क्या नौकरी करने वाली महिला के पास अपने बच्चे के लिए समय होता है?...


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Dr J B Tiwari

Chairman and Managing Director

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं डॉक्टर जेपी तिवारी आपको प्रणाम करता हूं और आपके सवाल है क्या नौकरी करने वाली महिला के पास अपने बच्चे के लिए समय होता है बिल्कुल होता है आपको क्या लगता है पूरा दिन बच्चों को लेकर आने से ज्यादा आदमी पिक्चर विकास करता है ऐसा नहीं काम करने वाले जो भी है काम करने वाले जो आदत है काम करने वाले जो मां है वह ज्यादा कंट्रोल्ड करती है अपने बच्चे के लिए जो घर पर रहकर रहती है दुनिया को समझती है जानते के बच्चे को कैसा बनाना है जो दुनिया में कंप्लीट कर सकेगा दुनिया का फेस दुनिया को भूल कर सकेगा तो हमेशा बढ़िया है बच्चे के प्रवेश के लिए और जो भी हो समय देती है वही समय उसका घरेलू उपयोग घर में रहने वाली मां का होता है

main doctor jp tiwari aapko pranam karta hoon aur aapke sawaal hai kya naukri karne wali mahila ke paas apne bacche ke liye samay hota hai bilkul hota hai aapko kya lagta hai pura din baccho ko lekar aane se zyada aadmi picture vikas karta hai aisa nahi kaam karne waale jo bhi hai kaam karne waale jo aadat hai kaam karne waale jo maa hai vaah zyada controlled karti hai apne bacche ke liye jo ghar par rahkar rehti hai duniya ko samajhti hai jante ke bacche ko kaisa banana hai jo duniya me complete kar sakega duniya ka face duniya ko bhool kar sakega toh hamesha badhiya hai bacche ke pravesh ke liye aur jo bhi ho samay deti hai wahi samay uska gharelu upyog ghar me rehne wali maa ka hota hai

मैं डॉक्टर जेपी तिवारी आपको प्रणाम करता हूं और आपके सवाल है क्या नौकरी करने वाली महिला के

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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate,RTI Activist , Motivational Coach

0:44
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो जिन नौकरी पर डिपेंड करता है कि वह महिला नौकरी कैसे करती है यदि वह टीचर हैं तो हां टाइम मिल जाता है क्योंकि उनके 9:00 से 3:00 ड्यूटी होती है मॉर्निंग में बच्चों को भेज दे तो शाम को बच्चे फ्री होते हैं तो उनके साथ टाइम लगा लेती है अच्छा यदि बैंक में है तो थोड़ी लंबी नौकरी हो जाती है लेकिन वह भी लगा लेते हैं टाइम यदि पुलिस डिपार्टमेंट में तो फिर कैसे बच्चों को बहुत कम टाइम दे पाते हैं रियली दूसरी बातें उनकी नौकरी का स्टेशन यदि दूर हुआ महिला का जहां पर बच्चे रहते हैं वहां पर नहीं रहती हो तो फिर टाइम कैसे दे पाएंगे सर वो किसी भी नौकरी में हो तो डिपेंड करता है वह उनकी नौकरी कहां है पोस्टिंग कहां है बच्चे कहां रहते हैं और किस नौकरी में है वह

yah toh jin naukri par depend karta hai ki vaah mahila naukri kaise karti hai yadi vaah teacher hain toh haan time mil jata hai kyonki unke 9 00 se 3 00 duty hoti hai morning me baccho ko bhej de toh shaam ko bacche free hote hain toh unke saath time laga leti hai accha yadi bank me hai toh thodi lambi naukri ho jaati hai lekin vaah bhi laga lete hain time yadi police department me toh phir kaise baccho ko bahut kam time de paate hain really dusri batein unki naukri ka station yadi dur hua mahila ka jaha par bacche rehte hain wahan par nahi rehti ho toh phir time kaise de payenge sir vo kisi bhi naukri me ho toh depend karta hai vaah unki naukri kaha hai posting kaha hai bacche kaha rehte hain aur kis naukri me hai vaah

यह तो जिन नौकरी पर डिपेंड करता है कि वह महिला नौकरी कैसे करती है यदि वह टीचर हैं तो हां टा

