शादियों में इतने सारे अज्ञात लोगों को क्यों आमंत्रित किया गया है? भारत में शादियाँ इतनी महंगी क्यों हैं?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि शादियों में भारत में लोग अज्ञात लोगों को बुलाते हैं बाकि होती है कि हमारे जो रिश्तेदार हैं दोस्तों उनकी संख्या बढ़ी ज्यादा होती है और फिर इसमें सारे भाई बहन माता पिता और सभी के रिश्तेदारों को और सभी के जो आपके मित्र हैं उनको बुलाया जाता है और इसीलिए तो हम का नंबर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो हम लोग क्रिकेट सोशल कनेक्ट लोग हैं इस वजह से हमारे यहां जो शादियों में जो संख्या होती है बारातियों की ज्यादा होती है और आप कम से कम करते रहे तब भी संख्या बहुत बढ़ जाती है

main is baat se sahmat nahi hoon ki chahiye shadiyo mein bharat mein log agyaat logo chahiye ko bulate hain baki hoti hai ki chahiye hamare jo rishtedar hain doston unki sankhya badhi jyada hoti hai aur phir isme sare bhai behen mata pita aur sabhi ke rishtedaaro ko aur sabhi ke jo aapke mitra hain unko bulaya jata hai aur isliye to hum ka number bahut jyada badh jata hai to hum log cricket social connect log hain is wajah se hamare yahan jo shadiyo mein jo sankhya hoti hai chahiye ki jyada hoti hai aur aap kam se kam karte rahe tab bhi sankhya bahut badh jati hai

मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि शादियों में भारत में लोग अज्ञात लोगों को बुलाते हैं बाकि हो

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि शादियों में इतने सारे अज्ञात लोगों को क्यों आमंत्रित किया जाता है भारत में शादियां इतनी महंगी क्यों है तो भारत में सबसे ज्यादा दिखावा क्यों बाजी सबसे ज्यादा उनका ध्यान रहता है कि लोग हमारे बारे में अच्छा बोले उनको किसी भी तरह से यह रहता है कि हमें लोगों के सामने अच्छे से अच्छे लोगों को बुलाकर अच्छे से उनकी आवभगत करके संतुष्टि कुछ नहीं है यह तो 100 बाजी है तो इसीलिए शादियां की नंगी हो जाती है कितने लोगों को बुलाना खाना पीना सब कुछ करना सब खर्च करना इसलिए क्या दिया सबसे ज्यादा महंगी मेरे ख्याल से तो भारत में है ओन्ली बिकॉज़ ऑफ शोभा जी वह यह नहीं देखते हैं कि शादी दो लोगों का शादी की है तो सादगी से की जाए और वह पैसे और कहां गरीबों के सुप्रिया जो जरूरतमंद उन पर खर्च किया जाए थैंक यू

aapka sawal hai ki chahiye shadiyo mein itne sare agyaat logo chahiye ko kyon aamantrit kiya jata hai bharat mein shadiyan itni mehengi kyon hai to bharat mein sabse jyada dikhawa kyon busy sabse jyada unka dhyan rehta hai ki chahiye log hamare bare mein accha bole unko kisi bhi tarah se yeh rehta hai ki chahiye hume logo chahiye ke samane acche se acche logo chahiye ko bulakar acche se unki chahiye karke santushti kuch nahi hai yeh to 100 busy hai to isliye shadiyan ki nangi ho jati hai kitne logo chahiye ko bulana khana peena sab kuch karna sab kharch karna isliye kya diya sabse jyada mehengi mere khayal se to bharat mein hai only chahiye of shobha ji wah yeh nahi dekhte hain ki chahiye shadi do logo chahiye ka shadi ki hai to saadagee se ki jaye aur wah paise aur Kahan chahiye garibon ke supriya jo jaruratmand un par kharch kiya jaye chahiye thank you

आपका सवाल है कि शादियों में इतने सारे अज्ञात लोगों को क्यों आमंत्रित किया जाता है भारत में

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ओम श्री राधा कृष्णाय नमः शादियों में ही नहीं है मनुष्य जब कमाता है तो अच्छे कामों में ही तो खर्च करता है ऐसा किस लिए कुछ सांप बन कर उसके ऊपर बैठना थोड़ी ना है ऐसे का अर्थ होता है अच्छे कामों में ही मनुष्य का खर्च होता है उस समय उसकी इच्छा होती जिज्ञासा होती है लोगों को बुलाने का अच्छा दिखाने का खाने का करने का जीवन में मनुष्य नहीं सब चीजों के लिए तो कम आता है और भारत में शादियों में ही नहीं है यह अपना एक प्रिय टेंशन है कोई कैसे दे रहा है कोई कैसे दे रहा है कोई अपनी डिस्प्ले किसी तरह से बना रहा है कोई अपनी डिस्प्ले अपनी हैसियत के हिसाब से बना है आप दो माला खरीद लीजिए पंडित को बुलाई एकदम सस्ती और बहुत ज्यादा अच्छा किए तो बहुत ने अपने बजट के ऊपर है और मनुष्य की अपनी जिज्ञासा के ऊपर वह अपनी जिज्ञासा से कितना खर्च करता है ओम श्री राधा कृष्णाय नमः

