क्या आपको लगता है कि धर्मनिरपेक्ष शब्द को संविधान से हटाया जाना चाहिए,जैसा कि हेगड़े ने कहा है? और क्यों?...


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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

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यह सब राजनीति है और उन्होंने राजनीति करने के लिए यह चीज़ बोल दी, अब आप देखे क्योंकि उन्होंने की चीज बोल दी आज हेकड़े को देश में समझाने लगे हैं, फ्रंट पेज पर उनकी न्यूज़ छपती है तो जो राजनेता है जो पॉलिटिक्स में है वो लोग यह अच्छे से समझते हैं कि अगर अपना नाम करना है तो ऐसा कुछ कॉन्ट्रोवर्सी उछालो जिससे कि उनका नाम हो, तो राजनीति में यह नाम उछलना बहुत जरुरी चीज हो गई है और आज की राजनीति में गंदी राजनीति में जो सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी है बीजेपी वो भी इसमें पीछे नहीं हैl पहले यह काम कुछ छोटी क्षेत्री पार्टियां करा करती थी, जो स्टेट लेवल पे चाहे वो शिवसेना हो या उधर बीएसपी हो या आरजेडी हो तो इस तरह की छोटी पार्टियां ऐसी बहुत सारी बातें करा करती थी, जिससे उन्हें सुर्खियां मिले लेकिन आज दुख की बात यह है कि सबसे बड़ी राष्ट्रीय स्तर की पार्टी भारतीय जनता पार्टी के लोग भी इस तरीके की ओछी राजनीति और ऐसी बातें कर रहे हैं, जिससे उनको न्यूज़ में रहने को मिलता है, टी.र.प मिलते हैं लेकिन अगर वह इस बात का कोई मतलब नहीं है हमारा देश हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रहा है और आगे भी रहेगा और इंडिया की सबसे यूनिक बात हुई है यूनिटी इन डाइवर्सिटी, डिफरेंस हर कंट्री, हर कास्ट, रिलीजन, कम्युनिटी सब जगह होते हैं, क्या आपको लगता है कि अगर हम दिल्ली जन की बात हटा दें, हमारे में कास्ट में प्रॉब्लम नहीं है, क्या एक कास्ट के अंदर सेक्स में प्रॉब्लम नहीं है, क्या विदिन मुस्लिम सुन्नी की प्रॉब्लम नहीं है, क्या कृष्ण में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट की प्रॉब्लम नहीं है, तो यह सब सेक्स सब जगह होते हैं और हिंदू धर्म के अंदर तो बहुत ज्यादा है, तो आई थिंग यह केवल पॉलिटिकल मुद्दा है और हम को ऐसे लोगों को इगनोर मारना चाहिएl

yah sab raajneeti hai aur unhone raajneeti karne ke liye yah cheez bol di ab aap dekhe kyonki unhone ki cheez bol di aaj hekde ko desh mein samjhane lage hain front page par unki news chapati hai toh jo raajneta hai jo politics mein hai vo log yah acche se samajhte hain ki agar apna naam karna hai toh aisa kuch controversy uchalo jisse ki unka naam ho toh raajneeti mein yah naam uchalana bahut zaroori cheez ho gayi hai aur aaj ki raajneeti mein gandi raajneeti mein jo sabse badi political party hai bjp vo bhi isme peeche nahi hai pehle yah kaam kuch choti kshetri partyian kara karti thi jo state level pe chahen vo shivsena ho ya udhar bsp ho ya rjd ho toh is tarah ki choti partyian aisi bahut saree batein kara karti thi jisse unhe surkhian mile lekin aaj dukh ki baat yah hai ki sabse badi rashtriya sthar ki party bharatiya janta party ke log bhi is tarike ki ochhi raajneeti aur aisi batein kar rahe hain jisse unko news mein rehne ko milta hai T r pa milte hain lekin agar vaah is baat ka koi matlab nahi hai hamara desh hamesha se dharmanirapeksh raha hai aur aage bhi rahega aur india ki sabse Unique baat hui hai unity in diversity difference har country har caste religion community sab jagah hote kya aapko lagta hai ki agar hum delhi jan ki baat hata de hamare mein caste mein problem nahi hai kya ek caste ke andar sex mein problem nahi hai kya within muslim sunni ki problem nahi hai kya krishna mein catholic aur Protestant ki problem nahi hai toh yah sab sex sab jagah hote hain aur hindu dharm ke andar toh bahut zyada hai toh I thing yah keval political mudda hai aur hum ko aise logo ko ignore marna chahiye

