आजकल बहुत से लोगों को अवसाद क्यों है?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर आपका पसंद है आजकल बहुत से लोगों में अपराध क्यों है लेकिन भागदौड़ के जीवन में लोग कहीं ना कहीं अंधाधुन भाग रहे हैं एक इच्छा पूरी होने के बाद पीछा करते हैं और के पीछे भागना शुरू कर देते हैं जो उनके सुख है उसको मैं भोंकते नहीं है जो उनके पास है उसको वैल्यू में देते जो नहीं है उसको लेकर चिंतित है तो उसे मीडिया और बहुत कुछ देखने के कारण उन्हें लगता है कि उनके जीवन में बहुत कमियां है संबंधों को इतना समय नहीं देते और संबंध कहीं ना कहीं खराब हो जाते हैं इस वजह से लोगों में अपराध बढ़ रहा है धन्यवाद

sir aapka pasand hai aajkal bahut se logo me apradh kyon hai lekin bhagdaud ke jeevan me log kahin na kahin andhadhun bhag rahe hain ek iccha puri hone ke baad picha karte hain aur ke peeche bhaagna shuru kar dete hain jo unke sukh hai usko main bhonkte nahi hai jo unke paas hai usko value me dete jo nahi hai usko lekar chintit hai toh use media aur bahut kuch dekhne ke karan unhe lagta hai ki unke jeevan me bahut kamiyan hai sambandhon ko itna samay nahi dete aur sambandh kahin na kahin kharab ho jaate hain is wajah se logo me apradh badh raha hai dhanyavad

सर आपका पसंद है आजकल बहुत से लोगों में अपराध क्यों है लेकिन भागदौड़ के जीवन में लोग कहीं न

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Jagandeep Sandhu

Clinical Psychologist

3:37
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो आज प्रश्न की बात करें तो डिप्रेशन के बारे में हर कोई बहुत कुछ जानता है जो लोग साइकॉलजी फील्ड से रिलेटेड नहीं हुई है वह लोग भी डिप्रेशन के बारे में जानते हैं और हम सबको एक मिसकनसेप्शन के बारे में अलग-अलग क्या करूं आप जैसा बहुत अच्छे सेट कर रहे हो और आपकी छोटी सी जरूरी नहीं है कि वह दिखता डिप्रेशन एक्सीडेंट है वह दिखती नहीं है तो सुनती नहीं है उसमें आप इंसान से आप अपने फ्रेंड फ्रेंड से अपने लवर मानसिक में क्रोध मन से डिस्कस करना चाहते हैं उसका करते हैं वह टेंपरेरीज होता है ओवर कम कर लेता तो नार्मल में चले जाते हैं खाली फोन क्लीन करने की वजह से आप जान ही नहीं पाते कि आपके अंदर क्या चल रहा है आप नहीं एक्सप्लेन कर पाते और जाहिर नहीं कर पाते हो कि आपको कैसा हो रहा है और साइनस को अलग करती है और डिप्रेशन भी हो सकता है हो सकता है और वह भी हो सकता है आप पर डिपेंड का कॉल क्यों होता है हमारे लोगों के साथ कैसे रहें और कभी-कभी होता है और इस वजह से और लाइफस्टाइल में भी सो जाओ आप आजकल इतनी दूर इतना दूर ड्राइव करके कितना चल चलते आप एक घंटा जम जाते हैं आपकी बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं है आप अपना ध्यान नहीं रखते हैं आपका सब कुछ होता है और एक और आप आजकल लोगों को अन रेलवे स्टेशन इन सोशल मीडिया लोगों के साथ कंपेयर हम अपनी लाइफ में क्यों करते हैं सोशल नेटवर्क बिल्कुल अलग होती है बिल्कुल अलग तरह से इंसान की तो शादी हो रही है क्या हो रहा है या इसके को काटकर लगा रहे हैं और इनके पास इतना पैसा है और मेरी जिंदगी एक दम खराब है तो एक कंपैरिजन की वजह से भी हमें डिप्रेशन सिंह होता है

