ट्रम्प ने अमेरिका से हज़ार ों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है, क्या मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम र है हैं?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह गाना बिल्कुल अनुचित है कि ट्रंप ने जो पॉलिसी बनाई हुए भारतीयों के खिलाफ है l यह बात सही है कि इसमें भारतीय जो लोग है उस पर असर पड़ेगा लेकिन ट्रंप की पॉलिसी है वह सारे ही जो बाहरी देश के लोग आते हैं जो टेक्निकल मैन पावर होती जो वहां पर नौकरी करते हैं, उनको वह चाहते हैं कि वहां पर ना आये क्योंकि वह वहां पर जितने कम रहेंगे वहां के लोकल लोगों को उतनी ही ज्यादा एम्प्लॉयमेंट मिलेगा l तो इस तरीके से ट्रम्प की जो पॉलिसी अमेरिका फर्स्ट कीजिए पॉलिसी है उसको फॉलो कर रहे हैं l उसको यह कहना कि भारत के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं हैl हां,यह बात जरूर है इससे भारत के लोगों पर इसका नेगेटिव इंपेक्ट पड़ेगा और भारत के ऐसे बहुत सारे ऐसे जो प्रोफेशनल से जो और जिनको की वापस आना पड़ेगा और वह जब वापस आएंगे तो डेफिनेटली इंडिया में अगर पॉजिटिव साइड में देखें तो अपनी स्किल्स को ले करके आएंगे l और जब स्किल्स को लेके आएंगे तो इंडियन कंपनीज में जो स्टार्ट अप कल्चर है उसको बढ़ोतरी हो सकती है l लेकिन अगर हम नेगेटिव साइड में जाए तो यह भी है कि उनके आने से एक अन इंप्लॉयमेंट भी इंडिया में बढ़ेगा फॉरेन करेंसी का रेमिटेंस जो भारत देश में आता था वह भी कम होगा l तो इस तरीके से पॉजिटिव और नेगेटिव इंपेक्ट हैं लेकिन अगर जो है भारत को अपनी इकॉनमी का देखना है तो वह दूसरे देशों पर इतनी डिपेंड नहीं होनी चाहिए और जो अमेरिका के प्रेसिडेंट हैं वह तो वही काम करेंगे जिससे कि अमेरिका को फायदा हो बजाय इसके जिसको भारत का फायदा l

yeh gaana bilkool anuchit hai qi tramp ne joe policy banai huye bhartiyo K khilaf hai l yeh baat sahi hai qi ismein bhartiya joe log hai oosh per asr padega lekin tramp ki policy hai wah saare hea joe bahri desh K log aate hain joe technical man power hoti joe vahan per naukari karte hain unko wah chahte hain qi vahan per na aye kyonki wah vahan per jitne come rahenge vahan K local logo co utni hea jyada emplayament milega l to is tarike se trump ki joe policy america first kiijiye policy hai usko follow car rahe hain l usko yeh kahuna qi bharat K khilaf aisa kuch nahin hai han yeh baat jarur hai issase bharat K logo per iska negetiv impekt padega aur bharat K aise bahut saare aise joe professional se joe aur jinko ki vapusha aana padega aur wah jab vapusha aenge to definetli india mein agar positive side mein dekhe to apni skills co le karake aenge chahiye l aur jab skills co leke aenge to indian companies mein joe start up culture hai usko badhotari ho sakti hai l lekin agar hum negetiv side mein jae to yeh bhi hai qi unke aane se ek un implayament bhi india mein badhega foreign karamsi ka remitens joe bharat desh mein aata thaa wah bhi come hoga l to is tarike se positive aur negetiv impekt hain lekin agar joe hai bharat co apni economy ka dekhna hai to wah dusre deshon per itni chahiye depend nahin honi chahie aur joe america K president hain wah to whey kama karenge jisase qi america co fayda ho bajay iske jisko bharat ka fayda l

यह गाना बिल्कुल अनुचित है कि ट्रंप ने जो पॉलिसी बनाई हुए भारतीयों के खिलाफ है l यह बात सही

