranayaam se hi sambhav hai normal hum swas lete hain praniyo ka vistaar hota hai lekin un tak nahi pohch pata iske liye hum pranam karte hain pranayaam se mari sukshm se ati soochna DEO tak 22 00 baje pohchti hai aur hamare sharir ko ek nayi tajgi aur sfurti aur hamare jeevan ko urja milti hai

प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ है प्राण जमाया मट्ठा प्राण का विस्तार हमारे शरीर के अंदर सारे शर

Romanized Version
Likes  47  Dislikes    views  499
WhatsApp_icon
user

xyz

nothing

1:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टाइम है तो यही कि स्पा इन हिल करना सुरेंदर अंदर जाकर सांस को छोड़िए अपना पिक्चर तो सिटी के अनुसार अंगों की तस्करी रोकने की कोशिश को हाथ छोड़ दे ना हल्के हल्के कंट्रोल के साथ लेने के एकदम छोड़ दिया क्या प्रपोज गीता में आया जब अर्जुन ने पूछा कि आप कैसे की मंजू है बिजी से भी ज्यादा चलाएं माने कि स्पीड से कहीं तक नहीं पहुंच जाता है इतना फास्ट मन की चंचलता है तुझ को कंट्रोल कैसे किया जाए उन्होंने बताया जैसे कि यह समुंद्र में जब हवा चलती है बहुत तेजी से तो आसपास कितना उधम मचा कर सब तबाही मचा देता है वह शांत बैठा था जैसे हवा क्या है हमारी सांसे हैं अगर सेहरामऊ उत्तरी पुत्री हैं हमारी तेज सांसें चल रही है चमन कहां से शांत होगा अगर मन को शांत करना है थोड़ा सांसों को रोक देना होगा शुरू कर देना होगा मन शांत और आप सांसे जोरों से दिए जा रहे हैं तो मन शांत कहां हुआ तो सांसो का बर्थडे है कि मन को साधने में कम उत्तर प्रदेश मन को कंट्रोल करना मन को साधना शासन की मंशा जी जाएगा जब सांस रुक जाएगी मन पर जो का हाल है जो विचार हैं वह रुक जा

time hai toh yahi ki spa in hil karna surender andar jaakar saans ko chodiye apna picture toh city ke anusaar angon ki taskari rokne ki koshish ko hath chod de na halke halke control ke saath lene ke ekdam chod diya kya propose geeta mein aaya jab arjun ne poocha ki aap kaise ki manju hai busy se bhi zyada chalaye maane ki speed se kahin tak nahi pohch jata hai itna fast man ki chanchalata hai tujhe ko control kaise kiya jaaye unhone bataya jaise ki yah samundra mein jab hawa chalti hai bahut teji se toh aaspass kitna udham macha kar sab tabaahi macha deta hai vaah shaant baitha tha jaise hawa kya hai hamari sanse hain agar sehramaoo uttari putri hain hamari tez sansen chal rahi hai chaman kahaan se shaant hoga agar man ko shaant karna hai thoda shanson ko rok dena hoga shuru kar dena hoga man shaant aur aap sanse joron se diye ja rahe hain toh man shaant kahaan hua toh saanso ka birthday hai ki man ko sadhane mein kam uttar pradesh man ko control karna man ko sadhna shasan ki mansha ji jaega jab saans ruk jayegi man par jo ka haal hai jo vichar hain vaah ruk ja

टाइम है तो यही कि स्पा इन हिल करना सुरेंदर अंदर जाकर सांस को छोड़िए अपना पिक्चर तो सिटी के

Romanized Version
Likes  33  Dislikes    views  1427
WhatsApp_icon
user
0:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

है मगर बताऊं तो चेक और कॉमन के ऊपर हमारे किसान भाई हमारे पूरे शरीर में जाती है हर तरीके से प्लान हमारी वायु हमारी कंट्रोल में है सवारी हमारा में हमारा विश्व का बॉडी फंक्शन सब अच्छा हो जाता है और युग में कहते हैं मतलब हमारी प्लान है उसके साथ हमारा मंडी चलता है कि हमारा प्राणवायु अगर हमारी प्राणी हमारी कंट्रोल ओवर इन शॉर्ट पास का प्राणायाम मोंटू

hai magar bataun toh check aur common ke upar hamare kisan bhai hamare poore sharir mein jaati hai har tarike se plan hamari vayu hamari control mein hai sawari hamara mein hamara vishwa ka body function sab accha ho jata hai aur yug mein kehte hai matlab hamari plan hai uske saath hamara mandi chalta hai ki hamara pranavayu agar hamari prani hamari control over in short paas ka pranayaam montu

है मगर बताऊं तो चेक और कॉमन के ऊपर हमारे किसान भाई हमारे पूरे शरीर में जाती है हर तरीके से

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  152
WhatsApp_icon
user

Ashok Mann

Yoga Trainer and Counsellor

1:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसी विधि जिससे प्राणों का विस्तार हो प्राणायाम कहते हैं प्राण की सांस लेने की वायु और आया हूं नियंत्रण तो नियंत्रित अवस्था में सांस का लेना रोकना और छोड़ना प्रणाम भाई प्रणाम जब हम सांस लेते हैं पूरक अवस्था होती है रोकते हैं तो प्रणब की कुंभ की अवस्थाओं के छोड़ते हैं तो रिचा व्यवस्था होती है तो प्रणब यंत्र अवस्था में समझ कर लेना रोकना और छोटू चौहान के अनियंत्रित अवस्था में सांस लेते हैं पता ही नहीं चलता है दिन भर कभी समझती है जो जाती है तभी कम हो जाती है उसकी गति तो जब हम प्रणाम करते हैं तो उसमें नियंत्रित अवस्था से अरे कंट्रोल करते हुए सांस के ऊपर कंट्रोल करना और विशेष विधि द्वारा प्रणाम कहलाता है

aisi vidhi jisse pranon ka vistaar ho pranayaam kehte hain praan ki saans lene ki vayu aur aaya hoon niyantran toh niyantrit avastha mein saans ka lena rokna aur chhodna pranam bhai pranam jab hum saans lete hain purak avastha hoti hai rokte hain toh pranab ki kumbh ki avasthaon ke chodte hain toh richa vyavastha hoti hai toh pranab yantra avastha mein samajh kar lena rokna aur chotu Chauhan ke aniyantrit avastha mein saans lete hain pata hi nahi chalta hai din bhar kabhi samajhti hai jo jaati hai tabhi kam ho jaati hai uski gati toh jab hum pranam karte hain toh usme niyantrit avastha se are control karte hue saans ke upar control karna aur vishesh vidhi dwara pranam kehlata hai

