यदि आप सिज़ोफ्रेनिया का इलाज नहीं करते हैं तो क्या होता है?...


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Dr. Nitya Prakash

Clinical Psychologist

3:22
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मुझे लगता है चिपमंक जॉब बहुत जरूरी हो जाता है वही मैंने बोला कि अगर यह बहुत ही इंट्रेंस और दूसरों के लिए गरीब सेट हो जाए तो अगर सीट में नहीं हो तो मुझे लगता है कि और दाखिल की गई इन ह्यूमन यू नो किसी को ऐसे सफर करते हुए देखना अकेले और इंसान फिर खुद में इस तरीके से समा जाएगा 1991 समाज उस इंसान को कुछ नहीं होगा आप समझ रहे हो इंसान दूसरों के लिए प्रॉब्लम बन जाएगा वह अपनी दुनिया में खुश रहे और हमारे समाज ऐसी है कि हम उनको नहीं रख पाएंगे यह दूसरों लोगों की भी प्रॉब्लम है हम लोगों की प्रॉब्लम है जो हम आम समाज के लोग हैं कि हम ऐसे लोगों को उनके लिए कोई जगह नहीं पिया तो हम उनको पागल करके दोनों पागल कह देंगे उनको पागलों की तरह फिट करेंगे उनको आउटकास्ट कर दिया जाएगा क्यों ऐसा ना हो इसीलिए यूपी कैटेट मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल या कोई चेयर होम होना बहुत जरूरी है और यह भी हमारे सरकार को ही समझना पड़ेगा क्योंकि ऐसी चीजें बहुत कॉमन है लोग नहीं बात करते हैं लेप्रसी में हुआ था पृथ्वी में क्या हुआ था वह चीजों को उन लोगों को समाज के बाहर निकाल दिया गया था उनके लिए कोई हॉस्पिटल कुल्चा नहीं बनाए लेकिन क्या हुआ वह खत्म हो गई क्या तुम खत्म शौक खत्म हो गए तो वैसा ही होगा अगर हम उन लोगों को छोड़ देंगे तो यह बीमारी नहीं खत्म होगी वह लोग खत्म हो जाएंगे बीमारी तो वापस आ जाती है प्रीति नहीं तो न्यू तरीके की बीमारी आ रही है हमें पता है तो वही होगा और आ जाएगा उस इंसान से बहुत लोग जुड़े हैं उनका जुड़ा जुड़ा हुआ है पूरी और हमारी इंडियन सोसायटी करना इंसान की बात नहीं है और काफी हद तक जेनेटिक्स का भी माना गया है मत बहुत विश्वास हुआ है तो आप देखोगे कि बहुत फैमिली जहां पर एक के साथ ऐसा नहीं है जरूरी नहीं है कि बैठा हो जैसा कैंसर का भी जेनेटिक्स और सोंग ठाट माना जाता है जरूरी नहीं है लेकिन अगर कोई एक है तो हमें बहुत इंपॉर्टेंट है मानना है पहले यह सारी चीजें सही हो सकती हैं जैसे कैंसिल भी सही हो जाता है लोग टाइप करते हैं तो यह मेंटल है उसमें यह भी फाइट करा जाता है लेकिन जैसे कैंसर के पेशेंट को कितने सारे लोग मिलकर फाइट करते हैं वही काशी का इंसान नहीं है तो वैसे ही हमें समाज को अपने हमारे पैर जो भी इंसान हो जो टेक्निक एंड पीपल हैंड लाइफ में उन सबके लिए है तो अकेला छोड़ ना तो एक पोस्ट अगर हम उस तरीके का इंसेंटिव रखेंगे तो मुझे नहीं लगता कि सलमान गुरु कर पाएगी एक बेहतर यूनिटी के लिए

mujhe lagta hai chipamank job bahut zaroori ho jata hai wahi maine bola ki agar yah bahut hi interest aur dusro ke liye garib set ho jaaye toh agar seat mein nahi ho toh mujhe lagta hai ki aur dakhil ki gayi in human you no kisi ko aise safar karte hue dekhna akele aur insaan phir khud mein is tarike se sama jaega 1991 samaj us insaan ko kuch nahi hoga aap samajh rahe ho insaan dusro ke liye problem ban jaega vaah apni duniya mein khush rahe aur hamare samaj aisi hai ki hum unko nahi rakh payenge yah dusro logo ki bhi problem hai hum logo ki problem hai jo hum aam samaj ke log hain ki hum aise logo ko unke liye koi jagah nahi piya toh hum unko Pagal karke dono Pagal keh denge unko paagalon ki tarah fit karenge unko outcast kar diya jaega kyon aisa na ho isliye up kaitet mental health hospital ya koi chair home hona bahut zaroori hai aur yah bhi hamare sarkar ko hi samajhna padega kyonki aisi cheezen bahut common hai log nahi baat karte hain leprasi mein hua tha prithvi mein kya hua tha vaah chijon ko un logo ko samaj ke bahar nikaal diya gaya tha unke liye koi hospital kulcha nahi banaye lekin kya hua vaah khatam ho gayi kya tum khatam shauk khatam ho gaye toh waisa hi hoga agar hum un logo ko chod denge toh yah bimari nahi khatam hogi vaah log khatam ho jaenge bimari toh wapas aa jaati hai preeti nahi toh new tarike ki bimari aa rahi hai hamein pata hai toh wahi hoga aur aa jaega us insaan se bahut log jude hain unka juda juda hua hai puri aur hamari indian sociaty karna insaan ki baat nahi hai aur kaafi had tak genetics ka bhi mana gaya hai mat bahut vishwas hua hai toh aap dekhoge ki bahut family jaha par ek ke saath aisa nahi hai zaroori nahi hai ki baitha ho jaisa cancer ka bhi genetics aur song thaat mana jata hai zaroori nahi hai lekin agar koi ek hai toh hamein bahut important hai manana hai pehle yah saree cheezen sahi ho sakti hain jaise cancel bhi sahi ho jata hai log type karte hain toh yah mental hai usme yah bhi fight kara jata hai lekin jaise cancer ke patient ko kitne saare log milkar fight karte hain wahi kashi ka insaan nahi hai toh waise hi hamein samaj ko apne hamare pair jo bhi insaan ho jo technique and pipal hand life mein un sabke liye hai toh akela chod na toh ek post agar hum us tarike ka incentive rakhenge toh mujhe nahi lagta ki salman guru kar payegi ek behtar unity ke liye

मुझे लगता है चिपमंक जॉब बहुत जरूरी हो जाता है वही मैंने बोला कि अगर यह बहुत ही इंट्रेंस और

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