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Gopalkrishna Vishwanath

Retired Engineer

1:19

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कंपनी ऐसा कुछ नहीं किया उसने केवल अपने चुनाव के वादे पूरे किए मोदी के साथ अच्छे संबंध और ट्रंप की इस निर्णय के बीच कोई संबंध नहीं है हम भारतीय लोग केवल आशा कर सकते हैं कि अमेरिका का राष्ट्रपति को पार्टियों से इतना प्यार है कि वह भारतीयों को इस निर्णय से बाहर रखेगा पर इसे अपना हक नहीं समझ सकते इस संडे राम का निर्णय अमेरिका के लिए अच्छा नहीं होगा पर यह बात अमेरिकी लोग खुद समझ जाएंगे भारत के लोग वापस आएंगे तब उन्हें पता चल जाएगा कि उनकी जगह लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में सक्षम अमरीकी नागरिक नहीं है h1b विजा का कारण भी यही था मुझे आशा है कि आईटी इंडस्ट्री ट्रंप हॉट ट्रंप अपना निर्णय वापस लेंगे यदि ऐसा नहीं होता है तो अमेरिका को आर्थिक नुकसान होगा और शायद अमरीकी आईटी कंपनियां भारत में अपने कार्यालय खोलने के लिए मजबूर हो जाएंगे

company aisa kuch nahi kiya usne keval apne chunav K vade poore kiye modi K sathe achchhe sambandh aur tramp ki is nirnay K beach koi sambandh nahi hai hum bhartiya log keval asha car sakte hain qi america ka rastrapati co partiyon se itna pyaar hai qi wah bhartiyo co is nirnay se baahar rakhega per isse apna haq nahi samajh sakte is sunday ram ka nirnay america K lie accha nahi hoga per yeh baat ameriki log khud samajh jaenge bharat K log vapusha aenge taba unhein patta chal jaaegaa qi unki jagah lene K lie paryapt maatra mein saksham amriki nagrik nahi hai h1b wezah ka karan bhi yahi thaa mujhe asha hai qi IT industry tramp hot tramp chahiye apna nirnay vapusha lengey yadi aisa nahi hota hai to america co arthik nuksaan hoga aur shayad amriki IT kampaniyan bharat mein apne karyalay kholne K lie majboor ho jaenge

कंपनी ऐसा कुछ नहीं किया उसने केवल अपने चुनाव के वादे पूरे किए मोदी के साथ अच्छे संबंध और ट

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Ravi Sharma

Advocate

1:56
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ट्रंप सरकार ने हाल ही में जो एक योजना बनाई है जिसके अंतर्गत एच1बी वीजा रखने वाले लाखों भारतीयों को भारत वापस भेज दिया जाएगा उसका संबंध भारत व अमेरिका जाने की ट्रंप मोदी जी के रिश्तो से नहीं लगाया जा सकता ट्रंप का अगर चुनावी मेनिफेस्टो देखें तो उसने स्पष्ट था कि आने वाले समय में अमेरिकन फर्स्ट यानी कि अमेरिकी नागरिकों को नौकरियों में व रोजगार आदि सुविधाओं में पार्टी दी जाएगी में प्राथमिकता दी जाएगी तो इसका भारत पर ट्रंप के रिलेशन से उनके संबंधों से कोई भी चीज है या डिफरेंट कोई ओपिनियन नहीं लगाया जा सकता है कि मोदी जी ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं वहां केवल राष्ट्रीय कंपनी के द्वार भारत में खोले हैं वह अमेरिकी निवेश पिछले 3 वर्षों में पिछले 50 वर्षों की अपेक्षा में एकदम रहा है अगर आप आर्थिक आंकड़े उठाकर देखें तो भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार में भी बहुत तेजी से वृद्धि आई है परंतु इसका कहीं से भी सीधा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष संबंध मोदी और ट्रंप के संबंधों से नहीं लगाया जा सकता आने वाले समय में देखते हैं कि भारत अपने कूटनीतिक जो उसका प्रभाव है उसका प्रभाव शाली पर है उसे निर्वहन कर पाता है कि नहीं वह अमेरिका को बाध्य कर पाता है कि नहीं भाई योजना याद नीति में मूलभूत परिवर्तन ला सके परंतु इस समय जो भारत के भारत के नागरिक जो वहां पर रह रहे हैं वह जीवन भी विदा लेकर रोजगार कर रहे हैं उनके प्रति उनके लिए बहुत ही विकट समस्या खड़ी हुई है इसका जल्द से जल्द निदान भारत सरकार को अमेरिकी सरकार के भरोसे मिलकर निकालना पड़ेगा अन्यथा बहुत देर हो जाएगी धन्यवाद

