फ़ेमिनिस्म पर आपके क्या विचार हैं?...


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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

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यह सवाल मुझसे किया गया है कि फेमिनिज्म पर मेरा क्या विचार है फेमिनिज्म का सही मायने यह है जहां पर आप एक ऐसी सोच रखें जहां पर मर्द और औरत को हर लिहाज से हर मामले में बराबर का दर्जा दे इसमें मेरे विचार थोड़े विभिन्न है क्योंकि मैं मेरे विचार आते हैं मेरे अपने फिर से और जैसे कि औरों की भी आते होंगे और इस्लाम में फेमिनिज्म को नहीं माना चाहता इस्लाम में औरतों का अपना दर्जा है और मर्दों का अपना दर्जा है लेकिन हर मामले में हर लिहाज से दोनों को एक से तुलना नहीं दी गई है अब जब ऊपर वाले नहीं थोड़े बहुत जगह पर डिफरेंस बनाए हैं हालांकि इसमें कोई इनिक्वालिटी नहीं है लेकिन कहीं-कहीं जिस तरह दो जेंडर अलग है उसके अप्रोच और उसकी स्टेटस भी बनाए गए तो मैं फेमिनिज्म से ज्यादा इत्तेफाक नहीं करती मतलब मैं इतना अगली नहीं करती और मैं मेरा विचार यह कि यह भी अपने आप में एक थॉट है लेकिन मैं इसको ज्यादातर नहीं मानते धनी

yah sawaal mujhse kiya gaya hai ki feminism par mera kya vichar hai feminism ka sahi maayne yah hai jahan par aap ek aisi soch rakhen jahan par mard aur aurat ko har lihaj se har mamle mein barabar ka darja de isme mere vichar thode vibhinn hai kyonki main mere vichar aate hain mere apne phir se aur jaise ki auron ki bhi aate honge aur islam mein feminism ko nahi mana chahta islam mein auraton ka apna darja hai aur mardon ka apna darja hai lekin har mamle mein har lihaj se dono ko ek se tulna nahi di gayi hai ab jab upar waale nahi thode bahut jagah par difference banaye hain halanki isme koi inikwaliti nahi hai lekin kahin kahin jis tarah do gender alag hai uske approach aur uski status bhi banaye gaye toh main feminism se zyada iktefaak nahi karti matlab main itna agli nahi karti aur main mera vichar yah ki yah bhi apne aap mein ek thought hai lekin main isko jyadatar nahi maante dhani

यह सवाल मुझसे किया गया है कि फेमिनिज्म पर मेरा क्या विचार है फेमिनिज्म का सही मायने यह है

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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नमस्ते दोस्तों मेरी आनी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं समय मैं बहुत सिंपल फंडा है चैनल से मिली जमीन क्वालिटी फॉर ह्यूमन विंस इट्स नॉट लाइक जीमेल सर्च टर्म्स एंड रिसर्च फॉर्म फीस ऑफ़ ईमेल के बारे में झंडा लेकर मोर्चा करना शुरू कर दो यह सारी चीजें नहीं है यह तो पूरा यह तो गलत पिक्चर है लोगों के दिमाग में से मिली जमीन लड़की लड़का दोनों एक होता है सिंपल एक होते हैं और इस चीज का जो ब्रेकअप है मतलब इस चीज का जो ब्रिज का रेट से हूं इसका मतलब यह है कि मैं अपना अपने भाषण आपको बोलना चाहूंगी कि एक दिमाग है दो हाथ दो पैर हैं और बाकी ऑल गेम्स जो है ऑलमोस्ट सबसे मैं कुछ छोड़कर ऑफ कौशिक रोड पर जो हादसा रीप्रोडक्शन के लिए और मैंने उसको छोड़कर बाकी हर चीज जो है ऑलमोस्ट सिम है तो आज ही बंदा यह बंदी कर सकता है वह यह बंदा और बंदी भी कर सकती है देखो लड़कियां है जो भरतनाट्यम कथक और कुचिपुड़ी और कितने डांस करते हैं आपको मालूम होगा लड़के भी इतना अच्छा करते हैं डांस है कि नहीं सो इट्स ऑल अबाउट व्हाट यू वांट टू डू एंड हाउ यू कैन डू डेट शीट तो यह जो फेमिनिज्म का जो लोग सोचते हैं कि औरतें मोर्चा लेकर झगड़ा करने जा रही है यह सिर्फ यह बनी बनाई बकवास बातें हैं फैमिली से मतलब सिर्फ यह होता है कि लड़का लड़की एक है एंड मैंने शुरू से माना है एंड थैंक्स टू माय पेरेंट्स यह हमारे घर में प्रथा हमेशा से चली आई और कोल्डेस्ट नशीली होता है कि लड़के को सादा अथॉरिटी या लड़की को ज्यादा प्यार ऐसा कुछ नहीं है मेरे घर में और ऐसा ही होना चाहिए हर जगह पर लड़कों की आपके लिए मैसेज है थैंक यू

