"योग" शब्द का क्या अर्थ है?...


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Nagina Singh

Yoga Expert

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योग शब्द है जो वह संस्कृत के धातु से बना है किसी वस्तु से जोड़ना ठीक है लेकिन संयोग का श्रेय जो अर्थ है तो वह है परमात्मा से खुद को जोड़ना परमात्मा का आत्मा से मिलन जीवन जीने की कला का नाम योग है ठीक है कर्मों में कुशलता का नाम योग हैं ठीक है जैसे गीता में कहा गया है आपका सुख दुख और लाभ हानि में एक समान रहना उसका नाम योग है योग की तो बहुत सारे शाब्दिक अर्थ

yog shabd hai jo vaah sanskrit ke dhatu se bana hai kisi vastu se jodna theek hai lekin sanyog ka shrey jo arth hai toh vaah hai paramatma se khud ko jodna paramatma ka aatma se milan jeevan jeene ki kala ka naam yog hai theek hai karmon mein kushalata ka naam yog hain theek hai jaise geeta mein kaha gaya hai aapka sukh dukh aur labh hani mein ek saman rehna uska naam yog hai yog ki toh bahut saare shabdik arth

योग शब्द है जो वह संस्कृत के धातु से बना है किसी वस्तु से जोड़ना ठीक है लेकिन संयोग का श्र

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xyz

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योग शब्द का अर्थ यह है कि आयोग में हिंदी में प्लस होता है - खन्ना जोड़ना जोड़ना और हमारी योग्यता की आत्मा को परमात्मा से मजा ना जाए योग है तो अपने होते हैं बस स्टेशन पर देखा होगा कि एक-एक मैसूर जाती है बस को कहते हैं कि मैसूर मैसूर मैसूर इशारा करते हैं मैसूर बस नहीं है ओ मैं सूती तरफ जा रही है यह आसन प्राणायाम जितनी मुद्राएं हैं बंद है मेडिटेशन है बाद में बहुत सारी चीजें हैं जितने भी योग में वृषभ राशि से बनाई गई हैं राष्ट्रीय हैं वह दुखी महसूस करें योग तक पहुंचा दें बचाते आत्मा को परमात्मा से मिलाने लेकिन हम लोग उसी को योग समझने लगते हैं जो रास्ते हैं जो बस है उसको हम मैसूर समझ रहे हैं ना शुरू नहीं है योग्य नहीं है तो लोग वह नहीं है जो आसन है एक प्रसिद्ध है कि आज है शरीर को फिट करते हुए शरीर को शुद्ध करते हुए मन को हल्के हल्के डेवलप करना एकाग्र करना मतलब बैलेंस करते हुए 101 फोकस पॉइंट फेस महाजन से जो बाहर इधर भटका हुआ है 50 जगह पर को एक जगह पर शो करें कि मुझे कहां जाना है हम क्यों आए हैं धरती से मिलकर उसका यह है

yog shabd ka arth yah hai ki aayog mein hindi mein plus hota hai khanna jodna jodna aur hamari yogyata ki aatma ko paramatma se maza na jaaye yog hai toh apne hote hain bus station par dekha hoga ki ek ek mysore jaati hai bus ko kehte hain ki mysore mysore mysore ishara karte hain mysore bus nahi hai o main suti taraf ja rahi hai yah aasan pranayaam jitni mudraen hain band hai meditation hai baad mein bahut saree cheezen hain jitne bhi yog mein vrushabh rashi se banai gayi hain rashtriya hain vaah dukhi mehsus kare yog tak pohcha de bachate aatma ko paramatma se milaane lekin hum log usi ko yog samjhne lagte hain jo raste hain jo bus hai usko hum mysore samajh rahe hain na shuru nahi hai yogya nahi hai toh log vaah nahi hai jo aasan hai ek prasiddh hai ki aaj hai sharir ko fit karte hue sharir ko shudh karte hue man ko halke halke develop karna ekagra karna matlab balance karte hue 101 focus point face mahajan se jo bahar idhar bhataka hua hai 50 jagah par ko ek jagah par show kare ki mujhe kahaan jana hai hum kyon aaye hain dharti se milkar uska yah hai

योग शब्द का अर्थ यह है कि आयोग में हिंदी में प्लस होता है - खन्ना जोड़ना जोड़ना और हमारी य

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Puneet Kumar

Yoga Instructor

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योग का शब्द का अर्थ होता है कि योगाथों 7 मिनट में खुद को एक निश्चित दिन में मेंटेन रखना किसी भी कार्य को स्किलफुल गया कुशलता पूर्वक अपना योगदान आता है और जो अपने शरीर को बीमारी से दूर रखना ही सकलाकाला डिसीज रख सकते हो

yog ka shabd ka arth hota hai ki yogathon 7 minute mein khud ko ek nishchit din mein maintain rakhna kisi bhi karya ko skillful gaya kushalata purvak apna yogdan aata hai aur jo apne sharir ko bimari se dur rakhna hi sakalakala disease rakh sakte ho

योग का शब्द का अर्थ होता है कि योगाथों 7 मिनट में खुद को एक निश्चित दिन में मेंटेन रखना कि

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

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योग शब्द में मतलब न्यूज़ जोड़ना और साथियों के साथ अगर बात करें तो हम जीव आत्मा को परमात्मा से मिलन खिलाकर योग की परिभाषा के अनुसार बात करें आपके जो संकल्प विकल्प हैं उन पर कंट्रोल करके आपको उस स्थिति तक ले जाता है जिसको हम सामान्य भाषा में बात करें टू यू का मतलब जुड़ाव है जिसके साथ और हम लोग परमात्मा तक ले जाता है जिसको पतंजलि नियम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि किसने मना किया है

yog shabd mein matlab news jodna aur sathiyo ke saath agar baat kare toh hum jeev aatma ko paramatma se milan khilakar yog ki paribhasha ke anusaar baat kare aapke jo sankalp vikalp hain un par control karke aapko us sthiti tak le jata hai jisko hum samanya bhasha mein baat kare to you ka matlab judav hai jiske saath aur hum log paramatma tak le jata hai jisko patanjali niyam niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi kisne mana kiya hai

योग शब्द में मतलब न्यूज़ जोड़ना और साथियों के साथ अगर बात करें तो हम जीव आत्मा को परमात्मा

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Dr.Deepak Kaushik

Naturopathy Doctor

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योगासन आज की तारीख में योगा मतलब है योगासन को योगा मतलब अपने माइंड बॉडी एंड सौल माइंड बॉडी एंड एनर्जी लेवल पर लाकर तीनों को ऐड करते तो वही होगा

yogasan aaj ki tarikh mein yoga matlab hai yogasan ko yoga matlab apne mind body and saul mind body and energy level par lakar tatvo ko aid karte toh wahi hoga

योगासन आज की तारीख में योगा मतलब है योगासन को योगा मतलब अपने माइंड बॉडी एंड सौल माइंड बॉडी

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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आस्ट्रेलिया के सभी दोस्तों का स्वागत करना चाहूंगा हमारी फिट योग संस्थान में आज जो टीवी दो शक्तियों को जाते दो भुजाओं को मिलाकर जागरण करना है प्राचीन काल की ड्यूटी की रोमांटिक रुपए को सबसे कम करता है और काफी बिगड़ी हुई है उस को कंट्रोल करना हमारे खान-पान तुम कैसे कंट्रोल करें और अपने भोजन को लेकर अपने आध्यात्मिक नाम योग को अपनाएं कोई हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा रहेगा तो इसके लिए क्या करें हम किसी भी योग योग योग योग शिक्षक पता कर सकते हैं उनकी ढूंढना पड़ेगा कि यह जो योग है टाइम टेबल है या नहीं जो भी है क्या बीमारी है जो बुजुर्ग लोग हैं उन विशेष तौर पर उपयोग करने का सबसे उचित समय है तो सुबह का समय कहां पर कॉल इतना जल्दी हो सके इसका 5:00 से 6:00 के बीच जो भी आपको छोटे बोलो अगर वह समय अपना तो हमारे पास कसम कभी भी कर सकते हैं लेकिन सुबह का समय सबसे अच्छा होता है कि ताकि हमारा पेट खाली रहता है और अच्छे से समझ सकते हैं सभी युवा भाइयों और देशवासियों को संदेश देना चाहूंगा योग की प्रक्रिया बताइए रानी का बोला आप सभी का धन्यवाद करता हूं और आपका तहे दिल से स्वागत करता हूं