ऐसी विधि जिससे प्राणों का विस्तार हो प्राणायाम कहते हैं प्राण की सांस लेने की वायु और आया

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  129
WhatsApp_icon
user

Acharya Yogesh Mishra

Astrologer,Yoga Instructor & Motivational Speaker

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चरणामृत के पास विश्वास से रिलेटेड प्रक्रिया स्वास्थ्य स्वास्थ्य शब्द मतलब होता है कि जो हम सांस लेते हैं सांस को बाहर होते हैं लेने वाली प्रक्रिया को स्वास्थ बोलते हैं निकालने वाली प्रक्रिया को किस बात को सिस्टमैटिक रूप से करना जिससे कि हमारी स्वास्थ्य स्वाद की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे किसी अभ्यास को प्राणायाम

charanamrit ke paas vishwas se related prakriya swasthya swasthya shabd matlab hota hai ki jo hum saans lete hain saans ko bahar hote hain lene wali prakriya ko swaasth bolte hain nikalne wali prakriya ko kis baat ko systematic roop se karna jisse ki hamari swasthya swaad ki prakriya sucharu roop se chalti rahe kisi abhyas ko pranayaam

चरणामृत के पास विश्वास से रिलेटेड प्रक्रिया स्वास्थ्य स्वास्थ्य शब्द मतलब होता है कि जो हम

Romanized Version
Likes  167  Dislikes    views  2517
WhatsApp_icon
play
user

Shailja Dubey

Yoga Instructor/Teacher

0:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

232 प्राणायाम है यह योग के जो आठ अंग है जो महर्षि पतंजलि पतंजलि जी द्वारा जो बताए गए हैं उसमें से एक उसका अंग है जिसे आवाज पतंजलि जी ने जो बताया यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि प्राणायाम है प्राणायाम के शब्द है उसे समझ में आता है प्राण का आयात होता है प्राण यानी कि स्वसन जो हम लेते हैं क्रिया करते हैं स्वास्थ्य को लंबा करना प्राणों के आयाम यानी कि प्राणों को लंबा करना उसको आयाम देना एक बीच में स्थिरता होना सांस लेने और छोड़ने के बीच में

232 pranayaam hai yah yog ke jo aath ang hai jo maharshi patanjali patanjali ji dwara jo bataye gaye hain usme se ek uska ang hai jise awaaz patanjali ji ne jo bataya yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi pranayaam hai pranayaam ke shabd hai use samajh mein aata hai praan ka ayat hota hai praan yani ki svasan jo hum lete hain kriya karte hain swasthya ko lamba karna pranon ke aayam yani ki pranon ko lamba karna usko aayam dena ek beech mein sthirta hona saans lene aur chodne ke beech mein

232 प्राणायाम है यह योग के जो आठ अंग है जो महर्षि पतंजलि पतंजलि जी द्वारा जो बताए गए हैं उ

Romanized Version
Likes  106  Dislikes    views  968
WhatsApp_icon
user

Dr. Rahul Das

International Yoga Trainer

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम अगर एक सिंगल वर्ड में में बेला चौक का नाम तो यह आपका सांसो पर अगर आप जितनी भी बीमारियां हैं दुनिया में जितनी भी मारी आप सारी बीमारियों को आप देखते तो कॉमन प्रॉब्लम ए कॉमन सेंटर ऑफ को मिलती है वह है ब्रेथलैसनेस सांस लेने में दिक्कत होना प्रेम करने से आप अपने जो सांसो पर वह नियंत्रण पाते हैं ना देखते हैं कि अगर आप सांस ले रहे हैं अगर आप बाहर जा रहा है लेकिन इनको हाई बीपी है जिनको थायराइड स्पेशल जिनको थारे इंक्रेडिबल सांस लेने की प्रक्रिया पूरी खराब हो जाती है अगर साथ होते तो गले से साथ देने की कोशिश करते हैं कम पर सेट कर दो कि नौशाद अली इंटर कहीं ना कहीं ब्लॉक बालभारती भ्रामरी भस्त्रिका प्राणायाम J2 प्रणाम को अपने मित्र रूप से गर्म करते हैं तो आपकी नाक के दोनों नदियां फिल्म

pranayaam agar ek singles word mein mein bela chauk ka naam toh yah aapka saanso par agar aap jitni bhi bimariyan hain duniya mein jitni bhi mari aap saree bimariyon ko aap dekhte toh common problem a common center of ko milti hai vaah hai brethalaisnes saans lene mein dikkat hona prem karne se aap apne jo saanso par vaah niyantran paate hain na dekhte hain ki agar aap saans le rahe hain agar aap bahar ja raha hai lekin inko high BP hai jinako thyroid special jinako thare inkredibal saans lene ki prakriya puri kharab ho jaati hai agar saath hote toh gale se saath dene ki koshish karte hain kam par set kar do ki Naushad ali inter kahin na kahin block balbharti bhramari bhastrika pranayaam J2 pranam ko apne mitra roop se garam karte hain toh aapki nak ke dono nadiyan film

प्राणायाम अगर एक सिंगल वर्ड में में बेला चौक का नाम तो यह आपका सांसो पर अगर आप जितनी भी बी

Romanized Version
Likes  29  Dislikes    views  366
WhatsApp_icon
user

Priyanka Rathod

Yoga Expert

2:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आम के बारे में वैसे तो पतंजलि योग सूत्र है उसके बारे में बताया गया है कि तस्मीन सतीश स्वास्थ्य स्वास्थ्य और गति विच्छेद व प्राणायाम और प्रकाश की गति है वहीं प्राणायाम ऐसे तो हम दिन में 224 घंटे में 24 घंटे स्वास लेते हैं स्वार्थ छोड़ दे दिए लेकिन सेना में क्या होता है कि हम उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं स्वार्थ ले रहे हैं जो आज चल रहे हो ट्रांसलेट हैं स्वार्थ बाहर जा रही है एक हमारी जो सांचौर प्रसाद की गति उस पर ध्यान केंद्रित करते हुए सांस लेना और चना वही प्राणायाम है ऐसे प्रणाम कई तरह के होते हैं और प्राणायाम से कई सारे फायदे होते जैसे हमारे जैसे नाड़ी शोधन प्राणायाम तथा नाड़ी शोधन का नाम क्या होता है हमारी नाम से ही क्लियर हो रहा है नाड़ी शोधन मतलब नाड़ियों का शोधन मतलब शुद्धि को हमारी नारियों की ट्रेनिंग होती है प्राणायाम के चूर्ण को सर्दी हो जाता है उनके लिए सूर्यभेदी प्राणायाम बहुत बेनेफिशियल है जिनको हाई ब्लड प्रेशर है उनके लिए क्षेत्रीय शीतकारी प्राणायाम बहुत बेनिफिशियल है तो अलग-अलग देश के लिए भी अलग-अलग प्राणायाम है जिंदगी का क्या नाम है और भाटी कपालभाति का भी नाम से ही होता कि कपालभाति कपाल भारती मिंता कुमारी फॉरगेट की शाइन बढ़ती है साथ ही साथ जिन को पैसे रिलेटेड प्रॉब्लम होती है उनके लिए भी काफी अच्छा है कपालभाति इससे अलग अलग डीजे कोडिंग में प्राणायाम है और जो व्यक्ति स्वस्थ है वह भी प्राणायाम कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं और जो भी अस्वस्थ है वह भी प्राणायाम करके

