भारत में लोग हमेशा से लड़कों को ही ज़्यादा मान्यता क्यों देते है?...


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Shahin Fidai

Counselor, www.Youtube.com/Shahintalks www.Thevitalitycafe.com/Counseling

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सबको दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं वैसे भारत भारत में ही क्यों यह हर जगह पर है यह शुरू से शेष को मान्यता दी गई है और यह सब का सिंपल सिंपल जो रूट कॉल यह बीच अकेला एम सो सॉरी रूट कॉज यह सब है कि हमेशा इंपॉर्टेंट जो है वह शरीर के स्ट्रेंथ को दी जाती है आप कितने मजबूत हो इस चीज को दी जाती है और यही चीज रहती है तो यह शुरू से चला जा चला रहा है तो पिपरिया कला कल वर्ल्ड मतलब लड़कों को ज्यादा माना गया है 10 मिनट लिए बहुत टाइम से यह सब जो चीज है वह सैटरडे लेकिन अभी भी जो प्रेफरेंस है लड़कों को ज्यादा मिलती है आल्सो लड़कियां काम में बहुत अच्छी होगी लेकिन फिर बाद में यह प्रेगनेंसी का चीज आ जाता बहुत सारी चीज़ें होते हैं आप समझ सकते हो ना तो एक सवाल इच्छा मिक्सचर ऑफ मैनी थिंग्स विथ अ मिक्सचर ऑफ बॉडी एंड व्हाट व्हाट आर द क्रिएटर और नीचे व्हाट ई वांट टू कॉल वॉटर बॉडीज हैव बीन मेड टू डू एंड व्हेन द सोसाइटी हाउ पीपल एक्टिविटीज का कॉन्बिनेशन है तो आई थिंक सबसे सब के सब चीज का बोल देना कि मोरल स्टोरीज जिसका बॉडी ज्यादा टिकाऊ है और जिसमें ज्यादा स्ट्रैंथ है तो ज्यादा वेट जो है ज्यादा भाग जो है वह उसी को मिलता है आएंगे व्हाट इस द रीज़न व्हाई लड़कों को ज्यादा माना गया है शुरू से एंड सिस्टर टाइम से यह मेरा थॉट प्रोसेस कहता है थैंक यू

namaste doston meri yani doctor priya jha ke taraf se aap sabko din ki bahut saree subhkamnaayain waise bharat bharat mein hi kyon yah har jagah par hai yah shuru se shesh ko manyata di gayi hai aur yah sab ka simple simple jo root call yah beech akela M so sorry root cause yah sab hai ki hamesha important jo hai vaah sharir ke strength ko di jaati hai aap kitne majboot ho is cheez ko di jaati hai aur yahi cheez rehti hai toh yah shuru se chala ja chala raha hai toh piparia kala kal world matlab ladko ko zyada mana gaya hai 10 minute liye bahut time se yah sab jo cheez hai vaah saturday lekin abhi bhi jo prefarens hai ladko ko zyada milti hai aalso ladkiyan kaam mein bahut achi hogi lekin phir baad mein yah pregnancy ka cheez aa jata bahut saree chize hote hai aap samajh sakte ho na toh ek sawaal iccha mixture of maini things with a mixture of body and what what R the creator aur niche what ee want to call water bodies have bin made to do and when the society how pipal activities ka kanbineshan hai toh I think sabse sab ke sab cheez ka bol dena ki moral stories jiska body zyada tikauu hai aur jisme zyada strainth hai toh zyada wait jo hai zyada bhag jo hai vaah usi ko milta hai aayenge what is the region why ladko ko zyada mana gaya hai shuru se and sister time se yah mera thought process kahata hai thank you

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सबको दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं वै

