पिछले साल की तुलना में अब आपका जीवन आज से कैसे अलग है?...


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देखिए जीवन में उतार-चढ़ाव उसके आता है जिसकी कुछ लंबी चौड़ी आकांक्षाएं होती जो जीवन में प्रगति करना चाहता है वह प्रगति करता है लेकिन आकांक्षाएं उसकी अगर सीमित मात्रा में रहती हैं सभी आकांक्षा में जो श्रेष्ठ कर्म जो करना वह मेहनत का होता है कड़ी मेहनत दूर दृष्टि पक्का इरादा अनुशासन सिद्धांत पर चलता है उसके जो बदलाव होते हैं बहुत सार्थक होते हैं वह सापेक्ष होते हैं उनको दिखते नहीं आती इसलिए हमेशा आदमी को अपनी आवश्यकताओं को सीमित रखना चाहिए मन में संतोषी जीवन व्यतीत करना चाहिए अपने खाने-पीने का दायरा जो है स्वाद को नहीं खाना जीने के लिए खाना चाहिए समाज की सेवा के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए अहिंसा परमो धर्मा का सिद्धांत मांगे तभी जीवन में बदलाव आएंगे और मैं उन्हें करता रहता हूं

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देखिए जीवन में उतार-चढ़ाव उसके आता है जिसकी कुछ लंबी चौड़ी आकांक्षाएं होती जो जीवन में प्र

