भारतीय लोग हर त्योहार ज़्यादा ही धूम धाम से क्यों मनाते हैं?...


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भारतीय संस्कृति वर्षों से चली आ रही है और भारत एक त्यौहार प्रधान देश है इसलिए हर भारतीय मूल का व्यक्ति हर तीज त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं और हर्षोल्लास के साथ बनाता है

bharatiya sanskriti varshon se chali aa rahi hai aur bharat ek tyohar pradhan desh hai isliye har bharatiya mul ka vyakti har teej tyohar ko bade hi dhumadham se manate hain aur harshollas ke saath banata hai

भारतीय संस्कृति वर्षों से चली आ रही है और भारत एक त्यौहार प्रधान देश है इसलिए हर भारतीय मू

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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भारतीय लोग हर त्योहार इतने धूमधाम से इसलिए मनाते है क्योंकि भारत में अलवर की संस्कृतियां है अगर देखा जाए तो भारत में विश्व में सबसे ज्यादा त्यौहार है इसकी वजह से लोगों में एक एक्साइटमेंट है इन्हें बनाने की चाहे वह कोई भी त्यौहार ओपन करो होली हो दिवाली हो या कृष्ण शुभ भारतीय लोग हर त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं यह भारतीय संस्कृति में है कि कोई भी त्यौहार उसे धूमधाम से मनाना चाहिए अगर हम देखें जैसे अतिथि देवो भवः घर में जाए नए मेहमान हो या अगर हम देखें कैसे फॉरेन के लोग आए हमारे देश में कोई भी नई चीज हो हम भारतीय बड़े ही धूमधाम से एकदम पॉजिटिव आत्मा शरीर से बनाते हैं जो की बहुत ही अच्छी बात है

bharatiya log har tyohar itne dhumadham se isliye manate hai kyonki bharat mein alwar ki sanskritiyan hai agar dekha jaaye toh bharat mein vishwa mein sabse zyada tyohar hai iski wajah se logo mein ek exitement hai inhen banane ki chahen vaah koi bhi tyohar open karo holi ho diwali ho ya krishna shubha bharatiya log har tyohar ko badi dhumadham se manate hain yah bharatiya sanskriti mein hai ki koi bhi tyohar use dhumadham se manana chahiye agar hum dekhen jaise atithi devo bhavah ghar mein jaaye naye mehmaan ho ya agar hum dekhen kaise foreign ke log aaye hamare desh mein koi bhi nayi cheez ho hum bharatiya bade hi dhumadham se ekdam positive aatma sharir se banate hain jo ki bahut hi achi baat hai

भारतीय लोग हर त्योहार इतने धूमधाम से इसलिए मनाते है क्योंकि भारत में अलवर की संस्कृतियां ह

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

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देखिए भारत देश जो है अलग-अलग संस्कृतियों का देश है इसमें जो है ऐसा कहा जाता है कि हर लगभग 10 किलोमीटर में एक एक नया जो है संस्कृति आपको देखने में भी एक नया सीखने को मिलता है भारत में अपने हिसाब से अपने त्योहार पर हम सब मिलकर एक ही देश में रहते हैं सारे कल्चर वाले मिलकर सारे संस्कृतियां वाले अलग-अलग संस्कृति की है कि देश में रहते भारत और अभी काम नौकरी के वजह से पढ़ाई लिखाई के वजह से तो हर शब्द कल चर्च के लोग अलग-अलग जगह से 1 बड़े बड़े शहरों में ही खड़ा हो जाते अपने काम के लिए तो हम सब मिलकर एक ही शहर में रहते हैं तो सब अपने यह बहुत अच्छी बात है कि सब अपने अपने कल्चर की जो है इज्जत करते हैं अलग-अलग संस्कृतियों की अपने पैसों की इज्जत करते हैं तो उसने अगर वह इज्जत कर रहे हैं तो सारे त्यौहार भी धूमधाम से ही मनाएंगे हर धर्म का त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है भारत में