aam ke bare mein waise toh patanjali yog sutra hai uske bare mein bataya gaya hai ki tasmin satish swasthya swasthya aur gati vichched va pranayaam aur prakash ki gati hai wahi pranayaam aise toh hum din mein 224 ghante mein 24 ghante swas lete hai swarth chod de diye lekin sena mein kya hota hai ki hum us par dhyan kendrit karte hai swarth le rahe hai jo aaj chal rahe ho translate hai swarth bahar ja rahi hai ek hamari jo sanchor prasad ki gati us par dhyan kendrit karte hue saans lena aur chana wahi pranayaam hai aise pranam kai tarah ke hote hai aur pranayaam se kai saare fayde hote jaise hamare jaise naadi sodhan pranayaam tatha naadi sodhan ka naam kya hota hai hamari naam se hi clear ho raha hai naadi sodhan matlab nadiyon ka sodhan matlab shudhi ko hamari nariyon ki training hoti hai pranayaam ke churn ko sardi ho jata hai unke liye suryabhedi pranayaam bahut beneficial hai jinako high blood pressure hai unke liye kshetriya shitkari pranayaam bahut benifishiyal hai toh alag alag desh ke liye bhi alag alag pranayaam hai zindagi ka kya naam hai aur bhati kapalbhati ka bhi naam se hi hota ki kapalbhati kapal bharati minta kumari forget ki shine badhti hai saath hi saath jin ko paise related problem hoti hai unke liye bhi kaafi accha hai kapalbhati isse alag alag DJ coding mein pranayaam hai aur jo vyakti swasthya hai vaah bhi pranayaam kar sakte hai aur swasthya reh sakte hai aur jo bhi aswasth hai vaah bhi pranayaam karke

आम के बारे में वैसे तो पतंजलि योग सूत्र है उसके बारे में बताया गया है कि तस्मीन सतीश स्वास

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  156
WhatsApp_icon
user

Vidhi Punjabi

Yoga Expert

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम कृष्ण द एनर्जी एनर्जी को सही तरीके से उसका इस्तेमाल करना प्राणायाम का मतलब सिर्फ अपने स्वार्थ के साथ खेलना नहीं होता अगर हम ठीक तरीके से अपने स्वार्थ का उपयोग नहीं करते हैं तो इस प्राणायाम से हमको तो हम रहते हैं तो प्राणायाम का यह मतलब नहीं होता कि विश्वास लो स्वाद छोड़ देते कि आम तरीके से दिखाया जाता है चाय हम्मा बहुत ही ज्यादा नॉलेज है जिसको हमें पढ़ना पड़ता है और लंबे समय तक उसका प्रैक्टिस करना पड़ता है

pranayaam krishna the energy energy ko sahi tarike se uska istemal karna pranayaam ka matlab sirf apne swarth ke saath khelna nahi hota agar hum theek tarike se apne swarth ka upyog nahi karte hain toh is pranayaam se hamko toh hum rehte hain toh pranayaam ka yah matlab nahi hota ki vishwas lo swaad chod dete ki aam tarike se dikhaya jata hai chai hamma bahut hi zyada knowledge hai jisko hamein padhna padta hai aur lambe samay tak uska practice karna padta hai

प्राणायाम कृष्ण द एनर्जी एनर्जी को सही तरीके से उसका इस्तेमाल करना प्राणायाम का मतलब सिर्फ

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  22
WhatsApp_icon
user

Princy Sonik

Yoga Instructor

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम और पहचान मतलब आप की शान और आया मतलब ठहराव तो प्राणायाम उस एंबेसी आपके साथ का ठहराव क्योंकि हमारी नॉर्मली कहीं पर भी एक नहीं लिखी हुई है कितने साल जिएंगे 50 साल या 100 साल हमारा क्या होता है हमारी ब्लैक लिखी हुई होती है कि एक इंसान को इतनी व्रत लेनी है तो आप जब प्राणायाम करते हैं उससे कुछ में आप अपना व्रत गोल्ड कर रहे हैं तो उससे आपको मैंने सिटी मिलता है कि जितनी देर का आपने उसमें व्यस्त होल्ड किया है वह आपका इस आगे आगे बढ़ जाता है कि अगर आप बीच में 10 साथ लेकर अपनी तो आपने 10 तो सेव किया है बेसिकली प्राणायाम करना बहुत जरूरी है कि आजकल पोलूशन इतना ज्यादा है जिसकी वजह से लोगों को अस्थमा ब्रोंकाइटिस और डिप्रेशन की प्रॉब्लम हो रही है तो अगर वह प्राणायाम करते हैं तो उनके लिए मैंने

pranayaam aur pehchaan matlab aap ki shan aur aaya matlab thahrav toh pranayaam us embassy aapke saath ka thahrav kyonki hamari normally kahin par bhi ek nahi likhi hui hai kitne saal jeeenge 50 saal ya 100 saal hamara kya hota hai hamari black likhi hui hoti hai ki ek insaan ko itni vrat leni hai toh aap jab pranayaam karte hain usse kuch mein aap apna vrat gold kar rahe hain toh usse aapko maine city milta hai ki jitni der ka aapne usme vyast hold kiya hai vaah aapka is aage aage badh jata hai ki agar aap beech mein 10 saath lekar apni toh aapne 10 toh save kiya hai basically pranayaam karna bahut zaroori hai ki aajkal pollution itna zyada hai jiski wajah se logo ko asthama broncaitis aur depression ki problem ho rahi hai toh agar vaah pranayaam karte hain toh unke liye maine