tramp sarkar ne haal hea mein joe ek yojana banai hai jiske antargat H B vija rakhne wale laakhon bhartiyo co bharat vapusha bhej diya jaaegaa uska sambandh bharat va america jane ki tramp modi g K rishto se nahin lagaya ja sakta tramp ka agar chunavi menifesto dekhe to usne spasht thaa qi aane wale samay mein american first yaanee qi ameriki nagriko co naukriyon mein va rojgar aadi suvidhaon mein party they jaaegi mein praathmikta they jaaegi to iska bharat per tramp K relation se unke sambadhon se koi bhi chij hai ya difrent koi opiniyan nahin lagaya ja sakta hai qi modi g ne america K sathe achchhe sambandh banae hain vahan keval rashtriya company K dwar bharat mein khole hain wah ameriki nivesh pichle 3 varshon mein pichle 50 varshon ki apeksha mein ekdam raha hai agar aap arthik ankade uthaakar dekhe to bharat aur america K beach hone wale dwipakshiya vyapar mein bhi bahut teji se vridhi I hai parantu iska kahin se bhi seedha pratyaksh va apratyksh sambandh modi aur tramp K sambadhon se nahin lagaya ja sakta aane wale samay mein dekhte hain qi bharat apne kutnitik joe uska prabhav hai uska prabhav sali per hai usse nirvahan car pauta hai qi nahin wah america co baadhy car pauta hai qi nahin bhai yojana youth neeti mein mulbhut parivartan la skye parantu is samay joe bharat K bharat K nagrik joe vahan per rah rahe hain wah jeevan bhi vida lycra rojgar car rahe hain unke prati unke lie bahut hea vikata samasya khadi hue hai iska jald se jald nidan bharat sarkar co ameriki sarkar K bharose milkar nikaalna padega anitha bahut their ho jaaegi dhanyvaad

ट्रंप सरकार ने हाल ही में जो एक योजना बनाई है जिसके अंतर्गत एच1बी वीजा रखने वाले लाखों भार

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

3:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देख जो अब बात कर लेना ट्रंप ने हम भारतीयों को अमेरिका से निकालने की हजारों भारतीयों को निकालने की कोशिश करी थी जब पहली बार प्रधानमंत्री बना था उसके दिमाग में यही था कि जितनी शहर जय बोल श्रीलंका के आजा पाकिस्तान के हैं चार इंडिया के हैं अब वापिस इन द कंट्री भेज दो लेकिन जब अच्छी-अच्छी लैब चल रही है नशा है जिसमें डॉक्टरी लाइन है हॉस्पिटल्स है रिसर्च लाइन है और जो हमारे रिसर्च वर्क हम सारा बंद हो जाएगा निवेदन नासा काम कर सकता है ना हॉस्पिटल गर्लफ्रेंड नैनेश्वर काम कर सकता है और न ही सारे चले गए क्योंकि 80% या 60% जो है ईश्वर से तब जाकर इनके दिमाग में शांति है इस बात की कि नहीं सच को नहीं भेजा आउट सोर्स के काम के लिए मना कर दिया कि आउटसोर्सिंग काम नहीं होगा जब यहां पर 8 घंटे पढ़ाई क्या है तबीयत अब सामान गणमान्य थे तो आप यह भूल जाओगी तब सब इतनी जल्दी वहां पर बिल्कुल निन्यानवे परसेंट पॉसिबल नहीं है इधर सीट ज्ञानवर्धिनी गवा देंगे वैसे भी 5 साल में इनकी कोई पॉलिसीज अच्छी नहीं रही है जिस वक्त खुश हो रहे हो यह तो पब्लिक बाकी जो अमेरिकानो रिजल्ट और मेरी जान है वह नहीं चाहते हैं क्योंकि दिमाग में यह कितना पैसा है कि जिसकी कोई गिनती नहीं है गोल्ड की कार लेकर अपनी अलग घूमते हैं जिस कार में एडी आए थे यह कि अपनी हजार आठ करोड़ की कार है जिसमें सब चीजें है तो कर सकता टायर फट जाएगा फिर भी चलती रहेगी की उम्मीद मत करो कि वापस वापस आ जाएंगे किसी हालत में नहीं आ सकते हो पैसा फेंक रहे हैं दिमाग की न्यूज़ के सवाल कर रहे हैं और यहां पर इंडिया में क्या होता है कि पैसा मिलता नहीं है दिमाग का इस्तेमाल होता है नाम नेताओं का होता है जैसे काम कर रहा उसका कोई दिक्कत नहीं है जिससे कुछ नहीं करो उसका जिगर आ गया इसलिए अब भूल जाओगी यहां से ईश्वर को भगाने का खालसा में भारतीयों को