om shri radha krishnay namah shadiyo mein hi nahi hai manushya jab kamata hai toh acche kaamo mein hi toh kharch karta hai aisa kis liye kuch saap ban kar uske upar baithana thodi na hai aise ka arth hota hai acche kaamo mein hi manushya ka kharch hota hai us samay uski iccha hoti jigyasa hoti hai logo ko bulane ka accha dikhane ka khane ka karne ka jeevan mein manushya nahi sab chijon ke liye toh kam aata hai aur bharat mein shadiyo mein hi nahi hai yah apna ek priya tension hai koi kaise de raha hai koi kaise de raha hai koi apni display kisi tarah se bana raha hai koi apni display apni haisiyat ke hisab se bana hai aap do mala kharid lijiye pandit ko bulaai ekdam sasti aur bahut zyada accha kiye toh bahut ne apne budget ke upar hai aur manushya ki apni jigyasa ke upar vaah apni jigyasa se kitna kharch karta hai om shri radha krishnay namah

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः शादियों में ही नहीं है मनुष्य जब कमाता है तो अच्छे कामों में ही त

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क्यों मन में जो है जो बड़े-बड़े लोग होते हैं वह लोगों को इनवाइट करते हैं अपने हिसाब से लेकिन जो है एक दूसरे के माध्यम से और लोग भी जो है इनविटेशन में चले आते हैं चले जाते हैं और शादी हो गई है तो एक दूसरे को लोग जो है दिखाने के लिए

kyon man me jo hai jo bade bade log hote hain vaah logo ko invite karte hain apne hisab se lekin jo hai ek dusre ke madhyam se aur log bhi jo hai invitation me chale aate hain chale jaate hain aur shaadi ho gayi hai toh ek dusre ko log jo hai dikhane ke liye

क्यों मन में जो है जो बड़े-बड़े लोग होते हैं वह लोगों को इनवाइट करते हैं अपने हिसाब से लेक

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Sanju junier

EDUCATER

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दिल की पहली बात तो यह कि हमारे यहां शादियों में कौन कहता अज्ञात लोगों को बुलाया जाता है मुझे तो नहीं लगता किसी भी अज्ञात को हम लोग बनाते हैं शादियों में जो भी हमारे गेस्ट आते हैं या जो भी फ्रेंड से अब जो भी रिलेटिव वादे सारे मारे जाने वाले हैं और मैं भी इसमें रीजन यह है कि हम बिंग हुमन हम चाहते कि वह अपनी सारी खुशियां सब लोगों के साथ शेयर करें और जितना भी हो सके अपनी सारी खुशियों को इतनी ज्यादा स्प्रेड करें और अपनी शादी को इतना धूमधाम से मनाएं कि यह लम्हे में पूरे जीवन भर याद रहे तो मैं कह सकता हूं कि हमारे यहां पर शादियों में किसी भी अज्ञात को नहीं बनाया जाता जिसको बनाया जाता है हमारे दिल के बहुत करीब होते हैं

dil ki pehli baat to yeh ki chahiye hamare yahan shadiyo mein kaun kahata agyaat logo chahiye ko bulaya jata hai mujhe to nahi lagta kisi bhi agyaat ko hum log banate hain shadiyo mein jo bhi hamare guest aate hain ya jo bhi friend se ab jo bhi relative waade sare maare jaane wale hain aur main bhi isme reason yeh hai ki chahiye hum Bing chahiye hum chahte ki chahiye wah apni saree khushiya sab logo chahiye ke saath share kare chahiye aur jitna bhi ho sake apni saree khushiyon ko itni jyada chahiye kare chahiye aur apni shadi ko itna dhumadham se manaaye ki chahiye yeh lamhe mein poore jeevan bhar yaad rahe to main keh sakta hoon ki chahiye hamare yahan par shadiyo mein kisi bhi agyaat ko nahi banaya jata jisko banaya jata hai hamare dil ke bahut karib hote hain

दिल की पहली बात तो यह कि हमारे यहां शादियों में कौन कहता अज्ञात लोगों को बुलाया जाता है मु