Australia ke sabhi doston ka swaagat karna chahunga hamari fit yog sansthan mein aaj jo TV do shaktiyon ko jaate do bhujaon ko milakar jagran karna hai prachin kaal ki duty ki romantic rupaye ko sabse kam karta hai aur kaafi bigadi hui hai us ko control karna hamare khan pan tum kaise control kare aur apne bhojan ko lekar apne aadhyatmik naam yog ko apanaen koi hamare swasthya ke liye bahut hi accha rahega toh iske liye kya kare hum kisi bhi yog yog yog yog shikshak pata kar sakte hain unki dhundhana padega ki yah jo yog hai time table hai ya nahi jo bhi hai kya bimari hai jo bujurg log hain un vishesh taur par upyog karne ka sabse uchit samay hai toh subah ka samay kahaan par call itna jaldi ho sake iska 5 00 se 6 00 ke beech jo bhi aapko chote bolo agar vaah samay apna toh hamare paas kasam kabhi bhi kar sakte hain lekin subah ka samay sabse accha hota hai ki taki hamara pet khaali rehta hai aur acche se samajh sakte hain sabhi yuva bhaiyo aur deshvasiyon ko sandesh dena chahunga yog ki prakriya bataye rani ka bola aap sabhi ka dhanyavad karta hoon aur aapka tahe dil se swaagat karta hoon

आस्ट्रेलिया के सभी दोस्तों का स्वागत करना चाहूंगा हमारी फिट योग संस्थान में आज जो टीवी दो

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Dr. Tanmay Gorajiya

Yoga Instructor & Naturopathy

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योग शब्द का जुड़ना है यानी हमारे शरीर का यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि सिद्ध करके उसके बाद जो आध्यात्मिक लेवल में हमारे जो भगवान है शिव भगवान उसके साथ जुड़ना है

yog shabd ka judna hai yani hamare sharir ka yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi siddh karke uske baad jo aadhyatmik level mein hamare jo bhagwan hai shiv bhagwan uske saath judna hai

योग शब्द का जुड़ना है यानी हमारे शरीर का यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाध

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Nabeela Sayed

Yoga Expert

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योग से मतलब होता है योग का सीधा मतलब नाम है वह यूज से आया हुआ है जो काम है वह आया है इस वजह से उसका नाम है यूज़ यूज़ का मतलब होता है यूनियन यूनियन ऑफिस का जन्म होता है उसको यूज किया जाता जाता है और अगर इन तीनों में से मिलन हो और आपसी तालमेल हो तो ही हर चीज में माइंड में बॉडी में जिंदगी में उसके हिसाब से बैलेंस आता है अगर उनका यूनियन हो इनका मिला इसका मतलब आयोग का मतलब होता है और हिंदुस्तान से कहां आया है हमें हमारे हमारे किताबों में हमारी किताब है शिव जी भगवान थे उनको बहुत लोग पसंद था और वह चाहते थे कि जो यह जो यह हमारे हिंदुस्तान में हमारे हमारे लोगों में बहुत ठंड है तो जब जस्टिस भगवान और काल के ऊपर हमेशा बैठे काल जो है विशेषज्ञों थे उनके ऊपर बैठकर उनको किसी खर्च के लिए हिंदुस्तानी और उज्जैन के पास हो तो उनको उनके हाथ में पतंजलि फिल्म पूरी दिखाई जाए तो योग और योग का जो आरंभ है वह हिंदुस्तान से उज्जैन शहर से शुरू करें

yog se matlab hota hai yog ka seedha matlab naam hai vaah use se aaya hua hai jo kaam hai vaah aaya hai is wajah se uska naam hai use use ka matlab hota hai union union office ka janam hota hai usko use kiya jata jata hai aur agar in tatvo mein se milan ho aur aapasi talmel ho toh hi har cheez mein mind mein body mein zindagi mein uske hisab se balance aata hai agar unka union ho inka mila iska matlab aayog ka matlab hota hai aur Hindustan se kahaan aaya hai hamein hamare hamare kitabon mein hamari kitab hai shiv ji bhagwan the unko bahut log pasand tha aur vaah chahte the ki jo yah jo yah hamare Hindustan mein hamare hamare logo mein bahut thand hai toh jab justice bhagwan aur kaal ke upar hamesha baithe kaal jo hai vishesagyon the unke upar baithkar unko kisi kharch ke liye hindustani aur ujjain ke paas ho toh unko unke hath mein patanjali film puri dikhai jaaye toh yog aur yog ka jo aarambh hai vaah Hindustan se ujjain shehar se shuru karen

योग से मतलब होता है योग का सीधा मतलब नाम है वह यूज से आया हुआ है जो काम है वह आया है इस वज

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योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना जोड़ना योगश्चित्त वृत्ति निरोध आयोग कायम हो सकता है जो चित्र योग का मुख्य कार्य योग का मुख्य अर्थ होता है जोड़ना

yog shabd ka arth hota hai jodna jodna yogashchitt vriti nirodh aayog kayam ho sakta hai jo chitra yog ka mukhya karya yog ka mukhya arth hota hai jodna

योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना जोड़ना योगश्चित्त वृत्ति निरोध आयोग कायम हो सकता है जो चित

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Rajneesh Bhatt

Yoga Acharya

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रोहतास गढ़ किला आचार्य ज्ञान क्या किसी को ज्ञान अर्जित कर रहे हो या ज्ञान दे रहे हो आप काम कर रहे हो एक कपिल के द्वारा एक भैया मैं करके पतंजलि

rohtas garh kila aacharya gyaan kya kisi ko gyaan arjit kar rahe ho ya gyaan de rahe ho aap kaam kar rahe ho ek kapil ke dwara ek bhaiya main karke patanjali

रोहतास गढ़ किला आचार्य ज्ञान क्या किसी को ज्ञान अर्जित कर रहे हो या ज्ञान दे रहे हो आप काम

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Yogi Vinit

Yogi , Astrologer , Vastushastra Expert, Reiki Healing , Crystal Healing , Meditation Expert , Bach Flower Therapy Specialist

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योग्य शब्द का अर्थ देखना चाहे तो इसका मतलब झूठ ना हम किसी आयरन से अगर जुड़ पाते हैं तो उसे हम लोग कहते हैं कि भारत में 1% नारायण के साथ हमेशा नारायण होता है आपके साथ हमेशा हनुमान जी होते हैं इसमें के साथ हमेशा आरजू है तो उस हिसाब से योग हैं हम जोड़ते हैं किसी हरियाणा के नशे से हायर कॉन्शसनेस थे और दूसरे प्रश्न का जवाब योग पूरी दुनिया में कैसे प्रसिद्ध हुआ है तो यह बताना बहुत मुश्किल है क्योंकि काफी सालों से योग योग का प्रचार चल रहा है शायद इस प्रकार 2568 कैसे प्रसिद्ध हुआ है पूरी दुनिया में यह बताना बहुत मुश्किल है थैंक यू

yogya shabd ka arth dekhna chahen toh iska matlab jhuth na hum kisi iron se agar jud paate hain toh use hum log kehte hain ki bharat mein 1 narayan ke saath hamesha narayan hota hai aapke saath hamesha hanuman ji hote hain isme ke saath hamesha aaraju hai toh us hisab se yog hain hum jodte hain kisi haryana ke nashe se hire consciousness the aur dusre prashna ka jawab yog puri duniya mein kaise prasiddh hua hai toh yah bataana bahut mushkil hai kyonki kaafi salon se yog yog ka prachar chal raha hai shayad is prakar 2568 kaise prasiddh hua hai puri duniya mein yah bataana bahut mushkil hai thank you

योग्य शब्द का अर्थ देखना चाहे तो इसका मतलब झूठ ना हम किसी आयरन से अगर जुड़ पाते हैं तो उसे

