क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मज़बूत हैं?...


user

Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

1:00
Play

Likes  129  Dislikes    views  2348
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Adv Anil Agarwal

Tanushka Associates, Advocate High Court

1:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई इस बात का जवाब यह है कि भावात्मक रूप से महिलाएं मजबूत होती भी है और नहीं भी होती हैं क्योंकि पुरुषों के साथ नॉर्मल क्या होता है वह रेगिस्तान की मिट्टी की तरह होते हैं जल्दी गर्म और जल्दी ठंडे लेकिन लेडीस के साथ ऐसा नहीं होता लेडीस उस पहाड़ की तरह होती है पहाड़ की पत्थर की तरह होती है जब देश ठंडा होता है जैसे गर्म होता है पहली चीज कोई भी लेडीस जल्दी से किसी के ऊपर बिलीव विश्वास नहीं करती है और विश्वास करने के बाद अगर उसको वहां धोखा मिलता है तो फिर वह टूट जाती है टूटने के बाद उसको समझने में बहुत वक्त लगता है तो बेसिकली वह मजबूत होती भी है और नहीं भी होती है और दुबारा चोट खाना लेडीस के लिए लगभग मुश्किल होता है एक बार टूटने के बाद

bhai is baat ka jawab yah hai ki bhavatmak roop se mahilaye majboot hoti bhi hai aur nahi bhi hoti hain kyonki purushon ke saath normal kya hota hai vaah registan ki mitti ki tarah hote hain jaldi garam aur jaldi thande lekin ladies ke saath aisa nahi hota ladies us pahad ki tarah hoti hai pahad ki patthar ki tarah hoti hai jab desh thanda hota hai jaise garam hota hai pehli cheez koi bhi ladies jaldi se kisi ke upar believe vishwas nahi karti hai aur vishwas karne ke baad agar usko wahan dhokha milta hai toh phir vaah toot jaati hai tutne ke baad usko samjhne me bahut waqt lagta hai toh basically vaah majboot hoti bhi hai aur nahi bhi hoti hai aur dubara chot khana ladies ke liye lagbhag mushkil hota hai ek baar tutne ke baad

भाई इस बात का जवाब यह है कि भावात्मक रूप से महिलाएं मजबूत होती भी है और नहीं भी होती हैं क

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  50
WhatsApp_icon
user

Anuj Pratap

Yoga Trainer

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत रहते हैं भावात्मक रूप से महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा अधिक मजबूत नहीं बल्कि ऐसा होता है कि पुरुष अपनी भावनाओं को छुपाना सीखता है वह सोचता है अगर मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त करूंगा तो मैं पुरुष नहीं मतलब कमजोर हो गया अगर वह अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीख जाएगा तो महिलाओं के सामने महिलाओं का एक तरह देखा जाए तो महिलाओं का दिल कमजोर होता है इसलिए पुरुष अपनी भावनाओं को छुपाना जानता है इसीलिए लोग कहते हैं कि महिलाओं को हार्ड अटैक काम आते हैं पुरुषों को अधिक आते हैं इसलिए आते हैं क्योंकि पुरुष अपने भावनात्मक सारे गुणों को छुपाते हैं इसलिए भावनात्मक रूप से पुरुष भी बहुत अधिक मजबूत होते हैं क्योंकि अपने भावनाओं को व्यक्त नहीं करते और महिलाएं अपनी सारी भावनाओं को व्यक्त कर देते हैं इसलिए ऐसा नहीं कह सकते कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है पुरुष अधिक मजबूत इसलिए होते हैं क्योंकि अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते महिलाएं व्यक्त करती है

kya aapko lagta hai ki mahilaye bhavatmak roop se purushon ki tulna me adhik majboot rehte hain bhavatmak roop se mahilaye purushon ki apeksha adhik majboot nahi balki aisa hota hai ki purush apni bhavnao ko chupana sikhata hai vaah sochta hai agar main apni bhavnao ko vyakt karunga toh main purush nahi matlab kamjor ho gaya agar vaah apni bhavnao ko vyakt karna seekh jaega toh mahilaon ke saamne mahilaon ka ek tarah dekha jaaye toh mahilaon ka dil kamjor hota hai isliye purush apni bhavnao ko chupana jaanta hai isliye log kehte hain ki mahilaon ko hard attack kaam aate hain purushon ko adhik aate hain isliye aate hain kyonki purush apne bhavnatmak saare gunon ko chhupaate hain isliye bhavnatmak roop se purush bhi bahut adhik majboot hote hain kyonki apne bhavnao ko vyakt nahi karte aur mahilaye apni saari bhavnao ko vyakt kar dete hain isliye aisa nahi keh sakte ki mahilaye bhavatmak roop se purushon ki tulna me adhik majboot hai purush adhik majboot isliye hote hain kyonki apni bhavnao ko vyakt nahi kar sakte mahilaye vyakt karti hai

क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत रहते हैं भावा

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  48
WhatsApp_icon
user

आचार्य प्रशांत

IIT-IIM Alumnus, Ex Civil Services Officer, Mystic

8:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्मों में जब रोने के दृश्य होते हैं तो बहुत सारे अभिनेता अभिनेत्री ग्लिसरीन का इस्तेमाल नहीं करते वह खुद ही याद करने जाते हैं कि उन्होंने कौन-कौन से दुख झेले अतीत में उनको आंसू आ जाते हैं आप जानबूझकर अपने आप को आंसू दिला सकते हो ऐसी होती है भावनाएं भी आपकी अपनी नहीं है उनका भी निर्धारण बाहर से हो जाता है आप यहां बैठे बैठे हो अभी कोई गमगीन गाना बजने लग जाए कोई बड़ी बात नहीं हुई कि एक दोनों ग्रुप में कोई भी गाना सुना करके आपकी भावनाएं उत्तेजित कर देगा अपनी आपकी भावनाओं को नियंत्रित कर लेगा हम कहते मेरी भावनाएं और आपके विचारों को कोई चोट पहुंचा या फिर भी बर्दाश्त कर लो आपकी भावनाओं पर चोट पहुंचा दी जानी दुश्मन है वह आप कहते हो इसमें मेरी भावनाएं आहत करिए इसको तो बिल्कुल नहीं छोडूंगा भावनाओं से खबरदार खासतौर पर स्त्रियों के लिए बड़े से बड़ा झंझट होती है भावनाएं बातें आंसू निकल पड़े समझ ही नहीं कोई बस की नहीं फिर इसीलिए स्त्रियां गुलाम हो जाती हैं आपकी भावनाएं का करके कोई भी आप को नियंत्रित कर लेता है गाय बना देता है तो है या दुनिया को देखिए ना स्त्रियां किसी क्षेत्र में अग्रणी नहीं हो पाई राजनीति में देखिए नहीं दिखाई देंगी कला में देखिए कम दिखाई देंगी विज्ञान में देखिए कम दिखाई देंगी घरों में बस दिखाई देती है और इसमें बहुत बड़ा योगदान भावनाओं का है भावों की पड़ी रह जाती है और कुछ नहीं कर पाती जिंदगी में अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी आंचल में है दूध और आंखों में पानी यह देखो कि आप उन्हीं के साथ अटकी हुई है अटकी हुई है क्योंकि उन भावनाओं को ही अपना बल मानती हैं भावनाओं को बल न माने तो भावनाओं को पोषण क्यों दे बिल्कुल इंपॉर्टेंस भी देते दर्शाते भी है उन्हीं का उपयोग करके अपने काम भी बनाते हैं बिल्कुल काम कितने बनते भावना दिखा दिखा कर उठ गई मैं गुस्से में हूं या मैं दुख में हूं काम बन जाता है औरतों से मुझे इतनी शिकायत है उतना ही उनको लेकर क्यों दुख भी है उनको देखता हूं बहुत दुख लगता है और शिकायत इस बात की है कि वह अपने दुख का कारण स्वयं है और तबियत खराब हालत है उसका कारण वह खुद है भावना को अपना हथियार समझती हैं देश को वह अपनी पूंजी समझती हैं यह जाएंगी मारेंगे भावनाओं पर चलेंगे और सोचिए कि हमने यह बड़ा तीर मार दिया और इसी दो चीजों के कारणों के कारण वह इतिहास में लगातार पीछे रही है और गुलाम रही है जबकि स्त्री को प्रकृति गीत कुछ विशेषताएं मिली हुई है जो पुरुष के पास नहीं होती है स्त्री में ज्यादा होता है महत्वाकांक्षा स्त्री में कब होती है यह बड़े-बड़े हैं अगर स्त्री सैयद रहे तो खुल के उड़ सकती है आसमान छू सकती है पर वह इन्हीं दो कि बंधक बन के रह जाती है उनकी और मंकी आंचल में है दूध माने तन और आंखों में पानी भावनाएं बंधक है वह यही तो काम करने उसको दूध और पानी दूध और पानी औरत दो ही जगह पाई जाती है बेडरूम और रसोई बेडरूम आने दूध रसोई में पानी वास्तव में स्त्री में जो एक विशेष गुण होता है वह से पुरुषों से बहुत आगे ले जाए और उसमें होता है समर्पण का डिमोशन का औरत पुरुष की अपेक्षा थोड़ी बोली होती है और एक बार वह समर्पित हो गई किसी चीज के प्रति समर्पित रहती है यह बड़ी बात है इस गुण के कारण वह काम में बहुत आगे जा सकती निष्ठा से करती है एक लड़की काम करती है उतनी निष्ठा से लड़के को करना पड़ता है लेकिन फिर वही आंचल का दूध और आंखों का पानी यहीं आ जाते हैं सब खत्म बर्बाद निकल जाएंगे अब निकल जाएंगी लेकिन बीच-बीच में आपको भावनाओं से फायदा मिल जाता है ना तो आप बहक जाती है आपको लगता है भावना तो बढ़िया चीज है अभी फायदा मिला तो रोए तो नया यार मिल गया अब काहे को रोना बंद हो तन दिखाया सजाया तो बड़ा सम्मान मिल गया जमाने ने कहा वाह वाह वाह क्या सुंदर है पति पीछे पीछे आ गया जैसे ही मैंने दर्शन को आकर्षक बनाया तो फिर जाता है मंत्री का आदत को नहीं नहीं देना चाहिए छोटी बच्चियों में सजावट की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन नहीं देना चाहिए और मां को मैं देखता हूं छोटी बच्चों को ही परियां बना रही होती है वह इतनी सी बच्ची है उसको परी बनाकर घुमाएंगे और छोटी बच्चियों टीवी पर भी यही देख रही है कि परी परी अभी तो कहां बचेगी देख रहे साल की लड़कियां लिपस्टिक लगाकर घूम रही है बर्बाद और पुरुष का स्वार्थ है औरत को शरीर ही बना रहने दो 2 तारीख में खूब करेगा औरत अगर सरल साधारण संयमित रहते हैं से तो पुरुषों की कोई तारीफ नहीं करता और यही साबरी छैल छबीली निकल जाए जितने पुरुष होंगे सब तालियां बजाएंगे वाह वाह करेंगे औरत को लगता है कि हमारी तो बड़ी इज्जत बढ़ गई हमारा तो बड़ा मामला बढ़ गया पागल हो जानती भी नहीं जूस का शोषण किया जा रहा है हम नहीं जानते शिकारी कौन हैं और शिकार कौन है शिकार करने की चेष्टा मत करिए शिकार हो जाएंगी आप फूल रूप से शिकार हो जाते हैं क्योंकि सूक्ष्म रूप से शिकार करने की आप की भी मंशा होती है इस बात को स्वीकार्य आइसक्रीम सूक्ष्म रूप से शिकार करती है तो किसी को दिखाई नहीं देता पूर्ण रूप से शिकार कर लेता है जिसे शिकार ना हो

