बचपन में अंग्रेज़ी अच्छे से ना जानते हुए भी आपने यह कैसे तय किया कि आप एक लेखिका बनना चाहती हैं?...


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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

2:15

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंग्रेजी एक भाषा है लैंग्वेज है तो यह मायने नहीं बिल्कुल भी रखता है जीवन में कि आपको अंग्रेजी बचपन में आती है या नहीं आती है जब कोई भाषा किसी भी भाषा की जानकारी आपको बचपन में है या नहीं है क्योंकि यह सब चीजें बाद में निर्धारित होती हैं हम इंसान हम सभी व्यक्ति इन सभी चीजों का निर्धारण अपने जीवन में बाद में करते हैं जब हम हम लोगों को इन सब की जानकारी होती है इन सब बातों का ज्ञान होता है क्योंकि क्योंकि यह सभी भाषाएं जो है दुनिया पर कितनी भाषाएं हैं सब भाषा सीखी जा सकती है और सभी भाषाएं सीखने हैं इंसान ही सभी भाषाएं बोली जाती हैं सभी हंसा इंसान बोलते हैं सभी जा सकती हैं सभी भाषाएं इंसान पढ़ते हैं तो सबसे पहले आपके दिमाग से निकालना चाहता हूं इंग्लिश बीएफ भाषा है इस दुनिया पर जितने भी भाषाएं हैं वह सब इंसानों के द्वारा बोली जाती है पढ़ी जाती है समझी जाती हैं और उनको पढ़ा जाता मैं समझता हूं कि यदि आपके पास अंग्रेजी बचपन में कमजोर थी आपकी अंग्रेजी आप को नहीं समझ में आती इसलिए तो इसका यह मायने बिल्कुल भी नहीं रहता कि आप बाद में लेखिका नहीं बन सकती है बाद में आपको लेखन जो है इंग्लिश में लेखन कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि आपकी एबिलिटी आपके टैलेंट आपके गुड के ऊपर डिपेंड करता है कि आपने बाद में बहुत मेहनत की बात करने के बाद में अपना जो इंग्लिश में कमजोर थी उसको दूर कर लिया इंग्लिश लैंग्वेज को सीख लिया इंग्लिश में पढ़ना लिखना समझना बोलना सीख लिया और आप एक इंग्लिश के भी परफेक्ट राइटर हो सकते हैं इस तरीके से दुनिया में एक नहीं हजारों एग्जांपल संजोग जिन लोगों को इंग्लिश बचपन में नहीं आती थी इंग्लिश चैप्टर लगता था बाद में वही शख्स वही इंसान इंग्लिश के परफेक्ट स्पीकर राइटर ऑथर इंग्लिश के अच्छे ट्रेनर इंग्लिश को जानने वाले हुए हैं तो मैं समझ जावेद मेरे द्वारा दिया गया जब आपको आया हूं पसंद तो मेरे साथी मुझे कीजिए फॉलो जरूर लाइक कीजिए शेयर कीजिए और कमेंट के रूप में कीजिएगा मुझे रिप्लाई के तरीके इंग्लिश में जो भी प्रॉब्लम सबके सामने क्वेश्चन से को डायरेक्ट लिए मुझसे पूछते लिए धन्यवाद

angrezi ek bhasha hai language hai toh yah maayne nahi bilkul bhi rakhta hai jeevan mein ki aapko angrezi bachpan mein aati hai ya nahi aati hai jab koi bhasha kisi bhi bhasha ki jaankari aapko bachpan mein hai ya nahi hai kyonki yah sab cheezen baad mein nirdharit hoti hain hum insaan hum sabhi vyakti in sabhi chijon ka nirdharan apne jeevan mein baad mein karte hain jab hum hum logo ko in sab ki jaankari hoti hai in sab baaton ka gyaan hota hai kyonki kyonki yah sabhi bhashayen jo hai duniya par kitni bhashayen hain sab bhasha sikhi ja sakti hai aur sabhi bhashayen sikhne hain insaan hi sabhi bhashayen boli jaati hain sabhi hansa insaan bolte hain sabhi ja sakti hain sabhi bhashayen insaan padhte hain toh sabse pehle aapke dimag se nikalna chahta hoon english bf bhasha hai is duniya par jitne bhi bhashayen hain vaah sab insano ke dwara boli jaati hai padhi jaati hai samjhi jaati hain aur unko padha jata main samajhata hoon ki yadi aapke paas angrezi bachpan mein kamjor thi aapki angrezi aap ko nahi samajh mein aati isliye toh iska yah maayne bilkul bhi nahi rehta ki aap baad mein lekhika nahi ban sakti hai baad mein aapko lekhan jo hai english mein lekhan karya nahi karna chahiye kyonki aapki ability aapke talent aapke good ke upar depend karta hai ki aapne baad mein bahut mehnat ki baat karne ke baad mein apna jo english mein kamjor thi usko dur kar liya english language ko seekh liya english mein padhna likhna samajhna bolna seekh liya aur aap ek english ke bhi perfect writer ho sakte hain is tarike se duniya mein ek nahi hazaro example sanjog jin logo ko english bachpan mein nahi aati thi english chapter lagta tha baad mein wahi sakhs wahi insaan english ke perfect speaker writer author english ke acche trainer english ko jaanne waale hue hain toh main samajh javed mere dwara diya gaya jab aapko aaya hoon pasand toh mere sathi mujhe kijiye follow zaroor like kijiye share kijiye aur comment ke roop mein kijiega mujhe reply ke tarike english mein jo bhi problem sabke saamne question se ko direct liye mujhse poochhte liye dhanyavad

