क्या पित्त दोष के कारण सिरदर्द होता है आप पित्त सिरदर्द को कैसे रोक सकते हैं?...


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Dr. Amit Hardia

Panchkarma Specialist

1:15

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल जब भी स्थिति का उर्दू का मन होता है तो यह ज़ीरो प्रदेश में जाकर मनुष्य के एरिया में जाकर जो इधर स्कूल जाने की और कर सकता है तो ऐसी कंडीशन में जबकि पूर्व दिशा में गमन करता है जो कि उचित कर्म का जो मुख्य स्थान बताया गया वह नाभि प्रदेश बताया गया नाभि के स्थान पर होता है वह तो जब ऊपर की तरफ आ रहा है इसका मतलब है कि अभी उसको जो है ऊपर आने से रोकना है या फिर अगर और को घमंड हो गया है तो उसे जो है एक वमन क्रिया होती है आयुर्वेद पंचकर्म तो उसके द्वारा उसको निकाल दिया जाता है वह मंजू है संबंधित रोगों के लिए एक अच्छी चिकित्सा है इसके अलावा अगर उसका उर्दू तमन्ना ना कर आना है या ऊपर की तरफ नहीं लाना है उसको नीचे से निकालना है उसमें एक विरेचन क्रिया और होती है तो विरेचन के द्वारा जो है नाभि के नीचे के जो पेपर होते हैं उनको आटा निकाल निरीक्षण में जो है लूज मोशन कराए जाते हैं पेशेंट को उचित दवाइयों के आधार के द्वारा तो उससे भी तो है निकल जाति काफी अच्छी रिजल्ट आते हैं

ji bilkul jab bhi sthiti ka urdu ka man hota hai toh yah zero pradesh mein jaakar manushya ke area mein jaakar jo idhar school jaane ki aur kar sakta hai toh aisi condition mein jabki purv disha mein gaman karta hai jo ki uchit karm ka jo mukhya sthan bataya gaya vaah nabhi pradesh bataya gaya nabhi ke sthan par hota hai vaah toh jab upar ki taraf aa raha hai iska matlab hai ki abhi usko jo hai upar aane se rokna hai ya phir agar aur ko ghamand ho gaya hai toh use jo hai ek waman kriya hoti hai ayurveda panchkarm toh uske dwara usko nikaal diya jata hai vaah manju hai sambandhit rogon ke liye ek achi chikitsa hai iske alava agar uska urdu tamanna na kar aana hai ya upar ki taraf nahi lana hai usko neeche se nikalna hai usmein ek virechan kriya aur hoti hai toh virechan ke dwara jo hai nabhi ke neeche ke jo paper hote hain unko atta nikaal nirikshan mein jo hai loose motion karae jaate hain patient ko uchit dawaiyo ke aadhaar ke dwara toh usse bhi toh hai nikal jati kafi achi result aate hain

जी बिल्कुल जब भी स्थिति का उर्दू का मन होता है तो यह ज़ीरो प्रदेश में जाकर मनुष्य के एरिया

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Dr. Anuj Dupta

Director and chief ayurvedic consultant and founder of Mantra Ayurveda.

0:31
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दोषी दोषी सर दर्द का सबसे बड़ा कारण है जब इसके बाद मिलता है तो यह बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा होती है और बाकी जो है बाकी ड्राइविंग फोर्स बात हमारे शरीर के अंदर एक मैन ड्राइविंग फोर्स कहीं पर भी दोष हमारे अनिल को ले जाकर ज्यादा मात्रा में चिकित्सा हीलिंग की सबसे बड़ी चिकित्सा

doshi doshi sir dard ka sabse bada karan hai jab iske baad milta hai toh yah bahut zyada bahut zyada hoti hai aur baki jo hai baki driving force baat hamare sharir ke andar ek man driving force kahin par bhi dosh hamare anil ko le jaakar zyada matra mein chikitsa healing ki sabse badi chikitsa

दोषी दोषी सर दर्द का सबसे बड़ा कारण है जब इसके बाद मिलता है तो यह बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा

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Dr. Mitramahesh

Ayurvedic Doctors

3:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वात पित्त और कफ के कारण शरीर की परिस्थितियां बिगड़ती है यह आप लोग समझते हैं सर दर्द के लिए आज का हल्का आधुनिक केंद्र परिस्थिति है कि शरण शरण में मिनटों में घंटों में आपके शरीर की त्रिदोष की पद्धति बदलती रहती है कैसा खाए को रख खाएंगे पति हो जाएगी कभी मेकअप की पुष्टि हो जाएगी किस बीमारी की उत्पत्ति हो जाएगी जो आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार जो सिस्टम है उसमें बहुत कुछ परिवर्तन मनुष्य ने अपने अनियमितता अज्ञानता के कारण ला दिया है कभी भी गर्मी की परिस्थिति और ठंड की हो बारिश की हो कोई भी त्रिदोष में कोई भी न कोई दोस्त खड़ा हो जाता है सिस्टम खराब है आप लोग जो चाहे वह खाना खाते हैं जो जीप का कंट्रोल नहीं है मन का कंट्रोल नहीं है सभी का कंट्रोल नहीं है आवेगो के वश में हो जाते हैं यह सब से बचना हो तो आपके आपके घर में नीति है हवन करिए यज्ञ करिए वैदिक परंपरा वेदों के अनुसार और आप गायत्री मंत्र ओम नमः शिवाय को ही दिए मंत्रों का जप करिए आपके शरीर मन वचन कर्म यह सब शुद्ध पवित्र होगा और आप सारी परिषदों को कंट्रोल कर पाएंगे कि बी मुझे क्या हितकारी खाना है क्या नहीं खाना है आप जीते बस नहीं होंगे सभी की भावनाओं के बस नहीं होंगे और आप किसी भी मौसम के अंदर किसी भी देश के ऊपर कंट्रोल कर पाएंगे हमारे जो यह उसे दे है देश उद्दीन मेदोहर टेबलेट अजीर्मा सहकर्मी विनाशक सद्गुण प्रकाश से देवेंद्र प्रकाश सिंह यह औषध 56 हुसैन आप लोग हमेशा उसका रेगुलर नियम के अनुसार उपयोग करेंगे वर्ष के किसी भी स्तर पर किसी भी मौसम किसी भी परिस्थिति में इतनी दूर से आप मुक्त रहेंगे सभी को बहुत सोच कर कर पाएंगे आप और आप लोग हैं जो नदी के वैदिक नियम है जो आज भी विकलांग क्रिकेट नियम है क्या प्रात काल में दो-तीन घंटे सूर्योदय से पहले उठी है शरीर को शुद्ध करने के लिए मूत्र त्याग जिम में मल त्याग के ढंग से करिए औषधीय से लीजिए जॉब नहीं बताया है आपको कोई प्रभावी प्रो किसी प्रकार का कोई प्रॉब्लम नहीं आएगा और आप फिर स्नान में गिरे करिए व्यायाम करिए और यूयूजे संध्या हवन उपासना बगैर करिए अच्छे ग्रंथों का स्वाध्याय करिए सत्यार्थ प्रकाश रिक्विज आदि भाष्य भूमिका संस्कार विधि स्वामी दयानंद वेद धर्म के पूर्व प्रसार के लिए यह ग्रंथों की रचना की है पूरी थियोलॉजी विचारधारा इतिहास समाजशास्त्र आपको पिछले सृष्टि की रचना हुई तब से आज तक का पूरा इतिहास आपको बिल्कुल मिलेगा और आप उसके अनुसरण करके आपकी लाइफ में सिस्टम में परिवर्तन करके आपका अभिषेक 100 साल और उससे अधिक भी जिएंगे और जो सामाजिक रचना है अर्थव्यवस्था से उसको भी अच्छा करने के लिए आप लोग प्रयत्नशील बनी है आप मानते हैं यह मत सोचें कि हमको कोई कोरोनावायरस से भी बीमारी संभव डर गए पीछे सर दर्द होगा यह होगा वह होगा लेकिन सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति को अब बनाएंगे तो कई प्रकार के रोग और परिस्थिति अपने आप लग जाती है और यह सारी चीजों का उपयोग साथ में अपना यह हमारी जो वेबसाइट या आर्य समाज आयुर्वेद hospitals.com उसको देखिए उसको हमारी भी जो विचार वैज्ञानिक सत्यता पूर्ण है उसको आप लोग सुनिए और उसके अनुसार जीवन चल रही है और कोई भी प्रॉब्लम हो कभी भी किसी भी समय पर आप हमारा संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद

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वात पित्त और कफ के कारण शरीर की परिस्थितियां बिगड़ती है यह आप लोग समझते हैं सर दर्द के लिए

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