filmo mein jab rone ke drishya hote hain toh bahut saare abhineta abhinetri glycerine ka istemal nahi karte vaah khud hi yaad karne jaate hain ki unhone kaun kaunsi dukh jhele ateet mein unko aasu aa jaate hain aap janbujhkar apne aap ko aasu dila sakte ho aisi hoti hai bhaavnaye bhi aapki apni nahi hai unka bhi nirdharan bahar se ho jata hai aap yahan baithe baithe ho abhi koi gamgin gaana bajne lag jaaye koi badi baat nahi hui ki ek dono group mein koi bhi gaana suna karke aapki bhaavnaye uttejit kar dega apni aapki bhavnao ko niyantrit kar lega hum kehte meri bhaavnaye aur aapke vicharon ko koi chot pohcha ya phir bhi bardaasht kar lo aapki bhavnao par chot pohcha di jani dushman hai vaah aap kehte ho isme meri bhaavnaye aahat kariye isko toh bilkul nahi chodunga bhavnao se khabardar khaasataur par sthreeyon ke liye bade se bada jhanjhat hoti hai bhaavnaye batein aasu nikal pade samajh hi nahi koi bus ki nahi phir isliye striyan gulam ho jaati hain aapki bhaavnaye ka karke koi bhi aap ko niyantrit kar leta hai gaay bana deta hai toh hai ya duniya ko dekhiye na striyan kisi kshetra mein agranee nahi ho payi raajneeti mein dekhiye nahi dikhai dengi kala mein dekhiye kam dikhai dengi vigyan mein dekhiye kam dikhai dengi gharon mein bus dikhai deti hai aur isme bahut bada yogdan bhavnao ka hai bhavon ki padi reh jaati hai aur kuch nahi kar pati zindagi mein abhla jeevan hi tumhari yahi kahani aanchal mein hai doodh aur aankho mein paani yah dekho ki aap unhi ke saath ataki hui hai ataki hui hai kyonki un bhavnao ko hi apna bal maanati hain bhavnao ko bal na maane toh bhavnao ko poshan kyon de bilkul importance bhi dete darshate bhi hai unhi ka upyog karke apne kaam bhi banate hain bilkul kaam kitne bante bhavna dikha dikha kar uth gayi main gusse mein hoon ya main dukh mein hoon kaam ban jata hai auraton se mujhe itni shikayat hai utana hi unko lekar kyon dukh bhi hai unko dekhta hoon bahut dukh lagta hai aur shikayat is baat ki hai ki vaah apne dukh ka karan swayam hai aur tabiyat kharab halat hai uska karan vaah khud hai bhavna ko apna hathiyar samajhti hain desh ko vaah apni punji samajhti hain yah jayegi marenge bhavnao par chalenge aur sochiye ki humne yah bada teer maar diya aur isi do chijon ke karanon ke karan vaah itihas mein lagatar peeche rahi hai aur gulam rahi hai jabki stree ko prakriti geet kuch visheshtayen mili hui hai jo purush ke paas nahi hoti hai stree mein zyada hota hai mahatwakanksha stree mein kab hoti hai yah bade bade hain agar stree saiyed rahe toh khul ke ud sakti hai aasman chu sakti hai par vaah inhin do ki bandhak ban ke reh jaati hai unki aur monkey aanchal mein hai doodh maane tan aur aankho mein paani bhaavnaye bandhak hai vaah yahi toh kaam karne usko doodh aur paani doodh aur paani aurat do hi jagah payi jaati hai bedoom aur rasoi bedoom aane doodh rasoi mein paani vaastav mein stree mein jo ek vishesh gun hota hai vaah se purushon se bahut aage le jaaye aur usme hota hai samarpan ka demotion ka aurat purush ki apeksha thodi boli hoti hai aur ek baar vaah samarpit ho gayi kisi cheez ke prati samarpit rehti hai yah badi baat hai is gun ke karan vaah kaam mein bahut aage ja sakti nishtha se karti hai ek ladki kaam karti hai utani nishtha se ladke ko karna padta hai lekin phir wahi aanchal ka doodh aur aankho ka paani yahin aa jaate hain sab khatam barbad nikal jaenge ab nikal jayegi lekin beech beech mein aapko bhavnao se fayda mil jata hai na toh aap bahak jaati hai aapko lagta hai bhavna toh badhiya cheez hai abhi fayda mila toh ROYE toh naya yaar mil gaya ab kaahe ko rona band ho tan dikhaya sajaya toh bada sammaan mil gaya jamane ne kaha wah wah wah kya sundar hai pati peeche peeche aa gaya jaise hi maine darshan ko aakarshak banaya toh phir jata hai mantri ka aadat ko nahi nahi dena chahiye choti bachiyo mein sajawat ki pravritti ko protsahan nahi dena chahiye aur maa ko main dekhta hoon choti baccho ko hi pariyaan bana rahi hoti hai vaah itni si bachi hai usko pari banakar ghumaenge aur choti bachiyo TV par bhi yahi dekh rahi hai ki pari pari abhi toh kahaan bachegi dekh rahe saal ki ladkiyan lipstick lagakar ghum rahi hai barbad aur purush ka swarth hai aurat ko sharir hi bana rehne do 2 tarikh mein khoob karega aurat agar saral sadhaaran sanyamit rehte hain se toh purushon ki koi tareef nahi karta aur yahi sabri chail chhabili nikal jaaye jitne purush honge sab taliyan bajaenge wah wah karenge aurat ko lagta hai ki hamari toh badi izzat badh gayi hamara toh bada maamla badh gaya Pagal ho jaanti bhi nahi juice ka shoshan kiya ja raha hai hum nahi jante shikaaree kaun hain aur shikaar kaun hai shikaar karne ki cheshta mat kariye shikaar ho jayegi aap fool roop se shikaar ho jaate hain kyonki sukshm roop se shikaar karne ki aap ki bhi mansha hoti hai is baat ko svikarya icecream sukshm roop se shikaar karti hai toh kisi ko dikhai nahi deta purn roop se shikaar kar leta hai jise shikaar na ho

फिल्मों में जब रोने के दृश्य होते हैं तो बहुत सारे अभिनेता अभिनेत्री ग्लिसरीन का इस्तेमाल

Romanized Version
Likes  134  Dislikes    views  4384
WhatsApp_icon
user

Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब हम ही बात कहते हैं कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों से ज्यादा मजबूत है अधिक मजबूत है तो हम क्या कर रहे हैं हमें तुलना क्रिएट कर रहे हैं हमेशा याद रखें कि सारी लड़ाई इस चीज की है कि कौन बेहतर है फिजिकली कौन ज्यादा स्ट्रांग है शारीरिक रूप से मेंटली कौन ज्यादा सॉन्ग है दिमागी रूप से भावनात्मक रूप से कौन ज्यादा स्वामी हमेशा याद रखें दोनों का दोनों ही अपने अपने क्षेत्र में जो भी उनका रोल बुक ले कर रहे हैं उसमें अपना बेहतर काम देते हैं हमेशा याद रखिए कि अगर हम बात करते हैं तो महिलाएं और पुरुष एक समान है पूछ रहे हैं कि महिलाएं ज्यादा भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत है दोनों ही मजबूत है अगर महिलाएं अपना रोल ना करें तो पुरुष अपना काम ढंग से नहीं कर पाएंगे वहीं पुरुष अगर अपने आपको भावनात्मक रूप से भूत आ रखे तो महिलाएं अपना काम नहीं कर पाएंगे अब पुरुषों है जब भी किसी की मृत्यु होती है तो ज्यादा काम जो है उनके दहन का काम है पूछो को दिया जाता है बिकॉज वह अपने आपको भावनात्मक रूप से रोक पाते हैं महिलाओं के कंपेरटिवली वहीं अगर जब शिशु पालन की बात आती है तो महिलाओं को ज्यादा जो है आप भी कहा जाता है क्योंकि महिला की वहीं बच्चों का पालन करें क्योंकि वह बच्चों की भावनाओं को अच्छे से समझ पाती हैं कौन अधिक है यह प्रश्न है ही नहीं तो ना कहीं हो ही नहीं सकती दोनों का अपना अपना रोल है वह महिलाओं का और पुरुषों का जो वह अपने-अपने क्षेत्रों में बहुत अच्छे से निभा रहे हैं

jab hum hi baat kehte hai ki mahilaye bhavnatmak roop se purushon se zyada majboot hai adhik majboot hai toh hum kya kar rahe hai humein tulna create kar rahe hai hamesha yaad rakhen ki saree ladai is cheez ki hai ki kaun behtar hai physically kaun zyada strong hai sharirik roop se mentally kaun zyada song hai dimagi roop se bhavnatmak roop se kaun zyada swami hamesha yaad rakhen dono ka dono hi apne apne kshetra mein jo bhi unka roll book le kar rahe hai usme apna behtar kaam dete hai hamesha yaad rakhiye ki agar hum baat karte hai toh mahilaye aur purush ek saman hai puch rahe hai ki mahilaye zyada bhavnatmak roop se zyada majboot hai dono hi majboot hai agar mahilaye apna roll na karein toh purush apna kaam dhang se nahi kar payenge wahi purush agar apne aapko bhavnatmak roop se bhoot aa rakhe toh mahilaye apna kaam nahi kar payenge ab purushon hai jab bhi kisi ki mrityu hoti hai toh zyada kaam jo hai unke dahan ka kaam hai pucho ko diya jata hai because wah apne aapko bhavnatmak roop se rok paate hai mahilaon ke kamperativali wahi agar jab shishu palan ki baat aati hai toh mahilaon ko zyada jo hai aap bhi kaha jata hai kyonki mahila ki wahi baccho ka palan karein kyonki wah baccho ki bhavnao ko acche se samajh pati hai kaun adhik hai yeh prashna hai hi nahi toh na kahin ho hi nahi sakti dono ka apna apna roll hai wah mahilaon ka aur purushon ka jo wah apne apne kshetro mein bahut acche se nibha rahe hain

