अवसाद और चिंता को कैसे दूर करता है?...


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Anshika Awasthi

Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर हूं दासी एजुकेशन 3 होता है तो हमें अपने आप को टेंशन को मीटिंग करना चाहिए हमको यह देखना चाहिए हमको या नहीं आ रहा है लेकिन यह नहीं कि हम गलत है तो करना भी नहीं होगा यही उम्मीद मोटे होना चाहिए मारा कि हमारे पास समय नहीं है हम तो नहीं है पर कॉल कीजिए

agar hoon dasi education 3 hota hai toh hamein apne aap ko tension ko meeting karna chahiye hamko yah dekhna chahiye hamko ya nahi aa raha hai lekin yah nahi ki hum galat hai toh karna bhi nahi hoga yahi ummid mote hona chahiye mara ki hamare paas samay nahi hai hum toh nahi hai par call kijiye

अगर हूं दासी एजुकेशन 3 होता है तो हमें अपने आप को टेंशन को मीटिंग करना चाहिए हमको यह देखना

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Sukirti Meena

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अवसाद होने के कुछ कारण क्या है आजाद होने के कई कारण है पर उससे पहले अवसाद या डिप्रेशन क्या होता है वह समझने की आवश्यकता है कुछ लोग सोचते हैं कि अवसाद कोई बीमारी नहीं है और वास्तविक स्वास्थ्य समस्या नहीं है पर वह गलत है यह वास्तविक लक्षणों के साथ एक वास्तविक बीमारी है और मैं आपको बताना चाहती हूं कि अवसाद कोई कमजोरी का संकेत नहीं है पहली चीज कोई अगर कुछ दिनों के लिए उदास है या किसी बात से तंग आ गया है तो उसे डिप्रैशन नहीं है लेकिन अगर कोई अवसाद से ग्रस्त है तो वह कुछ दिनों के बजाय हफ्तों या महीनों तक लगातार उदास रह सकता है अच्छी बात यह है कि सही उपचार और मदद के साथ अवतार वाले ज्यादातर लोग डिप्रेशन से बाहर निकल सकते हैं अब हम बात करते हैं कि डिप्रेशन कैसे हो सकता है समय-समय पर परेशान हो जाना या दुखी महसूस करना जीवन का एक सामान्य हिस्सा है लेकिन जब निराशा और मायूसी जैसी भावनाएं अपनी जड़े किसी के दिमाग में घर बना लेती हैं और छोड़ने का नाम नहीं लेती हैं तो आपको अवसाद हो सकता है डिप्रेशन या अवसाद हमारी दिनचर्या या रोज के काम में दिक्कतें पैदा करता है जैसे कि भूख ना लगना नींद ना आना वरना नहाना साफ-सफाई ना रखना किसी से बातचीत ना करना या हमेशा बीमार महसूस करना और साथ ही मनपसंद चीजों से भी मुंह फेर लेना अब साथ में व्यक्ति हमेशा अकेला और अलग रहने की कोशिश करता है यानी वह बंद कमरे में घंटों या हफ्तों तक किसी से बात करें बिना रह सकता है इस बीमारी से इंसान हमेशा दुखी और मायूस दिखता है उसे किसी भी काम में आनंद या कुछ भी करने से खुशी नहीं मिलती है बल्कि वह खुशी के माहौल से भी दूर भागता है अब हम यह समझते हैं कि अवसाद किन कारणों से हो सकता है अब 7 लोगों को विभिन्न तरीके से प्रभावित करता है और कई प्रकार के लक्षण पैदा कर सकता है जैसे कि नाखुश और निराशा की स्थाई भावनाओं से लेकर उन चीजों में रूचि खोना जिनमें उसको आनंद आता था अवसाद के साथ कई लोगों में चिंता एवं घबराहट के लक्षण भी पाए जाते हैं अवसाद के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर हो सकते हैं मैं अब आपको ऐसे पांच जरूरी कारणों से अवगत कर आऊंगी जिससे अब साथ हो सकता है पहला करें अनुवांशिकी या जेनेटिक यदि आपके परिवार में पहले से ही किसी को अवसाद हुआ है तो आपको भी हो सकता है हालांकि इसका सही तरीका स्पष्ट नहीं है दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण मृत्यु या हानि दुख और शोक सामान्य प्रतिक्रियाएं हैं कभी-कभी हालांकि ऐसे बड़े तनाव अवसाद के गंभीर लक्षण ला सकते हैं जैसे आत्महत्या के विचार या बेकार की भावनाएं तीसरा कारण आपसी झगड़े इतना जैसे कि पारिवारिक झगड़े या फिर निजी लड़ाई से भी अवसाद हो सकता है चौथा कारण जीवन की घटनाएं एक नई नौकरी रोजगार या आय की हानि शादी तलाक रिटायरमेंट घर पर अन्य बीमारी यानी पांचवा कारण अन्य बीमारी कभी-कभी अवसाद के साथ पाई जा सकती है उदाहरण के लिए जैसे नींद की समस्याएं पुराना दर्द चिंता ईडियट ऐसी परिस्थिति आए हमारे दिमाग में नेगेटिव यानी नकारात्मक तरीके से असर करती हैं या फिर जिनको हम स्वीकार नहीं कर पाते हैं इन्हीं कारणों से हमारे दिमाग पर भी गलत असर पड़ता है जो हमारी सोचने समझने की शक्ति को कमजोर कर देती है और धीरे-धीरे हमारे मानसिक और शारीरिक अवस्था को हानि पहुंचाती है मुख्य रूप से अवतार नकारात्मक विचारों और व्यवहारों से होता है तनाव और चिंता तो बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है जो इस मासिक सिटी की ओर ले जाता है इसलिए यदि आप नकारात्मक महसूस कर रहे हैं या बार-बार परस्पर विरोधी विचार रखते हैं और आप विचारों को दूर करने में असमर्थ हैं तो किसी चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक को अपनी समस्याएं बताएं ऐसी स्थिति में ज्यादा दिन तक रहने या उसे ठीक ना कर पाने से बहुत नुकसान हो सकता है जल्द से जल्द मदद मिलने पर आप डिप्रेशन से बाहर आ सकते हैं और स्वस्थ और खुश रह सकते हैं