प्राणायाम और पहचान मतलब आप की शान और आया मतलब ठहराव तो प्राणायाम उस एंबेसी आपके साथ का ठहर

Romanized Version
Likes  69  Dislikes    views  829
WhatsApp_icon
user

Manoj Kumar Gudsele

Yoga Instructor

0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम क्या है यह मैं आपको बता देता हूं प्राणायाम बैटल एनर्जी का एनहैंसमेंट करना यानी कि प्राण ऊर्जा को नियंत्रित करना या उसका विस्तार करने का अर्थ है प्राणायाम से तो यदि आप अपनी श्वास श्वास कर नियंत्रित करते हैं तो यह प्राणायाम कहलाता है यानी कि जो हम सांस ले रहे हैं और छोड़ रहे हैं उसको नियंत्रित रूप से लेना है और छोड़ना है यह प्राणायाम की क्रिया विधि है और प्राणायाम जो है वह ध्यान की एक फैक्ट्री है ध्यान करने से पहले प्राणायाम किया जाता

pranayaam kya hai yah main aapko bata deta hoon pranayaam battle energy ka enahainsament karna yani ki praan urja ko niyantrit karna ya uska vistaar karne ka arth hai pranayaam se toh yadi aap apni swas swas kar niyantrit karte hain toh yah pranayaam kehlata hai yani ki jo hum saans le rahe hain aur chod rahe hain usko niyantrit roop se lena hai aur chhodna hai yah pranayaam ki kriya vidhi hai aur pranayaam jo hai vaah dhyan ki ek factory hai dhyan karne se pehle pranayaam kiya jata

प्राणायाम क्या है यह मैं आपको बता देता हूं प्राणायाम बैटल एनर्जी का एनहैंसमेंट करना यानी क

Romanized Version
Likes  40  Dislikes    views  405
WhatsApp_icon
user

Yogi Vinit

Yogi , Astrologer , Vastushastra Expert, Reiki Healing , Crystal Healing , Meditation Expert , Bach Flower Therapy Specialist

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम यह बहुत बड़ी संकल्पना है आप पराया लोग काफी अलग अलग है इस हिसाब से उसको लेते हैं लेकिन मेरे हिसाब से जंजूरने प्राणायाम वही जो हमारे माइंड कंट्रोल करता है और हमें समाधि की ओर लेकर जाता है अगर आप प्राणायाम बहुत अच्छे से करोगे तो 1 दिन का प्राणायाम आपको 7 दिन के आसन के हिसाब से आपको बेनिफिट देगा यानी सिग्नेचर 7 दिन अगर आप आसन करते हो और एक दिन प्राणायाम करते हो तो आपको उतना ही बेनिफिट मिलेगा जितना 7 दिन आसन के बाद मिलता है हमसे हमें अंदर से इतनी ऊर्जा प्राप्त होती है कि वह अगर उर्जा का हम सही से इस्तेमाल करते हैं तो लाइफ में जो भी हमें चाहिए सकता है प्राणायाम का एनर्जी हमारे मसल एनर्जी से कनेक्ट होता है और और अगर आप एनाटॉमी फिजियोलॉजी देखेंगे योगा की कमर्शियल का भी एक मेमोरी होता है अगर वह मेमोरी अच्छे से सब कुछ करना काफी आसान होता है जिंदगी में ओके थैंक यू

pranayaam yah bahut badi sankalpana hai aap paraaya log kaafi alag alag hai is hisab se usko lete hain lekin mere hisab se chahiye pranayaam wahi jo hamare mind control karta hai aur hamein samadhi ki aur lekar jata hai agar aap pranayaam bahut acche se karoge toh 1 din ka pranayaam aapko 7 din ke aasan ke hisab se aapko benefit dega yani signature 7 din agar aap aasan karte ho aur ek din pranayaam karte ho toh aapko utana hi benefit milega jitna 7 din aasan ke baad milta hai humse hamein andar se itni urja prapt hoti hai ki vaah agar urja ka hum sahi se istemal karte hain toh life mein jo bhi hamein chahiye sakta hai pranayaam ka energy hamare masal energy se connect hota hai aur aur agar aap anatomy physiology dekhenge yoga ki commercial ka bhi ek memory hota hai agar vaah memory acche se sab kuch karna kaafi aasaan hota hai zindagi mein ok thank you

प्राणायाम यह बहुत बड़ी संकल्पना है आप पराया लोग काफी अलग अलग है इस हिसाब से उसको लेते हैं

Romanized Version
Likes  29  Dislikes    views  421
WhatsApp_icon
user

Vishal Srivastava

Yoga Instructor

1:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राण के का सबसे मशहूर जो अर्थ है वह है जीवनी शक्ति आया ना अपने शरीर के अंदर धारण का आरोप अपने शरीर में आयाम देना हम जो हवाई काट लेते हैं तोड़ते हैं बस एक नॉर्मल ही जिंदगी जीते रहते हैं हम लोगों को खुद नहीं मालूम कि हम करके आ रहे हैं जबकि जब हमारे शरीर से हवा के माध्यम से प्राण अंदर जाते हैं तभी हम जीवित रहते हैं और वही हमारे आर्गन को हमारे समस्त को चलाती उस प्राणवायु को अंदर ले कर जाना और पूरी तरीके से अवशोषित कर लेना उससे अपने अंदर शक्ति को प्रेषित करना प्राणायाम प्राणायाम में हम लोग सोचते हैं कि बच्चों को अंदर खींचना रोकना छोड़ना नहीं बहुत सारी स्टेप्स में बहुत सारी स्टेज इज हैं और प्राणायाम करने से पहले से बेटर है कि आप अपना मेडिकल चेकअप करा लें अगर भाई जी की है या लो बीपी है या आठ परसेंट हैं आप या किसी और बीमारी से किसी से बहुत सोच समझकर करने की आवश्यकता है और प्राणायाम आपसी मेडिटेशन का एक दिल ही है प्राणायाम करके आप अपनी सांसों को कंट्रोल करके मेडिटेशन की उस अवस्था तक पहुंच सकते हैं अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं धन्यवाद

praan ke ka sabse mashoor jo arth hai vaah hai jeevni shakti aaya na apne sharir ke andar dharan ka aarop apne sharir mein aayam dena hum jo hawai kaat lete hain todte hain bus ek normal hi zindagi jeete rehte hain hum logo ko khud nahi maloom ki hum karke aa rahe hain jabki jab hamare sharir se hawa ke madhyam se praan andar jaate hain tabhi hum jeevit rehte hain aur wahi hamare organ ko hamare samast ko chalati us pranavayu ko andar le kar jana aur puri tarike se avshoshit kar lena usse apne andar shakti ko preshit karna pranayaam pranayaam mein hum log sochte hain ki baccho ko andar khinchana rokna chhodna nahi bahut saree steps mein bahut saree stage is hain aur pranayaam karne se pehle se better hai ki aap apna medical checkup kara le agar bhai ji ki hai ya lo BP hai ya aath percent hain aap ya kisi aur bimari se kisi se bahut soch samajhkar karne ki avashyakta hai aur pranayaam aapasi meditation ka ek dil hi hai pranayaam karke aap apni shanson ko control karke meditation ki us avastha tak pohch sakte hain apne lakshya tak pohch sakte hain dhanyavad