toh aaj prashna ki baat kare toh depression ke bare mein har koi bahut kuch jaanta hai jo log psychology field se related nahi hui hai vaah log bhi depression ke bare mein jante hain aur hum sabko ek misakanasepshan ke bare mein alag alag kya karu aap jaisa bahut acche set kar rahe ho aur aapki choti si zaroori nahi hai ki vaah dikhta depression accident hai vaah dikhti nahi hai toh sunti nahi hai usme aap insaan se aap apne friend friend se apne lover mansik mein krodh man se discs karna chahte hain uska karte hain vaah temparerij hota hai over kam kar leta toh normal mein chale jaate hain khaali phone clean karne ki wajah se aap jaan hi nahi paate ki aapke andar kya chal raha hai aap nahi explain kar paate aur jaahir nahi kar paate ho ki aapko kaisa ho raha hai aur sinus ko alag karti hai aur depression bhi ho sakta hai ho sakta hai aur vaah bhi ho sakta hai aap par depend ka call kyon hota hai hamare logo ke saath kaise rahein aur kabhi kabhi hota hai aur is wajah se aur lifestyle mein bhi so jao aap aajkal itni dur itna dur drive karke kitna chal chalte aap ek ghanta jam jaate hain aapki bilkul bhi exercise nahi hai aap apna dhyan nahi rakhte hain aapka sab kuch hota hai aur ek aur aap aajkal logo ko an railway station in social media logo ke saath compare hum apni life mein kyon karte hain social network bilkul alag hoti hai bilkul alag tarah se insaan ki toh shadi ho rahi hai kya ho raha hai ya iske ko katkar laga rahe hain aur inke paas itna paisa hai aur meri zindagi ek dum kharab hai toh ek kampairijan ki wajah se bhi hamein depression Singh hota hai

तो आज प्रश्न की बात करें तो डिप्रेशन के बारे में हर कोई बहुत कुछ जानता है जो लोग साइकॉलजी

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Shahbaz Khan

Life Coach, Motivational Speaker

1:28
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर मैं फंडामेंटलिज्म बोलो मैं कोशिश करूंगा कि मैं बिल्कुल भी बात करूं अगर मेरी नजर में आकर डिप्रेशन के खराब बात करेगी होता है तो उस पर सेकंड में कंपैरिजन होता यह है कि आज कंपैरिजन हो रहा है अपने पास तो आज के जो आईटी इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी पढ़ते हैं या देखते हैं तो इंसेंटिव इस कंपनी को कंपेयर करने लग जाते यार उसके पास यह सकते हो इतना बिजी नहीं हो गया है 2924 जो कुछ भी है बट मैं अभी तक स्ट्रगल कर रहा हूं अपनी लाइफ को पर कुछ और सर्च करने के लिए मैं अभी तक फाइनल कर रहा हूं स्टडी करने के लिए मैं कल कर रहा हूं फाइनेंशली नेट पर कॉल करो रिलेशनशिप में मैं स्ट्रगल कर रहा हूं किसी और कारण टेबल यह तो वह कंपैरिजन अंदर ही अंदर इंसान को खा जाती और वह भी डिलीट करने लगता है कि यार मेरी तो जिंदगी है इस नॉट भर्ती नौकरी में कुछ कर ही नहीं पा रहा हूं जिसमें फंडामेंटल टूरिज्म पाया जाता है डिप्रेशन मीन मीन कॉल

agar main fandamentalijm bolo main koshish karunga ki main bilkul bhi baat karu agar meri nazar mein aakar depression ke kharab baat karegi hota hai toh us par second mein kampairijan hota yah hai ki aaj kampairijan ho raha hai apne paas toh aaj ke jo it information technology padhte hain ya dekhte hain toh incentive is company ko compare karne lag jaate yaar uske paas yah sakte ho itna busy nahi ho gaya hai 2924 jo kuch bhi hai but main abhi tak struggle kar raha hoon apni life ko par kuch aur search karne ke liye main abhi tak final kar raha hoon study karne ke liye main kal kar raha hoon financially net par call karo Relationship mein main struggle kar raha hoon kisi aur karan table yah toh vaah kampairijan andar hi andar insaan ko kha jaati aur vaah bhi delete karne lagta hai ki yaar meri toh zindagi hai is not bharti naukri mein kuch kar hi nahi paa raha hoon jisme fundamental tourism paya jata hai depression meen meen call

अगर मैं फंडामेंटलिज्म बोलो मैं कोशिश करूंगा कि मैं बिल्कुल भी बात करूं अगर मेरी नजर में आक

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Dr. Jyoti Gupta

Assistant Professor

1:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्टेशन पर एक सबसे बड़ा कारण होता है कि अरविंद कंचन में बहुत ज्यादा होता है क्योंकि पास में मैं आपसे बात करने का समय नहीं मिलता किसी और के साथ बात करने की कोशिश करता है

station par ek sabse bada karan hota hai ki arvind kanchan mein bahut zyada hota hai kyonki paas mein main aapse baat karne ka samay nahi milta kisi aur ke saath baat karne ki koshish karta hai

स्टेशन पर एक सबसे बड़ा कारण होता है कि अरविंद कंचन में बहुत ज्यादा होता है क्योंकि पास में

