क्या एक आम छात्र जो पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं है, IAS बन सकता है?...


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Shambhu Das

Officer In Maharatna Company | Motivational Coach | Solution Provider

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क्या एक आम छात्र जो पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं है आईएस बन सकता है मेरे विचार में जरूर बन सकता है क्योंकि पढ़ाई में अच्छा नहीं है यह निर्णय कब तक करना है तभी तक जब तक उसने अपना लक्ष्य ठीक नहीं किया है टारगेट ठीक नहीं किया अगर टारगेट उसका आईएस बन जाता है लक्ष अपना वह ठीक कर लेता है अपने गंतव्य अपना डेस्टिनेशन कोई एक आम विद्यार्थी भी ठीक कर लेता है तो चुकी लक्ष्य बड़ा है तो उसी दिन से उसके पढ़ाई में अच्छा होने का या पढ़ाई अध्ययन करने में सुधार का उसी दिन से प्रक्रिया भी चालू हो जाता है अब रहा बात किया करो पढ़ाई में अच्छा नहीं है आम ही रह जाएगा तो कभी आईएस नहीं बन सके लेकिन एक छात्र पढ़ाई में कमजोर है लेकिन उसने लग ठीक किया कि मैं बनूंगा तो उस दिन से अगर वह 77 निरंतर प्रयास और मेहनत करते जाता है तो वह भी आईएस बन सकता है ऐसे सैकड़ों उदा हमने बहुत सारे आईएएस का इंटरव्यू देखा है और मैं भी जो खुद देख बहुत राम स्टूडेंट था मैं कभी ट्यूशन नहीं पढ़ा बहुत गरीब पृष्ठभूमि से हूं हिंदी मीडियम में पढ़ता था मैं बहुत कमजोर था गणित नहीं आती थी विज्ञान के विषय में समझ में आते थे लेकिन मुझे भी कुछ लोगों ने मोटिवेट किया मुझ पर भरोसा किया और मैं आज भारत की महारत्न कंपनी में अधिकारी के पद पर तैनात हूं दोस्तों तो मैंने यह अपने अनुभव से आपको आज बताना चाहता हूं कि यह काम स्टूडैंटेको पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं है लेकिन अगर वो ठान लेता है क्या मुझे कुछ बनना है तो वह बन सकता है मैं आपको इसके कुछ तरीके बताता हूं जैसे आप एक अच्छे पढ़ाई में अच्छे नहीं है तो आपने पिछली जो पढ़ाया है उसे आपने अच्छे से नहीं किया है तो देखिए कितना आसान है अगर आप फिर से क्लास वन प्लस टू क्लास 3 क्लास 4 की किताबें जो बच्चे के पढ़ने की किताब उसमें से बहुत सारे ज्ञान है जिसे छोड़कर आप आगे बढ़े इसलिए आप पढ़ाई में अच्छे नहीं आप ऐसा ऐसा मान सकते हैं लेकिन जब उनकी किताबों के पड़ेंगे तो चुकी आप बड़े हो गए हैं आप में आए क्यों का विकास हो गया आपके मेधा शक्ति बढ़ गई है तो बच्चों की किताबें पढ़ने में आपको बहुत अच्छी लगेगी एवं उसके छोटे-छोटे जो नॉलेज है उसे आप उससे उससे आपका दिमाग बढ़ता जाएगा और इस तरह से आप मान लीजिए कि दसवीं तक की किताबों को आत्मिक सिलसिलेवार ढंग से पड़ जाए तो आप देखिएगा कि लगभग लगभग प्रत्येक विषय वस्तु के बारे में एक जो इंटेलिजेंट स्टूडेंट होता है उसका जानकारी लगभग लगभग आपको आ जाएगा तो आप एक आम छात्र से एक खास एक विशेष छात्र में परिणत हो गए तो यह तैयारी का तरीका यह रहा दूसरा रहा कि अब आप आईएस की तैयारी कर रहे हैं तो आए इसके विषय के अनुसार जो जो प्रश्न हैं उनको आप पढ़े तो चुकी आप एक से लेकर दस तक के किताबों को पढ़ते हैं तो सब का बेसिक नॉलेज सब चीज का आपको पहले से ही आ गया है तो अब आप पढ़ाई में अच्छा नहीं है ऐसा कह नहीं सकते हैं और एक समझ भी आपकी विकसित हो गई है तो आईएएस का परीक्षा टोटल समझ बेस पर है रट्टा मारने पर नहीं रखते याद करने वाला परीक्षा यह कि नहीं होती है तो आपका जो समझ विकसित होगा उससे आप आए इसके परीक्षाओं को बहुत आसानी से पास करके आप आईएस बन्रट कहां गया है जब जागो तभी सवेरा आप अभी सोचे हैं कि मैं पढ़ने में अच्छा नहीं हूं मुंह तो अभी से आप पढ़ाई करिए पढ़ाई