वैश्वीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया?...


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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

2:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार वैश्वीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया भारत या कोई भी राशि आज के समय में बिना वैश्वीकरण के नहीं रह सकता भारत के अंदर कई चीजें हैं कई दवाइयां हैं कहीं आई एस के जैन की कमी है और कई ऐसी चीज है जो भारत के अंदर नहीं बनती उनका जो इंपोर्ट है भारत के द्वारा किया जाता है जैसे कि कई तरह के सामान है जो कि चाइना से वोट की जाते हैं कई तरह की आयत के न्यू चाइना ब्राजील और कई अफ्रीकी देशों से आयात की जाते हैं जिंदगी हम कई दवाइयां बनाते हैं लोहा बनाते हैं एक तरह की चीजें बनाते हैं दवाइयां बनाने के लिए भी कई चीजों की आवश्यकता होती है वह भी हम अफ्रीकी देशों से और चाइना से याद करते हैं और फिर हो सकता है क्यों नहीं को वापस भेज देते हैं लेकिन जैसे कि किसी फाइट हम चाइना से बहुत अधिक मात्रा में आयात करते हैं तो बाहर वैश्वीकरण ने भारत को बहुत अच्छी तरीके से प्रभावित किया है वैश्वीकरण के द्वारा भारत बहुत ऊंचाइयों पर पहुंचा है उसका जो सर्विस सेक्टर जो कि लगभग 55 परसेंट ज़ी टीवी में कनेक्ट करता है वह दूसरे देशों की मदद से ही हो पाया है अमेरिका यूरोप अफ्रीका चाइना ऑस्ट्रेलिया सभी जगह हमारा जो सर्विस सेक्टर है वह काम कर रहा है उसके द्वारा अपने देखो देशों के सहित अमेरिकी देशों में हमारे देश में बनी हुई गाड़ियां निर्यात होती हैं दवाइयां तो हमारी सारे देशों में आए निर्यात होती है तो वैश्वीकरण ने भारत को प्रगति की ओर प्रस्थान करवाया है और भारत का जो भी प्रकाश है मैं वैश्वीकरण की वजह से ही है

namaskar vaishvikaran ne bharat ko kaise prabhavit kiya bharat ya koi bhi rashi aaj ke samay me bina vaishvikaran ke nahi reh sakta bharat ke andar kai cheezen hain kai davaiyan hain kahin I S ke jain ki kami hai aur kai aisi cheez hai jo bharat ke andar nahi banti unka jo import hai bharat ke dwara kiya jata hai jaise ki kai tarah ke saamaan hai jo ki china se vote ki jaate hain kai tarah ki ayat ke new china brazil aur kai afriki deshon se ayat ki jaate hain zindagi hum kai davaiyan banate hain loha banate hain ek tarah ki cheezen banate hain davaiyan banane ke liye bhi kai chijon ki avashyakta hoti hai vaah bhi hum afriki deshon se aur china se yaad karte hain aur phir ho sakta hai kyon nahi ko wapas bhej dete hain lekin jaise ki kisi fight hum china se bahut adhik matra me ayat karte hain toh bahar vaishvikaran ne bharat ko bahut achi tarike se prabhavit kiya hai vaishvikaran ke dwara bharat bahut unchaiyon par pohcha hai uska jo service sector jo ki lagbhag 55 percent zee TV me connect karta hai vaah dusre deshon ki madad se hi ho paya hai america europe africa china austrailia sabhi jagah hamara jo service sector hai vaah kaam kar raha hai uske dwara apne dekho deshon ke sahit american deshon me hamare desh me bani hui gadiyan niryat hoti hain davaiyan toh hamari saare deshon me aaye niryat hoti hai toh vaishvikaran ne bharat ko pragati ki aur prasthan karvaya hai aur bharat ka jo bhi prakash hai main vaishvikaran ki wajah se hi hai

नमस्कार वैश्वीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया भारत या कोई भी राशि आज के समय में बिना वैश