dekh jo ab baat kar lena trump ne hum bharatiyon ko america se nikalne ki hazaro bharatiyon ko nikalne ki koshish kari thi jab pehli baar pradhanmantri bana tha uske dimag mein yahi tha ki jitni shehar jai bol sri lanka ke aajad pakistan ke hain char india ke hain ab vaapas in the country bhej do lekin jab achi achi lab chal rahi hai nasha hai jisme doctari line hai hospitals hai research line hai aur jo hamare research work hum saara band ho jaega nivedan NASA kaam kar sakta hai na hospital girlfriend naineshwar kaam kar sakta hai aur na hi saare chale gaye kyonki 80 ya 60 jo hai ishwar se tab jaakar inke dimag mein shanti hai is baat ki ki nahi sach ko nahi bheja out source ke kaam ke liye mana kar diya ki outsourcing kaam nahi hoga jab yahan par 8 ghante padhai kya hai tabiyat ab saamaan ganmanya the toh aap yah bhool jaogi tab sab itni jaldi wahan par bilkul ninyanave percent possible nahi hai idhar seat gyanavardhini gawa denge waise bhi 5 saal mein inki koi policies achi nahi rahi hai jis waqt khush ho rahe ho yah toh public baki jo amerikano result aur meri jaan hai vaah nahi chahte hain kyonki dimag mein yah kitna paisa hai ki jiski koi ginti nahi hai gold ki car lekar apni alag ghumte hain jis car mein ad aaye the yah ki apni hazaar aath crore ki car hai jisme sab cheezen hai toh kar sakta tyre phat jaega phir bhi chalti rahegi ki ummid mat karo ki wapas wapas aa jaenge kisi halat mein nahi aa sakte ho paisa fenk rahe hain dimag ki news ke sawaal kar rahe hain aur yahan par india mein kya hota hai ki paisa milta nahi hai dimag ka istemal hota hai naam netaon ka hota hai jaise kaam kar raha uska koi dikkat nahi hai jisse kuch nahi karo uska jigar aa gaya isliye ab bhool jaogi yahan se ishwar ko bhagane ka khalsa mein bharatiyon ko

देख जो अब बात कर लेना ट्रंप ने हम भारतीयों को अमेरिका से निकालने की हजारों भारतीयों को निक

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Masoom

Teacher

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आपका प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है क्या मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम रही है यदि कि ऐसा कुछ नहीं है और ट्रंप और मोदी की जो साथ है वह सभी मामलों में अच्छे हैं

aapka president trump ne america se hazaro bharatiyon ko nikalne ki yojana banai hai kya modi america ke saath acche sambandh banaye rakhne me nakam rahi hai yadi ki aisa kuch nahi hai aur trump aur modi ki jo saath hai vaah sabhi mamlon me acche hain

आपका प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है क्या मोदी

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Teacher

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आपका समान है कंपनी अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है क्या मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम रहे तो दोस्त ऐसा है कि विदेशों की डिप्लोमेटिक पॉलिसी जो है वह हमेशा बदलते रहती है तो एक तरफ तो मोदी के नाम के साथ अच्छे संबंध हैं लेकिन आज अमेरिका में जो खतरा है अमेरिका में जितने संक्रमण है अमेरिका में जितनी मौतें हुई हैं जितना बेरोजगारी अपने चरम पर चला गया है तो ऐसे में अमेरिका अब खुद को स्टरब्रिज करेगा वह बालियों को नौकरी देने में सक्षम नहीं रह पाएगा

aapka saman hai company america se hazaro bharatiyon ko nikalne ki yojana banai hai kya modi america ke saath acche sambandh banaye rakhne me nakam rahe toh dost aisa hai ki videshon ki diplometik policy jo hai vaah hamesha badalte rehti hai toh ek taraf toh modi ke naam ke saath acche sambandh hain lekin aaj america me jo khatra hai america me jitne sankraman hai america me jitni mautain hui hain jitna berojgari apne charam par chala gaya hai toh aise me america ab khud ko starabrij karega vaah baliyon ko naukri dene me saksham nahi reh payega

आपका समान है कंपनी अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है क्या मोदी अमेरिक

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आपका सवाल है ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है या मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम रहे तो दोस्त ऐसा है कि विदेशों की डिप्लोमेटिक पॉलिसी जो है वह हमेशा बदलते रहती है तो एक तरफ तो मोदी के नाम के साथ अच्छे संबंध हैं लेकिन आज अमेरिका में जो खतरा है अमेरिका में जितने संक्रमण अमेरिका में जितनी मौतें हुई है जितना बेरोजगारी का परचम पर चला गया है तो ऐसे में अमेरिका अब खुद को स्टाइलिश करेगा वो पारियों को नौकरी देने में सक्षम नहीं रह पाएगा

aapka sawaal hai trump ne america se hazaro bharatiyon ko nikalne ki yojana banai hai ya modi america ke saath acche sambandh banaye rakhne me nakam rahe toh dost aisa hai ki videshon ki diplometik policy jo hai vaah hamesha badalte rehti hai toh ek taraf toh modi ke naam ke saath acche sambandh hain lekin aaj america me jo khatra hai america me jitne sankraman america me jitni mautain hui hai jitna berojgari ka parcham par chala gaya hai toh aise me america ab khud ko stylish karega vo paariyon ko naukri dene me saksham nahi reh payega

