दीवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, पर पठाके नए साल के दौरान क्यों प्रतिबंधित नहीं हुए थे?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिवाली में जो पटाखे जलाए जाते हैं वह बहुत ज्यादा मात्रा में होते हैं और उसमें बहुत ज्यादा पोलूशन होता है l और उसके मुकाबले में जो नए साल में पटाखे जलाए जाते हैं उनकी संख्या बहुत कम होती है और उस पर पोल्युसन भी बहुत कम होता है l और इसलिए जो कानून जो है वह दिवाली के ऊपर लागू होता है वह नए साल पर लगाने की कोई ऐसी जरूरत नहीं है l और इससे बहुत ज्यादा पोलूशन भी नहीं होता तो बहुत ज्यादा डिस्टर्बेंस भी नहीं होता है और इसीलिए मेरे ख्याल से इसमें कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है l

diwali mein jo patakhe jalaae jaate hain wah bahut jyada matra mein hote hain aur usamen chahiye bahut jyada pollution hota hai l aur uske muqable mein jo naye saal mein patakhe jalaae jaate hain unki sankhya bahut kum hoti hai aur us par polyusan bhi bahut kum hota hai l aur isliye jo kanoon jo hai wah diwali ke upar laagu hota hai wah naye saal par lagane ki koi aisi zarurat nahi hai l aur isse bahut jyada pollution bhi nahi hota to bahut jyada distarbens bhi nahi hota hai aur isliye mere khayal se isme koi pratibandh nahi lagaya gaya hai l

दिवाली में जो पटाखे जलाए जाते हैं वह बहुत ज्यादा मात्रा में होते हैं और उसमें बहुत ज्यादा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि हमारे देश में अत्यधिक जो ऐसे व्यक्ति हैं जो प्रकार से के बिना अनुमति के ही आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तथा वे अपनी सोचते हैं कि हम अत्यधिक अत्यधिक धन बचा ले इसीलिए लोग गवर्नमेंट के आर्डर को नहीं मानते

kyonki hamare desh mein atyadhik jo aise vyakti hain jo prakar se ke bina anumati ke hi aage badhne ki koshish karte hain tatha ve apni sochte hain ki hum atyadhik atyadhik dhan bacha le isliye log government ke order ko nahi maante

क्योंकि हमारे देश में अत्यधिक जो ऐसे व्यक्ति हैं जो प्रकार से के बिना अनुमति के ही आगे बढ़

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं हालांकि ऐसा करना नहीं चाहिए क्योंकि दिवाली कोई बता को जातिवाद को नहीं है खुशियों का त्यौहार है मेल मिलाओ का त्योहार है इस दिन पटाखे नहीं जलाने चाहिए हालांकि जब पता है पटाखे से पोलूशन होता है तो उनका इस्तेमाल बिल्कुल ही करना चाहिए खाली शोर-शराबे का गुरु प्यार का मतलब होता है दूसरों को खुशी देना ना कि उनको परेशान करना और रही नए साल की बात तो नया साल इसलिए लो पटाखे जलाने चाहिए कि आने वाले वक्त का वेलकम ऐसे ही किया जाता है नए साल पर पटाखों का बयान नहीं था और दिवाली पर था

dekhiye diwali par patakhe jalae jaate hain halaki aisa karna nahi chahiye kyonki diwali koi bata ko jaatiwad ko nahi hai khushiyon ka tyohar hai male milao ka tyohar hai is din patakhe nahi jalane chahiye halaki jab pata hai patakhe se pollution hota hai toh unka istemal bilkul hi karna chahiye khaali shor sharabe ka guru pyar ka matlab hota hai dusro ko khushi dena na ki unko pareshan karna aur rahi naye saal ki baat toh naya saal isliye lo patakhe jalane chahiye ki aane waale waqt ka welcome aise hi kiya jata hai naye saal par patakhon ka bayan nahi tha aur diwali par tha

देखिए दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं हालांकि ऐसा करना नहीं चाहिए क्योंकि दिवाली कोई बता को