namaste doston meri aani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain samay main bahut simple fanda hai channel se mili jameen quality for human vince its not like gmail search terms and research form fees of email ke bare mein jhanda lekar morcha karna shuru kar do yah saree cheezen nahi hai yah toh pura yah toh galat picture hai logon ke dimag mein se mili jameen ladki ladka dono ek hota hai simple ek hote hain aur is cheez ka jo breakup hai matlab is cheez ka jo bridge ka rate se hoon iska matlab yah hai ki main apna apne bhashan aapko bolna chahungi ki ek dimag hai do hath do pair hain aur baki all games jo hai alamost sabse main kuch chhodkar of kaushik road par jo hadasaa reproduction ke liye aur maine usko chhodkar baki har cheez jo hai alamost sim hai toh aaj hi banda yah bandi kar sakta hai vaah yah banda aur bandi bhi kar sakti hai dekho ladkiyan hai jo bharatnatyam kathak aur kuchipudi aur kitne dance karte hain aapko maloom hoga ladke bhi itna accha karte hain dance hai ki nahi so its all about what you want to do and how you can do date sheet toh yah jo feminism ka jo log sochte hain ki auraten morcha lekar jhagda karne ja rahi hai yah sirf yah bani banai bakwas batein hain family se matlab sirf yah hota hai ki ladka ladki ek hai and maine shuru se mana hai and thanks to my parents yah hamare ghar mein pratha hamesha se chali I aur coldest nashili hota hai ki ladke ko saada authority ya ladki ko zyada pyar aisa kuch nahi hai mere ghar mein aur aisa hi hona chahiye har jagah par ladko ki aapke liye massage hai thank you

नमस्ते दोस्तों मेरी आनी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं सम

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए फेमिनिज्म जो है जिसको आल्सो हम आजकल कैसे रमन एंपावरमेंट जहां पर हम महिलाओं को थोड़ा स्ट्रांग मजबूत और प्रबल बनाने की जो ड्राइव लोगों ने उठा रखा है जिस का जिम्मा उठा रखा है और यह अच्छी बात है कि अगर औरतें फाइनेंशली तत्व पेशेंट है के प्रबल है अपने आप का लाइव स्कोर चला सकती है बिना किसी पुरुष के सपोर्ट कितने बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि हमारे प्राचीन काल से हमने देखा है कि सारे अत्याचार और जो भी ना इंसाफी होती आ रही है इन महिलाओं के साथ वह डेफिनेटली बहुत ही निंदनीय है और ऐसा नहीं होना चाहिए तो यह जो ड्राइवर है और तुमको और तू क्या प्लेसमेंट के लिए तो बहुत ही पॉजिटिव है और मैं से सहमत हूं लेकिन इसके साथ साथ जो दूसरी चीज हो रही है जो कि बहुत ही चिंता नहीं है वह यह है कि माता-पिता जो लड़कियों के बोलने यह सिखा रहे हैं कि अपने पति को अपने काबू में रखना करने से कहना कि तुम्हें खाना बनाना नहीं आता बाहर नौकरी करना घर में कोई काम मत करना जो क्वालिटी के लिए लड़ाई हो रही है जैसे कि हम पुरुष और महिला एक हैं उसके लिए जो वाउचर बेटा में झगड़े होते हैं जिस तरह का नेगेटिव फैल रहा है कि हमें एक ही राइट चाहिए वो थोड़ा निंदनीय है क्योंकि दोनों के बिना यह जिंदगी पुरुष और महिला इक्वली इंपॉर्टेंट है राइट्स मिलना चाहिए लेकिन अगर अगर माता-पिता अपनी बेटियों को गलत दिखा रहे हैं कि कैसे डोमिनेट करें अपने ससुराल को अपने पति को कैसे अपने बच्चों को अपनी तरफ खींचा और अपने दादा-दादी के पास हो दादा पास नहीं भेजे तो यह सब चीजें हैं बहरहाल इस गोल्ड लेकिन अगर वह उसी जोश का एसेंस है वह यह है कि पुरुषों को दबाया जाए या फिर उनके उनकी निंदा करें तो यह डेफिनेटली ठीक नहीं है एनीथिंग इन मॉडरेशन सो के नोट एक्सट्रीम