प्राण के का सबसे मशहूर जो अर्थ है वह है जीवनी शक्ति आया ना अपने शरीर के अंदर धारण का आरोप

Romanized Version
Likes  24  Dislikes    views  298
WhatsApp_icon
user

Rajesh Gupta

Yoga Trainer

1:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम सर क्या कर मोटी बात करें इसमें तो प्राणायाम क्या है सिर्फ सांपों को कंट्रोल करना है ठीक है ना तो क्या है अब कई तरह के प्राणायाम होते हैं मूसली 8:00 बजे के प्राणायाम होते हैं जो हम लोग अष्टांग योग करते हैं उसमें 8 तरह के प्राणायाम भस्त्रिका कपालभाति अनुलोम विलोम है उचित है बराबरी है इस तरह के जो है आठ प्राणायाम है इन सब में सांसों का अलग-अलग क्रम है किसी में लेना छोड़ना है किसी में सिर्फ लेना लेना है छोड़ने का कुकस नहीं करना है ठीक है ना किसी पर छोड़ने की फोकस करना है कि लेना नहीं है तो इस तरह से जो है अलग-अलग तरह के प्राणायाम है और इनके अपने अपने फायदे हैं अगर आप करें कपालभाति की बात करें तो कपालभाति है कैसा प्राणायाम है जिससे मूसली जितनी भी पेट से संबंधित बीमारियां होती हैं यहां तक कि जितने भी असाध्य रोग हैं आपका अगर कहीं कोई ट्यूमर है गांठ है कैंसर तक आपका जो है इससे ठीक हो सकता है और मुस्लिम महिलाओं के लिए तो बहुत ही बढ़िया है उनके यूट्रस फाइब्रॉएड होते हैं और किसी भी तरह की गांठ हो जाती है तो वह सब डिटेल हो जाती है 306 महीने में तो यही है अब उसका प्रोसीजर है कि इसमें सिर्फ सांसों को छोड़ने पर फोकस करना है हर मिनट में 700 छक्के के साथ झटके के साथ बाहर सीखना है लेना नहीं है स्वभाविक रूप से जो सांस अंदर जाती है उसको जाने दे तो यह सब में अलग-अलग है अनुलोम-विलोम में क्या है एक तरफ से सांस लेना है दूसरी तरफ से छोड़ना है तो ऐसे अलग-अलग तरीके से सांसों को कंट्रोल करना है

pranayaam sir kya kar moti baat kare isme toh pranayaam kya hai sirf saanpon ko control karna hai theek hai na toh kya hai ab kai tarah ke pranayaam hote hain muesli 8 00 baje ke pranayaam hote hain jo hum log ashtanga yog karte hain usme 8 tarah ke pranayaam bhastrika kapalbhati anulom vilom hai uchit hai barabari hai is tarah ke jo hai aath pranayaam hai in sab mein shanson ka alag alag kram hai kisi mein lena chhodna hai kisi mein sirf lena lena hai chodne ka kukas nahi karna hai theek hai na kisi par chodne ki focus karna hai ki lena nahi hai toh is tarah se jo hai alag alag tarah ke pranayaam hai aur inke apne apne fayde agar aap kare kapalbhati ki baat kare toh kapalbhati hai kaisa pranayaam hai jisse muesli jitni bhi pet se sambandhit bimariyan hoti hain yahan tak ki jitne bhi asadhya rog hain aapka agar kahin koi tumour hai ganth hai cancer tak aapka jo hai isse theek ho sakta hai aur muslim mahilaon ke liye toh bahut hi badhiya hai unke yutras faibraed hote hain aur kisi bhi tarah ki ganth ho jaati hai toh vaah sab detail ho jaati hai 306 mahine mein toh yahi hai ab uska procedure hai ki isme sirf shanson ko chodne par focus karna hai har minute mein 700 chakke ke saath jhatake ke saath bahar sikhna hai lena nahi hai swabhavik roop se jo saans andar jaati hai usko jaane de toh yah sab mein alag alag hai anulom vilom mein kya hai ek taraf se saans lena hai dusri taraf se chhodna hai toh aise alag alag tarike se shanson ko control karna hai

प्राणायाम सर क्या कर मोटी बात करें इसमें तो प्राणायाम क्या है सिर्फ सांपों को कंट्रोल करना

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  135
WhatsApp_icon
user

Arun Kumar Jai

Yoga Instructor

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम को सामान्य डॉक्टर बोलते जीभ निकाल दो घड़ी की कुंभक मान्यता गाड़ी आपके शरीर में सांस भरी हुए कुंभा के अंतर्गत पूरी निकाल देंगे तो बाय को अच्छे से खूब बहराइच बन्ना को रोककर रखना उसको कैसे निकाल देना पूरा खाली कर देना बार-बार जल्दी से निकालना उस को बोलने का पानी निकालना भी भरना भी उसको बोल दूंगा और एक साथ से देना दूसरे से निकालना उसको बोलते हैं अनुरोध विजय नाम का मतलब होता है और अपने आप में एक एलिमेंट है जो हमारे अंदर आपके अंदर कहीं पर भी जो कुछ भी आपको सजीव दिखाई देना उसी की वजह से हमारे शरीर को प्रामाणिक बनाता है

pranayaam ko samanya doctor bolte jeebh nikaal do ghadi ki kumbhak manyata gaadi aapke sharir mein saans bhari hue kumbha ke antargat puri nikaal denge toh bye ko acche se khoob bahraich banna ko rokakar rakhna usko kaise nikaal dena pura khaali kar dena baar baar jaldi se nikalna us ko bolne ka paani nikalna bhi bharna bhi usko bol dunga aur ek saath se dena dusre se nikalna usko bolte hain anurodh vijay naam ka matlab hota hai aur apne aap mein ek element hai jo hamare andar aapke andar kahin par bhi jo kuch bhi aapko sajeev dikhai dena usi ki wajah se hamare sharir ko pramanik banata hai