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Rajesh Rishi

Indian Politician

1:04

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसके अंदर बदलाव बहुत तगड़े हिंदुस्तान में आए जो कि हिंदुस्तान में प्रतिभाओं की कमी नहीं थी भीम की कमी नहीं थी एक ऐसे करण के अंदर हमारे युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया आईडी के एकदम बहुत तेजी से बदलाव आया कंप्यूटर के युग आया देश हमारे देश के नेता कोई माने या बड़े प्रोजेक्ट नहीं थी जिसमें हमारे युवा अपने दिमाग का अपने प्रतिभाओं का वहां पर विकास करके दिखा सकते देश को आगे ला सकते थे लेकिन संभावनाओं की कृपा बनी रहे कभी दूर हो जाती तो हमारे देश में रहते हमारे देश के अंदर की चीजे बनती

uske andar badlav bahut tagde Hindustan mein aaye jo ki Hindustan mein pratibhao ki kami nahi thi bhim ki kami nahi thi ek aise karan ke andar hamare yuvaon ne badh chadhakar bhag liya id ke ekdam bahut teji se badlav aaya computer ke yug aaya desh hamare desh ke neta koi maane ya bade project nahi thi jisme hamare yuva apne dimag ka apne pratibhao ka wahan par vikas karke dikha sakte desh ko aage la sakte the lekin sambhavanaon ki kripa bani rahe kabhi dur ho jati toh hamare desh mein rehte hamare desh ke andar ki cheeje banti

उसके अंदर बदलाव बहुत तगड़े हिंदुस्तान में आए जो कि हिंदुस्तान में प्रतिभाओं की कमी नहीं थी

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Vikas Singh

Political Analyst

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है ग्लोबलाइजेशन वैश्वीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया मैं आपको बताना चाहता हूं सबसे पहले तो वैश्वीकरण को समझना पड़ेगा वैश्वीकरण का मतलब होता है विचार का आदान-प्रदान सेवा का आदान-प्रदान वैश्वीकरण कहलाता है जैसे हम एग्जांपल दे कर बताना चाहते हैं सपोर्ट करिए आपने पढ़ाई इंडिया से कि आपने किसी कॉलेज से पढ़ाई की और आप जॉब जाकर अमेरिका में कर रहे हैं आपने पढ़ाई यहां से की लेकिन अमेरिका में जाकर जॉब कर रहे हैं तो यह वैश्वीकरण का उदाहरण है सपोर्ट किया आपके घर का कोई बच्चा अपने बर्थडे पर गिफ्ट मांग रहा है और आप गिफ्ट खरीदने चले गए तो साइकिल मांगा स्कूटी मांगा आपने स्कूटी खरीद कर लेकर आया घर पर और अपने बेटे को दे दिया तो जो स्कूटी आप ने खरीदी है वह स्कूटी बंद है या चाइना में लेकिन बिक रही है इंडिया में यह वैश्वीकरण हो गया पप्पू आपने पढ़ाई इंडिया में किया आपने पढ़ाई किया और आपके घर की कोई लड़की है वह उसने पढ़ाई किया और वह जॉब करना चाहती है लेकिन परिवार वाले खिलाफ हैं कि जॉब नहीं करोगी तुम तो यह भी वशीकरण का उदाहरण है तो वैश्वीकरण से बहुत सारे प्रभाव पड़ते हैं सपोर्ट करिए आपके हमारे देश का कोई किसान है किसान ने आत्महत्या कर लिया किसान ने बड़ी महंगी कंपनी से उसने बीच खरीदा था और फसल नष्ट होने के कारण उसे आत्महत्या कर लिया उसने तो यह वैश्वीकरण का उदाहरण है हमारे देश में सपोर्ट करिए परचून की दुकान है परचून की दुकान वालों के मन में डर है कि यहां पर कोई विदेशी कंपनी दुख कुछ बड़ा सा शोरूम खोल देगी तो हमारी दुकानें बंद हो जाएंगी यह वैश्वीकरण है तो वैश्वीकरण का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ता है धन्यवाद