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Deepinder Sekhon

Mental Health Care

0:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका लाइफ टाइम देख लीजिए सपोर्ट सिस्टम नहीं है पहले जब जहां जॉइंट फैमिली होती थी तो रिस्पांसिबिलिटी पट जाती थी अब तो आप न्यूक्लियर फैमिली में हो या आप अकेले रह रहे हो आप अकेले ही रखो हर चीज के लिए और बचपन से हमें यह कॉपिंग स्क्री नहीं दिया गया कि हमने इस ड्रेस को कैसे मैनेज करना है ना तो मत करो सुननी कैसे यूज़ ऑफ डिप्रेशन एक्सपेक्टेशन हमसे बहुत ज्यादा हम खुद के लिए बहुत ज्यादा एक्सपेक्टेशन रख कर बैठे तो अपनी एक्सेप्टेशन भी थोड़ी नीचे नीचे ना लाइफ में

aapka life time dekh lijiye support system nahi hai pehle jab jaha joint family hoti thi toh responsibility pat jaati thi ab toh aap nuclear family mein ho ya aap akele reh rahe ho aap akele hi rakho har cheez ke liye aur bachpan se hamein yah copying scree nahi diya gaya ki humne is dress ko kaise manage karna hai na toh mat karo sunnani kaise use of depression expectation humse bahut zyada hum khud ke liye bahut zyada expectation rakh kar baithe toh apni eksepteshan bhi thodi niche neeche na life mein

आपका लाइफ टाइम देख लीजिए सपोर्ट सिस्टम नहीं है पहले जब जहां जॉइंट फैमिली होती थी तो रिस्पा

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Loveleena Singh

Rehabilitation Psychologist

0:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुछ लाइफ टाइम चेंज हो चुके हैं जिंदगी भाग रही है भाग रही है बेटा मुझे कांटेक्ट खत्म होने का मतलब यह है कि साथ रहते हुए भी बस अपने फोन के साथ हम दादा ने उन लोगों के पास जो मोटरसाइकिल के खाने पीने में बदलाव है बेटा चल रही है एक बार ताजा रिपोर्ट

kuch life time change ho chuke hain zindagi bhag rahi hai bhag rahi hai beta mujhe Contact khatam hone ka matlab yah hai ki saath rehte hue bhi bus apne phone ke saath hum dada ne un logo ke paas jo motorcycle ke khane peene mein badlav hai beta chal rahi hai ek baar taaza report

कुछ लाइफ टाइम चेंज हो चुके हैं जिंदगी भाग रही है भाग रही है बेटा मुझे कांटेक्ट खत्म होने क

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Dr.Pradnya Mukherjee

Counselling Psychologist

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने जो प्रश्न पूछा है डिप्रेशन के बारे में डिप्रेशन की वजह से मौत हो सकती हो कि निकल भी हो सकती है और साइकोलॉजी पूरी हो सकती अगर क्लीनिकल है तो उसके ज्यादा साइकोलॉजी या फिर आप साइकोलॉजी की शॉपिंग कर पा गया आपको टेंशन होस्टेस है उसकी वजह से रिक्वेस्ट करता है तो उसकी वजह तो काफी सारी हो सकती हैं बाद निंजा टेक्निक

aapne jo prashna poocha hai depression ke bare mein depression ki wajah se maut ho sakti ho ki nikal bhi ho sakti hai aur psychology puri ho sakti agar clinical hai toh uske zyada psychology ya phir aap psychology ki shopping kar paa gaya aapko tension hostess hai uski wajah se request karta hai toh uski wajah toh kaafi saree ho sakti hain baad ninja technique

आपने जो प्रश्न पूछा है डिप्रेशन के बारे में डिप्रेशन की वजह से मौत हो सकती हो कि निकल भी ह

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Shalini

Clinical Psychologist

1:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर आप सच में आपकी कुछ फ्री बिग डूबे आदर्श गुप्ता इंटरेस्ट नहीं किया गया है शुरू होता है एक हम ना कहेंगे कोई बहुत दुखी दुखी होना और किसी भी तू उसकी बहुत सारी संचित है कि वह दुख आपको कहीं इंटरव्यू प्रिपरेशन हो चुका है हम कहते हैं

agar aap sach mein aapki kuch free big doobe adarsh gupta interest nahi kiya gaya hai shuru hota hai ek hum na kahenge koi bahut dukhi dukhi hona aur kisi bhi tu uski bahut saree sanchit hai ki vaah dukh aapko kahin interview preparation ho chuka hai hum kehte hain

अगर आप सच में आपकी कुछ फ्री बिग डूबे आदर्श गुप्ता इंटरेस्ट नहीं किया गया है शुरू होता है ए