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्त गुड मॉर्निंग आप का सवाल है कि योग शब्द का क्या अर्थ है तो देखिए योग शब्द का अर्थ है सीधा साधा आप सबको पता है कि योग का मतलब होता है जोड़ना sa2 में दो को आप ने जोड़ा तो कुल योग हुआ 47 पहले जो संख्या थी आपके पास दो बाद वाली संख्या दो जो पहले से हमारे पास शक्ति है जो शक्ति बाद में आई उस शक्ति से अपने सब्जी को जोड़ना ही होगी अर्थात दो शक्तियों का मेल ही जोड़ है अबे झूठ किसके साथ जोड़ है वह जो अपनी आत्मा के साथ है और किसके साथ है ईश्वर की शक्तियों के साथ है अपने कर्तव्यों के साथ है जो शक्ति इस दुनिया को चला रही उस शक्ति से अपने आप को जोड़ना यहां तक कि हम अपने आप को कभी बैठ कर के चिंता नहीं नहीं करते कि हम कौन हैं दरअसल हम शरीर को ही मान बैठते हैं कि हम यही हैं लेकिन अब जरा विचार करिए कि 10 मिनट बाद किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है किसी कारण बस और फिर आप उसको उससे बात करते हैं कि उन कौन हो तुम कहां हो तुम क्या कर रहे हो तुम क्यों लेटे हो चलो वह जवाब नहीं देता है दोस्त दरअसल जो जवाब नहीं दे रहा है अर्थात उसके अंदर जा सकती थी उस शक्ति की तो मैं थी वही तो बोल और वही शक्ति ही में है जो बोलती थी कि मैं दर्शन इस शरीर को मैं नहीं बोला जा सकता बल्कि मैं कि शरीर यह है अर्थात मेरी शरीर यह जो शब्द आता है मेरी वह बोलने वाला कौन है वह शक्ति क्या है अगर यह शरीर ही में है तो शरीर फिर देहांत होने के बाद क्रियाशील क्यों नहीं है क्यों नहीं बोल रही है आवाज क्यों नहीं कर रही है प्रक्रिया क्यों नहीं कर रही है इसको काटा जाए इसको जलाया जाए यह आवाज नहीं करती है क्यों अर्थात उसके अंदर ही मैं यानी अपनी आत्मा के साथ जोड़ना अपने आप का अनुभव करना ईश्वर की शक्तियों के साथ अपने आप को जोड़ना ही योग है कई बार हम मान बैठते हैं आप सब मानते हैं कि जो बाबा रामदेव योग कराते हैं जो फिजिकल एक्टिविटी बस वही योग है योग का मतलब यह है कि हमारे हाथ पांव चलने चाहिए आसन प्राणायाम होना चाहिए बस और एक आप कर सकते हैं कसरत या व्यायाम व्यायाम योग है दरअसल योग का तात्पर्य बहुत सुख था और बहुत ही बड़ा अर्थ वाला है जब मानव इस दुनिया में अपनी संलिप्तता दुनिया की मोह माया में ज्यादा लगाने लगा ईश्वर से लगाओ उसका हट गया उन शक्तियों के बारे में चिंतन करना बंद कर दिया अपने आप के बारे में स्वयं के बारे में आत्मचिंतन करना बंद कर दिया अपने आप को पहचानना बंद कर दिया तभी होगा या अर्थात जिन चीजों से तुम छूटते जा रहे हो जो प्रकृति का रहस्य है गूढ़ रहस्य को जानने का जो तरीका है तो किस तरीके से उसे जान सकते हैं उसे पकड़ सकते हैं उस का अनुभव हम कर सकते हैं तो एक आसन के माध्यम से एक तौर तरीका बनाया गया ऋषि मनीषियों के द्वारा एक तरीका बनाया गया कि हम एक शांत जगह पर शांत चित्त होकर के किस अवस्था में बैठे और हम उसका चिंतन करें अपने आप को उस शक्ति से जोड़ें इसलिए यह लोग हमारे पास आज है तो युग का सीधा तात्पर्य है मिलना जुड़ना जुड़ना धन्यवाद

hello dost good morning aap ka sawaal hai ki yog shabd ka kya arth hai toh dekhiye yog shabd ka arth hai seedha saadha aap sabko pata hai ki yog ka matlab hota hai jodna sa2 mein do ko aap ne joda toh kul yog hua 47 pehle jo sankhya thi aapke paas do baad wali sankhya do jo pehle se hamare paas shakti hai jo shakti baad mein I us shakti se apne sabzi ko jodna hi hogi arthat do shaktiyon ka male hi jod hai abe jhuth kiske saath jod hai vaah jo apni aatma ke saath hai aur kiske saath hai ishwar ki shaktiyon ke saath hai apne kartavyon ke saath hai jo shakti is duniya ko chala rahi us shakti se apne aap ko jodna yahan tak ki hum apne aap ko kabhi baith kar ke chinta nahi nahi karte ki hum kaun hain darasal hum sharir ko hi maan baithate hain ki hum yahi hain lekin ab zara vichar kariye ki 10 minute baad kisi vyakti ki mrityu hoti hai kisi karan bus aur phir aap usko usse baat karte hain ki un kaun ho tum kahaan ho tum kya kar rahe ho tum kyon lete ho chalo vaah jawab nahi deta hai dost darasal jo jawab nahi de raha hai arthat uske andar ja sakti thi us shakti ki toh main thi wahi toh bol aur wahi shakti hi mein hai jo bolti thi ki main darshan is sharir ko main nahi bola ja sakta balki main ki sharir yah hai arthat meri sharir yah jo shabd aata hai meri vaah bolne vala kaun hai vaah shakti kya hai agar yah sharir hi mein hai toh sharir phir dehant hone ke baad kriyasheel kyon nahi hai kyon nahi bol rahi hai awaaz kyon nahi kar rahi hai prakriya kyon nahi kar rahi hai isko kaata jaaye isko jalaya jaaye yah awaaz nahi karti hai kyon arthat uske andar hi main yani apni aatma ke saath jodna apne aap ka anubhav karna ishwar ki shaktiyon ke saath apne aap ko jodna hi yog hai kai baar hum maan baithate hain aap sab maante hain ki jo baba ramdev yog karate hain jo physical activity bus wahi yog hai yog ka matlab yah hai ki hamare hath paav chalne chahiye aasan pranayaam hona chahiye bus aur ek aap kar sakte hain kasrat ya vyayam vyayam yog hai darasal yog ka tatparya bahut sukh tha aur bahut hi bada arth vala hai jab manav is duniya mein apni samliptata duniya ki moh maya mein zyada lagane laga ishwar se lagao uska hut gaya un shaktiyon ke bare mein chintan karna band kar diya apne aap ke bare mein swayam ke bare mein atmachintan karna band kar diya apne aap ko pahachanana band kar diya tabhi hoga ya arthat jin chijon se tum chutte ja rahe ho jo prakriti ka rahasya hai gurh rahasya ko jaanne ka jo tarika hai toh kis tarike se use jaan sakte hain use pakad sakte hain us ka anubhav hum kar sakte hain toh ek aasan ke madhyam se ek taur tarika banaya gaya rishi manishiyon ke dwara ek tarika banaya gaya ki hum ek shaant jagah par shaant chitt hokar ke kis avastha mein baithe aur hum uska chintan kare apne aap ko us shakti se joden isliye yah log hamare paas aaj hai toh yug ka seedha tatparya hai milna judna judna dhanyavad

हेलो दोस्त गुड मॉर्निंग आप का सवाल है कि योग शब्द का क्या अर्थ है तो देखिए योग शब्द का अर्

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Foram M Sheth

Yoga Instructor

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झूठ लगता है उसका मतलब होता है और पाटन का शरीर का और मन का जुड़ा होता है योगा से शरीर और मन दोनों का जुड़ा होता है और दोनों हेल्दी रहता है

jhuth lagta hai uska matlab hota hai aur patan ka sharir ka aur man ka juda hota hai yoga se sharir aur man dono ka juda hota hai aur dono healthy rehta hai

झूठ लगता है उसका मतलब होता है और पाटन का शरीर का और मन का जुड़ा होता है योगा से शरीर और मन

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Dr Abhinav Chaturvedi

yoga Instructor, Physiotherapist, Naturopath

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योग संस्कृत योग शब्द का अर्थ होता है अपने आप को कंट्रोल करना अपने आप को जोड़ना अपनी आत्मा को अपने शरीर से जोड़ना योगा और योग में व्यक्ति के लिए सिर्फ कहने का अंतर है लोग आजकल लोग योग को योगा कह देते हैं और कोई अंतर नहीं है योग वही है जो हमेशा से था जो होता है वही है सिर्फ बोलने का अंतर है हां यह आवश्यक है कि हम समझे कि हम क्या कर रहे हैं हम योगाभ्यास कर रहे हैं यहां लोग कर रहे हैं योग में जैसे अहम है नियम है ध्यान है समाधि है गाना भी सब चीजें हैं इन सबको मिलाकर बनता है

yog sanskrit yog shabd ka arth hota hai apne aap ko control karna apne aap ko jodna apni aatma ko apne sharir se jodna yoga aur yog mein vyakti ke liye sirf kehne ka antar hai log aajkal log yog ko yoga keh dete hain aur koi antar nahi hai yog wahi hai jo hamesha se tha jo hota hai wahi hai sirf bolne ka antar hai haan yah aavashyak hai ki hum samjhe ki hum kya kar rahe hain hum yogabhayas kar rahe hain yahan log kar rahe hain yog mein jaise aham hai niyam hai dhyan hai samadhi hai gaana bhi sab cheezen hain in sabko milakar banta hai

योग संस्कृत योग शब्द का अर्थ होता है अपने आप को कंट्रोल करना अपने आप को जोड़ना अपनी आत्मा

