स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग कितना लाभकारी है?...


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Anjani Kumar Dubey

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से ब्लड होते हैं और इनके अंदर आत्मविश्वास जागृत होता है इनकी नेता चित्रकार होती है और यह पार्सल सीख जाते हैं चल प्रदेश प्लीज बच्चों को शारीरिक और मानसिक सामाजिक कार्य के लिए तैयार किया जाता है विश्व की पहली अपना

bacche manovaigyanik roop se blood hote hain aur inke andar aatmvishvaas jagrit hota hai inki neta chitrakar hoti hai aur yah parcel seekh jaate hain chal pradesh please baccho ko sharirik aur mansik samajik karya ke liye taiyar kiya jata hai vishwa ki pehli apna

बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से ब्लड होते हैं और इनके अंदर आत्मविश्वास जागृत होता है इनकी नेता च

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Mukesh Kumar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत लाभकारी है स्कूल जाने वाले बच्चे अगर योग करें उनको अपने पढ़ाई में कंपटीशन में बहुत मदद मिलती है उनका शरीर अच्छा रहता है आजकल बच्चे बहुत अलग अलग से भरे हुए हैं और उनको यू कराया जाए तो बहुत फिट रहते हैं और किसी भी काम को अच्छे ढंग से करेंगे और आगे गाड़ी बनेंगे बहुत बने

bahut labhakari hai school jaane waale bacche agar yog kare unko apne padhai mein competition mein bahut madad milti hai unka sharir accha rehta hai aajkal bacche bahut alag alag se bhare hue hain aur unko you karaya jaaye toh bahut fit rehte hain aur kisi bhi kaam ko acche dhang se karenge aur aage gaadi banenge bahut bane

बहुत लाभकारी है स्कूल जाने वाले बच्चे अगर योग करें उनको अपने पढ़ाई में कंपटीशन में बहुत मद

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Krishna Panjiyara

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विनोद बच्चे के लिए सबसे अच्छे हैं क्योंकि बच्चे जो होते हैं हमारे और से क्या होते हैं कि हमारी जो मिलकर बनाते हैं और जब टाइम हो जाता तो हमारे लिए जो बेनिफिट है क्योंकि यह हमारे मेडिटेशन होते हैं इसमें आश्रम सोते थे माइंड गेम्स होते हैं उसे माइंड जो है ना उसको अच्छे ग्रीटिंग है जो कि बहुत सारी प्रॉब्लम होते क्यों तेजी बढ़ती है कर दीजिए योगेश में बहुत सारे नए नियम है उसे हम लोग के बेनिफिट करके ताकि

vinod bacche ke liye sabse acche hain kyonki bacche jo hote hain hamare aur se kya hote hain ki hamari jo milkar banate hain aur jab time ho jata toh hamare liye jo benefit hai kyonki yah hamare meditation hote hain isme ashram sote the mind games hote hain use mind jo hai na usko acche Greeting hai jo ki bahut saree problem hote kyon teji badhti hai kar dijiye Yogesh mein bahut saare naye niyam hai use hum log ke benefit karke taki

विनोद बच्चे के लिए सबसे अच्छे हैं क्योंकि बच्चे जो होते हैं हमारे और से क्या होते हैं कि ह

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Priyanka Rathod

Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्कूल में योग बहुत जरूरी है क्योंकि बच्चों को मिली पढ़ाई करना होता है और जिसमें कि कंसंट्रेशन पावर की बहुत जरूरत होती है और योगा में सूचना से अलग-अलग का नाम है जिससे कि हमारा कंसंट्रेशन पावर बढ़ता है जो है वह दो चीजों पर काम करता है अगर आप कि आप हेल्दी हो मंडप के बॉडी हेल्दी है सबको माइंड जल्दी रहेगा माइंड एंड ए तो बॉडी हल्दी दोनों का कोआर्डिनेशन है कि हमारे शरीर और मन दोनों स्वस्थ आना चाहिए तो उसी तरह से जैसे कि अमृता नाम अमृता नाम बहुत लाभकारी है बच्चों के लिए हमारी कौन से स्टेशन पड़ती है मेमोरी पावर होती है उसमें क्षमता को बढ़ाता है साथी जो बच्चे पढ़ाई करते याद तो करते लेकिन भूल जाते हैं जो भी याद वह करते हैं उसको वह याद रख पाए और जो बच्चे नहीं पढ़ पाते हैं या पढ़ने नहीं बैठ पाते हैं वह प्राणायाम के थ्रू अपने मन को शांत कर सकते हैं इस फिर कर सकते हैं जिससे कि वह पढ़ाई करने के लिए बैठ सके पढ़ाई कर सकते हैं साथ ही साथ ज्ञान मुद्रा जिससे कि जानवरों से बीमारी कौन से स्टेशन पर बढ़ती है अगर हमारी कंसंट्रेशन पावर अच्छी हो तो हमें बहुत डर लगता है वही शेयर कर सकते हैं

school mein yog bahut zaroori hai kyonki baccho ko mili padhai karna hota hai aur jisme ki kansantreshan power ki bahut zarurat hoti hai aur yoga mein soochna se alag alag ka naam hai jisse ki hamara kansantreshan power badhta hai jo hai vaah do chijon par kaam karta hai agar aap ki aap healthy ho mandap ke body healthy hai sabko mind jaldi rahega mind and a toh body haldi dono ka coordination hai ki hamare sharir aur man dono swasthya aana chahiye toh usi tarah se jaise ki amrita naam amrita naam bahut labhakari hai baccho ke liye hamari kaunsi station padti hai memory power hoti hai usme kshamta ko badhata hai sathi jo bacche padhai karte yaad toh karte lekin bhool jaate hain jo bhi yaad vaah karte hain usko vaah yaad rakh paye aur jo bacche nahi padh paate hain ya padhne nahi baith paate hain vaah pranayaam ke through apne man ko shaant kar sakte hain is phir kar sakte hain jisse ki vaah padhai karne ke liye baith sake padhai kar sakte hain saath hi saath gyaan mudra jisse ki jaanvaro se bimari kaunsi station par badhti hai agar hamari kansantreshan power achi ho toh hamein bahut dar lagta hai wahi share kar sakte hain

स्कूल में योग बहुत जरूरी है क्योंकि बच्चों को मिली पढ़ाई करना होता है और जिसमें कि कंसंट्र

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Yogi Jitendra

Yoga Instructor

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स्कूल स्टाफ सिलेक्शन म्यूजिक बॉडी के अंदर कितने फ्लैक्सिबिलिटी होगी आपको बटरफ्लाई अंडर 12 अंडर 22 दिन की छुट्टी होती है चैनल पॉसिबिलिटी होगी उतना ही बेस्ट है हम स्टूडेंट फिजिकल एक्टिविटी 40% काम कर दो 60% परिणाम काम करता है

school staff selection music body ke andar kitne flaiksibiliti hogi aapko butterfly under 12 under 22 din ki chhutti hoti hai channel possibility hogi utana hi best hai hum student physical activity 40 kaam kar do 60 parinam kaam karta hai

स्कूल स्टाफ सिलेक्शन म्यूजिक बॉडी के अंदर कितने फ्लैक्सिबिलिटी होगी आपको बटरफ्लाई अंडर 12

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तो आयोग आज कल मुझे लगता है राइट अब अभी हम देखते हैं कि लोग तो बीमार पड़ते हैं तब योग चालू कर दो और योग को एक्सरसाइज नहीं है लोग सोचते हैं यह कोई जादू है कि आज हमने किया कर ठीक हो जाए यह लाइफस्टाइल एक रहने का तरीका है तो अगर हम बच्चों को अभी हमने देखने के बच्चों को कितना एडिक्शन है छोटे-छोटे बच्चे हैं लेकिन वह अभी भी इतनी चिंता में रहते हैं उनके शरीर में बहुत सारी कमियां हैं वह फुर्ती लेनी है शौक नहीं है मत दिख रहे में बच्चे चारों तरफ देख रहे हैं टेंशन बहुत है लेकिन वह जानती नहीं है कि अपनी उर्जा को इस्तेमाल कैसे किया जाता है तो अगर मुझे लगता है योग का मतलब यूनियन होता है मुझे क्या लगता है पूरी सूत्र में ही बता गया है यूनियन तो अगर हम बच्चों को ही अगर बचपन से ही योग में डाल दें तुम उनका यूनियन अपने आप से हो जाएगा और एक बार यह बच्चे अपने आप से जुनी यूनाइट हो जाए तो उनका शारीरिक विकास और मानसिक विकास काफी अच्छा होगा और अगर बच्चे अच्छे होंगे शांत दिमाग होगा कंट्रोल बच्चे होंगे फोकस होंगे तो समाज भी आगे जाएगा देश भी आगे जाएगा और पर विश्वास जाएगा बच्चों के लिए बहुत जरूरी है मुझे लगता है स्कूल हर घर में राइट साइड होती है उनके स्टार्ट करने की जब वह समझदारी आ जाती है मुझे लगता है तब से बच्चों को योग इंटरव्यूज करना चाहिए

toh aayog aaj kal mujhe lagta hai right ab abhi hum dekhte hain ki log toh bimar padte hain tab yog chaalu kar do aur yog ko exercise nahi hai log sochte hain yah koi jadu hai ki aaj humne kiya kar theek ho jaaye yah lifestyle ek rehne ka tarika hai toh agar hum baccho ko abhi humne dekhne ke baccho ko kitna addiction hai chote chhote bacche hain lekin vaah abhi bhi itni chinta mein rehte hain unke sharir mein bahut saree kamiyan hain vaah phurti leni hai shauk nahi hai mat dikh rahe mein bacche charo taraf dekh rahe hain tension bahut hai lekin vaah jaanti nahi hai ki apni urja ko istemal kaise kiya jata hai toh agar mujhe lagta hai yog ka matlab union hota hai mujhe kya lagta hai puri sutra mein hi bata gaya hai union toh agar hum baccho ko hi agar bachpan se hi yog mein daal de tum unka union apne aap se ho jaega aur ek baar yah bacche apne aap se juni unite ho jaaye toh unka sharirik vikas aur mansik vikas kaafi accha hoga aur agar bacche acche honge shaant dimag hoga control bacche honge focus honge toh samaj bhi aage jaega desh bhi aage jaega aur par vishwas jaega baccho ke liye bahut zaroori hai mujhe lagta hai school har ghar mein right side hoti hai unke start karne ki jab vaah samajhdari aa jaati hai mujhe lagta hai tab se baccho ko yog interviewers karna chahiye

तो आयोग आज कल मुझे लगता है राइट अब अभी हम देखते हैं कि लोग तो बीमार पड़ते हैं तब योग चालू