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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आंखें का पिक्चर साल की तुलना में आज आपका जीवन कैसा है कैसे अलग है निसंदेह आपने बड़ा मेरे को छोटा हुआ प्रश्न है पिछले सेमेस्टर पिछले साल तक हम देश सूची हम बच्चों को पढ़ाने में उनकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने में उनको अकैडमी जारी कराने में तुम को शिक्षा देने में हमारा संपूर्ण समय बीत जाता था और हम बहुत खुशहाल थे जबकि मौसी फरवरी को है आर्थिक समस्याएं इंसान को गिरती है ऐसा नहीं है कि पढ़ा लिखा इंसान आर्थिक समस्याओं से नहीं टूटता है क्योंकि एक इमानदार और एप्स सज्जन व्यक्ति या कुछ व्यक्ति की जो दूसरों का हित करने का भाव रखता है वह अपना अधिकांश समय और धन दोनों की सेवा में लगा देता है यह चीज का भविष्य खराब होना चाहिए इस इंसान के साथ कभी कुछ अनुचित नहीं होना चाहिए हमारी छोरी से सहयोग चैनल का भूमि सुधार करना चाहिए क्योंकि पैसा आज नहीं कल आ जाएगा यह हमारी सोच थी और हमने निसंदेह हर तरह से एक नहीं अनेक विद्यार्थियों को सहारा दिया सहयोग दिया और उन को आर्थिक मदद जी और उनके आर्थिक मदद मदद का अभी तक कोई उपरांत नहीं मिला है जो दिया लग गया यह विश्वास दिलाया कि सर हम कर देंगे और बात को साल और सालों हो गए हम अपना कर्तव्य निभाते रहें लेकिन जबसे दिलाना इसमें हमारी शिक्षा मरीज सोच हमारी समझ से बहुत गहरा आघात किया है आज हमें बहुत कुछ सोच आज हम सोचे कि कल तक हम कितने अपने आप को खुशहाल कितना हम अपने आप को बुद्धिजीवी या सहयोगी मानते थे लेकिन आज हम स्वयं किसी के सहयोग की परिकल्पना में आ गए धन सीमित होता है आवश्यकताएं सीमित होती है आपने जब अपने धन को अन्य आवश्यकताओं में लगा दिया दूसरों के कल्याण में लगा दिया तो आज आपको अपनी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ा यह कड़वा सत्य कहने में नहीं चूकता मैं कहीं नहीं जाता आप सोचेंगे कि कॉलेज के प्रिंसिपल होकर अगर ऐसी बात करें कॉलेज का प्रिंसिपल होकर भी हो सकता है देश का राष्ट्रपति होकर भी इंसान गरीब हो सकता है जरूरी नहीं है क्यों कुछ पद पर बैठकर वह पैसा ही समय मेरी जीवन का स्ट्रक्चर था और मैं आज तक को कहने के बाद में महसूस कर रहा हूं कि आज का जीवन कितना संघर्ष में कि आज पैसे की कितनी अहमियत है हमारी जिम्मेदारियां इतनी है कि हमें शक का निर्वाह करना है लेकिन आय का स्रोत चुप जाने से नियमित रूप से एक संघर्ष करना पड़ता है मैंने उच्च पद पर रहते हुए भी अपने समय को विद्यार्थियों के जीवन के रूप में उन्हें ट्यूशन के रूप में समय दिया उन्हें कोचिंग के रूप में चने दिया उनकी सफलता के लिए मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से समय दिया अपने घर पर समय दिया मैंने हर तरह से समय दिया ताकि बच्चों का भविष्यवाणी क्योंकि मेरे पास शिक्षा के अलावा कोई दूसरा अन्य साधन नहीं है मैं शिक्षा देने में अपने आप को महसूस करता हूं कि मेरा सेवाधाम है और उसके लिए में बच्चों के प्रति आज तक एनी बीते वर्ष तक जो आपने कहा कि फरवरी तक में हर तरह से बच्चों को सहयोग दे तारा उनकी कॉन्पिटिटिव एग्जाम में आवेदन कर पा रहा उनके लिए किताबों की व्यवस्था करता रहा उनके लिए मैं नहीं मगर उनकी फीस नहीं आई क्योंकि फिर भी मैंने अपनी पॉकेट से जमा कर दी लेकिन