क्या भारत UN में अमेरिका के खिलाफ मतदान करना चाहिए था?...


user

Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

0:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्तमान में अमेरिका के खिलाफ मतदान नहीं करना चाहिए था अमेरिका ने यूएन में यह स्पष्ट गई थी कि इजरायल का कैपिटल जो रिलेशन नहीं है और अमेरिका यह सोच रहा था क्यों ने भारत की तरफ से भी सपोर्ट मिलेगा परंतु ऐसा नहीं हुआ भारत ने इसके खिलाफ वोट किया है जिससे एक बात कही जा सकती है कि इस से भारत को परमानेंट मेंबर शिप नहीं मिलेगी जीवन सिक्योरिटी काउंसिल के लिए जो की बहुत ही बड़ी दुख खबरी है भारत खेले सुब्रमण्यम स्वामी जो कि इजराइल के बहुत ही बड़े होने यह बात कही थी कि हमें इसके खिलाफ नहीं रहना चाहिए और इंडिया को वेस्ट योर रिलेशन में अपनी एंबेसी होनी चाहिए थी अभी तो सिर्फ वक्त ही बताएगा कि भारत को जीवन सिक्योरिटी काउंसिल में पहले नंबर पर मिलती है या नहीं लगती है

vartmaan mein america ke khilaf matdan nahi karna chahiye tha america ne un mein yah spasht gayi thi ki israel ka capital jo relation nahi hai aur america yah soch raha tha kyon ne bharat ki taraf se bhi support milega parantu aisa nahi hua bharat ne iske khilaf vote kiya hai jisse ek baat kahi ja sakti hai ki is se bharat ko permanent member ship nahi milegi jeevan Security council ke liye jo ki bahut hi badi dukh khabari hai bharat khele subramanyam swami jo ki israel ke bahut hi bade hone yah baat kahi thi ki hamein iske khilaf nahi rehna chahiye aur india ko west your relation mein apni embassy honi chahiye thi abhi toh sirf waqt hi batayega ki bharat ko jeevan Security council mein pehle number par milti hai ya nahi lagti hai

वर्तमान में अमेरिका के खिलाफ मतदान नहीं करना चाहिए था अमेरिका ने यूएन में यह स्पष्ट गई थी

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  8
WhatsApp_icon
4 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Anukrati

Journalism Graduate

1:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत का वोट अपनी ट्रेडिशनल पॉलिसी के अनुरूप था मुस्लिम कंट्री इसको अपने फैसले से उत्तेजित ना करने के लिए यह संभव है कि भारत वैसे भी एजुकेशन रात के पक्ष में मतदान करने की इच्छा रख रहा था लेकिन अमेरिकन अल्टीमेटम उसने उसे थोड़ा जूस करने पर मजबूर कर दिया इसमें कोई संदेह नहीं है कि सरकार ने अपनी कॉस्ट बेनिफिट रेश्यो को ऑन लाइफ किया भारत के वोट नहीं डाला यु एस को निराश किया होगा भारत के इस जवान के साथ बहुत अच्छे रिलेशन से परे कक्षा के गाना आलसी से पता चलता है कि इजराइल को भारत की ज्यादा जरूरत है और इसका उल्टा नहीं इस वेल के डिफेंस प्रोडक्शन का एक तिहाई सब भारत जीता है डिप्लोमेटिक और पॉलिटिकल कारणों से भारत इजरायल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी आगामी भारत यात्रा को रद्द नहीं करेंगे यूएस की बात करें तो दोनों देशों के बीच में कोई इंटरेस्ट है और दोनों ही देशों को एक दूसरे की जरूरत है हमें अपने डिफेंस प्लेटफार्म की बिक्री और नेवले सप्लायर आप की सदस्यता जैसे कुछ चीजों के लिए अमेरिकन समर्थन की आवश्यकता है यूएस का इंडिया के मार्केट में बहुत बड़ा इंटरेस्ट है और मैं उसे लेने में के नाम पर चाइना फैक्टर तो है ट्रंप ने रिसेंटली ही इंडिया को एक लिंग लोकल पावर ब्लॉक कर उसे उस से 10 तक पहुंचने में सपोर्ट करने का वादा किया है इंडिया Fortuner है क्योंकि उसे अमेरिकन 8 की जरूरत नहीं है जो कभी भी हटाइए रिड्यूस की जा सकती है तो अगर हम नहीं हुए क्या गेंद पर वोट किया है तो उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए