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Rachna G

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्कूल के बच्चों के लिए योगा बहुत ही लाभदायक है क्योंकि जो आजकल के बच्चे हैं वह ज्यादा बाहर नहीं खिलते हैं और ज्यादातर घर में काम पाएं घर में ही रहते हैं उनका शारीरिक और मानसिक विकास अच्छे से नहीं हो पाता क्योंकि वह अपने कंप्यूटर या इंटरनेट पर लगे रहते हैं तो मैं यह कहना चाहती हूं कि स्कूल में योगा अनिवार्य रूप दिखाया जाए तो प्राणायाम आया जो है उससे उनका जो मानसिक और मानसिक सर और मैं उनका जो अंधविश्वास और संवेदनशीलता से होता है ना कहना चाहूंगी कि बच्चों का जोर है जारी है उसे योगा का बहुत से भारतीय लाभदायक होता है और समाज में अच्छे नागरिक बैंक

school ke baccho ke liye yoga bahut hi labhdayak hai kyonki jo aajkal ke bacche hain vaah zyada bahar nahi khilate hain aur jyadatar ghar mein kaam paen ghar mein hi rehte hain unka sharirik aur mansik vikas acche se nahi ho pata kyonki vaah apne computer ya internet par lage rehte hain toh main yah kehna chahti hoon ki school mein yoga anivarya roop dikhaya jaaye toh pranayaam aaya jo hai usse unka jo mansik aur mansik sir aur main unka jo andhavishvas aur samvedansheelata se hota hai na kehna chahungi ki baccho ka jor hai jaari hai use yoga ka bahut se bharatiya labhdayak hota hai aur samaj mein acche nagarik bank

स्कूल के बच्चों के लिए योगा बहुत ही लाभदायक है क्योंकि जो आजकल के बच्चे हैं वह ज्यादा बाहर

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Vishnu

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सीलिंग के लिए योगा यही है कि उसमें स्टेबिलिटी लाता है क्योंकि योगा क्या है बेसिकली की आपस में ठहराव लाते हैं अगर किसी भी चीज को आप मजबूत बनाना चाहते हैं ट्रेन आपको उसके अंदर में घुस ना होता है जब अंदर घुसने के लिए आप जाकर इंदौर में तो आपको आपके आपको ठहराव की जरूरत होती है जो ठहरा हुआ आदमी होता है और अंदर उसके वह देखता है तो बहुत सारी चीजें देखता है कि क्या गलतफहमी हो गई है और क्या करना है और क्या सही है क्या गलत है जो बताए कि अनकंट्रोल एनर्जी होती है बच्चों को छोड़ने सोचने की शक्ति को पहचान ज्यादा करता है उनमें स्वास्थ्य के प्रति उत्तरदाई होते हैं प्रकृति के प्रति उत्तरदाई होते हैं योग में सचिव के बारे में बताया जाता है कि ईश्वर के बारे में भाव के बारे में जानकारी मिलती है

ceiling ke liye yoga yahi hai ki usme stability lata hai kyonki yoga kya hai basically ki aapas mein thahrav laate hain agar kisi bhi cheez ko aap majboot banana chahte hain train aapko uske andar mein ghus na hota hai jab andar ghusne ke liye aap jaakar indore mein toh aapko aapke aapko thahrav ki zarurat hoti hai jo thahara hua aadmi hota hai aur andar uske vaah dekhta hai toh bahut saree cheezen dekhta hai ki kya galatfahamee ho gayi hai aur kya karna hai aur kya sahi hai kya galat hai jo bataye ki anakantrol energy hoti hai baccho ko chodne sochne ki shakti ko pehchaan zyada karta hai unmen swasthya ke prati uttardai hote hain prakriti ke prati uttardai hote hain yog mein sachiv ke bare mein bataya jata hai ki ishwar ke bare mein bhav ke bare mein jaankari milti hai

सीलिंग के लिए योगा यही है कि उसमें स्टेबिलिटी लाता है क्योंकि योगा क्या है बेसिकली की आपस

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Dr. Reeta Gupta

Founder & Director - Yoga Miracle Sansthan

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्कूल सेंटर चिल्ड्रंस को तो बहुत ही ज्यादा फायदा है उनका बॉडी स्ट्रांग बनता है वह पूरे दिन के कंप्यूटर में मोबाइल में जाकर उससे अलग हटके योग करते हैं तो उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ती है इसका कंसंट्रेशन पावर बढ़ता है उनकी सोच ना समझने की शक्ति बढ़ती है

school center childrans ko toh bahut hi zyada fayda hai unka body strong banta hai vaah poore din ke computer mein mobile mein jaakar usse alag hatake yog karte hain toh unki sharirik kshamta badhti hai iska kansantreshan power badhta hai unki soch na samjhne ki shakti badhti hai

स्कूल सेंटर चिल्ड्रंस को तो बहुत ही ज्यादा फायदा है उनका बॉडी स्ट्रांग बनता है वह पूरे दिन

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RITIKA SHAH

Founder & Director - Ritika's Yoga Studio

3:15
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्कूल स्टूडेंट किसलिए है कि अभी का जो पेरेंटिंग है और ऐसा बोला जाता है कि ऐसा कुछ बोल सकते कि एवरी 10 ईयर्स के बाद एक नया जनरेशन आता है ब्रिटेन के एक नया जनरेशन आता लेकिन पैरंट्स और बच्चों में जो कम्युनिकेशन गैप रह जाता है क्योंकि पहले के जमाने में कुछ लाइफ अलग का अभी का जो बच्चा जन्म लेता है वही करते पेरेंट्स कि नहीं हम कुछ अच्छा लगता है तुम वही करो तो वह प्रेशराइज करते हैं बच्चे को दूसरी बार जो है वह माइक्रोफोन कांटेक्ट नहीं कर पा रही बच्चों को क्या चाहिए और दूसरी बार हम लोग इतने मोबाइल के लिए रो रहा है घर में मम्मी को नहीं दे रही हो रहा है क्यों रो रहा है तू कुछ ना कुछ चलती रहती क्या हो रहा है मेल टू मेल रहता फीमेल टू फीमेल एक्टर थे वॉइस आफ होता है उसको पहले नहीं समझ पाते तब बच्चे के अंदर थोड़ा कंफ्यूज रहता है दूसरे के लड़के खेलते हैं उसको अच्छा लगता है लेकिन अब बोल दो या फिर कहीं बार अपनी लाइफ में देखने जाए तो अभी अजीत सिंह का इतना सारा शौक हो गया है कि नहीं हमारा बेटा डॉक्टर इंजीनियर बनना ही चाहिए स्कूलिंग में भी अभी स्कूल से आए घर पर आए क्लासिक आउटडोर गेम चाहिए वह सारी बंद हो गई

school student kisliye hai ki abhi ka jo perenting hai aur aisa bola jata hai ki aisa kuch bol sakte ki every 10 years ke baad ek naya generation aata hai britain ke ek naya generation aata lekin Parents aur baccho mein jo communication gap reh jata hai kyonki pehle ke jamane mein kuch life alag ka abhi ka jo baccha janam leta hai wahi karte parents ki nahi hum kuch accha lagta hai tum wahi karo toh vaah presharaij karte hain bacche ko dusri baar jo hai vaah microphone Contact nahi kar paa rahi baccho ko kya chahiye aur dusri baar hum log itne mobile ke liye ro raha hai ghar mein mummy ko nahi de rahi ho raha hai kyon ro raha hai tu kuch na kuch chalti rehti kya ho raha hai male to male rehta female to female actor the voice of hota hai usko pehle nahi samajh paate tab bacche ke andar thoda confuse rehta hai dusre ke ladke khelte hain usko accha lagta hai lekin ab bol do ya phir kahin baar apni life mein dekhne jaaye toh abhi ajit Singh ka itna saara shauk ho gaya hai ki nahi hamara beta doctor engineer banna hi chahiye schooling mein bhi abhi school se aaye ghar par aaye classic outdoor game chahiye vaah saree band ho gayi

स्कूल स्टूडेंट किसलिए है कि अभी का जो पेरेंटिंग है और ऐसा बोला जाता है कि ऐसा कुछ बोल सकते

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Kamlesh Prajapati

Yoga Instructor

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प्यार करना ही होगा बहुत ही जरूरी है

pyar karna hi hoga bahut hi zaroori hai

प्यार करना ही होगा बहुत ही जरूरी है

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Nisha Bhimjiyani

Founder of Nisha's Yoga Studio, Rajkot, Gujarat

1:32
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स्टूडेंट को क्या होता है किधर से भी उनकी शादी कैसे होती है तो वह अपने प्रेक्टिस अच्छे से कर पाते हैं उनको ज्यादा पसीना जोर लगाने की जरूरत नहीं रहती है उनका डाइजेशन वैसे भी अच्छा ही होता है क्योंकि प्रैक्टिस में जो आसनों की प्रैक्टिस करते हैं उनसे उनका भी ज्यादा अच्छा हो जाता है पहली बार खाते हैं तो उनका डाइजेशन नहीं रहता है दूसरी बात अगर कोई इंसान हाइट पर रहता नहीं है तो उसको जंग फूड के आरक्षण नहीं रहता है जब हम टेंशन में होता है तभी हम फोन करते हैं तो फिर जयपुर की ओर शुगर की ओर बढ़ते जौनपुर से थोड़ा दूर ही रहेंगे उनका फैशन लेवल बढ़ेगा क्योंकि इसके बाद शांत हो जाते हैं और ऑफिस है कि शांत जो भी काम करेगा तो अच्छे से करेगा स्टूडेंट जो पढ़ाई करता है तो वह जो भी पढ़ाई करेगा उसे अच्छे से याद रह जाता है तो हमारी फ्यूचर जनरेशन की प्रैक्टिस गर्ल्स पार्टी बेनेफिशरी है

student ko kya hota hai kidhar se bhi unki shadi kaise hoti hai toh vaah apne practice acche se kar paate hain unko zyada paseena jor lagane ki zarurat nahi rehti hai unka digestion waise bhi accha hi hota hai kyonki practice mein jo aasanon ki practice karte hain unse unka bhi zyada accha ho jata hai pehli baar khate hain toh unka digestion nahi rehta hai dusri baat agar koi insaan height par rehta nahi hai toh usko jung food ke aarakshan nahi rehta hai jab hum tension mein hota hai tabhi hum phone karte hain toh phir jaipur ki aur sugar ki aur badhte jaunpur se thoda dur hi rahenge unka fashion level badhega kyonki iske baad shaant ho jaate hain aur office hai ki shaant jo bhi kaam karega toh acche se karega student jo padhai karta hai toh vaah jo bhi padhai karega use acche se yaad reh jata hai toh hamari future generation ki practice girls party beneficiarie hai

स्टूडेंट को क्या होता है किधर से भी उनकी शादी कैसे होती है तो वह अपने प्रेक्टिस अच्छे से क