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Acharya Yogesh Mishra

Astrologer,Yoga Instructor & Motivational Speaker

1:36
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योग का अर्थ व्यवस्था में पड़ी पड़ी चीजों में देखा जाता है लेकिन सामान्य तो युग का मतलब है जो बिना यूज़ धातु से बना हुआ है योग शब्द जिसका अर्थ होता है जुड़ना पतंजलि योग सूत्र में जो पतंजलि ने योग की परिभाषा गढ़ी की चित्तवृत्ति निरोध आयोग की जुम्मन का व्यापार है चित्र का व्यापार है उसको समाप्त करना उस को बाधित करना रोकना ही योग लेकिन वहीं अगर विश्वकोश श्रीमद भगवत गीता की हम बात करें तो है योग की परिभाषा दूसरी घड़ी गई है इतना मत तुम योग उच्यते क्षमता के भाव को पैदा कर लेना ही योग है अब क्षमता का भाव का मतलब हो जाएगा की अनुकूलता और प्रतिकूलता लाइव कि तू ऐसे शब्द हैं जो पूरी लाइफ प्रोग्रोथ करते हैं या तो आप अनुकूल होते हैं किसी समय परिस्थिति देश काल में या तो प्रतिकूलता का मौसम करते अनुकूलता और प्रतिकूलता से ऊपर उठकर जब क्षमता का भाव आए तब समझ लीजिएगा कि योग की परंपरा वहां से शुरू होती है समग्रता के साथ अनुकूलता और प्रतिकूलता से ऊपर उठना ही हो और दूसरा यू की परिभाषा जो कि गीता में ही दोस्त किया गया है कि योग कर्मसु कौशलम् इसी क्रम को सुचारू रूप से करना किस करने की क्षमता का भाव आ जाए इसके लिए निरंतर अभ्यास करना कर्म करना ही योग ताकि हम उस एक सुप्रीम पावर से स्वयं को जोड़ सकें कनेक्ट करें

yog ka arth vyavastha mein padi padi chijon mein dekha jata hai lekin samanya toh yug ka matlab hai jo bina use dhatu se bana hua hai yog shabd jiska arth hota hai judna patanjali yog sutra mein jo patanjali ne yog ki paribhasha gadhee ki chittavritti nirodh aayog ki jumman ka vyapar hai chitra ka vyapar hai usko samapt karna us ko badhit karna rokna hi yog lekin wahi agar vishvakosh srimad bhagwat geeta ki hum baat kare toh hai yog ki paribhasha dusri ghadi gayi hai itna mat tum yog uchyate kshamta ke bhav ko paida kar lena hi yog hai ab kshamta ka bhav ka matlab ho jaega ki anukulta aur pratikulta live ki tu aise shabd hai jo puri life progroth karte hai ya toh aap anukul hote hai kisi samay paristithi desh kaal mein ya toh pratikulta ka mausam karte anukulta aur pratikulta se upar uthakar jab kshamta ka bhav aaye tab samajh lijiega ki yog ki parampara wahan se shuru hoti hai samagrata ke saath anukulta aur pratikulta se upar uthna hi ho aur doosra you ki paribhasha jo ki geeta mein hi dost kiya gaya hai ki yog karmasu kaushalam isi kram ko sucharu roop se karna kis karne ki kshamta ka bhav aa jaaye iske liye nirantar abhyas karna karm karna hi yog taki hum us ek supreme power se swayam ko jod sake connect karen

योग का अर्थ व्यवस्था में पड़ी पड़ी चीजों में देखा जाता है लेकिन सामान्य तो युग का मतलब है

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Devendra Kori

Yoga Instructor

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योग का मतलब होता है जोड़ना योग्यता जोड़ने बोलते बोलते योग मॉडर्न लैंग्वेज में बोल देते हैं

yog ka matlab hota hai jodna yogyata jodne bolte bolte yog modern language mein bol dete hain

योग का मतलब होता है जोड़ना योग्यता जोड़ने बोलते बोलते योग मॉडर्न लैंग्वेज में बोल देते हैं

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Janardhan kumar Sharma

Yoga Instructor

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योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना एक यह योग ऐसी विधि है जिसके द्वारा हम अपने आत्मा को परमात्मा से जोड़ते हैं यह आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह परिभाषित करता है और व्यवहारिक दृष्टिकोण से हम अपने आप में जोड़ते हैं अपने शरीर के अंगों से जोड़ते हैं इसी जो विधि से यह किया जाता है उसको योग कहा जाता है

yog shabd ka arth hota hai jodna ek yah yog aisi vidhi hai jiske dwara hum apne aatma ko paramatma se jodte hain yah aadhyatmik drishtikon se yah paribhashit karta hai aur vyavaharik drishtikon se hum apne aap mein jodte hain apne sharir ke angon se jodte hain isi jo vidhi se yah kiya jata hai usko yog kaha jata hai

योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना एक यह योग ऐसी विधि है जिसके द्वारा हम अपने आत्मा को परमात्

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Ratnesh Choubey

Yoga Trainer

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महर्षि पतंजलि ने योग को परिभाषित किया था योगश्चित्त वृत्ति निरोध निरोध करते हैं जैसे कि अंकित के बारे में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार है तो मन के जो विचार हैं उनकी स्मृतियां हैं उनके जो लोग हैं उनको दूर करके हम अपने शरीर को अपने मन से और मन को आत्मा से जोड़कर परमात्मा में से जोड़ने का जो पूरी प्रक्रिया है इसको हम लोग मानते सामान्य हैं योग के बारे में यह भी कहा जाता है कि योग में हम अपनी जो शक्तियां हैं उनको हम एकत्रित करते हैं जो हमारी शक्ति एकत्रित करते हैं और उससे करने करने की प्रक्रिया है वह योग के माध्यम से आज के भौतिक के जीवन में योग से अनेकों प्रकार के उनको हम दूर करते हैं क्योंकि योग के अंदर जो महर्षि पतंजलि में दिया था उसको हम लोग कहते हैं अष्टांग योग के अलग-अलग जो मार्ग हैं उनको हम अपना कर अपने जीवन को सरल और सुखद बना सकते हैं

maharshi patanjali ne yog ko paribhashit kiya tha yogashchitt vriti nirodh nirodh karte hain jaise ki ankit ke bare mein alag alag logo ke alag alag vichar hai toh man ke jo vichar hain unki smritiyan hain unke jo log hain unko dur karke hum apne sharir ko apne man se aur man ko aatma se jodkar paramatma mein se jodne ka jo puri prakriya hai isko hum log maante samanya hain yog ke bare mein yah bhi kaha jata hai ki yog mein hum apni jo shaktiyan hain unko hum ekatrit karte hain jo hamari shakti ekatrit karte hain aur usse karne karne ki prakriya hai vaah yog ke madhyam se aaj ke bhautik ke jeevan mein yog se anekon prakar ke unko hum dur karte hain kyonki yog ke andar jo maharshi patanjali mein diya tha usko hum log kehte hain ashtanga yog ke alag alag jo marg hain unko hum apna kar apne jeevan ko saral aur sukhad bana sakte hain

महर्षि पतंजलि ने योग को परिभाषित किया था योगश्चित्त वृत्ति निरोध निरोध करते हैं जैसे कि अं

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Akhil

Yoga Expert

2:35
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हमारे जो पुराने हैं उसके चीज है जिसे देश हैं और गीता है तो उन्हें योग से रिलेटेड कहीं कांटेक्ट है इस तरह की सबसे पहले जो योग शब्द का प्रयोग हुआ है वह भगवत गीता में हुआ है उससे पहले कुछ मीठा थी जिसमें योगासन के पोस्टर्स दिखाएं तेजा ने पत्थरों पर खुद गाए हुए से पूछ लिया लेकिन योग का शब्द जो है उसको सबसे पहले भगवत गीता में यूज किया गया है जिसमें 18 अध्याय हैं और हर अध्याय को एक योग नाम से उसको बताया गया है जिसे पहला अध्याय हैं अर्जुन विषाद योग उसके बाद है कर्मयोग कर्म सन्यास योग ज्ञान योग योग इस तरीके से हर अध्याय को योग अध्याय बताया गया है उसके बाद करीब 2000 साल पहले सेट पतंजलि हुए हैं पतंजलि मर्सी जिन्होंने यूका शास्त्र लिखा था इसको सबसे पहले योग कल शास्त्र सबसे पहला युग का सेंटर कहां गया है जिसमें 195 195 सूत्र है योग के पुलिस को सबसे ज्यादा यूज किया जाता है जो भी एब्सेंट योग से ज्योति स्कूल सिखाए जाते हैं वह पतंजलि को मेल अपना टीचर मानते हैं उसके बाद काफी पुष्कर आयोग का डायवर्सन हुआ है जैसी कई सेंड तू है रीसेंट टाइम्स पर जैसे कि स्वामी विवेकानंद स्वामी परमहंस योगानंद स्वामी शिवानंद इन्होंने इन्होंने भी अब से दूर 200 साल 10 साल पहले से योग का पुनरुद्धार किया है और जिसे कि पहले बीच में कुछ टाइम था जिसमें ज्यादा प्रचलित नहीं था तो उन्होंने द्वारा सहयोग को लेकर आए दुनिया में जिनके कारण काफी बड़े-बड़े ऑर्गनाइजेशन दुनिया में खुले हैं और डोलोकॉल्ड में वेदांता समिति और शिवानंद योग आश्रम और परमहंस योगानंद के काफी बड़े-बड़े आश्रम वर्ल्ड फेमस हो चुका है उसकी कंस्ट्रेंट्स आ चुकी है इसलिए अष्टांग योग अष्टांग विनाश और योग और विनियोग और यूनियन जो किस तरीके से कई प्रकार के योग चुके हैं इस समय विचार दें