प्राणायाम को सामान्य डॉक्टर बोलते जीभ निकाल दो घड़ी की कुंभक मान्यता गाड़ी आपके शरीर में स

Romanized Version
Likes  31  Dislikes    views  390
WhatsApp_icon
user

Reena Arya

Yoga Instructor

1:15
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम यानी प्राणों का घेराव यानी हमारी प्राणी आणि साथ ककहरा हमारे अंदर जो नदी है वह प्राणवायु है जिसे हम काम कर रहे हैं तो यह जो प्राण है उनका आया मैंने उनको थोड़ा मिलाना बहुत जल्दी जल्दी सांस लेना और सोच लो साथ लेना इन्फो बैलेंस करना कि हम बैलेंस साथ में कहा जाता है कि एक मनुष्य की योनि में सपा से हमें मिली है कि 100 साल हमें जीना ही जीना है तो कौन 100 सालों में हम इतना जल्दी-जल्दी साथ में और कितना धीरे-धीरे साथ में उन चीजों को प्राणायाम की टू बैलेंस कराया जाता है ऐसे होते हैं जो हमारे ब्रीडिंग पर इतना एक्टिव काम करते हैं हाई बीपी हो गया लो बीपी हो गया 3 महीने अगर आप अच्छे से हुआ करते हैं ना दिल से भी करना बहुत जरूरी है अगर आप यही कर रहे हैं कि नहीं आ गया तो मैंने करना है वह फैक्ट नहीं करेगा जितना कि आप मन से करेंगे आप संकल्प लेकर करेंगे कि मैं इस काम के लिए यह काम से बात कर रहा हूं क्या कर रही हूं तो आपको बेनिफिट कुत्ते कुछ अलग ही होते हैं तो मेंटली और फिजिकली हमें यह संकल्प लेना बहुत जरुरी प्ले करें और हमें ठीक हो ना

pranayaam yani pranon ka gherav yani hamari prani aani saath kakhara hamare andar jo nadi hai vaah pranavayu hai jise hum kaam kar rahe hain toh yah jo praan hai unka aaya maine unko thoda milana bahut jaldi jaldi saans lena aur soch lo saath lena info balance karna ki hum balance saath mein kaha jata hai ki ek manushya ki yoni mein sapa se hamein mili hai ki 100 saal hamein jeena hi jeena hai toh kaun 100 salon mein hum itna jaldi jaldi saath mein aur kitna dhire dhire saath mein un chijon ko pranayaam ki to balance karaya jata hai aise hote hain jo hamare Breeding par itna active kaam karte hain high BP ho gaya lo BP ho gaya 3 mahine agar aap acche se hua karte hain na dil se bhi karna bahut zaroori hai agar aap yahi kar rahe hain ki nahi aa gaya toh maine karna hai vaah fact nahi karega jitna ki aap man se karenge aap sankalp lekar karenge ki main is kaam ke liye yah kaam se baat kar raha hoon kya kar rahi hoon toh aapko benefit kutte kuch alag hi hote hain toh mentally aur physically hamein yah sankalp lena bahut zaroori play kare aur hamein theek ho na

प्राणायाम यानी प्राणों का घेराव यानी हमारी प्राणी आणि साथ ककहरा हमारे अंदर जो नदी है वह प्

Romanized Version
Likes  25  Dislikes    views  1184
WhatsApp_icon
user

Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

0:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम का परिभाषा हमारे शास्त्रों में दिया गया इसका सतीश पासवान की ओर गति दीक्षित स्वास्थ स्वास्थ विच्छेद प्राणायाम अनुशासन के सिद्ध हो जाने पर स्वास्थ और श्वास की गति को तोड़ना ही प्राणायाम कहलाता है प्राणायाम जो है महर्षि पतंजलि योग दर्शन मात्र से बताएं और राजनीति जैसी कृषि कार्य जो महत्वपूर्ण जिसको कि बहुत सारे लोग बहुत सारी योग प्रशिक्षक इसको जानते हैं और सब जात को अपने दैनिक जीवन में मौसम के अनुसार बदलते मौसम समाचार माध्यमों का होना चाहिए

pranayaam ka paribhasha hamare shastron mein diya gaya iska satish paswan ki aur gati dixit swaasth swaasth vichched pranayaam anushasan ke siddh ho jaane par swaasth aur swas ki gati ko todna hi pranayaam kehlata hai pranayaam jo hai maharshi patanjali yog darshan matra se bataye aur raajneeti jaisi krishi karya jo mahatvapurna jisko ki bahut saare log bahut saree yog parshikshak isko jante hain aur sab jaat ko apne dainik jeevan mein mausam ke anusaar badalte mausam samachar maadhyamon ka hona chahiye

प्राणायाम का परिभाषा हमारे शास्त्रों में दिया गया इसका सतीश पासवान की ओर गति दीक्षित स्वास

Romanized Version
Likes  116  Dislikes    views  1611
WhatsApp_icon
user

Pawan Dubey

Yoga Meditation Nutrition Reiki NLP EFT

0:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बढ़िया मगर शब्द पर जाइए दुकानों का आयाम क्या बेकरी दम कैसे बनाने का पुस्तक बना सकती है कल हो सके जो आप देखेंगे रामदेव के विकास में भक्ति का है अनुलोम-विलोम है

badhiya magar shabd par jaiye dukaano ka aayam kya bakery dum kaise banane ka pustak bana sakti hai kal ho sake jo aap dekhenge ramdev ke vikas mein bhakti ka hai anulom vilom hai

बढ़िया मगर शब्द पर जाइए दुकानों का आयाम क्या बेकरी दम कैसे बनाने का पुस्तक बना सकती है कल

Romanized Version
Likes  68  Dislikes    views  833
WhatsApp_icon
user

Yogi Satendra

Yoga Expert & International Coach | Yoga Therapist | Life Coach | Health & Fitness Consultant

