अष्टांग योग क्या है?...


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Ashish Rawat

Yoga Teacher

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हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम है आशीष सलामत हो मेरा यूट्यूब चैनल नेम है स्वाध्याय योग के आर योग ग्रुप एंड सवाल पूछा गया है अष्टांग योग क्या है अष्टांग नाम से लग रहा है किसी और चीजों की बात की जा रही है ठीक है अष्टांग में 8 चीजें आती है तब से पहले आते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि अष्टांग योग है इसी को अष्टांग योग कहा जाता है और अष्टांग योग को राजयोग भी कहा जाता है धन्यवाद

hello friends mera naam hai aashish salamat ho mera youtube channel name hai swaadhyaay yog ke R yog group and sawaal poocha gaya hai ashtanga yog kya hai ashtanga naam se lag raha hai kisi aur chijon ki baat ki ja rahi hai theek hai ashtanga mein 8 cheezen aati hai tab se pehle aate hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi ashtanga yog hai isi ko ashtanga yog kaha jata hai aur ashtanga yog ko rajyog bhi kaha jata hai dhanyavad

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम है आशीष सलामत हो मेरा यूट्यूब चैनल नेम है स्वाध्याय योग के आर योग ग

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Dr. Janaki Oli

योगा टीचर

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यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि यह योग के आठ अंग हैं जिन्हें अष्टांग योग कहा जाता है

yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi yah yog ke aath ang hain jinhen ashtanga yog kaha jata hai

यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि यह योग के आठ अंग हैं जिन्हें अष्टांग

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Acharya Yogesh Mishra

Astrologer,Yoga Instructor & Motivational Speaker

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अष्टांग योग में ने जैसा कहा योग के आठ अंग हैं उसी 8 अंगों को एक साथ जोड़ के जो नाम दिया गया उसको अष्टांगिक योग कहा गया अष्टांगिक मतलब अंडरस्टैंड हो गया अष्टांग योग यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि हो गया अष्टांगिक मार्ग

ashtanga yog mein ne jaisa kaha yog ke aath ang hain usi 8 angon ko ek saath jod ke jo naam diya gaya usko ashtangik yog kaha gaya ashtangik matlab understand ho gaya ashtanga yog yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi ho gaya ashtangik marg

अष्टांग योग में ने जैसा कहा योग के आठ अंग हैं उसी 8 अंगों को एक साथ जोड़ के जो नाम दिया गय

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xyz

nothing

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योगा क्या है अष्टांगा योगा वैसे बेसिक लिए तो वह पतंजलि अष्टांग योग है जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि है याद है उसके अष्टांग मतलब मतलब अष्टांग योग स्टाइल को स्टांग निगम के योग टीचर ने सिखाया होगा विन्यासा योगा और उन्होंने उसका नाम दीजिए अष्टांगा योगा कैसे करते हैं जिसमें की पेमेंट भी हो रहा है और मीटिंग भी हो रही है और पर्टिकुलर ऊंची बिल्डिंग के साथ होता है वह उसका विन्यासा अष्टांगा योगा कहते हैं

yoga kya hai ashtanga yoga waise basic liye toh vaah patanjali ashtanga yog hai jisme yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi hai yaad hai uske ashtanga matlab matlab ashtanga yog style ko stang nigam ke yog teacher ne sikhaya hoga vinyasa yoga aur unhone uska naam dijiye ashtanga yoga kaise karte hain jisme ki payment bhi ho raha hai aur meeting bhi ho rahi hai aur particular uchi building ke saath hota hai vaah uska vinyasa ashtanga yoga kehte hain

योगा क्या है अष्टांगा योगा वैसे बेसिक लिए तो वह पतंजलि अष्टांग योग है जिसमें यम नियम आसन प

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Deepa Negi Mira

Yoga Expert

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अष्टांग योग में जो पहला अष्टांग में 8 अंक अष्टांग 8888 इसमें पहला होता है यम और नियम M5 होते हैं और नियमित जो बेसिकली होता है वह नियम आसन प्राणायाम चौथा हो गया पांचवा होगा प्रतिहार छोटा हो गया धारणा सातवां और आठवां समाधि अष्टांग योग एवं पतंजलि योग सूत्र के अंतर्गत आती

ashtanga yog mein jo pehla ashtanga mein 8 ank ashtanga 8888 isme pehla hota hai yum aur niyam M5 hote hain aur niyamit jo basically hota hai vaah niyam aasan pranayaam chautha ho gaya panchava hoga pratihar chota ho gaya dharana satvaan aur aathwan samadhi ashtanga yog evam patanjali yog sutra ke antargat aati

अष्टांग योग में जो पहला अष्टांग में 8 अंक अष्टांग 8888 इसमें पहला होता है यम और नियम M5 हो

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Yogacharya Raju Soni

Yoga Instructor - Aum Yog And Naturopathy Centre

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नहीं आसन प्राणायाम मुद्रा बंध धारणा ध्यान समाधि क्रियाएं त्राटक और यम और नियम है इतने सारे होते हैं यह देश के 18 प्रकार के होते उनमें से कुछ है

nahi aasan pranayaam mudra bandh dharana dhyan samadhi kriyaen tratak aur yum aur niyam hai itne saare hote hain yah desh ke 18 prakar ke hote unmen se kuch hai

नहीं आसन प्राणायाम मुद्रा बंध धारणा ध्यान समाधि क्रियाएं त्राटक और यम और नियम है इतने सारे

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पतंजलि द्वारा शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक सिद्धि के लिए योग के आठ अंग बताए गए हैं जिनमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि करके आते हैं जिन्हें अष्टांग योग कहा जाता है

patanjali dwara sharirik mansik aur aadhyatmik siddhi ke liye yog ke aath ang bataye gaye hain jinmein yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi karke aate hain jinhen ashtanga yog kaha jata hai

पतंजलि द्वारा शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक सिद्धि के लिए योग के आठ अंग बताए गए हैं जिनमें