आपका सवाल है ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है या मोदी अमेरि

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Lalan kumar gupta

Upsc aspirant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की योजना तो बना ही लेकिन अभी उसकी योजना को पूरी तरह अमल नहीं किया योजना को स्वीकृति भी पूरी तरह से नहीं मिली है बात रही मोदी सरकार की 30 में उनकी कोई गलती में अमेरिका की ट्रेन की नीति है कि उनके व्यक्तित्व विचार यह से कमर का फर्स्ट की नीति पर चलते हैं इसी में मोदी ना कुछ कर सकते हैं हां इसमें सिर्फ भारतीयों को हटा नहीं है अमेरिका को भी घटा हां वहां अलग अलग राष्ट्रपति आते हैं अपनी अपनी नीति चेंज करते टाइम कुछ और बोल अगले राष्ट्रपति आएंगे कुछ और करेंगे इसमें कुछ होने जा रहा है नहीं हां लेकिन एक बात है जो मोदी जी को अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए अभी फिर भी यदि वह भारतीयों को निकालते फिर भी क्योंकि अमेरिका साथ अच्छे संबंध बना रखने में उन्हें फायदा है ज्यादा झुका हमें रसिया की तरफ रखना चाहिए अमेरिका पर इतना विश्वास भी नहीं करना चाहिए और खोलकर दर्शन

sabse pehle main aapko batana chahta hoon ki trump ne america se hazaro bharatiyon ko nikalne ki yojana toh bana hi lekin abhi uski yojana ko puri tarah amal nahi kiya yojana ko swikriti bhi puri tarah se nahi mili hai baat rahi modi sarkar ki 30 mein unki koi galti mein america ki train ki niti hai ki unke vyaktitva vichar yeh se kamar ka first ki niti par chalte hain isi mein modi na kuch kar sakte hain haan ismein sirf bharatiyon ko hata nahi hai america ko bhi ghata haan wahan alag alag Rashtrapati aate hain apni apni niti change karte time kuch aur bol agle Rashtrapati aayenge kuch aur karenge ismein kuch hone ja raha hai nahi haan lekin ek baat hai jo modi ji ko america ke saath acche sambandh banaye rakhne chahiye abhi phir bhi yadi wah bharatiyon ko nikalate phir bhi kyonki america saath acche sambandh bana rakhne mein unhein fayda hai zyada jhuka humein rasiya ki taraf rakhna chahiye america par itna vishwas bhi nahi karna chahiye aur kholakar darshan

सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि ट्रंप ने अमेरिका से हजारों भारतीयों को निकालने की यो

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सभी राष्ट्रों के अध्यक्ष अपने देश के हितों हेतु काम करते अपने देश के हितों के लिए मोदी भी काम करते हैं काम करें कभी-कभी ऐसी सिचुएशन में आती है जिसमें कि लगता है कि भारत अमेरिकी हितों के विरुद्ध अमेरिका भारतीय खेल है यह भारतीयों को निकालने वाली बात भी उसी क्रम में आपको महसूस हो रही है जबकि कई मामलों में जब दोनों ही के पक्ष के हित साधन एक ही चीज से हो जाता है तो उसे वेरी वेल सिचुएशन कहते हैं उसमें किसी को कोई ऑब्जेक्शन नहीं होता सब सोचते बहुत बढ़िया हुआ लेकिन जहां पर किसी एक राष्ट्र का फायदा था दूसरे को इतना फायदा नहीं होता तब आप यह अर्थ नहीं निकाल सकते कि मोदी जी असफल हुए या ट्रंप पर यह एक ऐसी स्थिति है कभी ना कभी आती ही है कभी किसी राष्ट्र को फायदा होता है किसी रात को नुकसान होता है कहीं दूसरे संदर्भ में पहले राष्ट्रपति कौन होता दूसरे को फायदा होता है यह इस तरीके से गणना नहीं की जा सकती किसी के उसकी कर्तव्यनिष्ठा की या किसी की कार्यकुशलता की की एक संदर्भ में फायदा हुआ तो हम फेल हो गए या उन्हें फायदा हुआ तो वह पास हो गए यह पारस्परिक संबंधों को इसी तरीके से दिया जाता है ऐसे ही करते हैं

