पिरीयड्ज़ होने पर लड़की को धार्मिक कार्यों में शामिल नहीं होना चाहिए या भोजन क्यों नहीं बनाना चाहिए?...


play
user

SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

1:24

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी जो पेरियस होता है यह प्रकृति का नियम है महिलाओं में पीरियड तो होगा ही ऐसा नहीं है कि तेरी व्यस्त नहीं होगा और यह उन महिलाओं की महिलाओं के प्रति गंदी सोच है जो महिलाएं सोचते हैं कि महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठान में भाग नहीं लेना चाहिए खाना नहीं बनाना चाहिए ऐसा बिल्कुल नहीं है यह कुछ महिलाएं भी सोचती हैं और पुरुष तो ज्यादातर ही सोचते हैं ऐसा बिल्कुल गलत है यह उन महिलाओं को ऐसा नहीं सोचना चाहिए क्योंकि वह भी एक महिला हैं उनको भी पीरियड होता है और पीरियड होने से कुछ नहीं होता इसका मतलब यह नहीं कि वह दम अपवित्र हो गई नहीं ऐसा हो सकता यह शारीरिक प्रक्रिया है प्रकृति की देन है ऐसा होना संभव है लेकिन जो यह सोचे कि पीरियड आने पर भोजन न बनाएं धार्मिक अनुष्ठानों यह बिल्कुल हमारी सांसे बिल्कुल गलत है कि उनकी गंदी सोच है एक मानसिक विकार है वह दिमाग से पैदल लोग ऐसा सोचते हैं जो कि ऐसा नहीं सोचना चाहिए हमेशा एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए यह तो उनका जो है शारीरिक परिवर्तन का नियम है ऐसा होना संभव है बिना ऐसा हुए यह संसार चल ही नहीं सकता उन्हें यह समझना चाहिए कि हम उसे घर से पैदा हुए हैं हम भी उसी घर से पहले बने हैं उसी गर्ग के कारण संसार में आज जी रहे हैं तो उन्हें यह सोचना चाहिए धन्यवाद

dekhi jo periyas hota hai yah prakriti ka niyam hai mahilaon mein period toh hoga hi aisa nahi hai ki teri vyast nahi hoga aur yah un mahilaon ki mahilaon ke prati gandi soch hai jo mahilaye sochte hain ki mahilaon ko dharmik anushthan mein bhag nahi lena chahiye khana nahi banana chahiye aisa bilkul nahi hai yah kuch mahilaye bhi sochti hain aur purush toh jyadatar hi sochte hain aisa bilkul galat hai yah un mahilaon ko aisa nahi sochna chahiye kyonki vaah bhi ek mahila hain unko bhi period hota hai aur period hone se kuch nahi hota iska matlab yah nahi ki vaah dum apavitra ho gayi nahi aisa ho sakta yah sharirik prakriya hai prakriti ki then hai aisa hona sambhav hai lekin jo yah soche ki period aane par bhojan na banaye dharmik anushthanon yah bilkul hamari sanse bilkul galat hai ki unki gandi soch hai ek mansik vikar hai vaah dimag se paidal log aisa sochte hain jo ki aisa nahi sochna chahiye hamesha ek dusre ka sammaan karna chahiye yah toh unka jo hai sharirik parivartan ka niyam hai aisa hona sambhav hai bina aisa hue yah sansar chal hi nahi sakta unhe yah samajhna chahiye ki hum use ghar se paida hue hain hum bhi usi ghar se pehle bane hain usi garg ke karan sansar mein aaj ji rahe hain toh unhe yah sochna chahiye dhanyavad

देखी जो पेरियस होता है यह प्रकृति का नियम है महिलाओं में पीरियड तो होगा ही ऐसा नहीं है कि

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  281
KooApp_icon
WhatsApp_icon
1 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!