आपके अनुसार भारत में धर्म बड़ा है या कानून?...


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Harvinder kaur

Municipal councillor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे अनुसार तो कानून हर धर्म से बड़ा है परंतु आज देखने में मिल रहा है कि कानून को इन्फ्रेंस कर रहे हैं परंतु सभी धर्मों के लिए कानून एक होना चाहिए और इसमें किसी भी राजनीतिक पार्टी का किसी भी धर्म का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए धर्म कानून दोनों एक दूसरे के पूरक हैं परंतु जो कानून है वह धर्म से ऊपर है उसको हर इंसान को हर धर्म को फॉलो करना चाहिए

mere anusaar toh kanoon har dharm se bada hai parantu aaj dekhne me mil raha hai ki kanoon ko infrens kar rahe hain parantu sabhi dharmon ke liye kanoon ek hona chahiye aur isme kisi bhi raajnitik party ka kisi bhi dharm ka hastakshep nahi hona chahiye dharm kanoon dono ek dusre ke purak hain parantu jo kanoon hai vaah dharm se upar hai usko har insaan ko har dharm ko follow karna chahiye

मेरे अनुसार तो कानून हर धर्म से बड़ा है परंतु आज देखने में मिल रहा है कि कानून को इन्फ्रें

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब बात भारत के संविधान में जो जो मूल कर्तव्य अधिकार होते हैं उनके अलावा अगर कोई बात आती है तो भारत के कानून की आती है वही हमारा संविधान है भारत के कानून में हमें जो अधिकार और कर्तव्य दिए गए हैं मूलभूत अधिकार और कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए ही कानून की संरचना आगे बताई गई है तो हमारी इंडियन पेनल कोड है हमारे जो कानून है हमारा कानून धर्म से ऊंचा है हमारे भारतीय संस्कृति में धर्म को तवज्जो दी गई है लेकिन धर्म और मजहब अपने अपनी जगह है और इन सब के अलावा हमारे भारतीय संविधान को देखा जाए तो एक कानून की प्रक्रिया है वह धर्म से ऊपर है यानी कई से कई मजहब के लोग कानून से ऊपर अपने धर्म को मजहब को बताते हैं लेकिन भारत का जो सविधान है वह काम से ही चलता है कानूनी यहां पर सर्वोपरि है और बाकी यहां पर हर धर्म के मानने वाले हर पंथ को मानने वाले यहां धर्मावलंबी है सिख जैन बौद्ध क्रिश्चियन हिंदू मुस्लिम हर बिरादरी हर मजहब के मानने वाले लोग यहां भारत में रहते हैं

jab baat bharat ke samvidhan me jo jo mul kartavya adhikaar hote hain unke alava agar koi baat aati hai toh bharat ke kanoon ki aati hai wahi hamara samvidhan hai bharat ke kanoon me hamein jo adhikaar aur kartavya diye gaye hain mulbhut adhikaar aur kartavyon ko dhyan me rakhte hue hi kanoon ki sanrachna aage batai gayi hai toh hamari indian panel code hai hamare jo kanoon hai hamara kanoon dharm se uncha hai hamare bharatiya sanskriti me dharm ko tavajjo di gayi hai lekin dharm aur majhab apne apni jagah hai aur in sab ke alava hamare bharatiya samvidhan ko dekha jaaye toh ek kanoon ki prakriya hai vaah dharm se upar hai yani kai se kai majhab ke log kanoon se upar apne dharm ko majhab ko batatey hain lekin bharat ka jo samvidhan hai vaah kaam se hi chalta hai kanooni yahan par sarvopari hai aur baki yahan par har dharm ke manne waale har panth ko manne waale yahan dharmavalambi hai sikh jain Baudh Christian hindu muslim har biradari har majhab ke manne waale log yahan bharat me rehte hain

जब बात भारत के संविधान में जो जो मूल कर्तव्य अधिकार होते हैं उनके अलावा अगर कोई बात आती है

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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

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हम भारत में यह एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यह कानून पर बना है और कानून के अनुसार ही चलता है हमारे यहां गरम बात करें तो भारत में कानून बड़ा है धर्म बड़ा नहीं है कानून धर्म का संरक्षण करता है क्योंकि हम धर्म में देखते रहते हैं

hum bharat me yah ek loktantrik desh me rehte hain aur yah kanoon par bana hai aur kanoon ke anusaar hi chalta hai hamare yahan garam baat kare toh bharat me kanoon bada hai dharm bada nahi hai kanoon dharm ka sanrakshan karta hai kyonki hum dharm me dekhte rehte hain

हम भारत में यह एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यह कानून पर बना है और कानून के अनुसार ही

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मनोज सैनी

Business Planning Manager, Author and RTI Activist.

1:27
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मेरे अनुसार भारत में कानून का श्रेय कहने का भारत धर्मनिरपेक्ष धार्मिक देश की लोकतांत्रिक देश में धर्म के आधार पर फोन नहीं किया गया है उसमें हमेशा क्या होता है उसी तरह कर आप किसी एक धर्म के आधार पर होता एक लोकतांत्रिक देश और धार्मिक देश का ही धर्म के आधार पर है तो उसका धर्म बड़ा कानून से कानून अंकित कुछ चीजों में लिमिटेड हो जाएगा धर्म के साथ उस देश की फॉरमेशन धर्म के था लेकिन उसके भेजो कि लोकतांत्रिक देशों में क्या होता है कि धर्म कहीं ना कहीं आंखें एक जगह पर लिमिटेड हो जाता है कानून क्या कानून ही सर्वोपरि होता धन्यवाद

mere anusaar bharat me kanoon ka shrey kehne ka bharat dharmanirapeksh dharmik desh ki loktantrik desh me dharm ke aadhar par phone nahi kiya gaya hai usme hamesha kya hota hai usi tarah kar aap kisi ek dharm ke aadhar par hota ek loktantrik desh aur dharmik desh ka hi dharm ke aadhar par hai toh uska dharm bada kanoon se kanoon ankit kuch chijon me limited ho jaega dharm ke saath us desh ki formation dharm ke tha lekin uske bhejo ki loktantrik deshon me kya hota hai ki dharm kahin na kahin aankhen ek jagah par limited ho jata hai kanoon kya kanoon hi sarvopari hota dhanyavad

मेरे अनुसार भारत में कानून का श्रेय कहने का भारत धर्मनिरपेक्ष धार्मिक देश की लोकतांत्रिक द