जब हम ही बात कहते हैं कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों से ज्यादा मजबूत है अधिक मजबूत है

Romanized Version
Likes  90  Dislikes    views  1800
WhatsApp_icon
user

Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

1:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते दोस्तों मेरी या नहीं डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं देखिए एक मैं आपको रियालिटी आपके सामने और सुलझाना चाहूंगी एक जो लोग क्या समझ है उसको मैं आपके साथ शेयर करना चाहूंगी हम सब को यह लगता है कि इस इमेज इमोशनल ही काफी सॉन्ग है और होती हैं और लड़कों के कंपैरिजन में काफी ज्यादा सॉन्ग होती है पर मैं आपको बताऊं आप ट्राई टू सी द सिचुएशन इन दिस पर्सपेक्टिव्स कि अगर लड़की उस लड़की के जगह अगर वो लड़का होता तो देखिए वही बात है ना कि बचपन से अपने भाई से तुलना करते हैं मतलब घर में अगर लड़कियों को लड़कों से तुलना होती है स्कूल में तुलना होते हैं सोसाइटी में काफी विरोध औलिया कंपेक इसीलिए हम को ना 11 मिलता है अंदर से की यार हमको कुछ करना है और हमको कुछ करना है हमको आगे बढ़ना है तो अगर आपको हमेशा कोई प्रेशर में रखे रहेगा आपको छोटा दिखा सोसाइटी में भी अगर आप को छोटा महसूस सील कर आएगा घर आ जाएगा ना तो युगल टाना टुरी वह सॉन्ग तो मुझे लगता है कि अगर भाई से वर्षा हो ताकि अगर उल्टा होता लड़के अगर लड़कों को मेरे कहा जाता है शुरू से कि तुम जो है तुम देखो तुम्हें ऐसे हो तुम फरार ठिकाना हो अगर उनको यह बोल देते ना तो लड़की भी सिर इमोशनली काफी स्ट्रांग बन के रहते बन के बाहर आते तो टाइपिंग किए जेंडर की बात नहीं है यह इट्स ऑल अबाउट व्हाट यू हैव बीन ट्रूकॉलर व्हाट सरकमस्टेंसस एंड मॉडलिंग मॉडलिंग यानी कि आप उस सरकमस्टेंस में क्या बन गए हो तो इस अबाउट दैट मेरे हिसाब से जेंडर का बात नहीं है इसमें सब सॉन्ग ए लड़की भी बहुत सॉन्ग होते हैं ऐसा नहीं है सब सोते हैं तो एम नॉट ओनली फॉर फीमेल नेम फॉर मैन ऑल सॉन्ग ऑल सॉन्ग इट्स ऑल अबाउट द कंडीशन रनवे सरकमस्टेंसस टू व्हिच यू कम इन लाइफ

namaste doston meri ya nahi doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain dekhie ek main aapko reality aapke saamne aur suljhana chahungi ek jo log kya samajh hai usko main aapke saath share karna chahungi hum sab ko yeh lagta hai ki is image emotional hi kaafi song hai aur hoti hain aur ladko ke comparison mein kaafi zyada song hoti hai par main aapko bataun aap try to si the situation in this parsapektivs ki agar ladki us ladki ke jagah agar vo ladka hota toh dekhie wahi baat hai na ki bachpan se apne bhai se tulna karte hain matlab ghar mein agar ladkiyon ko ladko se tulna hoti hai school mein tulna hote hain society mein kaafi virodh auliya kampek isliye hum ko na 11 milta hai andar se ki yaar hamko kuch karna hai aur hamko kuch karna hai hamko aage badhana hai toh agar aapko hamesha koi pressure mein rakhe rahega aapko chota dikha society mein bhi agar aap ko chota mehsus seal kar aaega ghar aa jayega na toh yugal taana turi wah song toh mujhe lagta hai ki agar bhai se varsha ho taki agar ulta hota ladke agar ladko ko mere kaha jata hai shuru se ki tum jo hai tum dekho tumhe aise ho tum farar thikana ho agar unko yeh bol dete na toh ladki bhi sir emotionally kaafi strong ban ke rehte ban ke bahar aate toh typing kiye gender ki baat nahi hai yeh its all about what you have bin truecaller what circumstances end modelling modelling yani ki aap us sarakamastens mein kya ban gaye ho toh is about that mere hisab se gender ka baat nahi hai ismein sab song a ladki bhi bahut song hote hain aisa nahi hai sab sote hain toh m not only for female name for man all song all song its all about the condition runway circumstances to which you kam in life

नमस्ते दोस्तों मेरी या नहीं डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाए

Romanized Version
Likes  89  Dislikes    views  1810
WhatsApp_icon
user

Kanupriya

Tarot Reader ,Oracle Reader , Angel Reader & Transformation Coach

2:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के समय में इस विश्व में इस देश में हमारे परिवारों में ज्यादातर जो मतभेद हैं ज्यादातर जो झगड़े हो रहे हैं ज्यादातर जो विवाद हो रहे हैं यह लिंक को लेकर हो रहे हैं औरतें इस कदर व्यवहार करनी चाहिए आदमियों को उस तरह बर्ताव करना चाहिए औरतें यह कहे ऐसे ना करें पुरुष जो है वह ऐसे व्यवहार करें वैसे ना बोले मगर हम अपनी आत्मा को भूल गए हैं हम अपनी आत्मा से कट रहे हैं क्यों क्योंकि आत्मा जो है उसका कोई लिंक नहीं है आत्मा हम सब में है और हम यह भूल गए हैं कि हमारे अंदर यह पुल्लिंग और स्त्रीलिंग उड़ जाए दोनों ही मौजूद है हमारा यही लक्ष्य ना चाहिए कि अपने अंदर की जो यह व्यवस्था है जो यह बैलेंस है ना स्क्रीन और चमन एनर्जी के बीच में जो बैलेंस है वह हमें ऑप्टिमम लेवल पर मेंटेन करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि हमारा जो आचरण है दूसरे लोगों के साथ वह बहुत ही निष्पक्ष हो और बहुत ही सहज भावनाएं दोनों में मौजूद हैं क्योंकि आत्मा है तो बाहर नहीं होंगी यह कहना कि पुरुष ज्यादा भावुक हैं या औरतें ज्यादा भावुक होती हैं इनमें दो इन दोनों में से कौन ज्यादा मजबूत होता है वह व्यक्ति

aaj ke samay mein is vishwa mein is desh mein hamare parivaron mein jyadatar jo matbhed hain jyadatar jo jhagde ho rahe hain jyadatar jo vivaad ho rahe hain yah link ko lekar ho rahe hain auraten is kadar vyavhar karni chahiye adamiyo ko us tarah bartaav karna chahiye auraten yah kahe aise na kare purush jo hai vaah aise vyavhar kare waise na bole magar hum apni aatma ko bhool gaye hain hum apni aatma se cut rahe hain kyon kyonki aatma jo hai uska koi link nahi hai aatma hum sab mein hai aur hum yah bhool gaye hain ki hamare andar yah pulling aur striling ud jaaye dono hi maujud hai hamara yahi lakshya na chahiye ki apne andar ki jo yah vyavastha hai jo yah balance hai na screen aur chaman energy ke beech mein jo balance hai vaah hamein optimum level par maintain karne ki koshish karni chahiye taki hamara jo aacharan hai dusre logo ke saath vaah bahut hi nishpaksh ho aur bahut hi sehaz bhaavnaye dono mein maujud hain kyonki aatma hai toh bahar nahi hongi yah kehna ki purush zyada bhavuk hain ya auraten zyada bhavuk hoti hain inme do in dono mein se kaun zyada majboot hota hai vaah vyakti

आज के समय में इस विश्व में इस देश में हमारे परिवारों में ज्यादातर जो मतभेद हैं ज्यादातर जो

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  174
WhatsApp_icon
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल लगता है कि स्त्रियां भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है क्योंकि आप हर परिस्थिति में देखिए बचपन से लेकर बुढ़ापे तक इसलिए जो भावनात्मक रूप से अपने आप को सहेज कर रखते हैं कंट्रोल करके रखती हैं उतना पुरुष नहीं रखते हैं गुस्सा भी पुरुष को ज्यादा होता है कि रिश्ते को भी होता है परंतु फिर भी उनका कंट्रोल का पावर ज्यादा है अपने शादी के वक्त भी अपने मां बाप को छोड़कर वह दूसरे घर में पूरे सभी लोगों को अपनाती है ऐसे पुरुष आपको रेल नजर आएंगे जो इस तरीके से कर सकें अपने मां-बाप को छोड़ना इतना आसान नहीं है कोई पुरुष जब इसको करेगा तभी वह फिर कर पाएगा कि बिल्कुल अनजान घर में हो पूरे परिवार के लोगों को अपनाती है कई बातें अनकही बातें सुनती नहीं है उसके लिए नेगेटिव ली और उसको सहन करती है भावना तुम सेवा के लिए रोती रहेगी पर उसको सेंड करेगी कि यही शिक्षा उसको दी जाती है कि अब तुम्हारा घर ससुराल है और कई चीजों में जब बच्चे पैदा हो जाते हैं तो उसके बाद भी करियर को लेकर देखे नहीं अपनी नौकरी छोड़कर घर पर बैठती है बच्चों को पालने के लिए यह भी उनके लिए एक कोने में थोड़ा हर्टिंग होता है क्योंकि उन्हें भी उतनी ही पढ़ाई लिखाई तरी होती है जितनी एक लड़के ने करी होती है पर वही अपना जॉब छोड़कर यही सोचकर के बच्चे पर एक माही अच्छे से पाल सकती तो कई चीजों पर जीवन के कई पड़ाव पर वो एडजस्टमेंट करती है तो उसको भावना तुमसे हर जरूर होती है और फिर भी उसको सेंड करते हुए खुशी खुशी वह आगे बढ़ती है