यह सब राजनीति है और उन्होंने राजनीति करने के लिए यह चीज़ बोल दी, अब आप देखे क्योंकि उन्होंन

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Race academy maneesh

Competitive Exam Expert (Youtube- Race Academy Maneesh)https://www.youtube.com/channel/UCEwGqvTOdzZnbc70zgFiJYQ

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सवाल क्या आपको लगता है कि धर्मनिरपेक्ष शब्द को संविधान से हटाया जाना चाहिए जैसा कि हेडली ने कहा और क्यों कहा है ठीक है तू दिखे तो पूरे ने संविधान में लिखा हुआ है लेकिन इनका पालन यहां से लीडर खुद नहीं करते हैं जैसे कभी-कभी होता है कोई सरकार आती तो मैं किसी एक धर्म को लेकर चलती है दूसरी सरकार आती तो दूसरे धर्म को लेकर चलती है यहां तक मान लिया अभी अभी कोई धर्म की बात की जाए तो तीर्थ यात्रा और कोई सरकार आती है तो तीर्थ यात्रा यात्रियों के लिए पैसा देती देती है और अन्य कोई सरकार आ जाती है तो वह क्या करती हज के लिए सबसे देती है तो यह धर्म पर चला जा रहा कहां से तो फिर सबको अपने अपने आधार पर पैसा देना या तो आप किसी को ना दो मैं तो सबको बराबर दो सुधार में पेश का मतलब है कि इस मामले में कोई भी हेल्प नहीं की जाएगी किसी की होता क्या है नाम का है दामिनी भेज लेकिन यहां भारत जो अपना धन पेश नहीं केवल लिखित में है बाकी सारे काम जो है इसके खिलाफ होते हैं

sawaal kya aapko lagta hai ki dharmanirapeksh shabd ko samvidhan se hataya jana chahiye jaisa ki hadley ne kaha aur kyon kaha hai theek hai tu dikhe toh poore ne samvidhan me likha hua hai lekin inka palan yahan se leader khud nahi karte hain jaise kabhi kabhi hota hai koi sarkar aati toh main kisi ek dharm ko lekar chalti hai dusri sarkar aati toh dusre dharm ko lekar chalti hai yahan tak maan liya abhi abhi koi dharm ki baat ki jaaye toh tirth yatra aur koi sarkar aati hai toh tirth yatra yatriyon ke liye paisa deti deti hai aur anya koi sarkar aa jaati hai toh vaah kya karti haj ke liye sabse deti hai toh yah dharm par chala ja raha kaha se toh phir sabko apne apne aadhar par paisa dena ya toh aap kisi ko na do main toh sabko barabar do sudhaar me pesh ka matlab hai ki is mamle me koi bhi help nahi ki jayegi kisi ki hota kya hai naam ka hai damini bhej lekin yahan bharat jo apna dhan pesh nahi keval likhit me hai baki saare kaam jo hai iske khilaf hote hain

सवाल क्या आपको लगता है कि धर्मनिरपेक्ष शब्द को संविधान से हटाया जाना चाहिए जैसा कि हेडली न

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Sa Sha

Journalist since 1986

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धर्मनिरपेक्ष शब्द संविधान और भारत की आत्मा है इसे कोई कैसे अलग कर सकता है यह सब कहने की बातें हैं दरअसल यह भारतीय राजनीति में नया ट्रेन चल रहा है पिता कुछ भी बयान बाजी कर के लाइव लाइट में आ जाती है विवादित बयान के सहारे अपनी राजनीति को चमकाने में लगे हुए हैं बहुत सारे नेता यह सोच भी कहीं काम करती होगी कि ऐसा बयान देकर पार्टी के दिग्गजों की नजर पर चढ़ गए तो उनकी नैया पार लग जाएगी वैसे भी कर्नाटक में विधानसभा के चुनाव होने हैं और भाजपा जीत के लिए बड़ी बेचैन है अनंत कुमार के इस बयान से उल्टा ही असर हुआ और पार्टी ने उनके बयान से किनारा कर लिया है