hamare jo purane hain uske cheez hai jise desh hain aur geeta hai toh unhe yog se related kahin Contact hai is tarah ki sabse pehle jo yog shabd ka prayog hua hai vaah bhagwat geeta mein hua hai usse pehle kuch meetha thi jisme yogasan ke posters dikhaen teja ne pattharon par khud gaayen hue se puch liya lekin yog ka shabd jo hai usko sabse pehle bhagwat geeta mein use kiya gaya hai jisme 18 adhyay hain aur har adhyay ko ek yog naam se usko bataya gaya hai jise pehla adhyay hain arjun vishad yog uske baad hai karmayog karm sanyas yog gyaan yog yog is tarike se har adhyay ko yog adhyay bataya gaya hai uske baad kareeb 2000 saal pehle set patanjali hue hain patanjali mercy jinhone yuka shastra likha tha isko sabse pehle yog kal shastra sabse pehla yug ka center kahaan gaya hai jisme 195 195 sutra hai yog ke police ko sabse zyada use kiya jata hai jo bhi absent yog se jyoti school sikhaye jaate hain vaah patanjali ko male apna teacher maante hain uske baad kaafi pushkar aayog ka diversion hua hai jaisi kai send tu hai recent times par jaise ki swami vivekananda swami paramhans yoganand swami shivanand inhone inhone bhi ab se dur 200 saal 10 saal pehle se yog ka punruddhar kiya hai aur jise ki pehle beech mein kuch time tha jisme zyada prachalit nahi tha toh unhone dwara sahyog ko lekar aaye duniya mein jinke karan kaafi bade bade organisation duniya mein khule hain aur dolokald mein vedanta samiti aur shivanand yog ashram aur paramhans yoganand ke kaafi bade bade ashram world famous ho chuka hai uski kanstrents aa chuki hai isliye ashtanga yog ashtanga vinash aur yog aur viniyog aur union jo kis tarike se kai prakar ke yog chuke hain is samay vichar dein

हमारे जो पुराने हैं उसके चीज है जिसे देश हैं और गीता है तो उन्हें योग से रिलेटेड कहीं कांट

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Sachin Sahu

Yoga Instructor

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एक युद्ध धातु से बनाया जा सकता है जोड़ना जोड़ना ही आपको परमात्मा से मिलन के लिए एक जो मार्ग बताया गया ऐसे तो बहुत सी चीजें हैं लेकिन लिए रहता है जोड़ना कि आपको प्रभु मिलन से मतलब कि ईश्वर से मिलना अब हमसे हमसे तो इसलिए उसको दिया गया और भी ऐसे का भी बहुत है लेकिन जिसको मेल ही रहता है कि आपको शारीरिक मानसिक फिट करता है ताकि प्रभु से मिल सके

ek yudh dhatu se banaya ja sakta hai jodna jodna hi aapko paramatma se milan ke liye ek jo marg bataya gaya aise toh bahut si cheezen hain lekin liye rehta hai jodna ki aapko prabhu milan se matlab ki ishwar se milna ab humse humse toh isliye usko diya gaya aur bhi aise ka bhi bahut hai lekin jisko male hi rehta hai ki aapko sharirik mansik fit karta hai taki prabhu se mil sake

एक युद्ध धातु से बनाया जा सकता है जोड़ना जोड़ना ही आपको परमात्मा से मिलन के लिए एक जो मार्

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Shailja Dubey

Yoga Instructor/Teacher

1:54
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योग जो है अगर हम लोग को गर्म समझे तो सा रूप में गर्म समझे तो योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं सूक्ष्म या विज्ञान पर आधारित ज्ञान होता है योग सिर्फ कोई दर्शन या फिर सिर्फ आसन कर लेना कर लेना मात्र नहीं है योग शब्द छोटा है लेकिन इसके अंदर बहुत ही बहुत ही ज्यादा गहराई है यह आध्यात्मिक भी है यह एक विज्ञान पर आधारित ज्ञान भी है तो योग के अर्थ को समझने के लिए हमें 3 शब्दों को समझना बहुत जरूरी है एक तो योग समाधि की जल समाधि की जो हम बात करते हैं यानी की समाधि जोगी योग का अंतिम लक्ष्य मुक्ति प्राप्त करना समाधि प्राप्त करना और जोड़ना उधर योगे यानी कि जोड़ना आत्मा का परमात्मा से मिलन और शरीर के बीच में जो सामान जैसे होता है जहां नियंत्रित की बात करते हैं वह हमारा ही हो जो सही है मैं में आता है तो यह तीनों तीनों जो शब्द दिए गए जो समाजोपयोगी योजना में हमारी योग के अर्थ को डिफाइन करते हैं और यौगिक में जो ग्रंथ है उनके अनुसार भी योगाभ्यास होता है वह व्यक्ति की व्यक्तिगत चेतना चेतना के साथ में जो हमारी खुद की चेतना है और जो यूनिवर्सल चेतना है एनर्जी जो हमारी एनर्जी और जो यूनिवर्स है उसको एक कर देना ही योग है योग मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है जो हम सामंजस्य की बात कर रहे थे यह स्वस्थ जीवन की कला एवं विज्ञान है अगर हम देखे तो अगर हम जीवन जीने की कला के स्वस्थ जीवन की कला एवं विज्ञान प्रयोग

yog jo hai agar hum log ko garam samjhe toh sa roop mein garam samjhe toh yog aadhyatmik anushasan evam sukshm ya vigyan par aadharit gyaan hota hai yog sirf koi darshan ya phir sirf aasan kar lena kar lena matra nahi hai yog shabd chota hai lekin iske andar bahut hi bahut hi zyada gehrai hai yah aadhyatmik bhi hai yah ek vigyan par aadharit gyaan bhi hai toh yog ke arth ko samjhne ke liye hamein 3 shabdon ko samajhna bahut zaroori hai ek toh yog samadhi ki jal samadhi ki jo hum baat karte hain yani ki samadhi jogi yog ka antim lakshya mukti prapt karna samadhi prapt karna aur jodna udhar yoge yani ki jodna aatma ka paramatma se milan aur sharir ke beech mein jo saamaan jaise hota hai jaha niyantrit ki baat karte hain vaah hamara hi ho jo sahi hai mein aata hai toh yah tatvo teenon jo shabd diye gaye jo samajopayogi yojana mein hamari yog ke arth ko define karte hain aur yaugik mein jo granth hai unke anusaar bhi yogabhayas hota hai vaah vyakti ki vyaktigat chetna chetna ke saath mein jo hamari khud ki chetna hai aur jo universal chetna hai energy jo hamari energy aur jo Universe hai usko ek kar dena hi yog hai yog man aur sharir ke beech samanjasya sthapit karta hai jo hum samanjasya ki baat kar rahe the yah swasthya jeevan ki kala evam vigyan hai agar hum dekhe toh agar hum jeevan jeene ki kala ke swasthya jeevan ki kala evam vigyan prayog

योग जो है अगर हम लोग को गर्म समझे तो सा रूप में गर्म समझे तो योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं सू

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Parul Garkhel

Yoga Instructor

0:44
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योग शब्द का मेनारचे जोड़ना जो पुराने ग्रंथों में बोला है यो यो धातु से बना है द रूट वर्ड ऑफ योगा अकैडमी ज्वाइन जोना हमारे अमन का हमारे शरीर से जैसे कि कभी-कभी हमारा शरीर तो अपनी जगह पर होता है हम जैसे कि क्लासरूम की बात करने स्टूडेंट्स वहां पर फिजिकल रूप में वह कैसे होते हैं लेकिन उनका मेंटल स्टेट पता नहीं कहां होता है तो जब हमारी एक क्वालिटी आ जाती है जब हमारा दिमाग हमारी बॉडी से जुड़ जाता है वही असली अवयव का है उसका मतलब है

yog shabd ka menarache jodna jo purane granthon mein bola hai yo yo dhatu se bana hai the root word of yoga academy join joanna hamare aman ka hamare sharir se jaise ki kabhi kabhi hamara sharir toh apni jagah par hota hai hum jaise ki classroom ki baat karne students wahan par physical roop mein vaah kaise hote hain lekin unka mental state pata nahi kahaan hota hai toh jab hamari ek quality aa jaati hai jab hamara dimag hamari body se jud jata hai wahi asli avyav ka hai uska matlab hai

योग शब्द का मेनारचे जोड़ना जो पुराने ग्रंथों में बोला है यो यो धातु से बना है द रूट वर्ड ऑ

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Yogendra Kumar Sharma

Yoga Instructor

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योग शब्द योग संस्कृत के यूजर्स धातु से बना है जो योग शब्द है वह संस्कृत की योजना थी जिस कारण मीन एडिशन नाउ व्हाट शुड बी एड एडमिशन होगा माइंड बॉडी एंड सौल यानी हम अपने तन और मन को एक विशेष स्थिति से जुड़े शुभ अशुभ योग कैसे

yog shabd yog sanskrit ke users dhatu se bana hai jo yog shabd hai vaah sanskrit ki yojana thi jis karan meen edition now what should be aid admission hoga mind body and saul yani hum apne tan aur man ko ek vishesh sthiti se jude shubha ashubh yog kaise

