एक औरत दूसरी औरत को क्यों नहीं समझ पाती?...


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P k yadav

Govt Job

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने बोला है एक औरत दूसरी औरत को क्यों नहीं समझ पाती देखो इसके पीछे 2:00 बजे जब कोई इंसान घमंडी होता है और क्यों होता है श्रद्धालु होता है अच्छा होता है वह सब को अपने समान समझते हैं इसलिए इसमें एक औरत के लिए शब्द नहीं कह सकते वह टाइप होती उसमें कुछ जॉब करने में भी जरूरी नहीं है क्यों क्यों नहीं सुन उसकी भी कुछ बजाओ किसी को बिना सोचे समझे हम ब्लेम नहीं कर सकते जो आप ने सवाल किया है उस सवाल में अपना कोई हंड्रेड परसेंट शुद्धता नहीं वह औरत किसी और से जलेसर डिपेंड करता है सोच

aapne bola hai ek aurat dusri aurat ko kyon nahi samajh pati dekho iske peeche 2 00 baje jab koi insaan ghamandi hota hai aur kyon hota hai shraddhalu hota hai accha hota hai vaah sab ko apne saman samajhte hain isliye isme ek aurat ke liye shabd nahi keh sakte vaah type hoti usme kuch job karne me bhi zaroori nahi hai kyon kyon nahi sun uski bhi kuch bajao kisi ko bina soche samjhe hum blame nahi kar sakte jo aap ne sawaal kiya hai us sawaal me apna koi hundred percent shuddhta nahi vaah aurat kisi aur se jalesar depend karta hai soch

आपने बोला है एक औरत दूसरी औरत को क्यों नहीं समझ पाती देखो इसके पीछे 2:00 बजे जब कोई इंसान

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:56

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब सवाल यह है कि एक औरत दूसरी औरत को क्यों नहीं समझ पाती देखिए इस सवाल का जवाब यह होगा ऐसा नहीं है कि एक औरत दूसरी औरत को नहीं समझ पाती बात यह है कि कुछ औरतें अक्सर दूसरों को नहीं समझ पाते तो यह एक इंसान से जुड़ी अपनी उसकी कृपा सिटी है कि अगर वह दूसरे को कितना समझता है या नहीं समझता इसमें कोई जेंडर स्पेसिफिक नहीं है कि औरत ही है इसलिए नहीं समझ पा रहे या फिर औरत है तो दूसरी औरत को नहीं समझ पा रहे अक्सर अगर आपको यह लगे कि औरतें एक दूसरे को नहीं समझते इसमें ज्यादा अहम इस बात यह बात है कि यह साफ है कि यूजुअली जो लोग दूसरों को समझने में थोड़ी असमर्थ हैं ज्यादा से ठीक से नहीं समझते वह किसी को भी नहीं समझते चाहे वह मर्द हो या औरत क्योंकि उनको उनके अंदर कुछ शायद कोई कमी हो जिससे वह ढंग से सामने वाले की सोच लिया वह ऐसे क्यों है नहीं समझ पाता इसमें कोई जेंडर स्पेसिफिक नहीं है कि औरत है इसलिए नहीं समझ रहे या मर्द है तो समझ रही है ऐसा नहीं है तो इस बात का ध्यान रखें कि यह इंसान की अपनी कैपेसिटी है जो नहीं समझता वह किसी को भी नहीं समझता और जो समझते हैं वह अच्छे से समझते हैं और इसके लिए अपनी खुद की सोच अब रिंगिंग और इन्वायरमेंट यह तीन चीजें काम करते हैं जिससे आप में एक क्वालिटी कहते हैं एंपैथी वह आती है या नहीं होती तो यह वजह है कि आप किसी को किस हद तक अच्छे से समझ पाते हैं या नहीं जेंडर से इसका कोई खास कनेक्शन नहीं है थैंक यू

ab sawal yeh hai ki ek aurat dusri aurat ko kyon nahi samajh pati dekhie is sawal ka jawab yeh hoga aisa nahi hai ki ek aurat dusri aurat ko nahi samajh pati baat yeh hai ki kuch auraten aksar dusro ko nahi samajh paate toh yeh ek insaan se judi apni uski kripa city hai ki agar wah dusre ko kitna samajhata hai ya nahi samajhata ismein koi gender specific nahi hai ki aurat hi hai isliye nahi samajh pa rahe ya phir aurat hai toh dusri aurat ko nahi samajh pa rahe aksar agar aapko yeh lage ki auraten ek dusre ko nahi samajhte ismein zyada aham is baat yeh baat hai ki yeh saaf hai ki usually jo log dusro ko samjhne mein thodi asamarth hain zyada se theek se nahi samajhte wah kisi ko bhi nahi samajhte chahe wah mard ho ya aurat kyonki unko unke andar kuch shayad koi kami ho jisse wah dhang se saamne wale ki soch liya wah aise kyon hai nahi samajh pata ismein koi gender specific nahi hai ki aurat hai isliye nahi samajh rahe ya mard hai toh samajh rahi hai aisa nahi hai toh is baat ka dhyan rakhen ki yeh insaan ki apni capacity hai jo nahi samajhata wah kisi ko bhi nahi samajhata aur jo samajhte hain wah acche se samajhte hain aur iske liye apni khud ki soch ab wring aur environment yeh teen cheezen kaam karte hain jisse aap mein ek quality kehte hain empaithi wah aati hai ya nahi hoti toh yeh wajah hai ki aap kisi ko kis had tak acche se samajh paate hain ya nahi gender se iska koi khaas connection nahi hai thank you

अब सवाल यह है कि एक औरत दूसरी औरत को क्यों नहीं समझ पाती देखिए इस सवाल का जवाब यह होगा ऐसा

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