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Priyanka Ghosh

Yoga Instructor, Su-jok Therapist, Accupunchrist, Accupressr,

1:06
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न्यू गाना टांगो होते हैं यम नियम करके तुझे हमारे पास कोई भी लोग आते हैं तो उसमें हमें यह देखना पड़ता गंगा भेज सकते उठाना पड़ता है उनको डेली रूटीन क्या है उनको सिस्टम में रखना आलिया में ध्यान की सेटिंग को करना बिजी कहां चल तो स्टार्ट करना है धरना क्या होता है प्रतिहार क्या होता है इनकी तरीके से सेवन जो हमारे साथ साथ हैं यम नियम आसन प्राणायाम इन सबको क्लियर करते करते कैसे हैं उनको समाधि तक पहुंचना ध्यान धारणा समाधि कैसे क्लियर करना उसका एक होता है आसान योगा में धीरे-धीरे आगे से ध्यान धारणा है घटना है तो उसके लिए हमारा बॉडी पहुंचे परफेक्ट होना चाहिए इस तरह मुझे पेन हो रहा है कमर दर्द हो रहा तो मैं नहीं बैठ सकती हूं ध्यान में उसको कमर दर्द का सितारा सोच सकते हैं कि किस तरीके से क्या-क्या देवी आसन करने चाहिए जिससे कि हम प्रॉपर तरीके से ध्यान रखें काफी चीजें कनेक्टिविटी मनोरिया सॉन्ग गाना

new gaana tango hote hain yum niyam karke tujhe hamare paas koi bhi log aate hain toh usme hamein yah dekhna padta ganga bhej sakte uthana padta hai unko daily routine kya hai unko system mein rakhna aliya mein dhyan ki setting ko karna busy kahaan chal toh start karna hai dharna kya hota hai pratihar kya hota hai inki tarike se seven jo hamare saath saath hain yum niyam aasan pranayaam in sabko clear karte karte kaise hain unko samadhi tak pahunchana dhyan dharana samadhi kaise clear karna uska ek hota hai aasaan yoga mein dhire dhire aage se dhyan dharana hai ghatna hai toh uske liye hamara body pahuche perfect hona chahiye is tarah mujhe pen ho raha hai kamar dard ho raha toh main nahi baith sakti hoon dhyan mein usko kamar dard ka sitara soch sakte hain ki kis tarike se kya kya devi aasan karne chahiye jisse ki hum proper tarike se dhyan rakhen kaafi cheezen connectivity manoriya song gaana

न्यू गाना टांगो होते हैं यम नियम करके तुझे हमारे पास कोई भी लोग आते हैं तो उसमें हमें यह द

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Dhananjay Kelkar

Yoga Instructor

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नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और कंपनी शुरुआत करते हैं आसन और प्राणायाम का अभ्यास करने से पहले दो स्टेडियम और नियम और हमारा शोषण करने से हमारे मेंटली इमोशनली एटीट्यूड कर सकते हैं आसन प्राणायाम के अभ्यास से वजन कम करना इसके लिए दोबारा कौन से स्टेशन है कि हम अगर प्रॉपर्टी उपाध्यक्ष कर देना संक्रांति किस ढंग से करेंगे हमारा प्रॉपर एटीट्यूड बना के रखिए वैसे क्या करना चाहते हैं एमपी में वजन कम करके हमको क्या मिलना चाहिए तो को हैप्पी न्यू कंडीशन इन कंडीशनर अमरेली जो कंडीशन हमारे साथ है जो सर कमीशन की सेक्स करते हुए हमको अपनी लाइफ को देखने देखने का जो हमारा ध्यान करते हैं यह मेरा मतलब अष्टांग योग का मेरा कांसेप्ट यह है इसके बाद प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि प्राणायाम टेकन धीरे-धीरे इंट्रोस्पेक्टिव होते जाते हैं प्रत्याहार धारणा ध्यान मेडिटेशन

niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur company shuruat karte hain aasan aur pranayaam ka abhyas karne se pehle do stadium aur niyam aur hamara shoshan karne se hamare mentally emotionally attitude kar sakte hain aasan pranayaam ke abhyas se wajan kam karna iske liye dobara kaunsi station hai ki hum agar property upadhyaksh kar dena sankranti kis dhang se karenge hamara proper attitude bana ke rakhiye waise kya karna chahte hain mp mein wajan kam karke hamko kya milna chahiye toh ko happy new condition in conditioner amreli jo condition hamare saath hai jo sir commision ki sex karte hue hamko apni life ko dekhne dekhne ka jo hamara dhyan karte hain yah mera matlab ashtanga yog ka mera concept yah hai iske baad pratyahar dharana dhyan aur samadhi pranayaam taken dhire dhire introspective hote jaate hain pratyahar dharana dhyan meditation

नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और कंपनी शुरुआत करते हैं आसन और प्राणायाम का अभ्

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Foram M Sheth

Yoga Instructor

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अष्टांग योग और योग पतंजलि पतंजलि मुनि से उन्होंने यह सोती हुई है उसमें उसमें से हम आसन प्राणायाम करते हैं और उसके साथ साथ उसमें होता है प्राण प्रत्याहार प्राणायाम फिर उसमें प्रत्याहार बोलते हैं उसमें टाइप होता है उसमें हम सिर्फ आसन और प्राणायाम वह करते हैं

ashtanga yog aur yog patanjali patanjali muni se unhone yah soti hui hai usme usmein se hum aasan pranayaam karte hain aur uske saath saath usme hota hai praan pratyahar pranayaam phir usme pratyahar bolte hain usme type hota hai usme hum sirf aasan aur pranayaam vaah karte hain

अष्टांग योग और योग पतंजलि पतंजलि मुनि से उन्होंने यह सोती हुई है उसमें उसमें से हम आसन प्र

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मुख्य रूप से आठ प्रकार के अंग होते हैं जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि अंत में होता है ऐसे आठ प्रकार के अंग होते हैं इसमें यम नियम का पालन करके आसनों को सिखाया जाता है आसमानों को सिखा जाता है फिर प्राणायाम प्राणायाम और आसन करके अपने मन और शरीर और इंडिया को कंट्रोल में किया जाता है काबू में किया जाता है उसके बाद प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि यह आठ प्रकार के अंग महर्षि पतंजलि ने दिए हुए हैं और उसी को ले करके हम यहां पर योगाभ्यास करवा दें जिसमें मुख्य रुप से फिजिकल फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करवाते डिफरेंट प्रकार की फिर उसमें डिफेंड प्रकार के कई तरह के आसन करवाए जाते हैं जो health-related हैं फिर अलग-अलग तरह के प्राणायाम करवाए जाते हैं फिर अलग-अलग भी चीज के अनुसार किया करवाए जाते हैं अंत में मेडिटेशन करवाया जाता है और यहां पर इस तरीके का पूरा एक पैकेज है उस पैकेज के अनुसार हम यहां पर अभ्यास करवाते हैं पीछे का राज आते एक्सशॉट में कहा तो यह अष्टांग योग का एक शॉर्ट फॉर्म है

mukhya roop se aath prakar ke ang hote hain jisme yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi ant mein hota hai aise aath prakar ke ang hote hain isme yum niyam ka palan karke aasanon ko sikhaya jata hai asamanon ko sikha jata hai phir pranayaam pranayaam aur aasan karke apne man aur sharir aur india ko control mein kiya jata hai kabu mein kiya jata hai uske baad pratyahar dharana dhyan aur samadhi yah aath prakar ke ang maharshi patanjali ne diye hue hain aur usi ko le karke hum yahan par yogabhayas karva de jisme mukhya roop se physical fitness ke liye exercise karwaate different prakar ki phir usme defend prakar ke kai tarah ke aasan karwaye jaate hain jo health related hain phir alag alag tarah ke pranayaam karwaye jaate hain phir alag alag bhi cheez ke anusaar kiya karwaye jaate hain ant mein meditation karvaya jata hai aur yahan par is tarike ka pura ek package hai us package ke anusaar hum yahan par abhyas karwaate hain peeche ka raj aate eksashat mein kaha toh yah ashtanga yog ka ek short form hai