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Abhijeet Soni

Yoga Instructor & Software Developer

2:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्टूडेंट जो आज के है सबसे बड़ी दिक्कत है अगर मुझे तो समझ में आती हो कंसंट्रेट नहीं कर पाना मोबाइल का जमाना सीधी बात है वह भी नहीं कर पाएंगे मैं भी कर नहीं पाऊंगा तो कंसंट्रेशन फोकस करते हैं तो अब अगर हम जो की बात करें तो उसमें बहुत सारी चीजें आ जाती है ठीक है आसन प्राणायाम ठीक है और प्रक्रियाएं भी है ऐसी बहुत सारी जिसको आप अगर करें फिर मैं वही बात करूंगा 22:00 टू 20 मिनट अगर आप करें तो कल और आज की दुनिया में असल में हो क्या रहा है हम लोग भाग रहे हैं इसके पीछे सॉरी कैटरिंग इंफॉर्मेशन ठीक है नॉलेज के पीछे लेकिन असल में नॉलेज नहीं चाहिए हमें असल में जीवन में कुकस होना चाहिए अगर आप फोकस करते हैं यकीन मानिए आप 1 साल 2 साल 3 साल आधी सदी अपना जीवन परिवर्तन कर सकते हैं ऐसा एक स्टूडेंट इंटरनल भी बन सकते हैं तो कहीं नहीं हमला कर रहे हैं और वह स्टूडेंट के सबसे बड़ी दिक्कत हमारी भी सबसे बड़ी दिक्कत है मैं जो भी 3032 का हो रहा हूं मुझ में भी आज दिक्कत है क्योंकि व्हाट्सएप आ गया फेसबुक टैंकर कर जाते 1 मिनट से ज्यादा हमारा फोकस नहीं हो सकता और वह लोग झूठ बोलते हैं कि हम 5 मिनट आसानी से कर सकते हैं दिमाग कभी भी 5 मिनट से अधिक फोकस नहीं कर सकता तू हमें फोकस करना सिखाता है बहुत सारे योगासन है उसके लिए जैसे शीर्षासन सर्वांगासन सक्रिय है सक्रिय हैं और भी बहुत कुछ है अगर आप प्रणाम भी करते हैं तो मन की शांति आपको प्राप्त होती है तो इन चीजों को प्रेक्टिस करके एली लाइफ में आपको कल को प्राप्त कर सकते हो गूगल थाने पर धीरे-धीरे जो भी आप जिस भी काम में मारा चाह रहे हैं एडवर्टाइज आ रहे हो आपको मिल जाती हो और कुछ नहीं है और यह स्टूडेंट के लिए भी इक्वली अप्लाइड होता है क्योंकि वह कहते हैं जीवन में कुछ कदम आगे बढ़ रहे हैं ऊपर चल रहे हैं और उन्हें सबसे अधिक जरूरत

student jo aaj ke hai sabse badi dikkat hai agar mujhe toh samajh mein aati ho concentrate nahi kar paana mobile ka jamana seedhi baat hai vaah bhi nahi kar payenge main bhi kar nahi paunga toh kansantreshan focus karte hain toh ab agar hum jo ki baat kare toh usme bahut saree cheezen aa jaati hai theek hai aasan pranayaam theek hai aur prakriyaen bhi hai aisi bahut saree jisko aap agar kare phir main wahi baat karunga 22 00 to 20 minute agar aap kare toh kal aur aaj ki duniya mein asal mein ho kya raha hai hum log bhag rahe hain iske peeche sorry Catering information theek hai knowledge ke peeche lekin asal mein knowledge nahi chahiye hamein asal mein jeevan mein kukas hona chahiye agar aap focus karte hain yakin maniye aap 1 saal 2 saal 3 saal aadhi sadi apna jeevan parivartan kar sakte hain aisa ek student internal bhi ban sakte hain toh kahin nahi hamla kar rahe hain aur vaah student ke sabse badi dikkat hamari bhi sabse badi dikkat hai jo bhi 3032 ka ho raha hoon mujhse mein bhi aaj dikkat hai kyonki whatsapp aa gaya facebook tanker kar jaate 1 minute se zyada hamara focus nahi ho sakta aur vaah log jhuth bolte hain ki hum 5 minute aasani se kar sakte hain dimag kabhi bhi 5 minute se adhik focus nahi kar sakta tu hamein focus karna sikhata hai bahut saare yogasan hai uske liye jaise Shirshasan sarvangasan sakriy hai sakriy hain aur bhi bahut kuch hai agar aap pranam bhi karte hain toh man ki shanti aapko prapt hoti hai toh in chijon ko practice karke elle life mein aapko kal ko prapt kar sakte ho google thane par dhire dhire jo bhi aap jis bhi kaam mein mara chah rahe hain edavartaij aa rahe ho aapko mil jaati ho aur kuch nahi hai aur yah student ke liye bhi equally applied hota hai kyonki vaah kehte hain jeevan mein kuch kadam aage badh rahe hain upar chal rahe hain aur unhe sabse adhik zaroorat

स्टूडेंट जो आज के है सबसे बड़ी दिक्कत है अगर मुझे तो समझ में आती हो कंसंट्रेट नहीं कर पाना

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positive patidaar

Celebrity & Tycoon's Trainer ,yoga Entrepreneur..aanando Parmo Dharm

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सर्वांगीण विकास होता है शारीरिक मानसिक शब्दों में बच्चों के लिए

Sarvangiṇa vikas hota hai sharirik mansik shabdon mein baccho ke liye

सर्वांगीण विकास होता है शारीरिक मानसिक शब्दों में बच्चों के लिए

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

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स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग से बेहतर कुछ भी नहीं है क्योंकि वह बच्चे केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते हैं और खेलकूद पर ही ध्यान देते हैं अगर पढ़ाई को अच्छी बनाकर रखना है खेलकूद को भी अच्छा बना कर रखने का है तो योग से बेहतर कुछ भी नहीं है क्योंकि योग से कंसंट्रेशन और मेमोरी का जो पावर बढ़ता है और किसी से भी नहीं बढ़ता है आपका फोकसिंग बढ़ेगी तो आपका रिजल्ट अच्छा आएगा और साथ में हेल्थ वॉइस से देखें तो जिन बच्चों की हाइट नेगिन हो रही है जो बच्चे ज्यादा मोटे हो रहे हैं क्या और और भी कोई फिजिकल साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम है तो योग से उनका बहुत जल्दी समाधान हो जाता है बच्चों में सबसे फास्ट इंप्रूवमेंट होता है बड़ों की अपेक्षा क्योंकि बच्चों का मन बहुत नाजुक होता है साफ सुथरा होता है वह जल्दी एक्सेप्ट करते हर चीजों को बड़ों की अपेक्षा इसलिए वह जल्दी ठीक भी हो जाते हैं तो योग से बेहतर और कुछ भी नहीं है बच्चों उनको प्रतिदिन 45 मिनट का अगर योग करवाते हैं मेरे ख्याल से तो पूरे स्कूलों में कंफर्म मतलब पूरे स्कूल में अनिवार्य रूप से योग को चालू कर देना चाहिए ताकि उनमें फिजिकल मेंटल दोनों स्टंटमैन प्रू हो सके

school jaane waale baccho ke liye yog se behtar kuch bhi nahi hai kyonki vaah bacche keval apni padhai par dhyan dete hain aur khelkud par hi dhyan dete hain agar padhai ko achi banakar rakhna hai khelkud ko bhi accha bana kar rakhne ka hai toh yog se behtar kuch bhi nahi hai kyonki yog se kansantreshan aur memory ka jo power badhta hai aur kisi se bhi nahi badhta hai aapka focusing badhegi toh aapka result accha aayega aur saath mein health voice se dekhen toh jin baccho ki height negin ho rahi hai jo bacche zyada mote ho rahe kya aur aur bhi koi physical saikolajikal problem hai toh yog se unka bahut jaldi samadhan ho jata hai baccho mein sabse fast improvement hota hai badon ki apeksha kyonki baccho ka man bahut naajuk hota hai saaf suthara hota hai vaah jaldi except karte har chijon ko badon ki apeksha isliye vaah jaldi theek bhi ho jaate hain toh yog se behtar aur kuch bhi nahi hai baccho unko pratidin 45 minute ka agar yog karwaate hain mere khayal se toh poore schoolon mein confirm matlab poore school mein anivarya roop se yog ko chaalu kar dena chahiye taki unmen physical mental dono stantamain pru ho sake

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग से बेहतर कुछ भी नहीं है क्योंकि वह बच्चे केवल अपनी पढ़ाई

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Ram Kumar Sahu

Yoga Instructor

1:09
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बच्चों के लिए योगा कंपलसरी हो जाना चाहिए और क्या करना है अभी उनको स्टडी करनी चाहिए ईपीडब्ल्यू मौसम रहेगा

bacchon ke liye yoga compulsory ho jana chahiye aur kya karna hai abhi unko study karni chahiye EPW mausam rahega

बच्चों के लिए योगा कंपलसरी हो जाना चाहिए और क्या करना है अभी उनको स्टडी करनी चाहिए ईपीडब्ल

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Sonal Joshi

The founder head of Samarth Yoga Darshan

3:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टोटल जाने वाली बच्चों के लिए तो योगा जीवनदान है और अगर योगा और कि जो प्रतिदिन टेक्निक अगर हम बच्चों को एबीसीडी सिखाते हैं तो उनके लिए जिंदगी भर के लिए एकदम ठीक हो जाएगा और सबसे बड़ी बात आजकल सोशल मीडिया और बीवी की वजह से बच्चों के ऊपर जो गलत संस्कार रहे हैं और खानपान की बड़ी हो जाती है मतलब भी आ जाती है बच्चों में उसको पूर्ण करने के लिए काफी हद तक योगा सिखाते हैं और बच्चे ठीक हो सकता है और प्रवीण की गति और जो मुद्रा प्रतिष्ठान जो बहुत ही कम होता है क्या कोई टीचर टेक्निक्स फॉर जो हम खेल खेल में उनको सिखा देते हैं उनकी वजह से मिलता है मुझे लगता है कि भारत देश की स्कूल में प्राथमिक से लेकर एंड तक होना ही चाहिए और आजकल तो काफी होगा और जो हमारी यूनिवर्सिटी बहुत ही मेहनत कर रही सारे स्कूलों में झांकी होगा कि खाएंगे और यह सारी टेक्निक

total jaane wali baccho ke liye toh yoga jivanadan hai aur agar yoga aur ki jo pratidin technique agar hum baccho ko ABCD sikhaate hain toh unke liye zindagi bhar ke liye ekdam theek ho jaega aur sabse badi baat aajkal social media aur biwi ki wajah se baccho ke upar jo galat sanskar rahe hain aur khanpan ki badi ho jaati hai matlab bhi aa jaati hai baccho mein usko purn karne ke liye kaafi had tak yoga sikhaate hain aur bacche theek ho sakta hai aur praveen ki gati aur jo mudra pratisthan jo bahut hi kam hota hai kya koi teacher techniques for jo hum khel khel mein unko sikha dete hain unki wajah se milta hai mujhe lagta hai ki bharat desh ki school mein prathmik se lekar and tak hona hi chahiye aur aajkal toh kaafi hoga aur jo hamari university bahut hi mehnat kar rahi saare schoolon mein jhanki hoga ki khayenge aur yah saree technique

