जम्मू कश्मीर ने सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्या यह सही है?...


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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जम्मू कश्मीर में जो सरकारी कर्मचारी के और सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने पे प्रतिबंध लगाया गया है यह बिल्कुल गलत है क्योंकि अभी हम किस दुनिया में रहते हैं, राईट टू स्पीक, राइट एक्सप्रेस वो राइट आप किसी भी इंटरव्यू से नहीं ले सकतेl सबको अधिकार है अपनी जो पॉइंट ऑफ़ व्यू है वो सबके सामने रखने का, खुद के आचार विचार व्यक्त करने का, तो यह वो गलत है और ऊपर से जम्मू कश्मीर में बहुत ज्यादा इंटरनेट की सुविधा नहीं है, सुविधा है ही नहीं कह सकते बिल्कुल कुछ भी नहीं है वहां पे, तो जो लोग वहां पर रहते हैं विदाउट इंटरनेट आज की दुनिया में जो उनके रिश्तेदार वगैरा या फिर दोस्त वगेरा जो वहां पर नहीं रहते उनको उनसे कनेक्ट करने में कितनी ज्यादा मुश्किले होती होंगी, ऊपर से जो लोग जो टूरिस्ट वगैरह जम्मू कश्मीर जाते होंगे घूमने, बिना इन्टरनेट के हम कहीं ओए भी सर्च भी नहीं कर सकते क्या हो रा है क्या नहीं हो रा है तो वो कहीं बार टूरिज्म को भी बहुत ज्यादा इफ़ेक्ट होता है और प्लस जो वहां के लोग, उन्हें भी शायद पता नहीं चल रा है कि दुनिया में कहाँ क्या हो रहा है, शायद अखबार या फिर अगर रेडियो वहां चल रहा हो, वही एक सुविधा उनको होगी या फिर टीवी होगी जो उनसे उनको कुछ अपडेट मिलते होंगे अदरवाइज वहां पे कोई कनेक्शन ही नहीं हो रा है की उनको कोई अपडेट मिले, कहीं पे भी कुछ हो रहा है, अदरवाइज फेसबुक, वात्सप्प यह सब तो ऑलमोस्ट ब्लाक ही है लोगो को वहां पे यूज़ ही नहीं करने दिया जाता तो कहीं ना कहीं यह गलत है, यह सही नहीं हैl

jammu kashmir mein jo sarkari karmchari ke aur social media par raajnitik vicharon ko vyakt karne pe pratibandh lagaya gaya hai yah bilkul galat hai kyonki abhi hum kis duniya mein rehte hai right to speak right express vo right aap kisi bhi interview se nahi le sakte sabko adhikaar hai apni jo point of view hai vo sabke saamne rakhne ka khud ke aachar vichar vyakt karne ka toh yah vo galat hai aur upar se jammu kashmir mein bahut zyada internet ki suvidha nahi hai suvidha hai hi nahi keh sakte bilkul kuch bhi nahi hai wahan pe toh jo log wahan par rehte hai without internet aaj ki duniya mein jo unke rishtedar vagera ya phir dost vagera jo wahan par nahi rehte unko unse connect karne mein kitni zyada mushkile hoti hongi upar se jo log jo tourist vagera jammu kashmir jaate honge ghoomne bina internet ke hum kahin oa bhi search bhi nahi kar sakte kya ho ra hai kya nahi ho ra hai toh vo kahin baar tourism ko bhi bahut zyada effect hota hai aur plus jo wahan ke log unhe bhi shayad pata nahi chal ra hai ki duniya mein kahan kya ho raha hai shayad akhbaar ya phir agar radio wahan chal raha ho wahi ek suvidha unko hogi ya phir TV hogi jo unse unko kuch update milte honge otherwise wahan pe koi connection hi nahi ho ra hai ki unko koi update mile kahin pe bhi kuch ho raha hai otherwise facebook vatsapp yah sab toh alamost block hi hai logo ko wahan pe use hi nahi karne diya jata toh kahin na kahin yah galat hai yah sahi nahi hai