मुख्य रूप से आठ प्रकार के अंग होते हैं जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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एक लिखित महर्षि पतंजलि ने जब युग का सूत्रपात किया हुआ था तो उन्होंने एक उनके जो उन्होंने प्रश्न किया कि अगर ये अभ्यास करें तो उसे क्या करना चाहिए पूरा ज्ञान दिया उसने बताया था पांच गेम बताएं पांच नियम बताएं सिर्फ आसन प्राणायाम धारणा ध्यान और सिर्फ लास्ट की अवस्था की समाधि इसको ही कहते हैं स्वयं को जानना भी कहते हैं

ek likhit maharshi patanjali ne jab yug ka sutrapaat kiya hua tha toh unhone ek unke jo unhone prashna kiya ki agar ye abhyas kare toh use kya karna chahiye pura gyaan diya usne bataya tha paanch game bataye paanch niyam bataye sirf aasan pranayaam dharana dhyan aur sirf last ki avastha ki samadhi isko hi kehte hain swayam ko janana bhi kehte hain

एक लिखित महर्षि पतंजलि ने जब युग का सूत्रपात किया हुआ था तो उन्होंने एक उनके जो उन्होंने प

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Dr. Rekha Soni

Nutrition and Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योगा योगा का मतलब होता है जोड़ना जोड़ना मतलब योगा के अभ्यास से हम जिस भी चीज से जुड़ना चाहते हैं उससे जुड़ सकते हैं किसी भी काम में अगर जोड़ना है जोड़ सकते हैं किसी चीज में सफलता प्राप्त करनी है तो उसने कंसंट्रेट कर कर कर कर हम उससे भी जुड़ सकते हैं तब जाके हमको पूरी तरह से सफलता मिलती है इसके लिए हमें विभिन्न बहुत सारी होती है उसके अंदर योगा हमको बहुत काम आता है और योगा के अभ्यास से व्यक्ति का मन और आत्मा का विकास होता है और जैसे-जैसे इंटरनेट ज्ञान की प्राप्ति करता है तो धीरे-धीरे जीवन प्रकाश जी सकता है इसके लिए वर्षी पतंजलि मुनि नहीं होगा क्या 8 अंक बताएं हैं जिन्हें ही हम अष्टांग योग कहते हैं और उस टाइम योग के अंदर यह आठ योग आसन बहुत इंपॉर्टेंट है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि पर बेसिकली दो क्या करते हैं आसन और प्रणब को ही लोग मानते हैं जबकि योग के प्रत्येक अंगों का अपना-अपना महत्व है और इसके अंदर भी गम के पाठ संख्या होती है जिसके घर में सत्य बोलना चाहिए अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए चूड़ी नहीं करना चाहिए अनावश्यक वस्तुओं का संग्रह नहीं करना चाहिए और स्वयं को स्वयं बैटरी रखना चाहिए या उनके अंदर की पांच हटाना है आती है जो कि दैनिक जीवन में हमको यह पाठ काम आता है इसको अपना टीवी मनुष्य बहुत खुश रह सकता है और दूसरों को भी खुश रखता है फिर नियम के अंदर भी पांच और अलग से नियम आते हैं इसके अंदर आपके अंदर और बाहर की सफाई होनी चाहिए आपको जो भी मिले उसने संतुष्टि रखनी चाहिए हर एक सिचुएशन में आपको अपने आपको तैयार रखना चाहिए ताकि किसी भी सिचुएशन में आप घबराएं नहीं खुद के बारे में जानना दूसरों के बारे में समझना और दूसरों के प्रति अगर उनको कोई सेवा करनी है या किसी को कोई ज्ञान देना है किसी को नॉलेज देना है और साथ में ईश्वर और गुरु के साथ अपनी आस्था रखना बाद में आसन अर्चना नाम आते हैं फिर प्रत्याहार आता है कि इंद्रियों को वश में करके संसार की जितनी भी आपको काम करने हैं आपको किसी भी मोड़ जाल में नहीं फंसना या फिर धारणा में मन को एकाग्र करना होता है बुरी का विकास होता है इसके अंदर किसी एक विषय पर आपको कंसंट्रेट करना चाहिए जिससे कि आपको परम आनंद की स्थिति प्राप्त होती है ऐसी करके अष्टांग योग के अंदर आंखों का पालन करने का ऋषि व्यक्ति शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति कर सकता है पर आजकल लोग जो है वह योग के बारे में नहीं जानते हैं लोगों को सिर्फ यह लगता है कि सिर्फ योगाभ्यास और एक्सरसाइज करके और वह अपने शरीर को ठीक कर सकते हैं आसन और प्राणायाम जबकि केवल युग के दो अंग है जिसमें केवल शरीर को हम स्वस्थ रख सकते हैं इसका उद्देश्य इतना छोटा नहीं है अष्टांग योग में कम से कम अगर आप तो चार अंगों को भी अपने जीवन में उतार देंगे ना तब आप जाकर अष्टांग योग का कोई सही मीनिंग समझ सकते हैं जो चार हैं यम नियम आसन और प्राणायाम इन चारों को भी अगर कम से कम अगर इंसान इस को ऐड कर ले और इसकी पालन करें तो अपनी इच्छा से जो भी उसको अपनी लाइफ में काम करना है कम से कम मेंटली इमोशनली फिजिकली इन पटना के ट्रक से वह दूर हो सकता है