टोटल जाने वाली बच्चों के लिए तो योगा जीवनदान है और अगर योगा और कि जो प्रतिदिन टेक्निक अगर

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Ranjit Kumar

Founder & Director - Body & Mind Yoga Centre

5:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि जो आप परिवेश ने अभी तो सीबीएसई बोर्ड वगैरह में अभी तो निकाल दिया कि नहीं बस अभी बच्चे के लिए योगा अनिवार्य के पेपर में मैंने देखा कहीं बच्चों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है सूरत सिटी बिल भरते हैं तो यह आजकल जो हमारे बच्चे हैं जो पीढ़ी हमारे हैं तो उसमें हम जो देखते हैं उसमें आपको देखने के लिए मिलेगा कि वह जो हमारी यह पारंपरिक जो चीज है जो हमारे पूर्वजों के जो बनाया हुआ कोई भी चीज है जो किसी प्रकार का योगिक छोड़कर कोई भी खेल खुद से दूर भागते जा रही हो तो है उसके बावजूद किसी प्रकार का खेल पूछ लो पसंद नहीं करते क्योंकि वह आजकल लो है मोबाइल लैपटॉप टीवी गेम यह सब चीजों में उलझी हूं जा रहे हैं जिससे उसको उस बच्चे चिड़चिड़ा हाट तनाव दूर से घर में चिल्लाना लोग बात नहीं मानना कारण पैदा हो रही है अचानक यह सब तो देखने के लिए वह सब आजकल के जो आधुनिक युग में जो यह सब हो जो आ गए हैं नई-नई तकनीकें आ गई जिससे बच्चे को मिस्ट्रेस आना शुरू हो गया स्ट्रेस के बच्चे में ना पढ़ाई में मन लगता है ना किसी भी प्रकार का काम में अच्छा से मन लग पाता है अगर उसमें सर हम लोग जोड़ दें अगर हम लोग उस बच्चे ने योग जोड़ दें 10 मिनट के लिए मेडिटेशन किसान करा कर आंखें बंद करके ध्यान कराएं ठीक अगर वह 10 मिनट से बहुत लोगों को मैंने कराया दिया बहुत लोगों को मैंने देखा भी पहले और अब में कितना अंतर है उसमें देखे कि बच्चे शांत पहले से जो चंचलता है वह कम हो रही है मिलिट्री शंकरा कुछ आसन करा दिए कुछ प्राणायाम करा दिए इससे इंप्रूवमेंट जबरदस्त देखने को मिला है आजकल के बच्चे हैं वह योग प्राणायाम और मेडिटेशन इन सब से दूर भागते हैं लेकिन अगर वह धीरे-धीरे उसे है बीच में लाया जाए दिल्ली के दिनचर्या में ले जाए फिर उसे आनंद आएगा तो उसे अच्छा लगता है कि नहीं हम लोग जो कर रहे हैं वह हमारे जीवन के लिए बहुत ही फायदेमंद और हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है अगर हम इसे करते रहे तो हम बहुत सारे चीजों को अचीव कर लेते हैं जो चिलमन है जो बच्चों में अशांति है जो बच्चों में कष्ट है आप तनाव है वह धीरे-धीरे अपने आप को मिलता है और वह पढ़ाई भी अपने आप मन लगने लगता है उसे धीरे-धीरे उस स्थिति में लाते हैं उस लोकेशन मिलाते हैं कि वह बच्चे अपने आप अपने आप उन्हें लगने लगता कि नहीं अगर हम लोग नहीं करते रामाशीष करते हमारी सुरेंद्र पर नहीं रहते इस पोजीशन में हम बहुत सारी स्कूलों में भी योग और प्राणायाम कर आए हैं जिसमें से बहुत साल तक पहले 2010 में कराए हैं जिसमें बहुत सारे लोगों को यह सब देखे में पहले और अब में कितना है और जो बच्चे शुरू शुरू में कर रहते हैं उसे करने में मन नहीं बताता उसके मन में बहुत चंचलता था लेकिन जब धीरे लगे तो फिर उसे आनंद क्लास में हल्ला करता था जब धीरे-धीरे वह 5 दिन एक सप्ताह हुआ फिर वह अपने आप शांत होते चले गए कि घर में भी वह घर से भी लोगों का मिला कि नहीं मेरे बच्चे आज हमें बच्चे हमें सुबह के प्रणाम किए हमको यह सब युवा का एक दिनचर्या है सुबह उठने मम्मी को पापा को प्रदान की नहीं आदत से बच्चों में जो कि आज का नाम नहीं जानते कि धरती माता को प्रणाम कीजिए सुबह से शाम तक हमने क्या किया है उस कहां गलती की है उसे आज निरीक्षण के लिए क्या-क्या हमने गलतियां कि आगे से हम अगले दिन ऐसी गलती नहीं करें किसी दोस्त के साथ अगर आप गुस्से हुए हैं लड़ाई किए को जाकर सॉरी बोलिए यह सब हमारी योग की एक विद्या है जिससे हम किसी न किसी प्रकार से वह बच्चे इस देश से दूर भागते चले आते हैं लेकिन जब मींस में आते हैं तो लोग उसमें रिस्पेक्ट माता-पिता के साथ साथ सभी शिक्षकों के प्रति भी एक अच्छा सा आदर का भाव बताएं जो कि पहले नहीं दिखाता था पहले जब नय नय गए थे सीनियर जो स्टूडेंट है 910 1112 पढ़ने वाले वह कोई टीचर को रिस्पेक्ट नाम की कोई चीज ही नहीं क्योंकि उसका मन है भटकते रहता है मन चंचल रहता है लेकिन जब यह सरिया कराएं उसके मन बहुत ही शांत हुआ और बहुत ही अजीब मदद की बहुत ही एक नया यह प्रयोग हुआ अच्छा रिजल्ट मिलेगा उसके मम्मी पापा को सारे लोग मिलने के लिए है कि आखिर क्या हम ने क्या बताया है जो कि आप हमारे बच्चे में इतनी परिवर्तन हुआ यह सब योग से बहुत सारी लाभ है जिसे हम और छोटी सी बातों से नहीं कर सकते

kyonki jo aap parivesh ne abhi toh cbse board vagera mein abhi toh nikaal diya ki nahi bus abhi bacche ke liye yoga anivarya ke paper mein maine dekha kahin baccho ke liye anivarya kar diya gaya hai surat city bill bharte hai toh yah aajkal jo hamare bacche hai jo peedhi hamare hai toh usme hum jo dekhte hai usme aapko dekhne ke liye milega ki vaah jo hamari yah paramparik jo cheez hai jo hamare purvajon ke jo banaya hua koi bhi cheez hai jo kisi prakar ka yogic chhodkar koi bhi khel khud se dur bhagte ja rahi ho toh hai uske bawajud kisi prakar ka khel puch lo pasand nahi karte kyonki vaah aajkal lo hai mobile laptop TV game yah sab chijon mein ulajhi hoon ja rahe hai jisse usko us bacche chidchida haate tanaav dur se ghar mein chillana log baat nahi manana karan paida ho rahi hai achanak yah sab toh dekhne ke liye vaah sab aajkal ke jo aadhunik yug mein jo yah sab ho jo aa gaye hai nayi nayi takaneeken aa gayi jisse bacche ko mistress aana shuru ho gaya stress ke bacche mein na padhai mein man lagta hai na kisi bhi prakar ka kaam mein accha se man lag pata hai agar usme sir hum log jod de agar hum log us bacche ne yog jod de 10 minute ke liye meditation kisan kara kar aankhen band karke dhyan karaye theek agar vaah 10 minute se bahut logo ko maine raya diya bahut logo ko maine dekha bhi pehle aur ab mein kitna antar hai usme dekhe ki bacche shaant pehle se jo chanchalata hai vaah kam ho rahi hai miltary sankra kuch aasan kara diye kuch pranayaam kara diye isse improvement jabardast dekhne ko mila hai aajkal ke bacche hai vaah yog pranayaam aur meditation in sab se dur bhagte hai lekin agar vaah dhire dhire use hai beech mein laya jaaye delhi ke dincharya mein le jaaye phir use anand aayega toh use accha lagta hai ki nahi hum log jo kar rahe hai vaah hamare jeevan ke liye bahut hi faydemand aur hamare jeevan ka ek abhinn ang hai agar hum ise karte rahe toh hum bahut saare chijon ko achieve kar lete hai jo chilaman hai jo baccho mein ashanti hai jo baccho mein kasht hai aap tanaav hai vaah dhire dhire apne aap ko milta hai aur vaah padhai bhi apne aap man lagne lagta hai use dhire dhire us sthiti mein laate hai us location milaate hai ki vaah bacche apne aap apne aap unhe lagne lagta ki nahi agar hum log nahi karte ramashish karte hamari surendra par nahi rehte is position mein hum bahut saree schoolon mein bhi yog aur pranayaam kar aaye hai jisme se bahut saal tak pehle 2010 mein karae hai jisme bahut saare logo ko yah sab dekhe mein pehle aur ab mein kitna hai aur jo bacche shuru shuru mein kar rehte hai use karne mein man nahi batata uske man mein bahut chanchalata tha lekin jab dhire lage toh phir use anand kashi mein halla karta tha jab dhire dhire vaah 5 din ek saptah hua phir vaah apne aap shaant hote chale gaye ki ghar mein bhi vaah ghar se bhi logo ka mila ki nahi mere bacche aaj hamein bacche hamein subah ke pranam kiye hamko yah sab yuva ka ek dincharya hai subah uthane mummy ko papa ko pradan ki nahi aadat se baccho mein jo ki aaj ka naam nahi jante ki dharti mata ko pranam kijiye subah se shaam tak humne kya kiya hai us kahaan galti ki hai use aaj nirikshan ke liye kya kya humne galtiya ki aage se hum agle din aisi galti nahi kare kisi dost ke saath agar aap gusse hue hai ladai kiye ko jaakar sorry bolie yah sab hamari yog ki ek vidya hai jisse hum kisi na kisi prakar se vaah bacche is desh se dur bhagte chale aate hai lekin jab means mein aate hai toh log usme respect mata pita ke saath saath sabhi shikshakon ke prati bhi ek accha sa aadar ka bhav bataye jo ki pehle nahi dikhaata tha pehle jab nay nay gaye the senior jo student hai 910 1112 padhne waale vaah koi teacher ko respect naam ki koi cheez hi nahi kyonki uska man hai bhatakte rehta hai man chanchal rehta hai lekin jab yah sariya karaye uske man bahut hi shaant hua aur bahut hi ajib madad ki bahut hi ek naya yah prayog hua accha result milega uske mummy papa ko saare log milne ke liye hai ki aakhir kya hum ne kya bataya hai jo ki aap hamare bacche mein itni parivartan hua yah sab yog se bahut saree labh hai jise hum aur choti si baaton se nahi kar sakte

क्योंकि जो आप परिवेश ने अभी तो सीबीएसई बोर्ड वगैरह में अभी तो निकाल दिया कि नहीं बस अभी बच