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का सवाल है आप के अनुसार भारतीय संविधान के अनुसार चलता है संविधान श्रीकांत लेकिन कानून देश की दृष्टि से हरण के बाद की चीजें कानून के पालन को बचाए रखने की समस्या और कैसा होना चाहिए ईमानदारी से लागू भी ना हो ईमानदारी से धन्यवाद आपका आज का दिन

ka sawaal hai aap ke anusaar bharatiya samvidhan ke anusaar chalta hai samvidhan shreekant lekin kanoon desh ki drishti se haran ke baad ki cheezen kanoon ke palan ko bachaye rakhne ki samasya aur kaisa hona chahiye imaandaari se laagu bhi na ho imaandaari se dhanyavad aapka aaj ka din

का सवाल है आप के अनुसार भारतीय संविधान के अनुसार चलता है संविधान श्रीकांत लेकिन कानून द

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सभी कानून धर्म से ही जारी किए जाते हैं मेरा मानना यह है नहीं है तो कोई कानून भी लागू नहीं होगा सबसे पहले क्योंकि धर्म बनाएं इसीलिए कानून बनाए गए

sabhi kanoon dharm se hi jaari kiye jaate hain mera manana yah hai nahi hai toh koi kanoon bhi laagu nahi hoga sabse pehle kyonki dharm banaye isliye kanoon banaye gaye

सभी कानून धर्म से ही जारी किए जाते हैं मेरा मानना यह है नहीं है तो कोई कानून भी लागू नहीं

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:52
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मेरे अनुसार अगर आप पूछेंगे कि धर्म बड़ा है या कानून तो थोड़ा बताना मुश्किल हो जाता है क्योंकि धर्म जो है वह किस स्तर पर काम करता है अंदरूनी सर पर जो हमारे जो बड़े हैं हमें धर्म से खाते हैं और कहते हैं कि आपको सही काम करना चाहिए गलत काम नहीं करना चाहिए भगवान देख रहा है दूसरी बात वो कहते हैं कि अगर आप कुछ गलत करोगे तो आपको बाद में भुगतना पड़ेगा या फिर अगले जन्म में भुगतना पड़ेगा तो वहीं कानून क्या कहता है कि कानून में कुछ धाराएं दे रखी है कि अगर आपने कुछ गलत किया तो आप के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है और प्रेजेंटली रियालिटी में आपको जो है पनिशमेंट मिलेगी तो दोनों ही अपने-अपने लेवल पर काम कर रहे हो और दोनों ही जरूरी है धर्म जरूरी है कि आपकी इंसान जो है अपने आप हो या किसी और को हम ना करें नुकसान ना पहुंचाएं और वही जो है कानून जरूरी है कि जिन लोगों ने किसी भी रीजन की वजह से दूसरों को नुकसान पहुंचाया है वह उन्हें पनिशमेंट दे ताकि बाकी लोग देखकर ही सीख ले और अगर उनके उनके अंदर ऐसी वैल्यू नहीं है फिर भी वह डर के मारे ही जो है ऐसे काम ना करे तो दोनों है जरूरी है बिना ऐसा नहीं हो सकता कि धर्म के बिना काम चल जाए और ऐसा भी नहीं हो सकता कि कानून के बिना काम चल जाए कि धर्म शब्द जो है यह थोड़ा टेढ़ा है धर्म जो है जो वैल्यू में देती है वह मैटर करती है

mere anusaar agar aap puchenge ki dharm bada hai ya kanoon toh thoda bataana mushkil ho jata hai kyonki dharm jo hai vaah kis sthar par kaam karta hai andaruni sir par jo hamare jo bade hai hamein dharm se khate hai aur kehte hai ki aapko sahi kaam karna chahiye galat kaam nahi karna chahiye bhagwan dekh raha hai dusri baat vo kehte hai ki agar aap kuch galat karoge toh aapko baad mein bhugatna padega ya phir agle janam mein bhugatna padega toh wahi kanoon kya kahata hai ki kanoon mein kuch dharayen de rakhi hai ki agar aapne kuch galat kiya toh aap ke khilaf action liya ja sakta hai aur prejentali reality mein aapko jo hai punishment milegi toh dono hi apne apne level par kaam kar rahe ho aur dono hi zaroori hai dharm zaroori hai ki aapki insaan jo hai apne aap ho ya kisi aur ko hum na kare nuksan na paunchaye aur wahi jo hai kanoon zaroori hai ki jin logo ne kisi bhi reason ki wajah se dusro ko nuksan pahunchaya hai vaah unhe punishment de taki baki log dekhkar hi seekh le aur agar unke unke andar aisi value nahi hai phir bhi vaah dar ke maare hi jo hai aise kaam na kare toh dono hai zaroori hai bina aisa nahi ho sakta ki dharm ke bina kaam chal jaaye aur aisa bhi nahi ho sakta ki kanoon ke bina kaam chal jaaye ki dharm shabd jo hai yah thoda tedha hai dharm jo hai jo value mein deti hai vaah matter karti hai

मेरे अनुसार अगर आप पूछेंगे कि धर्म बड़ा है या कानून तो थोड़ा बताना मुश्किल हो जाता है क्यो

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

1:59

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की कामना दिखे अगर अभी से कुछ साल पहले का आप मुझे पूछते तो मैं आपको ऐसी धाकड़ है कि धर्म बड़ा है लेकिन आजकल जो भी हम लोग न्यूज़ में पढ़ रहे हैं और जिससे मैं यह इस क्वेश्चन का यह प्रश्न का आंसर दे सकती हूं उसे तो मुझे लग रहा है कि काम भी कहीं ना कहीं अपना काम जो है वह उसके रिजल्ट्स दे रहे हैं क्योंकि काफी कैसे पिछले कुछ सालों में जो बहुत सारे कैसे जैसे थे जिनका कुछ परिणाम नहीं निकल रहा था तो जो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जो थे जो रिटायर कर गए हैं और अभी नए आए हैं कुछ टाइम पहले तो और और बाकी जजेस भी बहुत फास्ट एक्शन लिया उन्होंने और काफी अच्छे वॉर्डिंग सुनाएं हैं मतलब काफी अच्छे रिजल्ट्स दिए हैं और सजा जो है वह सही सुनाई है तो मेरे हिसाब से आजकल कानून तो टाइम नहीं लगा रहा है तो बहुत अच्छी बात है वरना जनरलाइज्ड वे में अगर मुझसे क्वेश्चन का आंसर पूछोगे तो मैं कहूंगी कि हमारे कंट्री में ऑफिस में आप भी जानते हो मैं भी जानती हूं कि धर्म बहुत बड़ा बहुत बड़ा है लेकिन अभी कानून भी पीछे नहीं है तो यह सुनकर और देखकर अच्छा लगता है कि कानून भी अपने जो नतीजे हैं वह जगदीश बनाते हैं और अच्छा अच्छा हो रहा है तो बस यही है और ऑल थिंग धर्म बहुत बड़ा है हमारे कंट्री में क्या करें इस चीज का बताओ यही है