dharmanirapeksh shabd samvidhan aur bharat ki aatma hai ise koi kaise alag kar sakta hai yah sab kehne ki batein hain darasal yah bharatiya raajneeti mein naya train chal raha hai pita kuch bhi bayan baazi kar ke live light mein aa jaati hai vivaadit bayan ke sahare apni raajneeti ko chamkane mein lage hue hain bahut saare neta yah soch bhi kahin kaam karti hogi ki aisa bayan dekar party ke diggajon ki nazar par chad gaye toh unki naiya par lag jayegi waise bhi karnataka mein vidhan sabha ke chunav hone hain aur bhajpa jeet ke liye badi bechain hai anant kumar ke is bayan se ulta hi asar hua aur party ne unke bayan se kinara kar liya hai

धर्मनिरपेक्ष शब्द संविधान और भारत की आत्मा है इसे कोई कैसे अलग कर सकता है यह सब कहने की बा

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BJ RAM

Bureaucrats

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धर्मनिरपेक्ष या धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की मूल विशेषता है भारत वर्ष के लिए एक मूल है और वैश्विक ताकि भावना को समाहित किए हुए हैं और जिसे आज तक हम लोग भारत की एकता और अखंडता का परिचायक मानते हैं तो भारत से अगर सेकुलरिज्म को हटा लिया जाए तो भारत का कुछ अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा इसलिए एक शब्द को हटाकर भारत की परिकल्पना नहीं की जा सकती

dharmanirapeksh ya dharmanirapekshata bharatiya samvidhan ki mul visheshata hai bharat varsh ke liye ek mul hai aur vaishvik taki bhavna ko samahit kiye hue hain aur jise aaj tak hum log bharat ki ekta aur akhandata ka parichayak maante hain toh bharat se agar secularism ko hata liya jaaye toh bharat ka kuch astitva hi nahi reh jaega isliye ek shabd ko hatakar bharat ki parikalpana nahi ki ja sakti

धर्मनिरपेक्ष या धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की मूल विशेषता है भारत वर्ष के लिए एक मूल ह

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मुझे नहीं लगता कि धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाना से हटा दिया जाए क्योंकि धन पर नाज का मतलब है कि हमारा भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है लास्ट है जहां पर किसी भी धर्म की रात विरोध नहीं किया जाता तथा सभी धर्म समान शिक्षा और समान नौकरी समान समान संहिता तथा कानून समान रहता है इसलिए धन्य पिक्चर राज्य कहा गया है हमारे भारत को

mujhe nahi lagta ki dharmanirapeksh shabd ko hatana se hata diya jaaye kyonki dhan par naaj ka matlab hai ki hamara bharat ek dharmanirapeksh rajya hai last hai jaha par kisi bhi dharm ki raat virodh nahi kiya jata tatha sabhi dharm saman shiksha aur saman naukri saman saman sanhita tatha kanoon saman rehta hai isliye dhanya picture rajya kaha gaya hai hamare bharat ko

मुझे नहीं लगता कि धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाना से हटा दिया जाए क्योंकि धन पर नाज का मतलब है

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Anukrati

Journalism Graduate

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पहली बात तो यह कि यूनियन मिनिस्टर हेगड़े के कमेंट्स सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है जनता का टेंशन उन पर लाने के लिए हमारे प्रिय MB में धर्मनिरपेक्ष क्या सेक्युलर लिखा होने का मतलब है कि सरकार किसी भी धर्म में दखल नहीं दे सकती है और हर भारतीय नागरिक को अपना धर्म सुनने और प्रैक्टिस करने की आजादी है तो इससे अब दूसरी हटाना तो नहीं चाहिए क्योंकि हम एक बहुत डाइवोर्स कंट्री है जिसके लिए यह भी कहा जाता है कि यह दुनिया का एक ही ऐसा देश है जहां पर हर धर्म के लोग रहते हैं पर अगर हमारे नेता किसी तरह यह सब प्रेम से हटाने में कामयाबी हो जाते हैं तो भी उससे कॉन्स्टिट्यूशन की फंक्शनिंग पर कुछ फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि आर्टिकल 12508 रिलीज फ्रीडम की बात करते हैं जिसमें इन पॉइंट्स के साथ और भी कई पॉइंट शामिल है एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाने के लिए