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सेक्सी कृष्णानंद बच्चों के लिए योगा बहुत दिन बाद में तू जाके विकास करेंगे उनका उनको एमिनेम को जल्दी से कंटेस्ट होगा मन ध्यान के द्वारा मन को एकाग्र करने की क्रिया योग होती है जब मन हमारे घर होगा तो वह चीज याद आएगी अरे बदलता है याद में बच्चों के लिए बहुत अच्छा है कल भी रहेगा उनकी शादी जल्दी होगा या फिर तुमको मटकी भर जाता है क्या पंजाबी

sexy krishnanand baccho ke liye yoga bahut din baad mein tu jake vikas karenge unka unko eminem ko jaldi se kantest hoga man dhyan ke dwara man ko ekagra karne ki kriya yog hoti hai jab man hamare ghar hoga toh vaah cheez yaad aayegi are badalta hai yaad mein baccho ke liye bahut accha hai kal bhi rahega unki shadi jaldi hoga ya phir tumko mataki bhar jata hai kya punjabi

सेक्सी कृष्णानंद बच्चों के लिए योगा बहुत दिन बाद में तू जाके विकास करेंगे उनका उनको एमिनेम

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बच्चों के लिए अगर आध्यात्मिक बातें करेंगे तो बड़ा मुश्किल होता है उनको दंड बैठक सीखा है सूर्य नमस्कार सिखाएं दो ही चीजें होती हैं एकदम चिड़िया का पालन तो यह दोबारा पहले का संकलन करें कि मुझे माफ करें यह बच्चों के लिए

bacchon ke liye agar aadhyatmik batein karenge toh bada mushkil hota hai unko dand baithak seekha hai surya namaskar sikhaye do hi cheezen hoti hain ekdam chidiya ka palan toh yeh dobara pehle ka sankalan karein ki mujhe maaf karein yeh baccho ke liye

बच्चों के लिए अगर आध्यात्मिक बातें करेंगे तो बड़ा मुश्किल होता है उनको दंड बैठक सीखा है सू

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

1:06
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अपने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग कितना लाभकारी है लेकिन बच्चों के लिए तो बहुत अधिक लाभकारी है जिस तरह बच्चों पर पढ़ाई का लोड बड़ा है बच्चों में देखने में तनाव बढ़ा है बच्चों में आजकल तो उसी स्थिति में बच्चों को अगर योगाभ्यास कराया जाए स्कूलों में भी काफी अनिवार्य कर दिया गया है उत्तराखंड में अनिवार्य कर दिया गया है और धीरे-धीरे आप सभी जानते हैं सभी केंद्रीय विद्यालय में योग चलता है और काफी प्राइवेट स्कूलों ने भी योग को अनिवार्य कर दिया है और कुछ स्कूलों में वीकली कुछ भी लेट्स योग के होते हैं तो योग बच्चों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है योग से बच्चों की मानसिक क्षमता बढ़ती है बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और बच्चे तनाव में नहीं रहते कई बार जो है बच्चे लगातार एग्जॉशन से पढ़ाई के तनाव पढ़ाई के उस से तनाव में आ जाते हैं कई बार आगे झुकने से लगातार बैठे रहने से बच्चों की स्पाइनल कॉर्ड में दिक्कत आ जाती है दर्द हो जाते हैं जबकि योगाभ्यास करने से प्रतिदिन करने से 1 बच्चों में प्रति रहती है पूर्ति रहती है और बच्चे मस्त रहते हैं तनाव मुक्त रहते हैं हर यू

apne school jaane waale baccho ke liye yog kitna labhakari hai lekin baccho ke liye toh bahut adhik labhakari hai jis tarah baccho par padhai ka load bada hai baccho mein dekhne mein tanaav badha hai baccho mein aajkal toh usi sthiti mein baccho ko agar yogabhayas karaya jaaye schoolon mein bhi kaafi anivarya kar diya gaya hai uttarakhand mein anivarya kar diya gaya hai aur dhire dhire aap sabhi jante hain sabhi kendriya vidyalaya mein yog chalta hai aur kaafi private schoolon ne bhi yog ko anivarya kar diya hai aur kuch schoolon mein weekly kuch bhi lets yog ke hote hain toh yog baccho ke liye bahut adhik mahatvapurna hai yog se baccho ki mansik kshamta badhti hai baudhik kshamta badhti hai aur bacche tanaav mein nahi rehte kai baar jo hai bacche lagatar egjashan se padhai ke tanaav padhai ke us se tanaav mein aa jaate hain kai baar aage jhukane se lagatar baithe rehne se baccho ki spinal card mein dikkat aa jaati hai dard ho jaate hain jabki yogabhayas karne se pratidin karne se 1 baccho mein prati rehti hai purti rehti hai aur bacche mast rehte hain tanaav mukt rehte hain har you

अपने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग कितना लाभकारी है लेकिन बच्चों के लिए तो बहुत अधिक ल

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Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

4:00
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लेटेस्ट बहुत अच्छा है स्कूल एजुकेशन एजुकेशनल ट्रस्ट एक्टिविटी होगा एक्सीडेंट अगर हम लोग योग को किसी धर्म और किसी संस्था या किसी जात से ना जोड़ें विद्या स्कूल स्टूडेंट स्कूल में क्यों जाते हैं विद्या भारती देते हैं मुक्ति कैसे इग्नोर इमरान जाना क्या मेड़ता में अंधकार अज्ञान के अंधकार में जो हम लोग पढ़े हुए हैं लेकिन जो हम एजुकेशन एजुकेशन सिस्टम ऑल फल मीठा क्या हुआ कि हम लोग ने देखा कि जर्मनी ने देखा हालैंड देखा यूरोप के और भी कई कैंपों में देखा अमेरिका में देखा और हमने हिंदुस्तान में भी और एक्शन कंट्री में भी गए थे कंट्री में मुक्त स्कूल शिक्षा कह रहे हैं भारत टेक्निकल टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट है जो टेक्नोलॉजी को डिवेलप तो कर लिया लेकिन जो उस का आनंद लेने का उपयोग करने वाला है उसकी आत्मा का विकास नहीं हुआ आत्मा का भी योग है जब मैंने कौन-कौन से सब्जेक्ट एंड कॉन्सेप्ट एनीथिंग मोर मीनिंग एजुकेशन कॉन्टैक्ट अलसो एक्सेप्टेड बाय गवर्नमेंट ऑफ इंडिया गवर्नमेंट ऑफ मॉडर्न एजुकेशन ग्लोबल पीस एजुकेशन पोर्टल स्कूल एजुकेशन एजुकेशन हिंदुस्तान में जागरूकता पर देखना लेकर को चैट बनाएं और योगा सब्जेक्ट सब्जेक्ट इन एवरी एजुकेशन एंड पावर प्लांट्स एंड ठेर चिल्ड्रन एंड एवरीवन

latest bahut accha hai school education educational trust activity hoga accident agar hum log yog ko kisi dharm aur kisi sanstha ya kisi jaat se na joden vidya school student school mein kyon jaate hain vidya bharati dete hain mukti kaise ignore imran jana kya medta mein andhakar agyan ke andhakar mein jo hum log padhe hue hain lekin jo hum education education system all fal meetha kya hua ki hum log ne dekha ki germany ne dekha holland dekha europe ke aur bhi kai kaimpo mein dekha america mein dekha aur humne Hindustan mein bhi aur action country mein bhi gaye the country mein mukt school shiksha keh rahe hain bharat technical technological development hai jo technology ko develop toh kar liya lekin jo us ka anand lene ka upyog karne vala hai uski aatma ka vikas nahi hua aatma ka bhi yog hai jab maine kaun kaunsi subject and concept anything mor meaning education contract alaso eksepted bye government of india government of modern education global peace education portal school education education Hindustan mein jagrukta par dekhna lekar ko chat banaye aur yoga subject subject in every education and power plants and ther children and everyone

लेटेस्ट बहुत अच्छा है स्कूल एजुकेशन एजुकेशनल ट्रस्ट एक्टिविटी होगा एक्सीडेंट अगर हम लोग यो

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Sudipto Biswas

Founder & Director - Abhijnan Yoga & Physiothera..

5:46
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एकदम फिट के लिए गुप्त जगह करने का जरूरी नहीं है जो सबको बोलते हैं आज तक किसी चीज को सुधारना जो करते हैं चंचला का करते हैं वहीं उनके लिए अच्छा व्यायाम होगा जो स्टूडेंट स्टूडेंट उससे थोड़ा पद्मासन प्रशासन से की एक्सरसाइज यह सब करने से अच्छा होगा कि यह सब करने से अच्छा होगा मैं घर ना करने का प्रेक्टिस धरना मतलब मेडिटेशन का पहले से मतलब चुपचाप बैठे रहना मेरुदंड स्पाइनल कॉर्ड सीधा करके आंख बंद करके बहुत अच्छा है और उनका स्कूल में जो सिलेबस जोधा का आज जो अभी अभी जो 3 साल हुआ है कमेंट बहुत ही बहुत ही जगह से हो कर दिए हैं सब स्कूल में मैं जगा का सिलेबस हो गया है योगा का जो सिलेबस है जिसमें स्टूडेंट को सिलेबस का डांस प्रेक्टिस करने से बेहतर है कि कुछ बीमारी नहीं हो तो इसको बीमारी है मखाना खाने से टोटो नहीं होगा तब उनको जोधा खेड़ा चीज का समाधान सुपर विजन 1836 कर जो करना है वह कर तुरंत कंसंट्रेशन पावर बढ़ाने के विपरीत मेडिटेशन कुछ प्राणायाम सोच रहा है यह सब करना चाहिए कुछ ट्रेसिंग एक्सरसाइज करना चाहिए जो अपने स्टूडेंट को फिजिकल प्रॉब्लम्स है क्या कुछ मासूम देवल आप कौन हैं उन लोग का तरीका का कुछ एक्सरसाइज है कुछ आसन से उसको ऐसा तो अलग करके मैं बोला नहीं जाएगा वही करता है लेने का बाद ही बता सकते हैं अधिक किसका क्या करना चाहिए लेकिन था जो करना चाहिए सभी के लिए और स्टूडेंट के लिए वह है कौन से स्टेशन पर बनाने के लिए अच्छा है मेडिटेशन अच्छा है अच्छा है अच्छा है विरासत रखना अच्छा है यह सब वगैरा ठीक ठाक है और मैं एक ही बात बार-बार बोलना चाहेंगे कि आजकल का जमाना आ गया है अभी चला था का बीमारी बहुत कम उम्र से ही सबको हो जा रहा है इसीलिए जोगा खिलाफ इसका सुपरहिट में रहकर जो लोग प्रैक्टिस करेंगे वह लोग सबसे अच्छा फॉल पाएंगे कि आपने आप खुद करना या दो-तीन दिन का सर्टिफिकेट होल्डर जन्मदिन कुछ मैं ट्रेनिंग लेकर बोल रहा है जो गायक पाठ हूं लोका पास जाकर के जुड़ा प्रेक्टिस करने से भी अच्छा रिलीज हुई है रिजल्ट निकलेगा रिजल्ट मिलने के लिए खिलाफ एकजुट है और जो कहा जो लोग डर है जहां मैं जैसे मैं हूं हम लोग जैसे आदमी इंडिया में कौन चुन चुन के पता चलता है जो लोग का प्रेक्टिस करने का रिजल्ट अच्छा होगा 3 - 103 महीने से लेकर के 6 महीने तक उनका जीवन में बहुत ही परिवर्तन आ जाएगा हम लोग का चेंबर जो है कि रामपुर हुगली वेस्ट बेंगल में है 2 साल से लाइक करके कमेंट कर रहा हूं बहुत ही फायदा मन हो रहा है जो लोग प्रैक्टिस करते हैं वह लोगों का उतना खास डेवलपमेंट नजर नहीं आते हैं उस जगह के बारे में रॉन्ग योगा करने से फायदा नहीं होता है जिंदगी में मेरा ख्याल से जिंदगी में ऐसा कोई चीज नहीं है जो बिना जानकारी से जो चलकर पंजाब को अच्छे ढंग से सीखने का बाद ही मिलता है यह सब मैं को मैं बताना चाहेंगे जानकारी कीजिए उसके बाद उसको प्रैक्टिस कीजिए तब जाकर स्टेट रिजल्ट मिलेगा सॉरी थैंक यू