namaste doston meri yani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki kamna dikhe agar abhi se kuch saal pehle ka aap mujhe poochhte toh main aapko aisi dhakad hai ki dharm bada hai lekin aajkal jo bhi hum log news mein padh rahe hai aur jisse main yah is question ka yah prashna ka answer de sakti hoon use toh mujhe lag raha hai ki kaam bhi kahin na kahin apna kaam jo hai vaah uske results de rahe hai kyonki kaafi kaise pichle kuch salon mein jo bahut saare kaise jaise the jinka kuch parinam nahi nikal raha tha toh jo chief justice of india jo the jo retire kar gaye hai aur abhi naye aaye hai kuch time pehle toh aur aur baki judges bhi bahut fast action liya unhone aur kaafi acche varding sunaen hai matlab kaafi acche results diye hai aur saza jo hai vaah sahi sunayi hai toh mere hisab se aajkal kanoon toh time nahi laga raha hai toh bahut achi baat hai varna generalised ve mein agar mujhse question ka answer puchoge toh main kahungi ki hamare country mein office mein aap bhi jante ho main bhi jaanti hoon ki dharm bahut bada bahut bada hai lekin abhi kanoon bhi peeche nahi hai toh yah sunkar aur dekhkar accha lagta hai ki kanoon bhi apne jo natije hai vaah jagdish banate hai aur accha accha ho raha hai toh bus yahi hai aur all thing dharm bahut bada hai hamare country mein kya kare is cheez ka batao yahi hai

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की कामना दिखे अगर अभी से

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Vikas Singh

Political Analyst

1:12
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आप का सवाल है कि हमारे देश में कानून बड़ा है या धर्म बड़ा है देखिए जब लोकतंत्र हमारे देश में है तो कॉमन सेंस की बात है कि हमारे देश में कानून बड़ा है कानून की एक अलग मर्यादा है कानून का एक अलग पावर है लेकिन कानून किसी भी अधिकारी किसी भी इंसान को यह पावर नहीं देता है कि आप किसी भी धर्म के ऊपर गलत टिप्पणी करें या गलत शब्दों का उपयोग करें तो हमारे देश में कानून का मतलब बहुत ज्यादा है कानून का एक बहुत ज्यादा महत्व है और धर्म का अलग महत्व है धर्म के महत्व का मतलब यह है कि सभी धर्म के लोगों को अच्छा से रहना चाहिए और किसी भी धर्म के लोगों को किसी भी धर्म के ऊपर गलत टिप्पणी नहीं करना चाहिए कोई किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति को ठेस नहीं पहुंचा सकता है अगर वह ऐसा करता है तो उसके ऊपर कानून का एक्शन होगा लोकतंत्र का एक्शन होगा तो कानून बड़ा बड़ा सुखी तंत्र में धर्मनिरपेक्ष होता है और धर्मनिरपेक्ष का मतलब यही होता है कि कानून सबसे शक्तिशाली है कानून से बड़ा कोई नहीं है धन्यवाद

aap ka sawaal hai ki hamare desh mein kanoon bada hai ya dharm bada hai dekhiye jab loktantra hamare desh mein hai toh common sense ki baat hai ki hamare desh mein kanoon bada hai kanoon ki ek alag maryada hai kanoon ka ek alag power hai lekin kanoon kisi bhi adhikari kisi bhi insaan ko yah power nahi deta hai ki aap kisi bhi dharm ke upar galat tippani kare ya galat shabdon ka upyog kare toh hamare desh mein kanoon ka matlab bahut zyada hai kanoon ka ek bahut zyada mahatva hai aur dharm ka alag mahatva hai dharm ke mahatva ka matlab yah hai ki sabhi dharm ke logo ko accha se rehna chahiye aur kisi bhi dharm ke logo ko kisi bhi dharm ke upar galat tippani nahi karna chahiye koi kisi dusre dharm ke vyakti ko thes nahi pohcha sakta hai agar vaah aisa karta hai toh uske upar kanoon ka action hoga loktantra ka action hoga toh kanoon bada bada sukhi tantra mein dharmanirapeksh hota hai aur dharmanirapeksh ka matlab yahi hota hai ki kanoon sabse shaktishali hai kanoon se bada koi nahi hai dhanyavad

आप का सवाल है कि हमारे देश में कानून बड़ा है या धर्म बड़ा है देखिए जब लोकतंत्र हमारे देश म

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धर्मदेव सिंह भाटी

कुश्ती प्रशिक्षक

0:25
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भारत में आस्था के अनुसार धर्म बड़ा है और संविधान के अनुसार कानून बना है यदि संविधान के अनुसार धर्म बड़ा होता तो आज तक राम मंदिर बन गया होता सिर्फ कानून की वजह से ही अभी तक राम मंदिर नहीं बन पाया

bharat mein astha ke anusaar dharm bada hai aur samvidhan ke anusaar kanoon bana hai yadi samvidhan ke anusaar dharm bada hota toh aaj tak ram mandir ban gaya hota sirf kanoon ki wajah se hi abhi tak ram mandir nahi ban paya

भारत में आस्था के अनुसार धर्म बड़ा है और संविधान के अनुसार कानून बना है यदि संविधान के अनु