sabhi rashtro ke adhyaksh apne desh ke hiton hetu kaam karte apne desh ke hiton ke liye modi bhi kaam karte hain kaam kare kabhi kabhi aisi situation mein aati hai jisme ki lagta hai ki bharat american hiton ke viruddh america bharatiya khel hai yah bharatiyon ko nikalne wali baat bhi usi kram mein aapko mehsus ho rahi hai jabki kai mamlon mein jab dono hi ke paksh ke hit sadhan ek hi cheez se ho jata hai toh use very well situation kehte hain usme kisi ko koi objection nahi hota sab sochte bahut badhiya hua lekin jaha par kisi ek rashtra ka fayda tha dusre ko itna fayda nahi hota tab aap yah arth nahi nikaal sakte ki modi ji asafal hue ya trump par yah ek aisi sthiti hai kabhi na kabhi aati hi hai kabhi kisi rashtra ko fayda hota hai kisi raat ko nuksan hota hai kahin dusre sandarbh mein pehle rashtrapati kaun hota dusre ko fayda hota hai yah is tarike se ganana nahi ki ja sakti kisi ke uski kartavyanishtha ki ya kisi ki karyakushlata ki ki ek sandarbh mein fayda hua toh hum fail ho gaye ya unhe fayda hua toh vaah paas ho gaye yah paarasparik sambandhon ko isi tarike se diya jata hai aise hi karte hain

सभी राष्ट्रों के अध्यक्ष अपने देश के हितों हेतु काम करते अपने देश के हितों के लिए मोदी भी

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दी कि मैं यह कहना चाहूंगा मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं वह अमेरिका से अच्छे संबंध बनाने बिल्कुल ना कामयाब नहीं रहे हमें कभी भी नेगेटिव नहीं सोचना चाहिए अगर इस तरह की कोई बात हुई है अगर ट्रंप ने यह कहा है कि भारतीयों को अमेरिका से निकालने की योजना कर बनाई है तो मुझे नहीं लगता यह पॉसिबल है और यह अद्भुत आर्टिकल सिचुएशन है इसका एग्जिट आंसर कोई भी नहीं दे सकता ऐसा पॉसिबल नहीं है मुझे लगता है कि हमारे भारतीय लोग जो अमेरिका में रहने तो उनका बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन अमेरिका की इकोनॉमी में है तो मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इस तरह का कोई रिस्क लेना चाहेगा कि भारतीयों को वहां से निकाल

they qi main yeh kahuna chahunga modi g hamare desh K pradhaanmatree hain wah america se achchhe sambandh banane bilkool na kamyab nahin rahe human kabhi bhi negetiv nahin sochna chahie agar is turha ki koi baat hue hai agar tramp ne yeh kaha hai qi bhartiyo co america se nikalane ki yojana car banai hai to mujhe nahin lagta yeh possible hai aur yeh adbhut article situation hai iska exit ansar koi bhi nahin they sakta aisa possible nahin hai mujhe lagta hai qi hamare bhartiya log joe america mein rahane to unka bahut bada kantribyushan america ki economy mein hai to mujhe nahin lagta qi america is turha ka koi risk lena chahega qi bhartiyo co vahan se nikaal

दी कि मैं यह कहना चाहूंगा मोदी जी हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं वह अमेरिका से अच्छे संबंध

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम रहे हैं क्योंकि अगर मोदी और डोनाल्ड ट्रंप अच्छे दोस्त होते तो ऐसा भी हो सकता था कि एच1बी वीजा के नियमों में बदलाव से भारतीयों को अलग रखा जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है अब अगर अमेरिका एच1बी वीजा के नियमों में बदलाव कर रहा है तो उस से लगभग 500000 भारतीय प्रभावित होंगे और उनकी नौकरियां अभी जाने का संकट बना हुआ है जब डोनाल्ड ट्रंप अपना चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उन्होंने एक नारा दिया था बाय अमेरिकन हायर अमेरिकन इसका यह मतलब है कि अमेरिका की चीजें खरीदो और अमेरिका के लोगों को ही नौकरी पर रखो उन्होंने बोला था कि भारत और चीन के बहुत सारे लोग अमेरिका के लोगों की नौकरियां छीन रहे हैं और यहां पर अन इंप्लॉयमेंट की समस्या इन लोगों की वजह से ही पड़ रही है तो इसीलिए उन्होंने वीजा के नियमों में बदलाव के संकेत दिए हैं जिन लोगों का ग्रीन कार्ड एप्लीकेशन अभी पेंडिंग है उन्हें USA छोड़ना पड़ेगा जब तक कि उनका ग्रीन कार्ड बन नहीं जाए तो इससे काफी लोग परेशान हो रहे हैं