योग शब्द योग संस्कृत के यूजर्स धातु से बना है जो योग शब्द है वह संस्कृत की योजना थी जिस का

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अगर हम यह कहें कि योग कहां से शुरू हुआ था तो बहुत से जो उत्तर हैं फिर मिलते हैं कि योग पतंजलि जी का ही योगदान नहीं है योग की शुरुआत जो है युद्ध की जंग है भगवान शिव की सबसे पहले जो योग का दूर बिंदु प्रारंभ हुआ है वह शिव भगवान से ही शुरू हुआ है दूसरी बात पतंजलि जो लोग बताते हैं उनमें सिर्फ 2 आसनों को बताया गया है एक सिद्धासन है और एक पद्मासन है बाकी जितने भी आसन हैं वह सारे मॉडिफाइड और बाद में पैदा हुए हैं आवश्यकता अनुसार जैसे आजकल एक एडवांस होगा तभी चल रहा है ठीक है उसमें कई तरह के लोग आ गए हैं आसन है वह केवल पतंजलि जी ने जो बताए हैं आसनों आसनों के ऊपर वह केवल 2 आसन है एक सिद्धासन है और दूसरा पद्मासन और पतंजलि पतंजलि जी का यह कहना है कि आप इन्हीं दोनों आसनों को अगर ठीक से अभ्यास करते रहे तो भी आप उस परम सत्ता को प्राप्त कर लेंगे ठीक है दूसरी बात आपने पूछा कि यह कैसे फैला है देखिए आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है दूसरी बात यदि आप किसी चीज को से परेशान हैं और आपको मालूम चल रहा है कि मुझे यह दिक्कत है तो आप आज नहीं कल उसका उपाय हो जाएंगे फिर जिस चीज की आपको जरूरत ना हो उस चीज के बारे में आप सोचेंगे बिकनी तो फैलने की बात ऐसी होती है कि आपको यह पता होगा कि भारत भूमि ऐसी रही है कि विदेशों से भी यहां पर लोग सदा आते रहे ज्ञान के उसमें योग के लिए या आप जैसे आयुर्वेद के लिए उसके लिए जो यहां पर आते रहे जो चाहे वह पाइयन हो चाहे 99 लोग जाते हैं और यहां से भी लोग बाहर गए तो जो बाहर गए उनके द्वारा भी फैला और जो यहां पर आए वह भी तो वापस अपने देश में गए तो वहां भी पहला आज अमेरिका में अगर योग है तो ऐसा थोड़ी है कि योग जो पहले पहुंच गया बस उधर ही पहुंचा आज भी लोग आते हैं वहां से हमारे यहां भी आते हैं वह भी सीख कर जाते हैं अशोक ने अपने लोगों को बाहर भेजा भगवान बुद्ध ने अपने लोगों को बाहर भेजा अपने जो आज चाइना है बहुत बड़े पैमाने पर है कोरिया में है तू ही बातें कीजिए आज की परंपरा नहीं है और 5000 पहले हमारे यहां तो इतिहास में सबसे बड़ा अगर किसी को कहा जाता है तो वह हमारे कृष्ण भगवान हैं जिन्होंने योग की पूरी परिभाषा को ही गीता में रख दिया है कि नहीं और सबसे बड़ी बात आदरणीय आप केवल युवकों पर केवल आसन समझ रहे हैं तो वह केवल आसान नहीं है इस में ध्यान भी है जो सबसे महत्वपूर्ण है सबसे महत्वपूर्ण है अगर मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा आप एक बार आसन नाभि कीजिए लेकिन ध्यान मेरे ख्याल में विश्व के हर व्यक्ति को करना चाहिए हर व्यक्ति को किसी को बहुत अपने कर्मों से स्वता ही बता देता है तो युग की युवा योग के लाभ के योग के लाभ वैसे ही हैं कि जैसे एक बिल्कुल भी व्यक्ति हो सकता है लेकिन अगर आप योग करते हैं तो निसंदेह आप मानवता को एक दूसरे आयाम पर खड़ा करेंगे और फिर योगी को किसी भी चीज की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती तो सभी को करना चाहिए और प्रतिदिन करें तो बहुत बेहतर है और अगर फैला सकते हैं आप इसको तो और भी बेहतर है क्योंकि आप अपना भी भला करेंगे और दूसरे का भी भला करेंगे

agar hum yah kahein ki yog kahaan se shuru hua tha toh bahut se jo uttar hain phir milte hain ki yog patanjali ji ka hi yogdan nahi hai yog ki shuruat jo hai yudh ki jung hai bhagwan shiv ki sabse pehle jo yog ka dur bindu prarambh hua hai vaah shiv bhagwan se hi shuru hua hai dusri baat patanjali jo log batatey hain unmen sirf 2 aasanon ko bataya gaya hai ek siddhasan hai aur ek padmasana hai baki jitne bhi aasan hain vaah saare modified aur baad mein paida hue hain avashyakta anusaar jaise aajkal ek advance hoga tabhi chal raha hai theek hai usme kai tarah ke log aa gaye hain aasan hai vaah keval patanjali ji ne jo bataye hain aasanon aasanon ke upar vaah keval 2 aasan hai ek siddhasan hai aur doosra padmasana aur patanjali patanjali ji ka yah kehna hai ki aap inhin dono aasanon ko agar theek se abhyas karte rahe toh bhi aap us param satta ko prapt kar lenge theek hai dusri baat aapne poocha ki yah kaise faila hai dekhiye avashyakta hi avishkar ki janani hoti hai dusri baat yadi aap kisi cheez ko se pareshan hain aur aapko maloom chal raha hai ki mujhe yah dikkat hai toh aap aaj nahi kal uska upay ho jaenge phir jis cheez ki aapko zarurat na ho us cheez ke bare mein aap sochenge bikini toh failane ki baat aisi hoti hai ki aapko yah pata hoga ki bharat bhoomi aisi rahi hai ki videshon se bhi yahan par log sada aate rahe gyaan ke usme yog ke liye ya aap jaise ayurveda ke liye uske liye jo yahan par aate rahe jo chahen vaah paiyan ho chahen 99 log jaate hain aur yahan se bhi log bahar gaye toh jo bahar gaye unke dwara bhi faila aur jo yahan par aaye vaah bhi toh wapas apne desh mein gaye toh wahan bhi pehla aaj america mein agar yog hai toh aisa thodi hai ki yog jo pehle pohch gaya bus udhar hi pohcha aaj bhi log aate hain wahan se hamare yahan bhi aate hain vaah bhi seekh kar jaate hain ashok ne apne logo ko bahar bheja bhagwan buddha ne apne logo ko bahar bheja apne jo aaj china hai bahut bade paimane par hai korea mein hai tu hi batein kijiye aaj ki parampara nahi hai aur 5000 pehle hamare yahan toh itihas mein sabse bada agar kisi ko kaha jata hai toh vaah hamare krishna bhagwan hain jinhone yog ki puri paribhasha ko hi geeta mein rakh diya hai ki nahi aur sabse badi baat adaraniya aap keval yuvakon par keval aasan samajh rahe hain toh vaah keval aasaan nahi hai is mein dhyan bhi hai jo sabse mahatvapurna hai sabse mahatvapurna hai agar mujhse puchenge toh main kahunga aap ek baar aasan nabhi kijiye lekin dhyan mere khayal mein vishwa ke har vyakti ko karna chahiye har vyakti ko kisi ko bahut apne karmon se swata hi bata deta hai toh yug ki yuva yog ke labh ke yog ke labh waise hi hain ki jaise ek bilkul bhi vyakti ho sakta hai lekin agar aap yog karte hain toh nisandeh aap manavta ko ek dusre aayam par khada karenge aur phir yogi ko kisi bhi cheez ki koi avashyakta nahi reh jaati toh sabhi ko karna chahiye aur pratidin kare toh bahut behtar hai aur agar faila sakte hain aap isko toh aur bhi behtar hai kyonki aap apna bhi bhala karenge aur dusre ka bhi bhala karenge

अगर हम यह कहें कि योग कहां से शुरू हुआ था तो बहुत से जो उत्तर हैं फिर मिलते हैं कि योग पतं

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Shiv Yog Physiotherapy And Yoga Classes