आज यह हालात है कि आज मुझे अपने लिए सोचना पड़ रहा है अपने परिवार के लिए सोचना पड़ता है कि मुझे भरोसा अपने आप पर कि अगर में नक्शा किया है तो निसंदेह परमात्मा हमारा साथ देगा हमारे जैसे लोगों का साथ देगा और कहीं ना कहीं समाज में इंसानियत है उस इंसानियत के बल पर एक बार फिर से जीवन की शुरुआत होगी कि 40 दिन में ऐसा क्या हो गया जिंदगी में आप पूरी जिंदगी लगे रहिए आप एक इमारत नहीं खड़ी कर सकते हैं और खड़ी करते हैं ईमानदारी की माने तो उसमें आपको जीने के लिए कितना मिलता है कि आपसे सुबह शाम की रोटी खा ले लेकिन पूरी जिंदगी की तपस्या की मारक एक पल में ढल जाती है जो कि आज हम देख रहे हैं जो अच्छा महसूस कर रहे हैं तो हमारा आज बीते हुए कल से बहुत अलग है और कितना अलग है कि हम समाज के विभिन्न क्षेत्रों को अपनी सेवाएं देते रहेंगे जब तक जिएंगे लेकिन मेरा एक यह लोगों के प्रति एक सुझाव के लिए निवेदन कह दीजिए कि इंसान को कभी भी अच्छे लोगों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए जिन लोगों ने आप लोगों के लिए कुर्बानी किए हैं आपको उनका साथ देना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग पृथ्वी पर बहुत कम होते हैं जो इंसानियत का परिचय देते हैं दौलत दुनिया में सब कुछ नहीं है लेकिन बहुत कुछ है यह मैंने आज सीखा लेकिन फिर भी मैं निवेदन करना चाहूंगा कि अगर हम ऐसे लोगों का साथ दें क्योंकि एक व्यक्ति ने जिंदगी भर हमारे कंधे पर हाथ रखा और हनी गिरती से उठाया हमें हर वक्त संभाला और हर वक्त हमारे लिए वह एक दीवार की तरह सहारा बनकर खड़ा रहा अगर आज वह व्यक्ति स्वयं कई असहाय है आज काहे का मूल कारण क्योंकि सी मिठाई से खर्चों का निकालना बहुत मुश्किल होता है और जिसने अपने लिए कुछ जोड़ा ही नहीं जिसने हमेशा मैंने हमेशा दूसरों के लिए मदद की और दूसरों को सहयोग दिया और दूसरे व्यक्तियों को मैंने हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया और आज से मैं महसूस करता हूं तो मैं मान कर चलता हूं यह में हट नाच के हर प्राणी को ऐसे व्यक्तियों के का हमेशा सारा बनना चाहिए भले वह गुरु हो भले ही वह शिष्य वाले वह पड़ोसियों वाले दारु उसका सहारा बनना चाहिए मैं एक स्वाभिमान जिंदगी को जीना पसंद करता हूं हमेशा किया है और करता रहूंगा और जीवन पर्यंत जब तक जिऊंगा मैं अपने विद्यार्थियों के लिए एक सहारा बनकर एक पिता बनकर गुरु बनकर उनके साथ रहूंगा भले यह संघर्ष का समय है कुछ समय बात कर जाएगा लेकिन मैं उनका सहारा बन के रहूंगा हां जब मैं कभी मैंने महसूस नहीं किया कि मैंने कंधे पर हाथ रख कर उनको चढ़ा दिया बल्कि खुशी महसूस की याद मेरा बच्चा आदमी ना सिर्फ आप आटा किस डोर पर खड़ा है आज उसने यह सफलता प्राप्त की और आज वह लेकिन भटकने वाले को कौन रोक सकता है क्योंकि दुनिया में आप को बरगलाने वाले आपकी टांग खींचने वाले आपको गलत राह दिखाने वाले आपको कदम कदम पर आपको गलत टाइट करने वाले आपके मित्र परिवार के लोग रिश्तेदार अनुचित पड़ोसी हजारों मिल जाएंगे लेकिन उंगली पकड़कर राह दिखाने वाला आपको कोई नहीं मिलेगा तो ऐसे पहुंचे मेरे जीवन में यह संघर्ष भी आए यह बच्चों को सहारा देने के बावजूद भी बच्चे माता-पिता के आने के कारण या गलत निर्णयों के कारण भटक गए और उन्होंने जिंदगी को दांव पर लगा दिया वहां मेरे दिलबर दिमाग को कितना घाट पहुंचा