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Vatsal

Engineering Student

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भारत में जो शादियां होती हैं वह अलग ही नेचर की होती है यदि आप और देशों से कंपेयर करें भारत में जो है शादियों में इतना खर्चा किया जाता है इतने बड़े लेवल पर की जाती है जो कि अगर आप बाहर का मेहमान कोई है तो वह जो करेगा बहुत ही अच्छा फील होगा सरप्राइस भी होगी इतने अच्छे लेवल पर दावत में यह बात बिल्कुल जायज है कि लोग बहुत तमन्ना रखते हैं इच्छा रखते हैं कि वह अपने बच्चों की शादी बहुत धूमधाम से करेंगे बहुत ही अच्छे से करेंगे पैसा इकट्ठा करते हैं जोड़ते हैं उसी दिन के लिए की शादी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए लेकिन यह तो एक पॉजिटिव पॉइंट है लेकिन इस के अनुरूप इसके उलट पुलट मेन पॉइंट बन गया आजकल की इतनी धूमधाम से होने शादी किए हुए स्टेटस सिंबल हर कोई चाहता है कि दूसरा जन्म शादी की बात करें दूसरे जाने में कोई शादी का इंप्रेशन रहा है पानी की तरह पैसा पाया जाता है खाने पीने में हो तमाम व्यवस्थाओं में कि जिससे लोगों की बात करें लोग आकर

bharat mein jo shadiyan hoti hain wah alag hi nature ki hoti hai yadi aap aur deshon se compare kare chahiye bharat mein jo hai shadiyo mein itna kharcha kiya jata hai itne bade level par ki jati hai jo ki chahiye agar aap bahar ka mehmaan koi hai to wah jo karega bahut hi accha feel hoga chahiye bhi hogi itne acche level par dawat mein yeh baat bilkul jayaj hai ki chahiye log bahut tamanna rakhate hain icha rakhate hain ki chahiye wah apne baccho ki shadi bahut dhumadham se karenge bahut hi acche se karenge paisa ikattha karte hain jodte hain ussi din ke liye ki shadi mein koi kami nahi rehni chahiye lekin yeh to ek positive point hai lekin is ke anurup iske ulat pulat main point ban gaya aajkal ki itni dhumadham se hone shadi kiye huye status symbol har koi chahta hai ki chahiye doosra janm shadi ki baat kare chahiye dusre chahiye jaane mein koi shadi ka impression chahiye diye raha hai pani ki tarah paisa paya jata hai khane peene mein ho tamam chahiye vyavasthaon mein ki chahiye jisse logo chahiye ki baat kare chahiye log aakar

भारत में जो शादियां होती हैं वह अलग ही नेचर की होती है यदि आप और देशों से कंपेयर करें भारत

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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देखें अपनी सुना होगा पर लोगों को बोलते हुए की शादी और दो लोगों की नई दो परिवारों का मिलन होता है इस वजह से हमारे यहां शादी फिर 2 लोगों को लेकर नहीं होती वह तो पुलिस उस ID को लेकर होती है और हमारे यहां पर अगर आप शादी का कार्ड देने देकर आगे किसी को तो अगर उस घर में 6 लोग हैं और अगर आपने काट में बाय चांस विद सामने लिख दिया है तो बच्चे के अच्छे लोग आएंगे और चाय बगैरा जान सो रुपए डाल कर जाए और अगर अच्छे लोगों को यह घर पर चार गेस्ट आया तो हम चार गेस्ट को भी लेकर आएंगे शादी में हमारे लिए थोड़ी सी ऐसी है मेंटलिटी थोड़ा लोग सोचते हैं इस तरीके से हैं और इनविटेशन ने इनवाइट करने वालों को भी रहते हैं कि जो भी हमारे बिरादरी के हैं जिससे कि ऑफिस का स्टाफ हो गया फ्रेंड सर्कल होएगा शामली के रिलेटिव हो गए उसके बाद फिर और और लोग हो गए पड़ोसी हो गए पड़ोसियों के पड़ोसी हो गए तो उस तरीके से वह बहुत बड़े लेवल पर हो जाती है

dekhen apni suna hoga par logo chahiye ko bolte huye ki shadi aur do logo chahiye ki nayi do parivaro ka milan hota hai is wajah se hamare yahan shadi phir 2 logo chahiye ko lekar nahi hoti wah to police us ID ko lekar hoti hai aur hamare yahan par agar aap shadi ka card dene dekar aage kisi ko to agar us ghar mein 6 log hain aur agar aapne kaat mein by chance vid samane likh diya hai to bacche ke acche log aayenge aur chai bagera jaan so rupaiye dal kar chahiye jaye aur agar acche logo chahiye ko yeh ghar par char guest aaya to hum char guest ko bhi lekar aayenge shadi mein hamare liye thodi si aisi hai chahiye thoda log sochte hain is tarike se hain aur invitation ne invite karne walon ko bhi rehte hain ki chahiye jo bhi hamare biradari chahiye ke hain jisse ki chahiye office ka staff ho gaya friend circle chahiye shamili chahiye ke relative ho gaye uske baad phir aur aur log ho gaye padoshi ho gaye padoshiyon ke padoshi ho gaye to us tarike se wah bahut bade level par ho jati hai