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Sanika Dharaskar

Clinical Psychologist

0:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

होता है एक तो आपका आपका मन नहीं लगता है किधर भी आना बहुत काम में व्यस्त हो जाते हैं खुद को टाइम नहीं दे पाते हैं अंकुर को टाइम देने के लिए नहीं रहने की वजह आपको बहुत थी और मेंटेनेंस प्रॉब्लम से जाना पड़ता है तो नींद नहीं आती है भूख नहीं लगती क्या बहुत जरूरी है गाना बहुत ही आवश्यकता है आपको जो अच्छा लगता है आपको वह करना चाहिए जो भी आपको फीलिंग आती है इसीलिए फैमिली के साथ शेयर करना चाहिए थैंक यू

hota hai ek toh aapka aapka man nahi lagta hai kidhar bhi aana bahut kaam mein vyast ho jaate hain khud ko time nahi de paate hain ankur ko time dene ke liye nahi rehne ki wajah aapko bahut thi aur Maintenance problem se jana padta hai toh neend nahi aati hai bhukh nahi lagti kya bahut zaroori hai gaana bahut hi avashyakta hai aapko jo accha lagta hai aapko vaah karna chahiye jo bhi aapko feeling aati hai isliye family ke saath share karna chahiye thank you

होता है एक तो आपका आपका मन नहीं लगता है किधर भी आना बहुत काम में व्यस्त हो जाते हैं खुद को

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Debjani

Clinical Psychologist

4:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डिप्रेशन के काफी सारे वजह है आजकल के दिन में पहले भी डिप्रेशन होता था पहले भी जब कुछ करते भी थे लोग उनको पागल बताते थे फिर झाड़ फूंक करवाते थे बहुत सारे टोटके वगैरह यह सब कुछ लेकर करने की कोशिश करते थे मॉडर्न जमाने में इस कारण इससे ज्यादा है इसलिए किसी का भी अगर कुछ भी होता है तो यह फ्रेंड में भी आ चुका है कि डिप्रेशन है जो भी काम है अपना जो बोल है वह बोल आपकी हैसियत से अगर बहुत ज्यादा हो जैसे कि आपके पास मतलब ऑप्शन काटकर के दिन में तो बहुत सारे हैं ना कि आप यह भी कर सकते आपको भी कर सकते आपके पास सोशल मीडिया है आपके पास इंटरनेट एक्सेस कर सकता है अभी फैमिली जो है मम्मी पापा और एक बच्चा जोगबनी का जो टाइमिंग है इंसान इतना बिजी हो चुका है कि बच्चे बात करने के लिए बात करना कि आप अगर तुम्हारा मन खराब है अगर तुम तुम कुछ चाहिए तो दूसरा एक बंदा है जो उसको मुक्ति प्रोवाइड करता है मुझे दिनों में दादी नानी मां दादा जी नाना जी दोस्त बहुत कम है और चिकने दोस्त भी है उनके साथ आप उसे चीजों पर बात करते हो जो दिन स्टैंडिंग इन इन मतलब आप किसी चीज के लिए फंसे हुए हो आपको यह डर लगता है कि अगर आप यह बात बता दोगे तो आप की वैल्यू कम हो जाए सारी चीजें हैं जो आज छोटे बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक सबको है और डिप्रेशन का फिजिकल फीचर के बारे में बात किया जाए तो अलग से बच्चे डिफरेंस क्यों है उसके पास है क्या ड्यूटी करते तो बस वाली थी नहीं होता है क्या करते अपना मोबाइल देखें और अपने आप को खिलाना हो तो खिलाया जाता था पहले दिन में गाना गाते खिला खिला दे फिर उसको खिलाया जाता था चंदन सिंह के मम्मी पापा लोग करते थे इंट्रोडक्शन ऑफ बहुत छोटे बच्चे से लेकर हर इंसान में खत्म हो चुका है किसी के साथ भी इंटरेक्शन करने का जो तरीका है यह भी चेंज हो चुका है आपको मन खराब होता है तो इंसान में कुछ ऐसा चीज दिखा रहा है जो वह है ही नहीं पब्लिसाइज कर दे दो पक्षों में सबको मिलता नहीं है फिर कहां पर स्थित किया जा सकता है आजकल के लोगों को पता ही नहीं है इसीलिए डिप्रेशन भी

