भारत की शिक्षा में क्या बदलाव होना चाहिए?...


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Manish Menghani

Health & parenting Advisor

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इंडियन लड़की लड़की कस्टमर केयर किनारे सस्ती मुझे इसकी वजह से उसने जहां पर जो प्रोडक्शन होना चाहिए उसके लिए जो लोगों की कमी है वह जैसे लोग अपनी स्टडी कंप्लीट करते हैं तो हम को सीधे बाहर की तरफ हत्या कर दी जाती है प्लेसमेंट नहीं आ जाता है कि मैंने आज के समय में माहौल में कुछ बैलेंस ऐसे भी हैं जब अधिकांश पेरेंट्स जो बहुत अच्छी सैलरी नहीं मिल पाने के कारण से अपने बच्चों को इंडिया से बाहर पढ़ने के लिए भेज देते अगर वही प्लेसमेंट ऑफिस जॉब लग जाता है तो बाड़मेर शिक्षा नीति कुछ इस तरह से होनी चाहिए जिससे कि उनको बहुत ही उपलब्ध कराई जा सके जिससे कि भारत में ही उनको उतरा अच्छा पैसा मिल सके जितना कि वह बार उम्मीद करते हैं लेकिन हमारे भारत में एक लंबे समय से बहुत ज्यादा धन कमाने की आकांक्षा के कारण बाहर जाने का प्रतिशत बहुत ज्यादा लाइक करें हमारा टैलेंट गुमला के बाहर के विदेश में द्वारा कैसे किया जाता है जो एक बहुत ही बड़ा दुर्भाग्य हमारे लिए है शिक्षा में ऐसा पूछा कि क्या बताओ ना क्या शिक्षा नीति हमारे भारत के रोजगार के अनुरूप होने चाहिए हमारे अधिकारों को भी उसी आरोप पर तैयार होना होगा जिससे हमारे जो शिक्षा देने वाले जो व्यक्ति विशेष है उनको ऐसा रोजगार उपलब्ध हो सके जिससे वह आसानी से एक अच्छा पैसा बनाने में अच्छी आमदनी कम सक्षम हो सकता है अगर हमारी अच्छा बिजनेस करना नहीं चाहती है तो हम कभी भी अपने जीवन में एक अच्छे वेल्डर ट्रेड पसंद नहीं बताएंगे तो मुझसे हमारी शिक्षा का अभी तक हमारे कार्य क्षेत्र से कोई लिंक नहीं है लेकिन हमारी शिक्षा नीति हमारे रोजगार से सीधे तौर पर जुड़ जाए जो आजकल हमारे शिक्षा का हीरोइन कार्यक्रम हो गया है कि वह जरूरी है क्या बारिश शिक्षा को रोजगार दिलाने के लिए तैयार करना होगा जो कि शिक्षा में रहते हुए बच्चे को रोजगार के लिए उन्मुख कर सके तैयार कर सके जिससे कि बच्चे को यह महसूस नहीं हुआ कि मैं सिर्फ एजुकेशन रहा हूं मैं अपने मां बाप के ऊपर डिपेंड हूं जब सागर इंडिपेंडेंट होगा तो बस का बस का शिक्षा किधर भेजा नहीं होता है साथ ही साथ अगर उनको साथ में नहीं मिलती है उसके बदले तो निश्चित रूप से हमारे देश का भी विकास होता है जहां पर पैसा हमें गलत लोगों को दिया जा रहा है जो कि उसके लिए डिजाइन नहीं करते हैं जिन टीचरों को दे रहा था उनसे कई में जो है बच्चों को अगर स्टाइपेंड प्ले स्टोर खोल दिया जाए प्रसन्न को शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराया जाए ऐसे उपलब्ध जब तक बहुत कम हॉस्टल अवेलेबल है तो हमारे यूथ को एक बेहतरीन शिक्षक और उसके साथ में एक अध्यापक के रूप में इतनी रकम बन सकेगी कि वह अपने खर्चों के लिए अपने माता पिता पर निर्भर ना हो सकें लेकिन हमारे शिक्षा पूरी तरह से शुक्रिया और बाहर इसका