देखें अपनी सुना होगा पर लोगों को बोलते हुए की शादी और दो लोगों की नई दो परिवारों का मिलन ह

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Hhhgnbhh

1:23
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विक्रम भारत में जो शादी का एक जो अक्सर होता है उसको लोग एक फेस्टिवल से कम नहीं बनाते हैं बल्कि उसको तो इतनी धूमधाम से मनाया जाता है कि कोई और त्योहार उसके सामने फीका पड़ जाए तो जब शादी होती है तो सब लोग जितने भी अपने धोखे में रिश्तेदार होते हैं उन सबको बुलाते हैं ताकि एक तरीके से सब लोग मिल जाएं मतलब एक तरीके से अपनी खुशियों के अंदर सबको बुलाते तो यही तो मुझे बहुत अच्छा कल सर लगता है जिसमें भारत की शादियां तो होती थी धूमधाम से काफी अच्छा कल्चर होते हैं जहां पर आप कितने ही लोगों से मिल जाते हैं तो यह मुझे बहुत पसंद है और भारत में शादियां देखिए ऐसा नहीं होता किसी महंगी होती है आप अगर आपको शादी में आएंगे नहीं करनी तो आप कम लोगों को बुलाएंगे आप उसे सबसे अपने बजट के हिसाब से आप शादी कर सकते हैं अपने बजट के हिसाब से उससे न्यू पर शादी कर सकते हैं जैसे कि अगर आपके पास ज्यादा बजट नहीं तो पार्क के अंदर टेकर लगाकर शादी का तो क्या करें बहुत ज्यादा बजट है तो आप किसी लॉन में या एक किसी फार्म हाउस अगर मैं शादी कर सकते तो आपके पास आपका आपके बजट पर आप शादी को एडजस्ट थोड़ा कर सकते हैं अपना बना दे

vikram bharat mein jo shadi ka ek jo aksar hota hai usko log ek festival se kam nahi banate hain balki usko to itni dhumadham se manaya jata hai ki chahiye koi aur tyohaar uske samane fika padh jaye to jab shadi hoti hai to sab log jitne bhi apne dhokhe mein rishtedar hote hain un sabko bulate hain taki ek tarike se sab log mil jaye matlab ek tarike se apni khushiyon ke andar sabko bulate to yahi to mujhe bahut accha kal sar lagta hai jisme bharat ki shadiyan to hoti thi dhumadham se kaafi accha culture hote hain jaha par aap kitne hi logo chahiye se mil jaate hain to yeh mujhe bahut pasand hai aur bharat mein shadiyan dekhie chahiye aisa nahi hota kisi mehengi hoti hai aap agar aapko chahiye shadi mein aayenge nahi karni to aap kam logo chahiye ko chahiye aap use sabse apne budget ke hisab se aap shadi kar chahiye sakte hain apne budget ke hisab se usse new par shadi kar chahiye sakte hain jaise ki chahiye agar aapke paas jyada budget nahi to park ke andar taker lagakar shadi ka to kya kare chahiye bahut jyada budget hai to aap kisi lon mein ya ek kisi form house agar main shadi kar chahiye sakte to aapke paas aapka aapke budget par aap shadi ko adjust thoda kar chahiye sakte hain apna bana de

विक्रम भारत में जो शादी का एक जो अक्सर होता है उसको लोग एक फेस्टिवल से कम नहीं बनाते हैं ब

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Ridhima

Mass Communications Student

0:43
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भारत में यही कल्चर की शादी को ज्यादा तक जितना बड़ा धूमधाम से मनाया जाए तो वह ज्यादा रहता है और एक्टिंग मेरा था मेरे हिसाब से अज्ञात लोगों को यह बुलाने का यह रीजन होता है क्योंकि पहले जब शादी करवाते हैं किसी के तो यह रहता है उनके कि जितने लोगों को भी बुला सके भुला सके क्योंकि यह आपस का मूवमेंट है वह उनके साथ भी शेयर करना चाहते एक ही रीजन भी हो सकता है कि कई लोग इसलिए बुलाते हैं ताकि वह अपना स्टेटस सोसाइटी में दिखा सके और इसी के कारण जितने ज्यादा महंगा जितना ज्यादा पैसा किस बड़ा पैसा की शादी कर पाते हैं तो वह जितना ज्यादा पैसा लगा कर शादी करते हैं

bharat mein yahi culture ki shadi ko jyada tak jitna bada dhumadham se manaya jaye to wah jyada rehta hai aur acting mera tha mere hisab se agyaat logo chahiye ko yeh bulane ka yeh reason hota hai kyonki pehle jab shadi karwaate hain kisi ke to yeh rehta hai unke ki chahiye jitne logo chahiye ko bhi bula sake bhula sake kyonki yeh aapas ka movement hai wah unke saath bhi share karna chahte ek hi reason bhi ho sakta hai ki chahiye kai log isliye bulate hain taki wah apna status society mein dikha sake aur isi ke kaaran jitne jyada mehnga jitna jyada paisa kis bada paisa ki shadi kar chahiye paate hain to wah jitna jyada paisa laga kar chahiye shadi karte hain