dekhiye bharat desh jo hai alag alag sanskritiyon ka desh hai isme jo hai aisa kaha jata hai ki har lagbhag 10 kilometre mein ek ek naya jo hai sanskriti aapko dekhne mein bhi ek naya sikhne ko milta hai bharat mein apne hisab se apne tyohar par hum sab milkar ek hi desh mein rehte hain saare culture waale milkar saare sanskritiyan waale alag alag sanskriti ki hai ki desh mein rehte bharat aur abhi kaam naukri ke wajah se padhai likhai ke wajah se toh har shabd kal church ke log alag alag jagah se 1 bade bade shaharon mein hi khada ho jaate apne kaam ke liye toh hum sab milkar ek hi shehar mein rehte hain toh sab apne yah bahut achi baat hai ki sab apne apne culture ki jo hai izzat karte hain alag alag sanskritiyon ki apne paison ki izzat karte hain toh usne agar vaah izzat kar rahe hain toh saare tyohar bhi dhumadham se hi manayenge har dharm ka tyohar ko dhumadham se manaya jata hai bharat mein

देखिए भारत देश जो है अलग-अलग संस्कृतियों का देश है इसमें जो है ऐसा कहा जाता है कि हर लगभग

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Hhhgnbhh

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बहुत ही अच्छा सवाल पूछा गया है हां, जो हम भारत के लोग होते हैं, हम लोग अपना त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं |क्योंकि होता क्या है जो हम भारत के लोग होते हैं ना हमें चाहे छोटा काम हो या बड़ा काम हो हम चाहते हैं अपना हर काम में उसे पूरी तरीके से करें हम उस में अपना हंड्रेड परसेंट दे | तो जब वह चाहिए एक ऑफिस का काम होता है चाहे वह त्यौहार मनाना चाहे वह अपना कोई फर्ज निभाना हो हम चाहते हैं कि वह हम बहुत अच्छे से पूरा करें उसमें कहीं कोई कमी ना रह जाये| तो जब त्योहारों की बात आती है तो भारत एक ऐसा देश है जहां बहुत ज्यादा अलग अलग तरह के हमारे पास कल्चर्स है, अलग अलग तरह की कम्युनिटीज है, अलग अलग जगह पर रहने वाले लोग हैं | सब की बहुत अलग-अलग सोच है उसके बावजूद भी जब भी कोई त्यौहार आता है तो बिना किसी डिस्क्रिमिनेशन के पूरा भारत उसे मनाता है | हम बहुत रिस्पेक्ट करते हैं चाहे वह दूसरी कम्युनिटी का त्यौहार हो चाहे वह किसी कम्युनिटी का त्यौहार हो सबको हम इक्वल वैल्यू देते हैं चाहे वह हिंदू का त्योहार हो, चाहे वो मुसलमानों का त्योहार हो, हर स्कूल के अंदर छुट्टी होती है | जब कोई त्यौहार आता है तब हम लोग यह सोचते हैं कि यह त्यौहार एक खुशी ढूंढने का हमारे लिए तरीका होता अपनी फैमिली के साथ इक टाइम स्पेंड करने का तरीका होता है अपने बिजी लाइफ से एक ब्रेक लेने का तरीका होता है | तो मेरे हिसाब से यह और भी काफी सारे कारणों की वजह से क्योंकी हिंदुस्तानियों में उत्साह की तो कोई कमी ही नहीं है | इन वजह से जो भारतीय लोग है वे हर त्योहार को बहुत धूमधाम से मनाते हैं |