aapka sawaal hai globalization vaishvikaran ne bharat ko kaise prabhavit kiya main aapko bataana chahta hoon sabse pehle toh vaishvikaran ko samajhna padega vaishvikaran ka matlab hota hai vichar ka aadaan pradan seva ka aadaan pradan vaishvikaran kehlata hai jaise hum example de kar bataana chahte hain support kariye aapne padhai india se ki aapne kisi college se padhai ki aur aap job jaakar america mein kar rahe hain aapne padhai yahan se ki lekin america mein jaakar job kar rahe hain toh yah vaishvikaran ka udaharan hai support kiya aapke ghar ka koi baccha apne birthday par gift maang raha hai aur aap gift kharidne chale gaye toh cycle manga scooty manga aapne scooty kharid kar lekar aaya ghar par aur apne bete ko de diya toh jo scooty aap ne kharidi hai vaah scooty band hai ya china mein lekin bik rahi hai india mein yah vaishvikaran ho gaya pappu aapne padhai india mein kiya aapne padhai kiya aur aapke ghar ki koi ladki hai vaah usne padhai kiya aur vaah job karna chahti hai lekin parivar waale khilaf hain ki job nahi karogi tum toh yah bhi vashikaran ka udaharan hai toh vaishvikaran se bahut saare prabhav padte hain support kariye aapke hamare desh ka koi kisan hai kisan ne atmahatya kar liya kisan ne badi mehengi company se usne beech kharida tha aur fasal nasht hone ke karan use atmahatya kar liya usne toh yah vaishvikaran ka udaharan hai hamare desh mein support kariye parchun ki dukaan hai parchun ki dukaan walon ke man mein dar hai ki yahan par koi videshi company dukh kuch bada sa showroom khol degi toh hamari dukanein band ho jayegi yah vaishvikaran hai toh vaishvikaran ka sakaratmak aur nakaratmak dono prabhav padta hai dhanyavad

आपका सवाल है ग्लोबलाइजेशन वैश्वीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया मैं आपको बताना चाहता हूं

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Girish Soni

Indian Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने आप कर लेंगे उनको तो अपना जो उनको तो जिस चीज में फायदा लगता है देश के अंदर अगर हम समझ लें कि हम विदेशियों को बहुत ज्यादा आमंत्रित कर रहे हैं आप अपना व्यापार लगाइए अब wal-mart खोल लीजिए आप यह करिए आप ही कोर्ट में समान लाकर देश की मंडी में भेजिए ताकि देश की मंडी से आपको प्रॉफिट हो सके उतना फुला कर देंगे तो देश का सत्यानाश चोटी

apne aap kar lenge unko toh apna jo unko toh jis cheez mein fayda lagta hai desh ke andar agar hum samajh le ki hum videshiyon ko bahut zyada aamantrit kar rahe hain aap apna vyapar lagaaiye ab wal mart khol lijiye aap yah kariye aap hi court mein saman lakar desh ki mandi mein bhejiye taki desh ki mandi se aapko profit ho sake utana phula kar denge toh desh ka satyanash choti

अपने आप कर लेंगे उनको तो अपना जो उनको तो जिस चीज में फायदा लगता है देश के अंदर अगर हम समझ