भारत में यही कल्चर की शादी को ज्यादा तक जितना बड़ा धूमधाम से मनाया जाए तो वह ज्यादा रहता ह

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sanjay bhargav

जय परशुराम

2:00
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शादी दो परिवारों का मिलन ही नहीं यह तो बहुत से लोगों का एकता का प्रतीक है इसका मतलब है कि आप बोल रहा है कि अनजान लोग आते हैं अनजान लोग होते हैं उस समय लेकिन जब हम लोगों से मिलते हैं तो उस जान पहचान होती है तो बहुत से लगते हैं इसका एक फायदा होता की सूची दीजिए अभी आप विदेश गए उसने आपको कोई नहीं जानता और आपकी शादी में गए आप को दिखाओगे आप वहां कि मैंने आपको वहां देखा तो आपको जानता हूं कि मुझे कोई पहचान का मेला और सबके साथ मिल बैठकर इंजॉय करने में बहुत आनंद आता है याद क्या चीज को क्या खाना पसंद करेंगे सब को बांट के खाना सब के साथ कोई भी काम करना ज्यादा अच्छा लगता है तो बहुत से लोग रहते हैं उनसे हमारी जान पहचान होती है में प्रसंता होती नए-नए प्रकार के लोग मिलते हैं यदि सोचिए कि 2 परिवारों में शादी हो जाए और उनके घर के लोग हैं और बाहर से कोई ना हो तो क्या लगेगा की शादी है नहीं भाई आप किसी को भी अच्छा नहीं लगेगा जब बहुत से लोग आते हैं तो मिलते हैं एक साथ मिलकर भोजन करते हैं तो सबको लगता है कि हां बहुत अच्छा सब के साथ महसूस होता है सा काम है रिश्ता तोड़ने का नहीं इसलिए शादी में रिश्तेदार रिश्तेदार मिलते हैं तो एक प्रकार से रिश्ता जोड़ता है समूह बनता है लोगों का आपस में सब आसपास जानकारी होती है है कोई बुरी चीज नहीं है और रही बात खर्चे की तो खर्चा तो अपने ऊपर डिपेंड करता है आप क्या करना चाहते हैं अधिकतर बफर होता है तो उसमें खाना की बर्बादी होती है लेकिन शादी में आना की बर्बादी कैसे अधिक घर पर बनवा लो खाना हो वहां तो तो उसमें बर्बादी नहीं होती वाली को सम्मान का खाना होता है कि कोई हमें बस के खिला रहा है भवन में क्या होता है खुद लेना पड़ता है भिखारियों जैसी लाइन में लगे रहो अच्छा नहीं है

shadi do parivaro ka milan hi nahi yeh to bahut se logo chahiye ka ekta ka pratik hai chahiye iska matlab hai ki chahiye aap bol raha hai ki chahiye anjaan log aate hain anjaan log hote hain us samay lekin jab hum logo chahiye se milte hain to us jaan pehchaan hoti hai to bahut se lagte hain iska ek fayda hota ki suchi dijiye abhi aap videsh gaye usne aapko chahiye koi nahi jaanta aur aapki shadi mein gaye aap ko chahiye aap wahan ki chahiye maine aapko chahiye wahan dekha to aapko chahiye jaanta hoon ki chahiye mujhe koi pehchaan ka mela aur sabke saath mil baithkar chahiye karne mein bahut anand aata hai yaad kya cheez ko kya khana pasand karenge sab ko baant ke khana sab ke saath koi bhi kaam karna jyada accha lagta hai to bahut se log rehte hain unse hamari jaan pehchaan hoti hai mein chahiye hoti naye naye prakar ke log milte hain yadi sochie chahiye ki chahiye 2 parivaro mein shadi ho jaye aur unke ghar ke log hain aur bahar se koi na ho to kya lagega ki shadi hai chahiye nahi bhai aap kisi ko bhi accha nahi lagega jab bahut se log aate hain to milte hain ek saath milkar bhojan karte hain to sabko lagta hai ki chahiye haan chahiye bahut accha sab ke saath mehsus hota hai sa kaam hai rishta todne ka nahi isliye shadi mein rishtedar rishtedar milte hain to ek prakar se rishta Jodtha hai samuh banta hai logo chahiye ka aapas mein sab aaspass jankari hoti hai hai koi buri cheez nahi hai aur rahi baat kharche ki to kharcha to apne upar depend karta hai aap kya karna chahte hain adhiktar buffer hota hai to usamen chahiye khana ki barbadi hoti hai lekin shadi mein aana ki barbadi kaise adhik ghar par banwa lo khana ho wahan to to usamen chahiye barbadi nahi hoti wali ko samman ka khana hota hai ki chahiye koi hume bus ke khila raha hai bhavan mein kya hota hai khud lena padata hai bhikhariyo jaisi line mein lage raho accha nahi hai