yoga yoga ka matlab hota hai jodna jodna matlab yoga ke abhyas se hum jis bhi cheez se judna chahte hain usse jud sakte hain kisi bhi kaam mein agar jodna hai jod sakte hain kisi cheez mein safalta prapt karni hai toh usne concentrate kar kar kar kar hum usse bhi jud sakte hain tab jake hamko puri tarah se safalta milti hai iske liye hamein vibhinn bahut saree hoti hai uske andar yoga hamko bahut kaam aata hai aur yoga ke abhyas se vyakti ka man aur aatma ka vikas hota hai aur jaise jaise internet gyaan ki prapti karta hai toh dhire dhire jeevan prakash ji sakta hai iske liye varshi patanjali muni nahi hoga kya 8 ank bataye hain jinhen hi hum ashtanga yog kehte hain aur us time yog ke andar yah aath yog aasan bahut important hai yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi par basically do kya karte hain aasan aur pranab ko hi log maante hain jabki yog ke pratyek angon ka apna apna mahatva hai aur iske andar bhi gum ke path sankhya hoti hai jiske ghar mein satya bolna chahiye ahinsa ke raste par chalna chahiye chudi nahi karna chahiye anavashyak vastuon ka sangrah nahi karna chahiye aur swayam ko swayam battery rakhna chahiye ya unke andar ki paanch hatana hai aati hai jo ki dainik jeevan mein hamko yah path kaam aata hai isko apna TV manushya bahut khush reh sakta hai aur dusro ko bhi khush rakhta hai phir niyam ke andar bhi paanch aur alag se niyam aate hain iske andar aapke andar aur bahar ki safaai honi chahiye aapko jo bhi mile usne santushti rakhni chahiye har ek situation mein aapko apne aapko taiyar rakhna chahiye taki kisi bhi situation mein aap ghabraen nahi khud ke bare mein janana dusro ke bare mein samajhna aur dusro ke prati agar unko koi seva karni hai ya kisi ko koi gyaan dena hai kisi ko knowledge dena hai aur saath mein ishwar aur guru ke saath apni astha rakhna baad mein aasan archna naam aate hain phir pratyahar aata hai ki indriyon ko vash mein karke sansar ki jitni bhi aapko kaam karne hain aapko kisi bhi mod jaal mein nahi fansana ya phir dharana mein man ko ekagra karna hota hai buri ka vikas hota hai iske andar kisi ek vishay par aapko concentrate karna chahiye jisse ki aapko param anand ki sthiti prapt hoti hai aisi karke ashtanga yog ke andar aankho ka palan karne ka rishi vyakti sharirik mansik aur aadhyatmik sukh ki prapti kar sakta hai par aajkal log jo hai vaah yog ke bare mein nahi jante hain logo ko sirf yah lagta hai ki sirf yogabhayas aur exercise karke aur vaah apne sharir ko theek kar sakte hain aasan aur pranayaam jabki keval yug ke do ang hai jisme keval sharir ko hum swasthya rakh sakte hain iska uddeshya itna chota nahi hai ashtanga yog mein kam se kam agar aap toh char angon ko bhi apne jeevan mein utar denge na tab aap jaakar ashtanga yog ka koi sahi meaning samajh sakte hain jo char hain yum niyam aasan aur pranayaam in charo ko bhi agar kam se kam agar insaan is ko aid kar le aur iski palan kare toh apni iccha se jo bhi usko apni life mein kaam karna hai kam se kam mentally emotionally physically in patna ke truck se vaah dur ho sakta hai

योगा योगा का मतलब होता है जोड़ना जोड़ना मतलब योगा के अभ्यास से हम जिस भी चीज से जुड़ना चाह

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Suresh B. Patel

Yoga Instructor

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महर्षि पतंजलि का दिया हुई अष्टांग योग यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि के बहुत अच्छी तंदुरुस्त और लाइफ आध्यात्मिक लेवल आपका बहुत बढ़ता है नियमित करने से आपको गलत विचार नहीं आएगा गलत काम नहीं करोगे छूटने लगती है इसके लाभ जो चीज नुकसान करती थी भी छुट्टी नहीं है मैं किसी को भी दिखता है उसको एडिट दे दारू का है काम आता है उसको यह मेडिटेशन वगैरह करवाएंगे अपने आप प्रीति को कंट्रोल होता जाएगा यह फार्म भर्ती किया की छूट जाएगा पर बहुत सारे कि जैसे भी मैंने देखी

maharshi patanjali ka diya hui ashtanga yog yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi ke bahut achi tandurust aur life aadhyatmik level aapka bahut badhta hai niyamit karne se aapko galat vichar nahi aayega galat kaam nahi karoge chutney lagti hai iske labh jo cheez nuksan karti thi bhi chhutti nahi hai kisi ko bhi dikhta hai usko edit de daaru ka hai kaam aata hai usko yah meditation vagera karavaenge apne aap preeti ko control hota jaega yah form bharti kiya ki chhut jaega par bahut saare ki jaise bhi maine dekhi

महर्षि पतंजलि का दिया हुई अष्टांग योग यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाध

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Yogi Vinit

Yogi , Astrologer , Vastushastra Expert, Reiki Healing , Crystal Healing , Meditation Expert , Bach Flower Therapy Specialist

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भारत में दो तरह के योग का प्रसिद्ध है एक अष्टांग योग है और एक हठयोग यह संयोग को हम सलाम के योग के अष्टांग योग जिसमें योग के आठ अंग दिए गए हैं सर युग में योग के 6 अंक दिए गए हैं अष्टांग योग में आठवीं सबसे जमा नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि आठ अंगों के हिसाब से हम समाधि की ओर बढ़ते हैं और चढ़ाएंगे योग में 6 अंगों के हिसाब से आम समाधि की ओर बढ़ते हैं तो अष्टांग योग इस हिसाब से है थैंक यू

bharat mein do tarah ke yog ka prasiddh hai ek ashtanga yog hai aur ek hathyog yah sanyog ko hum salaam ke yog ke ashtanga yog jisme yog ke aath ang diye gaye hain sir yug mein yog ke 6 ank diye gaye hain ashtanga yog mein aatthvi sabse jama niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi aath angon ke hisab se hum samadhi ki aur badhte hain aur chadhayenge yog mein 6 angon ke hisab se aam samadhi ki aur badhte hain toh ashtanga yog is hisab se hai thank you

भारत में दो तरह के योग का प्रसिद्ध है एक अष्टांग योग है और एक हठयोग यह संयोग को हम सलाम के

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Manisha Solomen

Yoga Expert

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जिओस्टोर योगा करना है लेकिन साक्षी शाम को आता ही होगा में आधार नंबर चेक करना है इस संबंध में जो फोटो मसानजोर किया जाता है

jiostor yoga karna hai lekin sakshi shaam ko aata hi hoga mein aadhaar number check karna hai is sambandh mein jo photo masanjore kiya jata hai

जिओस्टोर योगा करना है लेकिन साक्षी शाम को आता ही होगा में आधार नंबर चेक करना है इस संबंध म