depression ke kaafi saare wajah hai aajkal ke din mein pehle bhi depression hota tha pehle bhi jab kuch karte bhi the log unko Pagal batatey the phir jhad phoonk karwaate the bahut saare totake vagera yah sab kuch lekar karne ki koshish karte the modern jamane mein is karan isse zyada hai isliye kisi ka bhi agar kuch bhi hota hai toh yah friend mein bhi aa chuka hai ki depression hai jo bhi kaam hai apna jo bol hai vaah bol aapki haisiyat se agar bahut zyada ho jaise ki aapke paas matlab option katkar ke din mein toh bahut saare hai na ki aap yah bhi kar sakte aapko bhi kar sakte aapke paas social media hai aapke paas internet access kar sakta hai abhi family jo hai mummy papa aur ek baccha jogabani ka jo timing hai insaan itna busy ho chuka hai ki bacche baat karne ke liye baat karna ki aap agar tumhara man kharab hai agar tum tum kuch chahiye toh doosra ek banda hai jo usko mukti provide karta hai mujhe dino mein dadi naani maa dada ji nana ji dost bahut kam hai aur chikne dost bhi hai unke saath aap use chijon par baat karte ho jo din standing in in matlab aap kisi cheez ke liye fanse hue ho aapko yah dar lagta hai ki agar aap yah baat bata doge toh aap ki value kam ho jaaye saree cheezen hai jo aaj chote bacche se lekar bade bujurg tak sabko hai aur depression ka physical feature ke bare mein baat kiya jaaye toh alag se bacche difference kyon hai uske paas hai kya duty karte toh bus wali thi nahi hota hai kya karte apna mobile dekhen aur apne aap ko khilana ho toh khilaya jata tha pehle din mein gaana gaate khila khila de phir usko khilaya jata tha chandan Singh ke mummy papa log karte the introduction of bahut chote bacche se lekar har insaan mein khatam ho chuka hai kisi ke saath bhi interaction karne ka jo tarika hai yah bhi change ho chuka hai aapko man kharab hota hai toh insaan mein kuch aisa cheez dikha raha hai jo vaah hai hi nahi publicize kar de do pakshon mein sabko milta nahi hai phir kahaan par sthit kiya ja sakta hai aajkal ke logo ko pata hi nahi hai isliye depression bhi

डिप्रेशन के काफी सारे वजह है आजकल के दिन में पहले भी डिप्रेशन होता था पहले भी जब कुछ करते

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Saloni Sharma

Soft skill trainer and Counsellor

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल के बच्चे नहीं होते तो हमारी गर्लफ्रेंड से दोस्ती में कैमरा जिससे हम दिल खोल कर बात कर सके मैं अक्सर कहा करती हूं अंडरस्टैंड कहते हैं कोई ऐसा इंसान जिसने हम क्या मन की बात शेयर कर सके हम अपने मन की पूरी गंदगी निकाल सके इसलिए उनसे डरते हो नहीं कर पाते हैं उसकी फोटो अकेलापन शादियों में अकेलेपन में हम सोशल मीडिया पर बहुत खुश दिखाते हैं और बहुत दुखी हैं अंदर से अकेले हैं अकेलापन प्रश्न का कारण है बहुत बड़ा कारण है कांग्रेश टूट रही है न्यूक्लियर फैमिली बहुत ज्यादा हो गई है शादियां बहुत लंबी नहीं दिख रही है क्योंकि टेशन हमको क्या है प्रोफेशन में हर एरिया में बहुत ज्यादा बढ़ गया है कंपटीशन छोटा बच्चा हो या बड़ा वाकिंग हो कंपटीशन दौड़ गए इतना ज्यादा कंपटीशन हो गया है कि सब डिप्रेस्ड होने लगे हैं अकेलेपन और कंपटीशन

aajkal ke bacche nahi hote toh hamari girlfriend se dosti mein camera jisse hum dil khol kar baat kar sake main aksar kaha karti hoon understand kehte hain koi aisa insaan jisne hum kya man ki baat share kar sake hum apne man ki puri gandagi nikaal sake isliye unse darte ho nahi kar paate hain uski photo akelapan shadiyo mein akelepan mein hum social media par bahut khush dikhate hain aur bahut dukhi hain andar se akele hain akelapan prashna ka karan hai bahut bada karan hai congress toot rahi hai nuclear family bahut zyada ho gayi hai shadiyan bahut lambi nahi dikh rahi hai kyonki teshan hamko kya hai profession mein har area mein bahut zyada badh gaya hai competition chota baccha ho ya bada Walking ho competition daudh gaye itna zyada competition ho gaya hai ki sab depressed hone lage hain akelepan aur competition

आजकल के बच्चे नहीं होते तो हमारी गर्लफ्रेंड से दोस्ती में कैमरा जिससे हम दिल खोल कर बात कर