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखी दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं वह बहुत ही अधिक मात्रा में होते हैं और उससे बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है और खेसारी तो पटाखे या शब्दावर भी उसे कैसे चीजें अगर इससे किसी का इंटरटेनमेंट होता है तो कोई भी कोट्स पर कंप्लीटली तो नहीं लगा सकती क्योंकि इंसान को जीने के लिए थोड़ी खुशी मनाने भी जरूरी है और पटाखों पर बैन तो दिवाली पर लगाया जाता वह सही था क्योंकि उसे लोगों की सेहत पर बहुत ही बुरा असर पड़ रहा था तुझे पटाखे दिवाली पर पटाखे तुम बहुत ही मात्रा में जलाए जाते हैं लेकिन न्यू ईयर पर मेरे हिसाब से तो नहीं लगाया गया क्योंकि न्यू ईयर पर इतनी ज्यादा तादाद में पटाखे नहीं चलाए जाते इतनी ज्यादा क्वांटिटी नहीं होती पटाखों की तो थोड़ा बहुत अगर आप लोग चला रहे हैं नुकसान तो उसे भी है लेकिन कंप्लीटली किसी को रोकना तो पॉसिबल नहीं है तो हो सकता है इसी कारण से नए साल पर पटाखों पर बैन नहीं लगाया गया

dikhi diwali par patakhe jalaae jaate hain wah bahut hi adhik matra mein hote hain aur usse bahut jyada pradushan hota hai aur khesari to patakhe ya shabdavar bhi use kaise cheezen agar isse kisi ka entertainment hota hai to koi bhi quotes par completely to nahi laga sakti kyonki insaan ko jeene ke liye thodi khushi manane bhi zaroori hai aur patakhon par ban to diwali par lagaya jata wah sahi tha kyonki use logo chahiye ki sehat par bahut hi bura asar padh raha tha tujhe patakhe diwali par patakhe tum bahut hi matra mein jalaae jaate hain lekin new year par mere hisab se to nahi lagaya gaya kyonki new year par itni jyada tadad mein patakhe nahi chalaye jaate itni jyada quantity nahi hoti patakhon ki to thoda bahut agar aap log chala rahe hain nuksan to use bhi hai lekin completely kisi ko rokna to possible nahi hai to ho sakta hai isi kaaran se naye saal par patakhon par ban nahi lagaya gaya

दिखी दिवाली पर पटाखे जलाए जाते हैं वह बहुत ही अधिक मात्रा में होते हैं और उससे बहुत ज्यादा

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आनंद जी देखिए ऐसा बिल्कुल भी नहीं है जैसा आपने ऊपर दिए गए सवाल मैं बोला है न्यू ईयर पर भी जो है वह पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही ऑर्डर दे दिया था कि क्रिसमस और न्यू ईयर के सेलिब्रेशन में पटाखे बिल्कुल भी नहीं जलाए जाएंगे यह यूज़ किए जाएंगे पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली के एरिया में क्योंकि रामपुर Iris वाजपेई करके बोला क्योंकि पंजाब और हरियाणा का जितना भी पोलूशन है वह सब दिल्ली में आकर ही जल जाता है इसलिए अच्छे से सुप्रीम कोर्ट ने जो है वह कह दिया था कि दिल्ली एनसीआर और पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ के राज्यों में जो है वह पटाखे पूरे बहन कर दी जाए और बिल्कुल भी नहीं उसके जइसे पोलूशन जो है वह बढ़ जाता है और दीपावली में भी उन्होंने किया था और क्रिसमस और न्यू अभी जो है उन्होंने इंपॉर्टेंट फॉर ओर क्या और मुझे लगता है लोगों को जलाना पीनी चाहिए क्योंकि इसे खाली हमारा जो पर्यावरण है खाली वही दूषित होता है अंकित एंजॉयमेंट के लिए हमको हमारा पर्यावरण और स्वास्थ्य के साथ जो है खिलवाड़ नहीं