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Nilam Pandya

Yoga Expert

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ऐसा नहीं है कि अष्टांग योग कुछ अलग है अष्टांग योग का मतलब है कि योग के आठ अंग है जिस में आता है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि आज जो है वह अंग है और उसको अष्टांग योग बोलते हैं जिसमें यम नियम में भी अलग-अलग फिर उसमें बकेटेड होता है कि जैसे आपको हम अलग जवाब दे अभी जो चल रहा है ना तो हम अच्छी आसन और प्राणायाम को ही अपनी अपनी लाइफ में एक जगह दे रही एक्चुली होगा जिसको अष्टांग योग बोलते हैं उसका यह जो स्टेडियम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि रेलवे में को पूरा है कि जिन को इस वर्ष जाना है अपने आप को स्पिरिचुअल लेवल तक जाना है योग के आठ वा टांग में 1111 स्टेप्स चाहिए उनके अभियान से चालू करके लास्ट में समाधि तक जा सकते हैं तो अष्टांग योग कोई ऐसे अलग डिवीजन नहीं है कि आसन जोगी हो गया दूसरा हो गया क्या योग एक ही है और यह आप उनके अलग अलग से जिसमें जिसमें आप बारी-बारी 1111 करती है लास्ट आठवां जो चीज है मेडिटेशन दिल को बोलते आप उस में जा सकते हैं लेकिन आपको हर एक पेज को फॉलो करना है जम के अंदर आता है कि आपको अहिंसा नहीं करनी है हमेशा सत्य बोलना है ईश्वर के प्रति अपने को समर्पित करना है फिर किसी की निंदा नहीं करनी है किसी का अपने मन में भावना पहले तो अपने को मेंटली और फिजिकली शुद्धिकरण से पहले मेडी करण उसके बाद आसन प्राणायाम प्रत्याहार आता है कि आप अपनी इंद्रियों है उनके ऊपर काबू रखें फिर धारणा एक फौजी के ऊपर अपने आप को कौन सी ट्रैक्टर के महाराणा फिर ध्यान और समाधि उनके अलग अलग से एक ही है उनके स्तर से लेकर धीरे-धीरे 8:00 बजे तक जा सकते हैं अष्टांग योग कुछ अलग नहीं है इस तरह से उनके स्टेज वाइस में

aisa nahi hai ki ashtanga yog kuch alag hai ashtanga yog ka matlab hai ki yog ke aath ang hai jis mein aata hai yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi aaj jo hai vaah ang hai aur usko ashtanga yog bolte hain jisme yum niyam mein bhi alag alag phir usme baketed hota hai ki jaise aapko hum alag jawab de abhi jo chal raha hai na toh hum achi aasan aur pranayaam ko hi apni apni life mein ek jagah de rahi ekchuli hoga jisko ashtanga yog bolte hain uska yah jo stadium niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi railway mein ko pura hai ki jin ko is varsh jana hai apne aap ko Spiritual level tak jana hai yog ke aath va taang mein 1111 steps chahiye unke abhiyan se chaalu karke last mein samadhi tak ja sakte hain toh ashtanga yog koi aise alag division nahi hai ki aasan jogi ho gaya doosra ho gaya kya yog ek hi hai aur yah aap unke alag alag se jisme jisme aap baari baari 1111 karti hai last aathwan jo cheez hai meditation dil ko bolte aap us mein ja sakte hain lekin aapko har ek page ko follow karna hai jam ke andar aata hai ki aapko ahinsa nahi karni hai hamesha satya bolna hai ishwar ke prati apne ko samarpit karna hai phir kisi ki ninda nahi karni hai kisi ka apne man mein bhavna pehle toh apne ko mentally aur physically shuddhikaran se pehle medi karan uske baad aasan pranayaam pratyahar aata hai ki aap apni indriyon hai unke upar kabu rakhen phir dharana ek fauji ke upar apne aap ko kaun si tractor ke maharana phir dhyan aur samadhi unke alag alag se ek hi hai unke sthar se lekar dhire dhire 8 00 baje tak ja sakte hain ashtanga yog kuch alag nahi hai is tarah se unke stage voice mein

ऐसा नहीं है कि अष्टांग योग कुछ अलग है अष्टांग योग का मतलब है कि योग के आठ अंग है जिस में आ

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Subhav Sharma

Yoga Expert

1:23
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देखिए अष्टांग योग है जैसे अष्टांग नियम होते मारे 8 उसके नाम पर अष्टांग योग पड़ा है उसका नियम क्या होते हमारे यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि योग को करने से क्या होता है कि इंसान के अंदर उसके शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक उसके शरीर में कंट्रोलिंग आती है मन में धैर्य उत्पन्न होता है और उसको समझ आती है उसको स्वयं का ज्ञान होता है तो अष्टांग योग करने से इंसान के अंदर गहरी समझ आती है जिसकी वजह से उसका पूरा जो भी किसी भी रोग से ग्रसित हैं वह से निकल जाता है अष्टांग योग में अपने अजय ट्रेडिशनल जी बाकी बात करते हैं या मॉडल व की बात करते हैं खिचड़ी भक्ति में बात करते हैं तो उसमें कुछ बेसिक बेसिक आसान आते हैं और मॉडल हीरो की तरह बात करते हैं तो जाती प्राइमरी सेकेंडरी हो सके तो आज का ताजा फल होता है अपनी-अपनी कंट्रोलिंग होती है रख लेना उसका

dekhiye ashtanga yog hai jaise ashtanga niyam hote maare 8 uske naam par ashtanga yog pada hai uska niyam kya hote hamare yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi yog ko karne se kya hota hai ki insaan ke andar uske sharirik mansik aur aadhyatmik uske sharir mein controlling aati hai man mein dhairya utpann hota hai aur usko samajh aati hai usko swayam ka gyaan hota hai toh ashtanga yog karne se insaan ke andar gehri samajh aati hai jiski wajah se uska pura jo bhi kisi bhi rog se grasit hain vaah se nikal jata hai ashtanga yog mein apne ajay traditional ji baki baat karte hain ya model va ki baat karte hain khichdi bhakti mein baat karte hain toh usme kuch basic basic aasaan aate hain aur model hero ki tarah baat karte hain toh jaati primary secondary ho sake toh aaj ka taaza fal hota hai apni apni controlling hoti hai rakh lena uska

देखिए अष्टांग योग है जैसे अष्टांग नियम होते मारे 8 उसके नाम पर अष्टांग योग पड़ा है उसका नि

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अष्टांग योग पतंजलि योग दर्शन के द्वितीय अध्याय आने साधन पाद में लिखा हुआ अष्टांग मार्ग है अष्टांग मार्ग योग को प्राप्त करने का आठ मार्ग बताया है जिसमें उन्होंने यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि तो यह 8 नियम बताए हैं योग के इनके द्वारा ही हमारा क्या कहते हैं योग पूर्ण हो पाता है यही अष्टांग योग है धन्यवाद

ashtanga yog patanjali yog darshan ke dwitiya adhyay aane sadhan pad mein likha hua ashtanga marg hai ashtanga marg yog ko prapt karne ka aath marg bataya hai jisme unhone yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi toh yah 8 niyam bataye hain yog ke inke dwara hi hamara kya kehte hain yog purn ho pata hai yahi ashtanga yog hai dhanyavad

अष्टांग योग पतंजलि योग दर्शन के द्वितीय अध्याय आने साधन पाद में लिखा हुआ अष्टांग मार्ग है