bilkul lagta hai ki striyan bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hai kyonki aap har paristithi mein dekhiye bachpan se lekar budhape tak isliye jo bhavnatmak roop se apne aap ko sahej kar rakhte hain control karke rakhti hain utana purush nahi rakhte hain gussa bhi purush ko zyada hota hai ki rishte ko bhi hota hai parantu phir bhi unka control ka power zyada hai apne shadi ke waqt bhi apne maa baap ko chhodkar vaah dusre ghar mein poore sabhi logo ko apanati hai aise purush aapko rail nazar aayenge jo is tarike se kar sake apne maa baap ko chhodna itna aasaan nahi hai koi purush jab isko karega tabhi vaah phir kar payega ki bilkul anjaan ghar mein ho poore parivar ke logo ko apanati hai kai batein anakahi batein sunti nahi hai uske liye Negative li aur usko sahan karti hai bhavna tum seva ke liye roti rahegi par usko send karegi ki yahi shiksha usko di jaati hai ki ab tumhara ghar sasural hai aur kai chijon mein jab bacche paida ho jaate hain toh uske baad bhi career ko lekar dekhe nahi apni naukri chhodkar ghar par baithati hai baccho ko palne ke liye yah bhi unke liye ek kone mein thoda hurting hota hai kyonki unhe bhi utani hi padhai likhai tari hoti hai jitni ek ladke ne kari hoti hai par wahi apna job chhodkar yahi sochkar ke bacche par ek maahi acche se pal sakti toh kai chijon par jeevan ke kai padav par vo adjustment karti hai toh usko bhavna tumse har zaroor hoti hai aur phir bhi usko send karte hue khushi khushi vaah aage badhti hai

बिल्कुल लगता है कि स्त्रियां भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है क्योंकि आ

Romanized Version
Likes  131  Dislikes    views  1617
WhatsApp_icon
user

Suman Bhardwaj

Psychologist/Yoga Trainer/Marriage Counsellor,Child And Adolscent Counsellor

0:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लगता है क्योंकि यह साइंटिफिक ली थी तो वन है कि यह फीमेल जो है वह ज्यादा इमोशनली बैलेंस होती हालांकि लोग इसका विपरीत होते हैं ऐसा है कि मैंने बहुत सारे हार्मोनल चेंज होते हैं तो खा लो उनको अंदर से चेंज करते रहते हो तो इससे हमारी बहुत सारी डिनर एबिलिटी टो है वह तो हमारी टोलरेंट पावर हमारी वर्क एबिलिटी ट्रिक ली थी हमारी मल्टीटास्किंग जो हम देख सकते हैं उदाहरण के तौर पर कि हम एक साथ कितने का मिलता कर सकते हैं फीमेल तो ओबेरॉय में आप कह सकते हैं मुझे तो यह लगता है कि ईमेल जाता इमोशनली बैलेंस

lagta hai kyonki yeh scientific li thi toh van hai ki yeh female jo hai wah zyada emotionally balance hoti halaki log iska viprit hote hain aisa hai ki maine bahut saare hormonal change hote hain toh kha lo unko andar se change karte rehte ho toh isse hamari bahut saree dinner ability to hai wah toh hamari tolrent power hamari work ability trick li thi hamari multitasking jo hum dekh sakte hain udaharan ke taur par ki hum ek saath kitne ka milta kar sakte hain female toh oberoy mein aap keh sakte hain mujhe toh yeh lagta hai ki email jata emotionally balance

लगता है क्योंकि यह साइंटिफिक ली थी तो वन है कि यह फीमेल जो है वह ज्यादा इमोशनली बैलेंस होत

Romanized Version
Likes  54  Dislikes    views  1604
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है कि आप महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है और आज के जमाने में तो अब महिलाएं और भी ज्यादा सख्त और मजबूत हो चुकी है मतलब कहा जाकर हंड्रेड में से 20% महिलाएं मजबूत है 20% महिलाएं मजबूत नहीं है अभी उतनी जितनी होनी चाहिए उतनी ही लेकिन है मजबूत और अगर उनको भी धीरे-धीरे हालात का सामना करे वह करना पड़े तो वह भी मजबूत हो सकती है और पुरुष भी उतने मजबूत है ही लेकिन साथ ही साथ में सॉफ्टवेयर ट्रक में 75% पुरुष मजबूत है सॉरी सॉफ्ट है और मजबूत है और सर्टिफिकेट सॉफ्टवेयर यह भी एक चीज है

aapka prashna hai kya aapko lagta hai ki mahilaye bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hai ki aap mahilaye bhavnatmak roop se purushon se purushon ki tulna mein adhik majboot hai aur aaj ke jamane mein toh ab mahilaye aur bhi zyada sakht aur majboot ho chuki hai matlab kaha jaakar hundred mein se 20 mahilaye majboot hai 20 mahilaye majboot nahi hai abhi utani jitni honi chahiye utani hi lekin hai majboot aur agar unko bhi dhire dhire haalaat ka samana kare vaah karna pade toh vaah bhi majboot ho sakti hai aur purush bhi utne majboot hai hi lekin saath hi saath mein software truck mein 75 purush majboot hai sorry soft hai aur majboot hai aur certificate software yah bhi ek cheez hai

आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजब

Romanized Version
Likes  256  Dislikes    views  4341
WhatsApp_icon
user

Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि क्या महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है भावनात्मक की आने इमोशनल तो क्या औरतें मर्दों से इमोशनली स्ट्रॉन्ग होती है देखिए एक चीज जानिए कि साइकोलॉजिकली जिस तरह औरत और मर्द में फिजिकल उनके डिफरेंस है या नहीं उनकी रंग रूप ढंग उनके फंक्शंस 12 अलग जेंडर है दो अलग तरीके के हैं उसी तरह साइकोलॉजिकली एक औरत यूनिक स्त्री या पुरुष से बहुत अलग होती है यह कहना सही नहीं होगा कि औरतें मर्दों से ज्यादा मजबूत होती हैं क्योंकि भावनात्मक एनी इमोशनल एरिया में मर्द चीजों को अलग तरह से लेते हैं और औरतें अलग तरह से उसी तरह चीजों कोई सिचुएशन का रिएक्शन भी मर्द अलग तरह से देते हैं और औरतें अलग तरह से तो कौन ज्यादा मजबूत है या कौन ज्यादा कमजोर है यह कहना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि यह दो अलग जेंडर है जिनके चीजों को रियाद करने के समझने के और चीजों को अप्रोच करने के हर तरीका ही अलग ऊपर वाले ने बनाया है तो इस मामले में भी इमोशनल मेकअप में भी यह दोनों अलग है कमजोर और मजबूत ऐसा कुछ नहीं है बस अलग है धन्यवाद

aapka sawaal hai ki kya mahilaye bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hai bhavnatmak ki aane emotional toh kya auraten mardon se emotionally strong hoti hai dekhiye ek cheez janiye ki saikolajikli jis tarah aurat aur mard mein physical unke difference hai ya nahi unki rang roop dhang unke fankshans 12 alag gender hai do alag tarike ke hain usi tarah saikolajikli ek aurat Unique stree ya purush se bahut alag hoti hai yah kehna sahi nahi hoga ki auraten mardon se zyada majboot hoti hain kyonki bhavnatmak any emotional area mein mard chijon ko alag tarah se lete hain aur auraten alag tarah se usi tarah chijon koi situation ka reaction bhi mard alag tarah se dete hain aur auraten alag tarah se toh kaun zyada majboot hai ya kaun zyada kamjor hai yah kehna thoda mushkil hai kyonki yah do alag gender hai jinke chijon ko riyad karne ke samjhne ke aur chijon ko approach karne ke har tarika hi alag upar waale ne banaya hai toh is mamle mein bhi emotional makeup mein bhi yah dono alag hai kamjor aur majboot aisa kuch nahi hai bus alag hai dhanyavad

आपका सवाल है कि क्या महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है भावनात्मक

Romanized Version
Likes  150  Dislikes    views  3976
WhatsApp_icon
user

Dr. Hemlata Gupta

Psychologist

0:47
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो टू ऑल माय फैमिली इस क्वेश्चन का जवाब यही है कि लेडीस जो है वह पुरुषों के मुकाबले बहुत इमोशनली स्ट्रॉन्ग होती हैं यह उनको गॉड गिफ्टेड है कि वह इमोशनली स्ट्रॉन्ग है तो उनको अपनी इस काबिलियत का बहुत सही से इस्तेमाल करना चाहिए अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए क्योंकि आज की डेट में अगर कुछ चीज इंपोर्टेंट है सबसे ज्यादा डेटेड इमोशनल क्वेश्चन ऑफ अ पर्सन इन हिस और हर इमोशनल क्वेश्चंस इन अ गुड रिंग टू हियर श्री कैन लीव वेरी कंफरटेबल इन दिस लाइफ

hello to all my family is question ka jawab yahi hai ki ladies jo hai vaah purushon ke muqable bahut emotionally strong hoti hain yah unko god gifted hai ki vaah emotionally strong hai toh unko apni is kabiliyat ka bahut sahi se istemal karna chahiye apne jeevan mein aage badhne ke liye kyonki aaj ki date mein agar kuch cheez important hai sabse zyada dated emotional question of a person in hiss aur har emotional questions in a good ring to hear shri can leave very kamfaratebal in this life

हेलो टू ऑल माय फैमिली इस क्वेश्चन का जवाब यही है कि लेडीस जो है वह पुरुषों के मुकाबले बहुत

Romanized Version
Likes  121  Dislikes    views  1779
WhatsApp_icon
user

Prachi Rathi

Psychologist & Life Coach

0:42
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इमोशनली कुछ हद तक मन से ज्यादा सॉन्ग होती है उसका एक रीजन है क्योंकि अपने मौसम शेयर करते हैं शेयर करने से हम काफी लाईफ कि घर पर हमला होता है कई बार अपनी इमोशंस अपने अंदर रखते हैं शेयर करना थोड़ा कम पसंद करते हैं जिसकी वजह से थॉट्स में उतनी क्लेरिटी नहीं आता कि कहीं सिचुएशन एंड इमोशनल इमोशनल इसी खुशी

emotionally kuch had tak man se zyada song hoti hai uska ek reason hai kyonki apne mausam share karte hain share karne se hum kaafi life ki ghar par hamla hota hai kai baar apni emotional apne andar rakhte hain share karna thoda kam pasand karte hain jiski wajah se thoughts mein utani kleriti nahi aata ki kahin situation end emotional emotional isi khushi