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में लोग हमेशा से लड़कों को ही ज्यादा मान्यता क्यों देते हैं आप इस बात को जानिए कि भारत एक हमारा ऐसा देश है जिसमें हमारी ज्यादातर सोच मान्यताएं हमारे संस्कार सब हमें मिलते हैं हमारे बिलीफ सिस्टम याने रिलीजन से अब बहुत सी चीजें क्योंकि यहां रिलीजन से निकलती है तो इसमें इस कारण ऑफ इनहेरिटेंस याने प्रॉपर्टी अगर डिवाइड होती है मेन जो घर के काम होते थे डिविजन ऑफ वर्क या फिर करता हूं द फैमिली तो यह सारी चीजें जिस तरह मजहब ने इसको डिवाइड किया है चाहे वह हिंदुइज्म इस्लाम हो या कोई और मजाक उस बिना पर क्योंकि उस बिना पर समाज के कुछ उसूल बने हैं जो 7 और भारत में फॉलो किए जाते हैं इस बिना पर लिखा गया है और यह पाया गया है कि लड़कों को ज्यादा मान्यता दी गई है लेकिन कहीं-कहीं कुछ ज्यादा ही दी गई है इस हद तक के जो लड़कियों की हक है उनकी अपने राइट हैं उनसे वह उन्हें पूरी तरह नहीं दिए गए हैं और प्रॉब्लम महा शुरू होती है वैसे अगर आप इसका कारण जानना चाहो तो आपको इसके लिए थोड़ा रिलीजन और सोसाइटी को पढ़ना पड़ेगा जिससे कि आपकी समझ आएगा कि यह चीज हमारे समाज में आई कहां से धन्यवाद

bharat mein log hamesha se ladko ko hi zyada manyata kyon dete hain aap is baat ko janiye ki bharat ek hamara aisa desh hai jisme hamari jyadatar soch manyatae hamare sanskar sab hamein milte hain hamare belief system yane religion se ab bahut si cheezen kyonki yahan religion se nikalti hai toh isme is karan of inaheritens yane property agar divide hoti hai jo ghar ke kaam hote the divison of work ya phir karta hoon the family toh yah saree cheezen jis tarah majhab ne isko divide kiya hai chahen vaah hinduijm islam ho ya koi aur mazak us bina par kyonki us bina par samaj ke kuch usul bane hain jo 7 aur bharat mein follow kiye jaate hain is bina par likha gaya hai aur yah paya gaya hai ki ladko ko zyada manyata di gayi hai lekin kahin kahin kuch zyada hi di gayi hai is had tak ke jo ladkiyon ki haq hai unki apne right hain unse vaah unhe puri tarah nahi diye gaye hain aur problem maha shuru hoti hai waise agar aap iska karan janana chaho toh aapko iske liye thoda religion aur society ko padhna padega jisse ki aapki samajh aayega ki yah cheez hamare samaj mein I kahaan se dhanyavad

भारत में लोग हमेशा से लड़कों को ही ज्यादा मान्यता क्यों देते हैं आप इस बात को जानिए कि भार

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो हम कहते हैं कि भारत में हमेशा लड़कों को ही ज्यादा मान्यता दी जाती है तो यह सोच समझने की जरूरत है कि जो भी सोच है यह पुरानी जो सोच है उस से चलती आ रही है पुराने जमाने में जो है अभी ऐसा मोटे तौर पर देखा जाए तो अभी भी बहुत ज्यादा ऐसा होता है कि मैं उसको ज्यादा प्रेफरेंस दी जाती है हर सोच में मेल डोमिनेटेड कंट्री कहा जाता है इंडिया को कि उसमें न्यू शो है उनकी हर बात को रखा जाता है क्योंकि पहले से ऐसा चलता रहा है पुरुष प्रधान देश जिसे हम कहते हैं और वह अभी भी जो न्यूज़ है कहीं ना कहीं काफी काफी हद तक उस चीज को नहीं छोड़ना चाहते सूची अगर आपको कोई खुशी मिल जाए ठीक है और उस कुर्सी पर बैठने से आपको बहुत फायदे हो रहे हो जब से घर की आरामदायक कुर्सी है उस पर बैठने से आपको सबसे अच्छा खाना मिल रहा है तो क्यों छोड़ना चाहेंगे तो वही बात पुश पुरुष प्रधान देश को जाती है कि जब मैं उसको डबिंग मेल डोमिनेटिंग कंट्री पुरुष प्रधान देश होने के बहुत फायदे मिलते हैं उन्हें क्यों छोड़ना चाहेंगे लेकिन फिर भी बहुत लोग इस चीज का प्रोटेस्ट करते हैं महिलाएं प्रोटेस्ट करती हैं पूरी में प्रवेश करते की ऐसा नहीं होना चाहिए दोनों को ही लड़कों को और लड़कियों को समान मान्यता दी जानी चाहिए तो पुरानी हो चली आ रही है उनके फायदे जो है पुरुषों को मिल रहे हैं उन को छोड़ना नहीं जा रहे हैं यह चीज धीरे-धीरे बदल रही है मैं यह नहीं कह रही हूं बदल नहीं रही है बट जो है समय लग रहा है