pehli baat toh yah ki union minister hegde ke comments sirf ek publicity stunt hai janta ka tension un par lane ke liye hamare priya MB mein dharmanirapeksh kya secular likha hone ka matlab hai ki sarkar kisi bhi dharm mein dakhal nahi de sakti hai aur har bharatiya nagarik ko apna dharm sunne aur practice karne ki azadi hai toh isse ab dusri hatana toh nahi chahiye kyonki hum ek bahut divorce country hai jiske liye yah bhi kaha jata hai ki yah duniya ka ek hi aisa desh hai jaha par har dharm ke log rehte hain par agar hamare neta kisi tarah yah sab prem se hatane mein kamyabi ho jaate hain toh bhi usse Constitution ki functioning par kuch fark nahi padega kyonki article 12508 release freedom ki baat karte hain jisme in points ke saath aur bhi kai point shaamil hai ek dharmanirapeksh desh banane ke liye

पहली बात तो यह कि यूनियन मिनिस्टर हेगड़े के कमेंट्स सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है जनता का टे

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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विकी केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने ऐसा इशारा किया है कि संविधान में मौजूद शब्द धर्मनिरपेक्ष को संशोधित किया जाएगा वह जिले में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में बोल रहे थे तो उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता को हटाने के लिए ही वह सत्ता में आए हैं उन्होंने कहा कि हम धर्म धर्म निरपेक्ष है और हम इसे कहेंगे इसे हटाएंगे उन्होंने कहा मैं यह भी जानता हूं कि समय karan सोच संशोधन किया जा सकता चुका है हम भी इसे संशोधित करते रहेंगे इसीलिए हम सत्ता में आए हैं धर्मनिरपेक्ष लोगों ने अपने को अपने खून का पता नहीं होता और जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष और बुद्धिजीवी मानते हैं उनकी अपनी खुद की कोई पहचान नहीं होती और उनकी लड़ी अनजान होती है जो यह है क्रेजी है यह इन विवादित बयानों को लेकर ही मीडिया में न्यू उसने बने रहते हैं मेरी खुद की पर्सनल रही है कि ऐसे शब्द नहीं हटाना चाहिए क्योंकि इंडिया एक सेकुलर कंट्री है यहां पर हार्दिक धर्म को इतनी इंपॉर्टेंस उतनी ही वाली थी चाटने की दूसरे धर्म को तो इसमें में और कितने साल बाद आज के समय में किस सारी प्रॉब्लम सिर्फ धर्म को लेकर ही हो रही है इस समय में इन्होंने धर्मनिरपेक्ष शब्द हटा दिया संविधान से तो हमारे कंट्री में सिविल वॉर शुरू हो जाएगी आप से लड़ाई हो जाएगी और पानी के कंट्रीज या आईएसआईएस जैसे जो आतंकी संगठन ने बक्श इसका फायदा उठाएंगे और हमारी कंट्री फिर खतरे में होगा और किस जरूरत भी नहीं है हमारा देश एक सेकुलर कंट्री है और हमें गर्व है इस बात पर उसे से अकेला ही रहना चाहिए और ऐसे वोट नहीं हटाने चाहिए

vicky kendriya mantri anant kumar hegde ne aisa ishara kiya hai ki samvidhan mein maujud shabd dharmanirapeksh ko sanshodhit kiya jaega vaah jile mein ayojit ek sarvajanik sabha mein bol rahe the toh unhone kaha ki dharmanirapekshata ko hatane ke liye hi vaah satta mein aaye hain unhone kaha ki hum dharm dharam nirpeksh hai aur hum ise kahenge ise hatayenge unhone kaha main yah bhi jaanta hoon ki samay karan soch sanshodhan kiya ja sakta chuka hai hum bhi ise sanshodhit karte rahenge isliye hum satta mein aaye hain dharmanirapeksh logo ne apne ko apne khoon ka pata nahi hota aur jo log khud ko dharmanirapeksh aur buddhijeevi maante hain unki apni khud ki koi pehchaan nahi hoti aur unki ladi anjaan hoti hai jo yah hai crazzy hai yah in vivaadit bayanon ko lekar hi media mein new usne bane rehte hain meri khud ki personal rahi hai ki aise shabd nahi hatana chahiye kyonki india ek secular country hai yahan par hardik dharm ko itni importance utani hi wali thi chatne ki dusre dharm ko toh isme mein aur kitne saal baad aaj ke samay mein kis saree problem sirf dharm ko lekar hi ho rahi hai is samay mein inhone dharmanirapeksh shabd hata diya samvidhan se toh hamare country mein civil war shuru ho jayegi aap se ladai ho jayegi aur paani ke countries ya ISIS jaise jo aatanki sangathan ne baksh iska fayda uthayenge aur hamari country phir khatre mein hoga aur kis zarurat bhi nahi hai hamara desh ek secular country hai aur hamein garv hai is baat par use se akela hi rehna chahiye aur aise vote nahi hatane chahiye

