भारत में यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने से मुस्लिमों के कौनसे अधिकारों का हनन होगा?...


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Norang sharma

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता लागू करने से मुस्लिमों के कौन से अधिकारों का हनन होगा तो दोस्तों जहां तक सवाल है यूनिफॉर्म सिविल कोड की तो पहले तो हमें इसका मतलब जानना होगा दोस्तों इसका सीधा सा मतलब है कि भारत में रहने वाले सभी व्यक्ति एक समान कानून होना चाहिए बल्कि वह किसी भी धर्म की आरती का क्यों ना हो यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो जाने के बाद शादी तलाक और जमीन जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू हो जाएगा इसलिए दरअसल समान नागरिक संहिता एक निष्पक्ष कानून की तरफदारी करता है जिसका किसी धर्म से कोई ताल्लुक ना हो लेकिन दोस्त इस सबसे बड़ा झटका मुस्लिम समुदाय को लग सकता है क्योंकि कानून के बाद मुस्लिमों को कई शादियां करने और पत्नी को तीन तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर देने वाली प्रथा समाप्त जो हो जाएगी तो दोस्तों भारत में इसकी आवश्यकता क्यों है वह मैं आपको बताने की कोशिश करूंगा दोस्तों अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग कानून होने से न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है जबकि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से इस परेशानी से निजात मिलेगी और अदालतों में वर्षों से लंबित पड़े मामलों के फैसले त्वरित गति से होंगे दोस्तों शादी तलाक गोद लेना और जायदाद के बंटवारे में सबके लिए एक जैसा कानून होगा फिर चाहे वो किसी भी धर्म का क्यों ना हो जबकि वर्तमान में हर धर्म के लोग इन मामलों का निपटारा अपने पर्सनल लॉ यानी निजी कानूनों के तहत करते हैं सभी के लिए सामान कानून होने से देश में एकता बढ़ेगी और जहां नागरिकों में एकता होती है वह किसी प्रकार का वह मन्नत से नहीं होता और वह देश तेजी से विकास के रथ पर आगे बढ़ेगा इसके आने से कोई राजनीतिक दल वोट बैंक वाली राजनीति नहीं कर सकेंगे और वोटों का ध्रुवीकरण नहीं होगा दोस्तों समान नागरिक संहिता लागू होने से भारत की महिलाओं की स्थिति में भी सुधार आएगा क्योंकि कुछ धर्मों के पर्सनल लॉ में महिलाओं के अधिकार सीमित हैं इतना ही नहीं महिलाओं का अपने पिता की संपत्ति पर अधिकार और गोद लेने जैसे सभी मामलों में एक जैसा नियम लागू होगा इसलिए दोस्तों यह निश्चित रूप से देश हित में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय होगा जितना जल्दी यह देश में लागू हो धन्यवाद

hello doston vaah kal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai bharat me uniform civil code yani saman nagarik sanhita laagu karne se muslimo ke kaun se adhikaaro ka hanan hoga toh doston jaha tak sawaal hai uniform civil code ki toh pehle toh hamein iska matlab janana hoga doston iska seedha sa matlab hai ki bharat me rehne waale sabhi vyakti ek saman kanoon hona chahiye balki vaah kisi bhi dharm ki aarti ka kyon na ho uniform civil code laagu ho jaane ke baad shaadi talak aur jameen jaydaad ke batware me sabhi dharmon ke liye ek hi kanoon laagu ho jaega isliye darasal saman nagarik sanhita ek nishpaksh kanoon ki tarafadari karta hai jiska kisi dharm se koi talluk na ho lekin dost is sabse bada jhatka muslim samuday ko lag sakta hai kyonki kanoon ke baad muslimo ko kai shadiyan karne aur patni ko teen talak bolkar rishta khatam kar dene wali pratha samapt jo ho jayegi toh doston bharat me iski avashyakta kyon hai vaah main aapko batane ki koshish karunga doston alag alag dharmon ke alag alag kanoon hone se nyaypalika par atirikt bojh badhta hai jabki uniform civil code laagu hone se is pareshani se nijat milegi aur adalaton me varshon se lambit pade mamlon ke faisle twarit gati se honge doston shaadi talak god lena aur jaydaad ke batware me sabke liye ek jaisa kanoon hoga phir chahen vo kisi bhi dharm ka kyon na ho jabki vartaman me har dharm ke log in mamlon ka niptara apne personal law yani niji kanuno ke tahat karte hain sabhi ke liye saamaan kanoon hone se desh me ekta badhegi aur jaha nagriko me ekta hoti hai vaah kisi prakar ka vaah mannat se nahi hota aur vaah desh teji se vikas ke rath par aage badhega iske aane se koi raajnitik dal vote bank wali raajneeti nahi kar sakenge aur voton ka dhruvikaran nahi hoga doston saman nagarik sanhita laagu hone se bharat ki mahilaon ki sthiti me bhi sudhaar aayega kyonki kuch dharmon ke personal law me mahilaon ke adhikaar simit hain itna hi nahi mahilaon ka apne pita ki sampatti par adhikaar aur god lene jaise sabhi mamlon me ek jaisa niyam laagu hoga isliye doston yah nishchit roop se desh hit me liya gaya sabse accha nirnay hoga jitna jaldi yah desh me laagu ho dhanyavad