कल्चर बहुत ही ज्यादा है अगर इसका गलत उपयोग होता है लेकिन अगर उसके लिए सही पैमाने पर रखे जो कदम उठाया जाए कि हम यह पता है वह इस सब जगह भी समझो कि यह एजुकेशन से हम यह रोजगार में जाने के लिए तैयार रहेंगे और उस और रोजगार में हमारे लिए जगह होगी और हमें बाजार मिलेगा हमें इनकम मिलेगी यह बातें बी एस थर्ड ईयर क्योंकि आज हमारे यहां गवर्नमेंट सेक्टर प्राइवेट सेक्टर में प्राइवेट में एक बहुत डर वाला माहौल है और गवर्नमेंट सेक्टर वाले बिल्कुल ले जिंदगी में समानता है दिमाग में समानता हुआ में एक गवर्नमेंट जॉब से निकल नहीं दे रही है जबकि हम यह नहीं जानते सैलरी के रूप में मिलती है उसमें कुछ भी काम हमसे करवाती है साथ ही साथ में हमारे 50% ऑफ द सैलरी को निकालने का तरीका उन्होंने पहले से तैयार किया होता है इसी कारण आप देखेंगे कि गवर्नमेंट जॉब वाले अपनी सैलरी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते और एक तरफ जहां प्राइवेट सेक्टर में भी हमें खाने को तैयार है तो यह सब हमारी कमी आई है जिन्होंने इस हार जीत जीत जीत की मानसिकता से आगे बढ़े हमको दे सलवार बनाने में सक्षम है अगर हम एकजुट हो जाए आपस में विचार सकती है क्योंकि हम दिल को चुनकर के ऊपर भेजते हैं वही तो पॉलिसी बनाते हैं वही तो मैं काटने की पॉलिसी बनाते हैं तो हम क्यों आपस में लड़े बिना आपस में मिलकर के पॉलिसी नहीं मिलता है policy-making का काम ही हम करें जलेसर शिक्षा नीति केंद्र बल्कि हमारे वेल्थ क्रिएशन के लिए अपने गम के लिए हो अगर हम एक दूसरे को कंट्रीब्यूट करें उनको आगे बढ़ने के लिए तो काहे की जरूरत है कि हम किसी और को हमको ऐसी स्थिति में लाना चाहे प्राइवेट सेक्टर 54 सेक्टर दोनों ही हमारा शोषण करें नौकरी मतलब से शराब अपने लिए काम करते हैं लेकिन उसके लिए पैसे की जरूरत नहीं है यार एक बहुत बड़ी इसको हमें ही पैदा किया है और हम भी इस को पूरी तरह से सुधार सकते हैं लेकिन उसके लिए पूरा फोकस और तैयारी की जरूरत होती है और हम सबको मिलकर के एक साथ आना पड़ेगा यह तेरा यह मेरा की भावनाओं को छोड़ कर के हमें एकजुट होकर के काम करने की जरूरत है जैसे कि अभी है चित्र है कि पूरे संसार के लोग क्योंकि इस दिक्कत से जूझ रहे हैं तो लड़का करेंसी के कांसेप्ट को जन्म दिया है जो कि इसी बेरोजगारी यह हमारी शिक्षा नीति के के मूल मंत्र को मूल उपयोग को नहीं पाने के कारण से उत्पन्न हुआ है जहां पर हमारी तरह जी को एक दूसरे करेंसी में चेंज किया जाता है वहां से पैसे कमाने की शुरुआत हुई है जो अपने पूरा ही नया क्षेत्र है जिसके आगे सरकार को भी झुकना पड़ा क्योंकि इसमें पूरे विश्व के युवा इंवॉल्व हमें यह समझने का मौका जरूरी है क्योंकि शिक्षा का मूल है हमारा जो है एम जो है के गोलघर मॉर्निंग है कोडिंग के बाद खूब कम एयरपोर्ट पर मिल रही है तो आप जरा एफर्ट्स करके एंडिंग किया कर मुझे एक बार सीख लीजिए टिप्स फंडिंग के लिए तो आपने बहुत सारे मौके तैयार करें थैंक यू

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