4:44
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या होता है कि हम भाभी को बहुत अच्छा सवाल है इसका जवाब बहुत बड़े-बड़े योगा गुरु के पास भी नहीं है वह सिर्फ इतना को बताएंगे कि प्राणायाम क्यों करना चाहिए और प्राणायाम करने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं आपको बताना चाहते तो मैं आज आपको लिखने की कोशिश करूंगा किसी अपने आप में यह अथाह समुद्र सागर है ताजा खबर विकसित करने के 3 दिन का कॉन्ट्रैक्ट मिला पड़ेगा 3 दिन तो समझ में आ जाए प्राण शक्ति होती है प्रमाण जिसको बोलते हैं हम इंग्लिश में बोलते हैं टाइटल फूल भी बोलते हैं उसको कॉस्मिक एनर्जी भी बोलते हैं कुछ जीवनी शक्ति भी बोलते हैं और उसको प्राण तत्व भी कहते हैं तो प्राणायाम का मतलब हुआ मतलब कारण और आया मतलब श्रवण को जो ईश्वर ने हमारे चारों तरफ से फ्री आफ कॉस्ट हमको प्रोवाइड घर के वातावरण में रखा हुआ है सारे वातावरण में प्राण का प्रवाह होता रहता है इंसानों को स्वस्थ रखने के लिए उन्होंने जी कर रखा हुआ है उस प्राण तत्व को जब हम अपने अंदर किसी खास मेथड से अपने अंदर धारण करते हैं और तब उसको बोलते हैं प्राणायाम प्राणायाम कारणों को अपने अंदर धारण करना निर्माता करण में फैला हुआ होता है ऑक्सीजन अलग चीज में प्राण तत्व अलग चीज है जिसको इंग्लिश में कॉस्मिक एनर्जी भी बोलते हैं उसको पोस्ट भी कहते हैं आपकी बोलते हैं तो आपको पता ही होगा कि अगर एक तार निकल गया शरीर से तो इंसान की मृत्यु हो जाती है प्राण ही सब कुछ है सब कुछ है जब हम प्रणाम करते हैं उस वातावरण में फैली थी प्राण शक्ति को जो ईश्वर ने इंसान को प्रचुर मात्रा में फ्री आफ कॉस्ट दे कर रखा है ऑक्सीजन डिफरेंट चीज है जो वायु में होती है लेकिन हमारे ऋषि-मुनियों ने उसके लिए एक मेथड मेथड बनाया 5 साल पहले की ही मनुष्य किसान भाइयों को अपने अंदर कैसे धारण करें नहीं कर सकता नहीं भर सकता है ऐसा कौन सा माध्यम से किया जाए ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकृति द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र को इंसान अपने अंदर धारण कर पाए और हमेशा सारी बीमारियों को दूर भगाए अपने शरीर से और कभी अपने अंदर किसी भी बीमारी को पटक नहीं ना दें उन्होंने खुशी प्राणायाम की और उस पद्धति के माध्यम से जब हम प्रणाम हम बैठते हैं और पद्धति से जब हम आप को पीटते हैं उस पद्धति उस मेथड से जब हम शमशाद को भरते तू पट्टू वातावरण से करके आपके शरीर में प्रवेश करता है जिस तरह से दही को आजमाते हैं जिंदगी में खुशी ट्रैक्टर के प्राणायाम एक मंथन है मस्ती में हम जब प्राणायाम की क्रिया करते हैं हम भी सोचते हैं करते हैं इसको छोड़ दें मछली का काम करता है मंथन से वातावरण में फैली हुई शक्ति ऊर्जा खींचकर के वातावरण से निकल कर के निकल कर के हमारे शरीर में प्रवेश करती है वह सारे और घट में पहुंचती हैं व्हाट्सएप खोल ऑडियो में पहुंचती है हमारी ब्रेन में कौन सी है और मनुष्य को पूरी तरह से सक्षम होती है प्राण तत्व से आप समझ गए होंगे हम क्या है क्योंकि इससे इतने बीच में कुछ नहीं लगता कि कोई आपको इस दिन कर पाएगा

kya hota hai ki hum bhabhi ko bahut accha sawaal hai iska jawab bahut bade bade yoga guru ke paas bhi nahi hai vaah sirf itna ko batayenge ki pranayaam kyon karna chahiye aur pranayaam karne se kya kya fayde ho sakte hain aapko bataana chahte toh main aaj aapko likhne ki koshish karunga kisi apne aap mein yah athah samudra sagar hai taaza khabar viksit karne ke 3 din ka contracts mila padega 3 din toh samajh mein aa jaaye praan shakti hoti hai pramaan jisko bolte hain hum english mein bolte hain title fool bhi bolte hain usko Cosmic energy bhi bolte hain kuch jeevni shakti bhi bolte hain aur usko praan tatva bhi kehte hain toh pranayaam ka matlab hua matlab karan aur aaya matlab shravan ko jo ishwar ne hamare charo taraf se free of cost hamko provide ghar ke vatavaran mein rakha hua hai saare vatavaran mein praan ka pravah hota rehta hai insano ko swasthya rakhne ke liye unhone ji kar rakha hua hai us praan tatva ko jab hum apne andar kisi khaas method se apne andar dharan karte hain aur tab usko bolte hain pranayaam pranayaam karanon ko apne andar dharan karna nirmaata karan mein faila hua hota hai oxygen alag cheez mein praan tatva alag cheez hai jisko english mein Cosmic energy bhi bolte hain usko post bhi kehte hain aapki bolte hain toh aapko pata hi hoga ki agar ek taar nikal gaya sharir se toh insaan ki mrityu ho jaati hai praan hi sab kuch hai sab kuch hai jab hum pranam karte hain us vatavaran mein faili thi praan shakti ko jo ishwar ne insaan ko prachur matra mein free of cost de kar rakha hai oxygen different cheez hai jo vayu mein hoti hai lekin hamare rishi muniyon ne uske liye ek method method banaya 5 saal pehle ki hi manushya kisan bhaiyo ko apne andar kaise dharan kare nahi kar sakta nahi bhar sakta hai aisa kaun sa madhyam se kiya jaaye ishwar dwara pradatt prakriti dwara pradatt pramaan patra ko insaan apne andar dharan kar paye aur hamesha saree bimariyon ko dur bhagaye apne sharir se aur kabhi apne andar kisi bhi bimari ko patak nahi na de unhone khushi pranayaam ki aur us paddhatee ke madhyam se jab hum pranam hum baithate hain aur paddhatee se jab hum aap ko pitate hain us paddhatee us method se jab hum shamshad ko bharte tu patutta vatavaran se karke aapke sharir mein pravesh karta hai jis tarah se dahi ko ajamate hain zindagi mein khushi tractor ke pranayaam ek manthan hai masti mein hum jab pranayaam ki kriya karte hain hum bhi sochte hain karte hain isko chod de machli ka kaam karta hai manthan se vatavaran mein faili hui shakti urja khichkar ke vatavaran se nikal kar ke nikal kar ke hamare sharir mein pravesh karti hai vaah saare aur ghat mein pohchti hain whatsapp khol audio mein pohchti hai hamari brain mein kaun si hai aur manushya ko puri tarah se saksham hoti hai praan tatva se aap samajh gaye honge hum kya hai kyonki isse itne beech mein kuch nahi lagta ki koi aapko is din kar payega