ekdam fit ke liye gupt jagah karne ka zaroori nahi hai jo sabko bolte hai aaj tak kisi cheez ko sudharna jo karte hai chanchala ka karte hai wahi unke liye accha vyayam hoga jo student student usse thoda padmasana prashasan se ki exercise yah sab karne se accha hoga ki yah sab karne se accha hoga main ghar na karne ka practice dharna matlab meditation ka pehle se matlab chupchap baithe rehna merudand spinal card seedha karke aankh band karke bahut accha hai aur unka school mein jo syllabus jodha ka aaj jo abhi abhi jo 3 saal hua hai comment bahut hi bahut hi jagah se ho kar diye hai sab school mein main jagah ka syllabus ho gaya hai yoga ka jo syllabus hai jisme student ko syllabus ka dance practice karne se behtar hai ki kuch bimari nahi ho toh isko bimari hai makhana khane se toto nahi hoga tab unko jodha kheda cheez ka samadhan super vision 1836 kar jo karna hai vaah kar turant kansantreshan power badhane ke viprit meditation kuch pranayaam soch raha hai yah sab karna chahiye kuch tracing exercise karna chahiye jo apne student ko physical problems hai kya kuch masoom deol aap kaun hai un log ka tarika ka kuch exercise hai kuch aasan se usko aisa toh alag karke main bola nahi jaega wahi karta hai lene ka baad hi bata sakte hai adhik kiska kya karna chahiye lekin tha jo karna chahiye sabhi ke liye aur student ke liye vaah hai kaunsi station par banane ke liye accha hai meditation accha hai accha hai accha hai virasat rakhna accha hai yah sab vagera theek thak hai aur main ek hi baat baar baar bolna chahenge ki aajkal ka jamana aa gaya hai abhi chala tha ka bimari bahut kam umr se hi sabko ho ja raha hai isliye joga khilaf iska superhit mein rahkar jo log practice karenge vaah log sabse accha fall payenge ki aapne aap khud karna ya do teen din ka certificate holder janamdin kuch main training lekar bol raha hai jo gayak path hoon loka paas jaakar ke juda practice karne se bhi accha release hui hai result niklega result milne ke liye khilaf ekjut hai aur jo kaha jo log dar hai jaha main jaise main hoon hum log jaise aadmi india mein kaun chun chun ke pata chalta hai jo log ka practice karne ka result accha hoga 3 103 mahine se lekar ke 6 mahine tak unka jeevan mein bahut hi parivartan aa jaega hum log ka chamber jo hai ki rampur Hooghly west bengal mein hai 2 saal se like karke comment kar raha hoon bahut hi fayda man ho raha hai jo log practice karte hai vaah logo ka utana khaas development nazar nahi aate hai us jagah ke bare mein wrong yoga karne se fayda nahi hota hai zindagi mein mera khayal se zindagi mein aisa koi cheez nahi hai jo bina jaankari se jo chalkar punjab ko acche dhang se sikhne ka baad hi milta hai yah sab main ko main bataana chahenge jaankari kijiye uske baad usko practice kijiye tab jaakar state result milega sorry thank you

एकदम फिट के लिए गुप्त जगह करने का जरूरी नहीं है जो सबको बोलते हैं आज तक किसी चीज को सुधारन

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Dhwani Harshil Chokshi

Founder & Director - YogaBics- Fitness and Physiotherapy Center

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आज योगा स्कूल स्टूडेंट के लिए इतनी अच्छा होता है कि उनका विरोध हो रहा होता है उस टाइम पर ओनली इसमें योगा बहुत ज्यादा बेनिफिट करता है उनके हिसाब से उनकी मत बॉलिकिटेंस हिसाब से उनका भी ज्यादा उनको और कॉर्पोरेट कटा योगा के लिए और उनकी मदद स्कूल स्टूडेंट भी मतलब चैट कर रहे होते उनके लायक चल गया सब भूल जाते हैं तो पहले ही होगा करने से उनको इतना कंसंट्रेट ज्यादा कर सकते हैं मेडिटेशन कर सकते हैं तो वह कंसंट्रेशन में भी अच्छा कुकर अच्छे से कर सकते हैं और उनके मतलब गूगल परफॉर्मेंस में भी अच्छा रहता तो थैंक यू

aaj yoga school student ke liye itni accha hota hai ki unka virodh ho raha hota hai us time par only isme yoga bahut zyada benefit karta hai unke hisab se unki mat balikitens hisab se unka bhi zyada unko aur corporate kata yoga ke liye aur unki madad school student bhi matlab chat kar rahe hote unke layak chal gaya sab bhool jaate hain toh pehle hi hoga karne se unko itna concentrate zyada kar sakte hain meditation kar sakte hain toh vaah kansantreshan mein bhi accha cooker acche se kar sakte hain aur unke matlab google performance mein bhi accha rehta toh thank you

आज योगा स्कूल स्टूडेंट के लिए इतनी अच्छा होता है कि उनका विरोध हो रहा होता है उस टाइम पर ओ

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Akash Singhal

Senior Therapist @ YogaPeace Sansthan

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स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग बेहद ही आवश्यक है जैसा कि हम जानते हैं स्कूल जाने की उम्र 15 से लेकर 5 साल से लेकर 18 साल तक होती हैं इसके अंदर हमारे शरीर का ज्यादा से ज्यादा विकास हो रहा है तेरी हम इसी समय से ही योगाभ्यास को अपनी आदत में डालने तो हमें जैसी प्रॉब्लम्स हैं या फिर बॉडी का कोई नेट की प्रॉब्लम से कंसंट्रेशन की प्रॉब्लम नहीं होगी हमारी स्टडी के अंदर और साथ ही साथ हमारे व्यक्तित्व विकास में अपना योगदान दें धन्यवाद

school jaane waale baccho ke liye yog behad hi aavashyak hai jaisa ki hum jante hain school jaane ki umr 15 se lekar 5 saal se lekar 18 saal tak hoti hain iske andar hamare sharir ka zyada se zyada vikas ho raha hai teri hum isi samay se hi yogabhayas ko apni aadat mein dalne toh hamein jaisi problems hain ya phir body ka koi net ki problem se kansantreshan ki problem nahi hogi hamari study ke andar aur saath hi saath hamare vyaktitva vikas mein apna yogdan de dhanyavad

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए योग बेहद ही आवश्यक है जैसा कि हम जानते हैं स्कूल जाने की उम्

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Hori Lal Das

Yoga Instructor

0:22
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जो स्कूल जाने वाले बच्चे हैं वह अगर यह वापस देखते हैं तो उनका माइंड और बॉडी दोनों संतुलन बनता है उनका जो ब्रेन है वह स्टार्ट होता है इनके जो रीडिंग करने की जो पावर है वह बढ़ जाती है 4 घंटे की पढ़ाई वह आधे घंटे में पूरी कर सकते हैं उसको मेमोरी में फिट कर सकते हैं धन्यवाद

jo school jaane waale bacche hain vaah agar yah wapas dekhte hain toh unka mind aur body dono santulan banta hai unka jo brain hai vaah start hota hai inke jo reading karne ki jo power hai vaah badh jaati hai 4 ghante ki padhai vaah aadhe ghante mein puri kar sakte hain usko memory mein fit kar sakte hain dhanyavad

जो स्कूल जाने वाले बच्चे हैं वह अगर यह वापस देखते हैं तो उनका माइंड और बॉडी दोनों संतुलन ब

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Rajkumar Maity

Founder & Director - R K Yoga

2:03
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छोटे बच्चे पैदा होते हैं ना तब वह इस दुनिया का किसी भी चीज के बारे में एकदम उसको पता नहीं होते उनको मालूम नहीं होते सारे चीज को खुद ही जानते हैं थोड़ा थोड़ा जानना चाहते हैं जब स्कूल जाते हैं ना नया नया कुछ भी नहीं क्योंकि कुछ चीज सकते हैं कुछ एडमिशन लेते हैं तब उसका मन भी ख्वाब होते हैं एक तरफ नहीं आते हैं उसका मन दिखना बात है कुछ जानना चाहते हैं और जानना चाहते हैं और जाते हैं जब योगा करते हैं बच्चा की टीम में खेलते हैं सबके साथ मिलते हैं तब फिट हो जाता है अगर योगा थोड़ा मेडिटेशन कर ले तो उसका मन एक तरफ खींच लेता है और एक केंद्र में आ जाते एक पॉइंट में आ जाते 3 पॉइंट 16 पॉइंट में आते हैं तब बच्चे एकदम मन से योगा करने के बाद मन से पढ़ाई भी ध्यान से कर सकते हैं क्लास में फर्स्ट आते हैं पढ़ाई नहीं खेलने बच्चों को कंसंट्रेशन मिल जाते हैं बच्चों को एकदम एकदम फर्स्ट क्लास होते एकदम फ्रेश होते हैं नॉर्मल बच्चे से एकदम फ्रेश होते हैं क्योंकि उसका जोक्स कुछ जाना चाहते हैं बिखरा हुआ बच्चा होता है खेलने कूदने में जोक मारा पीटा करता था बच्चा तो उसके साथ दोनों के साथ के जो 4 बच्चे शामिल जाने के बाद जब एक साथ खेलने के बाद जो क्या बोलता है वह बच्चे बिगड़ जाते हैं तो माइंड को एक तरफ खींच लेता है कि पढ़ाई में ध्यान देना होगा बच्चा काम है पढ़ाई करना होगा 24 फ्रेंड के साथ अच्छे से खेलना होगा 3 बच्चे होते हैं बोतल में रखने में पानी जैसा वैसे ही होते हैं बच्चे को हम लोग बटु को जैसे ही ऐसे वैसे करते हुए पानी भी ऐसा आखिरी दिलाता है तो बच्चे का माइंड कैसे होता है छोटे बच्चे को जितना प्यार देंगे हम लोग जितना सिखाएंगे वह बच्चे ऐसे ही शुरू से मेडिटेशन और योग के साथ बच्चे का रिलेशन करवा दीजिए जाए तो अच्छे से पढ़ाई और खेलने माइंड में बहुत अच्छा होगा बच्चा स्कूल