इमोशनली कुछ हद तक मन से ज्यादा सॉन्ग होती है उसका एक रीजन है क्योंकि अपने मौसम शेयर करते ह

Romanized Version
Likes  102  Dislikes    views  1126
WhatsApp_icon
user

Vikas Singh

Political Analyst

1:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होती हैं महिलाएं मल्टी टैलेंटेड होती हैं और पुरुष टैलेंटेड होते हैं महिलाएं एक कई काम एक साथ करती रहती हैं खाना भी बनाती रहती हैं अपने बच्चे को ट्यूशन भी पढ़ाती रहती हैं टीवी भी देखती रहती हैं पोछा झाड़ू भी लगाती रहती है पुरुष एक काम एक ही काम करेगा अगर कर रहा है तू लेकिन महिलाएं बहुत सारे काम को एक साथ कर लेती हैं इसलिए उन्हें मल्टी टैलेंटेड बोला जाता है और लड़कों को टैलेंटेड बोला जाता है किसी भी समाज को किसी भी देश को आगे बढ़ाने में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है और महिलाओं के लिए एक ही आदमी ने अभी तक कार्य किया है उसका नाम है प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी 2014 के चुनाव जीतने के बाद बेटी बचाओ अभियान उन्होंने चालू किया जिसके माध्यम से हमारे देश में बहुत जागरूकता या महिला संघ अधिकरण के ऊपर ध्यान दिया गया इससे भी हमारे देश में बहुत जागरूकता आया और महिलाओं को उन्होंने आगे किया आज रक्षा मंत्री हमारे देश की महिला हैं विदेश मंत्री हमारे देश की महिला हैं और महिलाएं महिलाओं को लाया जा रहा है और महिलाएं महिलाओं के माध्यम से ही हमारा देश आगे बढ़ेगा जब पुरुष महिला मिलजुल कर कार्य करेंगे तभी देश आगे बढ़ेगा आइए पुरुष और महिला के बीच का भेदभाव खत्म किया जाए अपने देश को आगे बढ़ाया जाए और अपना महत्वपूर्ण वोट बीजेपी को दिया जाए ताकि महिला सशक्तिकरण के ऊपर बेटी बचाओ अभियान के ऊपर और अच्छे से कार्य हो सके और हमारा देश तरक्की कर सके धन्यवाद

ji haan mahilaye bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hoti hain mahilaye multi talented hoti hain aur purush talented hote hain mahilaye ek kai kaam ek saath karti rehti hain khana bhi banati rehti hain apne bacche ko tuition bhi padhati rehti hain TV bhi dekhti rehti hain pochaa jhaad bhi lagati rehti hai purush ek kaam ek hi kaam karega agar kar raha hai tu lekin mahilaye bahut saare kaam ko ek saath kar leti hain isliye unhein multi talented bola jata hai aur ladko ko talented bola jata hai kisi bhi samaj ko kisi bhi desh ko aage badhane mein mahilaon ka bahut bada yogdan hota hai aur mahilaon ke liye ek hi aadmi ne abhi tak karya kiya hai uska naam hai Pradhanmantri mananiya shri narendra modi ji 2014 ke chunav jitne ke baad beti bachao abhiyan unhone chalu kiya jiske maadhyam se hamare desh mein bahut jagrukta ya mahila sangh adhikaran ke upar dhyan diya gaya isse bhi hamare desh mein bahut jagrukta aaya aur mahilaon ko unhone aage kiya aaj raksha mantri hamare desh ki mahila hain videsh mantri hamare desh ki mahila hain aur mahilaye mahilaon ko laya ja raha hai aur mahilaye mahilaon ke maadhyam se hi hamara desh aage badhega jab purush mahila miljul kar karya karenge tabhi desh aage badhega aaiye purush aur mahila ke beech ka bhedbhav khatam kiya jaye apne desh ko aage badhaya jaye aur apna mahatvapurna vote bjp ko diya jaye taki mahila shshaktikaran ke upar beti bachao abhiyan ke upar aur acche se karya ho sake aur hamara desh tarakki kar sake dhanyavad

जी हां महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होती हैं महिलाएं मल्टी टैल

Romanized Version
Likes  17  Dislikes    views  446
WhatsApp_icon
user

Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां ऐसा भी सत्य है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों से अधिक शक्तिशाली है और यह सत्य ना होता तो यह समाज और अधिक बिखरा हुआ होता इसलिए कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं और भावात्मक रूप से शक्तिशाली हैं

haan aisa bhi satya hai ki mahilaye bhavatmak roop se purushon se adhik shaktishali hai aur yah satya na hota toh yah samaj aur adhik bikhra hua hota isliye ki purushon ki apeksha mahilaye aur bhavatmak roop se shaktishali hain

हां ऐसा भी सत्य है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों से अधिक शक्तिशाली है और यह सत्य ना ह

Romanized Version
Likes  79  Dislikes    views  781
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

7:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यस इस बात में कोई दो राय नहीं है क्योंकि भावना का जन्म ही महिला से मानो आप पुरुष को आज जो तुम्हें संतुष्ट नजर आ रहा है उस नजर आ रहा है उसकी डेट महिला महिला ने की समस्त मानवीय गुणों को जन्म दिया है महिला के कार्य नहीं क्षमा दया करुणा ईमानदारी सच्चाई शराफत उदारता समर्पण त्याग प्रेम हाथी जितने भी समस्त मानवीय गुण हैं उनकी जन्मदाता किसकी है विधि की सबसे स्वच्छ गांव सर्वोत्तम रचना की है इस बीच भावनात्मक रूप से पुरुष से इसलिए मजबूत होती है क्योंकि स्त्री में से शक्ति कितनी होती है यह पृथ्वी का रूट है यह आदि देवी जगदंबा का रूप है और जगदंबा आदिशक्ति है इस प्रमाण शक्ति होती है सजन शक्ति होती है वर्किंग पावर होता है तो उसको प्रतिभावान नहीं है पुरुष पुरुष स्त्री के बिना अधूरा पूरा जीवन को पूर्णता देती है इसलिए भावनात्मक रूप से इसकी अधिक मजबूत है वही लिखो आप बच्चे को जब जन्म देती है तो पिता जन्म देने के बाद में खाने कमाने में लग जाता है उसका दिमाग उसके परिपालन में इतना काम नहीं करता जितना की मां कनेक्ट हो जाती है जन्म के साथ ही करैक्टर हो जाती है उसको पालन में कब सारे दुखों को सेंड करती है जन्म देने में दुखों को सेंड करती है उसकी बुद्धि में उसके भी माही सारे दुखों को सेंड करती है खुद सेम दुख पा करके भी औलाद के लिए उत्सुक बद्दी के प्रयास करती है यहां तक कि उसका पूरा जीवन ही औलाद के लिए लग जाता है उसके 16 नहीं आपका पाती है कभी तुम देखो यदि औलाद बीमार है तो पिता तो सो जाएगा खर्राटे ले करके लेकिन कभी तुमको सोती हुई नहीं मिल सकती है उसका पति पत्नी दुखी है तो कंफर्म मानो उसे रात भर जागेगी उसकी सेवा चाकरी में लगेगी उसकी सहायता के लिए जूती रहेगी पुत्र कि यदि आंख में भी दर्द हो गया है तो मां पूछे नहीं आ सकता है पुत्र पुत्री भूखा है तो मां कदापि बूटी दे सकती है लेकिन पति पति को का नहीं रखेगी इसलिए कहा गया कि माता कभी कुमाता नहीं होती है हां यह दीगर बात है कि संतान को बात सुनकर जाती है यह लड़की के लिए बच्चा लड़की के लिए बच्चे के लिए सबसे पहले चलना मासिक आती है बोलना बात सिखाती है समाज में सिर्फ बीएफ संस्कार मां देती है वाही एक बालक को एक सामाजिक प्राणी बनने के लिए प्रभारी जनों की सम्मान शिष्टाचार संस्कार आदि सब कुछ देने में मां का हाथ होता है मां से बढ़कर कि इस संसार में और किसी का महत्व नहीं इसलिए तुमको एक बात याद होगी यह कहावत है अंग्रेजी में ए बी ग्रेट मैन हस्बैंड लेडी इन फॉर्म ऑफ सिस्टर इन फॉर्म ऑफ मदर इन फॉर्म ऑफ आई इन फॉर्म ऑफ फ्लावर इन यूपी कुछ सार्थक है सूक्ति एक महान आदमी की महापुरुष की सफल व्यक्ति की जीवनी पढ़ कर के देखिए स्त्री का रोल कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में चाहे वह मां कारोरू जयपुर बात है वह बहन का रोल हो चाहे वह बीटी का रोल वह पत्नी का रोल उसकी लवर्स करो अपनी संपत्ति में आप देखें प्रथम श्लोक पढ़े आप उसके उस में प्रथम श्लोक है या देवी सर्वभूतेषु प्राण रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः देवी सर्व भूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः एक सफल मानक जी नजर आता है वह सारी दें कहीं ना कहीं स्त्री की है चाहे वह मां का रोल रहा हूं 7:00 का रोल नंबर भाई चाहे वह अपनी का रोल रहा हूं कहीं न कि वह उस को प्रभावित करती है प्रेरणा देती है शक्ति देती है और उचित में आगे बढ़ाती है यदि जीजाबाई नहीं होती तो शिवाजी जैसा महान भी पैदा नहीं होता ना सुभाष जी जैसा संस्कारित राजा भरत को मिल पाता तुम कहीं भी देख लो यदि तुलसीदास की पत्नी ने रत्नावली ने तुलसीदास जी को प्रेरित नहीं किया होता बुलाने नई मारे होते तो क्या हिंदी साहित्य को ऐसा महान कभी मिल सकता था तुलसीदास जैसा असंभव मोदी ने कालिदास के साथ ऐसा व्यवहार किया प्रेरित किया परिणाम स्वरूप संस्कृत साहित्य के लिए महाकवि कालिदास जैसा कि कभी मला अधिकांश लोगों के जीवन में पढ़ें और अधिकांश लोगों की महापुरुषों की जीवनी या बात को प्रमाणित करती है कि महिला की उसकी जन्मतिथि के साथ में ही उसे वितरित करने वाली प्रेरणा देने वाली उसे शक्ति देने वाली रूप है और इसलिए कह सकता हूं मैं कि पुरुष की तुलना में महिला ज्यादा मजबूत होती है अधिक प्रेरित करने वाली होती है यह भी सत्य है कि इमोशनल भी बहुत होती है उसके पूछ तो पुरुष नाम यह बताता है कि मैं कठोर है पत्थर है