क्या होता है कि हम भाभी को बहुत अच्छा सवाल है इसका जवाब बहुत बड़े-बड़े योगा गुरु के पास भी

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  127
WhatsApp_icon
user

sadhak vijay

Yoga Teacher

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम क्या है बहुत ही अच्छा सवाल है और बहुत ही आपको ग्यारस वाले प्राणायाम क्या है का संधि विच्छेद करते हैं प्राण प्लस आयाम प्राणों का आयाम प्राणों का चलाना प्राणों को गति देना ही प्राणायाम है अब इसको समझते हैं इसे देखिए एकदम लेते हैं स्वास्थ कमल आक्सीजन अंदर प्रसाद छोड़ दिया कार्बन डाइऑक्साइड बाहर यह प्राणायाम नहीं है ऑक्सीजन अंदर ले रहे हो कार्बन डाइऑक्साइड बाहर छोड़ते हो अब किसी का अब इसको ऐसे समझते हैं जैसे किसकी मिलती होगी आप उसके बाद उसके अंदर कितनी ऑक्सीजन डाल दीजिए कितने ही कार्बन डाइऑक्साइड डाल दीजिए वह जीवित नहीं रह सकता वह किसके दम पर जी भी थे प्राण भाइयों के प्राण शक्ति के इसको समझना है ऑक्सीजन लगे कार्बन डाइऑक्साइड स्वा स्वा स्वा स्वा लगे प्लान भाई जो हमारे जिससे हमारा पूरा शरीर चलायमान हो रहा है प्राणवायु उसको चलाना ही प्राणायाम है वो चलेगी ध्यान के माध्यम से स्वास्थ्य पर सांस की गति को न्यूनतम प्राणायाम को चार प्रकार से ही तोड़ सकते हैं शौचालय जाना है तो इसके लिए बहुत दिन जाना पड़ेगा आपको अच्छा समझना पड़ेगा इतना हमें समझ नहीं है लेकिन इतना काम पर फोकस करना ही प्राणायाम है ऑक्सीजन न लगे कार्बन डाइऑक्साइड लगे स्वास्थ्य स्वास्थ्य गया और बाबा जी वाला गेम हमको चलाना है हमको चलाओगे फिर धीरे-धीरे मेडिटेशन में जाओगे फिर आत्मा से परमात्मा का सम्मान को समाधि की ओर ज्यादा बात है ठीक है धन्यवाद

pranayaam kya hai bahut hi accha sawaal hai aur bahut hi aapko gyara waale pranayaam kya hai ka sandhi vichched karte hain praan plus aayam pranon ka aayam pranon ka chalana pranon ko gati dena hi pranayaam hai ab isko samajhte hain ise dekhiye ekdam lete hain swaasth kamal oxygen andar prasad chod diya carbon dioxide bahar yah pranayaam nahi hai oxygen andar le rahe ho carbon dioxide bahar chodte ho ab kisi ka ab isko aise samajhte hain jaise kiski milti hogi aap uske baad uske andar kitni oxygen daal dijiye kitne hi carbon dioxide daal dijiye vaah jeevit nahi reh sakta vaah kiske dum par ji bhi the praan bhaiyo ke praan shakti ke isko samajhna hai oxygen lage carbon dioxide swa swa swa swa lage plan bhai jo hamare jisse hamara pura sharir chalayman ho raha hai pranavayu usko chalana hi pranayaam hai vo chalegi dhyan ke madhyam se swasthya par saans ki gati ko ninuntam pranayaam ko char prakar se hi tod sakte hain shauchalay jana hai toh iske liye bahut din jana padega aapko accha samajhna padega itna hamein samajh nahi hai lekin itna kaam par focus karna hi pranayaam hai oxygen na lage carbon dioxide lage swasthya swasthya gaya aur baba ji vala game hamko chalana hai hamko chalaoge phir dhire dhire meditation mein jaoge phir aatma se paramatma ka sammaan ko samadhi ki aur zyada baat hai theek hai dhanyavad

प्राणायाम क्या है बहुत ही अच्छा सवाल है और बहुत ही आपको ग्यारस वाले प्राणायाम क्या है का स

Romanized Version
Likes  28  Dislikes    views  647
WhatsApp_icon
user

Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

2 शब्दों का योगदान और आयाम को रिप्लाई देना देना मैं साधन है हम अपने आप को एक पार्टी कूलर आयाम देते हैं कैसे करते हैं लेकिन हमारे शरीर में दाने हटाने हम से अच्छा कोई व्यायाम है नहीं और जो व्यक्ति प्रतिदिन प्राणायाम पड़ता है शारीरिक रूप से मानसिक रूप से और आत्मिक रूप से पूर्णता स्वस्थ रहता है तो प्राणायाम के बहुत सारे प्रयोग हैं और योग में प्राणायाम महत्वपूर्ण पाठ चैप्टर प्राणायाम के योगाभ्यास हो नहीं हो सकता

2 shabdon ka yogdan aur aayam ko reply dena dena main sadhan hai hum apne aap ko ek party cooler aayam dete hain kaise karte hain lekin hamare sharir mein daane hatane hum se accha koi vyayam hai nahi aur jo vyakti pratidin pranayaam padta hai sharirik roop se mansik roop se aur atmik roop se purnata swasth rehta hai toh pranayaam ke bahut saare prayog hain aur yog mein pranayaam mahatvapurna path chapter pranayaam ke yogabhayas ho nahi ho sakta

2 शब्दों का योगदान और आयाम को रिप्लाई देना देना मैं साधन है हम अपने आप को एक पार्टी कूलर आ

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  123
WhatsApp_icon
user

Rajneesh Bhatt

Yoga Acharya

0:35
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राण प्राण प्राण और आयाम तक प्राण तक अनुत्तरित कितने प्रांत है कि जो मरा अंतरात्मा है उसका होता ना करके अपने अंतरिक्ष

praan praan praan aur aayam tak praan tak anuttarit kitne prant hai ki jo mara antaraatma hai uska hota na karke apne antariksh

प्राण प्राण प्राण और आयाम तक प्राण तक अनुत्तरित कितने प्रांत है कि जो मरा अंतरात्मा है उसक

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  138
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
प्राणायाम क्या है ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!