शादी दो परिवारों का मिलन ही नहीं यह तो बहुत से लोगों का एकता का प्रतीक है इसका मतलब है कि

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Simran Verma

English Honors with Psychology

1:09
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देखिए मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं हूं कि शादियों में अज्ञात लोगों को आमंत्रित किया जाता है अगर हम कुछ समारोह करते हैं तो हम अपने काफी रिश्तेदारों को आमंत्रित करते हैं पर जरूरी नहीं है कि हमारे रिश्तेदार भी बाकी तुम हमारे दूसरे रिश्तेदारों को जानते हो तो अगर आप उनको नहीं जानते तो आप उनको अज्ञात नहीं कह सकते तो मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं हूं कि अज्ञात लोगों को आमंत्रित किया जाता है हां यूं जाते हैं कभी कभी आस पड़ोस के लोग भी आ जाते हैं जो हमारे रिश्तेदारों की श्रेणी में नहीं आते पर फिर भी कुछ ना कुछ हद तक हम नहीं जानते होते हैं वह बिल्कुल अज्ञात तो नहीं होते जहां तक पाते की शादी महंगी होती है तो हां मुझे लगता है कि यहां की शादी है इसलिए महंगे होते कि इसमें एक खास वजह जो है लोगों की सोच है जिसमें वह सोचते हैं कि हमारी सांसो को दिखाने का यह मौका है हम दिखाएंगे कि हम कितने अमीर हैं तो इस पर से शादियों पर बहुत ज्यादा खर्चा किया जाता है लोगों को दिखाने के लिए दिखावा करने के लिए जो कि मुझे सही बात नहीं रखती है यही मुझे खास बजे लगती है बाकी यह हर चीज पर हर लोगों पर लागू नहीं होती हम शुक्रिया

dekhie chahiye main aapki is baat se sahmat nahi hoon ki chahiye shadiyo mein agyaat logo chahiye ko aamantrit kiya jata hai agar hum kuch samaroh karte hain to hum apne kaafi rishtedaaro ko aamantrit karte hain par zaroori nahi hai ki chahiye hamare rishtedar bhi baki tum hamare dusre chahiye rishtedaaro ko jante ho to agar aap unko nahi jante to aap unko agyaat nahi keh sakte to main aapki is baat se sahmat nahi hoon ki chahiye agyaat logo chahiye ko aamantrit kiya jata hai haan yun jaate hain kabhi kabhi aas chahiye ke log bhi aa jaate hain jo hamare rishtedaaro ki shrenee mein nahi aate par phir bhi kuch na kuch had tak hum nahi jante hote hain wah bilkul agyaat to nahi hote jaha tak paate ki shadi mehengi hoti hai to haan mujhe lagta hai ki chahiye yahan ki shadi hai isliye mehnge hote ki chahiye isme ek khaas wajah jo hai logo chahiye ki soch hai jisme wah sochte hain ki chahiye hamari saanso ko dikhane ka yeh mauka hai hum dikhaenge ki chahiye hum kitne amir hain to is par se shadiyo par bahut jyada kharcha kiya jata hai logo chahiye ko dikhane ke liye dikhawa karne ke liye jo ki chahiye mujhe sahi baat nahi rakhti hai yahi mujhe khaas baje lagti hai baki yeh har cheez par har logo chahiye par laagu nahi hoti hum

देखिए मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं हूं कि शादियों में अज्ञात लोगों को आमंत्रित किया जाता ह

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Sameer minta pratap chaudhary

(B.tech)Mechanical engineer

1:37
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शादियों में इतने सारे अज्ञात लोगों को क्यों आमंत्रित किया जाता है भारत में कितनी शादियां महंगी क्यों होती है वैसे तू मेरा मानना यह है कि लोगों को अपने आप को शुरू करने में बड़ा ही आनंद आता है उनका उन लोगों का मानना यह है अपने भारत में सबसे विचित्र चीज है कि जब तक हम कोई चीज तो नहीं करेंगे तब तक हमारा नाम नहीं होगा नाम वह दिखावा इन चीजों की वजह से भारत में हर चीज महंगी है किसी भी प्रतिकूल कंपनी को ले लो अगर उसका कोई नाम जैसे किसी कंपनी का नाम ऊंचा है कि इस कंपनी के कपड़े अच्छे हैं तो हम शक्ति कंपनी हुए कपड़े नहीं करेंगे हम कपड़े खरीदेंगे ऊंची कंपनी के