anand ji dekhie chahiye aisa bilkul bhi nahi hai jaisa aapne upar diye gaye sawal main bola hai new year par bhi jo hai wah patakhon par pratibandh lagaya gaya tha supreme court ne pehle hi order de diya tha ki Christmas aur new year ke celebration mein patakhe bilkul bhi nahi jalaae jaenge yeh use kiye jaenge punjab haryana chandigarh aur delhi ke area mein kyonki rampur Iris vajpayee karke bola kyonki punjab aur haryana ka jitna bhi pollution hai wah sab delhi mein aakar hi jal jata hai isliye acche se supreme court ne jo hai wah keh diya tha ki delhi NCR aur punjab haryana aur chandigarh ke rajyo mein jo hai wah patakhe poore behen kar di jaye aur bilkul bhi nahi uske jaise pollution jo hai wah badh jata hai aur deepawali mein bhi unhone kiya tha aur Christmas aur new abhi jo hai unhone important chahiye for oar kya aur mujhe lagta hai logo chahiye ko jalana pini chahiye kyonki ise khaali hamara jo paryavaran hai khaali wahi dushit hota hai ankit enjayament ke liye hamko hamara paryavaran aur swasthya ke saath jo hai khilwad nahi

आनंद जी देखिए ऐसा बिल्कुल भी नहीं है जैसा आपने ऊपर दिए गए सवाल मैं बोला है न्यू ईयर पर भी

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिवाली के समय दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लग गया था लेकिन नए साल पर ऐसा कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाया गया इसकी मेन रीजन यह है कि दिवाली के समय में सभी लोगों के घरों में या तो बच्चे या फिर बड़े लोग भी पटाखे जलाते हैं और इंजॉय करते हैं लेकिन न्यू ईयर के टाइम में ऐसा देखा जाता है कि सभी घरों के लोग पटाखे नहीं जलाते हैं बस कुछ लोग ही पटाखे जलाकर सेलिब्रेट करते हैं तो दिवाली में होने वाले प्रदूषण की तुलना में न्यू ईयर पर होने वाला प्रदूषण काफी कम होता है इसी वजह से दिल्ली में दिवाली के टाइम में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया लेकिन नए साल में ऐसा कोई भी प्रतिबंध दिल्ली में नहीं लगा

diwali ke samay delhi mein patakhon par pratibandh lag gaya tha lekin naye saal par aisa koi bhi pratibandh nahi lagaya gaya iski main reason yeh hai ki diwali ke samay mein sabhi logo chahiye ke gharon mein ya to bacche ya phir bade log bhi patakhe jalate hain aur enjoy karte hain lekin new year ke time mein aisa dekha jata hai ki sabhi gharon ke log patakhe nahi jalate hain bus kuch log hi patakhe jalakar celebrate karte hain to diwali mein hone wale pradushan ki tulna mein new year par hone wala pradushan kaafi kum hota hai isi wajah se delhi mein diwali ke time mein patakhon par pratibandh lagaya gaya lekin naye saal mein aisa koi bhi pratibandh delhi mein nahi laga

दिवाली के समय दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लग गया था लेकिन नए साल पर ऐसा कोई भी प्रतिबंध

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के दिवाली के समय और पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था वह इसलिए था क्योंकि देश में हर नागरिक दिवाली के समय पटाखे चलाता है तो इसलिए देश देश का परीक्षण बहुत ज्यादा बढ़ जाता है उस टाइम पर और हमको दिल्ली में तो स्मार्ट भी देखने को मिला था पोलूशन की वजह से और लेकिन जो न्यू ईयर पर पटाखों पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाते हैं क्योंकि न्यू ईयर पर ज्यादातर कुछ भी लोग पटाखे चलाना पसंद करते हैं ना कि सब लोग और जो देश की आबादी है वह दिवाली पर पटाखे जरुर चलाती है परंतु न्यू ईयर पर हर कोई नहीं चलाता है इसीलिए दिवाली पर प्रतिबंध लगा दिया गया था परंतु न्यू ईयर पर नहीं लगाया क्या

aaj ke diwali ke samay aur patakhon par pratibandh laga diya gaya tha wah isliye tha kyonki desh mein har nagarik diwali ke samay patakhe chalata hai to isliye desh desh ka parikshan bahut jyada badh jata hai us time par aur hamko delhi mein to smart bhi dekhne ko mila tha pollution ki wajah se aur lekin jo new year par patakhon par pratibandh kyu nahi lagate hain kyonki new year par jyadatar kuch bhi log patakhe chalana pasand karte hain na ki sab log aur jo desh ki aabadi hai wah diwali par patakhe zaroor chalati hai parantu new year par har koi nahi chalata hai isliye diwali par pratibandh laga diya gaya tha parantu new year par nahi lagaya kya