जम्मू कश्मीर में जो सरकारी कर्मचारी के और सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने प

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जिस तरह से जम्मू कश्मीर सरकार ने किसी भी गवर्नमेंट एंप्लोई को सोशल मीडिया पर अपने राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है मुझे लगता है यह बहुत ही सराहनीय कदम है इसके पीछे जो वजह है वह मैं आपको बताना चाहूंगा हाल ही में कुछ न कुछ दिनों पहले की बात है जब वहां के IPS अधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने एक बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान दिया था जिसमें उन्होंने मिलिटेंट को सपोर्ट किया था वह बोला था कि कश्मीर घाटी के अंदर जितने भी मिलिटेंट्स को मार रहे हैं मारे जा रहे हैं वह हमारी जो गवर्मेंट है और जो वहां की जो मिलिट्री है उसका ही कलेक्टर पी ली है तो इस तरह की बात उन्होंने कही थी जिसकी वजह से वहां की जो कि जम्मू-कश्मीर सरकार है उसने भी उनके खिलाफ एक्शन लेने का मन बनाया है और हाल ही के दिन में आप देखेंगे उन को सस्पेंड भी किया जाएगा क्योंकि / गैर जिम्मेदाराना जो किसी भी ऑफिसर से किसी भी ऑफिस से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती तो इस वजह से जम्मू कश्मीर सरकार ने यह डिसाइड किया कि जो भी सुन गवर्मेंट लाई होंगे वह किसी भी तरह का राजनीतिक विचार किसी भी सोशल मीडिया में की साइट पर नहीं पहुंच करेंगे या नहीं व्यक्त करेंगे

dekhiye jis tarah se jammu kashmir sarkar ne kisi bhi government employee ko social media par apne raajnitik vicharon ko vyakt karne ke liye pratibandh laga diya gaya hai mujhe lagta hai yah bahut hi sarahniya kadam hai iske peeche jo wajah hai vaah main aapko bataana chahunga haal hi mein kuch na kuch dino pehle ki baat hai jab wahan ke IPS adhikari shailendra kumar mishra ne ek bahut hi gair jimmedarana bayan diya tha jisme unhone militant ko support kiya tha vaah bola tha ki kashmir ghati ke andar jitne bhi militants ko maar rahe hain maare ja rahe hain vaah hamari jo government hai aur jo wahan ki jo miltary hai uska hi collector p li hai toh is tarah ki baat unhone kahi thi jiski wajah se wahan ki jo ki jammu kashmir sarkar hai usne bhi unke khilaf action lene ka man banaya hai aur haal hi ke din mein aap dekhenge un ko Suspend bhi kiya jaega kyonki gair jimmedarana jo kisi bhi officer se kisi bhi office se is tarah ke bayan ki ummid nahi ki ja sakti toh is wajah se jammu kashmir sarkar ne yah decide kiya ki jo bhi sun government lai honge vaah kisi bhi tarah ka raajnitik vichar kisi bhi social media mein ki site par nahi pohch karenge ya nahi vyakt karenge

देखिए जिस तरह से जम्मू कश्मीर सरकार ने किसी भी गवर्नमेंट एंप्लोई को सोशल मीडिया पर अपने रा