jo hum kehte hain ki bharat mein hamesha ladko ko hi zyada manyata di jaati hai toh yah soch samjhne ki zarurat hai ki jo bhi soch hai yah purani jo soch hai us se chalti aa rahi hai purane jamane mein jo hai abhi aisa mote taur par dekha jaaye toh abhi bhi bahut zyada aisa hota hai ki main usko zyada prefarens di jaati hai har soch mein male domineted country kaha jata hai india ko ki usme new show hai unki har baat ko rakha jata hai kyonki pehle se aisa chalta raha hai purush pradhan desh jise hum kehte hain aur vaah abhi bhi jo news hai kahin na kahin kaafi kafi had tak us cheez ko nahi chhodna chahte suchi agar aapko koi khushi mil jaaye theek hai aur us kursi par baithne se aapko bahut fayde ho rahe ho jab se ghar ki aaramadayak kursi hai us par baithne se aapko sabse accha khana mil raha hai toh kyon chhodna chahenge toh wahi baat push purush pradhan desh ko jaati hai ki jab main usko dubbing male domineting country purush pradhan desh hone ke bahut fayde milte hain unhe kyon chhodna chahenge lekin phir bhi bahut log is cheez ka protest karte hain mahilaye protest karti hain puri mein pravesh karte ki aisa nahi hona chahiye dono ko hi ladko ko aur ladkiyon ko saman manyata di jani chahiye toh purani ho chali aa rahi hai unke fayde jo hai purushon ko mil rahe hain un ko chhodna nahi ja rahe hain yah cheez dhire dhire badal rahi hai yah nahi keh rahi hoon badal nahi rahi hai but jo hai samay lag raha hai

जो हम कहते हैं कि भारत में हमेशा लड़कों को ही ज्यादा मान्यता दी जाती है तो यह सोच समझने की

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है कि भारत में लोग हमेशा से लड़कों को ही ज्यादा मान्यता क्यों देते हैं मैं आपको बताना चाहता हूं सन 2014 के पहले हमारे देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी और कांग्रेस पार्टी की सरकार में हमारे बीच में भेदभाव था लड़कों को ज्यादा मान्यता दी जाती थी जब की लड़कियां मल्टी टैलेंटेड होती हैं लड़के अगर टैलेंटेड होते हैं तो लड़कियां मल्टी टैलेंटेड होती हैं मोदी जी की जब सरकार बनी तो उन्होंने स्वच्छ भारत स्वच्छ भारत अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और महिला सशक्तिकरण के ऊपर ध्यान दिया और आज हमारे देश में महिलाओं के प्रति लोगों के मन में अच्छी भावना आई है लोग अपने बेटे को पढ़ा रहे हैं अच्छी स्कूल में तो अपनी बेटी को भी अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे हैं आज बेटियां बहुत आगे बढ़ रही हैं बहुत तरक्की कर रही हैं इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है आइए हम सभी लोग 2019 के चुनाव में अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारे देश में बेटियों की संख्या बेटों के बराबर हो सके और बेटियां हमारे देश में तरक्की कर सके आईएस ऑफिसर बन सकते हैं प्रधानमंत्री बन सके मुख्यमंत्री बन सके और सांसद विधायक बन सके धन्यवाद