bahut hi accha sawaal poocha gaya hai haan jo hum bharat ke log hote hain hum log apna tyohar bahut dhumadham se manate hain kyonki hota kya hai jo hum bharat ke log hote hain na hamein chahen chota kaam ho ya bada kaam ho hum chahte hain apna har kaam mein use puri tarike se kare hum us mein apna hundred percent de toh jab vaah chahiye ek office ka kaam hota hai chahen vaah tyohar manana chahen vaah apna koi farz nibhana ho hum chahte hain ki vaah hum bahut acche se pura kare usme kahin koi kami na reh jaye toh jab tyoharon ki baat aati hai toh bharat ek aisa desh hai jaha bahut zyada alag alag tarah ke hamare paas cultures hai alag alag tarah ki kamyunitij hai alag alag jagah par rehne waale log hain sab ki bahut alag alag soch hai uske bawajud bhi jab bhi koi tyohar aata hai toh bina kisi discrimination ke pura bharat use manata hai hum bahut respect karte hain chahen vaah dusri community ka tyohar ho chahen vaah kisi community ka tyohar ho sabko hum equal value dete hain chahen vaah hindu ka tyohar ho chahen vo musalmanon ka tyohar ho har school ke andar chhutti hoti hai jab koi tyohar aata hai tab hum log yah sochte hain ki yah tyohar ek khushi dhundhne ka hamare liye tarika hota apni family ke saath ek time spend karne ka tarika hota hai apne busy life se ek break lene ka tarika hota hai toh mere hisab se yah aur bhi kaafi saare karanon ki wajah se kyonki hindustaniyon mein utsaah ki toh koi kami hi nahi hai in wajah se jo bharatiya log hai ve har tyohar ko bahut dhumadham se manate hain

बहुत ही अच्छा सवाल पूछा गया है हां, जो हम भारत के लोग होते हैं, हम लोग अपना त्योहार बहुत ध

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुकेश रावल आपका बिल्कुल सही है निर्मल जी से बात कर लो घर पर ज्यादा धूमधाम से क्यों मनाते हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की संस्कृति रही है भारत का इतिहास रहा है कि हम पांच लोग जो है वह सारी खुशियां जो है वह मिल बांट के बनाते हैं मिठाइयां बांटते हैं पटाखे फोड़ते हैं रंगों से खेलते हैं चाहे वह तो हर कोई सा भी हो होली होती वाली है किस्मत होगी यारो हम सब लोग जो है वह खुशियों को आपस में बात है और और एक दूसरे की केयर करते हुए एक दूसरे के साथ मिलकर हम लोग पीते हैं हैं और जीते रहेंगे तो मतलब आपने यह कहावत अगर आपके पास कोई भी चीज ज्यादा से ज्यादा तो उसको दूसरे के साथ शेयर करें यही कि हम लोग आपस में रहते हैं यह दुनिया में आप कौन सी कंट्री नहीं देखी होगी जिसमें जो त्यौहार महाभारत के रचयिता धूमधाम से मनाते हैं और और अब किसी भी कंट्री को दुनिया के भारत से कंपेयर करके देख लीजिए आपको किसी भी कंट्री में भारत से ज्यादा हॉलिडे नंबर नहीं दोगे भारत में ही थे फेस्टिवल होते हैं कि हम को इतने सारे हॉलीडे भारत में मिला था

mukesh raval aapka bilkul sahi hai nirmal ji se baat kar lo ghar par zyada dhumadham se kyon manate hain aisa isliye hai kyonki bharat ki sanskriti rahi hai bharat ka itihas raha hai ki hum paanch log jo hai vaah saree khushiya jo hai vaah mil baant ke banate hain mithaiyan bantate hain patakhe fodte hain rangon se khelte hain chahen vaah toh har koi sa bhi ho holi hoti wali hai kismat hogi yaro hum sab log jo hai vaah khushiyon ko aapas mein baat hai aur aur ek dusre ki care karte hue ek dusre ke saath milkar hum log peete hain hain aur jeete rahenge toh matlab aapne yah kahaavat agar aapke paas koi bhi cheez zyada se zyada toh usko dusre ke saath share kare yahi ki hum log aapas mein rehte hain yah duniya mein aap kaun si country nahi dekhi hogi jisme jo tyohar mahabharat ke rachiyata dhumadham se manate hain aur aur ab kisi bhi country ko duniya ke bharat se compare karke dekh lijiye aapko kisi bhi country mein bharat se zyada holiday number nahi doge bharat mein hi the festival hote hain ki hum ko itne saare halide bharat mein mila tha