के बिना कुछ नहीं हो सकता है कहा भी गया है कि करत करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात है सिल पर परत निशान अभ्यास करते-करते बोला जड़मति आरता जिसका दिमाग कम है बुद्धि कम है वह भी सूजन हो जाता तब उसमें भी जाना जाता है दोस्तों एक पतली सी रस्सी बार-बार जिसने पत्थर को जब भी सकता है तो इंसान के दिमाग की तो पावर असीम है अपनी ब्रेन अपने दिमाग की ताकत को पहचानिए और उसका सही ढंग से उपयोग करिए देखिएगा कि आज तो बहुत छोटी सी परीक्षा बहुत सारे ऐसे उदाहरण हुए हैं दुनिया में जो पहले मंदबुद्धि थे उनको कुछ नहीं आता था लेकिन दुनिया में बड़े-बड़े आविष्कार कर दिया हमने सुना है आइंस्टीन को भी मैच में जीरो आते थे थॉमस अल्वा एडिसन का एक उदाहरण देना चाहूंगा क्यों नहीं स्कूल से निकाल दिया गया था उनका कुछ सवाल अब नॉर्मल था और उस उनके मां को एक चिट्ठी लिखी गई स्कूल के द्वारा क्या आपका लड़का है नॉर्मल है आता है इसे किसी दूसरे स्कूल में पढ़ना है उसके लिए या नॉर्मल स्कूल नहीं है जानते हैं दोस्तों उसकी मम्मी ने एडिशन को क्या कहा एडिशन ने जब पूछा कि मां मैं अभी स्कूल नहीं जाऊंगा क्यों नहीं जाऊंगा उसकी मां ने कहा बेटा वैल्यू में चिट्ठी लिखा है कि तुम पढ़ने में इतने अच्छे हो कि वह लोग उस काबिल ही नहीं है कि तुम को पढ़ा सके देखिए वही थॉमस अल्वा एडिसन बल्ब का आविष्कार किया दुनिया में सबसे अधिक पेटेंट उन्हीं के नाम से है क्या नहीं हुआ अविष्कार किए यह बात एडिशन को कब पता चली जब एक बार वह अपने उनकी मां की मृत्यु के बाद जब वह अपने घर गए तो डर में रखा हुआ पुराना चिट्ठी मिला जब उसे खोलकर देखा तो ऑडिशन के रोने लगे कि उसकी मां ने उसको किस तरह से पढ़ाया तो दोस्तों हमारा दिमाग जो है इसकी शक्ति बहुत ज्यादा होती है जरूरत है आपको उस को पहचानने का आप अगर एक आम छात्र हैं और आईएएस बनना चाहते हैं तो आप बन सकते हैं परंतु शर्त यही होगी कि एक पागलपन की शिद्दत से गुजरना होगा जून हासिल करना होगा अपने हाथों की मुट्ठी को बाल ना होगा और कहना होगा मैं कर सकता हूं मैं कर सकता हूं मैं पा सकता हूं उसके लिए जितनी मेहनत करनी पड़े उतनी करनी होगी दोस्तों यू कैन एंड यू विल अचीव एनीथिंग यू थैंक यू दोस्तों

kya ek aam chatra jo padhai me bahut accha nahi hai ias ban sakta hai mere vichar me zaroor ban sakta hai kyonki padhai me accha nahi hai yah nirnay kab tak karna hai tabhi tak jab tak usne apna lakshya theek nahi kiya hai target theek nahi kiya agar target uska ias ban jata hai lakshya apna vaah theek kar leta hai apne gantavya apna destination koi ek aam vidyarthi bhi theek kar leta hai toh chuki lakshya bada hai toh usi din se uske padhai me accha hone ka ya padhai adhyayan karne me sudhaar ka usi din se prakriya bhi chaalu ho jata hai ab raha baat kiya karo padhai me accha nahi hai aam hi reh jaega toh kabhi ias nahi ban sake lekin ek chatra padhai me kamjor hai lekin usne lag theek kiya ki main banunga toh us din se agar vaah 77 nirantar prayas aur mehnat karte jata hai toh vaah bhi ias ban sakta hai aise saikadon uda humne bahut saare IAS ka interview dekha hai aur main bhi jo khud dekh bahut ram student tha main kabhi tuition nahi padha bahut garib prishthbhumi se hoon hindi 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क्या एक आम छात्र जो पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं है आईएस बन सकता है मेरे विचार में जरूर बन सक

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