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Vinita Haria

Clinical Psychologist

6:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शो आजकल डिजिक्ले क्या हो गया है ना के बचपन से ही एक जो प्रिंटिंग जो स्टाइल होती है जिससे बच्चे लोग को बढ़ाकर तो सब कुछ जानते तो गलत नहीं करते बस एक चीज ध्यान में रखने की जरूरत से ज्यादा सीमा शर्मा है और आप मुझको ज्यादा ही और डोमिनेटिंग देने उसको बड़ा करोगे तो वह कहीं पर खुल नहीं पाएगा अगर बच्चा ज्यादा ही फ्री है आप इसको बिल्कुल नहीं करोगे कभी ऐसा कभी नहीं सुनेगा लोग को बचपन से ही एक सही ढंग से ट्रेनिंग मिलते हैं उसके बाद जैसे वह बड़े होते हैं राइट पेरेंट्स को बच्चों के साथ अपना फाउंडेशन सॉन्ग रखना है कंप्लेंट ज्यादा कंपटीशन है या अभिषेक सिंह पेरेंट्स ज्यादा टाइम नहीं दे पाते हैं ज्यादा जैसे लगते हैं हॉलिडे से लेकर जाते हैं तो वह अपनी दुनिया में रहते हैं बच्चों के साथ एक बार भी होते 2019 कहने का मतलब यह है कि अगर कभी भी कोई भी पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ इन्वॉल्व नहीं होता है हम लोग इमोशनल ग्रोथ या इमोशनल कौशिक के ऊपर काम नहीं कर रहे बच्चों के अभी भी बचपन में अगर हम लोग कॉन्फिडेंस नहीं कर पाते हैं या एक पैर इन सोशल का कांटेक्ट भी नहीं कर पाते हैं ऐसे बच्चों को देखा है कि जैसे-जैसे अपने जीने ना आते हैं ऑपरेशन में आते हैं एग्जाम के चौक में होते हैं रिलेशनशिप सच में होते हैं तो वह ज्यादा जल्दी रिएक्टर चाहिए और उनको जल्दी काउंसलिंग इन्हें जाना पड़ता है या खुदा जल्दी बिटवीन करते हैं या उनका बिहेवियर काफी नेगेटिव में हो जाता है अगर कभी भी हम लोग उसको ध्यान नहीं दे पाते तो कहीं ना कहीं डिप्रेशन के लिए एक रूम खोल देता है कि बच्चे लोग को वहां पर जाकर बोलो जाते हैं कि उनका मेंटल हो जाता है खाना-पीना बराबर नहीं है पेरेंट्स है जो मैंने ज्यादा काउंसलिंग लिए हुए अभी तुझे फास्ट फूड है या बाहर भी नहीं बस घर पर भी सीख जाओ यह सब बनाते हैं सुग्रीव पदार्थों खाने में यूज कर रहे हैं उसके वजह से न्यूट्रीशन सलूशन विद पॉलीटिशियंस क्या हो जाता है बच्चे के हार्मोन ज्यादा मतलब नहीं होता तो देखा गया है कि छोटे बच्चे लगी होना ग्रेड के बच्चे लोग को भी फायदा हो जाता है या पीसीओडी हो जाता है लेकिन वह आपके बॉडी मेकैनिकली आपका दुश्मन लेबल काम करता है आपका मेटाबॉलिक रेट कम कर देता है आपका मूड के ऊपर काम करते हो जाता है मतलब घर में किसी खास की डेथ हो जाना या बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से झगड़ा हो जाना या फ्रेंड लोग बात नहीं करना है फॉरेन मैचिंग होते हैं वह थोड़ी ज्यादा प्यार हो जाता तो बचपन से उनको या अपनी भावनाओं को एक्सीडेंट करने के लिए 150 नानी जी कैसे हो जाती है कि वह लोग इतना बोलते हैं इतना बोलते कि कभी उनको लगता है कि मुझे मैं कभी नहीं बोलूंगा या कभी मेरे साथ कोई नहीं रहेगा तो उनको मूड फ्रेश फील होता है अच्छा रहेगा बेसिकली अगर डिप्रेशन से सारे जो भी और कीपॉइंट्स है और वह बचपन से ही साथ हो सकता है अगर हम लोग बचपन को पता चल जाता है अभी काफी तुम चली गई बहुत कम होते हैं वह सब लाइक माइंडेड पीपल पे ही बात करते तुमसे कम हो जाता है ज्यादा होशियार और मैसेज कॉलेज में नहीं जाने का पूरा दिन पढ़ाई करते रहने का ऐसा शब्द जो होता है चूंकि फ्रेंड सोशल कम हो जाते हैं उनको फिर कुछ भी प्रॉब्लम होता है पीरियड होता है एक काम आता है मुझे कल शाम 10:00 बजे करना है ज्यादा इंटेलिजेंट बेबी को क्या हो जाता वह हर एक चीज का बिजनेस करते हैं हम लोग कुछ भी करवाना पड़ता है आज भी करवाना क्यों मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ मुझे भी बात करना बंद कर दिया