bharat ka vote apni traditional policy ke anurup tha muslim country isko apne faisle se uttejit na karne ke liye yah sambhav hai ki bharat waise bhi education raat ke paksh mein matdan karne ki iccha rakh raha tha lekin american ultimatum usne use thoda juice karne par majboor kar diya isme koi sandeh nahi hai ki sarkar ne apni cost benefit ratio ko on life kiya bharat ke vote nahi dala you s ko nirash kiya hoga bharat ke is jawaan ke saath bahut acche relation se pare kaksha ke gaana aalsi se pata chalta hai ki israel ko bharat ki zyada zarurat hai aur iska ulta nahi is well ke defence production ka ek tihai sab bharat jita hai diplometik aur political karanon se bharat israel ke liye bahut mahatvapurna hai israel ke pradhanmantri benjamin netanyahu apni aagaami bharat yatra ko radd nahi karenge US ki baat kare toh dono deshon ke beech mein koi interest hai aur dono hi deshon ko ek dusre ki zarurat hai hamein apne defence platform ki bikri aur newale supplier aap ki sadasyata jaise kuch chijon ke liye american samarthan ki avashyakta hai US ka india ke market mein bahut bada interest hai aur main use lene mein ke naam par china factor toh hai trump ne recently hi india ko ek ling local power block kar use us se 10 tak pahuchne mein support karne ka vada kiya hai india Fortuner hai kyonki use american 8 ki zarurat nahi hai jo kabhi bhi hataiye reduce ki ja sakti hai toh agar hum nahi hue kya gend par vote kiya hai toh usse zyada fark nahi padhna chahiye

भारत का वोट अपनी ट्रेडिशनल पॉलिसी के अनुरूप था मुस्लिम कंट्री इसको अपने फैसले से उत्तेजित

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  8
WhatsApp_icon
play
user

Bari khan

Practicing journalist

0:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर आप इंटरनेट पर जाकर सर्च कीजिएगा निकी हेले जी का जो बयान थे यूनाइटेड नेशंस के अंदर वह बहुत ही अग्रेसिव था और उन्होंने कहा कि यह इससे फर्क नहीं पड़ता कि यूनाइटेड नेशंस में कितने वोट पड़ेंगे हम अपना एंबेसी बनाएंगे जेरुसलेम के अंदर ही है उन्होंने कहा लेकिन उन्हें क्या फर्क पड़ेगा कि कौन हमारे खिलाफ और कौन हमारे साथ वोट करता है इससे यह फर्क पड़ेगा कि हम उस कंट्री के साथ कैसे नहीं करता है तो मेरा हाल से ही बहुत ही क्वेश्चन आंसर और बहुत ही कृषि बयान था तो बिल्कुल हिंदुस्तान को इसको सपोर्ट नहीं करना चाहिए

agar aap internet par jaakar search kijiega niki hele ji ka jo bayan the united nations ke andar vaah bahut hi aggressive tha aur unhone kaha ki yah isse fark nahi padta ki united nations mein kitne vote padenge hum apna embassy banayenge jeruslem ke andar hi hai unhone kaha lekin unhe kya fark padega ki kaun hamare khilaf aur kaun hamare saath vote karta hai isse yah fark padega ki hum us country ke saath kaise nahi karta hai toh mera haal se hi bahut hi question answer aur bahut hi krishi bayan tha toh bilkul Hindustan ko isko support nahi karna chahiye

अगर आप इंटरनेट पर जाकर सर्च कीजिएगा निकी हेले जी का जो बयान थे यूनाइटेड नेशंस के अंदर वह ब

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  40
WhatsApp_icon
user

Gunjan

Junior Volunteer

0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाजी जो हमारा भारत है जो इंडिया है तो वह आ मेंबर रह चुका है और इस नली यूनाइटेड नेशंस का जो कि आजाद हुआ था डिक्लेरेशन बा यूनाइटेड नेशन सेट वाशिंगटन में और जो इंडिया है वह मेंबर रह चुका है यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का भी सेवन से ज्यादा यानी कि टोटल फोर्टीन इयर्स में और रजिस्ट्रेशन जो था वह था 2011 से 12 तक तो मुझे ऐसा लगता है कि इंडिया परिवार में शामिल हो सकता है

haji jo hamara bharat hai jo india hai toh vaah aa member reh chuka hai aur is nali united nations ka jo ki azad hua tha declaration ba united nation set washington mein aur jo india hai vaah member reh chuka hai un Security council ka bhi seven se zyada yani ki total fourteen years mein aur registration jo tha vaah tha 2011 se 12 tak toh mujhe aisa lagta hai ki india parivar mein shaamil ho sakta hai

हाजी जो हमारा भारत है जो इंडिया है तो वह आ मेंबर रह चुका है और इस नली यूनाइटेड नेशंस का जो

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  120
WhatsApp_icon
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!