aap ka sawal hai ki bharat mein log hamesha se ladko ko hi zyada manyata kyon dete hain main aapko batana chahta hoon san 2014 ke pehle hamare desh mein congress party ki sarkar thi aur congress party ki sarkar mein hamare beech mein bhedbhav tha ladko ko zyada manyata di jati thi jab ki ladkiyan multi talented hoti hain ladke agar talented hote hain toh ladkiyan multi talented hoti hain modi ji ki jab sarkar bani toh unhone swacch bharat swacch bharat abhiyan beti bachao beti padhao abhiyan aur mahila shshaktikaran ke upar dhyan diya aur aaj hamare desh mein mahilaon ke prati logo ke man mein acchi bhavna I hai log apne bete ko padha rahe hain acchi school mein toh apni beti ko bhi acche school mein padha rahe hain aaj betiyan bahut aage badh rahi hain bahut tarakki kar rahi hain iska pura shrey Pradhanmantri shri narendra modi ji ko jata hai aaiye hum sabhi log 2019 ke chunav mein apna mahatvapurna vote bharatiya janta party ko de taki hamare desh mein betiyon ki sankhya beto ke barabar ho sake aur betiyan hamare desh mein tarakki kar sake ias officer ban sakte hain Pradhanmantri ban sake mukhyamantri ban sake aur saansad vidhayak ban sake dhanyavad

आप का सवाल है कि भारत में लोग हमेशा से लड़कों को ही ज्यादा मान्यता क्यों देते हैं मैं आपको

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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Nighat Bi

Founder Of Kamred Montessori School Samiti

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में लोग लोगों को मिशन की मान्यता देते हैं इसका सबसे बड़ा धन है भारत किस तारीख परिवारों के लोग चाहे वह किसी धर्म का परिवार को जय हिंदू समाज और मुस्लिम समाज वैदिक समाज चाहे जो सब परिवार के लोग भी हैं लड़कों को मान्यता देते हैं भारत के लोग में भारत के सभी धर्मों के परिवार के लोग लड़कों को मान्यता देते हैं तो यह स्वाभाविक है कि जैसे हम धर्म के में हर परिवार के लोग हैं लड़कों को मान्यता देते हैं तो उसके ऊपर से उनके पीछे हम बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहे परिवार परिवारों का स्वार्थी पर है वह शॉपकीपर यह है कि वह परिवार यह समझते हैं कि लड़कियों की अपेक्षा जो है लड़के उनको विश्व में ज्यादा फायदा दे सकते हैं उसकी पढ़ाई तो अच्छी नौकरी मिल जाएगी जब अच्छी नौकरी मिल जाएगी तो वह घर में पैसा लगेगा तो वह ज्यादा पैसा में कमा कर देगा तो हर परिवार के पीछे कोई स्वार्थ की भावना है उसी कारणों को मान्यता देते हैं उनके पीछे स्वार्थ की भावना छिपी है अगर वह लड़कियों के लिए भी यही विचारधारा रखने की पिक्चर दे दो लड़की भी हमें जो है जिस तरीके से लड़के के लिए सोचते हैं कि लड़का में कमा कर देगा तो लड़कियों को लड़कियों का भविष्य अच्छा बना दे नहीं तो लड़कियां भी उनसे भी अच्छा पैसा कमा कर देंगे और एक बात बताते चलें कि लड़कों की अपेक्षा लड़कियां जो है असहयोग होती है और अडानी होती हैं और अभी जो है परिवार की मदद करने वाली होती है और दुख दर्द में अपना भला ना चाहकर अपनी अपने दुख तकलीफ को भूलकर परिवार के साथ गए हर मुश्किल में खड़ी रहती हैं जबकि यह स्थिति लड़कियों में नहीं है लड़कों को मां-बाप बढ़ाते हैं उनके बजा दो सारा पैसा खर्चा करते हैं और बाद में क्या होता है जब उनको एक अच्छी नौकरी मिल जाती है जब तक उनका विवा नहीं होता तब तक तो परिवार का साथ देते हैं और जवाब देते हैं वहां पर क्या कर रहे होते हैं तो उस समय जब उनकी शादी हो जाती है तो अपनी बीवी और बच्चों को ज्यादा तवज्जो देते हैं मां-बाप बोले हो जाते हैं उनकी उनकी तरफ ध्यान देना तो दूर की बात उनकी देखभाल करना तो दूर की बात है उनसे बात करना भी नहीं पसंद करती लड़की के मां बाप इतना पैसा खर्च करते हो शाम को देते हैं तो वह 1 दिन आने पर अपना बॉबी स्वार्थी पर दिखा देते हैं जैसा कि मां-बाप उनके लिए उनसे स्वाति पन रखते हैं कि यह पैसा कमा कर देना में दौलत कमा कर देंगे तो घर में पैसा आएगा इस हो सकता सेवा करें जो स्वार्थ की भावना मां-बाप लड़कों से किल्ली रखे होते तो वही लड़के उनको जवाब नहीं लड़के उनको देते हैं तो इसके बिना पर हमारे विचारधारा थे अगर लड़की को एक अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जाए तो लड़की में यह स्वार्थी बहाना नहीं होती है लड़की उस बात की कदर करती है उसमें हमेशा यह भावना बनी रहती है कि मेरे मां-बाप ने मेरे ऊपर इतनी आला तालीम दिला दो कि जो मां-बाप उसके लिए बलिदान करते हैं सब पैसा खर्च करते हैं वह अपने अंदर उसको रखी रहती हो उनकी बहुत ज्यादा उसको कदर होती है वक्त आने पर चाय को उसका परिवार उसका भी परिवार बन जाता है लेकिन वह अपने परिवार की परवाना किए पर भी वह अपने मां-बाप के हर हाल में जिंदगी के लाभ अंतिम क्षणों तक वह अपनी मां बाप की सेवा के लिए हमेशा खड़ी रहती है और हमेशा गए उनका सहयोग करती है तो हमारी नजर से लड़कियों को अच्छी तालीम देना ही ज्यादा उसका ज्यादा जो है