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नहीं मेरे हिसाब से तो देखें यह बिल्कुल गलत है क्योंकि फ्रीडम ऑफ स्पीच के खिलाफ है लेकिन अब जो पीडीपी बीजेपी के कॉलेज सिंह की सरकार है जो जम्मू कश्मीर में उन्होंने ही 16 पर जो डॉक्यूमेंट जारी किया है सोशल मीडिया यूजर्स पॉलिसी के नाम से जिसके अंदर स्पष्ट शब्द शब्दों में लिखा गया है कि जो गवर्नमेंट एंप्लॉय हैं वह ना तो कोई पोस्ट डालेगा ना कोई शेयर करेगा या प्रमोद करेगा ऐसा स्टेटस क्या ऐसा पोस्ट जो सरकार के खिलाफ हो या जो लोग और आर्डर को पर काट सके या एंटी सोशल एंड इमोशनल हो गया निकल हो और आप मानेंगे नहीं सिर्फ इतना ही नहीं लिखा गया है कि ऐसा कोई बंदा जो एक कान्वेंट एंप्लॉयमेंट पेंडेंट हो वह भी ऐसा कोई पोस्ट डालेगा या शेयर नहीं करेगा तुम बिल्कुल गलत बात है क्योंकि हर किसी को अब अपनी बात रखने का कहने का पूरा हक है हमारे देश में और अगर ऐसे फालतू के अगर रूल्स रेगुलेशन सूर्य बनाए जाएंगे तो लोग खुलकर अपनी बात कही नहीं पाएंगे क्योंकि बहुत गलत होगा तो ऐसा नहीं होना चाहिए

ji nahi mere hisab se toh dekhen yah bilkul galat hai kyonki freedom of speech ke khilaf hai lekin ab jo pdp bjp ke college Singh ki sarkar hai jo jammu kashmir mein unhone hi 16 par jo document jaari kiya hai social media users policy ke naam se jiske andar spasht shabd shabdon mein likha gaya hai ki jo government employee hain vaah na toh koi post dalega na koi share karega ya pramod karega aisa status kya aisa post jo sarkar ke khilaf ho ya jo log aur order ko par kaat sake ya anti social and emotional ho gaya nikal ho aur aap manenge nahi sirf itna hi nahi likha gaya hai ki aisa koi banda jo ek convent employment pendent ho vaah bhi aisa koi post dalega ya share nahi karega tum bilkul galat baat hai kyonki har kisi ko ab apni baat rakhne ka kehne ka pura haq hai hamare desh mein aur agar aise faltu ke agar rules regulation surya banaye jaenge toh log khulkar apni baat kahi nahi payenge kyonki bahut galat hoga toh aisa nahi hona chahiye

जी नहीं मेरे हिसाब से तो देखें यह बिल्कुल गलत है क्योंकि फ्रीडम ऑफ स्पीच के खिलाफ है लेकिन

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अग्रणी पूरा मामला देखा जाए तो जम्मू कश्मीर सरकार ने डब्रू लगाया है जितने भी जम्मू और कश्मीर के सरकारी अवसर है या सरकारी कर्मचारी है वरुण यह है कि कोई भी गवर्नमेंट एंप्लॉय कोई भी तरीके की तरह मनाया मोरिया ऑफिस ग्रेसफुल कंडक्ट नहीं करेंगे सोशल मीडिया पर झुकी सरकार के लिए भारत सरकार के लिए जम्मू सरकार के लिए हानिकारक है उन्हें यह भी कहा गया है कि कोई भी सरकारी व्यक्ति किसी भी तरीके के सोशल मीडिया मैसेज ऐसे ऑफ सोशल मीडिया पोस्ट नहीं डाल सकता है जिससे लोग भावुक हो जाए या जिससे लोगों के मन में देशभक्ति की भावना ना आए परंतु देश के खिलाफ होने की भावना आए तो मेरे हिसाब से यह सही है कुछ आता क्योंकि हम जैसे हमने देखा है सालों से कि कश्मीर में कैसे भारत को अलग होने की मांग की है कसम हमेशा भारत से अलग होने की मांग की है और अंधविश्वास वाली रेखा किस तरीके से पत्थरबाजी सोशल मीडिया की वजह से बढ़ गई थी जिस प्रकार से लोग WhatsApp से मैसेज भेज रहे थे लोग दूसरे लोग को कर रहे थे तो मेरे हिसाब से यह कानून है जैसे तू प्रोमो किंग कम हो जाएगा हमने देखा कि जैसे कश्मीर के कई सारी हुआ है जो है उन्होंने अपना पढ़ाई छोड़ कर आतंकवादी गतिविधियों में लगकर मेरे हिसाब से जम्मू कश्मीर सरकार को इस प्रॉब्लम से बचने के लिए किस प्रकार से लोग कश्मीर के लोग आतंकवाद में ना जाए इसलिए उन्होंने यह कानून लाया है

