समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी में क्या अंतर है?...


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Ranjeet Singh Uppal

Retired GM ONGC

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समाज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी में बहुत बड़ा अंतर है जो समाजवादी पार्टी है उसकी स्थापना 1992 में हुई थी कांग्रेसी 1885 में जो समाजवादी पार्टी है वह मुख्यता उत्तर प्रदेश में केंद्रित है लेकिन कांग्रेसका प्रभाव पूरे देश पर रहा है स्वतंत्रता के पहले जो कमलेश थी अगर हम उसको छोड़ भी दें कि उस समय सभी किस्म के लोग कांग्रेश से जुड़े थे स्वाधीनता संग्राम में अगर हम कांग्रेस की बात करें तो स्वाधीनता के पश्चात भी तो उसके पश्चात भी जो कांग्रेस प्रेसिडेंट हुए हैं वह शुरू में कई दशकों तक नेहरू गांधी परिवार से ना होकर अलग-अलग लोग बनते रहे हैं नेहरू 1951 से 1954 तक कांग्रेस के प्रेसिडेंट रहे थे और इंदिरा गांधी 5960 में 1 वर्ष के लिए बनी थी उसके पश्चात इंदिरा गांधी जो बने कांग्रेस के प्रेसिडेंट वह इमरजेंसी के पश्चात सन 78 में बनी थी तो 47 से लेकर 78 तक जो कांग्रेस थी उसमें केवल 4 वर्षों के लिए नेहरू गांधी परिवार के लोग कांग्रेस प्रेसिडेंट बने थे करीब करीब 30 वर्षों में अलग-अलग लोगों ने कांग्रेस प्रेसिडेंट कुर्सी संभाल ली उसमें आचार्य कृपलानी थे पट्टाबी सीतारमैया थे पुरुषोत्तम दास टंडन थे यू एन दुबे थे नीलम संजीव रेड्डी कामराय न्यूजीलैंड का पास जगजीवन राम शंकर शर्मा देवकांत बरुआ ब्रह्मानंद रेड्डी इतने कांग्रेस अध्यक्ष बने इस पीरियड में पर इमरजेंसी के पश्चात एक किस्म की असुरक्षा की भावना आ गई इंदिरा गांधी के अंदर तो उसके पश्चात 78 में जो कांग्रेस अध्यक्ष बनी तो अपनी मृत्यु तक और कांग्रेस अध्यक्ष रही है उसके बाद राजीव गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने रिंगटोन कांग्रेस अध्यक्ष भी अपनी मृत अपनी मृत्यु तक वह भी कांग्रेस अध्यक्ष रहे राजीव गांधी की मृत्यु के पश्चात 9196 के बीच में नरसिम्हा राव जी कांग्रेस अध्यक्ष रहे 96 से 98 के बीच सीताराम केसरी की कांग्रेस अध्यक्ष रहे 1998 से फिर सोनिया और राहुल ही कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं मतलब 98 के पश्चात पिछले 22 साल से कांग्रेस पर एक परिवार का ही कब्जा है और जब चीज और समाजवादी पार्टी है इसमें बस शुरू से ही बाप बेटों का कब्जा है पहले मुलायम सिंह यादव का समाजवादी पार्टी के प्रेसिडेंट से बाद में अखिलेश यादव हैं और किसी व्यक्ति को अभी तक मौका नहीं मिला है समाजवादी पार्टी का प्रेजेंट बनने का धन्यवाद

samaj samajwadi party aur congress party me bahut bada antar hai jo samajwadi party hai uski sthapna 1992 me hui thi congressi 1885 me jo samajwadi party hai vaah mukhyata uttar pradesh me kendrit hai lekin kangresaka prabhav poore desh par raha hai swatantrata ke pehle jo kamlesh thi agar hum usko chhod bhi de ki us samay sabhi kism ke log congress se jude the swadheenta sangram me agar hum congress ki baat kare toh swadheenta ke pashchat bhi toh uske pashchat bhi jo congress president hue hain vaah shuru me kai dashakon tak nehru gandhi parivar se na hokar alag alag log bante rahe hain nehru 1951 se 1954 tak congress ke president rahe the aur indira gandhi 5960 me 1 varsh ke liye bani thi uske pashchat indira gandhi jo bane congress ke president vaah emergency ke pashchat san 78 me bani thi toh 47 se lekar 78 tak jo congress thi usme keval 4 varshon ke liye nehru gandhi parivar ke log congress president bane the kareeb kareeb 30 varshon me alag alag logo ne congress president kursi sambhaal li usme aacharya krpalaanee the pattabi sitarmaiya the purushottam das tandon the you N dubey the neelam sanjeev reddy kamray new zealand ka paas jagjivan ram shankar sharma devkant barua brahmanand reddy itne congress adhyaksh bane is period me par emergency ke pashchat ek kism ki asuraksha ki bhavna aa gayi indira gandhi ke andar toh uske pashchat 78 me jo congress adhyaksh bani toh apni mrityu tak aur congress adhyaksh rahi hai uske baad rajeev gandhi congress adhyaksh bane ringtone congress adhyaksh bhi apni mrit apni mrityu tak vaah bhi congress adhyaksh rahe rajeev gandhi ki mrityu ke pashchat 9196 ke beech me narsimha rav ji congress adhyaksh rahe 96 se 98 ke beech sitaram kesari ki congress adhyaksh rahe 1998 se phir sonia aur rahul hi congress adhyaksh rahe hain matlab 98 ke pashchat pichle 22 saal se congress par ek parivar ka hi kabza hai aur jab cheez aur samajwadi party hai isme bus shuru se hi baap beto ka kabza hai pehle mulayam Singh yadav ka samajwadi party ke president se baad me akhilesh yadav hain aur kisi vyakti ko abhi tak mauka nahi mila hai samajwadi party ka present banne ka dhanyavad

समाज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी में बहुत बड़ा अंतर है जो समाजवादी पार्टी है उसकी स

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