अगर कोई पहले से ही ग्रेड ए इंजीनियर के रूप में रेलवे में है, तो उसे IAS में रहने की इच्छा क्यों होनी चाहिए?...


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Ansh jalandra

Motivational speaker

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा अगर कोई पहले से ही क्रिएटिव इंजीनियर के रूप में देखने में है तो चाहिए इसमें रहने की इच्छा जो मैंने चाहिए आप किसी भी पद पर हम बड़े से बड़ा पद हो लेकिन एक पद की प्रति मांगी मरने की चाहत होती है उच्च पद की गरिमा को पाने के लिए इंसान के पास यह कामना उनकी ग्रुप चाहत के लिए वायु सटका ही बनने की बात सोचता सूचना से नहीं क्या यह सरकारी बनकर मुझे बड़े सुख मिलेंगे बहुत कर्मा मिलेगी गौरव मिलेगा नहीं आप रेलवे में रहकर केवल रेलवे से संबंधित कार्यभार संभाल सकते हैं उस क्षेत्र में विकास की बात छोड़ सकते हैं लेकिन उसे बाहर निकलेंगे तभी आप प्रशासनिक सुधार की कल्पना कर सकते हैं जनसेवा की कल्पना कर सकते हैं और उसके लिए आपको पुलिस विभाग में जाना है तो आरपीएस और कंचना रिटर्न ने ट्रक को हाईएस्ट की परिकल्पना करनी होगी और इच्छा होना स्वभाविक है

aapne kaha agar koi pehle se hi creative engineer ke roop me dekhne me hai toh chahiye isme rehne ki iccha jo maine chahiye aap kisi bhi pad par hum bade se bada pad ho lekin ek pad ki prati maangi marne ki chahat hoti hai ucch pad ki garima ko paane ke liye insaan ke paas yah kamna unki group chahat ke liye vayu satka hi banne ki baat sochta soochna se nahi kya yah sarkari bankar mujhe bade sukh milenge bahut karma milegi gaurav milega nahi aap railway me rahkar keval railway se sambandhit karyabhar sambhaal sakte hain us kshetra me vikas ki baat chhod sakte hain lekin use bahar nikalenge tabhi aap prashaasnik sudhaar ki kalpana kar sakte hain jansewa ki kalpana kar sakte hain aur uske liye aapko police vibhag me jana hai toh RPS aur kanchana return ne truck ko highest ki parikalpana karni hogi aur iccha hona swabhavik hai

आपने कहा अगर कोई पहले से ही क्रिएटिव इंजीनियर के रूप में देखने में है तो चाहिए इसमें रहने

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी

sarkari

सरकारी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका फेसबुक है सही है कि पहले से एक रेड इंजीनियर में है तो आईएएस में रहने की इच्छा आईएस में है तो कंफ्यूज आएगा तो आइए सब इसलिए उसको हर एक किसी को अपना पद पर ले जाना पड़ता है

aapka facebook hai sahi hai ki pehle se ek red engineer me hai toh IAS me rehne ki iccha ias me hai toh confuse aayega toh aaiye sab isliye usko har ek kisi ko apna pad par le jana padta hai

आपका फेसबुक है सही है कि पहले से एक रेड इंजीनियर में है तो आईएएस में रहने की इच्छा आईएस

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Vinay Mishra

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रेलवे ए ग्रेड का कर्मचारी इंजीनियर सिर्फ उस विभाग तक ही सीमित है जबकि आइए जो कि प्रशासनिक अधिकारी है जो कि पूरे भारत के प्रशासन में अपनी सहायता एवं योगदान प्रदान कर सकता है इसलिए वाईएस बनता है और बना जाता है और वह अपने आप में ही एक विशिष्ट पोजीशन है इसलिए 11 रेड का इंजीनियर आईएएस बनना पसंद करता है

railway a grade ka karmchari engineer sirf us vibhag tak hi simit hai jabki aaiye jo ki prashaasnik adhikari hai jo ki poore bharat ke prashasan me apni sahayta evam yogdan pradan kar sakta hai isliye YS banta hai aur bana jata hai aur vaah apne aap me hi ek vishisht position hai isliye 11 red ka engineer IAS banna pasand karta hai

रेलवे ए ग्रेड का कर्मचारी इंजीनियर सिर्फ उस विभाग तक ही सीमित है जबकि आइए जो कि प्रशासनिक