chhote bacche paida hote hain na tab vaah is duniya ka kisi bhi cheez ke bare mein ekdam usko pata nahi hote unko maloom nahi hote saare cheez ko khud hi jante hain thoda thoda janana chahte hain jab school jaate hain na naya naya kuch bhi nahi kyonki kuch cheez sakte hain kuch admission lete hain tab uska man bhi khwaab hote hain ek taraf nahi aate hain uska man dikhana baat hai kuch janana chahte hain aur janana chahte hain aur jaate hain jab yoga karte hain baccha ki team mein khelte hain sabke saath milte hain tab fit ho jata hai agar yoga thoda meditation kar le toh uska man ek taraf khinch leta hai aur ek kendra mein aa jaate ek point mein aa jaate 3 point 16 point mein aate hain tab bacche ekdam man se yoga karne ke baad man se padhai bhi dhyan se kar sakte hain class mein first aate hain padhai nahi khelne baccho ko kansantreshan mil jaate hain baccho ko ekdam ekdam first class hote ekdam fresh hote hain normal bacche se ekdam fresh hote hain kyonki uska jokes kuch jana chahte hain bikhra hua baccha hota hai khelne koodne mein joke mara pita karta tha baccha toh uske saath dono ke saath ke jo 4 bacche shaamil jaane ke baad jab ek saath khelne ke baad jo kya bolta hai vaah bacche bigad jaate hain toh mind ko ek taraf khinch leta hai ki padhai mein dhyan dena hoga baccha kaam hai padhai karna hoga 24 friend ke saath acche se khelna hoga 3 bacche hote hain bottle mein rakhne mein paani jaisa waise hi hote hain bacche ko hum log batu ko jaise hi aise waise karte hue paani bhi aisa aakhiri dilata hai toh bacche ka mind kaise hota hai chote bacche ko jitna pyar denge hum log jitna sikhaenge vaah bacche aise hi shuru se meditation aur yog ke saath bacche ka relation karva dijiye jaaye toh acche se padhai aur khelne mind mein bahut accha hoga baccha school

छोटे बच्चे पैदा होते हैं ना तब वह इस दुनिया का किसी भी चीज के बारे में एकदम उसको पता नहीं

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

9:06
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स्कूल जाने वाले बच्चे जो आजकल हैं आजकल ज्यादा से ज्यादा बच्चे में रहते हैं मोबाइल से टीवी से अपनी दोस्त यारों से या इधर-उधर के साहित्य से इस में जुड़े रहते हैं जिसके कारण उनका पढ़ने में मन लगता नहीं है और जो भी शांत जो भी बैठ करके पढ़ते हैं क्योंकि मन में उनके विचार इधर-उधर घूमते घूमते रहते हैं मोबाइल का चलना चलाना है नेट का चलाना है टीवी का देखना है विभिन्न प्रकार के सीरियलों का देखना है उसे दिमाग बिल्कुल डिस्टर्ब रहता बच्चों के लिए चाहिए और एकाग्रता के लिए चाहिए शांत बैठ ना बैठ नहीं सकते हैं तो फिर कैसे एकाग्रता कैसे आएगी तो यह गाना है बच्चों के अंदर किस तरह हम बिल्कुल शांति से वह कम से कम एक दो-तीन घंटे A2 सेटिंग बंद करके उनका दिमाग शांत होगा तब जाकर के वह एकाग्रता के साथ कोई चीज पड़ेंगे और जब कहेंगे तो वह उनके मस्जिद के अंदर घुसेगा अगर विद्यार्थी अगर प्रारंभ से ही प्रारंभ से ही अगर विद्यार्थी धीरे-धीरे तने तने योगा का ध्यान करता है योगा करता है विद्यार्थी को छूती उसको ज्यादा अभी बच्चा है उसके शरीर में कोई ज्यादा बीमारी उधर कोई संबंध नहीं है इसलिए स्कूली बच्चे को हम ज्यादा योगासन करने के लिए चैट नहीं करते हैं हम कहते हैं उसके योगा का मेडिटेशन करो जैसे विभिन्न प्रकार के ध्यान है स्वास्थ्य ध्यान पाठ पर ध्यान लगाओ ओमकार काले के साथ चिंतन करो या कहीं बिंदु बना करके त्राटक करो इस प्रकार का अगर वह कुछ नाटक एकाग्रता के लिए स्कूल अभ्यास करता है ज्यादा नहीं केवल 30 मिनट या 20 मिनट 20 मिनट भी अगर कोई बच्चा स्कूल इसका अभ्यास करता है तो धीरे-धीरे महसूस करेगा कि मन में उसके जो विभिन्न प्रकार के मित्रों के दोस्तों के यारों के टीवी के सीरियल के विचार जो मन में घुसे रहते हैं इसके सारे के सारे शांत हो जाएंगे उसका मन बिल्कुल एक आक्रोश शांत हो जाएगा फिर एकाग्र और शांत मन के साथ इस फिर बैठ कर के अगर उसने 2 घंटे भी पढ़ लिया तो इतना मस्तिष्क में प्रवेश कर जाएगा कि कोई बच्चा दिन भर पढ़ता रहे उतना भी नहीं होगा तो योगा के द्वारा कोई योगा का लाभ अपने शिक्षा केंद्र विद्यार्थी ले सकता है पहली बार दूसरी बात योगा के लिए अगर आप विद्यार्थी के लिए पूछते तो आपको ही बहुत अच्छी बात बताता हूं अब यह सुप्रीम बात है यह बात सामान्य सबके लिए नहीं है यह हाई लेवल की बात है जब कोई विद्यार्थी योगा मेडिटेशन करता है और मेडिटेशन की किसी उच्च अवस्था में पहुंचता है यानी उसका मन बिल्कुल शांत हो जाए एक सुनीता घटित होने लगे एक खालीपन महसूस में एक खालीपन महसूस होने लगे उस खालीपन का उपयोग देखे कैसे होगा कोई कोई विद्यार्थी माना अपने गणित का कोई प्रश्न कर रहा है अब गणित का प्रश्न करते-करते अपने टीचर से भी पूछा स्कूल से भी पूछा कोचिंग से भी पूछा कहीं उसको उत्तर मिल नहीं रहा है कहीं कोई संतुष्ट करने वाला उत्तर उसके पास नहीं है अब अगर कोई मेडिटेशन करता है और लगातार ऐसा नहीं कि एक दो तीन एक दो महीने रूटिंग 4 साल से लगातार कर रहा है तू वह वह प्रश्न उसके माइंड में कौन से जाएगा कौन दिया हो जैसे बिजली आकाश में तड़प जाती है इस प्रकार उसके दिमाग में खाली दिमाग में एक पट्टी कूलर एक क्वेश्चन प्रॉन्ड्रॉयड लगातार उसकी सुख बनी हो इसका हल कैसे निकलेगा हल कैसे निकलेगा इसका हल क्या होगा तो कुदरत का बहुत बड़ा यह चमत्कार है बहुत बड़ा आशीर्वाद है उसे अज्ञात अशांत से उस बच्चे को उसका प्रश्न का हल मिल जाएगा हालांकि बहुत सुप्रीम बात है मगर मिलेगा हमने सुना है कि जिसने कंप्यूटर बनाया है उसको एक बार कंप्यूटर बनाते बनाते कुछ नहीं समझ में आ रही थी वह दिमाग लगाते लगाते सोचते-सोचते परेशान हो गया परेशान होने के बाद उसने झुंझला कर दे झुनझुना कर के साथ एक दिया उसका इतना कि जितना सोचना था उतना सोच लिया जितना उसके बस में था उतना सोच लिया और सोचने के बाद जब हल नहीं निकला तो बिल्कुल झुनझुना करके टेंशन ले उस शांत होकर बैठ गया अब तो शांत हो करके क्यों बैठ गया बिल्कुल शांत सांप भीतर शांत हो गया बाहर भी शांत हो गया भीतर भी शांत हो गया और भीतर शांत होने से जहां एक सुनता घटित होती है फिर थोड़ी देर बाद वह क्या देता है कि धीरे से उसके प्रश्न का उत्तर उसके जेहन में अपने आप प्रवेश करने लगा उसने उसका हल निकाल लिया मेरे पास कई ऐसे उदाहरण है जो अज्ञात से आए हैं जो अज्ञात से आए हैं मैं आपको बताऊं बिजली जिसने जिसने बिजली बनाई है एडीसन ने बिजली बनाई है तो एडिशन को पता था कि एडिशन को पता था कि चुंबक और तार में कुछ ऐसा होता है उसे बिजली बनती है उसके दिमाग में तभी उठ गया होगा अंधे की है जो वैज्ञानिक होता है वह कोई नई रिसर्च करता है नई खोज करता है वैज्ञानिक ट्रिपल के तार टूटने कहीं प्रयोग दिखाओ पढ़कर कर लिया उसको तो आज तक कभी नहीं हुआ वह वैज्ञानिक के दिमाग में आती है उस पॉइंट को मैं बताना चाहता हूं कि वैज्ञानिक के दिमाग में यह चीजें आती कहां से हैं कि अब जाग उठी शांति की आती है उसी शांति के चरम बिंदु से आती आती है जो हमने कहा कि विद्यार्थियों को ध्यान के द्वारा 181 एकाग्रता के द्वारा मिल सकता है तो एडिशन के लिए हम चर्चा करें एडीसन परेशान था उसको यह पता चला किसी तरह इस चुंबक हो तार के द्वारा बिजली बनती है और बिजली की बिजली थोड़ी बन चुकी थी बैटरी वाली उसके नापने के यंत्र भी थे कि अगर बिजली बन जाएगी तो फिर वह बोल्ट मीटर से नापी जाएगी तो उसने क्या किया उसने तार में बोल्ट मीटर लगाया चंदा कब था कब पास में पड़ा हुआ था उसने तार को चुंबक को ठंडा किया गरम गरम किया हवा दिया धूप दिखाया बिजली नहीं बनी नहीं बनने के बाद नहीं बनने के बाद क्या हुआ क्यों उसको झुंझलाहट पैदा हो गई दिमाग में क्या फायदा हो गई एक-एक रोक दिया गया गुजराती आ गई नहीं समझ में आता है अब उसने अपने पूरे के पूरे प्रोजेक्ट उसने उठा कर दिया जब पूरे के पूरे प्रोजेक्ट को उठाकर फेंक दिया क्या है कि बोल्ट मीटर की सुई घूम गई अब वोल्ट मीटर से बिजली बनती उसको सिद्धांत मिल गया कि चुम्मा को और तार के बीच में अगर लगातार गति की जाती है तो उस समय बिजली पैदा हो जाती है यह कहां से आया यह खुशी अज्ञात पहले वह जलाया प्रयास किया इसके बाद वह उसी से आया बिल्कुल शांति के सुरों में आया उसको रिजल्ट अपने आप मिल गया तो जितनी भी खोजें होती है सब उसी आज्ञा से होती है इसलिए विद्यार्थियों को तो परम आवश्यक है कि भले योगा ना करें निर्देशन अवश्य के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं सभी को नमस्कार