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आंखें का पिक्चर साल की तुलना में आज आपका जीवन कैसा है कैसे अलग है निसंदेह आपने बड़ा मेरे क

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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पिछले साल की तुलना में अब आपका जीवन अक्षय कैसे पिछले साल की तुलना में 1 साल बीत गया 1 साल उम्र कम हो लोग कहते हैं बढ़ गई उम्र लेकिन हम अगर मिट्टी की तरफ देखें तो आयु कम हो गई हम बहुत कुछ 1 साल में अनुभवी सीखे क्योंकि हमेशा अभिषेक भाई करता है इस संसार में तरह तरह के लोग नीचे और सभी लोगों से कुछ न कुछ सीखने को मिलता रहता है पहली बार जिंदगी में सीखने को मिल रहा है कि लोग डाउन क्या होता है और कोरोनावायरस की वजह से आजा विश्व में लोग डाउन में और हम सभी लोगों ने हैं अपने अपने घरों में कैद हैं बहुत दुखी आप ऐसा धन दौलत कमाई बहुत पैसा जनसन जाम मोटर गाड़ी बाहर खड़ी लेकिन शिवसागर में रहने के लिए वह कोई उपयोग नहीं कर पा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का नया सिद्धांत जन्मदिन आया पहले लोग एक दूसरे के पास आने के लिए लालायित रहते हैं आज 2 गज की दूरी बना कर बात करनी पड़ेगी लोक साहित्य में इकट्ठे हुआ करते से हजारों लोगों का खाना होता है पास पास में बैठ कर खाना खाते थे अलवर पब्लिक तो होता दिख रहा है कोई शोक सभा ओटीसी तो कितने आदमी आए हैं उसके ऊपर से तय होता था कि मरने वाला आदमी कैसा था कितना अच्छा रसूख वाला आदमी का आज वह सब लुप्त हो गई है पता लुक डाउन चेले से संतान यात्रा कितने आदमी ज्यादा ज्यादा आदमियों उतना आदमी को अच्छा माना जाता था ज्यादा से ज्यादा 20 आदमी जा नैना में बांधने वाले तक नहीं मिलते उठाने वाले तक नहीं मिलते हैं घर के लोगों को ही हो सब काम करना पड़ रहा है एक दूसरे का दुख बांटने के लिए कंधा देने वाले घर के लोग के अलावा कोई भी उपलब्ध नहीं यह सब नए अनुभव साल हुए हैं काम धंधे संबंध अगर मैं बैठे-बैठे जो बचत है इसमें से हम अपना निवास चला रहे हैं यह भी नया अनुभव पर मिला सब लोग डाउन की दुआ से इसलिए पिछले साल से आज का जीवन बिल्कुल अलग है रो सकता है आने वाले भविष्य में जीवन और भी अलग होने लोगों की सोच बदल जाए लोग सोशल विष्टल सिंह और मास्क पहनकर बाहर निकलेंगे यह सब हमें मौत के डर से सब करवाना मौत के डर से खौफ है वह सच करवा रहा है डरना जरूरी है क्योंकि जिंदगी सबको जीनी है सबको आनंद करना है एंजॉय करना लेकिन अब आनंद करना है तो उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सब भविष्य की योजनाओं पर पानी पिला शादियां की थी वह साजिया नहीं हो रही बहुत से अपॉइंटमेंट पिकअप टेंशन हो रही बहुत से टूर प्रोग्राम से सब कैंसिल हो रहे हैं क्योंकि आवागमन के साधन ही सफर जिंदगी जीने के तौर-तरीके बदल रहे हैं और उसका हमें पालन करना है यह सब जिंदगी में पहली बार पिछले साल की तुलना में सब नए-नए आगे भी जीवन इसी तरह से चलता रहेगा भगवान चोर 200000 लोग मर गए हैं उनकी आत्मा को शांति दे और अब मौत का तांडव ना और कोई वैक्सीन यादव आपकी खोज हो जाए ताकि यह मत करना पर बंद हो सके सके और जिंदगी वापस पटरी पर लौट सकें भगवान से प्रार्थना है धन्यवाद

pichle saal ki tulna me ab aapka jeevan akshay kaise pichle saal ki tulna me 1 saal beet gaya 1 saal umar kam ho log kehte hain badh gayi umar lekin hum agar mitti ki taraf dekhen toh aayu kam ho gayi hum bahut kuch 1 saal me anubhavi sikhe kyonki hamesha abhishek bhai karta hai is sansar me tarah tarah ke log niche aur sabhi logo se kuch na kuch sikhne ko milta rehta hai pehli baar zindagi me sikhne ko mil raha hai ki log down kya hota hai aur coronavirus ki wajah se aajad vishwa me log down me aur hum sabhi logo ne hain apne apne gharon me kaid hain bahut dukhi aap aisa dhan daulat kamai bahut paisa jansan jam motor gaadi bahar khadi lekin sibsagar me rehne ke liye vaah koi upyog nahi kar paa raha social distensing ka naya siddhant janamdin aaya pehle log ek dusre ke paas aane ke liye lalayit rehte hain aaj 2 gaj ki doori bana kar baat karni padegi lok sahitya me ikatthe hua karte se hazaro logo ka khana hota hai paas paas me baith kar khana khate the alwar public toh hota dikh raha hai koi shok sabha OTC toh kitne aadmi aaye hain uske upar se tay hota tha ki marne vala aadmi kaisa tha kitna accha rasukh vala aadmi ka aaj vaah sab lupt ho gayi hai pata look down chele se santan yatra kitne aadmi zyada zyada adamiyo utana aadmi ko accha mana jata tha zyada se zyada 20 aadmi ja naina me bandhne waale tak nahi milte uthane waale tak nahi milte hain ghar ke logo ko hi ho sab kaam karna pad raha hai ek dusre ka dukh baantne ke liye kandha dene waale ghar ke log ke alava koi bhi uplabdh nahi yah sab naye anubhav saal hue hain kaam dhande sambandh agar main baithe baithe jo bachat hai isme se hum apna niwas chala rahe hain yah bhi naya anubhav par mila sab log down ki dua se isliye pichle saal se aaj ka jeevan bilkul alag hai ro sakta hai aane waale bhavishya me jeevan aur bhi alag hone logo ki soch badal jaaye log social vishtal Singh aur mask pehankar bahar nikalenge yah sab hamein maut ke dar se sab karwana maut ke dar se khauf hai vaah sach karva raha hai darna zaroori hai kyonki zindagi sabko gini hai sabko anand karna hai enjoy karna lekin ab anand karna hai toh usme bhi social distensing ka palan karna sab bhavishya ki yojnao par paani pila shadiyan ki thi vaah sajiya nahi ho rahi bahut se appointment pickup tension ho rahi bahut se tour program se sab cancel ho rahe hain kyonki aavagaman ke sadhan hi safar zindagi jeene ke taur tarike badal rahe hain aur uska hamein palan karna hai yah sab zindagi me pehli baar pichle saal ki tulna me sab naye naye aage bhi jeevan isi tarah se chalta rahega bhagwan chor 200000 log mar gaye hain unki aatma ko shanti de aur ab maut ka tandav na aur koi vaccine yadav aapki khoj ho jaaye taki yah mat karna par band ho sake sake aur zindagi wapas patri par lot sake bhagwan se prarthna hai dhanyavad