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Akhil

Yoga Expert

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अष्टांग योग में आठ अंग होते हैं उसका मतलब होता है आर्ट औरंग मतलब होता है पार्ट आठ अंग होते हैं जो है हम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि विश्व का सबसे पहले पतंजलि महर्षी पतंजलि योग सूत्र के तीसरे अध्याय में इसको यूज़ किया है तूने इश्क जो आज न्यूज़ में सबसे पहले हमारा व्यवहार कैसा होता है दुनिया ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह यानी कि हमें सच बोलना चाहिए या नहीं करनी चाहिए और जो चोरी नहीं करनी चाहिए कम से कम अपने पास रखना चाहिए ज्यादा इकट्ठे करने के बाद समाज के कुछ नियम है अंकुर सफाई रखनी चाहिए संतोष सपना चाहिए ईश्वर में विश्वास समर्पण रखना चाहिए और तपस्या निक्की हमें तपस्या के जरिए कुछ भी अगर अच्छा बुरा होता है तो उसने मन को एक का संरक्षण तो रखनी चाहिए इसकी वजह से उसको हैं जो कि आज दुनिया में लगभग 84 आसन 2 में से 84000 के बीच में अलग-अलग आतंकी हुए हैं बॉडी पोस्टर शास्त्र कहते हैं यानी की बॉडी को एक एक पोस्टर में स्थित करना जिससे कि आपकी बॉडी सशक्त हो और स्टील हो जाएगा लेकिन आपकी बॉडी ध्यान के लिए प्रिपेयर हो जाए उसके बाद प्रणब आता है श्वास की प्रक्रिया है प्रणाम जिससे कि आप पर नियंत्रण पा कितना तक यहां रहता है उसको कहते हैं कि अपने इंद्रियों को अंदर की ओर एकाग्र करना जो हमारी इंद्रियां पूरे संसार की ओर एक पागल लड़की जाने की फाइट एचडी सेमरी और संचार पर ध्यान देते हैं इसका मतलब है उनको अंदर केंद्रित करना अपने शरीर और मन ने इसके बाद धारणा धारणा को कहते हैं एकाग्रता यदि किसी भी वस्तु करियर मंत्र पर मन को एकाग्र करना इसके बाद ध्यान आता है ना अभी आने की कोई भी धरना को ही अगर हम लंबे समय तक करते हैं तो एफर्टलेस हो जाता लेकिन उसमें हमें प्रयास करने की जरूरत नहीं पड़ती हमारा मन मेडिकल ही एकाग्रता है उसको ध्यान करते हैं और लंबे समय तक हम करते हैं तो फिर वह समाधि कहते हैं समाधि में क्वांटम लीप होती है जो कि एक अलग स्वीडन से उसको शब्दों में बताना बहुत ही मुश्किल है उसमें हमारा त्रिपुटी का भंग हो जाता है या नहीं तीन चीज दृष्टा दृश्य और दर्शन एक साथ मिल जाते हैं तो यह अष्टांग योग के आठ अंग है

ashtanga yog mein aath ang hote hain uska matlab hota hai art aurang matlab hota hai part aath ang hote hain jo hai hum pratyahar dharana dhyan aur samadhi vishwa ka sabse pehle patanjali maharshi patanjali yog sutra ke teesre adhyay mein isko use kiya hai tune ishq jo aaj news mein sabse pehle hamara vyavhar kaisa hota hai duniya brahmacharya aur aparigrah yani ki hamein sach bolna chahiye ya nahi karni chahiye aur jo chori nahi karni chahiye kam se kam apne paas rakhna chahiye zyada ikatthe karne ke baad samaj ke kuch niyam hai ankur safaai rakhni chahiye santosh sapna chahiye ishwar mein vishwas samarpan rakhna chahiye aur tapasya nikki hamein tapasya ke jariye kuch bhi agar accha bura hota hai toh usne man ko ek ka sanrakshan toh rakhni chahiye iski wajah se usko hain jo ki aaj duniya mein lagbhag 84 aasan 2 mein se 84000 ke beech mein alag alag aatanki hue hain body poster shastra kehte hain yani ki body ko ek ek poster mein sthit karna jisse ki aapki body sashakt ho aur steel ho jaega lekin aapki body dhyan ke liye prepare ho jaaye uske baad pranab aata hai swas ki prakriya hai pranam jisse ki aap par niyantran paa kitna tak yahan rehta hai usko kehte hain ki apne indriyon ko andar ki aur ekagra karna jo hamari indriya poore sansar ki aur ek Pagal ladki jaane ki fight hd semri aur sanchar par dhyan dete hain iska matlab hai unko andar kendrit karna apne sharir aur man ne iske baad dharana dharana ko kehte hain ekagrata yadi kisi bhi vastu career mantra par man ko ekagra karna iske baad dhyan aata hai na abhi aane ki koi bhi dharna ko hi agar hum lambe samay tak karte hain toh chahiye ho jata lekin usme hamein prayas karne ki zarurat nahi padti hamara man medical hi ekagrata hai usko dhyan karte hain aur lambe samay tak hum karte hain toh phir vaah samadhi kehte hain samadhi mein quantum leap hoti hai jo ki ek alag Sweden se usko shabdon mein bataana bahut hi mushkil hai usme hamara triputi ka bhang ho jata hai ya nahi teen cheez drishta drishya aur darshan ek saath mil jaate hain toh yah ashtanga yog ke aath ang hai

अष्टांग योग में आठ अंग होते हैं उसका मतलब होता है आर्ट औरंग मतलब होता है पार्ट आठ अंग होते

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Honey Khanchandani

Yoga Expert

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टांग योग किसे कहा जाता है योग का ही एक फॉर्म है लेकिन आम से अलग हो गए फोन है जिसको लेकर ही किया जाता है उसका डिटेल है कि योग के ही नाम है कि हम जो भी यह योग से जुड़े रहे हैं उन्हें हमें पता है कि हमें अष्टांग योग करना है कि योग के आसन है उन्हें कुछ कुछ आसन के नाम बताए गए हैं आटा बताए गए फुल सब का एक पैकेट खनकेगी वर्ष आयु के लिए आ गया है

taang yog kise kaha jata hai yog ka hi ek form hai lekin aam se alag ho gaye phone hai jisko lekar hi kiya jata hai uska detail hai ki yog ke hi naam hai ki hum jo bhi yah yog se jude rahe hain unhe hamein pata hai ki hamein ashtanga yog karna hai ki yog ke aasan hai unhe kuch kuch aasan ke naam bataye gaye hain atta bataye gaye full sab ka ek packet khankegi varsh aayu ke liye aa gaya hai

टांग योग किसे कहा जाता है योग का ही एक फॉर्म है लेकिन आम से अलग हो गए फोन है जिसको लेकर ही

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Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