मुकेश रावल आपका बिल्कुल सही है निर्मल जी से बात कर लो घर पर ज्यादा धूमधाम से क्यों मनाते ह

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल पूछा है निर्मल जी यह बहुत ही अच्छा सवाल है आप अगर जानते हो तो यह भारत की खासियत है कि हम सारे अपने जो भी फंक्शन होते हैं सेलिब्रेशन जाते हम बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं त्यौहार भी धूमधाम तलाशते हैं कि हमारी संस्कृति बन गई है कि हम यह सब के साथ शेयर करें और फिर और धूमधाम से अपना ही आपने सब को बांटे कि वह ऐसे थोड़ी खुशियां हुए अपने आसपास सलाम लेंगे

sawaal poocha hai nirmal ji yah bahut hi accha sawaal hai aap agar jante ho toh yah bharat ki khasiyat hai ki hum saare apne jo bhi function hote hain celebration jaate hum bahut hi dhumadham se manate hain tyohar bhi dhumadham talashate hain ki hamari sanskriti ban gayi hai ki hum yah sab ke saath share kare aur phir aur dhumadham se apna hi aapne sab ko bante ki vaah aise thodi khushiya hue apne aaspass salaam lenge

सवाल पूछा है निर्मल जी यह बहुत ही अच्छा सवाल है आप अगर जानते हो तो यह भारत की खासियत है कि

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Anukrati

Journalism Graduate

0:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति का एक बहुत ही मजबूत पहलू है भारत एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या वाला धर्मनिरपेक्ष देश है विभिन्न धर्मों समुदायों और संस्कृति वाले लोग यहां सदियों से साथ रह रहे हैं एक साथ रहते हुए वह एक दूसरे की खुशियां और दुख में बराबर के भागीदार हो जाते हैं हर संप्रदाय का अपनी खुशियां मनाने का अलग अलग तरीका है भारत में हर महीने कोई ना कोई त्यौहार मनाया जाता है और भारत में रहने वाले सभी भारतीय उन त्यौहारों को अपने दूसरे संप्रदाय के बंधुओं के साथ बड़ी खुशी और उत्साह से मनाते हैं यही भावना भारत की एकता और अखंडता को सुरक्षित बनाए रखती है

yah bharatiya sabhyata aur sanskriti ka ek bahut hi majboot pahaloo hai bharat ek bahut hi badi jansankhya vala dharmanirapeksh desh hai vibhinn dharmon samudayo aur sanskriti waale log yahan sadiyon se saath reh rahe hain ek saath rehte hue vaah ek dusre ki khushiya aur dukh mein barabar ke bhagidaar ho jaate hain har sampraday ka apni khushiya manane ka alag alag tarika hai bharat mein har mahine koi na koi tyohar manaya jata hai aur bharat mein rehne waale sabhi bharatiya un tyauharon ko apne dusre sampraday ke bandhuon ke saath badi khushi aur utsaah se manate hain yahi bhavna bharat ki ekta aur akhandata ko surakshit banaye rakhti hai

यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति का एक बहुत ही मजबूत पहलू है भारत एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या वाल