पिछले साल की तुलना में अब आपका जीवन अक्षय कैसे पिछले साल की तुलना में 1 साल बीत गया 1 स

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नमस्कार आपका पसंद है पिछले साल की तुलना में अब आपका जीवन आज से कैसे अलग है देखिए आप जानते हैं 2019 में करुणा क्या कोई प्रभाव नहीं था लोग डरे नहीं थे लोग अपने काम पर अपने सब चीजों को आराम से कर रहे थे परंतु पिछले 6 महीने से और खासकर पिछले 4 महीने से तो व्यक्ति कहीं ना कहीं बिल्कुल थम सा गया है इसलिए पिछला जीवन 2019 और 2020 में काफी फर्क है

namaskar aapka pasand hai pichle saal ki tulna me ab aapka jeevan aaj se kaise alag hai dekhiye aap jante hain 2019 me corona kya koi prabhav nahi tha log dare nahi the log apne kaam par apne sab chijon ko aaram se kar rahe the parantu pichle 6 mahine se aur khaskar pichle 4 mahine se toh vyakti kahin na kahin bilkul tham sa gaya hai isliye pichla jeevan 2019 aur 2020 me kaafi fark hai

नमस्कार आपका पसंद है पिछले साल की तुलना में अब आपका जीवन आज से कैसे अलग है देखिए आप जानते

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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समय परिवर्तनशील इंसान का समय सही आने पर उतर जाता है बदल जाता है इसलिए मेहनत करें प्लीज कम करें अपने आप पर भरोसा करें आपको जो मिले आप ईमानदारी से कार्य करें आपके आपका हर कार्य सफल होगा

samay parivartanshil insaan ka samay sahi aane par utar jata hai badal jata hai isliye mehnat kare please kam kare apne aap par bharosa kare aapko jo mile aap imaandaari se karya kare aapke aapka har karya safal hoga

समय परिवर्तनशील इंसान का समय सही आने पर उतर जाता है बदल जाता है इसलिए मेहनत करें प्लीज कम

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker || Career Coach || Business Coach || Marketing & Management Expert's