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अष्टांग योग जैसा नाम से ही स्पष्ट है अष्टांग योग के आठ अंग होते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि की व्याख्या बहुत लंबी है लेकिन शार्ट में हम सबसे पहले जाने पीएम क्या है और नियम क्या है अगर हमारे नियम है और सत्य अहिंसा ब्रह्मचर्य अपरिग्रह हमारी या में इन तथ्यों में पर नियंत्रण होना इस बसों को ठीक से समझ लेना दोस्तों को आगे लेकर भागने के बाद ही हम आसन में आते फिर प्राणायाम प्राणायाम आसन प्राणायाम फिर आगे बढ़ते हैं धारणा ध्यान और समाधि योग का 8 अंकों के दौरान

ashtanga yog jaisa naam se hi spasht hai ashtanga yog ke aath ang hote hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi ki vyakhya bahut lambi hai lekin shaart mein hum sabse pehle jaane pm kya hai aur niyam kya hai agar hamare niyam hai aur satya ahinsa brahmacharya aparigrah hamari ya mein in tathyon mein par niyantran hona is bason ko theek se samajh lena doston ko aage lekar bhagne ke baad hi hum aasan mein aate phir pranayaam pranayaam aasan pranayaam phir aage badhte hain dharana dhyan aur samadhi yog ka 8 ankon ke dauran

अष्टांग योग जैसा नाम से ही स्पष्ट है अष्टांग योग के आठ अंग होते हैं यम नियम आसन प्राणायाम

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Sunil Verma

Yoga Instructor

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अष्टांग योग योग के आठ अंग है पतंजलि के अनुसार जो हमारे योग ऋषि पतंजलि का जो होता है पतंजलि अंग्रेजी पुस्तक से उन्होंने उसी को माता क्यों कहते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि ब्रिटिश कोलंबिया

ashtanga yog yog ke aath ang hai patanjali ke anusaar jo hamare yog rishi patanjali ka jo hota hai patanjali angrezi pustak se unhone usi ko mata kyon kehte hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi british Colombia

अष्टांग योग योग के आठ अंग है पतंजलि के अनुसार जो हमारे योग ऋषि पतंजलि का जो होता है पतंजलि

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Dr Abhinav Chaturvedi

yoga Instructor, Physiotherapist, Naturopath

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अष्टांग योग अष्टांग योग जो है वह योग के आठ भाग होते हैं यम नियम ध्यान समाधि प्राणायाम अष्टांग योग के एमपी blr5 12 नियम विद्यालय 5 भाग इन सबको मिलाकर योग अष्टांग योग बनता है

ashtanga yog ashtanga yog jo hai vaah yog ke aath bhag hote hain yum niyam dhyan samadhi pranayaam ashtanga yog ke mp blr5 12 niyam vidyalaya 5 bhag in sabko milakar yog ashtanga yog banta hai

अष्टांग योग अष्टांग योग जो है वह योग के आठ भाग होते हैं यम नियम ध्यान समाधि प्राणायाम अष्ट

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Ratnesh Choubey

Yoga Trainer

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जिसका नाम है अष्टांग योग के अंदर अधिकतर जो शब्द हैं वह सब संस्कृत के संस्कृत चले गए की उत्पत्ति ही हमारी सनातनी परंपरा से हुई है तो इसमें अष्टांग योग के आठ अंग के बारे में मैं आपको बताता हूं पहला दूसरा नियम तीसरा है आसन चौथा है प्रत्याहार पांचवा है उसके बाद छोटा है धारणा और फिर है समाधि जो अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं और आधार अध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति कर सकते हैं

jiska naam hai ashtanga yog ke andar adhiktar jo shabd hain vaah sab sanskrit ke sanskrit chale gaye ki utpatti hi hamari sanatani parampara se hui hai toh isme ashtanga yog ke aath ang ke bare mein main aapko batata hoon pehla doosra niyam teesra hai aasan chautha hai pratyahar panchava hai uske baad chota hai dharana aur phir hai samadhi jo apne aap ko swasthya rakh sakte hain aur aadhaar adhyatmik urja ki prapti kar sakte hain

जिसका नाम है अष्टांग योग के अंदर अधिकतर जो शब्द हैं वह सब संस्कृत के संस्कृत चले गए की उत्

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Avisekh Kashyap

Yoga Instructor

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अष्टांग योग अष्टांग योग में ही आते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि के अष्टांग योग में यम है यम के अंतर्गत यादी पाठवा गए नियम के लिए 5:12 a.m. नियम के बाद मर जाता है क्योंकि नंबर प्राणायाम उसके बाद प्रतिहार प्रतिहार मतलब होता है जिसे कछुआ को ले लीजिए कछुआ को जब किसी खतरे का हाथ होता है तो अपने सारे रंग को अपने अंदर समेट लेता है वह अपने इंद्रियों को अपने शरीर में समझ लेना उसके बाद हारना एक पॉइंट पर होकर ध्यान करना प्रत्याशी धारणा धारणा के बाद ध्यान आता है ध्यान आप ध्यान में दिया था जो होता है वह विलुप्त हो जाता है ध्यान करते समय अपने शरीर का आभास नहीं होता है यदि कोई सच्चे मन से ध्यान करता है यदि कोई साधक है बहुत बढ़ ओके ध्यान कर रहा है और उसका ध्यान लग गया तो जो ध्यान करने वाला है वह सेंड उस जगह विलुप्त हो जाता है केवल 20 पॉइंट को देख रहा है वही ध्यान समाधि समाधि मतलब मोक्ष की प्राप्ति समाधि से हमारे जितने भी शतचक्र हैं वह खुल जाते हैं कुंडली जागरण की से होता है समाधि का संकेत नहीं है यार

ashtanga yog ashtanga yog mein hi aate hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi ke ashtanga yog mein yum hai yum ke antargat yadi pathva gaye niyam ke liye 5 12 a m niyam ke baad mar jata hai kyonki number pranayaam uske baad pratihar pratihar matlab hota hai jise kachua ko le lijiye kachua ko jab kisi khatre ka hath hota hai toh apne saare rang ko apne andar samet leta hai vaah apne indriyon ko apne sharir mein samajh lena uske baad harana ek point par hokar dhyan karna pratyashi dharana dharana ke baad dhyan aata hai dhyan aap dhyan mein diya tha jo hota hai vaah vilupt ho jata hai dhyan karte samay apne sharir ka aabhas nahi hota hai yadi koi sacche man se dhyan karta hai yadi koi sadhak hai bahut badh ok dhyan kar raha hai aur uska dhyan lag gaya toh jo dhyan karne vala hai vaah send us jagah vilupt ho jata hai keval 20 point ko dekh raha hai wahi dhyan samadhi samadhi matlab moksha ki prapti samadhi se hamare jitne bhi shatchakra hain vaah khul jaate hain kundali jagran ki se hota hai samadhi ka sanket nahi hai yaar

अष्टांग योग अष्टांग योग में ही आते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समा

