भगवान के डाकिए इस संसार को क्या संदेश देना चाहते हैं?...


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भगवान के डाकिए देखिए आपका कृष्ण बहुत रोचक है भगवान के डाकिए वह होते हैं जो अवतार इक होते हैं जो संदेश वाहक होते हैं जो राम कृष्ण बुद्ध महावीर दरिया पलटू कबीर सूर मीरा यह सब क्या है यह झांकियां हैं जो दांत लेकर आते हैं अर्थात आपके संदेश आपके संदेश को लेकर आते हैं आपके संदेश को लेकर आते हैं और क्या करते हैं यहां अनाचार दुराचार भी विचार की जो खाई है उसको बांटने की कोशिश करते हैं जहां जातिगत बरगद या नाना प्रकार की विसंगतियां जाती है व्यक्ति व्यक्ति को पहचान नहीं पाता है मानव मानव से प्रेम नहीं करना चाहता है उसको एक सूत्र में बांधने की कोशिश करते हैं चुकी हम यह कहना चाहेंगे कि कोई व्यक्ति यदि किचन में है उसकी चर को निकालने के लिए स्वच्छ जल की आवश्यकता होनी चाहिए यदि और कीचड़ से कीचड़ नहीं हुआ जा सकता उदाहरण में देना चाहूंगा कि सुल्ताना बरसात था और वर्षा होने के नाते वह है क्योंकि परमात्मा से कबूल करके आया था चुके राज चूक चूक न राज मिलता है तपस्या में कोई चूक होने पर राजा की या राजधान मिलते हैं उस क्रम में उनको राजा होने का अधिकार मिला था और उस अधिकार को सुल्ताना बरसा विस्मित कर दिया था नहीं समझ पाया जिसके चलते परमात्मा को श्वेता ज्ञान के क्रम में चाहते क्या हैं किस तरह से वह घर दरवाजे को छोड़ देता है सुल्ताना बस सा उसी पर हमारी एक संत ने भजन दिए हैं कि सुल्ताना बलक बुखारे का सोयाबीन का खाते लुक माय मदर मिश्रीकंद छुहारे का जिनके संग कटक दल बादल 900 उठना कार्य का सोया बाबा हां जब उठा मन लागे दरबार जिनके सजना फुल बिछावना कलियां न्यारे न्यारे का स्वयं सेंड करें धरती पर कंकड़ बिना बहाली का सुल्ताना बलक बुखारे का अरे जिनके संग कटक दलबदल 9158 लागे नसीरपुर दरवाजे का सुल्ताना बलक बुखारे का यही जातियों का काम है और सुखी हमको तेरे गांव आने का दिन नागिन चाहना सुहागिन अच्छे से करो रे अनेक आने के उपदेश देकर प्रभु उपदेशक करता है प्रभु संकेत करता है कि तुम्हारी अबे चिट्ठी आ गई है तो उसको हमारे सतगुरु ने क्या कहा की पहली पट्ठा वाली थी ना जाना यह धोबिया ब्राम्हण बार बाबूजी तोरे पाऊंगा लागू अबे तेरे को मना दे भूत खेली नई हरवा दूसरी पथ पर लेके डोलिया कहार भाई भैया डोलिया भाई था मन नहीं लगता गुहार नई हरवा दिन जान ले जाई जोलिया कुंजाबन में उतारना कोई नहीं लाओगे हमार कहता सतगुरु सुनो भाई साधो असदुद्दीन का व्यवहार के लिए नई हरवा दिल चाहता है भगवान की झांकियां को यह संदेश देना चाहते हैं यह संदेश देना चाहते हैं यह संदेश देना

bhagwan ke dakiye dekhiye aapka krishna bahut rochak hai bhagwan ke dakiye vaah hote hain jo avatar ek hote hain jo sandesh vahak hote hain jo ram krishna buddha mahavir dariya palatu kabir sur meera yah sab kya hai yah jhankiyan hain jo dant lekar aate hain arthat aapke sandesh aapke sandesh ko lekar aate hain aapke sandesh ko lekar aate hain aur kya karte hain yahan anachar durachar bhi vichar ki jo khai hai usko baantne ki koshish karte hain jaha jaatigat bargad ya nana prakar ki visangatiyan jaati hai vyakti vyakti ko pehchaan nahi pata hai manav manav se prem nahi karna chahta hai usko ek sutra me bandhne ki koshish karte hain chuki hum yah kehna chahenge ki koi vyakti yadi kitchen me hai uski char ko nikalne ke liye swachh jal ki avashyakta honi chahiye yadi aur kichad se kichad nahi hua ja sakta udaharan me dena chahunga ki sultana barsat tha aur varsha hone ke naate vaah hai kyonki paramatma se kabool karke aaya tha chuke raj chuk chuk na raj milta hai tapasya me koi chuk hone par raja ki ya rajdhan milte hain us kram me unko raja hone ka adhikaar mila tha aur us adhikaar ko sultana barsa vismit kar diya tha nahi samajh paya jiske chalte paramatma ko shweta gyaan ke kram me chahte kya hain kis tarah se vaah ghar darwaze ko chhod deta hai sultana bus sa usi par hamari ek sant ne bhajan diye hain ki sultana balak bukhare ka soyabean ka khate look my mother mishrikand chhuhaare ka jinke sang katak dal badal 900 uthna karya ka soya baba haan jab utha man lage darbaar jinke sajna full bichavana kaliyan nyare nyare ka swayam send kare dharti par kankad bina bahali ka sultana balak bukhare ka are jinke sang katak dalabadal 9158 lage nasirpur darwaze ka sultana balak bukhare ka yahi jaatiyo ka kaam hai aur sukhi hamko tere gaon aane ka din nagin chaahana suhagin acche se karo ray anek aane ke updesh dekar prabhu upadeshak karta hai prabhu sanket karta hai ki tumhari abe chitthi aa gayi hai toh usko hamare satguru ne kya kaha ki pehli pattha wali thi na jana yah dhobiya bramhan baar babu ji tore paunga laagu abe tere ko mana de bhoot kheli nayi harava dusri path par leke doliya kahar bhai bhaiya doliya bhai tha man nahi lagta guhar nayi harava din jaan le jaii joliya kunjaban me utarana koi nahi laouge hamar kahata satguru suno bhai sadho asaduddin ka vyavhar ke liye nayi harava dil chahta hai bhagwan ki jhankiyan ko yah sandesh dena chahte hain yah sandesh dena chahte hain yah sandesh dena

भगवान के डाकिए देखिए आपका कृष्ण बहुत रोचक है भगवान के डाकिए वह होते हैं जो अवतार इक होत

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