avsad hone ke kuch karan kya hai azad hone ke kai karan hai par usse pehle avsad ya depression kya hota hai vaah samjhne ki avashyakta hai kuch log sochte hain ki avsad koi bimari nahi hai aur vastavik swasthya samasya nahi hai par vaah galat hai yah vastavik lakshano ke saath ek vastavik bimari hai aur main aapko batana chahti hoon ki avsad koi kamzori ka sanket nahi hai pehli cheez koi agar kuch dino ke liye udaas hai ya kisi baat se tang aa gaya hai toh use dipraishan nahi hai lekin agar koi avsad se grast hai toh vaah kuch dino ke bajay hafton ya mahinon tak lagatar udaas reh sakta hai achi baat yah hai ki sahi upchaar aur madad ke saath avatar waale jyadatar log depression se bahar nikal sakte hain ab hum baat karte hain ki depression kaise ho sakta hai samay samay par pareshan ho jana ya dukhi mehsus karna jeevan ka ek samanya hissa hai lekin jab nirasha aur maayusi jaisi bhaavnaye apni jade kisi ke dimag me ghar bana leti hain aur chodne ka naam nahi leti hain toh aapko avsad ho sakta hai depression ya avsad hamari dincharya ya roj ke kaam me dikkaten paida karta hai jaise ki bhukh na lagna neend na aana varna nahaana saaf safaai na rakhna kisi se batchit na karna ya hamesha bimar mehsus karna aur saath hi manpasand chijon se bhi mooh pher lena ab saath me vyakti hamesha akela aur alag rehne ki koshish karta hai yani vaah band kamre me ghanto ya hafton tak kisi se baat kare bina reh sakta hai is bimari se insaan hamesha dukhi aur maayus dikhta hai use kisi bhi kaam me anand ya kuch bhi karne se khushi nahi milti hai balki vaah khushi ke maahaul se bhi dur bhagta hai ab hum yah samajhte hain ki avsad kin karanon se ho sakta hai ab 7 logo ko vibhinn tarike se prabhavit karta hai aur kai prakar ke lakshan paida kar sakta hai jaise ki nakhush aur nirasha ki sthai bhavnao se lekar un chijon me ruchi khona jinmein usko anand aata tha avsad ke saath kai logo me chinta evam ghabarahat ke lakshan bhi paye jaate hain avsad ke lakshan halke se lekar gambhir ho sakte hain main ab aapko aise paanch zaroori karanon se avgat kar aaungi jisse ab saath ho sakta hai pehla kare anuvanshiki ya genetic yadi aapke parivar me pehle se hi kisi ko avsad hua hai toh aapko bhi ho sakta hai halaki iska sahi tarika spasht nahi hai doosra aur sabse mahatvapurna karan mrityu ya hani dukh aur shok samanya pratikriyaen hain kabhi kabhi halaki aise bade tanaav avsad ke gambhir lakshan la sakte hain jaise atmahatya ke vichar ya bekar ki bhaavnaye teesra karan aapasi jhagde itna jaise ki parivarik jhagde ya phir niji ladai se bhi avsad ho sakta hai chautha karan jeevan ki ghatnaye ek nayi naukri rojgar ya aay ki hani shaadi talak retirement ghar par anya bimari yani panchava karan anya bimari kabhi kabhi avsad ke saath payi ja sakti hai udaharan ke liye jaise neend ki samasyaen purana dard chinta idiot aisi paristhiti aaye hamare dimag me Negative yani nakaratmak tarike se asar karti hain ya phir jinako hum sweekar nahi kar paate hain inhin karanon se hamare dimag par bhi galat asar padta hai jo hamari sochne samjhne ki shakti ko kamjor kar deti hai aur dhire dhire hamare mansik aur sharirik avastha ko hani pahunchati hai mukhya roop se avatar nakaratmak vicharon aur vyavaharon se hota hai tanaav aur chinta toh bahut hi mahatvapurna kaarak hai jo is maasik city ki aur le jata hai isliye yadi aap nakaratmak mehsus kar rahe hain ya baar baar paraspar virodhi vichar rakhte hain aur aap vicharon ko dur karne me asamarth hain toh kisi chikitsak ya manovaigyanik ko apni samasyaen bataye aisi sthiti me zyada din tak rehne ya use theek na kar paane se bahut nuksan ho sakta hai jald se jald madad milne par aap depression se bahar aa sakte hain aur swasth aur khush reh sakte hain