show aajkal dijikle kya ho gaya hai na ke bachpan se hi ek jo printing jo style hoti hai jisse bacche log ko badhakar toh sab kuch jante toh galat nahi karte bus ek cheez dhyan mein rakhne ki zarurat se zyada seema sharma hai aur aap mujhko zyada hi aur domineting dene usko bada karoge toh vaah kahin par khul nahi payega agar baccha zyada hi free hai aap isko bilkul nahi karoge kabhi aisa kabhi nahi sunegaa log ko bachpan se hi ek sahi dhang se training milte hain uske baad jaise vaah bade hote hain right parents ko baccho ke saath apna foundation song rakhna hai complaint zyada competition hai ya abhishek Singh parents zyada time nahi de paate hain zyada jaise lagte hain holiday se lekar jaate hain toh vaah apni duniya mein rehte hain baccho ke saath ek baar bhi hote 2019 kehne ka matlab yah hai ki agar kabhi bhi koi bhi parents apne baccho ke saath involve nahi hota hai hum log emotional growth ya emotional kaushik ke upar kaam nahi kar rahe baccho ke abhi bhi bachpan mein agar hum log confidence nahi kar paate hain ya ek pair in social ka Contact bhi nahi kar paate hain aise baccho ko dekha hai ki jaise jaise apne jeene na aate hain operation mein aate hain exam ke chauk mein hote hain Relationship sach mein hote hain toh vaah zyada jaldi reactor chahiye aur unko jaldi kaunsaling inhen jana padta hai ya khuda jaldi between karte hain ya unka behaviour kaafi Negative mein ho jata hai agar kabhi bhi hum log usko dhyan nahi de paate toh kahin na kahin depression ke liye ek room khol deta hai ki bacche log ko wahan par jaakar bolo jaate hain ki unka mental ho jata hai khana peena barabar nahi hai parents hai jo maine zyada kaunsaling liye hue abhi tujhe fast food hai ya bahar bhi nahi bus ghar par bhi seekh jao yah sab banate hain sugreev padarthon khane mein use kar rahe hain uske wajah se nutrition salution with politicians kya ho jata hai bacche ke hormone zyada matlab nahi hota toh dekha gaya hai ki chote bacche lagi hona grade ke bacche log ko bhi fayda ho jata hai ya pisiodi ho jata hai lekin vaah aapke body mekainikli aapka dushman lebal kaam karta hai aapka metabalik rate kam kar deta hai aapka mood ke upar kaam karte ho jata hai matlab ghar mein kisi khaas ki death ho jana ya boyfriend ya girlfriend se jhadna ho jana ya friend log baat nahi karna hai foreign matching hote hain vaah thodi zyada pyar ho jata toh bachpan se unko ya apni bhavnao ko accident karne ke liye 150 naani ji kaise ho jaati hai ki vaah log itna bolte hain itna bolte ki kabhi unko lagta hai ki mujhe main kabhi nahi boloonga ya kabhi mere saath koi nahi rahega toh unko mood fresh feel hota hai accha rahega basically agar depression se saare jo bhi aur kipaints hai aur vaah bachpan se hi saath ho sakta hai agar hum log bachpan ko pata chal jata hai abhi kaafi tum chali gayi bahut kam hote hain vaah sab like minded pipal pe hi baat karte tumse kam ho jata hai zyada hoshiyar aur massage college mein nahi jaane ka pura din padhai karte rehne ka aisa shabd jo hota hai chunki friend social kam ho jaate hain unko phir kuch bhi problem hota hai period hota hai ek kaam aata hai mujhe kal shaam 10 00 baje karna hai zyada Intelligent baby ko kya ho jata vaah har ek cheez ka business karte hain hum log kuch bhi karwana padta hai aaj bhi karwana kyon mere saath aisa kyon hua mujhe bhi baat karna band kar diya

शो आजकल डिजिक्ले क्या हो गया है ना के बचपन से ही एक जो प्रिंटिंग जो स्टाइल होती है जिससे ब