Yes is baat me koi do rai nahi hai kyonki bhavna ka janam hi mahila se maano aap purush ko aaj jo tumhe santusht nazar aa raha hai us nazar aa raha hai uski date mahila mahila ne ki samast manviya gunon ko janam diya hai mahila ke karya nahi kshama daya karuna imaandaari sacchai sharafat udarata samarpan tyag prem haathi jitne bhi samast manviya gun hain unki janmadata kiski hai vidhi ki sabse swachh gaon sarvottam rachna ki hai is beech bhavnatmak roop se purush se isliye majboot hoti hai kyonki stree me se shakti kitni hoti hai yah prithvi ka root hai yah aadi devi jagdamba ka roop hai aur jagdamba adishakti hai is pramaan shakti hoti hai sajan shakti hoti hai working power hota hai toh usko pratibhavan nahi hai purush purush stree ke bina adhura pura jeevan ko purnata deti hai isliye bhavnatmak roop se iski adhik majboot hai wahi likho aap bacche ko jab janam deti hai toh pita janam dene ke baad me khane kamane me lag jata hai uska dimag uske paripalan me itna kaam nahi karta jitna ki maa connect ho jaati hai janam ke saath hi character ho jaati hai usko palan me kab saare dukhon ko send karti hai janam dene me dukhon ko send karti hai uski buddhi me uske bhi maahi saare dukhon ko send karti hai khud same dukh paa karke bhi aulad ke liye utsuk baddi ke prayas karti hai yahan tak ki uska pura jeevan hi aulad ke liye lag jata hai uske 16 nahi aapka pati hai kabhi tum dekho yadi aulad bimar hai toh pita toh so jaega kharrate le karke lekin kabhi tumko soti hui nahi mil sakti hai uska pati patni dukhi hai toh confirm maano use raat bhar jagegi uski seva chakari me lagegi uski sahayta ke liye juti rahegi putra ki yadi aankh me bhi dard ho gaya hai toh maa pooche nahi aa sakta hai putra putri bhukha hai toh maa kadapi buti de sakti hai lekin pati pati ko ka nahi rakhegi isliye kaha gaya ki mata kabhi Kumata nahi hoti hai haan yah digar baat hai ki santan ko baat sunkar jaati hai yah ladki ke liye baccha ladki ke liye bacche ke liye sabse pehle chalna maasik aati hai bolna baat sikhati hai samaj me sirf bf sanskar maa deti hai vahi ek balak ko ek samajik prani banne ke liye prabhari jano ki sammaan shishtachar sanskar aadi sab kuch dene me maa ka hath hota hai maa se badhkar ki is sansar me aur kisi ka mahatva nahi isliye tumko ek baat yaad hogi yah kahaavat hai angrezi me a be great man husband lady in form of sister in form of mother in form of I in form of flower in up kuch sarthak hai sukti ek mahaan aadmi ki mahapurush ki safal vyakti ki jeevni padh kar ke dekhiye stree ka roll kahin na kahin kisi na kisi roop me chahen vaah maa karoru jaipur baat hai vaah behen ka roll ho chahen vaah BT ka roll vaah patni ka roll uski lovers karo apni sampatti me aap dekhen pratham shlok padhe aap uske us me pratham shlok hai ya devi sarvabhuteshu praan rupen sansthita namastasye namastasye namastasye namo namah devi surv bhuteshu shakti rupen sansthita namastasye namastasye namastasye namo namah ya devi sarvabhuteshu shakti rupen sansthita namastasye namastasye namastasye namo namah ek safal maanak ji nazar aata hai vaah saari de kahin na kahin stree ki hai chahen vaah maa ka roll raha hoon 7 00 ka roll number bhai chahen vaah apni ka roll raha hoon kahin na ki vaah us ko prabhavit karti hai prerna deti hai shakti deti hai aur uchit me aage badhati hai yadi jijabai nahi hoti toh shivaji jaisa mahaan bhi paida nahi hota na subhash ji jaisa sanskarit raja Bharat ko mil pata tum kahin bhi dekh lo yadi tulsidas ki patni ne ratnavali ne tulsidas ji ko prerit nahi kiya hota bulane nayi maare hote toh kya hindi sahitya ko aisa mahaan kabhi mil sakta tha tulsidas jaisa asambhav modi ne kalidas ke saath aisa vyavhar kiya prerit kiya parinam swaroop sanskrit sahitya ke liye mahakavi kalidas jaisa ki kabhi mala adhikaansh logo ke jeevan me padhen aur adhikaansh logo ki mahapurushon ki jeevni ya baat ko pramanit karti hai ki mahila ki uski janmtithi ke saath me hi use vitrit karne wali prerna dene wali use shakti dene wali roop hai aur isliye keh sakta hoon main ki purush ki tulna me mahila zyada majboot hoti hai adhik prerit karne wali hoti hai yah bhi satya hai ki emotional bhi bahut hoti hai uske puch toh purush naam yah batata hai ki main kathor hai patthar hai

यस इस बात में कोई दो राय नहीं है क्योंकि भावना का जन्म ही महिला से मानो आप पुरुष को आज जो

Romanized Version
Likes  248  Dislikes    views  2293
WhatsApp_icon
user

Tanay Mishra

Head Control Clerk In Forest Department U.P.

0:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मुझे बिल्कुल लगता है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में बहुत ही अधिक मजबूत होती है वह किसी भी तरीके से किसी भी प्रकार की सिचुएशन को एक गुरु से ज्यादा अच्छे तरीके से हैंडल कर सकती हो मजबूत दिल की होती हैं दिले होती हैं तो अमेरिका के पुरुषों की तुलना में महिलाएं बाबतपुर से ज्यादा स्ट्रांग होते हैं धन्यवाद

haan mujhe bilkul lagta hai ki mahilaye bhavatmak roop se purushon ki tulna me bahut hi adhik majboot hoti hai vaah kisi bhi tarike se kisi bhi prakar ki situation ko ek guru se zyada acche tarike se handle kar sakti ho majboot dil ki hoti hain dile hoti hain toh america ke purushon ki tulna me mahilaye babatapur se zyada strong hote hain dhanyavad

हां मुझे बिल्कुल लगता है कि महिलाएं भावात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में बहुत ही अधिक मजबू

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  132
WhatsApp_icon
user

ganesh pazi

Motivator

1:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महिलाएं हमेशा भावनात्मक रूप में बहुत ज्यादा मजबूत होती है और वह अपने अंदर समर्पण और सहनशीलता इन दोनों के बदौलत अपनी भावनाओं को काम रखिए जबकि पुरुषों में सहनशीलता नहीं समझ पाया जाता महिलाओं से कम इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि 9 महीने तक एक बच्चे को अपने घर में रखी है यह किसी और के साथ घर की पूरी जिम्मेदारियों की औरतों को भी नहीं भाती से बड़ा कोई उदाहरण नहीं और इसके पीछे लगी है सिर्फ एक बार वह मां बनने की भावना एक पुरुष को पूजा होने का एहसास करवाने की भावना एक परिवार को जीत लेने की भावना

mahilaen hamesha bhavnatmak roop mein bahut zyada majboot hoti hai aur wah apne andar samarpan aur sahansheelta in dono ke badaulat apni bhavnao ko kaam rakhiye jabki purushon mein sahansheelta nahi samajh paya jata mahilaon se kam iska sabse bada pramaan hai ki 9 mahine tak ek bacche ko apne ghar mein rakhi hai yeh kisi aur ke saath ghar ki puri jimmedaariyon ki auraton ko bhi nahi bhati se bada koi udaharan nahi aur iske peeche lagi hai sirf ek baar wah maa banne ki bhavna ek purush ko puja hone ka ehsaas karwane ki bhavna ek parivar ko jeet lene ki bhavna

महिलाएं हमेशा भावनात्मक रूप में बहुत ज्यादा मजबूत होती है और वह अपने अंदर समर्पण और सहनशी

Romanized Version
Likes  18  Dislikes    views  481
WhatsApp_icon
user

Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

0:51
Play

Likes  51  Dislikes    views  714
WhatsApp_icon
user

Shikha Gogia

weight Lose / Gain / Weight Maintain Wellness Coach Profil..5 pillers... Physical /Mental /Spiritual/Social/Emotional Health.. Some Lifstyle Changes And Environment

0:33
Play

Likes  23  Dislikes    views  216
WhatsApp_icon
user

Dev Gurjar

upsc Aspirant

1:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए महिलाएं और पुरुष दोनों ही भावात्मक रूप से मजबूत होगी सकते हैं और नहीं भूल सकते इसको हम एक किसी पार्टी कूलर केटेगरी को नहीं रख सकते इसमें कि भाई महिलाएं ही ज्यादा ही भावात्मक होती है या पुरुष भावात्मक होते अपने कुछ पुरुष भी ऐसे देखो होंगे जो भावात्मक नहीं है और महिलाएं भी ऐसी देखी होंगी तो यह आदमी आदमी के ऊपर डिपेंड करता है कि कौन किस कैटेगरी का है वह कैसे लोगों के साथ रह रहा है अगर वह सब एक बात तो आपने सुनी होगी शायद यानी कि उसमें कहा गया है कि अगर आपको किसी की जांच करनी है तो आप सबसे पहले उसके दोस्तों की जांच कर ले उसके दोस्तों की जांच कर लेंगे तो आपको उसकी जांच करने की जरूरत नहीं पड़ेगी अगर वह अच्छे लोगों के साथ रह रहे हैं तो यानी कि वह आपको नॉर्मल सी बात है कि वह भावात्मक होंगे अगर वह ऐसे लोगों के साथ रहने जिनका हृदय कठोर है उनको कोई भाव किसी में दिखता ही नहीं है तो वह कठोर हृदय वाले होंगे तो यह किसी एक किसी पार्टी कूलर किट नहीं रख सकते इसमें इसमें दोनों ही हो सकते हैं धन्यवाद

dekhiye mahilaye aur purush dono hi bhavatmak roop se majboot hogi sakte hain aur nahi bhool sakte isko hum ek kisi party cooler category ko nahi rakh sakte isme ki bhai mahilaye hi zyada hi bhavatmak hoti hai ya purush bhavatmak hote apne kuch purush bhi aise dekho honge jo bhavatmak nahi hai aur mahilaye bhi aisi dekhi hongi toh yah aadmi aadmi ke upar depend karta hai ki kaun kis category ka hai vaah kaise logo ke saath reh raha hai agar vaah sab ek baat toh aapne suni hogi shayad yani ki usme kaha gaya hai ki agar aapko kisi ki jaanch karni hai toh aap sabse pehle uske doston ki jaanch kar le uske doston ki jaanch kar lenge toh aapko uski jaanch karne ki zarurat nahi padegi agar vaah acche logo ke saath reh rahe hain toh yani ki vaah aapko normal si baat hai ki vaah bhavatmak honge agar vaah aise logo ke saath rehne jinka hriday kathor hai unko koi bhav kisi me dikhta hi nahi hai toh vaah kathor hriday waale honge toh yah kisi ek kisi party cooler kit nahi rakh sakte isme isme dono hi ho sakte hain dhanyavad