अवसाद होने के कुछ कारण क्या है आजाद होने के कई कारण है पर उससे पहले अवसाद या डिप्रेशन क्य

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

का प्रश्न कि अवसाद और चिंता को कैसे दूर करते हैं दूर करता है लेकिन इस डिप्रेशन चिंता यूनिटी दोनों को दूर करने के लिए आपको रेगुलर अपना वर्क करना है रात को 10:00 बजे जल्दी सो जाइए सुबह 4:00 या 4:30 बजे जल्दी उठ जाइए उसके बाद मेडिटेशन करिए योगा पर यह प्राणायाम करें एक्सरसाइज करें और अरेबियन काम रखिए बीते हुए कल को याद में वर्तमान में चिंता मत करिए तो हर प्रॉब्लम का सलूशन मिलेगा रेगुलर खाना खाना है हेल्थी खाना खाना है तो अवसाद और चिंता से अब दूर रहोगे बाहर निकलोगे ठीक है

ka prashna ki avsad aur chinta ko kaise dur karte hain dur karta hai lekin is depression chinta unity dono ko dur karne ke liye aapko regular apna work karna hai raat ko 10 00 baje jaldi so jaiye subah 4 00 ya 4 30 baje jaldi uth jaiye uske baad meditation kariye yoga par yah pranayaam kare exercise kare aur arabian kaam rakhiye bite hue kal ko yaad mein vartaman mein chinta mat kariye toh har problem ka salution milega regular khana khana hai healthy khana khana hai toh avsad aur chinta se ab dur rahoge bahar nikloge theek hai