अंग्रेजी एक भाषा है लैंग्वेज है तो यह मायने नहीं बिल्कुल भी रखता है जीवन में कि आपको अंग्र

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Neelam Kumar

Best-selling Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं बचपन से बहुत जिद्दी इंसान नहीं हूं और मुझे अगर कोई खिलौना चाहिए तो चाहिए और उनको मैंने अच्छी तरह के दर्द में कन्वर्ट कर दिया जब मेरे पिताजी ने मेरे को यह ट्रांसलेट किया कि टीचर ने लिखा था कि यह तो वह सेटिंग ऑन फूड है यह इतनी डर है यह लड़की की अंग्रेजी कभी नहीं देख पायेगी तू मेरे लिए रोने के अलावा मैंने फिर दूसरा रास्ता भी सोचा मैंने सोचा मैं इतनी अच्छी अंग्रेजी सीख लोगे कि मुझे सहेलियां मिल जाएंगे स्कूल में सहेलियां मिल जाएंगे और मैं जब अंग्रेजी में ऐसे लिखूंगी तो मुझे उसी टीचर का हो सकता है प्यार मिल जाए इसलिए मैंने अंग्रेजी सीखा और पहेलियां बहुत कमीनी इंग्लिश में मार्क्स भी बहुत कब मिले लेकिन मैंने छोड़ा नहीं और मैं आज कंटिन्यू करती रही और किताब अंग्रेजी में लिखने का तो मैंने सोचा भी कभी नहीं था लेकिन आगे करते-करते मैंने तो आर्टिकल्स लिखना शुरू किया और वह आर्टिकल्स अंग्रेजी में थे मुझे टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपना कॉलम लिस्ट बना लिया वहां पर जाकर मेरी इंग्लिश जो है मेरे ख्याल से कुछ सही बनी और उसके बाद जब मुझे स्कॉलरशिप मिला यूएसए में मास्टर्स इन जर्नलिज्म करने का वहां से जब मैं लौट कर आई तब मैंने पहली किताब लिखने की हिम्मत की तो वह किताब का नाम था आई

main bachpan se bahut jiddi insaan nahi hoon aur mujhe agar koi khilona chahiye toh chahiye aur unko maine achi tarah ke dard mein convert kar diya jab mere pitaji ne mere ko yah translate kiya ki teacher ne likha tha ki yah toh vaah setting on food hai yah itni dar hai yah ladki ki angrezi kabhi nahi dekh payegi tu mere liye rone ke alava maine phir doosra rasta bhi socha maine socha main itni achi angrezi seekh loge ki mujhe saheliya mil jaenge school mein saheliya mil jaenge aur main jab angrezi mein aise likhungi toh mujhe usi teacher ka ho sakta hai pyar mil jaaye isliye maine angrezi seekha aur paheliyan bahut kamini english mein marks bhi bahut kab mile lekin maine choda nahi aur main aaj continue karti rahi aur kitab angrezi mein likhne ka toh maine socha bhi kabhi nahi tha lekin aage karte karte maine toh articles likhna shuru kiya aur vaah articles angrezi mein the mujhe times of india ne apna column list bana liya wahan par jaakar meri english jo hai mere khayal se kuch sahi bani aur uske baad jab mujhe scholarship mila usa mein masters in journalism karne ka wahan se jab main lot kar I tab maine pehli kitab likhne ki himmat ki toh vaah kitab ka naam tha I

मैं बचपन से बहुत जिद्दी इंसान नहीं हूं और मुझे अगर कोई खिलौना चाहिए तो चाहिए और उनको मैंने

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