shadiyo mein itne sare agyaat logo chahiye ko kyon aamantrit kiya jata hai bharat mein kitni shadiyan mehengi kyon hoti hai waise tu mera manana yeh hai ki chahiye logo chahiye ko apne aap ko shuru karne mein bada hi anand aata hai unka un logo chahiye ka manana yeh hai apne bharat mein sabse vichitra cheez hai ki chahiye jab tak hum koi cheez to nahi karenge tab tak hamara naam nahi hoga naam wah dikhawa in chijon ki wajah se bharat mein har cheez mehengi hai kisi bhi pratikul company ko le lo agar uska koi naam jaise kisi company ka naam uncha hai ki chahiye is company ke kapde acche hain to hum shakti company huye kapde nahi karenge hum kapde khareedenge uchi company ke

शादियों में इतने सारे अज्ञात लोगों को क्यों आमंत्रित किया जाता है भारत में कितनी शादियां म

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

1:26
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देखिए हमारा जो भारतीय कल्चर है जो इंडियन कल्चर है वह इतना महान है और डाइवोर्स है कि उसमें किसी भी इवैंट में किसने फंक्शन में बहुत सारे लोगों को बुलाया जाता है कि ऐसा समझा चाहता है और ऐसा माना जाता है कि जो पड़ोसी है और जो देखे कोई भी बड़ा इवेंट होता है तो हर एक इंसान को जितने भी रिलेटिव है हमको बुलाया जाता है जो पड़ोसी है जो दोस्त है तो ऐसा माना जाता है कि हम प्यार करते हैं जो हर खुशी में उनको बुलाया जाता है गम में उनको बुलाया जाता है क्योंकि इंडियन कल्चर भी यही है कि कुछ छोटा भीम एंड हूं कोई बड़ा इवेंट हो तो हर एक इवेंट को हर एक फंक्शन को साथ मिलकर मनाने का हक सिर्फ यही एक रीजन है कि शादी में इतने सारे अज्ञात लोगों को आमंत्रित किया जाता है और जितने देखिए जितने ज्यादा लोग होंगे उतना ज्यादा

dekhie chahiye hamara jo bhartiya culture hai jo indian culture hai wah itna mahaan hai aur divorce hai ki chahiye usamen chahiye kisi bhi chahiye mein kisne function mein bahut sare logo chahiye ko bulaya jata hai ki chahiye aisa samjha chahta hai aur aisa mana jata hai ki chahiye jo padoshi hai aur jo dekhe koi bhi bada event hota hai to har ek insaan ko jitne bhi relative hai hamko bulaya jata hai jo padoshi hai jo dost hai to aisa mana jata hai ki chahiye hum pyar karte hain jo har khushi mein unko bulaya jata hai gum mein unko bulaya jata hai kyonki indian culture bhi yahi hai ki chahiye kuch chota bhim end hoon koi bada event ho to har ek event ko har ek function ko saath milkar manane ka haq sirf yahi ek reason hai ki chahiye shadi mein itne sare agyaat logo chahiye ko aamantrit kiya jata hai aur jitne dekhie chahiye jitne jyada log honge utana chahiye jyada

देखिए हमारा जो भारतीय कल्चर है जो इंडियन कल्चर है वह इतना महान है और डाइवोर्स है कि उसमें

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Ambuj Singh

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देखिए भारत में लोगों ने शादियों को एक ट्रेन सा बना दिया है कि यहां जितने सारे अधिक से अधिक लोग होंगे उतना ही बढ़िया शादी कहलाएगी और लोगों में इतनी ज्यादा चर्चा का विषय हो जाता है कि उन लोग जान दे देते हैं लोग आए तो उनका समाज में रुतबा शोहरत और नाम ज्यादा होगा और एक हमारे खान-पान भी बहुत सारे होते हैं उन चीजों की बर्बादी भी होती है अन्य खर्चे भी बहुत सारे होते हैं तो ठीक है यह चीज उनके लिए ठीक है जो काफी सक्षम है एकदम साउंड है लेकिन क्योंकि यह ट्रेन सा बन गया है तो इसके जो भुक्तभोगी होते हैं वह आम मिडिल क्लास वालों फ्लोर मिल क्लास फैमिली होते हैं क्योंकि उन पर भी एक प्रशंसा हो जाए

dekhie chahiye bharat mein logo chahiye ne shadiyo ko ek train sa bana diya hai ki chahiye yahan jitne sare adhik se adhik log honge utana chahiye hi badhiya shadi chahiye aur logo chahiye mein itni jyada charcha ka vishay ho jata hai ki chahiye un log jaan de dete hain log aaye to unka samaj mein rutbaa shoharat aur naam jyada hoga aur ek hamare khan pan bhi bahut sare hote hain un chijon ki barbadi bhi hoti hai anya kharche bhi bahut sare hote hain to theek hai yeh cheez unke liye theek hai jo kaafi saksham hai ekdam sound hai lekin kyonki yeh train sa ban gaya hai to iske jo chahiye hote hain wah aam middle class walon floor mil class family hote hain kyonki un par bhi ek prashansa ho jaye