का प्रश्न कि अवसाद और चिंता को कैसे दूर करते हैं दूर करता है लेकिन इस डिप्रेशन चिंता यूनिट

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SWETA SUREKA

Life Coach

1:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वेरी बेसिक थिंग्स टो योर सेल्फ अपने आप को शांत जाती है फिर सब कुछ हो सब आपको लगेगा कि मैंने पहले भी कहा ऑल इन थे हम लोग जो दिमाग से सोचते हैं वही अल्टीमेटली प्रोड्यूस भी करते हैं तो डिप्रेशन हो इन राइटिंग नोटिस बोर्ड रिजल्ट ऑफ हम लोग कैसे हैं आप दिन में नहीं कि एक घंटा को प्राप्त करना होगा अब से 5 मिनट 10 मिनट में ही शुरू कीजिए की बॉडी में वह खेलता है कि आप 10 मिनट शांति से बैठे हो अपने आप को समय दे रहे हो एंड जो आपको लगता है कि आपके पॉजिटिव बातें कर सकता है जो आपकी लाइफ में पॉजिटिव इनफ्लुएंस है उनसे आप ज्यादा बात कीजिए जो आपके आसपास के लोग हैं जो लोग आदमी हमेशा नेगेटिव बातें करने के लिए इंपोर्टेंट है क्या नहीं है टाइम अपनी एनर्जी उनको दे आप जो चीज नहीं बॉटम को अपनी लाइफ से कट करते हैं आपका काम है मोहन सिंह डेट ऑफ द डे टुडे लाइफ में

very basic things to your self apne aap ko shaant jati hai phir sab kuch ho sab aapko lagega ki maine pehle bhi kaha all in the hum log jo dimag se sochte hain wahi ultimately produce bhi karte hain toh depression ho in writing notice board result of hum log kaise hain aap din mein nahi ki ek ghanta ko prapt karna hoga ab se 5 minute 10 minute mein hi shuru kijiye ki body mein wah khelta hai ki aap 10 minute shanti se baithe ho apne aap ko samay de rahe ho end jo aapko lagta hai ki aapke positive batein kar sakta hai jo aapki life mein positive inafluens hai unse aap zyada baat kijiye jo aapke aaspass ke log hain jo log aadmi hamesha Negative batein karne ke liye important hai kya nahi hai time apni energy unko de aap jo cheez nahi bottom ko apni life se cut karte hain aapka kaam hai mohan Singh date of the day today life mein

वेरी बेसिक थिंग्स टो योर सेल्फ अपने आप को शांत जाती है फिर सब कुछ हो सब आपको लगेगा कि मैंन

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DR SURI

Rehabilitation Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लाइक लोडिंग ऑटो लाइट्स होती है आप कुछ और कर रहे होते हैं कि कुछ और है

like loading auto lights hoti hai aap kuch aur kar rahe hote hain ki kuch aur hai

लाइक लोडिंग ऑटो लाइट्स होती है आप कुछ और कर रहे होते हैं कि कुछ और है

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Niharika Ghosh

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रितिक रोशन ने जो आम जंगली हम और जन विरोधी युवा पीढ़ी और क्या हम दिल अपना लगाने की बात करें तो मुझे टेस्टिंग थी हमारे अतीत बहुत बुरा असर पड़ता है और कैसे होगी डिप्रेशन प्रशांत बहुत दुखी है लेकिन हमारे दो कंप्यूटर का नाम

hrithik roshan ne jo aam jungli hum aur jan virodhi yuva peedhi aur kya hum dil apna lagane ki baat karein toh mujhe testing thi hamare ateet bahut bura asar padta hai aur kaise hogi depression prashant bahut dukhi hai lekin hamare do computer ka naam

रितिक रोशन ने जो आम जंगली हम और जन विरोधी युवा पीढ़ी और क्या हम दिल अपना लगाने की बात करें

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