dekhiye feminism jo hai jisko aalso hum aajkal kaise raman empowerment jahan par hum mahilaon ko thoda strong mazboot aur prabal banaane ki jo drive logon ne utha rakha hai jis ka jimma utha rakha hai aur yah achi baat hai ki agar auraten financially tatva patient hai ke prabal hai apne aap ka live score chala sakti hai bina kisi purush ke support kitne bahut hi achi baat hai kyonki hamare prachin kaal se humne dekha hai ki saare atyachar aur jo bhi na insafi hoti aa rahi hai in mahilaon ke saath vaah definetli bahut hi nindaniya hai aur aisa nahi hona chahiye toh yah jo driver hai aur tumko aur tu kya placement ke liye toh bahut hi positive hai aur main se sahmat hoon lekin iske saath saath jo dusri cheez ho rahi hai jo ki bahut hi chinta nahi hai vaah yah hai ki mata pita jo ladkiyon ke bolne yah sikha rahe hain ki apne pati ko apne kabu mein rakhna karne se kehna ki tumhe khana banana nahi aata bahar naukri karna ghar mein koi kaam mat karna jo quality ke liye ladai ho rahi hai jaise ki hum purush aur mahila ek hain uske liye jo vauchar beta mein jhagde hote hain jis tarah ka Negative fail raha hai ki hamein ek hi right chahiye vo thoda nindaniya hai kyonki dono ke bina yah zindagi purush aur mahila equally important hai rights milna chahiye lekin agar agar mata pita apni betiyon ko galat dikha rahe hain ki kaise dominet karen apne sasural ko apne pati ko kaise apne bacchon ko apni taraf kheencha aur apne dada dadi ke paas ho dada paas nahi bheje toh yah sab cheezen hain baharahal is gold lekin agar vaah usi josh ka essence hai vaah yah hai ki purushon ko dabaya jaaye ya phir unke unki ninda karen toh yah definetli theek nahi hai anything in moderation so ke note extreme

देखिए फेमिनिज्म जो है जिसको आल्सो हम आजकल कैसे रमन एंपावरमेंट जहां पर हम महिलाओं को थोड़ा

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Dr. Hemlata Gupta

Psychologist

1:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो टू ऑल यहां एक बहुत अच्छा सवाल किया गया है कि समय ने दम पर मेरे क्या विचार हैं व्हाट इस समय ने जब सामने जब मेरे हिसाब से कोई ऐसा कंसेप्ट नहीं है जिसको हमें बहुत एक्सप्लेन करने की जरूरत है क्योंकि दुनिया में दो ही इस विशेष हैं मेल और फीमेल और इन दोनों की अपनी-अपनी जगह है और अपनी-अपनी इंपॉर्टेंट से समय निगम का कोई कंपैरिजन नहीं है उसे अगर इस दुनिया में जन्म दिया गया है तो उसके लिए एक ऑब्जेक्टिव है हम सामान्य जन को कभी भी हथियार की तरह यूज ना करें हम सामान्य जन को यह न सोचें कि हम एक औरत है में हम एक जेंडर हैं उज्जैन टर्की इस समाज में अपनी जगह अपनी रिस्पांसिबिलिटी है बट इंसान दोनों हैं हम इंसान के कंसेप्ट पर बात करें और जनरल कंसेप्ट पर बात करें तो ज्यादा अच्छा होगा इंस्टेड ऑफ़ सामान्य गुड बाय

hello to all yahan ek bahut accha sawaal kiya gaya hai ki samay ne dum par mere kya vichar hain what is samay ne jab saamne jab mere hisab se koi aisa concept nahi hai jisko hamein bahut explain karne ki zaroorat hai kyonki duniya mein do hi is vishesh hain male aur female aur in dono ki apni apni jagah hai aur apni apni important se samay nigam ka koi kampairijan nahi hai use agar is duniya mein janam diya gaya hai toh uske liye ek objective hai hum samanya jan ko kabhi bhi hathiyar ki tarah use na karen hum samanya jan ko yah na sochen ki hum ek aurat hai mein hum ek gender hain ujjain turkey is samaaj mein apni jagah apni responsibility hai but insaan dono hain hum insaan ke concept par baat karen aur general concept par baat karen toh zyada accha hoga instead of samanya good bye

हेलो टू ऑल यहां एक बहुत अच्छा सवाल किया गया है कि समय ने दम पर मेरे क्या विचार हैं व्हाट इ

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