Physiotherapist and Yoga therapist

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योग शब्द का अर्थ है दो चीजों का मिलन अथवा दो चीजों का जोड़ना जैसे अगर हम हट योग करते हैं तो हट योग में अलग-अलग तरह के जो आसन करते हैं उसको अपने शरीर के साथ अपने अंगों के साथ अपने शरीर के जोड़ों के साथ उस को सम्मिलित करते हैं जोड़ते हैं उसके बाद अगर हम भक्ति योग करते हैं तो अपने ईश्वर के साथ जुड़ा होता है या फिर आप कहे की आत्मा का परमात्मा के साथ जो मिलन होता है वह आपका भक्ति योग है या उसको आप सही शब्दों में कहें तो योग है वह है कि ढेर सारे विद्वानों ने योग की परिभाषा आत्मा और परमात्मा के मिलन को कहा

yog shabd ka arth hai do chijon ka milan athva do chijon ka jodna jaise agar hum hut yog karte hain toh hut yog mein alag alag tarah ke jo aasan karte hain usko apne sharir ke saath apne angon ke saath apne sharir ke jodo ke saath us ko sammilit karte hain jodte hain uske baad agar hum bhakti yog karte hain toh apne ishwar ke saath jinko hota hai ya phir aap kahe ki aatma ka paramatma ke saath jo milan hota hai vaah aapka bhakti yog hai ya usko aap sahi shabdon mein kahein toh yog hai vaah hai ki dher saare vidvaano ne yog ki paribhasha aatma aur paramatma ke milan ko kaha

योग शब्द का अर्थ है दो चीजों का मिलन अथवा दो चीजों का जोड़ना जैसे अगर हम हट योग करते हैं

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Rohan Shroff

Yoga Expert

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सबसे पुराना सायंस है और योग एक ऐसा ऐसी फिलोसोफी है जो एक ही ऐसे चला सकते हैं जिसकी बात करती है बाकी जितने भी फिलॉसफी है जैसे षड्दर्शन है शेष लॉस आफ इंडिया में माने जाते हैं न्याय वैशेषिक सांख्य योग और उत्तर और पूर्व मीमांसा आस्तिक दर्शन हम बोलते हैं जो छह है यह इसके अलावा भगवत गीता जी सारे जो है स्कूल ऑफ थॉट जो है वह एक ही चीज के बारे में बात कर रहे हैं समाधि अलग-अलग नाम से फ्रीडम और तभी पॉसिबल है जब इंसान योगा करें तो हर स्कूल जो है वह योगा की तरफ पॉइंट करता है कि योगा ही है जिससे हमें आगाह मिलती है इन सारी प्रॉब्लम सेक्स करना जरूरी होगा टाइम है योग हर स्कूल या हर तरह से मेडिटेशन मीनिंग है कोई बोलेगा माइंडबॉडी और ब्रेड का कोआर्डिनेशन कोई कहेगा लिटरल मीनिंग जो यूज़ का है योग का है उसका मतलब है यूनियन को इस पतंजलि योग सूत्र ने उसका मतलब निकलता है समाधि जो कंसंट्रेशन से ही पॉसिबल है तो मीनिंग बहुत सारे हैं योग के चित्र वृत्ति निरोध भी बोल सकते हैं बहुत कुछ है जिसको हम लोग कह सकते हैं यह सारे मीनिंग जो है वह सही है पर सबसे ज्यादा हमें इंपॉर्टेंट यह समझना है कि यह उपग्रह एक प्रैक्टिस है और यह प्रैक्टिस कितनी पुरानी है अभी उनके पास बहुत सारे आंसर थे जो आज हम फ्रेश कर रहे हैं आज के दुनिया में स्ट्रेस बहुत ज्यादा है जो बीमारियां है वह भी बहुत ज्यादा है पर यह सारी चीजें फिर भी योगा से ही केवल हो सकती है बहुत सारे लोग हैं जो बहुत कुछ ट्राई करते हैं पर फिर वह फाइनली योग में आते हैं और उनका आंसर उनको मिलता है चाहे वह फिजिकल एलरमेंट्स हो या मेंटल हो या जो भी प्रॉब्लम से योगा से ही हो हो पाता है इतना इंसेंट है इसको मॉडर्न साइंस अरे वह बहुत ही अभी भी समझने की कोशिश कर रहा है बहुत सारी चीज है मॉडर्न साइंस कभी भी सिर्फ कॉन्शसनेस की बात करता है योगा जो है यह आपकी बुद्धि की बात करता है इंटरनेट किया सबकॉन्शियस माइंड कि तू इतना डिटेल में जाता है योग की आपको अगर आप इसको टाइम दें और इसको इसकी प्रैक्टिस करते रहे कुछ नहीं अगर बिल्कुल एकाग्र चित्त को एकाग्र मन से जो आपको रिजल्ट दिखेंगे तुरंत ही कोई रॉकेट साइंस नहीं है बस इसको यह लाइफ स्टाइल को उतारना है कि लाइफ में लाइफ में आना चाहिए बहुत सारी होती हैं और इस दुनिया में हम कैसे सबके साथ अच्छे से रहे के चले जाकर कि इंसान जो है वह अकेला रहने के लिए नहीं बना है इंसान जो है यह जंगल में जाकर रहने के लिए भी नहीं बनाया तो लोगों के साथ रहना है और लोगों के साथ कैसे हारमोनी में रह सकते हैं यह इंपॉर्टेंट है और वही होगा हर चीज का जवाब युग में है मुझे डायबिटीज अभी दर्दी साल से बहुत कॉमन है पर यह पर डायबिटीज जो है इस दीपक के नाम से जानते हैं हम भाई रोहित से उस इतना पुराना है तब भी डायबिटीज होता था लोगों को और बस लाइफस्टाइल को ठीक करने से चीजों से दूर रह सकते हैं या इनको प्योर कर सकते हैं तो कोई भी चीज ऐसा नहीं ऐसी नहीं है कि अचानक आ गई है छोटे से एक्ने प्रॉब्लम सोया मेजर कैंसर प्रॉब्लम तो यह सारे अपील कर सकते हैं योगा से तो बस यही कहूंगा कि योगा एक वर्ड जो है योग आज पूरे दुनिया में बहुत फेमस हो गया है नीचे से वेरी गुड थैंक कुछ लोग हैं जिन्होंने कंट्रीब्यूट किया है इसके लिए जैसे स्वामी विवेकानंद और श्री योगेंद्र जी योगा इंस्टीट्यूट के जो फाउंडर है वह बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने काम किया है इसके लिए अभी भी वेस्ट में अगर हम देखें तो योग का मतलब लोगों को पूरी तरह से नहीं पता है उनके हिसाब से योग जो है वह फिजिकल एक्सरसाइज है प्रैक्टिस है पर योग एक लाइफ़स्टाइल है वह सिर्फ एक घंटा सूर्य में जाकर राकेश करना नहीं है योग आपको योग का मतलब है अवेयरनेस माइंडफूलनेस तो हम पूरा टाइम रहे यह बहुत इंपॉर्टेंट है हम अपने बिल्डिंग की अवेयरनेस लाए हम यह अवेयरनेस लाए कि हम कैसे non-violent रह सके हर हर किसी के साथ तो यह छोटी-छोटी चीजें हैं जो आपका आपका लाइफस्टाइल बन जाता है ऐसे उसको समझना है तो ऐसा नहीं है कि आप एक घंटा स्टूडियो में जाकर प्रैक्टिस कर के आए पर उसके बाद खाने पीने पर सोने में इन सब चीजों पर आपका कोई कंसंट्रेशन नहीं है क्योंकि रिलाइजेशन पर उतना ही इंपॉर्टेंट दिया जाता है योगा में जितना आसन के लिए या मेडिटेशन के लिए यह प्राणायाम के लिए दिया जाता है इतना ही कहूंगा कि योगा एक कंपलीट लाइफस्टाइल है इसको प्रैक्टिस करना बहुत जरूरी है और फिर प्रैक्टिस बरकरार रहे ऐसा नहीं कि बस एक महीना दो महीना करके आप छोड़ देंगे कुछ दिन करके छोड़ दे इसको तभी समझ में आएगा अगर आप घंटी नहीं करें