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Bari khan

Practicing journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत के लोग हर त्यौहार धूमधाम से मनाते हैं बिल्कुल धक धक बात है यह सही बात है और क्यों मनाते हैं उसके पीछे वजह ज्यादा कोई बड़ी नहीं है मेरे ख्याल से 1 सीटों का हिसाब है अगर आप देखोगे हिंदुस्तान के अंदर जितने भी तमाम हूं जितनी भी कल्चर है उन सबका आप अगर बैकग्राउंड देखते हो जिस आधार पर वह धर्म जो है या वह जो संस्कृति है वह वजूद में आई उसके पीछे जितनी भी है आज तक इंसिडेंट हुए जो भी घटनाएं हुई वह सारी चीज़े उनसे मुतासिर होने के बाद इंसान को जो त्यौहार का वक्त आता है वह उसके लिए इतना ज्यादा मत नहीं रखता है बस मेरे साथ से बजा यही है कि जब आप उस पार्टी कूलर रहता है वह उसे मार के बारे में अगर आप बात करोगे उसके पीछे जाकर देखोगे तो उसके पीछे की जो कहानी है वह इतनी ज्यादा उत्साह भरी है इतनी ज्यादा इंस्पिरेशनल है उससे आपको बहुत ज्यादा सीखने को मिल सकता है तो यही सारी चीजें हैं जिनकी वजह से इंसान जो है बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं

dekhiye bharat ke log har tyohar dhumadham se manate hain bilkul dhak dhak baat hai yah sahi baat hai aur kyon manate hain uske peeche wajah zyada koi badi nahi hai mere khayal se 1 seaton ka hisab hai agar aap dekhoge Hindustan ke andar jitne bhi tamaam hoon jitni bhi culture hai un sabka aap agar background dekhte ho jis aadhaar par vaah dharm jo hai ya vaah jo sanskriti hai vaah wajood mein I uske peeche jitni bhi hai aaj tak incident hue jo bhi ghatnaye hui vaah saree cheeje unse mutasir hone ke baad insaan ko jo tyohar ka waqt aata hai vaah uske liye itna zyada mat nahi rakhta hai bus mere saath se baja yahi hai ki jab aap us party cooler rehta hai vaah use maar ke bare mein agar aap baat karoge uske peeche jaakar dekhoge toh uske peeche ki jo kahani hai vaah itni zyada utsaah bhari hai itni zyada inspirational hai usse aapko bahut zyada sikhne ko mil sakta hai toh yahi saree cheezen hain jinki wajah se insaan jo hai bahut zyada dhumadham se manate hain

देखिए भारत के लोग हर त्यौहार धूमधाम से मनाते हैं बिल्कुल धक धक बात है यह सही बात है और क्य

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतीय लोगों के लिए हर त्यौहार बहुत ही बड़ा उत्सव होता है और वह उसको बहुत ही ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि हमारे यहां त्यौहारों को बहुत ही बड़ी महत्व था दी जाती है उसमें हम पूजा करते हैं और जैसे कि दिवाली हुई तो हमने वहां दीपक जलाते हैं पटाखे चलाते हैं और होली हुई तो हम रंगों से उठे होली खेलते हैं तो हमारे हत्यारों की महत्वता इतनी होती है कि हम लोग अपने आप खुशी जाहिर करने के लिए उनको बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं और इसके अलावा बहुत से और भी तो हारे हैं जिनको लोग पार्टी धूमधाम से मनाते हैं

bharatiya logo ke liye har tyohar bahut hi bada utsav hota hai aur vaah usko bahut hi zyada dhumadham se manate hai kyonki hamare yahan tyauharon ko bahut hi baadi mahatva tha di jaati hai usme hum puja karte hai aur jaise ki diwali hui toh humne wahan deepak jalate hai patakhe chalte hai aur holi hui toh hum rangon se uthe holi khelte hai toh hamare hatyaron ki mahatvata itni hoti hai ki hum log apne aap khushi jaahir karne ke liye unko bahut zyada dhumadham se manate hai aur iske alava bahut se aur bhi toh hare hai jinako log party dhumadham se manate hain

भारतीय लोगों के लिए हर त्यौहार बहुत ही बड़ा उत्सव होता है और वह उसको बहुत ही ज्यादा धूमधाम

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