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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मैं हमेशा से ही मानता आया हूं और यहां भी मैं पूजा करूंगी शब्दों में यही कहूंगा कि हमेशा देश धर्म और जाति से बढ़कर होता है देश के प्रति निष्ठा देश भक्ति का भाव हर धर्म से बड़ा है हर जाति से बड़ा है हर शब्दों से बड़ा है हड्डी बी से बड़ा है क्योंकि आप सोचो जिस देश की मातृभूमि हमारा पालन-पोषण करते हैं हम पृथ्वी पर खेल कर बड़े होते हैं जो मातृभूमि हमारा पालन-पोषण करके अमृता पढ़ा करती है उस देश से बढ़कर के ना कोई कानून हो सकता है ना कोई धर्म हो सकता है उस देश की उन्नति देश के रहने वालों के प्रति सद्भाव देश के भाव रहने वाले लोगों को सिटीजन के प्रति हमारे देश हमारा सबसे बड़ा धर्म है क्योंकि देश भक्ति से बढ़कर के कोई धर्म नहीं है कोई कानून नहीं है यह हमारे देश के एक बड़ा बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि आज इन गंदी राजनीति के कारण से गंदे राजनीतिज्ञों की फैलाई हुई गंदगी के कारण से हम धर्म और जातियों के फॉर्म भर चुके हैं तो मेरा मानना यह है कि अपने देश से बढ़कर कोई ना धर्म है ना कोई कानून है बल्कि सारे कानून और धर्म और जाति आदि देश की उन्नति के लिए होने चाहिए देश के विकास के लिए होने चाहिए देश की रक्षा के लिए होने चाहिए देश की सुरक्षा के लिए होने चाहिए देश की एकता के लिए होने चाहिए देश हमारा देश के प्रति देशभक्ति भाभी हमारे सर्वोच्च होनी चाहिए

main hamesha se hi manata aaya hoon aur yahan bhi main puja karungi shabdon mein yahi kahunga ki hamesha desh dharm aur jati se badhkar hota hai desh ke prati nishtha desh bhakti ka bhav har dharm se bada hai har jati se bada hai har shabdon se bada hai haddi be se bada hai kyonki aap socho jis desh ki matribhoomi hamara palan poshan karte hain hum prithvi par khel kar bade hote hain jo matribhoomi hamara palan poshan karke amrita padha karti hai us desh se badhkar ke na koi kanoon ho sakta hai na koi dharm ho sakta hai us desh ki unnati desh ke rehne walon ke prati sadbhav desh ke bhav rehne waale logo ko citizen ke prati hamare desh hamara sabse bada dharm hai kyonki desh bhakti se badhkar ke koi dharm nahi hai koi kanoon nahi hai yah hamare desh ke ek bada bahut bada durbhagya hai ki aaj in gandi raajneeti ke karan se gande rajaneetigyon ki failai hui gandagi ke karan se hum dharm aur jaatiyo ke form bhar chuke hain toh mera manana yah hai ki apne desh se badhkar koi na dharm hai na koi kanoon hai balki saare kanoon aur dharm aur jati aadi desh ki unnati ke liye hone chahiye desh ke vikas ke liye hone chahiye desh ki raksha ke liye hone chahiye desh ki suraksha ke liye hone chahiye desh ki ekta ke liye hone chahiye desh hamara desh ke prati deshbhakti bhabhi hamare sarvoch honi chahiye

मैं हमेशा से ही मानता आया हूं और यहां भी मैं पूजा करूंगी शब्दों में यही कहूंगा कि हमेशा दे

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Gurpreet Singh Niamian

Bureau Chief Of Punjab Kesari

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जो धरना है उसमें भी यह कानून होता है बिना कानून से धर्म भी नहीं करता उससे भी नियम होते हैं वह कानून ही होता है धर्म से जो हमारे ऊपर है अभी कहीं के धर्म की अपनी एक जगह कानून अपनी जगह अगर हम कानून को साथ में जाएंगे तो वहां पंजा पड़ेगा जैसे हो रहा है हम धर्म को यह कानून में उसका नुकसान धर्म अलग-अलग को अपना काम करना चाहिए

jo dharna hai usme bhi yah kanoon hota hai bina kanoon se dharm bhi nahi karta usse bhi niyam hote hain vaah kanoon hi hota hai dharm se jo hamare upar hai abhi kahin ke dharm ki apni ek jagah kanoon apni jagah agar hum kanoon ko saath mein jaenge toh wahan panja padega jaise ho raha hai hum dharm ko yah kanoon mein uska nuksan dharm alag alag ko apna kaam karna chahiye

जो धरना है उसमें भी यह कानून होता है बिना कानून से धर्म भी नहीं करता उससे भी नियम होते हैं

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Ghanshyam Mehar

Indian Politician

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कानूनी बड़ा इस देश का कानून रक्षा करता है आम आदमी की रामधन की राम व्यवस्था जो है वह कानून से चलती है और सब चीजों से उसके कानून संविधान व कानून नहीं होगा तो बहन की रक्षा कौन करेगा जल्दी पकता है और धर्मनिरपेक्ष था जो है उसको कायम करने के लिए कानून व्यवस्था बनाए कानून बना है

kanooni bada is desh ka kanoon raksha karta hai aam aadmi ki ramadhan ki ram vyavastha jo hai wah kanoon se chalti hai aur sab chijon se uske kanoon samvidhan va kanoon nahi hoga toh behen ki raksha kaun karega jaldi pakata hai aur dharmanirapeksh tha jo hai usko kayam karne ke liye kanoon vyavastha banaye kanoon bana hai

कानूनी बड़ा इस देश का कानून रक्षा करता है आम आदमी की रामधन की राम व्यवस्था जो है वह कानून

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Harpal Singh

Journalist

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घड़ी कानून बड़ा धर्म धर्म तप नहीं कर रहा है धर्म को धर्म के अलग से उसको लोड कर रही है

ghadi kanoon bada dharm dharam tap nahi kar raha hai dharm ko dharm ke alag se usko load kar rahi hai

घड़ी कानून बड़ा धर्म धर्म तप नहीं कर रहा है धर्म को धर्म के अलग से उसको लोड कर रही है

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मेरे हिसाब से जो कानून है वह कानून बनाया वह धर्म के हिसाब से ही बना है इसलिए बड़ा तो धर्म ही होना चाहिए फिर कोई भी गर्म हो और धर्म जो है उन लोगों के लिए नहीं कि धर्म लोगों के लिए है घर में जो है लोगों के लिए नहीं कि धर्म लोगों के लिए मेरा कहने का मतलब है मेरठ मेरठ मेरे कहने का मतलब है जो एक समाज को उन्नति पर लगता है वही अच्छा धर्म कहलाता है काम करता है और जो कानून बनाने वाले लोग हैं कानून बनाने वाले जो लोग हैं वह हमारे समाज से ही उसमें से भी कोई ना कोई धर्म के स्थापक हो गए कोई धर्मों के अनुयायियों के कोई धर्म के गुरु हो गए उन सब लोगों ने मिलकर यह कानून बनाया है और मेरा हिसाब से हमारा जो आईपीसी इंडियन पीनल कोड मैंने जहां तक यह मेरे हिसाब से जो मैंने रिचार्ज किया है वह हमारे हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण नाम का एक धर्म है उसमें लोग के मौत के बाद आफ्टर डेथ स्वर्ग मिलता है या नर्क मिलता है धरना मिलता है तो उसमें कैसे-कैसे प्रकार की सजा दी जाती है उसका एक बहुत अच्छा विवरण है और उसमे जिंदा लोग को अगर कोई गुनाह करता है तो किस तरह की सजा उसे मिलनी चाहिए मैंने यह दोनों देखा है तो दोनों में से मेरा यह मानना है कि जो कानून बना है वह धर्म सही बना है इसलिए धर्म बड़ा होना चाहिए