देखिए महिलाएं और पुरुष दोनों ही भावात्मक रूप से मजबूत होगी सकते हैं और नहीं भूल सकते इसको

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user

Jyotsna

Homemaker

4:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां महिलाएं भावना के रूप में पुरुष की तुलना में अधिक मजबूत होती है क्योंकि उन्होंने अपने बचपन से लेकर एमिनेम बचपन से ही उस चीज को झेलना शुरू कर देती हैं बहुत से परिवार में महिलाएं होती हैं वह वीडियो भेजो कि शिकार होती है उसको बहुत चाहेंगे बेटी हो तुम्हें कम चाहेंगे ऐसे दर्शन को गुजरना पड़ता है मैंने देखा है कि मां और पिताजी आजादी कैसे लड़के मतलब अपने भाई को ज्यादा तवज्जो देते हैं कि तुम तो कल घर चली जाओगी तुम अपने घर चली जाओगी तो मेरा तो बेटा सहारा देगा मुझे और खिलाने पिलाने में भी बात आएगी तो देखेंगे कि भाई तुम तो अपने घर चली जाऊंगी हम हमा हमें तो रोटी पानी पड़ा तो यही देगा ऐसी ऐसी बातें करती हैं जो कि उसके दिल पर कहीं ना कहीं चोट करती होगी लड़की के जइबू ससुराल आती है उसको यही चीजें झेलनी पड़ती है सांसों के ताने ससुर खेतानी नंद के ताने तो वह बचपन से इन्हीं चीजों की हुई है तो दिल से बड़ी मजबूत हो जाती है वह भावनात्मक रूप से मजबूत हो जाती है क्योंकि औरत को क्या है ज्यादा कर इतना काम करती है क्या सबके लिए मरती थी है उसको क्या है कहानी अमृत भेदभाव भावनात्मक रूप से मजबूत हो जाती है मेल बिठाना पड़ता है उसके साथ में तालमेल सही करने पति के साथ भी करने हैं और वह अपनी जो घर में जो दिन भर का घाटा है वह अगर अपने पति को बताने की कोशिश करती है उसका पति कहते हैं अरे मेरी मां है ऐसा कर ही नहीं सकती है और तू मैं आया हूं सुबह के सारा दिन खत्म रखें और तुम अपने ही रोना लेकर बैठेगी उसको ससुर के साथ भी संबंध अपने पति के साथ भी अच्छे-अच्छे में तालमेल बिठाने के लिए मुझे समझौता करने की की बुद्धिमान से अब दिल से बहुत मजबूत हो जाती है इन चीजों के साथ रहने की आदी हो चुकी है वह बड़ी से बड़ी मुसीबत कभी शाम ना हो अच्छे से कर लेती है इसलिए वह भावनात्मक रूप में एक व्यक्ति की एक आदमी के अपेक्षा वह बहुत मजबूत कहां बिजी है ना की हार्टअटैक आदमियों को ज्यादा आते हैं औरतों की तुलना की औरत बहुत मजबूत होती है औरत सांप के साथ ससुर के साथ देवर जेठ जेठानी आनंद पति अपने बच्चे के साथ सामंजस्य बिठा लड़की मरती रोती गाती हस्ती सारे दुख सह जाती है कितना पुरुष के बलबूते पुरुष शारीरिक रूप से मजबूत है लेकिन दिमागी रूप से एक औरत ज्यादा मजबूत होती है आदमी के मुकाबले

haan mahilaye bhavna ke roop me purush ki tulna me adhik majboot hoti hai kyonki unhone apne bachpan se lekar eminem bachpan se hi us cheez ko jhelna shuru kar deti hain bahut se parivar me mahilaye hoti hain vaah video bhejo ki shikaar hoti hai usko bahut chahenge beti ho tumhe kam chahenge aise darshan ko gujarana padta hai maine dekha hai ki maa aur pitaji azadi kaise ladke matlab apne bhai ko zyada tavajjo dete hain ki tum toh kal ghar chali jaogi tum apne ghar chali jaogi toh mera toh beta sahara dega mujhe aur khilane pilane me bhi baat aayegi toh dekhenge ki bhai tum toh apne ghar chali jaungi hum hama hamein toh roti paani pada toh yahi dega aisi aisi batein karti hain jo ki uske dil par kahin na kahin chot karti hogi ladki ke jaibu sasural aati hai usko yahi cheezen jhelani padti hai shanson ke tane sasur khetani nand ke tane toh vaah bachpan se inhin chijon ki hui hai toh dil se badi majboot ho jaati hai vaah bhavnatmak roop se majboot ho jaati hai kyonki aurat ko kya hai zyada kar itna kaam karti hai kya sabke liye marti thi hai usko kya hai kahani amrit bhedbhav bhavnatmak roop se majboot ho jaati hai male bithana padta hai uske saath me talmel sahi karne pati ke saath bhi karne hain aur vaah apni jo ghar me jo din bhar ka ghata hai vaah agar apne pati ko batane ki koshish karti hai uska pati kehte hain are meri maa hai aisa kar hi nahi sakti hai aur tu main aaya hoon subah ke saara din khatam rakhen aur tum apne hi rona lekar baithegi usko sasur ke saath bhi sambandh apne pati ke saath bhi acche acche me talmel bitane ke liye mujhe samjhauta karne ki ki buddhiman se ab dil se bahut majboot ho jaati hai in chijon ke saath rehne ki adi ho chuki hai vaah badi se badi musibat kabhi shaam na ho acche se kar leti hai isliye vaah bhavnatmak roop me ek vyakti ki ek aadmi ke apeksha vaah bahut majboot kaha busy hai na ki hartataik adamiyo ko zyada aate hain auraton ki tulna ki aurat bahut majboot hoti hai aurat saap ke saath sasur ke saath devar jeth jethani anand pati apne bacche ke saath samanjasya bitha ladki marti roti gaatee hasti saare dukh sah jaati hai kitna purush ke balbute purush sharirik roop se majboot hai lekin dimagi roop se ek aurat zyada majboot hoti hai aadmi ke muqable

हां महिलाएं भावना के रूप में पुरुष की तुलना में अधिक मजबूत होती है क्योंकि उन्होंने अपने ब

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  118
WhatsApp_icon
user

Ramandeep Singh

Waheguru industry

1:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इसके ऊपर में एक लाइन सुनाता हूं एक शब्द सुनाता हूं गुरु नानक देव जी ने कहा है कि रन्ना हुई या बुधिया ते पुरुष हुए सैयाद यानी कि आजकल जो औरतें हैं इतनी चंचल मन की हो गई हैं इतनी चंचल मन की हो गई हैं कि उनको सही और गलत भावनाओं का पता ही नहीं है फिर भावना बताएं और पुरुष हुए सैयाद पुरुष शिकारी हो गया है वह हमेशा ही स्थान में रहता है कि किस तरह स्वीकार करो तो ऐसी भावना का कोई मोल नहीं है ऐसी भावना का कोई फायदा नहीं है जो हर जगह पर अपनी भावना उत्पन्न करना शुरु हो जाए इसको सही गलत का मायने पता नहीं है तो ऐसी महिला जो है अगर भावनात्मक है उसके अंदर शक्ति है तो कोई फायदा नहीं है अगर कोई इंसान भावना रखता है चाहे वह पुरुष हो या औरत हो तो तुल्ला के जगह पर मैं यह जरूर कहूंगा कि सही जगह पर सही जगह पर विश्वास रखना ही अच्छी बात है हर जगह पर विश्वास कर लेना तो फिर खुद को जो है शिकारी के जाल में पकड़ वाले ना एक ही बात होगी धन्यवाद

dekhiye iske upar me ek line sunata hoon ek shabd sunata hoon guru nanak dev ji ne kaha hai ki ranna hui ya budhia te purush hue saiyad yani ki aajkal jo auraten hain itni chanchal man ki ho gayi hain itni chanchal man ki ho gayi hain ki unko sahi aur galat bhavnao ka pata hi nahi hai phir bhavna bataye aur purush hue saiyad purush shikaaree ho gaya hai vaah hamesha hi sthan me rehta hai ki kis tarah sweekar karo toh aisi bhavna ka koi mole nahi hai aisi bhavna ka koi fayda nahi hai jo har jagah par apni bhavna utpann karna shuru ho jaaye isko sahi galat ka maayne pata nahi hai toh aisi mahila jo hai agar bhavnatmak hai uske andar shakti hai toh koi fayda nahi hai agar koi insaan bhavna rakhta hai chahen vaah purush ho ya aurat ho toh tulla ke jagah par main yah zaroor kahunga ki sahi jagah par sahi jagah par vishwas rakhna hi achi baat hai har jagah par vishwas kar lena toh phir khud ko jo hai shikaaree ke jaal me pakad waale na ek hi baat hogi dhanyavad

देखिए इसके ऊपर में एक लाइन सुनाता हूं एक शब्द सुनाता हूं गुरु नानक देव जी ने कहा है कि रन्