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हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर केरियर को चोर कॉरपोरेट ट्रेनर आज हम जिस क्वेश्चन पर बात करने वाले हमारे लिए ट्रेन सुबह है कि पिछले साल की तुलना में आपका जीवन आज कैसे अलग है एक ही चीज आपको बोलना चाहूंगा कि मैं पिछले साल जो है मैंने टारगेट पहले से बना रखा था कि मैं एक अच्छा मोटिवेशनल स्पीकर बनूंगा जो वर्ली एक अच्छी रैंक रखूंगा मेरी और यह में टारगेट बनाया और उसके ऊपर में दिन रात मेहनत करता हूं और उस पर काम कर रहा हूं लेकिन पिछले साल तक मेरी जिंदगी में यह नहीं था कि मैं रेगुलर उस काम पर नहीं लग पाता था मतलब प्रॉब्लम से आती थी कि रेगुलर कि नहीं रह पाती थी मेरी और उस रेगुलेटर के नहीं रहने के कारण मैं थोड़ा स्पेस में आ जाता था क्योंकि मैं यह जानता था कि मैंने एक टारगेट बहुत बड़ा बनाया है मेरा लक्ष्य बहुत बड़ा है और उसके लिए मुझे पूरी ताकत पूरी शिद्दत के साथ मेहनत करनी होगी और उस पर काम करना होगा लेकिन काम नहीं कर विचार करता था सोचा था लेकिन काम नहीं कर पाता था और माय डियर फ्रेंड्स मैंने सिर्फ और सिर्फ इसी पर फोकस किया कि मैं काम किस तरह से करूं काम में अपने आप को कैसे लगाऊं किस तरह से अपने आप को लगाए रखो और उसकी यह मेरे से इसलिए हुआ क्योंकि मैं योग ध्यान की तरफ जाने लगा और उससे क्या हुआ मुझ में एकाग्र चित्त आई मेरी जो विचार थे वह सुनने हो गए और उससे मेरे में कागज चिपकाने के कारण मेरा ध्यान अपने लक्ष्य की तरफ आ गया और लक्ष्य की तरफ जो ध्यान आया उस दिन मेरे अंदर यह बदलाव कर दिया कि जहां में रिकॉर्डिंग नहीं कर पाता था जहां में अच्छे से रिकॉर्ड नहीं कर पाता था अपने आपको ज्यादा टाइम नहीं दे पाता था अपने लक्ष्य को ज्यादा टाइम नहीं दे पाता था वही मैं आज जो है लगभग दिनभर आज अपने स्टूडियो में रिकॉर्डिंग पर ही लगा देता हूं और सबसे बड़ी बात है अपने लक्ष्य के लिए काम करने में लगा रहता हूं और जब लगते की तरफ हम लोग काम करने के लिए लग जाएंगे और पूरी ताकत और पूरी शिद्दत के साथ करते रहेंगे तो सफलता तो मिलेगी ही मिलेगी को 101 लेकिन मैंने आज आज की टाइम की अगर मैं बात करूं आज की डेट की बात करूं अभी प्रजेंट टाइम की बात करूं तो मैंने इतने अच्छे से मैं अपने आप को सेट कर लिया है इतने अच्छे से मैं अपने आप को मैंने मैनेज कर लिया है रेगुलर मेहनत करने से मुझ में इतनी परिपक्वता इतनी पॉजिटिविटी आ गई है कि अब डर ही नहीं लगता कि सफल हो तो ठीक है असफल हो तो ठीक बस रेगुलर अपने को कर्म करते जा रहे रेगुलर मेहनत करते जा रहे हैं बस वह करनी है सफलता मिले तो ठीक है सफलता मिले तो ठीक इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और भगवान किस ने एक ही बात की है कि कर्म तो करते जाओ और कर्म को मुझे समर्पित कर दो और फल की इच्छा करना आज से आप छोड़ दो वो ट्रिक मैंने अपना लिया वह तरीका मैंने अपना लिया सच बता रहा हूं मैं बहुत खुश हूं और मुझे खुशी का मेरे कोई ठिकाना नहीं है और इसका सबसे बड़ा जो कारण है वह मैं खुद हूं मेरे अंदर मैंने बदलाव की अगर आप भी अपने अंदर बदलाव करना चाहते हैं ना तो आपकी आपकी जो अभी का जो टाइम है अगर उसमें असफलता है तो उसमें भी सफलता का बदलाव अपने आप हो जाएगा लेकिन आपको खुद को बदलना पड़ेगा अपने समय को बदलने के लिए और अगर इस टॉपिक पर आप ज्यादा बात करना चाहते हैं तो मुझे कॉल कर सकते हैं मेरा कांटेक्ट नंबर है 76618 05327 पर बात कर सकते हैं जय हिंद जय भारत