modi america K sathe achchhe sambandh banae rakhne mein nakam rahe hain kyonki agar modi aur donald tramp achchhe dost hote to aisa bhi ho sakta thaa qi H B vija K niyamo mein badlav se bhartiyo co eluga rakhaa ja sakta thaa lekin aisa nahin ho raha hai aba agar america H B vija K niyamo mein badlav car raha hai to oosh se lagbhag 500000 bhartiya prabhaavit honge aur unki naukriyan abhi jane ka sankat banna hua hai jab donald tramp apna chunav prachar car rahe the to unhonne ek narah diya thaa by american haier american iska yeh matlab hai qi america ki chijen kharido aur america K logo co hea naukari per rakho unhonne bolla thaa qi bharat aur china K bahut saare log america K logo ki naukriyan chheen rahe hain aur yahaan per un implayament ki samasya in logo ki vajaha se hea pad rahi hai to isiliye unhonne vija K niyamo mein badlav K sanket die hain jean logo ka green card eplikeshan abhi pending hai unhein USA chodna padega jab tak qi unka green card bun nahin jae to issase kaafi log pareshan ho rahe hain

मोदी अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में नाकाम रहे हैं क्योंकि अगर मोदी और डोनाल्ड ट्

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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अगर हमें पूरा मामला देखे थे ट्रंप ने अमेरिका के हजारों भारतीयों को निकालने की योजना नहीं बनाई है अगर हम भारत के आईटी सेक्टर में देखे तो टर्न सरकार के पहले ऐसा होता था क्या भाई दो सिस्टर में अच्छा काम करो अगर ऑल फैमिली इमेज भेज दो या अमेरिका की हो तो को अमेरिका जाने का मौका मिलता है रखो अमेरिका में रहने का मौका मिलता है ऑफिस काम करने का मौका मिलता है इस मीन बी बी साकेत नगर आपका एच1बी वीजा है तो पहचान की जा कर वहां पर काम करने का मौका नहीं था वहां पर कई साल से काम कर रहे हो तो फिर आपको हमेशा के ग्रीन कार्ड मेरे को जिस से आप अमेरिका के रहने वाले बन जाएंगे हम सरकार के आने पर धर्म सरकार ने यह डिसाइड किया था कि मैं जान भी वीजा को थोड़ा कम कर देंगे उस पर कुछ रूल्स रेगुलेशन और डाल देंगे क्योंकि सरकार का मानना यह है कि हमें अमेरिका अमेरिका अमेरिका के लोगों को ज्यादा नौकरियां देनी चाहिए हमको घर के लोगों को नौकरी या नहीं देनी चाहिए तो ने मेरे सुनली भी ताज होटल बना दिया हे जॉन डीवी का सोने से भारत के कई सारे आईटी सेक्टर को बड़ा झटका लग चुका है चंडीगढ़ से भारतीयों के लिए नहीं है दुनिया भर के लोगों के लिए भी है जो कि दुनिया भर के लोगों अमेरिका में काम करने आते हैं तो इससे जो है अगर मान लिया जाए ट्रंप सरकार के पहले हजार लोग अमेरिका चाहते हैं तो अब अमेरिका जाते सिरसा उन लोग दूसरों की अमेरिका जा सकते हैं वह वीजा के तुरुप वीजा में थोड़ी और रूल्स एंड रेगुलेशन आ चुके हैं तो मेरे हिसाब से कहना बिल्कुल सही नहीं है कि मोदी जी अमेरिका के संबंध बनाने का काम राय होली गीत अमेरिका ने भारत की बहुत मदद की है 10 साल की बात करें तो किस तरीके से पाकिस्तान में पाकिस्तान को अमेरिका से कोई फर्क नहीं मिलेगा अमेरिका ने डिसाइड कर दिया कि बात को कोई और पाकिस्तान कोई फल नहीं दूंगा तो मुझे सबसे कहना सही नहीं है कि संबंधों नाकाम रहे है भारत और अमेरिका के बीच में