विकी केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने ऐसा इशारा किया है कि संविधान में मौजूद शब्द धर्म

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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देखिए मुझे लगता है जिस तरह से केंद्रीय मंत्री श्री अनंत कुमार जी ने जो बयान दिया था कर्नाटक में सेट करो सब को संविधान से हटाने के लिए मुझे नहीं लगता इस तरह के शब्द को अभी हमारे देश से और हमारे कॉन्स्टिट्यूशन से हटाने की कोई जरूरत है अगर मैं सारी चीजों का एनालाइज करूं जो कंट्री धर्मनिरपेक्ष नहीं है याद जो कंट्री सेकुलर नहीं है उनकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब है वहां किसी एक रिलीजन का हॉट रोमांस है अगर मैं कंट्रीज की बात का तो आप पाकिस्तान की देख लीजिए सीरियल देख लीजिए बहुत सारे ऐसे कंट्री है लेबनान देख लीजिए जो सेट करो नहीं है आज उनकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है लेकिन अगर मैं अपने देश की बात को उनके डेमोक्रेटिक रिपब्लिक सेकुलर कंट्री है तो वहां आप देख सकते हैं किसी भी रिलेशन का ऐसा कोई डोमिनेशन गवर्मेंट पर ना उस क्षेत्र मैंने यहां हमारे देश के अंदर सारे धर्म को समान अधिकार प्राप्त हैं ठीक हैं सारे धर्म के लोग मिल जुल कर रहते तो और सारे धर्मों का विकास गए जली हुई रहा है हमारे देश के अंदर तो मुझे नहीं लगता कि सेकुलर शब्द को हटाना चाहिए क्योंकि अगर सैकड़ों शब्द को हटा देंगे इसका मतलब हो गया कि किसी न किसी एक रैली जिनका डोमिनोस क्षेत्र में है उस देश में हो जाता है अगर किसी एक रैली नेता डोमिनेंट किसी एक देश में हो जाए तो वह देश गुरु नहीं कर पाता है

dekhiye mujhe lagta hai jis tarah se kendriya mantri shri anant kumar ji ne jo bayan diya tha karnataka mein set karo sab ko samvidhan se hatane ke liye mujhe nahi lagta is tarah ke shabd ko abhi hamare desh se aur hamare Constitution se hatane ki koi zarurat hai agar main saree chijon ka analyse karu jo country dharmanirapeksh nahi hai yaad jo country secular nahi hai unki sthiti bahut zyada kharab hai wahan kisi ek religion ka hot romance hai agar main countries ki baat ka toh aap pakistan ki dekh lijiye serial dekh lijiye bahut saare aise country hai Lebanon dekh lijiye jo set karo nahi hai aaj unki sthiti bahut zyada kharab ho chuki hai lekin agar main apne desh ki baat ko unke democratic Republic secular country hai toh wahan aap dekh sakte hain kisi bhi relation ka aisa koi domineshan government par na us kshetra maine yahan hamare desh ke andar saare dharm ko saman adhikaar prapt hain theek hain saare dharm ke log mil jul kar rehte toh aur saare dharmon ka vikas gaye jali hui raha hai hamare desh ke andar toh mujhe nahi lagta ki secular shabd ko hatana chahiye kyonki agar saikadon shabd ko hata denge iska matlab ho gaya ki kisi na kisi ek rally jinka dominos kshetra mein hai us desh mein ho jata hai agar kisi ek rally neta dominant kisi ek desh mein ho jaaye toh vaah desh guru nahi kar pata hai