mere hisab se jo kanoon hai vaah kanoon banaya vaah dharm ke hisab se hi bana hai isliye bada toh dharm hi hona chahiye phir koi bhi garam ho aur dharm jo hai un logo ke liye nahi ki dharm logo ke liye hai ghar mein jo hai logo ke liye nahi ki dharm logo ke liye mera kehne ka matlab hai meerut meerut mere kehne ka matlab hai jo ek samaj ko unnati par lagta hai wahi accha dharm kehlata hai kaam karta hai aur jo kanoon banane waale log hain kanoon banane waale jo log hain vaah hamare samaj se hi usme se bhi koi na koi dharm ke sthapak ho gaye koi dharmon ke anuyayiyon ke koi dharm ke guru ho gaye un sab logo ne milkar yah kanoon banaya hai aur mera hisab se hamara jo ipc indian penal code maine jaha tak yah mere hisab se jo maine recharge kiya hai vaah hamare hindu dharm mein garuda puran naam ka ek dharm hai usme log ke maut ke baad after death swarg milta hai ya nark milta hai dharna milta hai toh usme kaise kaise prakar ki saza di jaati hai uska ek bahut accha vivran hai aur usme zinda log ko agar koi gunah karta hai toh kis tarah ki saza use milani chahiye maine yah dono dekha hai toh dono mein se mera yah manana hai ki jo kanoon bana hai vaah dharm sahi bana hai isliye dharm bada hona chahiye

मेरे हिसाब से जो कानून है वह कानून बनाया वह धर्म के हिसाब से ही बना है इसलिए बड़ा तो धर्म

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KRISHNA KUMAR SINGH

Social Activist

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विकेट 136 के चमारा ए सेकुलर कंट्री हमारे इंडिया के सभी धर्म को मानने वाला है सभी धर्म को मानते हैं लेकिन कानून के सभी को पालन करना पड़ता है और कानून से बड़ा धर्म कैसे हो सकता धर्म आप जो है आपका एक अपना पर्सनल सोच है हम इस धर्म से बिलॉन्ग करते तो फॉलो करना है लेकिन कानून तो सभी को मारना ढंग से काम थोड़ी चलता है मैडम

wicket 136 ke chamara a secular country hamare india ke sabhi dharm ko manne vala hai sabhi dharm ko maante hain lekin kanoon ke sabhi ko palan karna padta hai aur kanoon se bada dharm kaise ho sakta dharm aap jo hai aapka ek apna personal soch hai hum is dharm se Belong karte toh follow karna hai lekin kanoon toh sabhi ko marna dhang se kaam thodi chalta hai madam

विकेट 136 के चमारा ए सेकुलर कंट्री हमारे इंडिया के सभी धर्म को मानने वाला है सभी धर्म को म

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Rajesh Rana

Educator, Lawyer

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भारत देश में कानून भी बड़ा है और धर्म विभाग कई बार हुआ है जब धर्म के नाम पर उत्पत्ति मचाने वालों को जेल में डाल दिया गया तो वहां यह कहा गया कि कानून बड़ा लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि धर्म के नाम पर कानून को साइड में रख दिया जाता है ऐसे बहुत से उदाहरण हमारे देश तो भारत में धर्म भी बड़ा है कानून भी बड़ा है डिफेंस इस बात पर करता है कि धर्म को मानने वाले कितने हैं या कानून को मानने वाले जब कानून तोड़ने वाले बहुत ज्यादा आदमी होते हैं जो किसी पटोला धर्म के हैं तो फिर धर्म की बात मान ली जाती है कानून को साइड में कर और जब किसी धर्म के नाम पर उत्पात मचाने वाले व्यक्ति बहुत कम है तब उन धर्म उत्पात मचाने वालों को साइड में कर दिया जाता है और हम डिपेंड करता है कि हमारी संख्या कितनी है विरोध करने वालों की धर्म के नाम पर या अच्छा करने के नाम पर धर्म के नाम पर चक्कर में इसी हिसाब से भारत में धर्म भी बड़ा है और कानून व्यवस्था

bharat desh mein kanoon bhi bada hai aur dharm vibhag kai baar hua hai jab dharm ke naam par utpatti machane walon ko jail mein daal diya gaya toh wahan yah kaha gaya ki kanoon bada lekin kai baar aisa bhi hota hai ki dharm ke naam par kanoon ko side mein rakh diya jata hai aise bahut se udaharan hamare desh toh bharat mein dharm bhi bada hai kanoon bhi bada hai defence is baat par karta hai ki dharm ko manne waale kitne hain ya kanoon ko manne waale jab kanoon todne waale bahut zyada aadmi hote hain jo kisi patola dharm ke hain toh phir dharm ki baat maan li jaati hai kanoon ko side mein kar aur jab kisi dharm ke naam par utpat machane waale vyakti bahut kam hai tab un dharm utpat machane walon ko side mein kar diya jata hai aur hum depend karta hai ki hamari sankhya kitni hai virodh karne walon ki dharm ke naam par ya accha karne ke naam par dharm ke naam par chakkar mein isi hisab se bharat mein dharm bhi bada hai aur kanoon vyavastha

भारत देश में कानून भी बड़ा है और धर्म विभाग कई बार हुआ है जब धर्म के नाम पर उत्पत्ति मचान

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Rampal Meghwal

Indian Politician

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कानून के आधार पर ही कानून लागू हुआ जानू ने जो बनाया वह धर्म के आधार पर बनाए और उसकी दुनिया में धर्म और कानून और धर्म से उसका धर्म शास्त्री को मर्यादित हो इंसान का अभी से इंसान का धर्म क्या होता है उसके बारे में जाने का जाने का तो उसी के अनुसार कानून का काम करेगा

kanoon ke aadhaar par hi kanoon laagu hua janu ne jo banaya vaah dharm ke aadhaar par banaye aur uski duniya mein dharm aur kanoon aur dharm se uska dharm shastri ko maryadit ho insaan ka abhi se insaan ka dharm kya hota hai uske bare mein jaane ka jaane ka toh usi ke anusaar kanoon ka kaam karega