देखिए भारत में लोगों ने शादियों को एक ट्रेन सा बना दिया है कि यहां जितने सारे अधिक से अधिक

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Sefali

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भारत में शादियां बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाई जाती है देखा जाए तो तू आज त्यौहार से भी ज्यादा बड़ी तरीके से बनाई जाती है और एक तरफ देखा जाए तो यह एक सिग्निफिकेंट ट्रेडमार्क है भारतीय कल्चर का आप एक सारे रिलेटिव्स आते हैं दोस्त आते हैं एक साथ मिलकर एक ओकेजन सेलिब्रेट करते हैं कि 2 लोग जो है शादी कर रहे हैं एक बंधन में बंद रहे हैं ऐसा नहीं है कि इतने लोग क्यों आते हैं तो यह माना जाता है कि अपनी खुशी में सब को शामिल शामिल करना चाहिए और उनके सबके साथ मिलकर जो है यह बंधन सेलिब्रेट करना चाहिए तो बहुत सारी रस्में रिवाज होते हैं बहुत सारी जो है रिचुअल सोती है और लोग उसमें चाहते हैं कि और जो भी जो भी उनको इंपॉर्टेंट है सब को शामिल हो और

bharat mein shadiyan bahut jyada dhumadham se manai jati hai dekha jaye to tu aaj tyohar se bhi jyada badi tarike se banai jati hai aur ek taraf dekha jaye to yeh ek chahiye diye hai bhartiya culture ka aap ek sare chahiye aate hain dost aate hain ek saath milkar ek chahiye celebrate karte hain ki chahiye 2 log jo hai shadi kar chahiye rahe hain ek badhan mein band rahe hain aisa nahi hai ki chahiye itne log kyon aate hain to yeh mana jata hai ki chahiye apni khushi mein sab ko shamil shamil karna chahiye aur unke sabke saath milkar jo hai yeh badhan celebrate karna chahiye to bahut saree chahiye rivaaj hote hain bahut saree jo hai chahiye soti hai aur log usamen chahiye chahte hain ki chahiye aur jo bhi jo bhi unko important chahiye hai sab ko shamil ho aur

भारत में शादियां बहुत ज्यादा धूमधाम से मनाई जाती है देखा जाए तो तू आज त्यौहार से भी ज्यादा

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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मुझे आपकी बात बिल्कुल सही है भारत में जो है और शादियां में होती और बहुत सारे लोगों को बुलाया जाता अपना पूरा गांव पूरा ले लेते पूरा परिवार घर सारा जमाना जो है और शादी के दिन आ जाते हैं और कई लोगों को तो आप पहचान नहीं पाते इतने सारे लोग आ जाते हैं और यह भारत में कितना राज्य और उनके खाने का खर्चा पीने का खर्चा कुछ लोग रहेंगे कुछ नहीं रहने पर गाड़ियों का खर्चा जो बारात में लेकर जाते हैं जो मतलब इसी वजह से जो है भारत में जो है इतनी महंगी हो जाती है लोगों का रिवाज रहा है और मतलब क्या हर देश में अलग-अलग होता है किसी में बहुत ज्यादा जाते हैं किसी मीडियम जाता कि मर जाएंगे और स्वार्थी हो Innova बस्तर पूरे गांव को लेकर पहुंच रही है बारात में

mujhe aapki baat bilkul sahi hai bharat mein jo hai aur shadiyan mein hoti aur bahut sare logo chahiye ko bulaya jata apna pura gav pura le lete pura parivar ghar saara jamana jo hai aur shadi ke din aa jaate hain aur kai logo chahiye ko to aap pehchaan nahi paate itne sare log aa jaate hain aur yeh bharat mein kitna rajya aur unke khane ka kharcha peene ka kharcha kuch log rahenge kuch nahi rehne par gadiyon ka kharcha jo baraat mein lekar jaate hain jo matlab isi wajah se jo hai bharat mein jo hai itni mehengi ho jati hai logo chahiye ka rivaaj raha hai aur matlab kya har desh mein alag alag hota hai kisi mein bahut jyada jaate hain kisi medium jata ki chahiye mar jaenge aur swaarthi ho Innova bastar poore gav ko lekar pohch rahi hai baraat mein

मुझे आपकी बात बिल्कुल सही है भारत में जो है और शादियां में होती और बहुत सारे लोगों को बुला

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