school jaane waale bacche jo aajkal hai aajkal zyada se zyada bacche mein rehte hai mobile se TV se apni dost yaaron se ya idhar udhar ke sahitya se is mein jude rehte hai jiske karan unka padhne mein man lagta nahi hai aur jo bhi shaant jo bhi baith karke padhte hai kyonki man mein unke vichar idhar udhar ghumte ghumte rehte hai mobile ka chalna chalana hai net ka chalana hai TV ka dekhna hai vibhinn prakar ke siriyalon ka dekhna hai use dimag bilkul disturb rehta baccho ke liye chahiye aur ekagrata ke liye chahiye shaant baith na baith nahi sakte hai toh phir kaise ekagrata kaise aayegi toh yah gaana hai baccho ke andar kis tarah hum bilkul shanti se vaah kam se kam ek do teen ghante A2 setting band karke unka dimag shaant hoga tab jaakar ke vaah ekagrata ke saath koi cheez padenge aur jab kahenge toh vaah unke masjid ke andar ghusega agar vidyarthi agar prarambh se hi prarambh se hi agar vidyarthi dhire dhire tane tane yoga ka dhyan karta hai yoga karta hai vidyarthi ko chuti usko zyada abhi baccha hai uske sharir mein koi zyada bimari udhar koi sambandh nahi hai isliye skuli bacche ko hum zyada yogasan karne ke liye chat nahi karte hai hum kehte hai uske yoga ka meditation karo jaise vibhinn prakar ke dhyan hai swasthya dhyan path par dhyan lagao omkar kaale ke saath chintan karo ya kahin bindu bana karke tratak karo is prakar ka agar vaah kuch natak ekagrata ke liye school abhyas karta hai zyada nahi keval 30 minute ya 20 minute 20 minute bhi agar koi baccha school iska abhyas karta hai toh dhire dhire mehsus karega ki man mein uske jo vibhinn prakar ke mitron ke doston ke yaaron ke TV ke serial ke vichar jo man mein ghuse rehte hai iske saare ke saare shaant ho jaenge uska man bilkul ek aakrosh shaant ho jaega phir ekagra aur shaant man ke saath is phir baith kar ke agar usne 2 ghante bhi padh liya toh itna mastishk mein pravesh kar jaega ki koi baccha din bhar padhata rahe utana bhi nahi hoga toh yoga ke dwara koi yoga ka labh apne shiksha kendra vidyarthi le sakta hai pehli baar dusri baat yoga ke liye agar aap vidyarthi ke liye poochhte toh aapko hi bahut achi baat batata hoon ab yah supreme baat hai yah baat samanya sabke liye nahi hai yah high level ki baat hai jab koi vidyarthi yoga meditation karta hai aur meditation ki kisi ucch avastha mein pahuchta hai yani uska man bilkul shaant ho jaaye ek sunita ghatit hone lage ek khalipan mehsus mein ek khalipan mehsus hone lage us khalipan ka upyog dekhe kaise hoga koi koi vidyarthi mana apne ganit ka koi prashna kar raha hai ab ganit ka prashna karte karte apne teacher se bhi poocha school se bhi poocha coaching se bhi poocha kahin usko uttar mil nahi raha hai kahin koi santusht karne vala uttar uske paas nahi hai ab agar koi meditation karta hai aur lagatar aisa nahi ki ek do teen ek do mahine routing 4 saal se lagatar kar raha hai tu vaah vaah prashna uske mind mein kaunsi jaega kaun diya ho jaise bijli akash mein tadap jaati hai is prakar uske dimag mein khaali dimag mein ek patti cooler ek question prandrayad lagatar uski sukh bani ho iska hal kaise niklega hal kaise niklega iska hal kya hoga toh kudrat ka bahut bada yah chamatkar hai bahut bada ashirvaad hai use agyaat ashant se us bacche ko uska prashna ka hal mil jaega halaki bahut supreme baat hai magar milega humne suna hai ki jisne computer banaya hai usko ek baar computer banate banate kuch nahi samajh mein aa rahi thi vaah dimag lagate lagate sochte sochte pareshan ho gaya pareshan hone ke baad usne jhunjhala kar de jhunjhuna kar ke saath ek diya uska itna ki jitna sochna tha utana soch liya jitna uske bus mein tha utana soch liya aur sochne ke baad jab hal nahi nikala toh bilkul jhunjhuna karke tension le us shaant hokar baith gaya ab toh shaant ho karke kyon baith gaya bilkul shaant saap bheetar shaant ho gaya bahar bhi shaant ho gaya bheetar bhi shaant ho gaya aur bheetar shaant hone se jaha ek sunta ghatit hoti hai phir thodi der baad vaah kya deta hai ki dhire se uske prashna ka uttar uske jehan 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chuki thi battery wali uske napne ke yantra bhi the ki agar bijli ban jayegi toh phir vaah bolt meter se naapi jayegi toh usne kya kiya usne taar mein bolt meter lagaya chanda kab tha kab paas mein pada hua tha usne taar ko chumbak ko thanda kiya garam garam kiya hawa diya dhoop dikhaya bijli nahi bani nahi banne ke baad nahi banne ke baad kya hua kyon usko jhunjhalahat paida ho gayi dimag mein kya fayda ho gayi ek ek rok diya gaya gujarati aa gayi nahi samajh mein aata hai ab usne apne poore ke poore project usne utha kar diya jab poore ke poore project ko uthaakar fenk diya kya hai ki bolt meter ki sui ghum gayi ab volt meter se bijli banti usko siddhant mil gaya ki chumma ko aur taar ke beech mein agar lagatar gati ki jaati hai toh us samay bijli paida ho jaati hai yah kahaan se aaya yah khushi agyaat pehle vaah jalaya prayas kiya iske baad vaah usi se aaya bilkul shanti ke suron mein aaya usko result apne aap mil gaya toh jitni bhi khojen hoti hai sab usi aagya se hoti hai isliye vidyarthiyon ko toh param aavashyak hai ki bhale yoga na kare nirdeshan avashya ke sabhi vidyarthiyon ko subhkamnaayain sabhi ko namaskar

स्कूल जाने वाले बच्चे जो आजकल हैं आजकल ज्यादा से ज्यादा बच्चे में रहते हैं मोबाइल से टीवी

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Dr Babita Tyagi

Yogacharya

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

छोटे बच्चे बहुत छोटे बच्चे से तो स्टार्ट नहीं करना चाहिए जब बच्चे गोइंग स्टेज में है आपने उस समय को खराब होने दो उससे में योगा में मत डालो उनको एक अमरीकी स्टार्ट करना चाहिए ऐसे नहीं कि तीन-चार साल से स्टार्ट कर दो कि जब चलता रहता है उसके बाद फिर बच्चों को योगा जो है स्टार्ट कर दे उसे बेनिफिट सबसे बड़ा यही है शुरू से शरीर को आ जाती क्योंकि हमारे अभी क्या हो गया एक्टिविटीज बहुत कम हो गई है बच्चों की ज्यादा बच्चे बैठकर या तो कंप्यूटर पर गेम खेलना होमवर्क कर रहे हैं टीवी देख रहे हैं तो उनकी बैठने वाली ज्यादातर उस पोजीशन में ज्यादा रहने लगी और वह जो फिजिकल एक्टिविटी की मूवी इम्यून सिस्टम है या बहुत सारी देखो हम बहुत सारी चीजों को चेंज नहीं कर सकते 10 मिनट में इस समय बहुत ज्यादा खतरनाक चीजें हो रही है उसको चेंज नहीं कर सकते लेकिन हां हम अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं उससे लड़ने की छुट्टी है उसको तो कम से कम हम मजबूत कर सकते तो बच्चे शुरू से करते हैं तो दूसरे आपका फ्रेंड पर वह सबसे अलग होंगे होंगे

chhote bacche bahut chote bacche se toh start nahi karna chahiye jab bacche going stage mein hai aapne us samay ko kharab hone do usse mein yoga mein mat dalo unko ek amariki start karna chahiye aise nahi ki teen char saal se start kar do ki jab chalta rehta hai uske baad phir baccho ko yoga jo hai start kar de use benefit sabse bada yahi hai shuru se sharir ko aa jaati kyonki hamare abhi kya ho gaya activities bahut kam ho gayi hai baccho ki zyada bacche baithkar ya toh computer par game khelna homework kar rahe hain TV dekh rahe hain toh unki baithne wali jyadatar us position mein zyada rehne lagi aur vaah jo physical activity ki movie immune system hai ya bahut saree dekho hum bahut saree chijon ko change nahi kar sakte 10 minute mein is samay bahut zyada khataranaak cheezen ho rahi hai usko change nahi kar sakte lekin haan hum apni immune system ko majboot bana sakte hain usse ladane ki chhutti hai usko toh kam se kam hum majboot kar sakte toh bacche shuru se karte hain toh dusre aapka friend par vaah sabse alag honge honge

छोटे बच्चे बहुत छोटे बच्चे से तो स्टार्ट नहीं करना चाहिए जब बच्चे गोइंग स्टेज में है आपने

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Gulshan Bhardwaj

Yoga Instructor

0:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपको पता है कि आजकल छोटे जो स्कूल इन के बच्चे होते हैं उनकी स्टार्टिंग से ही खराब हो चुकी है टीवी देखना ज्यादा मोबाइल यूज करना ध्यान नहीं जाता खाने खाने का मन नहीं है बॉडी ग्रोथ सिंह कर दी तो यह सब छोटे बच्चे जिम तो जा नहीं सकते तो यह कोई क्लासिक्स योगा की है तो वह इन सब चीजों से निकल सकते हैं वह जैसे अपनी बॉडी प्रॉब्लम हो जो भी उनका पढ़ने में ध्यान देता खाने में बॉडी की रोशनी चल रही

aapko pata hai ki aajkal chote jo school in ke bacche hote hain unki starting se hi kharab ho chuki hai TV dekhna zyada mobile use karna dhyan nahi jata khane khane ka man nahi hai body growth Singh kar di toh yah sab chote bacche gym toh ja nahi sakte toh yah koi classics yoga ki hai toh vaah in sab chijon se nikal sakte hain vaah jaise apni body problem ho jo bhi unka padhne mein dhyan deta khane mein body ki roshni chal rahi

आपको पता है कि आजकल छोटे जो स्कूल इन के बच्चे होते हैं उनकी स्टार्टिंग से ही खराब हो चुकी

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