bharat me log logo ko mission ki manyata dete hain iska sabse bada dhan hai bharat kis tarikh parivaron ke log chahen vaah kisi dharm ka parivar ko jai hindu samaj aur muslim samaj vaidik samaj chahen jo sab parivar ke log bhi hain ladko ko manyata dete hain bharat ke log me bharat ke sabhi dharmon ke parivar ke log ladko ko manyata dete hain toh yah swabhavik hai ki jaise hum dharm ke me har parivar ke log hain ladko ko manyata dete hain toh uske upar se unke peeche hum bilkul spasht shabdon me kahe parivar parivaron ka swaarthi par hai vaah shopkeeper yah hai ki vaah parivar yah samajhte hain ki ladkiyon ki apeksha jo hai ladke unko vishwa me zyada fayda de sakte hain uski padhai toh achi naukri mil jayegi jab achi naukri mil jayegi toh vaah ghar me paisa lagega toh vaah zyada paisa me kama kar dega toh har parivar ke peeche koi swarth ki bhavna hai usi karanon ko manyata dete hain unke peeche swarth ki bhavna chipi hai agar vaah ladkiyon ke liye bhi yahi vichardhara rakhne ki picture de do ladki bhi hamein jo hai jis tarike se ladke ke liye sochte hain ki ladka me kama kar dega toh ladkiyon ko ladkiyon ka bhavishya accha bana de nahi toh ladkiya bhi unse bhi accha paisa kama kar denge aur ek baat batatey chalen ki ladko ki apeksha ladkiya jo hai asahayog hoti hai aur adani hoti hain aur abhi jo hai parivar ki madad karne wali hoti hai aur dukh dard me apna bhala na chahkar apni apne dukh takleef ko bhulkar parivar ke saath gaye har mushkil me khadi rehti hain jabki yah sthiti ladkiyon me nahi hai ladko ko maa baap badhate hain unke baja do saara paisa kharcha karte hain aur baad me kya hota hai jab unko ek achi naukri mil jaati hai jab tak unka viva nahi hota tab tak toh parivar ka saath dete hain aur jawab dete hain wahan par kya kar rahe hote hain toh us samay jab unki shaadi ho jaati hai toh apni biwi aur baccho ko zyada tavajjo dete hain maa baap bole ho jaate hain unki unki taraf dhyan dena toh dur ki baat unki dekhbhal karna toh dur ki baat hai unse baat karna bhi nahi pasand karti ladki ke maa baap itna paisa kharch karte ho shaam ko dete hain toh vaah 1 din aane par apna bobby swaarthi par dikha dete hain jaisa ki maa baap unke liye unse swati pan rakhte hain ki yah paisa kama kar dena me daulat kama kar denge toh ghar me paisa aayega is ho sakta seva kare jo swarth ki bhavna maa baap ladko se killi rakhe hote toh wahi ladke unko jawab nahi ladke unko dete hain toh iske bina par hamare vichardhara the agar ladki ko ek achi se achi shiksha di jaaye toh ladki me yah swaarthi bahana nahi hoti hai ladki us baat ki kadar karti hai usme hamesha yah bhavna bani rehti hai ki mere maa baap ne mere upar itni aala talim dila do ki jo maa baap uske liye balidaan karte hain sab paisa kharch karte hain vaah apne andar usko rakhi rehti ho unki bahut zyada usko kadar hoti hai waqt aane par chai ko uska parivar uska bhi parivar ban jata hai lekin vaah apne parivar ki Paravana kiye par bhi vaah apne maa baap ke har haal me zindagi ke labh antim kshanon tak vaah apni maa baap ki seva ke liye hamesha khadi rehti hai aur hamesha gaye unka sahyog karti hai toh hamari nazar se ladkiyon ko achi talim dena hi zyada uska zyada jo hai