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Shubham

Software Engineer in IBM

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए दो जो आपने क्वेश्चन पूछा यह काफी अच्छा क्वेश्चन है और मैं आपके क्वेश्चन का आंसर के एग्जांपल कर दूंगा सबसे पहले मैं आपको बताऊंगा कि ग्लोबलाइजेशन का मतलब क्या होता है मतलब वैश्वीकरण का मतलब क्या होता है इसका मतलब होता है ग्लोबलाइजेशन यह पर मैं जिस में सारी कंट्री जो भी डेवलप कंट्री है वह अवश्य मिलती हैं और बात करती है चर्चा करते हैं अन एंप्लॉयमेंट हो गया बेरोजगारी हो गया सोशल प्रॉब्लम मूवी ट्रेलर प्रॉब्लम हो गई ऐसी कुछ चीज़ों पर चर्चा करती है उसका सलूशन निकालती है जो कि फायदेमंद होगा कंट्रीस के लिए तो आपको बता भारत में दूरदर्शन का बयान सुना है जो कि जो मनमोहन सिंह जी ने उन्होंने किया था उन्होंने समझा कि ग्लोबलाइजेशन भारत के लिए बहुत जरुरी है अगर किसी कंट्री को डेवलप्ड कंट्री बढ़ना है तो ग्लोबलाइजेशन वह जरूरी है तो उन्होंने यह निश्चित किया था और आपको पता होना चाहिए इसके बाद भारत 1 फास्टेस्ट ग्रोइंग डेवलपिंग कंट्री बन चुका है और इसकी जी टीवी पर काफी हद तक बढ़ चुकी है तो मुझे लगता है ग्लोबलाइजेशन ने भारत में बहुत काफी असर किया है और बहुत बेनेफिशियल रहा है इंडिया के लिए और दूसरी चीज आपको पता है ग्लोबलाइजेशन जब होता है तो भारत की कंपनियां उस कंट्री में बहुत सारी कंपनी सेट अप करती हैं ऐसे इंडिया में हुआ इसके बाद बहुत प्राइवेट कंपनी में सोचा कि भारत में इन्वेस्ट किया जाए उन्होंने अपनी कंपनी स्कूल और प्राइवेट कंपनी खुली किसे एंप्लॉयमेंट बहुत बड़ा है तो उसके बेरोजगारी कम होगी आपको पता है आज सब भारतीय है जो जनता को 50% लोग प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं तो आप सोचिए कितना इंप्रूवमेंट प्राइवेट कंपनी दे रही है इंडिया के लोगों को जैसे भारत की जनसंख्या उस हिसाब से प्राइवेट कंपनीज होना बहुत जरूरी है और इन कंप्लीट होने के बाद जो भारत का रेवेन्यू है वो इतना बढ़ गया है कि काफी हद तक और इस और दूसरी चीज आपको बताया लोगों को खर्च जो पहले करते थे उससे काफी ज्यादा बढ़ चुका है मतलब आप लोग ज्यादा खर्च करते हैं क्योंकि उन कम ज्यादा हो गई है उनका स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग बढ़ गया तो मुझे लगता है यह बहुत जरूरी है और भारत अभी फास्टेस्ट ग्रोइंग इतनी बढ़ गया बन चुका है और कुछ सालों में वह w इकॉनॉमी में कंवर्ट हो जाएगा तो मैं

dekhiye do jo aapne question poocha yah kaafi accha question hai aur main aapke question ka answer ke example kar dunga sabse pehle main aapko bataunga ki globalization ka matlab kya hota hai matlab vaishvikaran ka matlab kya hota hai iska matlab hota hai globalization yah par main jis mein saree country jo bhi develop country hai vaah avashya milti hain aur baat karti hai charcha karte hain an employment ho gaya berojgari ho gaya social problem movie trelar problem ho gayi aisi kuch cheezon par charcha karti hai uska salution nikalati hai jo ki faydemand hoga kantris ke liye toh aapko bata bharat mein doordarshan ka bayan suna hai jo ki jo manmohan Singh ji ne unhone kiya tha unhone samjha ki globalization bharat ke liye bahut zaroori hai agar kisi country ko developed country badhana hai toh globalization vaah zaroori hai toh unhone yah nishchit kiya tha aur aapko pata hona chahiye iske baad bharat 1 fastest growing developing country ban chuka hai aur iski ji TV par kaafi had tak badh chuki hai toh mujhe lagta hai globalization ne bharat mein bahut kaafi asar kiya hai aur bahut beneficial raha hai india ke liye aur dusri cheez aapko pata hai globalization jab hota hai toh bharat ki companiya us country mein bahut saree company set up karti hain aise india mein hua iske baad bahut private company mein socha ki bharat mein invest kiya jaaye unhone apni company school aur private company khuli kise employment bahut bada hai toh uske berojgari kam hogi aapko pata hai aaj sab bharatiya hai jo janta ko 50 log private company mein kaam karte hain toh aap sochiye kitna improvement private company de rahi hai india ke logo ko jaise bharat ki jansankhya us hisab se private companies hona bahut zaroori hai aur in complete hone ke baad jo bharat ka revenue hai vo itna badh gaya hai ki kaafi had tak aur is aur dusri cheez aapko bataya logo ko kharch jo pehle karte the usse kaafi zyada badh chuka hai matlab aap log zyada kharch karte hain kyonki un kam zyada ho gayi hai unka standard of living badh gaya toh mujhe lagta hai yah bahut zaroori hai aur bharat abhi fastest growing itni badh gaya ban chuka hai aur kuch salon mein vaah w ikanami mein kanvart ho jaega toh main

देखिए दो जो आपने क्वेश्चन पूछा यह काफी अच्छा क्वेश्चन है और मैं आपके क्वेश्चन का आंसर के ए

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