आज के दिवाली के समय और पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था वह इसलिए था क्योंकि देश में हर न

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Ridhima

Mass Communications Student

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिवाली के दौरान पटाखों पर बैन लगाया था वह उसका मेन कारण यह था कि उस टाइम पर ऑलरेडी पोलूशन बहुत ज्यादा हुआ था और अगर दिवाली के टाइम में ज्यादा पटाखे फूटे तो वह पोलूशन और भी ज्यादा हो जाएगा जिससे बहुत सारे डेट भी हो सकते थे तो कोर्ट कम नींद कारण यह था दिवाली पर आया वर्क को बंद करना और यह भी एक ही भारत का मीन फेस्टिवल दिवाली हो गया एंड ऑफिस से तो मतलब हुआ कि ऑलमोस्ट हर घर में पटाखे फूट आई जाते हैं दिवाली पर तो आप सोच लीजिए कि इंडिया का पापुलेशन के हर घर में इतना कष्ट उठाया जाए तो वह पॉपुलेशन उस जगह का कितना भर जाएगा और न्यूज़ का ग्रुप कंप्लीट करें तो हर घर में पटाखे नहीं पटाया जाता बहुत कंपेरेटिव ली में भी 30% या 40% पूरे पॉपुलेशन करते होंगे तो आप कंपेयर करो तो वह बहुत ही कम है जब दिवाली के और टाइम पर तू मेरा मन है इसी कारण से न्यू इयर्स में बैन नहीं लगाया लगाया गया बाय बस पर

diwali ke dauran patakhon par ban lagaya tha wah uska main kaaran yeh tha ki us time par already pollution bahut jyada hua tha aur agar diwali ke time mein jyada patakhe phute to wah pollution aur bhi jyada ho jayega jisse bahut sare date bhi ho sakte the to court kum neend kaaran yeh tha diwali par aaya work ko band karna aur yeh bhi ek hi bharat ka mean festival diwali ho gaya end office se to matlab hua ki alamost har ghar mein patakhe foot eye jaate hain diwali par to aap soch lijiye ki india ka population ke har ghar mein itna kasht uthaya jaye to wah population us jagah ka kitna bhar jayega aur news ka group complete kare chahiye to har ghar mein patakhe nahi pataya jata bahut kamperetiv lee mein bhi 30% ya 40% poore population karte honge to aap kampeyar karo to wah bahut hi kum hai jab diwali ke aur time par tu mera man hai isi kaaran se new years mein ban nahi lagaya lagaya gaya by bus par

दिवाली के दौरान पटाखों पर बैन लगाया था वह उसका मेन कारण यह था कि उस टाइम पर ऑलरेडी पोलूशन

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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिवाली के दौरान जो भी पटाखों का इस्तेमाल होता है, वो बहुत ज्यादा मात्रा में होता है और हर कोई ऑलमोस्ट उसका इस्तेमाल करता है हरl तो उसके वजह से पोलूशन में बहुत ज्यादा इफ़ेक्ट होता हैl आप अगर दिवाली के दूसरे दिन सुबह देखेंगे तो शायद ही कुछ दिख रहा होता है क्योंकि इतना ज्यादा यूज होता है और हर किसी हर कोई यूज़ करता है पटाखे दिवाली में, तो इसीलिए उस टाइम पर जो की है, प्रतिबंध लगा दिया जाता है पटाखों पर और नए वर्ष के समय जो पटाखे इस्तेमाल किए जाते ऐसा नहीं कि हर कोई पटाखे जलाता है, हर इंडिविजुअल जो है पटाखे जलाता है, ऐसे कुछ जो इंटरटेनमेंट के लिए कुछ पार्टी वगैरा हो रही है या फिर कहीं पर कुछ शो वगैरा चल रहा है, बस वही लोग इन पटाखों का इस्तेमाल करते हैं और जो कि बहुत कम लोगों में इस्तेमाल होता है और तो इसीलिए जो की है नए वर्ष के समय पे पटाखों पे प्रतिबंध नहीं लगता है क्योंकि ज्यादा हैवी यूसेज नहीं होता है, बहुत कम यूज़ में आता है जबकि दिवाली के समय में उसे यूजर्स बहुत ज्यादा होता हैl