भारत में लोग लोगों को मिशन की मान्यता देते हैं इसका सबसे बड़ा धन है भारत किस तारीख परिवारो

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भारत के लोग हमेशा से लड़कों को भी ज्यादा मान्यता देते रहे हैं क्योंकि उन्हें यह लगता है कि बेटा जो होता है वह वंश को आगे बढ़ाता है और मृत्यु के बाद पिंड दान करता है जिससे आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है इसीलिए भारत के लोग लड़कों को ज्यादा मान्यता देते हैं

bharat ke log hamesha se ladko ko bhi zyada manyata dete rahe hain kyonki unhe yah lagta hai ki beta jo hota hai vaah vansh ko aage badhata hai aur mrityu ke baad pind daan karta hai jisse aatma ko moksha ki prapti hoti hai isliye bharat ke log ladko ko zyada manyata dete hain

भारत के लोग हमेशा से लड़कों को भी ज्यादा मान्यता देते रहे हैं क्योंकि उन्हें यह लगता है कि

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Ehtesham Nazar

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार ऐसा कुछ भी नहीं है मन तो उन्हीं लोगों को देना चाहिए जो चारित्रिक रूप से अच्छे हो और हमारी तफ्तीश में कोई इशू नहीं है अब वह लड़के हो या लड़की हो जो भी अच्छे हैं बस उसको मान्यता समाज में मिलनी चाहिए और अगर किसी पार्टिकुलर पर्सन को मिल रहा है बगैर किसी गुण के तो फिर यह गलत है यह नहीं होना चाहिए धन्यवाद

namaskar aisa kuch bhi nahi hai man toh unhi logo ko dena chahiye jo charittrik roop se acche ho aur hamari taftish mein koi issue nahi hai ab vaah ladke ho ya ladki ho jo bhi acche hain bus usko manyata samaj mein milani chahiye aur agar kisi particular person ko mil raha hai bagair kisi gun ke toh phir yah galat hai yah nahi hona chahiye dhanyavad

नमस्कार ऐसा कुछ भी नहीं है मन तो उन्हीं लोगों को देना चाहिए जो चारित्रिक रूप से अच्छे हो औ

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