कानून के आधार पर ही कानून लागू हुआ जानू ने जो बनाया वह धर्म के आधार पर बनाए और उसकी दुनिया

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धर्म को धर्म को चालू को अलग रखना चाहिए चलता है अलग रखा जाएगा इसके सकारात्मक अंकाराज्यथे जरूर चला जब तक धर्म को अलग रखा गया उसके धर्म का अपमान किया था मगर शारदा समाप्त हो गया क्या सट्टा बाजार इतना कुछ उधारण को ऑन कर उनके साथ उनका नक्शा औरंगजेब औरंगजेब में धन का इस्तेमाल किया किया है वह आ जाएगा बीजेपी सपा से जो भी काम हुआ लेकिन जितनी गिरावट आई है वह कभी नहीं देखा चालू कर कैमरा जी को भी देखा है क्या सचाई पर गई है दिखाओ से ज्यादा धर्म को लोगों ने बंगाल से चला जायेगा और छोड़ करेंगे आज रोशनी को छोड़कर मैं कब से खड़ी साइकिल छोटे छोटे छोटे से क्या होगा

dharam ko dharm ko chaalu ko alag rakhna chahiye chalta hai alag rakha jaega iske sakaratmak ankarajyathe zaroor chala jab tak dharm ko alag rakha gaya uske dharm ka apman kiya tha magar sharda samapt ho gaya kya satta bazaar itna kuch udaharan ko on kar unke saath unka naksha aurangzeb aurangzeb mein dhan ka istemal kiya kiya hai vaah aa jaega bjp sapa se jo bhi kaam hua lekin jitni giraavat I hai vaah kabhi nahi dekha chaalu kar camera ji ko bhi dekha hai kya sachai par gayi hai dikhaao se zyada dharm ko logo ne bengal se chala jayega aur chod karenge aaj roshni ko chhodkar main kab se khadi cycle chote chhote chote se kya hoga

धर्म को धर्म को चालू को अलग रखना चाहिए चलता है अलग रखा जाएगा इसके सकारात्मक अंकाराज्यथे जर

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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मेरे अनुसार कानून का पालन करना धर्म का पालन करना ही होता है और कानून में ऐसी कोई गलत बात नहीं लिखी है समस्त भारतवर्ष के लिए कैसा कानून है कानून हमारा धर्म है और कानून सारे देशवासियों के लिए एक जैसा लागू होता है काम का कोई धर्म नहीं होता है राष्ट्र का कोई धर्म नहीं होता है तो अगर हम कानून का पालन कर रहे होते तो हम अपने धर्म का पालन कर रहे होते हैं तो मेरे अनुसार भारतीय संविधान में कानून से बड़ा है और हमें कानून धार्मिक स्वतंत्रता मुताबिक मान्यताओं की भी आजादी देता है धन्यवाद

mere anusaar kanoon ka palan karna dharm ka palan karna hi hota hai aur kanoon mein aisi koi galat baat nahi likhi hai samast bharatvarsh ke liye kaisa kanoon hai kanoon hamara dharm hai aur kanoon saare deshvasiyon ke liye ek jaisa laagu hota hai kaam ka koi dharm nahi hota hai rashtra ka koi dharm nahi hota hai toh agar hum kanoon ka palan kar rahe hote toh hum apne dharm ka palan kar rahe hote hain toh mere anusaar bharatiya samvidhan mein kanoon se bada hai aur hamein kanoon dharmik swatantrata mutabik manyataon ki bhi azadi deta hai dhanyavad

मेरे अनुसार कानून का पालन करना धर्म का पालन करना ही होता है और कानून में ऐसी कोई गलत बात न

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किसी की भी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है सबका अपनी अपनी जगह महत्व भारत में धर्म का भी अपनी जगह है और कानून का भी अपने जगह महत्व किसी की तुलना नहीं की जा सकती है धर्म आस्था का सवाल और कानून कानून का सवाल

kisi ki bhi tulna kisi se nahi ki ja sakti hai sabka apni apni jagah mahatva bharat mein dharm ka bhi apni jagah hai aur kanoon ka bhi apne jagah mahatva kisi ki tulna nahi ki ja sakti hai dharm astha ka sawaal aur kanoon kanoon ka sawaal

किसी की भी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है सबका अपनी अपनी जगह महत्व भारत में धर्म का भी अ

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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हेलो डियर माय फ्रेंड्स आप के अनुसार भारत में धर्म बड़ा है या कानून दोस्तों जहां तक मैं सोचता हूं इसमें सबसे बड़ा है जो है वह कानून है कानून ऐसा चीज है जो धर्म को बदल देता है राजनीति बदल देता है लोग तो मजहब को बदल देता है वह लोग बदल जाते हैं तो जहां तक मैं सोचता हूं कानून बड़ा है धर्म से क्योंकि संविधान बहुत बड़ा है सभी चीजों से इसे पूरा देश चलता है चलता है तो मैं कह सकता हूं कि कानून बड़ा है धर्म तो कोई भी कर सकता है सब लोग चेंज कर सकते वाक्य सरकार चेंज कर सकता है

hello dear my friends aap ke anusaar bharat mein dharm bada hai ya kanoon doston jaha tak main sochta hoon isme sabse bada hai jo hai vaah kanoon hai kanoon aisa cheez hai jo dharm ko badal deta hai raajneeti badal deta hai log toh majhab ko badal deta hai vaah log badal jaate hain toh jaha tak main sochta hoon kanoon bada hai dharm se kyonki samvidhan bahut bada hai sabhi chijon se ise pura desh chalta hai chalta hai toh main keh sakta hoon ki kanoon bada hai dharm toh koi bhi kar sakta hai sab log change kar sakte vakya sarkar change kar sakta hai

हेलो डियर माय फ्रेंड्स आप के अनुसार भारत में धर्म बड़ा है या कानून दोस्तों जहां तक मैं सोच