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपने कहा कि अगर कोई पहले से ही ग्रेड ए इंजीनियर के रूप में रेलवे में है तो उसे आईएएस बनने की इच्छा क्यों रखनी चाहिए देखिए आईएएस बनने की इच्छा इसलिए रखनी चाहिए कि उसकी अपनी इच्छा है वह सोशल वर्कर के रूप में समाज से जुड़ना चाहता है समाज के लिए काम करना चाहता है यदि वह इंजीनियर रेलवे में काम करता है तो पूरी जिंदगी उसके रेलवे में ही बीत जाएगी वह समाज से नहीं जुड़ सकता तो उसने अपनी जॉब सेफ्टी के लिए पहले इंजीनियरिंग की रेलवे में जॉब ज्वाइन किया यदि वह फिर से समाज में जुड़ना चाहते हैं यह भी एक चाबी है लेकिन एक प्रेस्टीजियस जॉब है साथ ही समाज से जुड़ा हुआ जॉब है तो इसे उसकी इच्छा है तो यह नेम फेम के लिए भी और अपने समाज के लिए भी सोशल वर्क के लिए भी यह इच्छा रख सकता है कि वह कैसे क्लियर करें धन्यवाद

namaskar aapne kaha ki agar koi pehle se hi grade a engineer ke roop me railway me hai toh use IAS banne ki iccha kyon rakhni chahiye dekhiye IAS banne ki iccha isliye rakhni chahiye ki uski apni iccha hai vaah social worker ke roop me samaj se judna chahta hai samaj ke liye kaam karna chahta hai yadi vaah engineer railway me kaam karta hai toh puri zindagi uske railway me hi beet jayegi vaah samaj se nahi jud sakta toh usne apni job safety ke liye pehle Engineering ki railway me job join kiya yadi vaah phir se samaj me judna chahte hain yah bhi ek chabi hai lekin ek prestijiyas job hai saath hi samaj se juda hua job hai toh ise uski iccha hai toh yah name fem ke liye bhi aur apne samaj ke liye bhi social work ke liye bhi yah iccha rakh sakta hai ki vaah kaise clear kare dhanyavad

नमस्कार आपने कहा कि अगर कोई पहले से ही ग्रेड ए इंजीनियर के रूप में रेलवे में है तो उसे आईए

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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Pushpendra Rajput

Soft Skill Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखी इच्छाएं तो आपके ऊपर डिपेंड करती हैं और आईएएस रैंक होती है वह अपने आप में एक अलग ही पहचान है अगर आपकी एंग्री डे के इंजीनियर है बहुत अच्छी बातें और आईएस चाहे तो साथ में उसकी तैयारी करके आप उसके लिए भी कृपया कर सकते हैं और इसमें अगर आप सक्सेस हो जाते हैं तो उसके बाद आप वहां पर सीधी से बातें अब उसमें जा सकते हैं और फिर आपकी जो इच्छा है आप जहां पर कंफर्टेबल फील करते हैं जो आपको सही लगता है अब वह चुने

likhi ichhaen toh aapke upar depend karti hain aur IAS rank hoti hai vaah apne aap me ek alag hi pehchaan hai agar aapki angry day ke engineer hai bahut achi batein aur ias chahen toh saath me uski taiyari karke aap uske liye bhi kripya kar sakte hain aur isme agar aap success ho jaate hain toh uske baad aap wahan par seedhi se batein ab usme ja sakte hain aur phir aapki jo iccha hai aap jaha par Comfortable feel karte hain jo aapko sahi lagta hai ab vaah chune

लिखी इच्छाएं तो आपके ऊपर डिपेंड करती हैं और आईएएस रैंक होती है वह अपने आप में एक अलग ही पह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहली चीज जो इंसान के लिए जरूरी होती है वह होती है अपनी रुचि और आईएएस में आईएस करने के बाद आप सीधे लोगों से मिलते हैं फील्ड वर्क जो होता है आपका इतने आप जाकर लोगों से मिलते हो उनके प्रॉब्लम्स को समझते हो और उनके लिए काम करते हो और रेलवे में आप इतना डायरेक्ट पब्लिक इंटरेक्शन नहीं होता है आपका प्रत्यक्ष रूप से आप किसी से नहीं मिलते हो आप ज्यादातर ऑफिस में बैठे रहते हो आप उसके बाद अब कार्यों का जो भी रेलवे के काम होते हैं उसके इंस्पेक्शन के लिए निकलते हो कौन सी मोबाइल तो इस तरीके से आईएस में जाने का सिर्फ एक ही मकसद हो सकता है तो बहुत ज्यादा इंटरेस्ट होगा किसी का और दूसरा लोग उसके बीच में रहने का एक इच्छा हो सकता है इंसान जाएगा धन्यवाद