agranee pura maamla dekha jaaye toh jammu kashmir sarkar ne dabru lagaya hai jitne bhi jammu aur kashmir ke sarkari avsar hai ya sarkari karmchari hai varun yah hai ki koi bhi government employee koi bhi tarike ki tarah manaya moriya office graceful conduct nahi karenge social media par jhuki sarkar ke liye bharat sarkar ke liye jammu sarkar ke liye haanikarak hai unhe yah bhi kaha gaya hai ki koi bhi sarkari vyakti kisi bhi tarike ke social media massage aise of social media post nahi daal sakta hai jisse log bhavuk ho jaaye ya jisse logo ke man mein deshbhakti ki bhavna na aaye parantu desh ke khilaf hone ki bhavna aaye toh mere hisab se yah sahi hai kuch aata kyonki hum jaise humne dekha hai salon se ki kashmir mein kaise bharat ko alag hone ki maang ki hai kasam hamesha bharat se alag hone ki maang ki hai aur andhavishvas wali rekha kis tarike se patharbaji social media ki wajah se badh gayi thi jis prakar se log WhatsApp se massage bhej rahe the log dusre log ko kar rahe the toh mere hisab se yah kanoon hai jaise tu promo king kam ho jaega humne dekha ki jaise kashmir ke kai saree hua hai jo hai unhone apna padhai chod kar aatankwadi gatividhiyon mein lagkar mere hisab se jammu kashmir sarkar ko is problem se bachne ke liye kis prakar se log kashmir ke log aatankwad mein na jaaye isliye unhone yah kanoon laya hai

अग्रणी पूरा मामला देखा जाए तो जम्मू कश्मीर सरकार ने डब्रू लगाया है जितने भी जम्मू और कश्मी

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Janak

An Enthusiastic Entrepreneur.

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

और जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने पर प्रतिबंध लगा दिया है अगर इस क्वेश्चन का आंसर देना हो तो एक दोनों साइड से हो सकता है क्वेश्चन का आंसर एक हो सकता है उनकी उनका राइट होना चाहिए राइट टू इनफार्मेशन हो या राइट राइट राइट होना चाहिए ताकि वह एक नॉलेज देख सकते एक नॉलेज स्पीड कर सकते राइट टू कम्युनिकेशन है उनके पास तो अगर वह सोशल मीडिया पर सोशल मीडिया अगर उनको हर कामना करता हो ग्रुप में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया हो तो वह सिर्फ कर्मचारी ही नहीं जो आम जनता है वह भी यूज़ नहीं कर पाएगी सोशल मीडिया अपने जो संबंधी है उसे कम्युनिकेशन नहीं कर पाएगी कि आजकल जो जमाना है उसका फिर डिजिटलाइजेशन का है और सबको Facebook और WhatsApp पर ही सब लोग एक दूसरे से कांटेक्ट करते हैं बट अभिव्यक्त करने की प्रतिबंधित जो लगाई दी है वह शायद ऐसा हो सकता है कि सिक्योरिटी पहुंचूं वह नहीं चाहते हैं कि कोई भी झांककर अगर किसी भी कर्मचारी का सपूत सोशल मीडिया कर एक एग्जांपल है कि कोई भी है कल सोशल एक सोशल मीडिया पर करें और गलती से भी उनके कोई इंटरनल डिसीजन इंटरनल रूल्स अगर किसी भी हमारे दुश्मन में से किसी भी को भी पता चल जाए तो शायद हमारे लिए काफी मुश्किल होगा हमारे लिए मुश्किलें बढ़ जाएगी तो डिपेंड करता हे उसे इस क्वेश्चन को किस तरह से लिया जाए अगर सिक्योरिटी बढ़ानी है सिक्योरिटी प्रोपोज़ हो तो फिर शायद इस करना सही है शुभ विचार व्यक्त करना पेपर पर प्रतिबंध है इसे यूज करने पर नहीं लोग सोशल मीडिया यूज़ कर सकते हैं बट उनकी जो रोक लगी है वह विचार व्यक्त करने पर लगी है तो नीचे के लिए सीकर डिपो बस पर ही होगा एक सिक्योरिटी इमरजेंसी होगी इसके