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Preeti Dubey

Psychologist

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लेकिन भारत में धर्म बड़ा या कानून देखिए धन अपनी जगह है और कानून अपनी जगह तो धर्म धर्म और कानून में जो आप बिटवीन दोनों में भारत में विधान बढ़ाएं कौन ऐसा नहीं है दोनों अपनी जगह व्यस्त है धर्म भी अपनी जगह रास्ते और कानून के हाथ धर्म यह है कि हमारे धर्म को हर धर्म में धर्म निरपेक्षता की चीजें आनी चाहिए धर्म को मानना चाहिए हरदम को समझना चाहिए उसको उसकी मदद करनी चाहिए जो बिना नाम का एक भाईचारा होना चाहिए और कानून अपनी जगह तो इसमें अपनी जान हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सब धर्मों में सब एक ही ईश्वर और सच में प्रेम होना चाहिए और कानूनी अपनी जगह है कानून अपनी जगह बनाए गए और धर्म अपनी जगह बनाए

lekin bharat mein dharm bada ya kanoon dekhiye dhan apni jagah hai aur kanoon apni jagah toh dharm dharam aur kanoon mein jo aap between dono mein bharat mein vidhan badhaye kaun aisa nahi hai dono apni jagah vyast hai dharm bhi apni jagah raste aur kanoon ke hath dharm yah hai ki hamare dharm ko har dharm mein dharm nirpekshata ki cheezen aani chahiye dharm ko manana chahiye hardum ko samajhna chahiye usko uski madad karni chahiye jo bina naam ka ek bhaichara hona chahiye aur kanoon apni jagah toh isme apni jaan hindu muslim sikh isai sab dharmon mein sab ek hi ishwar aur sach mein prem hona chahiye aur kanooni apni jagah hai kanoon apni jagah banaye gaye aur dharm apni jagah banaye

लेकिन भारत में धर्म बड़ा या कानून देखिए धन अपनी जगह है और कानून अपनी जगह तो धर्म धर्म और क

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Manoj Singh

Journalist

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लिखे मेरे अनुसार भारत में धर्म बड़ा नहीं है कानून इसका सबसे बड़ा एग्जांपल आप ले सकते हैं अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर कानून से बना धर्म से इसलिए कानून बड़ा है देखना

likhe mere anusaar bharat mein dharm bada nahi hai kanoon iska sabse bada example aap le sakte hain ayodhya mein mandir nirmaan ko lekar kanoon se bana dharm se isliye kanoon bada hai dekhna

लिखे मेरे अनुसार भारत में धर्म बड़ा नहीं है कानून इसका सबसे बड़ा एग्जांपल आप ले सकते हैं अ

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Hariom Chauhan

Pharmacist

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धर्म बड़ा या कानून धर्म और कानून कोई बड़ा नहीं है दोनों अपनी-अपनी जगह धर्म को नियमित आशिका सद्भावना सिखाता है और व्यावहारिकता और हमारे कल्चर को सिखाता है जबकि कानून हमको हमारे अनुष अनुष अनुष अनुशासन सिखाती नियम कानून

dharam bada ya kanoon dharm aur kanoon koi bada nahi hai dono apni apni jagah dharm ko niyamit ashika sadbhavana sikhata hai aur vyavaharikta aur hamare culture ko sikhata hai jabki kanoon hamko hamare anush anush anush anushasan sikhati niyam kanoon

धर्म बड़ा या कानून धर्म और कानून कोई बड़ा नहीं है दोनों अपनी-अपनी जगह धर्म को नियमित आशिका

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धर्म सवाल यह है कि धर्म बड़ा है जाकर आप तो सोचेंगे तो आपको यह पता चलेगा कि अगर धर्म है तो कानून भी है अगर हम धर्म से काम करेंगे तो धर्म के अनुसार कानून भी बनाना पड़ेगा मेरा कहने का तात्पर्य है जैसी जगह धर्म कहता है कि आपको कोई बुरा कर्म मत करो धर्म जो भी कहता है अगर बुरा कर्म करोगे तो आपको सजा भी जरूर मिलेगी और सजा कैसे मिलेगी कानून में इसलिए धर्म अपनी जगह पर है अगर धर्म है तो कानून भी साथ ही है

dharam sawaal yah hai ki dharm bada hai jaakar aap toh sochenge toh aapko yah pata chalega ki agar dharm hai toh kanoon bhi hai agar hum dharm se kaam karenge toh dharm ke anusaar kanoon bhi banana padega mera kehne ka tatparya hai jaisi jagah dharm kahata hai ki aapko koi bura karm mat karo dharm jo bhi kahata hai agar bura karm karoge toh aapko saza bhi zaroor milegi aur saza kaise milegi kanoon mein isliye dharm apni jagah par hai agar dharm hai toh kanoon bhi saath hi hai

धर्म सवाल यह है कि धर्म बड़ा है जाकर आप तो सोचेंगे तो आपको यह पता चलेगा कि अगर धर्म है तो

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Paras

Blessing Baba

1:33
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भारत में सबसे बड़ा कानून है संविधान है भारत में सबसे पहले कानून को रखा गया है उसके बाद बरम का नंबर होता है सबसे पहले कानून की व्यवस्था जरूरी है और वही सबसे पहले धर्म में तो बहुत सारी चीजें लिखी है जो लागू नहीं होती है इसी धर्म में लिखा है कि आंख के बदले आंख और हाथ के बल्लेबाज यह तुरंत प्रावधान है दूसरे धर्मों में यह प्रावधान लागू नहीं होता है तो इस प्रकार से मुझे लगता है कि सबसे पहले भारत में संविधान लागू उसके बाद ही धर्म लागू है धर्मों को अलग-अलग स्वतंत्र दी गई है पूजा पाठ करने की लेकिन कोई भी इसका दुरुपयोग नहीं करने के लिए कहा गया धर्मों के अनुसार मान लीजिए किसी धर्म में तुरंत सजा देने का प्रावधान है तो वह धर्म लागू नहीं होता है संविधान के अनुसार वह धर्म के आस्थाओं के अनुसार लागू नहीं होता कल पूजा पाठ के माध्यम ही लागू है और जो भी शादीशुदा और शादी की रीति या यह सब लागू है जबकि गैर कानूनी काम यानी कि जो संविधान के अंतर्गत आते हैं वह संविधान के अंतर्गत थी कोर्ट में पेश किए जाएंगे वह मामले और उसका निपटारा संविधान के अनुसार ही होता है ना कि धर्म के अनुसार तो इसलिए इस भारत में सबसे पहले संविधान कोई ऊंचा पद दिया गया है संविधान के अनुसार ही सहारे पक्ष रखे जाएंगे और उनका अनुपालन किया जाएगा