हेलो दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का

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Yk Sahu

Educated Unemployed

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अजीत में मुस्लिमों का कौन सा अधिकार है ना हो गया है ऐसा नहीं कहा जाएगा लेकिन जो भी है यहां पर मुस्लिम है अल्पसंख्यक आयोग है st आयोग Happy आयोग है ओबीसी आयोग है सभी आयोग पूर्णतया नष्ट हो जाएंगे हम भारत के तमाम जनता के लिए एक देश एक कानून होगा

ajit mein muslimo ka kaun sa adhikaar hai na ho gaya hai aisa nahi kaha jaega lekin jo bhi hai yahan par muslim hai alpsankhyak aayog hai st aayog Happy aayog hai obc aayog hai sabhi aayog purnataya nasht ho jaenge hum bharat ke tamaam janta ke liye ek desh ek kanoon hoga

अजीत में मुस्लिमों का कौन सा अधिकार है ना हो गया है ऐसा नहीं कहा जाएगा लेकिन जो भी है यहां

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Shubham

Software Engineer in IBM

1:49

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सौरभ जी यूनिफॉर्म सिविल कोड है उसमें क्या होता है कि जो भी आपसे कानून लागू होगा जो भी कानून है वह सारे धर्मों के लिए एक ही होंगे लेकिन जो मुस्लिम लीडर्स है और मुस्लिम मौलाना है और जो भी इन का ग्रुप है जो ऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन जो ग्रुप है उनका यह मानना है कि अगर यह यूनिफार्म कोड लागू होता है तो उनके इस्लाम की दुनिया में उन का उल्लंघन होगा जैसे ट्रिपल तलाक और ऐसी सारी चीज है इन सब का उल्लंघन होगा जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है और मैं अगर अपनी भी दूं तो मुझे लगता है कि यह बिल्कुल सही है क्योंकि अगर हम मुस्लिम लेडीस को का मुद्दा उठाया ट्रिपल तलाक अगर आपको बताना चाहता हूं कि अगर हम 2011 का सर्वे उठाकर देखें तो जो 20 से 24 साल की महिलाएं उनके जो डाइवर चूहे थे वह 40% है और जो हिंदू मुस्लिम की बात हिंदू महिला की बात करो तो अंजलि जिन की बात करें उनका से 37.7 पर्सेंट और सब कुछ समझ सकते हैं कि मुस्लिम महिलाओं को डाइवर्ट ज्यादा होता है अभी यह रिजल्ट में कर गया है उसमें बरेली की एक महिलाएं मुस्लिम उनके पति नाम को ढाई बजे दिया क्योंकि इनकी महिलाओं ने महिला ने बोला क्यों बोला कि आप नशा छोड़ने इसलिए डाउनलोड कर दिया आज उनके बच्चे भुखमरी में पड़े हुए हैं अगर यह डाइवोर्स होता अगर कानून के तहत होता भारतीय कृषि क्यूट के तहत तो तुषार तुम को कोई प्रॉब्लम ना होती और मुस्लिम फेडरेशन क्लब का यह कहना है कि जो हमारा कॉन्स्टिट्यूशन है उसमें यह लिखा गया सारे धर्मों को अपने राइट और अपने कल्चर को फॉलो करने का पूरा अधिकार है लेकिन मुस्लिम फेडरेशन बोला कि हमें अधिकार तो फिर मिलेगा ही नहीं अगर हम यह TV फॉर्म को यूनिफॉर्म पौडवाल फॉलो करेंगे तो इसी में भी मुद्दा चढ़ा हुआ है अब देखते हैं आगे क्या होता है

dekhiye saurabh ji uniform civil code hai usme kya hota hai ki jo bhi aapse kanoon laagu hoga jo bhi kanoon hai vaah saare dharmon ke liye ek hi honge lekin jo muslim leaders hai aur muslim maulana hai aur jo bhi in ka group hai jo all india muslim federation jo group hai unka yah manana hai ki agar yah uniform code laagu hota hai toh unke islam ki duniya mein un ka ullanghan hoga jaise triple talak aur aisi saree cheez hai in sab ka ullanghan hoga jo ki bilkul bhi sahi nahi hai aur main agar apni bhi doon toh mujhe lagta hai ki yah bilkul sahi hai kyonki agar hum muslim ladies ko ka mudda uthaya triple talak agar aapko bataana chahta hoon ki agar hum 2011 ka survey uthaakar dekhen toh jo 20 se 24 saal ki mahilaye unke jo driver chuhe the vaah 40 hai aur jo hindu muslim ki baat hindu mahila ki baat karo toh anjali jin ki baat kare unka se 37 7 percent aur sab kuch samajh sakte hain ki muslim mahilaon ko Divert zyada hota hai abhi yah result mein kar gaya hai usme bareilly ki ek mahilaye muslim unke pati naam ko dhai baje diya kyonki inki mahilaon ne mahila ne bola kyon bola ki aap nasha chodne isliye download kar diya aaj unke bacche bhukhmari mein pade hue hain agar yah divorce hota agar kanoon ke tahat hota bharatiya krishi cute ke tahat toh tushaar tum ko koi problem na hoti aur muslim federation club ka yah kehna hai ki jo hamara Constitution hai usme yah likha gaya saare dharmon ko apne right aur apne culture ko follow karne ka pura adhikaar hai lekin muslim federation bola ki hamein adhikaar toh phir milega hi nahi agar hum yah TV form ko uniform paudwal follow karenge toh isi mein bhi mudda chadha hua hai ab dekhte hain aage kya hota hai

देखिए सौरभ जी यूनिफॉर्म सिविल कोड है उसमें क्या होता है कि जो भी आपसे कानून लागू होगा जो भ

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