agar human poora mamla dekhe the tramp ne america K hajaron bhartiyo co nikalane ki yojana nahin banai hai agar hum bharat K IT sector mein dekhe to turn sarkar K pehle aisa hota thaa kya bhai though sister mein accha kama karo agar all family image bhej though ya america ki ho to co america jane ka mauka milta hai rakho america mein rahane ka mauka milta hai office kama karne ka mauka milta hai is mean B B saket nagar aapka H B vija hai to pehchan ki ja car vahan per kama karne ka mauka nahin thaa vahan per kai saul se kama car rahe ho to phir aapko hamesha K green card mere co jisha se aap america K rahane wale bun jaenge hum sarkar K aane per dharm sarkar ne yeh decide kiya thaa qi main jaan bhi vija co thoda come car denge oosh per kuch ruls reguleshan aur dahl denge kyonki sarkar ka manna yeh hai qi human america america america K logo co jyada naukriyan DENNY chahie humko ghar K logo co naukari ya nahin DENNY chahie to ne mere sunli bhi taj hotel banna diya hey john divy ka sone se bharat K kai saare IT sector co bada jhatka lag chuka hai chandigarh se bhartiyo K lie nahin hai duniya bhora K logo K lie bhi hai joe qi duniya bhora K logo america mein kama karne aate hain to issase joe hai agar maan liya jae tramp sarkar K pehle hagare log america chahte hain to aba america jaate sirsa un log dusro ki america ja sakte hain wah vija K turup vija mein thodi aur ruls end reguleshan aa chuke hain to mere hisaab se kahuna bilkool sahi nahin hai qi modi g america K sambandh banane ka kama ray holi geet america ne bharat ki bahut madada ki hai 10 saul ki baat karein to kiss tarike se pakistan mein pakistan co america se koi fark nahin milega america ne decide car diya qi baat co koi aur pakistan koi fal nahin dunga to mujhe sabse kahuna sahi nahin hai qi sambadhon nakam rahe hai bharat aur america K beach mein

अगर हमें पूरा मामला देखे थे ट्रंप ने अमेरिका के हजारों भारतीयों को निकालने की योजना नहीं ब

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज क्या ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि जो आपने जो है खाली इंडियन स्कोर जो है वह हजारों इंडियन से जैसे की कहा है आपने की हजारों भारतीयों को निकालने की योजना बनाई है तू देख ऐसा बिल्कुल भी नहीं है और बात जो है कोई भी कंट्री जो है वह फर्स्ट अपने सिटी सेक्स के बारे में सोचिए अगर भारत में लोग रहते हैं तो भारत की सरकार जो है वह भारत के बारे में पहले सोचो फिर बाकी देशों के बारे में सोचेंगे अमेरिका में अभी जो है वैसे कर रहे हैं वह पहले अपने बारे में सोचेंगे ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि वह भारतीयों को चुन चुन कर रहे हैं उनको आती है और जो बच्चे पोस्ट में जो अच्छा काम करें वह उनको नहीं निकाल रहे हैं जो मतलब होता है ठीक ठाक काम नहीं कर रहे हो तब फोन नहीं कर पा रहे हो दो जगह अमेरिकन स्कोर मिलने चाहिए वह जॉब से उनको निकाल रहे हैं और रही बात है अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाने की तो मोदी जी जो है उसमें पूरी अपने जो भी वह कर सकते हैं वह कर रहे हैं और आने वाले दिनों में वह करेंगे क्योंकि अभी वीजा वगैरा कभी जो विशेष हुआ था वह चालू कर दिया है अमेरिका ने तो मैं भी आने वाले दिनों में जो संबंध है वह और भी अच्छे होंगे अमेरिका से और यह सब जो विश्वविद्यालय है वह सब अमेरिका बंद कर देगा

aj kya aisa bilkool bhi nahin hai qi joe aapne joe hai khaali indian skore joe hai wah hajaron indian se jaise ki kaha hai aapne ki hajaron bhartiyo co nikalane ki yojana banai hai tu dekh aisa bilkool bhi nahin hai aur baat joe hai koi bhi country joe hai wah first apne city sex K baare mein sochiye agar bharat mein log rahate hain to bharat ki sarkar joe hai wah bharat K baare mein pehle socho phir baaki deshon K baare mein sochenge america mein abhi joe hai vaise car rahe hain wah pehle apne baare mein sochenge aisa bilkool bhi nahin hai qi wah bhartiyo co cun cun car rahe hain unko auti hai aur joe bacche post mein joe accha kama karein wah unko nahin nikaal rahe hain joe matlab hota hai thik thak kama nahin car rahe ho taba phone nahin car PA rahe ho though jagah american skore milney chahie wah job se unko nikaal rahe hain aur rahi baat hai america K sathe achchhe sambandh banane ki to modi g joe hai usme poori apne joe bhi wah car sakte hain wah car rahe hain aur aane wale dino mein wah karenge kyonki abhi vija vagera kabhi joe vishesh hua thaa wah chalu car diya hai america ne to main bhi aane wale dino mein joe sambandh hai wah aur bhi achchhe honge america se aur yeh sub joe vishwavidyalaya hai wah sub america band car dega

आज क्या ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि जो आपने जो है खाली इंडियन स्कोर जो है वह हजारों इंडियन स

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