sabse pehli cheez jo insaan ke liye zaroori hoti hai vaah hoti hai apni ruchi aur IAS me ias karne ke baad aap sidhe logo se milte hain field work jo hota hai aapka itne aap jaakar logo se milte ho unke problems ko samajhte ho aur unke liye kaam karte ho aur railway me aap itna direct public interaction nahi hota hai aapka pratyaksh roop se aap kisi se nahi milte ho aap jyadatar office me baithe rehte ho aap uske baad ab karyo ka jo bhi railway ke kaam hote hain uske Inspection ke liye nikalte ho kaun si mobile toh is tarike se ias me jaane ka sirf ek hi maksad ho sakta hai toh bahut zyada interest hoga kisi ka aur doosra log uske beech me rehne ka ek iccha ho sakta hai insaan jaega dhanyavad

सबसे पहली चीज जो इंसान के लिए जरूरी होती है वह होती है अपनी रुचि और आईएएस में आईएस करने के

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MRI

Retired Executive (PSU), Electrical Engineer, AUTHOR, हिंदी भषा में चार पुस्तकें प्रकाशित. जल्द ही तीन और प्रकाशित होने वाली हैं ।

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

2:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार जी के आर्थिक तौर पर भले ही ए ग्रेड इंजीनियर की होती अच्छी पोस्ट है किंतु आईएस और ए ग्रेड इंजीनियरिंग में फर्क पड़ता है आप इंजीनियर रेलवे में रहते हुए सीधे जनता से नहीं जुड़ सकते जनता की सेवा नहीं कर सकते जो आपका कोई उद्देश्य है देश के प्रति जनता के प्रति समाज के प्रति वह नहीं कर सकते और आईएएस अफसर बंद कर आप देश सेवा में अपना योगदान दे सकते हैं आपके विचारों को ज्ञानवती दे सकते हैं और दूसरी बात यह है कि रेलवे ग्रेड इंजीनियर की कोई सामाजिक सार्वजनिक पहचान नहीं होती जबकि आईएएस अफसर ऊंचे पदों पर रहते हैं कलेक्टर पदों पर रहते हैं जिसकी एक सार्वजनिक पहचान भी होती है जो लाइफटाइम होती है और लोग उसे सम्मान की दृष्टि से देखते हैं और सरकार में भी उस पद की जिसे नकारा नहीं जा सकता इसलिए आर्थिक रूप से तनख्वाह के रूप में भले ही आप रेलवे में नौकरी अच्छी तरह है किंतु तुलनात्मक दृष्टि से कुछ कर गुजरने की दृष्टि से पद के सम्मान की दृष्टि से पहचान की दृष्टि से आईएस बहुत बेहतर है इसीलिए इसकी इच्छा होना बहुत ही अच्छी बात है

namaskar ji ke aarthik taur par bhale hi a grade engineer ki hoti achi post hai kintu ias aur a grade Engineering me fark padta hai aap engineer railway me rehte hue sidhe janta se nahi jud sakte janta ki seva nahi kar sakte jo aapka koi uddeshya hai desh ke prati janta ke prati samaj ke prati vaah nahi kar sakte aur IAS officer band kar aap desh seva me apna yogdan de sakte hain aapke vicharon ko gyanvati de sakte hain aur dusri baat yah hai ki railway grade engineer ki koi samajik sarvajanik pehchaan nahi hoti jabki IAS officer unche padon par rehte hain collector padon par rehte hain jiski ek sarvajanik pehchaan bhi hoti hai jo lifetime hoti hai aur log use sammaan ki drishti se dekhte hain aur sarkar me bhi us pad ki jise nakara nahi ja sakta isliye aarthik roop se tankhvaah ke roop me bhale hi aap railway me naukri achi tarah hai kintu tulnaatmak drishti se kuch kar guzarne ki drishti se pad ke sammaan ki drishti se pehchaan ki drishti se ias bahut behtar hai isliye iski iccha hona bahut hi achi baat hai

नमस्कार जी के आर्थिक तौर पर भले ही ए ग्रेड इंजीनियर की होती अच्छी पोस्ट है किंतु आईएस और