hello friends main yogendra sharma Motivational speaker Career ko chor corporate trainer aaj hum jis question par baat karne waale hamare liye train subah hai ki pichle saal ki tulna mein aapka jeevan aaj kaise alag hai ek hi cheez aapko bolna chahunga ki main pichle saal jo hai maine target pehle se bana rakha tha ki main ek accha Motivational speaker banunga jo warli ek achi rank rakhunga meri aur yah mein target banaya aur uske upar mein din raat mehnat karta hoon aur us par kaam kar raha hoon lekin pichle saal tak meri zindagi mein yah nahi tha ki main regular us kaam par nahi lag pata tha matlab problem se aati thi ki regular ki nahi reh pati thi meri aur us regulator ke nahi rehne ke karan main thoda space mein aa jata tha kyonki main yah jaanta tha ki maine ek target bahut bada banaya hai mera lakshya bahut bada hai aur uske liye mujhe puri takat puri shiddat ke saath mehnat karni hogi aur us par kaam karna hoga lekin kaam nahi kar vichar karta tha socha tha lekin kaam nahi kar pata tha aur my dear friends maine sirf aur sirf isi par focus kiya ki main kaam kis tarah se karu kaam mein apne aap ko kaise lagau kis tarah se apne aap ko lagaye rakho aur uski yah mere se isliye hua kyonki main yog dhyan ki taraf jaane laga aur usse kya hua mujhse mein ekagra chitt I meri jo vichar the vaah sunne ho gaye aur usse mere mein kagaz chipkane ke karan mera dhyan apne lakshya ki taraf aa gaya aur lakshya ki taraf jo dhyan aaya us din mere andar yah badlav kar diya ki jaha mein recording nahi kar pata tha jaha mein acche se record nahi kar pata tha apne aapko zyada time nahi de pata tha apne lakshya ko zyada time nahi de pata tha wahi main aaj jo hai lagbhag dinbhar aaj apne studio mein recording par hi laga deta hoon aur sabse badi baat hai apne lakshya ke liye kaam karne mein laga rehta hoon aur jab lagte ki taraf hum log kaam karne ke liye lag jaenge aur puri takat aur puri shiddat ke saath karte rahenge toh safalta toh milegi hi milegi ko 101 lekin maine aaj aaj ki time ki agar main baat karu aaj ki date ki baat karu abhi present time ki baat karu toh maine itne acche se main apne aap ko set kar liya hai itne acche se main apne aap ko maine manage kar liya hai regular mehnat karne se mujhse mein itni paripakvata itni positivity aa gayi hai ki ab dar hi nahi lagta ki safal ho toh theek hai asafal ho toh theek bus regular apne ko karm karte ja rahe regular mehnat karte ja rahe hain bus vaah karni hai safalta mile toh theek hai safalta mile toh theek isse koi fark nahi padta aur bhagwan kis ne ek hi baat ki hai ki karm toh karte jao aur karm ko mujhe samarpit kar do aur fal ki iccha karna aaj se aap chod do vo trick maine apna liya vaah tarika maine apna liya sach bata raha hoon main bahut khush hoon aur mujhe khushi ka mere koi thikana nahi hai aur iska sabse bada jo karan hai vaah main khud hoon mere andar maine badlav ki agar aap bhi apne andar badlav karna chahte hain na toh aapki aapki jo abhi ka jo time hai agar usme asafaltaa hai toh usme bhi safalta ka badlav apne aap ho jaega lekin aapko khud ko badalna padega apne samay ko badalne ke liye aur agar is topic par aap zyada baat karna chahte hain toh mujhe call kar sakte hain mera Contact number hai 76618 05327 par baat kar sakte hain jai hind jai bharat

हेलो फ्रेंड्स मैं योगेंद्र शर्मा मोटिवेशनल स्पीकर केरियर को चोर कॉरपोरेट ट्रेनर आज हम जिस

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