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपकी सवाल को पढ़कर मुझे यह लग रहा है कि मैं आपका ध्यान इस दूसरे एंगल से आपको बताऊं किस समय क्या है आपने पूछा कि क्या काम करने वाली महिला के पास अपने बच्चे के लिए समय होता है मैं आपको यह बताना चाहती हूं कि आप हर चीज को सिर्फ क्वांटिटी से मैसेज नहीं कर सकते हर जगह क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों चीज का महीने होता है जैसे पारीक जानकारी आपने खाना बनाया आप कितना खाना बना सकते हो सिर्फ यह मैटर नहीं करता मैं ड्यूटी करता है कि आपने कैसा खाना बनाया फिर वही बात आप अपने बच्चे के साथ कितना टाइम स्पेंड कर रहे हो इससे ज्यादा इंपोर्टेंट है कि वह कैसा समय आप उसके साथ बिता रहे हैं क्वालिटी टाइम जिसे कहते हैं प्रभावशाली वक्त तो उसमें अगर आपने आधे घंटे भी अपने बच्चे को दिया लेकिन वह प्रभावशाली है वह आपके बच्चे के काम आ रहा है उसकी आपके साथ जो आपका और आपके बच्चे रिश्ता है उसको गहराई से मजबूत कर रहा है तो मेरे ख्याल से आधी घंटा भी काफी है अगर एक मां अपने बच्चे को कम समय दे पा रही है लेकिन वह प्रभावित समय दे पा रही है तो उतना तो मैं आराम से हो जाता है काम करने वाली महिलाओं के लिए यह मेरा अपना भी पर्सनल एक्सपीरियंस है जब मैं सिर्फ हर समय 24 घंटे घर पर रहते थे घर के काम करती थी और अपने बच्चों को देखती थी तब मेरे पास इतना समय नहीं होता कि मैं अपने बच्चे के साथ बैठकर खेलूं या उससे इतनी गहराई से बातें करूं लेकिन आज जब मैं बाहर भी जाती हूं मैं स्कूल जाती हूं वहां पर बच्चों को मैं मदद करती हूं पढ़ाई से और अपनी पसंद से बाहर आने के लिए तब भी मेरे पास आज अपने बच्चों के लिए क्वालिटी टाइम है अगर मैं उनके साथ बैठकर कुछ खेलते भी वह आधे घंटे तो हम उस टाइम में इतना इंजॉय करते हैं या जब मैं उनके साथ बैठकर कुछ कह रही थी बातें करती हूं उनकी किसी प्रॉब्लम को सुनती हूं समझती हूं और इस चीज से हमारा रिश्ता इतना स्ट्रांग होते जा रहा है

aapki sawaal ko padhakar mujhe yah lag raha hai ki main aapka dhyan is dusre Angle se aapko bataun kis samay kya hai aapne poocha ki kya kaam karne wali mahila ke paas apne bacche ke liye samay hota hai aapko yah bataana chahti hoon ki aap har cheez ko sirf quantity se massage nahi kar sakte har jagah quantity aur quality dono cheez ka mahine hota hai jaise parik jaankari aapne khana banaya aap kitna khana bana sakte ho sirf yah matter nahi karta main duty karta hai ki aapne kaisa khana banaya phir wahi baat aap apne bacche ke saath kitna time spend kar rahe ho isse zyada important hai ki vaah kaisa samay aap uske saath bita rahe hain quality time jise kehte hain prabhavshali waqt toh usme agar aapne aadhe ghante bhi apne bacche ko diya lekin vaah prabhavshali hai vaah aapke bacche ke kaam aa raha hai uski aapke saath jo aapka aur aapke bacche rishta hai usko gehrai se majboot kar raha hai toh mere khayal se aadhi ghanta bhi kaafi hai agar ek maa apne bacche ko kam samay de paa rahi hai lekin vaah prabhavit samay de paa rahi hai toh utana toh main aaram se ho jata hai kaam karne wali mahilaon ke liye yah mera apna bhi personal experience hai jab main sirf har samay 24 ghante ghar par rehte the ghar ke kaam karti thi aur apne baccho ko dekhti thi tab mere paas itna samay nahi hota ki main apne bacche ke saath baithkar kheloon ya usse itni gehrai se batein karu lekin aaj jab main bahar bhi jaati hoon main school jaati hoon wahan par baccho ko main madad karti hoon padhai se aur apni pasand se bahar aane ke liye tab bhi mere paas aaj apne baccho ke liye quality time hai agar main unke saath baithkar kuch khelte bhi vaah aadhe ghante toh hum us time mein itna enjoy karte hain ya jab main unke saath baithkar kuch keh rahi thi batein karti hoon unki kisi problem ko sunti hoon samajhti hoon aur is cheez se hamara rishta itna strong hote ja raha hai

आपकी सवाल को पढ़कर मुझे यह लग रहा है कि मैं आपका ध्यान इस दूसरे एंगल से आपको बताऊं किस समय

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sneha soni

राजनीतिज्ञ,Writer(Antrdhwani)

1:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दक्षिण लेडीस जो है बहुत ही मल्टी टैलेंटेड होती है अकॉर्डिंग टू मेंस आदमियों की क्वालिटी होती है क्या ग्रुप सुबह से कमाने के लिए निकलते हैं शाम को आते हैं तो अपने आप को बहुत बड़ा थकी हारी और नवाब जादे टाइप जो है अभी करवाते हैं घर के अंदर तो मुझे लगता है कि तुम लेकिन वहीं पर जब लड़की या कोई लेडीस या कोई पत्नी है कोई मां जब काम करके आती है तो उसको यह पता रहता है कि घर पर मेरा बच्चा है जो खाना नहीं खाया होगा तो उसको आकर खाना भी बनाना है घर में पति की भी सेवा करनी है सामान को भी मैरिज करना है तो वह सारी चीजों को हैंडल कर सकती है उनमें एक कैपेबिलिटी होती है क्योंकि वह उन्हें अपना अपनापन प्यार यह चीजें ज्यादा होती है और मैं दिखा भी की क्वालिटी जो है थोड़ा कम होता है और वह क्योंकि घर पर अपनी फैमिली के प्रति पूरी तरह समर्पित होती है तो इसलिए वह अपने जो भी सही टाइम होता है जो भी शेडूल होता है उसके मेरे को अपने परिवार अपने बच्चे अपने घर के लिए जो है समय निकाल सकती है अपने काम के साथ-साथ लेकिन

dakshin ladies jo hai bahut hi multi talented hoti hai according to mains adamiyo ki quality hoti hai kya group subah se kamane ke liye nikalte hai shaam ko aate hai toh apne aap ko bahut bada thaki haari aur nawab jade type jo hai abhi karwaate hai ghar ke andar toh mujhe lagta hai ki tum lekin wahi par jab ladki ya koi ladies ya koi patni hai koi maa jab kaam karke aati hai toh usko yah pata rehta hai ki ghar par mera baccha hai jo khana nahi khaya hoga toh usko aakar khana bhi banana hai ghar mein pati ki bhi seva karni hai saamaan ko bhi marriage karna hai toh vaah saree chijon ko handle kar sakti hai unmen ek capability hoti hai kyonki vaah unhe apna apnapan pyar yah cheezen zyada hoti hai aur main dikha bhi ki quality jo hai thoda kam hota hai aur vaah kyonki ghar par apni family ke prati puri tarah samarpit hoti hai toh isliye vaah apne jo bhi sahi time hota hai jo bhi shedul hota hai uske mere ko apne parivar apne bacche apne ghar ke liye jo hai samay nikaal sakti hai apne kaam ke saath saath lekin

दक्षिण लेडीस जो है बहुत ही मल्टी टैलेंटेड होती है अकॉर्डिंग टू मेंस आदमियों की क्वालिटी हो

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या नौकरी करने वाली महिलाओं के पास अपने बच्चे के लिए समय होता है मैं बताना चाहूंगा कि नौकरी करने वाली महिलाओं के पास अपने बच्चों के लिए समय थोड़ा कम होता है लेकिन फिर भी महिलाएं अपना समय को व्यवस्थित तरीके से मैनेज करके अपने बच्चों के लिए भी समय निकालते हैं

kya naukri karne wali mahilaon ke paas apne bacche ke liye samay hota hai main batana chahunga ki naukri karne wali mahilaon ke paas apne baccho ke liye samay thoda kam hota hai lekin phir bhi mahilaye apna samay ko vyavasthit tarike se manage karke apne baccho ke liye bhi samay nikalate hain

क्या नौकरी करने वाली महिलाओं के पास अपने बच्चे के लिए समय होता है मैं बताना चाहूंगा कि नौक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या नौकरी करने वाली महिलाओं के पास बच्चों के लिए समय होता है तो मैं बताना चाहूंगा कि ऐसी महिलाएं जो नौकरी करती हैं उनके पास बच्चों के लिए व्यापक समय नहीं मिल पाता है लेकिन वह फिर भी देखता टाइम मैनेजमेंट करके अपने बच्चों के लिए समय निकालती हैं उनका जीवन आम महिलाओं से ज्यादा संघर्ष पूर्ण होता है क्योंकि उनके पास बच्चों के साथ-साथ घर और नौकरी सबकी जिम्मेदारी होती है

kya naukri karne wali mahilaon ke paas baccho ke liye samay hota hai toh main batana chahunga ki aisi mahilaye jo naukri karti hain unke paas baccho ke liye vyapak samay nahi mil pata hai lekin vaah phir bhi dekhta time management karke apne baccho ke liye samay nikalati hain unka jeevan aam mahilaon se zyada sangharsh purn hota hai kyonki unke paas baccho ke saath saath ghar aur naukri sabki jimmedari hoti hai

क्या नौकरी करने वाली महिलाओं के पास बच्चों के लिए समय होता है तो मैं बताना चाहूंगा कि ऐसी

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