diwali ke dauran jo bhi patakhon ka istemal hota hai vo bahut jyada matra mein hota hai aur har koi alamost uska istemal karta hai har to uske wajah se pollution mein bahut jyada effect hota hai aap agar diwali ke dusre chahiye din subah dekhenge to shayad hi kuch dikh raha hota hai kyonki itna jyada use hota hai aur har kisi har koi use karta hai patakhe diwali mein to isliye us time par jo ki hai pratibandh laga diya jata hai patakhon par aur naye varsh ke samay jo patakhe istemal kiye jaate aisa nahi ki har koi patakhe jalata hai har imdividual jo hai patakhe jalata hai aise kuch jo entertainment ke liye kuch party vagera ho rahi hai ya phir kahin par kuch show vagera chal raha hai bus wahi log in patakhon ka istemal karte hain aur jo ki bahut kum logo chahiye mein istemal hota hai aur to isliye jo ki hai naye varsh ke samay pe patakhon pe pratibandh nahi lagta hai kyonki jyada heavy usage nahi hota hai bahut kum use mein aata hai jabki diwali ke samay mein use users bahut jyada hota hai

दिवाली के दौरान जो भी पटाखों का इस्तेमाल होता है, वो बहुत ज्यादा मात्रा में होता है और हर

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिवाली के दौरान पुरानी खाल के पटाखों में ज्यादा पोलूशन होता है और नई साल के फटाके के दौरान कंपल्शन होता है

diwali ke dauran purani khaal ke patakhon mein zyada pollution hota hai aur nayi saal ke phatake ke dauran compulsion hota hai

दिवाली के दौरान पुरानी खाल के पटाखों में ज्यादा पोलूशन होता है और नई साल के फटाके के दौरान

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी मुझे लगता है कि दीपावली पर जो पटाखे चलाए जाते हैं यह आपकी न्यू ईयर पर पटाखे चलाएं या किसी अन्य के जन्म पर पटाखे चलाए तो मुझे लगता है कि दीपावली पर बैन होते हैं तू जितने लोकेशन सोनपरी बहन होनी चाहिए क्योंकि अगर दीपावली पर पटाखे चलाने से पुलिस एडमिट रहा है तो किसी अग्रीमेंट को सेलिब्रेट करने से भी पोलूशन बताए तो मुझे लगता है कि जो आपका ग्रीन ट्रिब्यूनल है आप जो सुप्रीम कोर्ट इस तरह के डिशेस देता है कि दीपावली पटाखे बैन कर दिया जाएगा तो मुझे लगता है कोई इस चीज को भी देखना चाहिए क्योंकि आप इतने बड़ी जगह बैठ के पास लेटी नहीं कर सकते न्यू ईयर पर पटाखों पर बैन नहीं होता और दीपावली पर बंद कर दिया था जो मुझे लगता है बहुत ही गलत है हां हां जगह बताओ क्या करेंगे तुम्हारे घर बैठे हैं क्या करेंगे और बता चूत चूत चूत में नहीं मिली यार क्या बात की बढ़िया है और कल्याण ओम हरि ओम साहब भोजन हो गया मुर्गा खाया आज मुर्गा मछली अखिलेश का बोला है कि तुम आओ ना 18 तारीख को SSC का एग्जाम देना भाई साहब आधा किलो मछली लाया कल के फायदा उठाया जाएगा मजे से खाएंगे