aur jammu kashmir mein sarkari karmachariyon ko social media par raajnitik vicharon ko vyakt karne par pratibandh laga diya hai agar is question ka answer dena ho toh ek dono side se ho sakta hai question ka answer ek ho sakta hai unki unka right hona chahiye right to information ho ya right right right hona chahiye taki vaah ek knowledge dekh sakte ek knowledge speed kar sakte right to communication hai unke paas toh agar vaah social media par social media agar unko har kamna karta ho group mein social media par pratibandh laga diya ho toh vaah sirf karmchari hi nahi jo aam janta hai vaah bhi use nahi kar payegi social media apne jo sambandhi hai use communication nahi kar payegi ki aajkal jo jamana hai uska phir dijitlaijeshan ka hai aur sabko Facebook aur WhatsApp par hi sab log ek dusre se Contact karte hain but abhivyakt karne ki pratibandhit jo lagayi di hai vaah shayad aisa ho sakta hai ki Security pahunchun vaah nahi chahte hain ki koi bhi jhankakar agar kisi bhi karmchari ka sapoot social media kar ek example hai ki koi bhi hai kal social ek social media par kare aur galti se bhi unke koi internal decision internal rules agar kisi bhi hamare dushman mein se kisi bhi ko bhi pata chal jaaye toh shayad hamare liye kaafi mushkil hoga hamare liye mushkilen badh jayegi toh depend karta hai use is question ko kis tarah se liya jaaye agar Security badhani hai Security propose ho toh phir shayad is karna sahi hai shubha vichar vyakt karna paper par pratibandh hai ise use karne par nahi log social media use kar sakte hain but unki jo rok lagi hai vaah vichar vyakt karne par lagi hai toh niche ke liye sikar depot bus par hi hoga ek Security emergency hogi iske

और जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने प

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.

Hhhgnbhh

1:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से यह बिल्कुल भी सही नहीं करा गया है, जो जम्मू कश्मीर है वहां पर बार-बार डिजिटल कर्फ्यू लग जाता है मतलब जितनी भी सोशल मीडिया वेबसाइट होते है जैसे फेसबुक, वात्सप्प वगेरा यह सब नहीं चला पाते लोगl इससे लोगों को भी बहुत दिक्कत आती है ना वो दूसरे अपने जो करीबी लोग होते उन्हें कांटेक्ट कर पाते हैंl नेट कर्फ्यू लग जाता है, नेट नहीं वहां पे, नेट कट जाता हैl पिछले कुछ सालों में कम से कम ३० बार ऐसा हो चुका है, तो यह एक बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि स्टार्टअप को भी काफी फर्क पड़ता है, बिजनेस इफ़ेक्ट होता है, वहां के टूरिस्ट होते हैं उन्हें इफ़ेक्ट होता है तो और जहां तक कि हम भारत की बात करें तो जब हम बोलते हैं ,राइट टू इनफार्मेशन, राइट टू स्पीक, तो फिर हम लोग कैसे किसी के विचारों को व्यक्त करने की भी राइट ले सकते हैंl अगर हम आज इंडिया में रह रहे हैं, भारत में रह रहे हैं, एक इंडिपेंडेंट कंट्री में रह रहे हैं तो इंडिपेंडेंट कंट्री में आप किसी को उनके भाव व्यक्त करने से आप नहीं रोक सकते हैंl तो मेरे हिसाब से जो सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वह बिल्कुल गलत है अगर वह ऐसा कुछ दिख रहे हैं तो नहीं लिखना चाहिए तो आप उनकी सोच बदलने की कोशिश करिए, ना कि आप को उनके विचारों पर ही रोक डाल देनी है क्योंकि अगर हमें हमारे बारे में कोई गलत विचार बताएगा नहीं तो फिर हम इंप्रूव कैसे करेंगे, तो मेरे हिसाब से तो नहीं ऐसे नहीं सोशल मीडिया पर बिल्कुल बेन नहीं लगाना चाहिएl