देखिए मुझे लगता है जिस तरह से केंद्रीय मंत्री श्री अनंत कुमार जी ने जो बयान दिया था कर्नाट

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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मेरे हिसाब से जो हेगड़े जी ने कहा है कि धर्म धर्म निरपेक्ष शब्द को संविधान से हटा देना चाहिए मेरे साथ ऐसा बिल्कुल नहीं करनी चाहिए जो है गणेश जी ने कहा है वह तो बिल्कुल ही नीच है या फिर हम कह सकते हैं उनका उच्चारण है क्योंकि उन्हें तो बस यही चाहिए था कि मेरे मेरा नाम पेपर में आ जाए हमें दो तीन दिनों में न्यूज़ चैनल में आ जाओ क्योंकि उन्हें बचपन में सुना था कि कि यह बयान बाजी से देख कर तो ऐसा ही लग रहा है कि उन्हें बस फेमस होना था 1 दिन के लिए मेरे साथ ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर हम देखें तो भारत एक देश है हम सब भारतीय हे हम सब को धर्म के नहीं हम सबको भारतीय के रुप से जाना चाहिए हम सब का खून एक है हम सब में ऐसा नहीं है कि हिंदू कौन अलग होता है मुसलमान कौन अलग होता है हम सब में इंसानियत से हम सब में एक तेरे को खून बहता है तो मेरे हिसाब से हमें धर्म के आधार पर नहीं जाना चाहिए हमें हमारी इंसानियत और हमारे देश के आधार पर जाना चाहिए और हम सब भारतीय हैं

mere hisab se jo hegde ji ne kaha hai ki dharm dharam nirpeksh shabd ko samvidhan se hata dena chahiye mere saath aisa bilkul nahi karni chahiye jo hai ganesh ji ne kaha hai vaah toh bilkul hi neech hai ya phir hum keh sakte hain unka ucharan hai kyonki unhe toh bus yahi chahiye tha ki mere mera naam paper mein aa jaaye hamein do teen dino mein news channel mein aa jao kyonki unhe bachpan mein suna tha ki ki yah bayan baazi se dekh kar toh aisa hi lag raha hai ki unhe bus famous hona tha 1 din ke liye mere saath aisa bilkul nahi hona chahiye kyonki agar hum dekhen toh bharat ek desh hai hum sab bharatiya hai hum sab ko dharm ke nahi hum sabko bharatiya ke roop se jana chahiye hum sab ka khoon ek hai hum sab mein aisa nahi hai ki hindu kaun alag hota hai musalman kaun alag hota hai hum sab mein insaniyat se hum sab mein ek tere ko khoon bahta hai toh mere hisab se hamein dharm ke aadhaar par nahi jana chahiye hamein hamari insaniyat aur hamare desh ke aadhaar par jana chahiye aur hum sab bharatiya hain

मेरे हिसाब से जो हेगड़े जी ने कहा है कि धर्म धर्म निरपेक्ष शब्द को संविधान से हटा देना चाह

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन कैसे है हाल ही में अंग्रेजी ने एक स्पीच के दौरान बोला था कि वह जो है धर्मनिरपेक्ष शब्द को संविधान से हटाने के लिए ही आए हैं सरकार मैं तो मैं समझता हूं कि यह बहुत गलत बात है ऐसा मैसेज नहीं पहुंचाना चाहता उन्होंने यह भी बोला था कि इस बात को लेकर बवाल हो चुका है पर मैं नहीं समझता कि जो धर्मनिरपेक्ष शब्द है उसको संविधान से हटाना चाहिए और महेंद्र जी से बिल्कुल भी सहमत नहीं

lekin kaise hai haal hi mein angrezi ne ek speech ke dauran bola tha ki vaah jo hai dharmanirapeksh shabd ko samvidhan se hatane ke liye hi aaye hain sarkar main toh main samajhata hoon ki yah bahut galat baat hai aisa massage nahi pahunchana chahta unhone yah bhi bola tha ki is baat ko lekar bawaal ho chuka hai par main nahi samajhata ki jo dharmanirapeksh shabd hai usko samvidhan se hatana chahiye aur mahendra ji se bilkul bhi sahmat nahi

लेकिन कैसे है हाल ही में अंग्रेजी ने एक स्पीच के दौरान बोला था कि वह जो है धर्मनिरपेक्ष शब

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