sabse purana sayans hai aur yog ek aisa aisi philosophy hai jo ek hi aise chala sakte hain jiski baat karti hai baki jitne bhi philosophy hai jaise shaddarshan hai shesh loss of india mein maane jaate hain nyay vaisheshik sankhaya yog aur uttar aur purv mimansa astik darshan hum bolte hain jo cheh hai yah iske alava bhagwat geeta ji saare jo hai school of thought jo hai vaah ek hi cheez ke bare mein baat kar rahe hain samadhi alag alag naam se freedom aur tabhi possible hai jab insaan yoga kare toh har school jo hai vaah yoga ki taraf point karta hai ki yoga hi hai jisse hamein agah milti hai in saree problem sex karna zaroori hoga time hai yog har school ya har tarah se meditation meaning hai koi bolega maindabadi aur bread ka coordination koi kahega literal meaning jo use ka hai yog ka hai uska matlab hai union ko is patanjali yog sutra ne uska matlab nikalta hai samadhi jo kansantreshan se hi possible hai toh meaning bahut saare hain yog ke chitra vriti nirodh bhi bol sakte hain bahut kuch hai jisko hum log keh sakte hain yah saare meaning jo hai vaah sahi hai par sabse zyada hamein important yah samajhna hai ki yah upgrah ek practice hai aur yah practice kitni purani hai abhi unke paas bahut saare answer the jo aaj hum fresh kar rahe hain aaj ke duniya mein stress bahut zyada hai jo bimariyan hai vaah bhi bahut zyada hai par yah saree cheezen phir bhi yoga se hi keval ho sakti hai bahut saare log hain jo bahut kuch try karte hain par phir vaah finally yog mein aate hain aur unka answer unko milta hai chahen vaah physical elarments ho ya mental ho ya jo bhi problem se yoga se hi ho ho pata hai itna insent hai isko modern science are vaah bahut hi abhi bhi samjhne ki koshish kar raha hai bahut saree cheez hai modern science kabhi bhi sirf consciousness ki baat karta hai yoga jo hai yah aapki buddhi ki baat karta hai internet kiya subconscious mind ki tu itna detail mein jata hai yog ki aapko agar aap isko time de aur isko iski practice karte rahe kuch nahi agar bilkul ekagra chitt ko ekagra man se jo aapko result dikhenge turant hi koi rocket science nahi hai bus isko yah life style ko utarana hai ki life mein life mein aana chahiye bahut saree hoti hain aur is duniya mein hum kaise sabke saath acche se rahe ke chale jaakar ki insaan jo hai vaah akela rehne ke liye nahi bana hai insaan jo hai yah jungle mein jaakar rehne ke liye bhi nahi banaya toh logo ke saath rehna hai aur logo ke saath kaise harmoni mein reh sakte hain yah important hai aur wahi hoga har cheez ka jawab yug mein hai mujhe diabetes abhi dardi saal se bahut common hai par yah par diabetes jo hai is deepak ke naam se jante hain hum bhai rohit se us itna purana hai tab bhi diabetes hota tha logo ko aur bus lifestyle ko theek karne se chijon se dur reh sakte hain ya inko pure kar sakte hain toh koi bhi cheez aisa nahi aisi nahi hai ki achanak aa gayi hai chote se acne problem soya major cancer problem toh yah saare appeal kar sakte hain yoga se toh bus yahi kahunga ki yoga ek word jo hai yog aaj poore duniya mein bahut famous ho gaya hai niche se very good thank kuch log hain jinhone kantribyut kiya hai iske liye jaise swami vivekananda aur shri yogendra ji yoga institute ke jo founder hai vaah bahut saare aise log hain jinhone kaam kiya hai iske liye abhi bhi west mein agar hum dekhen toh yog ka matlab logo ko puri tarah se nahi pata hai unke hisab se yog jo hai vaah physical exercise hai practice hai par yog ek lifestyle hai vaah sirf ek ghanta surya mein jaakar rakesh karna nahi hai yog aapko yog ka matlab hai awareness maindafulnes toh hum pura time rahe yah bahut important hai hum apne building ki awareness laye hum yah awareness laye ki hum kaise non violent reh sake har har kisi ke saath toh yah choti choti cheezen hain jo aapka aapka lifestyle ban jata hai aise usko samajhna hai toh aisa nahi hai ki aap ek ghanta studio mein jaakar practice kar ke aaye par uske baad khane peene par sone mein in sab chijon par aapka koi kansantreshan nahi hai kyonki realisation par utana hi important diya jata hai yoga mein jitna aasan ke liye ya meditation ke liye yah pranayaam ke liye diya jata hai itna hi kahunga ki yoga ek complete lifestyle hai isko practice karna bahut zaroori hai aur phir practice barkaraar rahe aisa nahi ki bus ek mahina do mahina karke aap chod denge kuch din karke chod de isko tabhi samajh mein aayega agar aap ghanti nahi karen

सबसे पुराना सायंस है और योग एक ऐसा ऐसी फिलोसोफी है जो एक ही ऐसे चला सकते हैं जिसकी बात करत

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है योग शब्द के बारे में योग के बारे में योग शब्द का अर्थ क्या है प्रयोग शब्द का अर्थ होता है जुड़ना अथवा जुड़ा का मासी पतंजलि बोले भी है अपने योग को परिभाषित कुछ ऐसे योग चित्त वृत्ति निरोध योग चित्त की वृत्तियों का निवारण करता है योग का शाब्दिक अर्थ जुड़ना जुड़ा होता है

aapka question hai yog shabd ke bare mein yog ke bare mein yog shabd ka arth kya hai prayog shabd ka arth hota hai judna athva juda ka maasi patanjali bole bhi hai apne yog ko paribhashit kuch aise yog chitt vriti nirodh yog chitt ki vrittiyon ka nivaran karta hai yog ka shabdik arth judna juda hota hai

आपका क्वेश्चन है योग शब्द के बारे में योग के बारे में योग शब्द का अर्थ क्या है प्रयोग शब्द

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग से जुड़ना योग्य आत्मा से परमात्मा का मिलन को योग कहता है ठीक है योग का सृष्टि करता है महर्षि पतंजलि लेकिन योग के परिभाषा देने के बारे में बता दूं योगिता का परिभाषा का समय से उस समय से चली आ रही है पतंजलि महर्षी पतंजलि ने योग के सिक्के के थे और जीव आत्मा से परमात्मा का मिलन को योग कहते हैं यही सच्चाई है धन्यवाद

yog se judna yogya aatma se paramatma ka milan ko yog kahata hai theek hai yog ka shrishti karta hai maharshi patanjali lekin yog ke paribhasha dene ke bare mein bata doon yogita ka paribhasha ka samay se us samay se chali aa rahi hai patanjali maharshi patanjali ne yog ke sikke ke the aur jeev aatma se paramatma ka milan ko yog kehte hain yahi sacchai hai dhanyavad

योग से जुड़ना योग्य आत्मा से परमात्मा का मिलन को योग कहता है ठीक है योग का सृष्टि करता है

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Yogi Vinod Soni

Yoga Instructor

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग जो आजकल सभी लोग कर रहे हैं उतरवा रहे हैं जो घर में एचडी में जो का मतलब होता है जोड़ना परमात्मा से आत्मा को परमात्मा से जोड़ना आत्मा का परमात्मा से मिलन है आजकल रिकॉर्डिंग आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है योग लेकिन जो आदमी योग करें उनके मन में कुछ नहीं है तो आज आज भी लोगों के सभी उसके अंदर कंपटीशन की भावना में या फिर मैं की भावना में जो है वह परमात्मा का मतलब

yog jo aajkal sabhi log kar rahe hain utarava rahe hain jo ghar mein hd mein jo ka matlab hota hai jodna paramatma se aatma ko paramatma se jodna aatma ka paramatma se milan hai aajkal recording aatma ko paramatma se Jodta hai yog lekin jo aadmi yog kare unke man mein kuch nahi hai toh aaj aaj bhi logo ke sabhi uske andar competition ki bhavna mein ya phir main ki bhavna mein jo hai vaah paramatma ka matlab

योग जो आजकल सभी लोग कर रहे हैं उतरवा रहे हैं जो घर में एचडी में जो का मतलब होता है जोड़ना

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Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना जो यूज़ धातु से क्षेत्र से लकड़ी शब्द उत्पन्न होता है जिसका अर्थ होता है मिलन करना अर्थात 20 जनवरी राजू स्वामी आत्मा है उसका चेतन परमात्मा से मिलना ही योग है महर्षि पतंजलि को परिभाषित किया अपने पतंजलि योग छुट्टी में योग चित्त वृत्ति निरोध का चित्त की वृत्तियों का अपना ही होगा तो श्रीमद्भागवत गीता में कहा गया कि कर्म में कुशलता प्राप्त करना ही योगा कर्मसु कौशलम् इसी बातों को सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज ने 17 वर्ष की कठिन तपस्या हिमालय पर करके उन्होंने लिखा कि युवक का हाथ है जो रुको योग कहत है टंकी की चाहत छुपाए में विषम संख्या का योग उन्होंने लिखा और स्पष्ट करते हुए परम पुरुष आत्मा संधि निरंतर योग शरमाया व्यापी नहीं कभी न कोई भी योग्य स्वर्वेद है जिसमें यह संविधान जिसमें जिसमें इस दोनों को मैं बुलाऊंगा

yog shabd ka arth hota hai jodna jo use dhatu se kshetra se lakdi shabd utpann hota hai jiska arth hota hai milan karna arthat 20 january raju swami aatma hai uska chetan paramatma se milna hi yog hai maharshi patanjali ko paribhashit kiya apne patanjali yog chhutti mein yog chitt vriti nirodh ka chitt ki vrittiyon ka apna hi hoga toh shrimadbhagavat geeta mein kaha gaya ki karm mein kushalata prapt karna hi yoga karmasu kaushalam isi baaton ko sadguru sadafal dev ji maharaj ne 17 varsh ki kathin tapasya himalaya par karke unhone likha ki yuvak ka hath hai jo ruko yog kaha hai tanki ki chahat chupaye mein visham sankhya ka yog unhone likha aur spasht karte hue param purush aatma sandhi nirantar yog sharmaya vyapi nahi kabhi na koi bhi yogya swarved hai jisme yah samvidhan jisme jisme is dono ko main bulaunga

योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना जो यूज़ धातु से क्षेत्र से लकड़ी शब्द उत्पन्न होता है जिसक

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