mere hisab se yah bilkul bhi sahi nahi kara gaya hai jo jammu kashmir hai wahan par baar baar digital curfew lag jata hai matlab jitni bhi social media website hote hai jaise facebook vatsapp vagera yah sab nahi chala paate log isse logo ko bhi bahut dikkat aati hai na vo dusre apne jo karibi log hote unhe Contact kar paate hain net curfew lag jata hai net nahi wahan pe net cut jata hai pichle kuch salon mein kam se kam 30 baar aisa ho chuka hai toh yah ek bahut badi samasya hai kyonki startup ko bhi kaafi fark padta hai business effect hota hai wahan ke tourist hote hain unhe effect hota hai toh aur jaha tak ki hum bharat ki baat kare toh jab hum bolte hain right to information right to speak toh phir hum log kaise kisi ke vicharon ko vyakt karne ki bhi right le sakte hain agar hum aaj india mein reh rahe hain bharat mein reh rahe hain ek independent country mein reh rahe hain toh independent country mein aap kisi ko unke bhav vyakt karne se aap nahi rok sakte hain toh mere hisab se jo social media par raajnitik vicharon par pratibandh lagaya gaya hai vaah bilkul galat hai agar vaah aisa kuch dikh rahe hain toh nahi likhna chahiye toh aap unki soch badalne ki koshish kariye na ki aap ko unke vicharon par hi rok daal deni hai kyonki agar hamein hamare bare mein koi galat vichar batayega nahi toh phir hum improve kaise karenge toh mere hisab se toh nahi aise nahi social media par bilkul ban nahi lagana chahiye

मेरे हिसाब से यह बिल्कुल भी सही नहीं करा गया है, जो जम्मू कश्मीर है वहां पर बार-बार डिजिटल

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मुझे ऐसा लगता है कि जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया पर जो राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने पर प्रतिबंध लगाया है वह बिल्कुल भी सही नहीं है कि हर व्यक्ति को अपने विचार रखने की इजाजत होनी चाहिए वैसे भारत एक स्वतंत्र देश है और लोकतंत्र अपनाएं हुए कई साल हो गए हैं हालांकि अगर देखा जाए तो यह सिर्फ व्यक्ति कर्मचारियों के व्यक्ति स्वतंत्र पर दबाव है माना कि जम्मू-कश्मीर ऐसा राज्य है जहां पर किसी भी बात को लेकर दंगे शुरू हो जाता है पर यह कोई उपाय तो रही है हां यह जरुर है कि किसी उकसाने वाला विचार और भड़काऊ पोस्ट पर ज़रूर प्रतिबंध लगाना चाहिए और उस पर एक्शन लेनी चाहिए जाने क्यों उस व्यक्ति को सजा भी नहीं मिल रही है पर ऐसा भी तो हो सकता है कि किसी राजनीतिक विचार और सरकार के बारे में कोई व्यक्ति अपना सुझाव भी दे सकता है या नहीं सुझाव की पहुंच भी डाल सकता है तुम मुझे यह नहीं लगता कि पूरी तरह से उनके राजनीतिक विचारों को व्यक्त करने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए

dekhiye mujhe aisa lagta hai ki jammu kashmir mein sarkari karmachariyon ke social media par jo raajnitik vicharon ko vyakt karne par pratibandh lagaya hai vaah bilkul bhi sahi nahi hai ki har vyakti ko apne vichar rakhne ki ijajat honi chahiye waise bharat ek swatantra desh hai aur loktantra apanaen hue kai saal ho gaye hain halaki agar dekha jaaye toh yah sirf vyakti karmachariyon ke vyakti swatantra par dabaav hai mana ki jammu kashmir aisa rajya hai jaha par kisi bhi baat ko lekar dange shuru ho jata hai par yah koi upay toh rahi hai haan yah zaroor hai ki kisi ukasane vala vichar aur bhadkau post par zarur pratibandh lagana chahiye aur us par action leni chahiye jaane kyon us vyakti ko saza bhi nahi mil rahi hai par aisa bhi toh ho sakta hai ki kisi raajnitik vichar aur sarkar ke bare mein koi vyakti apna sujhaav bhi de sakta hai ya nahi sujhaav ki pohch bhi daal sakta hai tum mujhe yah nahi lagta ki puri tarah se unke raajnitik vicharon ko vyakt karne par pratibandh lagana chahiye

देखिए मुझे ऐसा लगता है कि जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया पर जो राजनीति

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Anukrati

Journalism Graduate

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Bari khan

Practicing journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लकी हिंदुस्तान जब भी नाम आता है तो उसमें यही बात आती है कि आप को अपनी बात कहने का हक है आपको अपना धर्म जीने का हक है तो इस तरह के मुल्क में जहां पर आपको इस तरह की आजादी दी गई है जो इस तरह की आजादी के लिए जाना जाता है वहां पर अगर आप किसी भी राजनीतिक इंसान कोई भी एक सरकारी कर्मचारी किसी को भी अगर आप अपने विचार व्यक्त करने से रोकते हैं तो मेरे ख्याल से यह बिल्कुल गलत है बिल्कुल गलत है यह एक बार फिर से कहूंगा बिल्कुल हालत है और जम्मू-कश्मीर ही नहीं मेरे ख्याल से जहां भी ऐसा होता है नहीं होना चाहिए आप जम्मू कश्मीर के जो हालात है उसकी वजह से उन्हें बार-बार जो है इंटरनेट को बंद करना पड़ता है क्योंकि वहां पर जॉब फिरकापरस्ती की वारदाते होने लगती है तो मेरे हाल से बहुत सारी चीजें इससे फर्क पड़ जाता है आपके टूरिस्ट जाते हैं वह इंटरनेट इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं जो और छोटी छोटी कंपनियां जो स्टार्ट होने की कोशिश कर रही हैं हर कभी इंटरनेट बंद कर दोगे तो उनका काम रुक जाएगा तो मेरे ख्याल से यह पूरी तरह से नहीं होना चाहिए उसके लिए कोई और दूसरा औरत ने सरकार को सोचना चाहिए

lucky Hindustan jab bhi naam aata hai toh usme yahi baat aati hai ki aap ko apni baat kehne ka haq hai aapko apna dharm jeene ka haq hai toh is tarah ke mulk mein jaha par aapko is tarah ki azadi di gayi hai jo is tarah ki azadi ke liye jana jata hai wahan par agar aap kisi bhi raajnitik insaan koi bhi ek sarkari karmchari kisi ko bhi agar aap apne vichar vyakt karne se rokte hain toh mere khayal se yah bilkul galat hai bilkul galat hai yah ek baar phir se kahunga bilkul halat hai aur jammu kashmir hi nahi mere khayal se jaha bhi aisa hota hai nahi hona chahiye aap jammu kashmir ke jo haalaat hai uski wajah se unhe baar baar jo hai internet ko band karna padta hai kyonki wahan par job firkaparasti ki vardate hone lagti hai toh mere haal se bahut saree cheezen isse fark pad jata hai aapke tourist jaate hain vaah internet istemal nahi kar paate hain jo aur choti choti companiya jo start hone ki koshish kar rahi hain har kabhi internet band kar doge toh unka kaam ruk jaega toh mere khayal se yah puri tarah se nahi hona chahiye uske liye koi aur doosra aurat ne sarkar ko sochna chahiye

लकी हिंदुस्तान जब भी नाम आता है तो उसमें यही बात आती है कि आप को अपनी बात कहने का हक है आप

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