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Debarati Lahiri

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन के लिए बहुत शुक्रिया आपका क्वेश्चन है मन खराब उदास लगना क्यों होता है और डिप्रेशन क्यों होता है दोनों दो टाइप ऑफ डिक्टेशन हम लोगों को होता है एक है जिसका कारण एनवायरनमेंट में है इसको बोलते हैं एक्सप्लोजंस डिप्रेशन आपका परिवार में कोई अचानक गुजर गए आपका जो एक्सपेक्टेशन था आपका जॉब इन 1 मिनट में वह फुल तिल नहीं हो पाए कारण जो है डिप्रेशन मन खराबी का कारण जो है वह एनवायरनमेंट में है बाहर है उसको बोलते हैं हम लोग एक रोज एनएस डिप्रेशन ऑडिट हाइड्रोजेनस डिप्रेशन कभी-कभी हम लोग देखते हैं हमारे पास आते हैं पता नहीं कुछ बायोलॉजिकल चेंजेज बायो केमिकल चेंजेज होता है अंदर बॉडी के अंदर हम लोगों का वोट डायरेक्टली वह उसका एक दिमाग में आता है मन खराब लगता है इसको बोलते हैं इंदु जेनस डिप्रेशन यह अभी आपको देखना है आप आपका जो उदासी का कारण क्या है व्हाट इज द मीनिंग ऑफ इंडिविजुअल इंडिविजुअल टो इंडिविजुअल उस वह वेरी करता है व्यक्तित्व के ऊपर कभी-कभी ऐसा होता है कोई एक बहुत कठिन समस्या में है फिर भी वह जूझ रहा है उनका मन खराब उदासी नहीं आ रहा है वह बोल रहा है नहीं मैं झूठ पाऊंगी ये सिचुएशन से कभी-कभी ऐसा होता है कि कार्डन बहुत सिंपल है फ्रेंड के साथ थोड़ा बातचीत का यीशु कोई रिलेशनशिप हस्बैंड वाइफ में थोड़ा जगत झगरा वह डिप्रेशन ले सकता है क्योंकि यह डिफेंडिंग ऑन वह डिपेंड करता है व्यक्तित्व के ऊपर कैसे आप लेते हैं उसके ऊपर मुझे पता है बहुत सारा लोग जो बहुत कठिन परिस्थितियों में युद्ध करने फाइट करने के लिए तैयार है और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि थोड़ा इधर से अजमेर नहीं आए कुछ सिंपल प्रॉब्लम से ही लोग घबरा जाते हैं उनका मन खराब करते हैं उनका एंजाइटी होता है उनका थोड़ा इधर उधर हुआ हस्बैंड वाइफ का डिप्रेशन हो गया अमन खराब लगने लगा वह कैसे भी वह मन को मन से हटाने का कोशिश करें लेकिन वह जो मन का जो दुख है वह मन से नहीं हटा पा रहा है तो यह कारन बोलना ऐसे करके बहुत डिफिकल्ट है इस अब्रॉड आंसर आंसर आंसर

aapka question ke liye bahut shukriya aapka question hai man kharab udaas lagna kyon hota hai aur depression kyon hota hai dono do type of detention hum logo ko hota hai ek hai jiska karan environment mein hai isko bolte hain eksaplojans depression aapka parivar mein koi achanak gujar gaye aapka jo expectation tha aapka job in 1 minute mein vaah full til nahi ho paye karan jo hai depression man kharabi ka karan jo hai vaah environment mein hai bahar hai usko bolte hain hum log ek roj NS depression audit haidrojenas depression kabhi kabhi hum log dekhte hain hamare paas aate hain pata nahi kuch biological changes bio chemical changes hota hai andar body ke andar hum logo ka vote directly vaah uska ek dimag mein aata hai man kharab lagta hai isko bolte hain indu janus depression yah abhi aapko dekhna hai aap aapka jo udasi ka karan kya hai what is the meaning of individual individual toe individual us vaah very karta hai vyaktitva ke upar kabhi kabhi aisa hota hai koi ek bahut kathin samasya mein hai phir bhi vaah joojh raha hai unka man kharab udasi nahi aa raha hai vaah bol raha hai nahi main jhuth paungi ye situation se kabhi kabhi aisa hota hai ki cordon bahut simple hai friend ke saath thoda batchit ka yeshu koi Relationship husband wife mein thoda jagat jhagara vaah depression le sakta hai kyonki yah defending on vaah depend karta hai vyaktitva ke upar kaise aap lete hain uske upar mujhe pata hai bahut saara log jo bahut kathin paristhitiyon mein yudh karne fight karne ke liye taiyar hai aur kabhi kabhi aisa bhi hota hai ki thoda idhar se ajmer nahi aaye kuch simple problem se hi log ghabara jaate hain unka man kharab karte hain unka anxiety hota hai unka thoda idhar udhar hua husband wife ka depression ho gaya aman kharab lagne laga vaah kaise bhi vaah man ko man se hatane ka koshish kare lekin vaah jo man ka jo dukh hai vaah man se nahi hata paa raha hai toh yah kaaran bolna aise karke bahut difficult hai is abroad answer answer answer

आपका क्वेश्चन के लिए बहुत शुक्रिया आपका क्वेश्चन है मन खराब उदास लगना क्यों होता है और ड

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