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  260
WhatsApp_icon
user

सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

2:26
Play

Likes  18  Dislikes    views  176
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय फ्रेंड गुड इवनिंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर आपने जो बात कही है बिल्कुल ही सही होती है क्योंकि मैं महिलाएं भावनात्मक रूप से काफी मजबूत होते हैं पुरुषों की तुलना में जैसे अपने आप घर में देख सकते हो कि जैसे कि आपकी मम्मी सारा दिन काम करती रहती है फिर भी देखिए बहुत अंदर से मजबूती के साथ खड़े होती है लेकिन एक पुरुष जैसे समाज इन चीजों को नहीं समझ पाता है लेकिन कुछ लोगों में पुरुषों में भी ऐसा देखा जाता है कि भावनात्मक उनकी काफी अष्टम होती है थैंक यू

hi friend good evening aapke dwara kaafi badhiya question kiya gaya par aapne jo baat kahi hai bilkul hi sahi hoti hai kyonki main mahilaye bhavnatmak roop se kaafi majboot hote hain purushon ki tulna me jaise apne aap ghar me dekh sakte ho ki jaise ki aapki mummy saara din kaam karti rehti hai phir bhi dekhiye bahut andar se majbuti ke saath khade hoti hai lekin ek purush jaise samaj in chijon ko nahi samajh pata hai lekin kuch logo me purushon me bhi aisa dekha jata hai ki bhavnatmak unki kaafi ashtam hoti hai thank you

हाय फ्रेंड गुड इवनिंग आपके द्वारा काफी बढ़िया क्वेश्चन किया गया पर आपने जो बात कही है बिल्

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  306
WhatsApp_icon
user

Dr. 9529010780

Sexologist Specialist

0:42
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आपको लगता है कि महिला भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है जी पक्का मतलब महिला अक्षर भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होती है जैसे महिलाओं में शक्ति ओप्पो डालो दिलों का

kya aapko lagta hai ki mahila bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hai ji pakka matlab mahila akshar bhavnatmak roop se purushon ki tulna mein adhik majboot hoti hai jaise mahilaon mein shakti oppo dalo dilon ka

क्या आपको लगता है कि महिला भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत है जी पक्का मत

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  126
WhatsApp_icon
user

vedprakash singh

Psychologist

1:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पूछा की तुलना में अधिक मजबूत है जी महिलाएं भावना तुमसे पुरुष की तुलना में अधिक मजबूत है क्योंकि वह भावनाओं में ज्यादातर रहती है इसलिए आप देखते होंगे कि वह पुरुष बहुत कम ही प्यार करते हैं लेकिन महिलाएं सोमवार मंगलवार बुधवार कोई सा भी ऐसा दिन ना हो जो व्रत ना करें कोई ऐसा पार्टी हार ना हो जो कि ना खड़े हो जाते हिंदू महिला जाकर करते हैं मुस्लिम महिलाएं भी करते हैं मतलब कोई सा भी मिला नहीं करते दूसरे धर्मों में भी महिलाएं करती है तो महिला किन चीजों पर ज्यादा ध्यान देती है बहुत लोग महिलाएं तो पुरुषों के लिए करती है या तो तू पुरुषों के लिए ही करती है लेकिन कुछ अपने लिए भी करते हैं गाली के बाद भी उसे जब एक दूसरे में लड़ाई बहुत अलग हूं फिर भी उनके लिए मत मारो करती है महिलाएं किसी महिला को आप माता बोल के देखो फिर आप ऐसा लगेगा जैसे आपके लिए जीवन अच्छा वर्कर दिया किसी को बहन बोलकर देखें इस तरीके की बात होती ना तुम तो भावनात्मक रूप में देखने पर 100 की तुलना में उससे अधिक मजबूत होती है

aapka sawaal hai kya aapko lagta hai ki mahilaye bhavnatmak roop se poocha ki tulna mein adhik majboot hai ji mahilaye bhavna tumse purush ki tulna mein adhik majboot hai kyonki vaah bhavnao mein jyadatar rehti hai isliye aap dekhte honge ki vaah purush bahut kam hi pyar karte hain lekin mahilaye somwar mangalwaar budhavar koi sa bhi aisa din na ho jo vrat na kare koi aisa party haar na ho jo ki na khade ho jaate hindu mahila jaakar karte hain muslim mahilaye bhi karte hain matlab koi sa bhi mila nahi karte dusre dharmon mein bhi mahilaye karti hai toh mahila kin chijon par zyada dhyan deti hai bahut log mahilaye toh purushon ke liye karti hai ya toh tu purushon ke liye hi karti hai lekin kuch apne liye bhi karte hain gaali ke baad bhi use jab ek dusre mein ladai bahut alag hoon phir bhi unke liye mat maaro karti hai mahilaye kisi mahila ko aap mata bol ke dekho phir aap aisa lagega jaise aapke liye jeevan accha worker diya kisi ko behen bolkar dekhen is tarike ki baat hoti na tum toh bhavnatmak roop mein dekhne par 100 ki tulna mein usse adhik majboot hoti hai

आपका सवाल है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पूछा की तुलना में अधिक मजबूत है

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  145
WhatsApp_icon
user

Aditya kumar

Love Guru 9304976130

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महिलाओं की दिमाग की मानसिक स्थिति इतना स्ट्रांग होता है क्या शायद अंदाजा नहीं लगा सकते मगर पुलिस के मुकाबले महिलाओं की जो इतना स्ट्रांग होती है सबसे ज्यादा पुरुषों से बेहतर सोचने की शक्ति इनकी पुरुष से ज्यादा होती है दिमागी क्षमता ज्यादा होती है इनकी और भावनात्मक रूप से जो पुरुष की तुलना में मजबूती आप कह रहे थे इनकी ज्यादा होती है

mahilaon ki dimag ki mansik sthiti itna strong hota hai kya shayad andaja nahi laga sakte magar police ke muqable mahilaon ki jo itna strong hoti hai sabse zyada purushon se behtar sochne ki shakti inki purush se zyada hoti hai dimagi kshamta zyada hoti hai inki aur bhavnatmak roop se jo purush ki tulna me majbuti aap keh rahe the inki zyada hoti hai

महिलाओं की दिमाग की मानसिक स्थिति इतना स्ट्रांग होता है क्या शायद अंदाजा नहीं लगा सकते मगर

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  133
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा भावना तक मजबूत होती है क्योंकि क्योंकि पुरुष तुरंत छोटी-छोटी परेशानियों में परेशान हो जाते हैं रोने लग जाते हैं मगर महिलाएं बहुत हिम्मत से काम लेती है और हर मोमिन को संभालती है पुरुष से वैसा नहीं हो पाता है इसलिए महिलाएं ज्यादा भावनात्मक रूप से मजबूत होती है पुरुषों के मुकाबले

haan mahilaye purushon ke muqable zyada bhavna tak majboot hoti hai kyonki kyonki purush turant choti choti pareshaniyo me pareshan ho jaate hain rone lag jaate hain magar mahilaye bahut himmat se kaam leti hai aur har momin ko sambhaalati hai purush se waisa nahi ho pata hai isliye mahilaye zyada bhavnatmak roop se majboot hoti hai purushon ke muqable

हां महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा भावना तक मजबूत होती है क्योंकि क्योंकि पुरुष तुरंत छ

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  127
WhatsApp_icon
user
1:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होती हैं तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि जो पुरुष या फिर महिलाएं दोनों की जो बेसिक नीड्स है जो हमारे फिजिकल बॉडी हमारी वह दोनों सेमिस्ट्रक्चर्ड करेगा यानी कि एक सामान बनाए गए बस एक संतान उत्पत्ति के फीचर को छोड़कर बाकी सभी फीचर जो पुरुष में है वह ज्योति में वहीं पुरुष में हैं लेकिन क्या होता है ना बिना पुरुष आप क्या सोचते हैं कि हमें मतलब ज्यादा अपनी फीलिंग्स एक्सप्रेस नहीं करनी है और महिलाएं उसे वह कहीं ज्यादा अपने फ्री फेस पैक कर पाती है जैसे अगर उन्हें रोना आता तो वह रो लेती हंसना आता तो हंस देती है लेकिन जो पुरुषों को उन चीजों को अपने मोशंस तो क्या करते कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं तो इस जब भी हम किसी भी बोल किसी भी ग्रुप वाले पोर्शन को गर्म दबा देते हैं तू भी होता जाते हैं जैसे अगर अंबांक रूप से चीजों का मन में रखने लग जाए कहीं बस ना करें बोले नहीं तो वह हम क्या हो जाएंगे ना साइलेंट हो जाएंगे हम किसी से बोलने से पहले हिचके चाहेंगे डालेंगे तो वही सारी चीजें होती हैं मैं ऐसा बिल्कुल नहीं कहूंगी कि सभी महिलाएं भावात्मक रूप से स्ट्रांग होते हैं यह सभी पुरुष भावनात्मक रूप से स्ट्रांग नहीं होते हैं ऐसा नहीं है वह बैरी करता है हर पर्सन टो पर्सन ठीक है लेकिन हां यह आप जब देखोगे ना पर संदेश में देखोगे तो हो सकता है कि महिलाएं ज्यादा बेहतर रूप से स्ट्रांग ओ क्योंकि वह अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस कर पाती है पुरुष के मुकाबले

aapka sawaal hai kya aapko lagta hai ki mahilaye bhavnatmak roop se purushon ki tulna me adhik majboot hoti hain toh main aapko batana chahungi ki jo purush ya phir mahilaye dono ki jo basic needs hai jo hamare physical body hamari vaah dono semistrakchard karega yani ki ek saamaan banaye gaye bus ek santan utpatti ke feature ko chhodkar baki sabhi feature jo purush me hai vaah jyoti me wahi purush me hain lekin kya hota hai na bina purush aap kya sochte hain ki hamein matlab zyada apni feelings express nahi karni hai aur mahilaye use vaah kahin zyada apne free face pack kar pati hai jaise agar unhe rona aata toh vaah ro leti hansana aata toh hans deti hai lekin jo purushon ko un chijon ko apne moshans toh kya karte control karne ki koshish karte hain toh is jab bhi hum kisi bhi bol kisi bhi group waale portion ko garam daba dete hain tu bhi hota jaate hain jaise agar ambank roop se chijon ka man me rakhne lag jaaye kahin bus na kare bole nahi toh vaah hum kya ho jaenge na silent ho jaenge hum kisi se bolne se pehle hichke chahenge daalenge toh wahi saari cheezen hoti hain main aisa bilkul nahi kahungi ki sabhi mahilaye bhavatmak roop se strong hote hain yah sabhi purush bhavnatmak roop se strong nahi hote hain aisa nahi hai vaah bairi karta hai har person toe person theek hai lekin haan yah aap jab dekhoge na par sandesh me dekhoge toh ho sakta hai ki mahilaye zyada behtar roop se strong O kyonki vaah apni feelings ko express kar pati hai purush ke muqable

आपका सवाल है क्या आपको लगता है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  62
WhatsApp_icon
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!