dekhi mujhe lagta hai ki deepawali par jo patakhe chalaye jaate hain yeh aapki new year par patakhe chalaye ya kisi anya ke janm par patakhe chalaye to mujhe lagta hai ki deepawali par ban hote hain tu jitne location sonpaari behen honi chahiye kyonki agar deepawali par patakhe chalane se police admit raha hai to kisi agreement ko celebrate karne se bhi pollution bataye to mujhe lagta hai ki jo aapka green tribunal hai aap jo supreme court is tarah ke dishes deta hai ki deepawali patakhe ban kar diya jayega to mujhe lagta hai koi is cheez ko bhi dekhna chahiye kyonki aap itne badi jagah baith ke paas leti nahi kar sakte new year par patakhon par ban nahi hota aur deepawali par band kar diya tha jo mujhe lagta hai bahut hi galat hai haan haan jagah batao kya karenge tumhare ghar baithey kya karenge aur bata chut chut chut mein nahi mili yaar kya baat ki badhiya hai aur kalyan om hari om sahab bhojan ho gaya murga khaya aaj murga machli akhilesh ka bola hai ki tum aao na 18 tarikh ko SSC ka exam dena bhai sahab aadha kilo machli laya kal ke fayda uthaya jayega maje se khayenge

देखी मुझे लगता है कि दीपावली पर जो पटाखे चलाए जाते हैं यह आपकी न्यू ईयर पर पटाखे चलाएं या

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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हैप्पी दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था उसका मुख्य कारण था उन दिनों जो दिल्ली में पॉल्यूशन की घटना सामने आई थी दिल्ली क्या पूरे देश में अलग-अलग शहरों में जो पॉल्यूशन की घटना सामने आई थी उसका प्रमुख कारण इयत्ता और दूसरी चीज दिवाली एकजुट त्यौहार है उस पर चोपड़ा को कम परसेंटेज होती है जलना कि वह न्यू ईयर के कंपैरिजन में कई गुना होती है तो इसलिए दिवाली पर जो पटाखे जलाएंगे वह बहुत ज्यादा पोलूशन क्रिएट करेंगे इसलिए जो ऑफिशियली जो सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया गया था वहां पटाखे जलाने पर और दिल्ली में यह सब हुआ था क्योंकि दिल्ली के दिल्ली में प्रतिबंध लगाया था दिल्ली में पॉल्यूशन का तरीका काफी खतरनाक लेवल पर आ गया था नए साल में तो बहुत कम लिमिट तक यही देखा जाए और लिमिटेशन ही देखा जाए तो काफी कम है पटाखों की दिवाली की कंपैरिजन में तू इसलिए नए साल पर ऐसा कोई नियम सामने नहीं आया था वह दूसरी चीज पॉल्यूशन का लेवल उस दौरान उन दिनों काफी हद तक ज्यादा था बजाए कि अभी मौजूदा स्थिति के जिसके कारणवश यह फैसला होने लेना पड़ता

happy diwali ke dauran patakhon par pratibandh lagaya gaya tha uska mukhya kaaran tha un dinon chahiye jo delhi mein pollution ki ghatna samane eye thi delhi kya poore desh mein alag alag shaharon chahiye mein jo pollution ki ghatna samane eye thi uska pramukh kaaran iyatta aur dusri cheez diwali ekjoot tyohar hai us par chopra ko kum percentage hoti hai jalna ki wah new year ke kampairijan mein kai guna hoti hai to isliye diwali par jo patakhe jalaenge wah bahut jyada pollution create karenge isliye jo officially jo supreme court ne pratibandh laga diya gaya tha wahan patakhe jalane par aur delhi mein yeh sab hua tha kyonki delhi ke delhi mein pratibandh lagaya tha delhi mein pollution ka tarika kaafi khatarnak level par aa gaya tha naye saal mein to bahut kum limit tak yahi dekha jaye aur limiteshan hi dekha jaye to kaafi kum hai patakhon ki diwali ki kampairijan mein tu isliye naye saal par aisa koi niyam samane nahi aaya tha wah dusri cheez pollution ka level us dauran un dinon chahiye kaafi had tak jyada tha bajae ki abhi maujuda sthiti ke jiske karanvash yeh faisla hone lena padata

हैप्पी दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था उसका मुख्य कारण था उन दिनों जो दिल्

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