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अच्छा आज का 8 और 5 अंक का मतलब पार्ट्स और अंग अंग में आराधना ध्यान समाधि योग सूत्र में ऐसी पतंजलि डिस्क्राइब करें इसमें कंप्लीट एक योगिक उन्होंने वर्णन किया है कि कैसे सोचना चाहिए कैसे दूसरे को रेस्पेक्ट देना चाहिए कैसे प्रतिदिन हमें आसन पूर्णिमा करना चाहिए और कैसे डालना रखें ध्यान करना चाहिए और कैसे हम अपने जीवन को आशीष दे जाने की समाधि इनलाइटनमेंट तक ले जा सकते हैं तो अष्टांगा योगा है योग के रूप में अंदर जाने का या जोधपुर सीखने का सबसे सिंपल सरल और सिस्टर नैतिक तरीका है योग्यता लक्ष्य चला जाएगा यही कहना चाहूंगा कि हमें

accha aaj ka 8 aur 5 ank ka matlab parts aur ang ang mein aradhana dhyan samadhi yog sutra mein aisi patanjali describe kare isme complete ek yogic unhone varnan kiya hai ki kaise sochna chahiye kaise dusre ko respect dena chahiye kaise pratidin hamein aasan poornima karna chahiye aur kaise dalna rakhen dhyan karna chahiye aur kaise hum apne jeevan ko aashish de jaane ki samadhi inalaitanament tak le ja sakte hain toh ashtanga yoga hai yog ke roop mein andar jaane ka ya jodhpur sikhne ka sabse simple saral aur sister naitik tarika hai yogyata lakshya chala jaega yahi kehna chahunga ki hamein

अच्छा आज का 8 और 5 अंक का मतलब पार्ट्स और अंग अंग में आराधना ध्यान समाधि योग सूत्र में ऐसी

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Saroj Kumar Ksheti

Yoga Instructor/Practitioner

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अष्टांग योग क्या है मैं पहले भी कह चुका हूं यह सिद्धांत एक प्रश्न है और ऐसे सिद्धांत हमारे सिद्धांतों में मिल जाते हैं हर जगह पर उपलब्ध है आप नेट पर सर्च मार कर देख सकते हैं या किसी पुस्तक को विशेष प्रवृत्त होते हुए भी आप का ध्यान कर सकते हैं इस प्रकार के सवाल करना यह ज्यादा अच्छा होगा जिसका हमें जवाब नहीं मिलता ना होगा प्रायोगिक हो या हम कोई चीज कर रहे हैं इन पर आई हुई समस्याएं उससे संबंधित कोई प्रश्न हो आपके मन में इसका उत्तर कहीं नहीं मिल रहा हो इस प्रकार के अगर सवाल यह करें तो आपके लिए भी फायदा होगा हमें बताने में भी हमें खुशी मिलेगी सिद्धांत इन प्रश्नों के उत्तर पर कहीं उपलब्ध है और ऐसा हो सकता है तो सिद्धांत को रटा हुआ हो ठीक से आपको पता नहीं कितना अपने दिमाग को कितना पका दिया और क्या क्या आपको बता दें जो आपके लिए कोई आवश्यक ना हो

ashtanga yog kya hai pehle bhi keh chuka hoon yah siddhant ek prashna hai aur aise siddhant hamare siddhanto mein mil jaate hain har jagah par uplabdh hai aap net par search maar kar dekh sakte hain ya kisi pustak ko vishesh parvirt hote hue bhi aap ka dhyan kar sakte hain is prakar ke sawaal karna yah zyada accha hoga jiska hamein jawab nahi milta na hoga prayogik ho ya hum koi cheez kar rahe hain in par I hui samasyaen usse sambandhit koi prashna ho aapke man mein iska uttar kahin nahi mil raha ho is prakar ke agar sawaal yah kare toh aapke liye bhi fayda hoga hamein batane mein bhi hamein khushi milegi siddhant in prashnon ke uttar par kahin uplabdh hai aur aisa ho sakta hai toh siddhant ko rata hua ho theek se aapko pata nahi kitna apne dimag ko kitna paka diya aur kya kya aapko bata de jo aapke liye koi aavashyak na ho

अष्टांग योग क्या है मैं पहले भी कह चुका हूं यह सिद्धांत एक प्रश्न है और ऐसे सिद्धांत हमारे

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Sunil Sonagara

Yoga Expert

1:05
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अष्टांग योग ऑडियो कुल मिलाकर के आठ अंग है यह जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा और ध्यान का समावेश था क्योंकि अगर पढ़कर हम बात करें तो उसमें यम नियम जो है आई एम नियम नियम जो है कुल मिलाकर के पांच है जैसे ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह नियम जो है वह भी पांच है तो साउथ संतोष स्वाध्याय और इस पर प्रयोग करने के नियम नियम का पालन आवश्यक है अगर हम ठीक से कर लेते हैं तभी हम एक एलिजिबिलिटी होते हैं इसके लिए जॉब के लिए आप ऐसे ही योग करने के लिए यही है कि आप यम नियम का पालन करें और उसके बाद ही आसन प्राणायाम के बाद आसन आता है तीसरा स्टेप तबीयत ठीक उसके बाद प्रणाम करता हूं

ashtanga yog audio kul milakar ke aath ang hai yah jisme yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana aur dhyan ka samavesh tha kyonki agar padhakar hum baat kare toh usme yum niyam jo hai I M niyam niyam jo hai kul milakar ke paanch hai jaise brahmacharya brahmacharya aur aparigrah niyam jo hai vaah bhi paanch hai toh south santosh swaadhyaay aur is par prayog karne ke niyam niyam ka palan aavashyak hai agar hum theek se kar lete hain tabhi hum ek eligibility hote hain iske liye job ke liye aap aise hi yog karne ke liye yahi hai ki aap yum niyam ka palan kare aur uske baad hi aasan pranayaam ke baad aasan aata hai teesra step tabiyat theek uske baad pranam karta hoon

अष्टांग योग ऑडियो कुल मिलाकर के आठ अंग है यह जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा

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Yogacharya Bindu Rani

Yoga Instructor Yog Teacher Yogacharya=yogdham Yog Center In Meerut, 19 Years Experience,yoga Classes At Home Yoga, Mediation Classes, Aerobic Classes ,yoga Classes For Ladies, Power Yoga Classes, Pilates Yoga Classes, Yoga Classes For Children's, Yoga Classes For Pregnant Women, आयुर्वेदाचार्य, नैचुरोपैथी

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अष्टांग योग में 8 अंगों द्वारा अभ्यास प्रणब आयोग की साधना करना है अष्टांग योग में यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि के अष्टांग योग में अष्टांग योग में अंगों को पुष्ट किया जाता है यह परिणाम साधना के द्वारा

ashtanga yog mein 8 angon dwara abhyas pranab aayog ki sadhna karna hai ashtanga yog mein yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi ke ashtanga yog mein ashtanga yog mein angon ko pusht kiya jata hai yah parinam sadhna ke dwara

अष्टांग योग में 8 अंगों द्वारा अभ्यास प्रणब आयोग की साधना करना है अष्टांग योग में यम नियम

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