bharat me sabse bada kanoon hai samvidhan hai bharat me sabse pehle kanoon ko rakha gaya hai uske baad baram ka number hota hai sabse pehle kanoon ki vyavastha zaroori hai aur wahi sabse pehle dharm me toh bahut saari cheezen likhi hai jo laagu nahi hoti hai isi dharm me likha hai ki aankh ke badle aankh aur hath ke ballebaaz yah turant pravadhan hai dusre dharmon me yah pravadhan laagu nahi hota hai toh is prakar se mujhe lagta hai ki sabse pehle bharat me samvidhan laagu uske baad hi dharm laagu hai dharmon ko alag alag swatantra di gayi hai puja path karne ki lekin koi bhi iska durupyog nahi karne ke liye kaha gaya dharmon ke anusaar maan lijiye kisi dharm me turant saza dene ka pravadhan hai toh vaah dharm laagu nahi hota hai samvidhan ke anusaar vaah dharm ke asthaon ke anusaar laagu nahi hota kal puja path ke madhyam hi laagu hai aur jo bhi shaadishuda aur shaadi ki riti ya yah sab laagu hai jabki gair kanooni kaam yani ki jo samvidhan ke antargat aate hain vaah samvidhan ke antargat thi court me pesh kiye jaenge vaah mamle aur uska niptara samvidhan ke anusaar hi hota hai na ki dharm ke anusaar toh isliye is bharat me sabse pehle samvidhan koi uncha pad diya gaya hai samvidhan ke anusaar hi sahare paksh rakhe jaenge aur unka anupaalan kiya jaega

भारत में सबसे बड़ा कानून है संविधान है भारत में सबसे पहले कानून को रखा गया है उसके बाद बरम

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Mayur Gosai

Integrated facility management services

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धर्म बड़ा या कानून इसका एक ही जवाब दूंगा धर्म की समानताएं वह पहले बताइए हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई पारसी मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च सबसे बड़ा धर्म है मानवता और कर्तव्य भाई का बहन की तरफ से कर्तव्य माता का पुत्र कर्तव्य शिक्षक का शिक्षा की तरफ कर्तव्य नेता का जनता की तरफ का कर्तव्य कर्तव्य पुलिस का कब है वह धर्म है आजकल धर्म के नाम पर जो भी हो रहा है उसमें जर्मनी मानता धर्म की परिभाषा मेरे अनुसार तनु यह है जो किसी का बुरा ना सोचे ना किसी का बुरा करे ना किसी का नसीब करती है और सामाजिक कार्य करते हुए खान परिवार समाज देश के लिए कुछ अच्छा कार्य कर अच्छा कर्म करके वही जन्मा है सैनिक का जर्बदस्त को बचाना नेता का धर्म समाज की उन्नति करना शिक्षक कर जानवर योग्य शिक्षा देना माता का चूरमा अच्छा संचालन संस्कार देना का जन्म परिवार का पालन पोषण करना विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना कर्मचारी का जनवरी का पूर्वज बजाना व्यापारी करता वह इमानदारी से धंधा करना अगर ऐसा होता है तो धर्म बड़ा है कानून कानून एक ऐसी संविधान है जो कुकर्म करने वाले को मैंने जो बताया वह जो धर्म से उन लोगों को उन लोगों से बचाने की रखी गई हुई एक सामाजिक व्यवस्था उसे कहते कानून का कानून कर सकता है तो कानून बड़ा है अगर दोनों अपना-अपना सही फर्ज निभाते हैं तो दोनों बड़े हैं धर्म और कानून दोनों का एक शिकार की दो पहलू हैं दोनों में सच्चाई होनी चाहिए अगर सच्चाई सच्चाई है तो दोनों बड़े हैं और दोनों निष्फल

dharam bada ya kanoon iska ek hi jawab dunga dharm ki samantayen vaah pehle bataye hindu muslim sikh isai parasi mandir masjid gurudwara church sabse bada dharm hai manavta aur kartavya bhai ka behen ki taraf se kartavya mata ka putra kartavya shikshak ka shiksha ki taraf kartavya neta ka janta ki taraf ka kartavya kartavya police ka kab hai vaah dharm hai aajkal dharm ke naam par jo bhi ho raha hai usme germany manata dharm ki paribhasha mere anusaar tanu yah hai jo kisi ka bura na soche na kisi ka bura kare na kisi ka nasib karti hai aur samajik karya karte hue khan parivar samaj desh ke liye kuch accha karya kar accha karm karke wahi janma hai sainik ka jarbadast ko bachaana neta ka dharm samaj ki unnati karna shikshak kar janwar yogya shiksha dena mata ka churma accha sanchalan sanskar dena ka janam parivar ka palan poshan karna vidyarthiyon ko achi shiksha dena karmchari ka january ka purvaj bajana vyapaari karta vaah imaandari se dhandha karna agar aisa hota hai toh dharm bada hai kanoon kanoon ek aisi samvidhan hai jo kukarm karne waale ko maine jo bataya vaah jo dharm se un logo ko un logo se bachane ki rakhi gayi hui ek samajik vyavastha use kehte kanoon ka kanoon kar sakta hai toh kanoon bada hai agar dono apna apna sahi farz nibhate hain toh dono bade hain dharm aur kanoon dono ka ek shikaar ki do pahaloo hain dono mein sacchai honi chahiye agar sacchai sacchai hai toh dono bade hain aur dono nishfal

धर्म बड़ा या कानून इसका एक ही जवाब दूंगा धर्म की समानताएं वह पहले बताइए हिंदू मुस्लिम सिख

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Ravinder Singh

Fitness Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत भारत में धर्म बड़ा या कानून ठीक है अगर किसी भी देश को बनाना है तो उसके लिए हमें कानून ही खाई पालन करना पड़ेगा कानून से बड़ा कोई नहीं है कोई धर्म नहीं होता कानून है तो धर्म है अगर कानूनी नहीं रहेगा तो धर्म भी नहीं बचेगा आप उसका धर्म दिल्ली और उत्तर प्रदेश में देश क्योंकि धर्म को लेकर ही कितने सारे लोग मारे मारे जा रहे हैं दंगों के अंदर तो कानून बड़ा होता है किसी भी धर्म से ठीक है

bharat bharat mein dharm bada ya kanoon theek hai agar kisi bhi desh ko banana hai toh uske liye hamein kanoon hi khai palan karna padega kanoon se bada koi nahi hai koi dharm nahi hota kanoon hai toh dharm hai agar kanooni nahi rahega toh dharm bhi nahi bachega aap uska dharm delhi aur uttar pradesh mein desh kyonki dharm ko lekar hi kitne saare log maare maare ja rahe hain dango ke andar toh kanoon bada hota hai kisi bhi dharm se theek hai

भारत भारत में धर्म बड़ा या कानून ठीक है अगर किसी भी देश को बनाना है तो उसके लिए हमें कानून

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