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Yogesh Chaudhary

OFFICER AT AIRPORTS AUTHORITY OF INDIA

1:42

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं देखी ग्रेड इंजीनियर हो ना जो बी सी डी आई एस होता है और आईएस होता है वह बेसिकली तो डिफरेंट डिफरेंट चीज है डिफरेंट डिफरेंट जॉब प्रोफाइल से दोनों ही अपनी फील्ड में सबसे टॉप जॉब से अगर में बोलो इंजीनियरिंग में तो आईएस सबसे टॉप टॉप जॉब इंडिया में उससे ऊपर कुछ हो नहीं सकता और सेम चीज अगर कोई है तो उसे भी सर्विस ऊपर कोई हो नहीं सकता लेकिन दोनों ही डिफरेंट फील्ड वर्क प्रोफाइल से अगर मैं आप से बोलूं आईएस को कंपेयर करूं आईएस के कंपैरिजन में तो समाज को और ज्यादा अच्छे से सेवा कर सकता है तो उसका कॉन्ट्रिब्यूशन होता है सोसाइटी को लेकर ज्यादा होता है उसकी जो उसके डिसीजन से जो समाज पेंटाक करता है वह ज्यादा होता है उसका थोड़ा जो सोसाइटी में किन पांच होता है वह ज्यादा होता है वह ज्यादा अच्छे से पब्लिक सर्विस कर सकता है तो यह सब सारी चीजें ऐसी होती हैं जो बेसिकली आईएस को एक आईएस ए डिफरेंट करके जबकि आईएस का दिन होता है उसे अपने फील्ड में मान लीजिए कोई रेलवेज में रेलवेज में रेलवेज डिपार्टमेंट तक ही सीमित रह जा रहा है सैलरी कब मिल रही है या उसका छोटा है या जो उसके सोसाइटी में वैल्यू होती है वह कम है ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है वह भी एक टॉप ऑफिसर है लेकिन उसको आईएस से कम प्यार करूं तो वर्क प्रोफाइल की वजह से बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो वाकई में सोसायटी के सर्विस करना चाहते हैं तो चाहते हैं कि उनकी थोड़ा सोचो जॉब हो तो ऐसी हो जो के अक्षर की वजह से आपके जो सोसाइटी है उस पेंटाक पर है वह लोगों की हेल्प करें तो यह सब आप आईएस रहते हुए कर पाते हैं इसलिए आप बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो आईएस निकलने के बाद बीआईएसएसएस करने की सोचते हैं और मेहनत करके आइए जरा एक भी करते हैं

nahi dekhi grade engineer ho na jo be si d I S hota hai aur ias hota hai vaah basically toh different different cheez hai different different job profile se dono hi apni field me sabse top job se agar me bolo Engineering me toh ias sabse top top job india me usse upar kuch ho nahi sakta aur same cheez agar koi hai toh use bhi service upar koi ho nahi sakta lekin dono hi different field work profile se agar main aap se bolu ias ko compare karu ias ke kampairijan me toh samaj ko aur zyada acche se seva kar sakta hai toh uska contribution hota hai society ko lekar zyada hota hai uski jo uske decision se jo samaj pentak karta hai vaah zyada hota hai uska thoda jo society me kin paanch hota hai vaah zyada hota hai vaah zyada acche se public service kar sakta hai toh yah sab saari cheezen aisi hoti hain jo basically ias ko ek ias a different karke jabki ias ka din hota hai use apne field me maan lijiye koi railways me railways me railways department tak hi simit reh ja raha hai salary kab mil rahi hai ya uska chota hai ya jo uske society me value hoti hai vaah kam hai aisa bilkul bhi nahi hota hai vaah bhi ek top officer hai lekin usko ias se kam pyar karu toh work profile ki wajah se bahut saare log aise hote hain jo vaakai me sociaty ke service karna chahte hain toh chahte hain ki unki thoda socho job ho toh aisi ho jo ke akshar ki wajah se aapke jo society hai us pentak par hai vaah logo ki help kare toh yah sab aap ias rehte hue kar paate hain isliye aap bahut saare log aise hote hain jo ias nikalne ke baad BISSS karne ki sochte hain aur mehnat karke aaiye zara ek bhi karte hain

नहीं देखी ग्रेड इंजीनियर हो ना जो बी सी डी आई एस होता है और आईएस होता है वह बेसिकली तो डिफ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस डेड पर्सन स्कवाइड कंप्लीटेड एंड कैन क्रैक आईएएस एग्जाम 2008 के लिए कोई वैसी प्रॉब्लम नहीं है इसलिए एकजुट होकर एप्लीकेशन फॉर आईएएस

is dead person skavaid completed and can crack IAS exam 2008 ke liye koi vaisi problem nahi hai isliye ekjut hokar application for IAS

इस डेड पर्सन स्कवाइड कंप्लीटेड एंड कैन क्रैक आईएएस एग्जाम 2008 के लिए कोई वैसी प्रॉब्लम नह

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